Indian Railways Cabinet Decisions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय रेलवे के विस्तार को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने देश के 5 राज्यों में कनेक्टिविटी सुधारने और ट्रेनों की भीड़कम करने के लिए ₹10,783 करोड़ की 3 बड़ी रेल परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।
प्रधानमंत्री गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत मंजूर की गई इन परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को सीधा फायदा मिलेगा। इसके तहत कुल 656 किलोमीटर लंबी नई रेल पटरियां बिछाई जाएंगी, जिन्हें साल 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जानिए इस मेगा प्लान की 5 सबसे बड़ी बातें।
#WATCH | Union Cabinet briefing | Delhi: Union Cabinet approves 3 multitracking projects covering 14 districts across the states of West Bengal, Jharkhand, Odisha, Madhya Pradesh and Chhattisgarh.
The Projects will increase the existing network of Indian Railways by about 656… pic.twitter.com/cBlAXhyr1F
— ANI (@ANI) September 9, 2026
किन 3 बड़ी रेल परियोजनाओं को मिली मंजूरी?
आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने जिन तीन रेल लाइनों के विस्तार को मंजूरी दी है, वे निम्नलिखित हैं:
- खड़गपुर से झारसुगुड़ा (बागडीही): चौथी नई रेल लाइन।
- कटनी से पेंड्रा रोड: चौथी नई रेल लाइन।
- बिलासपुर (उसलापुर) से पेंड्रा रोड: तीसरी नई रेल लाइन।
2. 14 जिलों के 4,790 गांवों को सीधा फायदा
यह रेल विस्तार 5 राज्यों के 14 जिलों में फैले लगभग 4,790 गांवों को भारतीय रेल नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ेगा। इससे क्षेत्र की लगभग 56 लाख आबादी को आवागमन में सीधी राहत मिलेगी और यात्रा का समय घटेगा।
3. धार्मिक और पर्यटन स्थलों का सफर होगा आसान
इन नई रेल पटरियों के बिछने से कई प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों, टाइगर रिजर्व और प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों तक पहुंचना काफी सुगम हो जाएगा। इनमें शामिल हैं:
- बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (मध्य प्रदेश)
- अमरकंटक मंदिर (मध्य प्रदेश)
- अचानकमार टाइगर रिजर्व (छत्तीसगढ़)
- भगवान जगन्नाथ मंदिर (ओडिशा)
- रतनपुर महामाया मंदिर (छत्तीसगढ़)
4. माल ढुलाई में तेजी और कम होगी लॉजिस्टिक्स लागत
यह पूरा रूट औद्योगिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, जहां से कोयला, सीमेंट, लोहा और स्टील जैसी भारी औद्योगिक सामग्रियों की आपूर्ति होती है। इन नई लाइनों के शुरू होने से रेलवे सालाना 2.7 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई करने में सक्षम होगी। पटरियों की क्षमता बढ़ने से मालगाड़ियों और पैसेंजर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, जिससे ट्रकों पर निर्भरता घटेगी और रसद/लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी।
5. पर्यावरण को बंपर फायदा: 12 करोड़ लीटर तेल की बचत
सरकार के अनुमान के मुताबिक, सड़कों के बजाय रेलवे से माल ढुलाई बढ़ने से पर्यावरण को बहुत बड़ा फायदा होगा। हर साल लगभग 12 करोड़ लीटर तेल की खपत कम होगी। पर्यावरण में 62 करोड़ किलोग्राम (CO2) कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन घटेगा। यह लाभ लगभग 2.48 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर होगा।

