Gold Silver Prices Today: दिल्ली में सोने की कीमत लगातार दूसरे दिन गिरी, चांदी के भाव में कोई बदलाव नहीं

Gold Silver Prices Today: घरेलू बाजार में सोने की कीमत में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई। बुधवार को दिल्ली में सोना 700 रुपये सस्ता हुआ। इसका भाव 1,48,900 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। मंगलवार को यह 1,49,600 रुपये पर था।

24 कैरेट वाला सोना भी एक हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया। 29 सितंबर को इसका भाव 1,48,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

कमजोर मांग का असर

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, घरेलू बाजार में सोने की मांग कमजोर रही। ऊपर से ग्लोबल मार्केट में भी संकेत अच्छे नहीं थे। इसका सीधा असर सोने की कीमत पर पड़ा।

पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। इसके कारण क्रूड की कीमत फिर चढ़ी। इसका भी सोने पर दबाव पड़ा।

रुपये की कमजोरी ने संभाला

हालांकि, रुपये की कमजोरी ने सोने की कीमत को ज्यादा गिरने से रोक दिया। बुधवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 43 पैसे टूटकर 96.78 के स्तर पर बंद हुआ।

कमजोर रुपया आमतौर पर भारत में आयात होने वाले सोने को महंगा करता है। इसलिए घरेलू बाजार में सोने की गिरावट कुछ सीमित रही।

चांदी 2.27 लाख रुपये पर स्थिर

चांदी की कीमत में बुधवार को कोई बदलाव नहीं हुआ। यह लगातार तीसरा कारोबारी सत्र है, जब चांदी 2.27 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है।

हालांकि, ग्लोबल मार्केट में चांदी की हालत कमजोर रही। इसकी कीमत 2.26% गिरकर 59.97 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। यह करीब तीन महीने का निचला स्तर है। चांदी इससे पहले 9 जुलाई को इस स्तर के आसपास थी।

ग्लोबल मार्केट में सोना भी दबाव में

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 47.42 डॉलर यानी 1.14% गिरकर 4,116.55 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। ग्लोबल ट्रेड में सोना करीब 4,120 डॉलर के आसपास बना हुआ है।

मुद्रेक्स के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत के मुताबिक, अब बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स पर है। इससे आगे ब्याज दरों को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है।

मजबूत डॉलर भी बना दबाव

डॉलर इस समय करीब 18 महीने के उच्च स्तर पर है। मजबूत डॉलर से सोने की कीमत पर दबाव बढ़ता है। दिसंबर में अमेरिकी ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 70% मानी जा रही है।

यानी फिलहाल सोने के लिए माहौल बहुत मजबूत नहीं दिख रहा। ग्लोबल ब्याज दरों और डॉलर की चाल आगे भी इसकी कीमत तय करने में अहम रहेगी।

RBI की दर बढ़ोतरी से भी बदला माहौल

इधर, भारतीय रिजर्व बैंक ने भी बुधवार को बड़ा फैसला लिया। RBI ने रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 5.50% कर दिया। करीब चार साल में यह पहली बढ़ोतरी है।

RBI ने यह कदम बढ़ती महंगाई और कमजोर रुपये के बीच उठाया है। केंद्रीय बैंक ने आगे भी दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

आगे 75 बेसिस प्वाइंट बढ़ोतरी की उम्मीद

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की चीफ इकोनॉमिस्ट राधिका पिपलानी के मुताबिक, RBI ने अपना रुख न्यूट्रल से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है।

उनका मानना है कि इस साइकिल में RBI कुल 75 बेसिस प्वाइंट तक दरें बढ़ा सकता है। इससे रेपो रेट 6.25% तक पहुंच सकता है। इसमें दिसंबर में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी भी शामिल है। बाजार इस बढ़ोतरी की काफी हद तक उम्मीद पहले से कर रहा है।

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Gold Silver Prices Today: चांदी एक ही दिन में ₹5000 सस्ती हुई, सोने के भाव में भी बड़ी गिरावट

Gold Silver Prices Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को बड़ी गिरावट आई। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना ₹2,600 टूटकर ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी भी ₹5,000 गिरकर ₹2.32 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई।

दोनों कीमती धातुओं पर ग्लोबल मार्केट की बिकवाली का असर दिखा। मजबूत अमेरिकी डॉलर और बढ़ते कच्चे तेल की कीमतों ने भी दबाव बढ़ाया। ग्लोबल मार्केट में भी सोने की कीमत में करीब 3% की गिरावट आई।

डॉलर मजबूत होने से दबाव

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म Lemonn के हेड ऑफ रिसर्च गौरव गर्ग ने कहा कि मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से सोने और चांदी पर दबाव बना हुआ है।

आमतौर पर डॉलर मजबूत होने पर दूसरी करेंसी में सोना महंगा हो जाता है। इससे इसकी मांग पर असर पड़ सकता है।

कच्चा तेल 108 डॉलर के पार

गौरव गर्ग के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड करीब 4% चढ़कर 108.53 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अनिश्चितता ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा।

ग्लोबल मार्केट में भी सोना-चांदी टूटा

विदेशी बाजार में स्पॉट गोल्ड 128.93 डॉलर यानी 3.01% गिरकर 4,156.44 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी 2.96 डॉलर यानी 4.6% टूटकर 61.34 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने कहा कि सोना 4,200 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गया है। चांदी भी करीब 61 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रही है।

अमेरिका-ईरान तनाव का असर

अक्षत सिद्धांत के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट खोलने और परमाणु वार्ता शुरू करने की बात कही गई थी।

ईरान ने भी कहा है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में उसका प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ बातचीत की योजना नहीं बना रहा है। इस घटनाक्रम से बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Today: त्योहारी सीजन से पहले सोना ₹650 सस्ता हुआ, चांदी सपाट रही

Gold Price Today: नए हफ्ते के पहले दिन सोने की कीमतों में गिरावट रही। दिल्ली में सोमवार को सोना 650 रुपये सस्ता हो गया। इसकी कीमत 1,60,250 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। कमजोर वैश्विक रुख का असर घरेलू बाजार पर भी दिखा।

स्थानीय कारोबारियों के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना शुक्रवार को 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, चांदी की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ। यह लगातार दूसरे सत्र में 2,40,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी रही।

अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से सोने पर दबाव

ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म Lemonn के हेड ऑफ रिसर्च गौरव गर्ग ने कहा कि सोने पर दबाव बना हुआ है। अमेरिका के रोजगार के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे हैं। इससे सितंबर में Federal Reserve की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद बढ़ी है।

अब बाजार की नजर इस हफ्ते आने वाले Producer Price Index यानी PPI और Consumer Price Index यानी CPI के आंकड़ों पर है। इन आंकड़ों से अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगे की ब्याज दर नीति को लेकर नए संकेत मिल सकते हैं।

महंगाई के आंकड़ों पर टिकी नजर

इस हफ्ते अमेरिका के महंगाई से जुड़े अहम आंकड़े आने हैं। इन पर बाजार की नजर रहेगी। इनसे Federal Reserve की ब्याज दरों को लेकर आगे का रुख साफ हो सकता है।

इसका सीधा असर सोने की कीमतों पर भी पड़ सकता है। ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों में बदलाव से बुलियन बाजार का रुख बदल सकता है।

विदेशी बाजार में भी सोना गिरा

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत में गिरावट रही। स्पॉट गोल्ड 35.03 डॉलर यानी करीब 1 फीसदी गिरकर 4,395.30 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी की कीमत भी 1 फीसदी गिरकर 65.64 डॉलर प्रति औंस रह गई।

HDFC Securities के सीनियर एनालिस्ट-कमोडिटीज सौमिल गांधी ने कहा कि सोमवार को कमजोर विदेशी संकेतों के चलते सोने की कीमत में गिरावट आई। स्पॉट गोल्ड करीब 4,400 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Gold Price Today: रक्षाबंधन पर सोना ₹3300 सस्ता हुआ, चांदी का ₹5000 गिरा भाव

Gold Price Today: सोने की कीमत में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। दिल्ली के बाजार में 24 कैरेट 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹3,300 टूटकर ₹1,62,400 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इसमें सभी टैक्स शामिल हैं। गुरुवार को इसका भाव ₹1,65,700 था।

तीन दिन में सोना ₹4,700 यानी करीब 3% सस्ता हो चुका है। 25 अगस्त को इसका भाव ₹1,67,100 प्रति 10 ग्राम था। हाल की तेजी के बाद अब कारोबारी मुनाफावसूली कर रहे हैं।

चांदी भी ₹5,000 सस्ती

चांदी में भी शुक्रवार को गिरावट रही। घरेलू बाजार में इसका भाव ₹5,000 गिरकर ₹2,45,500 प्रति किलो हो गया। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ₹2,50,500 प्रति किलो थी।

LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जितिन त्रिवेदी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है। डॉलर 99.15 के स्तर से ऊपर चला गया। इसका असर सोने पर पड़ा। हाल की तेजी के बाद कारोबारी लगातार तीसरे दिन मुनाफावसूली कर रहे हैं।

कस्टम ड्यूटी घटने की खबर का भी असर

घरेलू बाजार में कस्टम ड्यूटी घटाने की खबरों से भी सोने पर दबाव आया। बढ़ती तस्करी के बीच सरकार कस्टम ड्यूटी घटा सकती है। ऐसी खबरें बाजार में चल रही हैं।

Motilal Oswal Financial Services के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, इन खबरों से घरेलू सोने की कीमत पर दबाव बढ़ा। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों में अंतर भी बढ़ा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना कमजोर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड मामूली गिरावट के साथ $4,599.70 प्रति औंस पर था। निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयर केविन वार्श के जैक्सन होल सिम्पोजियम में होने वाले भाषण पर है।

Mirae Asset Sharekhan के कमोडिटीज प्रमुख प्रवीण सिंह के मुताबिक, बाजार वार्श के बयान पर नजर रख रहा है। महंगाई को लेकर उनका रुख अहम होगा। ऊंची यील्ड के बीच बाजार को उनके भाषण से संकेत मिलने की उम्मीद है।

बाजार में फिलहाल सख्त रुख वाले बयान की उम्मीद है। अगर वार्श निवेशकों को भरोसा नहीं दिला पाते हैं, तो डॉलर कमजोर हो सकता है। ऐसे में सोने को फिर तेजी मिल सकती है।

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Gold Rate: सोने की कीमत फिर टूटी, क्या ये एक लाख रुपये तक गिर जाएगा? एक्सपर्ट्स ने 3 बड़ी बातें बताईं

इस साल सोना खरीदने वाले ज्यादातर लोगों के मन में एक ही सवाल है कि क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा या कीमत और गिरने का इंतजार करना चाहिए। इस पर बाजार के जानकारों का कहना है कि कोई भी यह तय नहीं कर सकता कि सोने की कीमत कितनी नीचे जाएगी। इसलिए सिर्फ सस्ता होने की उम्मीद में खरीदारी टालना सही फैसला नहीं हो सकता। पिछले कई वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल 2025 तक भारत में 10 ग्राम सोने की कीमत कभी भी 1 लाख रुपये से ऊपर नहीं गई थी। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। 24 जुलाई तक 10 ग्राम सोने की कीमत 1.43 लाख रुपये के पार पहुंच चुकी है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र मेहता ने कहा कि सरकार की अपील के बावजूद देश में सोने का कारोबार सामान्य रूप से चल रहा है। हालांकि, कई खरीदार फिलहाल ‘रुको और देखो’ की रणनीति अपना रहे हैं, क्योंकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमत फिर से 1 लाख रुपये के आसपास आ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा युद्ध जैसे वैश्विक हालात के कारण महंगाई बढ़ी है। ऐसे में लोग पेट्रोल और रोजमर्रा की दूसरी जरूरी चीजों पर खर्च के लिए पैसे बचाकर रखना चाहते हैं, इसलिए सोने की खरीदारी को लेकर भी सावधानी बरत रहे हैं।

क्या सोने की कीमत और गिरेगी? 

ऐसे माहौल में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सोने की कीमत आगे और कम होगी या अभी खरीदारी कर लेनी चाहिए। इस पर बाजार के जानकारों का कहना है कि सोने में बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल बहुत कम है। ऑगमॉन्ट की रिसर्च प्रमुख रेनिशा चैनानी के मुताबिक, ज्यादातर विशेषज्ञों को नहीं लगता कि सोना जल्द ही फिर से 10 ग्राम के लिए 1 लाख रुपये तक पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं, जिससे कीमतों को मजबूत सहारा मिल रहा है। उनके अनुसार, सोने का 1 लाख रुपये तक गिरना सिर्फ एक बहुत कम संभावना वाली स्थिति है, न कि सामान्य अनुमान।

उन्होंने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, जिसका असर सोने पर भी पड़ा। मार्च से ही सोने की कीमतों में मजबूती देखने को मिली और 24 जुलाई तक 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1.43 लाख रुपये के आसपास रहा। रेनिशा चैनानी का कहना है कि रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोने की कीमतों में थोड़ी गिरावट आना सामान्य बात है। उनका अनुमान है कि 2026 तक सोना 10 ग्राम के लिए 1.40 लाख से 1.50 लाख रुपये के दायरे से ऊपर ही बना रह सकता है। उन्होंने कहा कि 5 से 15 प्रतिशत तक की गिरावट बाजार में सामान्य उतार-चढ़ाव है, इसे बड़ी गिरावट या क्रैश नहीं माना जाना चाहिए।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को अपना पैसा सिर्फ सोने में नहीं लगाना चाहिए, बल्कि अलग-अलग निवेश विकल्पों में निवेश करना चाहिए। उनका कहना है कि खबरों या अफवाहों को देखकर जल्दबाजी में सोना खरीदने या बेचने का फैसला नहीं लेना चाहिए। सबसे कम कीमत का इंतजार करने के बजाय समय-समय पर थोड़ा-थोड़ा निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

कब आ सकती है सोने में बड़ी गिरावट?

बाजार के जानकारों के मुताबिक, सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट तभी आ सकती है जब कोई बड़ा आर्थिक बदलाव हो। जैसे अमेरिकी डॉलर बहुत मजबूत हो जाए, ब्याज दरों में तेजी से बढ़ोतरी हो या फिर सोने की मांग में भारी कमी आ जाए। फिलहाल ऐसे संकेत नहीं दिख रहे हैं।

क्या सोना फिर 1 लाख रुपये तक आ सकता है?

बोनांजा के वरिष्ठ शोध विश्लेषक निरपेंद्र यादव का कहना है कि 10 ग्राम सोने की कीमत का फिर से 1 लाख रुपये तक पहुंचना पूरी तरह असंभव नहीं है। हालांकि, मौजूदा बाजार की स्थिति को देखते हुए ऐसा जल्द होने की संभावना नहीं है। अगर ऐसा होता भी है, तो यह आने वाले मध्यम या लंबे समय में ही संभव हो सकता है।

किन वजहों से सस्ता हो सकता है सोना?

वरिष्ठ शोध विश्लेषक निरपेंद्र यादव का कहना है कि आने वाले समय में सोने की कीमतें बढ़ेंगी या घटेंगी, यह दुनिया की आर्थिक स्थिति, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर निर्भर करेगा।

उनके मुताबिक, इन परिस्थितियों में सोने की कीमतों पर दबाव आ सकता है:

  • अगर दुनिया में युद्ध या दूसरे अंतरराष्ट्रीय तनाव कम हो जाते हैं, तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग घट सकती है।
  • अगर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं या अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) ब्याज दरों में कटौती करने में देरी करता है, तो सोने में निवेश कम आकर्षक हो सकता है।
  • अगर अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो इसका असर सोने जैसी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।
  • अगर दुनिया के बड़े केंद्रीय बैंक सोना खरीदना कम कर देते हैं, तो कीमतों में कमजोरी आ सकती है।
  • अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था मजबूत होती है और शेयर बाजार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो निवेशक सोने से पैसा निकालकर दूसरे निवेश विकल्पों की ओर जा सकते हैं।

निरपेंद्र यादव ने कहा कि इतिहास बताता है कि अपने सबसे ऊंचे स्तर से 10 से 20 फीसदी तक गिरना सोने के लिए कोई असामान्य बात नहीं है। हालांकि, लंबे समय में इसकी दिशा दुनिया की आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। उन्होंने सलाह दी कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अगर सोने की कीमत में बड़ी गिरावट आती है, तो इसे धीरे-धीरे खरीदारी का अच्छा मौका माना जा सकता है। वहीं, कम समय के लिए निवेश करने वालों को कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए और उसी के अनुसार अपनी निवेश रणनीति बनानी चाहिए।

Gold Price: पुराने गहनों की बिक्री 43% बढ़ी, कीमत गिरने के डर से मुनाफा वसूल रहे लोग

Gold Price: भारतीय परिवारों में पुराने गहने बेचने का चलन तेजी से बढ़ा है। इसकी वजह सोने का भाव है। दरअसल, लोगों को डर है कि इस साल की रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद सोने के दाम और नीचे आ सकते हैं। ऐसे में कई लोग अभी मुनाफा वसूलना बेहतर समझ रहे हैं।

43% बढ़ी पुराने सोने की बिक्री

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में करीब 50 टन पुराने सोने की बिक्री हुई। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 43% ज्यादा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की कीमत करीब 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ गई है। इसके बाद भी लोगों को आशंका है कि भाव 1.20 लाख रुपये तक गिर सकते हैं। इसी वजह से कई लोग पुराने गहनों को बदलने की बजाय सीधे बेचकर नकद ले रहे हैं।

क्यों बेच रहे हैं लोग?

IBJA के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता के मुताबिक, लोग ऊंची कीमत का फायदा उठाकर नकदी जुटाना चाहते हैं।

उनका कहना है कि साल की शुरुआत में सोना करीब 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। अब कीमत घटकर करीब 1.40 लाख रुपये रह गई है। ऐसे में लोगों को डर है कि आगे और गिरावट आ सकती है, इसलिए वे अभी सोना बेच रहे हैं।

गोल्ड रीसाइक्लिंग को मिल रही रफ्तार

पुराने सोने की बढ़ती बिक्री से देश के संगठित गोल्ड रीसाइक्लिंग कारोबार को भी फायदा हो रहा है। अब लोग घर में पड़ा बेकार सोना बेचकर उसे फिर से बाजार में ला रहे हैं।

इंडस्ट्री के मुताबिक, 2025 में भारत में 125 से 150 टन रीसाइकल्ड गोल्ड बाजार में आया था। अगर मौजूदा रुझान जारी रहा, तो 2026 में यह आंकड़ा 200 से 250 टन तक पहुंच सकता है।

आयात पर निर्भरता घटाने में मिलेगी मदद

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयात करने वाले देशों में शामिल है। FY26 में देश ने करीब 72.4 अरब डॉलर का सोना आयात किया। इंडस्ट्री का मानना है कि अगर पुराने सोने की रीसाइक्लिंग बढ़ती है, तो आयात पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, घरेलू बाजार में सोने की उपलब्धता भी बढ़ेगी।

क्या अब सुरक्षित निवेश नहीं रहा सोना? युद्ध के बीच भी लगातार चौथे महीने गिरा दाम

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

पीएम मोदी की अपील के बाद से सस्ते हुए सोना-चांदी, ₹46000 तक घट गए दाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने जनता से खास अपील की थी। उन्होंने कहा था कि एक साल तक सोना खरीदने से बचे, ताकि विदेशी मुद्रा बचाया जा सके। पीएम मोदी की अपील के बाद सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है।

कितना सस्ता हुए सोना-चांदी?

इंडियन बुलियन एसोसिएशन (IBA) के आंकड़ों के मुताबिक, 10 मई को जब प्रधानमंत्री ने यह अपील की थी, तब 24 कैरेट सोना 1,53,140 रुपये प्रति 10 ग्राम था। वहीं, चांदी 2,62,350 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बिक रही थी।

अब 28 जून तक सोना 13,267 रुपये सस्ता होकर 1,39,873 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। वहीं, चांदी 45,809 रुपये टूटकर 2,16,541 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई है।

इस दौरान सरकार के कुछ फैसलों और वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं में बिकवाली का असर भी कीमतों पर देखने को मिला।

पीएम मोदी ने क्या अपील की थी?

10 मई को पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और भारत के बढ़ते आयात बिल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से गैर-जरूरी खरीदारी टालने की अपील की थी।

उन्होंने कहा था कि एक साल तक सोना खरीदने और विदेश यात्रा जैसी गैर-जरूरी चीजों पर खर्च टालें, ताकि देश का विदेशी मुद्रा भंडार बचाया जा सके।

प्रधानमंत्री का कहना था कि अगर सोना, ईंधन और दूसरी गैर-जरूरी वस्तुओं का आयात कम होगा, तो विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटेगा और रुपये को भी मजबूती मिलेगी।

भारत में इसका असर क्यों ज्यादा पड़ता है?

भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सोना खरीदने और आयात करने वाले देशों में शामिल है। देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है।

जब सोने का आयात बढ़ता है, तो डॉलर में ज्यादा भुगतान करना पड़ता है। इससे ट्रेड डेफिसिट और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ सकता है।

इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से भी बढ़ा दबाव

प्रधानमंत्री की अपील के कुछ दिन बाद सरकार ने सोना और चांदी पर प्रभावी इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी। इसके लिए कस्टम ड्यूटी और एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) में बढ़ोतरी की गई।

Senco Gold के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO सुवंकर सेन ने पहले Moneycontrol से कहा था कि इस फैसले का सबसे ज्यादा असर कीमत को लेकर संवेदनशील ग्राहकों पर पड़ेगा। उनके मुताबिक, इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से निकट भविष्य में सोने की मांग कम हो सकती है। साथ ही सोने का आयात 10% से 15% तक घटने का अनुमान है।

हालांकि, सरकार का मकसद कीमतें घटाना नहीं, बल्कि सोने के आयात पर लगाम लगाना था। लेकिन ऊंची ड्यूटी और कमजोर मांग की वजह से आने वाले समय में आयात पर असर पड़ सकता है।

Gold Price Today: सोना एक हफ्ते में ₹2510 तक सस्ता, चांदी ₹10000 लुढ़की

Gold Price Crash: रिकॉर्ड हाई से 29% टूटा सोना, अभी खरीदना सही या फिर करें और इंतजार? एक्सपर्ट ने ये बताया

Gold Price Fall: ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के संकेतों और मजबूत होते डॉलर के कारण शुक्रवार, 26 जून को सोने की कीमतें लगातार चौथे हफ्ते गिरावट की राह पर रहीं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना इस समय $4000 प्रति औंस के लेवल के आस पास संघर्ष कर रहा है। बुधवार को यह नवंबर 2025 के बाद पहली बार $4000 के स्तर से नीचे भी फिसल गया था। अगर आप भी सोने या चांदी में निवेश करते हैं, तो ग्लोबल मार्केट का यह पूरा गणित आपके लिए समझना बेहद जरूरी है।

लगातार चौथे हफ्ते टूटा सोना

शुक्रवार को हाजिर सोना 0.6% गिरकर $4002.77 प्रति औंस पर आ गया। वहीं, अगस्त डिलीवरी वाला अमेरिकी सोना वायदा भी 0.7% की गिरावट के साथ $4017.30 पर ट्रेड कर रहा था। इस पूरे हफ्ते की बात करें तो सोने ने करीब 3.8% की भारी गिरावट दर्ज की है।

रिकॉर्ड हाई से 29% की भारी गिरावट

इस साल 29 जनवरी को अमेरिका-इरान युद्ध के कारण बढ़ी वैश्विक महंगाई के चलते सोने ने $5594.82 प्रति औंस का ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन उसके बाद से अब तक सोने की कीमतों में करीब 29% की बड़ी करेक्शन आ चुकी है।

OANDA के सीनियर मार्केट एनालिस्ट केल्विन वोंग का मानना है कि सोने में चल रहा यह गिरावट का दौर अभी और लंबा खिंच सकता है और लंबी अवधि में सोना फिसलकर $3400 के स्तर तक भी जा सकता है। यानी मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

क्यों आ रही है सोने की कीमतों में गिरावट?

सोने के दाम गिरने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण काम कर रहे हैं:

1. मजबूत अमेरिकी डॉलर: फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के कारण अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मई 2025 के बाद से अपने सबसे मजबूत स्तर के करीब बना हुआ है। डॉलर लगातार दूसरे हफ्ते बढ़त की ओर है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं जैसे- भारतीय रुपया में सोना खरीदना काफी महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग घटती है।

2. अमेरिका में बढ़ती महंगाई और ब्याज दरें: गुरुवार को आए आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में खुदरा महंगाई मई महीने में 4% के पार निकल गई है, जो पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा है। आमतौर पर सोने को महंगाई के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरें बढ़ाई जाती हैं, तो सोने की चमक फीकी पड़ जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि सोने पर कोई ब्याज या यील्ड नहीं मिलता।

ट्रेडर्स को उम्मीद है कि अमेरिकी फेड इस साल तीन बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है, जिसमें सितंबर में रेट हाईक होने की संभावना 64% तक जताई जा रही है।

चांदी, प्लेटिनम और पैलेडियम का भी बुरा हाल

सोने के साथ-साथ अन्य कीमती धातुओं के लिए भी यह हफ्ता बेहद निराशाजनक रहा:

हाजिर चांदी: 2.6% टूटकर $56.39 प्रति औंस पर आ गई।

प्लेटिनम: 2% की गिरावट के साथ $1568.55 पर आ गया।

पैलेडियम: 0.6% फिसलकर $1177.12 पर ट्रेड कर रहा था।

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Gold Silver Prices: ₹10500 सस्ती हुई चांदी, सोना ₹3000 टूटा; जानिए क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट

Gold Silver Prices: सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। विदेशी बाजारों में डॉलर मजबूत होने के कारण दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया। राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोना ₹3,000 टूटकर ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी ₹10,500 लुढ़ककर ₹2.35 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना 2% गिरकर ₹1,49,300 प्रति 10 ग्राम रह गया। इससे पहले सोना 27 मार्च को करीब इसी स्तर पर ₹1,47,800 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।

चांदी में और बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसकी कीमत 4.3% यानी ₹10,500 घटकर ₹2,35,000 प्रति किलो रह गई। यह दो महीने से ज्यादा समय का निचला स्तर है। इससे पहले 3 अप्रैल को चांदी ₹2,37,000 प्रति किलो पर थी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव

विदेशी बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 2% यानी 70.33 डॉलर टूटकर 4,121.10 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं चांदी 4% से ज्यादा गिरकर 62.27 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।

सोना-चांदी क्यों टूट रहे हैं?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका की वजह से सोने-चांदी पर दबाव बना हुआ है। एनालिस्टों का कहना है कि फिलहाल डॉलर की मजबूती बुलियन बाजार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

Kotak Securities की कमोडिटी रिसर्च प्रमुख कायनात चैनवाला के अनुसार, सोमवार को अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की खबरों से सोने को थोड़ी राहत मिली थी। हालांकि, यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी। ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं ने फिर से बाजार पर दबाव बना दिया।

फेडरल रिजर्व की चिंता बढ़ा रही दबाव

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना भी निवेशकों को परेशान कर रही है। डॉलर इंडेक्स बढ़कर 101.15 पर पहुंच गया, जो मई 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।

ट्रेडर्स अब एक और ब्याज दर बढ़ोतरी की संभावना को कीमतों में शामिल कर रहे हैं। यही वजह है कि निवेशक सोने और चांदी से दूरी बना रहे हैं।

आगे क्या रह सकता है रुख?

LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी का कहना है कि डॉलर इंडेक्स 101 के ऊपर बने रहने से सोने पर दबाव जारी है। साथ ही अमेरिका-ईरान वार्ता को लेकर बनी अनिश्चितता भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है।

अब निवेशकों की नजर अगले हफ्ते आने वाले अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल (NFP) और बेरोजगारी के आंकड़ों पर रहेगी। ये आंकड़े डॉलर और सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

अब किस ओर जाएंगे दाम

जतीन त्रिवेदी के मुताबिक, निकट भविष्य में सोना ₹1,44,500 से ₹1,48,500 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार कर सकता है।

वहीं Augmont Bullion की रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,200 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल चुका है। अब इसका अगला अहम सपोर्ट 4,050-4,100 डॉलर के बीच माना जा रहा है, जो घरेलू बाजार में करीब ₹1.43 लाख से ₹1.44 लाख प्रति 10 ग्राम के बराबर है।

चांदी भी 65 डॉलर का अहम स्तर तोड़ चुकी है। अब इसका अगला सपोर्ट 60-61 डॉलर प्रति औंस के बीच माना जा रहा है। भारतीय बाजार में यह स्तर करीब ₹2.15 लाख से ₹2.20 लाख प्रति किलो के बराबर बैठता है।

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Gold Price Today: ₹4800 सस्ता हुआ सोना, ₹5300 टूटी चांदी; जानिए क्यों आई बड़ी गिरावट

Gold Price Today: घरेलू बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। मजबूत रुपये और वैश्विक बाजार में कमजोरी के बीच कारोबारियों ने कीमती धातुओं से दूरी बनाई। इससे सोना और चांदी दोनों सस्ते हो गए।

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, 24 कैरेट वाला सोना 4,800 रुपये टूटकर 1,54,400 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स समेत) पर आ गया। एक दिन पहले सोना 1,59,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

चांदी में भी बड़ी गिरावट

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट आई। चांदी 5,300 रुपये टूटकर 2,55,400 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर आ गई।

मंगलवार को चांदी 2,60,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

क्यों गिरे सोने-चांदी के दाम?

एनालिस्टों के मुताबिक, लगातार दूसरे दिन घरेलू मांग कमजोर रही। वहीं शेयर बाजार में मजबूती के कारण निवेशकों का रुझान दूसरी एसेट की ओर बढ़ा है।

इसके अलावा निवेशक अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले समेत कई अहम आर्थिक घटनाओं से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इसी वजह से सोने में खरीदारी कमजोर रही।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव

वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। स्पॉट गोल्ड मामूली गिरावट के साथ 4,327.54 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं स्पॉट सिल्वर 0.18% फिसलकर 69.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की मौद्रिक नीति बैठक के फैसले पर टिकी हुई है। इस वजह से फिलहाल सोने की कीमतें सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं।

अमेरिका-ईरान वार्ता पर भी नजर

बाजार की नजर शुक्रवार को होने वाली अमेरिका और ईरान की प्रस्तावित बैठक पर भी है। एनालिस्टों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत में प्रगति होती है तो भू-राजनीतिक तनाव कम हो सकता है। इससे सोने और चांदी जैसी सुरक्षित माने वाले निवेश की मांग घट सकती है।

वहीं अगर बातचीत में कोई बाधा आती है या तनाव बढ़ता है, तो निवेशक फिर से सोने और चांदी की ओर रुख कर सकते हैं।

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