Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किए, यहां जानिए इश्यू के बारे में सबकुछ

Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स ने 19 जून को सेबी के पास आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर्स फाइल कर दिए। इस आईपीओ का लंबे समय से इंतजार रहा है। रिलायंस इडस्ट्र्रीज की 49वीं एजीएम में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का ऐलान किया।

जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ में करीब 27 करोड़ नए शेयर इश्यू करेगी। आईपीओ से आए पैसे में से 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी कर्ज चुकाने के लिए करेगी। सेबी के पास फाइल डीआरएचपी के मुताबिक, जियो प्लेटफॉर्म्स पर 27,579.20 करोड़ रुपये का कर्ज है।

जियो प्लेटफॉर्म्स कंज्यूमर मोबाइल और फिक्स्ड डिजिटल कनेक्टिविटी सर्विसेज ऑफर करती है। इसमें वायरलेस और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड शामिल हैं। कंपनी कई तरह की डिजिटल सर्विसेज ऑफर करती है, जिसमें एंटरटेनमेंट, क्लाउड गेमिंग, क्लाउड कंप्यूट, क्लाउड पीसी, स्टोरेज और स्मार्ट होम सॉल्यूशंस शामिल हैं।

जियो प्लेटफॉर्म्स एंटरप्राइज-ग्रेड ब्रॉडबैंड और लिज्ड लाइन कनेक्टिविटी भी ऑफर करती है। इसकी सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम का ब्रांड काफी स्ट्रॉन्ग है। यह देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम बन गई है। कंपनी के आईपीओ में कोई ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) नहीं होगा। इसका मतलब है कि कंपनी आईपीओ में सिर्फ नए शेयर जारी करेगी।

31 मार्च, 2026 को जियो प्लेटफॉर्म्स की सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम के ग्राहकों की संख्या 52.44 करोड़ थी। इसमें 26.85 करोड़ 5जी के ग्राहक और 2.71 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड के कस्टमर्स शामिल हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स ने खुद को ‘टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म’ बताया है। कंपनी में 11,000 एंप्लॉयीज है। इसने 6,817 पेटेंट्स के लिए अप्लाई किया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज की जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.43 फीसदी हिस्सेदारी है। इसमें मेटा की 9.99 फीसदी, गूगल की 7.73 फीसदी, सऊदी अरबिया वेल्थ फंड्स की 2.31 फीसदी, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स की 2.31 फीसदी, सिल्वर लेक की 1.88 फीसदी, मुबादला की 1.85 फीसदी, जीए सिंगापुर की 1.34 फीसदी, अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी की 1.16 फीसदी और टीपीजी कैपिटल की 0.93 फीसदी हिस्सेदारी है।

NSE IPO: दमानी, मुंजाल, गोपालकृष्णन की जेब में आ सकते हैं करोड़ों रुपये, यहां देखें शेयरहोल्डर्स की पूरी लिस्ट

एनएसई के आईपीओ से कई शेयरहोल्डर्स को मोटी कमाई हो सकती है। इनमें कई दिग्गज इनवेस्टर्स और बड़े उद्योगपति शामिल हैं। इनमें डीमार्ट के प्रमोटर राधाकिशन दमानी, हीरो ग्रुप के फाउंडर सुनील कांत मुंजाल, इंफोसिस के को-फाउंडर एस गोपालकृष्णन, डीमार्ट के पूर्व सीईओ और एमडी ग्नाटियस नविल नोरोन्हा और दिग्गज इनवेस्टर डॉली खन्ना शामिल हैं।

अनलिस्टेड मार्केट में एनएसई के शेयर की कीमत 2000 रुपये से ऊपर चल रही है। दमानी की एनएसई में 1.58 फीसदी हिस्सेदारी है। इसकी वैल्यू करीब 7,817 करोड़ रुपये है। इसका मतलब है कि एनएसई के शेयर बेचने से उन्हें बड़ा मुनाफा होगा। उन्होंने ये शेयर किस भाव पर लिए थे, यह जानकारी एनएसई के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में नहीं है।

सुनील कांत मुंजाल की एनएसई में करीब 0.41 फीसदी हिस्सेदारी है। उनके पास एनएसई के 1.02 करोड़ शेयर हैं। इन शेयरों की वैल्यू करीब 2,040 करोड़ रुपये है। गोपालकृष्णन के पास एनएसई के 94.29 लाख शेयर हैं। इनकी वैल्यू 1,886 करोड़ रुपये है। नोरोन्हा के पास एनएसई के 30 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 600 करोड़ रुपये है।

डॉली खन्ना के पास एनएसई के 15.17 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 303 करोड़ रुपये है। सिद्धार्थ बालाचंद्रन की एनएसई में करीब 0.38 फीसदी हिस्सेदारी है, जिनकी वैल्यू 1,863 करोड़ रुपये है। दिग्गज इनवेस्टर वनाजा सुंदर अय्यर के पास 44 लाख शेयर हैं, जिनकी वैल्यू 880 करोड़ रुपये है।

एनएसई के शेयर रखने वाले निवेशकों की लिस्ट काफी बड़ी है। ऐसे एक दर्जन से ज्यादा इनवेस्टर्स हैं, जिनकी एनएसई में 0.05 से 0.30 फीसदी तक हिस्सेदारी है। इनकी वैल्यू 140 करोड़ रुपये से 300 करोड़ रुपये के बीच है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन निवेशकों की हिस्सेदारी की फाइनल वैल्यूएशन का पता आईपीओ में शेयर का प्राइस बैंड तय होने के बाद चलेगा। लेकिन, सेबी के पास फाइल डीआरएचपी से यह संकेत मिलता है कि इन शेयरों को काफी कम कीमत पर खरीदा गया था।

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की एनएसई में सबसे ज्यादा 10.7 फीसदी हिस्सेदारी है। उसके पास एनएसएई के 26.5 करोड़ शेयर हैं। इसकी कीमत 50,641 करोड़ रुपये है। एनएसई ने सेबी के पास डीआरएचपी 17 जून को फाइल कर दिया। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा।

ओएफएस का मतलब है कि इस आईपीओ में एनएसई इनवेस्टर्स को नए शेयर एलॉट नहीं करेगी। शेयरहोल्डर्स एक्सचेंज के करीब 6 फीसदी शेयर बेचेंगे। करीब 30,000 करोड़ रुपये का एनएसई का आईपीओ भारत का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। अभी सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने का रिकॉर्ड ह्यूंडई मोटर के नाम है। उसने 2024 में 27,000 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था।