Stock Market Insight: बाजार में अभी भी घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों में मौके, IT सेक्टर में अब शॉर्ट ट्रेड में रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा नहीं

Stock Market Insight: बाजार में निचले स्तरों से शानदार रिकवरी आई है। निफ्टी नीचे से करीब 150 प्वाइंट सुधरकर 23950 के आसपास कारोबार कर रहा है। साथ ही बैंक निफ्टी में भी करीब 500 प्वाइंट का उछाल आया है। लेकिन मिड और स्मॉलकैप में हल्की नरमी है। AI में बड़े मौके के नंदन नीलेकणी के बयान के बाद IT शेयरों का जोश देखने को मिल रहा है। निफ्टी IT इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा ऊपर कारोबार कर रहा है। टेक महिंद्रा निफ्टी का टॉप गेनर बना है। इंफोसिस और TCS में भी खरीदारी आई है। प्राइवेट बैंक,फार्मा-हेल्थकेयर और रियल्टी शेयर भागे हैं। हालांकि मेटल,कंज्यूमर ड्यरेलबल,एनर्जी और ऑटो सेक्टर पर दबाव दिख रहा है।

बाजार: क्या कल ट्रेंड बदला?

ऐसे में बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि एक दिन के मूव से ट्रेंड्स नहीं बदला करते। लेकिन हमारी एक अपस्विंग कल ट्रेलिंग SL के साथ खत्म हो गई। आज बाजार के ट्रेंड का टेस्ट होगा। आज की क्लोजिंग तय करेगी कि ट्रेंड बदला या नहीं। अगर 23,750 के नीचे बंद हुए तो ट्रेंड बदलेगा। 23,750 पर निफ्टी का सबसे महत्वपूर्ण 20 DEMA है। अपट्रेंड फिर शुरू करने के लिए 23,900 के ऊपर क्लोजिंग जरूरी है। बैंक निफ्टी अभी भी अपट्रेंड में ही है। बैंक निफ्टी का 10 DEMA 56,900 पर और 20 DEMA 56,200 पर है।

इंडिया VIX कल इंट्राडे में 200 DMA के ऊपर आया। लेकिन क्लोजिंग में वापस उसके नीचे 14 पर बंद हुआ। इंडिया VIX अगर 14.5 के ऊपर सेटल हुआ तो थोड़ा निगेटिव होगा। कल काफी दिनों बाद Adv/Dec काफी खराब था। सबसे पहले इंडिकेटर यहीं से मिलेगा।

बाजारों के लिए मिलेजुले संकेत

कल हम जहां छोड़कर गए,वहां से बेहतर ग्लोबल संकेत मिल रहे हैं। सिर्फ डॉलर इंडेक्स हमारे लिए थोड़ा और निगेटिव हुआ है। US बाजार उतने नहीं गिरे जितने हम फ्यूचर्स से पचा चुके थे। एशियन मार्केट्स में खास तौर पर कोस्पी में आज बाउंस है। कोरिया को विकसित मार्केट्स में शामिल नहीं किया गया है। कल कोरिया शायद इसी लिए इतना ज्यादा गिरा था। कोरिया अगर विकसित मार्केट बनता तो हमारे लिए पॉजिटिव होता। क्योंकि ऐसे में भारत का इमर्जिंग मार्केट वेटेज काफी बढ़ जाता। खैर जो भी है,FIIs की बिकवाली काफी कम हुई है और कच्चा तेल अभी भी हमारे कम्फर्ट जोन के नीचे ही है। कल की गिरावट को अब भी हम एक मुनाफावसूली का मूव ही मानेंगे। एक ना एक दिन तो ट्रेलिंग SL लगना था,कल लग गया। मगर फिर भी इस स्विंग में निफ्टी ने 1000 अंक दिए और बैंक निफ्टी ने तो 4,000 अंक से ज्यादा ही दिए।

टेक/AI गिरावट: और कहां हैं हम?

एशिया के टेक शेयरों में बड़ी बिकवाली का असर वॉल स्ट्रीट तक हुआ। नैस्डैक 100 इंडेस्क 1000 प्वाइंट फिसला। नैस्डैक कंपोजिट 2.2% (600 प्वाइंट) गिरा। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 8% लुढ़का। स्टेट स्ट्रीट टेक्नोलॉजी ETF में 4% की गिरावट आई। बड़ी टेक कंपनियों की मार्केट वैल्यू 3 दिनों में $1 ट्रिलियन घटी। बताते चलें कि माइक्रॉन के नतीजे आज आएंगे।

टेक शेयरों में बिकवाली क्यों ?

SK Hynix के बारे में लोकल न्यूज रिपोर्ट से कॉस्पी में तेज बिकवाली आई। दिग्गज टेक कंपनियों की भारी कर्ज जुटाने की होड़ से ब्याज दरों में बढ़ोतरी का डर है। इसका बाजार पर नेगेटिव असर पड़ा।

Cerebras Systems के नतीजे

लिस्टिंग के बाद इस बड़ी चिप कंपनी के पहले नतीजे आए हैं। कंपनी ने कहा है कि 2026 में रेवेन्यू $855 मिलियन से $865 मिलियन के बीच रहना संभव (अनुमान $824 मिलियन का था) है। Q1 में कंपनी की सेल्स 94% बढ़कर $193 मिलियन (अनुमान $181 मिलियन का था) रही है। आफ्टरआवर्स में शेयर 11% फिसलकर $202 पर आ गया। इसकी लिस्टिंग प्राइस $350 थी। वहीं,IPO भाव $185 था।

IT सेक्टर में क्या करें?

भारतीय IT सेक्टर में अब शॉर्ट ट्रेड में रिस्क-रिवॉर्ड अच्छा नहीं है। पिछले एक साल हमने निफ्टी IT पर शॉर्ट का नजरिया रखा। बीच में आई दो रैलियों में फंसने से भी बचाया था। साफ नजरिया रखा गया था कि रैली में निकलें और शॉर्ट करें। फिलहाल स्टॉक स्पेसिफिक ही रहें। कोफोर्ज और OFSS सबसे मजबूत हैं। टाटा टेक भी मजबूत है,लेकिन अब थोड़ा महंगा है।

बाजार: फिर कहां लगाएं दांव?

बाजार में अभी भी घरेलू इकोनॉमी से जुड़े शेयरों में मौके हैं। डॉलर का तेजी से ऊपर आना मेटल्स के लिए निगेटिव है। कल भी हमने मेटल्स को शॉर्ट साइड पर प्ले किया था। फार्मा अभी के लिए सबसे स्ट्रॉन्ग सेक्टर है। इसके अलावा जो कंपनियां फंड जुटा रही हैं, उनपर भी नजरिया बनाना जरूरी है। जहां भी फंड ग्रोथ कैपिटल के लिए जुटाया जा रहा है वहां बड़ा पॉजिटिव है। जहां सिर्फ OFS हो रहा है,वो शेयर पिट रहे हैं और कई शेयर तो OFS भाव के नीचे भी जा रहे हैं।

चुनिंदा ऑटो शेयरों में मजबूती लौटी है। अशोक लेलैंड जैसे शेयर अभी भी काफी कमजोर हैं। बैंकिंग में कल एक ब्रेक लगा लेकिन आज असली टेस्ट होगा। रिटेल और सिलेक्टिव कंजम्प्शन शेयरों में तेजी है। वोल्टास जैसे AC शेयरों में अब मुनाफावसूली आ रही है। परसों के हाई से वोल्टास 5-6% से ज्यादा गिर चुका है।

निफ्टी पर रणनीति

निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 23,750-23,800 पर और बड़ा सपोर्ट 23,500-23,550 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 23,850-23,900 पर और बड़ा रजिस्टेंस 23,950-24,050 पर है। पहले से तय की गई ट्रेड आज काम नहीं करेगी। इंतजार करें फिर जरूरत के हिसाब से रणनीति बनाएं। अगर रैली फेल हुई तो अब शॉर्ट के लिए भी तैयार रहें। लेकिन अगर निफ्टी 23,750-23,800 होल्ड करे तो तेजी भी संभव है।

Market Trend : निफ्टी की तुलना में बैंक निफ्टी का सेटअप ज्यादा बेहतर,रिटेल सेक्टर के इस शेयर में दिख रहा कमाई का मौका

बैंक निफ्टी पर रणनीति

बैंक निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 56,800-57,000 पर और बड़ा सपोर्ट 56,200-56,500 पर है। इसके लिए पहला रजिस्टेंस 57,300-57,500 पर और बड़ा रजिस्टेंस 57,800-58,000 पर है। बाजार में कूदने की जल्दबाजी न करें। साइडलाइंस पर रहें। हमें एक बड़ी स्विंग मिल चुकी है,अब अगली का इंतजार करेंगे।

 

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Clay Craft India की धीमी शुरुआत, शेयर 4% बढ़त के साथ लिस्ट

Clay Craft India की 24 जून को लिस्टिंग ठीकठाक रही। शेयर NSE SME पर लगभग 4 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 211 रुपये पर लिस्ट हुआ। IPO प्राइस 203 रुपये प्रति शेयर था। कंपनी का पब्लिक इश्यू 17-19 जून के दौरान खुला था। 110.11 करोड़ रुपये के IPO को 103.06 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। पब्लिक इश्यू में 54 लाख नए शेयर जारी हुए। ऑफर फॉर सेल नहीं था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 119.19 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 153.95 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 71.76 गुना सब्सक्राइब हुआ।

क्ले क्राफ्ट इंडिया बोन चाइना क्रॉकरी और सिरेमिक टेबलवेयर बनाती है। कंपनी बेहतरीन क्वालिटी वाले डाइनिंग प्रोडक्ट्स बनाती है, जैसे कि प्लेट, कप, सॉसर, मग और किचन का दूसरा सामान। इनका इस्तेमाल घरों, होटलों और कॉर्पोरेट गिफ्टिंग में बड़े पैमाने पर किया जाता है। कंपनी के प्रमोटर राजेश नारायण अग्रवाल, विकास अग्रवाल, भारत अग्रवाल और दीपक अग्रवाल हैं।

IPO के पैसों का कैसे होने वाला है इस्तेमाल

कंपनी अपने पब्लिक इश्यू से हासिल पैसों में से 97 करोड़ रुपये का इस्तेमाल एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने के लिए करेगी। बाकी पैसे सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रहेंगे। IPO से पहले क्ले क्राफ्ट इंडिया ने एंकर निवेशकों से 31.34 करोड़ रुपये जुटाए थे।

Clay Craft India की वित्तीय सेहत

क्ले क्राफ्ट इंडिया का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू लगभग 20 प्रतिशत बढ़कर 184.57 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 154.44 करोड़ रुपये था। शुद्ध मुनाफा 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 27.01 करोड़ रुपये रहा, जो कि वित्त वर्ष 2025 में 20.76 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर 49.98 करोड़ रुपये की उधारी थी।

Liotech IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, हर लॉट पर ₹30740 स्वाहा, ₹321 के शेयरों ने दिया शॉक

Liotech IPO Listing: दरवाजे के हैंडल और स्टॉपर्स जैसे प्रोडक्ट्स बेचने वाली लियोटेक इंडस्ट्रीज के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों के दम पर यह ओवरऑल 1.91 गुना भरा था। आईपीओ के तहत ₹321 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹257.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि उनकी 19.94% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹244.15 (Liotech Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 23.94% घाटे में हैं। चूंकि लॉट साइज 400 शेयरों का था तो हर लॉट पर निवेशकों को ₹30740 का घाटा हुआ है।

Liotech IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

लियोटेक इंडस्ट्रीज का ₹36 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17-19 जून तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.85 गुना और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 2.97 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹29 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 2.22 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹8.00 करोड़ मशीनरी की खरीदारी, ₹4.95 करोड़ लोन चुकाने, ₹7.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।

Liotech के बारे में

वर्ष 2020 में बनी लियोटेक इंडस्ट्रीज हार्डवेयर स्ट्रक्चर्स और एक्सेसरीज बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स में डोर किट्स, हिंग्स, गेट हुक्स, एल्ड्रॉप, लॉक्स, हैंडल्स, टावर बोल्ट्स और शेल्फ बॉटम्स हैं। यह डोर स्टॉपर्स, मैग्नेट्स, टेबल ब्रेकेट्स, बेड लिफ्टर्स और बेल मैग्नेट्स भी बेचती है। यह बी2बी मॉडल पर काम करती है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट गुजरात के राजकोट में है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹35 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹2.93 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹4.16 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना औसतन 118% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹40.69 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹5.49 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹51.79 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। दिसंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹4.81 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹12.93 करोड़ पड़े थे।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

CSM Technologies IPO: 24 जून को खुल रहा सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ, क्या निवेश करना चाहिए?

CSM Technologies IPO: सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ 24 जून यानी बुधवार को खुल रहा है। कंपनी इस इश्यू के तहत 146 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। वह करीब 1.29 करोड़ शेयर जारी करेगी। आईपीओ से मिले पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, कारोबार के विस्तार और सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी।

ई-गवर्नेंस, सिस्टम इंटिग्रेशन में विशेषज्ञता

CSM Technologies एक प्रमुख GovTech और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी है। इसे सरकार के डिपार्टमेंट्स, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स और एंटरप्राइजेज को टेक्नोलॉजी एनेबल्ड सॉल्यूशंस ऑफर करने का 27 साल से ज्यादा का अनुभव है। इसे ई-गवर्नेंस, सिस्टम इंटिग्रेशन, अप्लिकेशन डेवलपमेंट, क्लाउड सॉल्यूशंस, एनालिटिक्स और एआई में विशेषज्ञता हासिल है।

आईपीओ में 29 जून तक लगाई जा सकती है बोली

कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 107-113 रुपये तय किया है। इस आईपीओ में 29 जून तक निवेश किया जा सकता है। इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल (OFS) नहीं होगा। इसका मतलब है कि कंपनी इश्यू में सिर्फ नए शेयर इनवेस्टर्स को इश्यू करेगी।

1998 में हुई थी कंपनी की शुरुआत

सीएसएम टेक्नोलॉजी की शुरुआत 1998 में हुई थी। इसका मुख्यालय भुवनेश्वर है। बीते सालों में खुद को सॉफ्टवेयर सर्विसेज प्रोवाइडर से एंड-टू-एंड टेक्नोलॉलीज सॉल्यूशंस पार्टनर के रूप में बदला है। आईपीओ में शेयर के अपर प्राइस बैंड पर FY25 के अर्निंग्स के मुकाबले कीमत 41.6 गुनी है। यह ज्यादा नहीं है, क्योंकि कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड और फाइनेंशियल मीट्रिक्स बेहतर रहे हैं।

आनंदराठी ने दी बोली लगाने की सलाह

ब्रोकरेज फर्म आनंदराठी ने इस आईपीओ को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। कंपनी ने इश्यू में 50 फीसदी शेयर क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा है। 15 फीसदी शेयर नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व होंगे। बाकी 35 फीसदी शेयर रिटेल इनवेस्टर्स के लिए होंगे।

कम से कम 14,916 रुपये से अप्लाई करना होगा

इनवेस्टर्स को इश्यू में कम से कम शेयरों के एक लॉट के लिए अप्लाई करना होगा। एक लॉट 132 शेयरों का है। इसका मतलब है कि शेयर के अपर प्राइस बैंड पर अप्लाई करने के लिए रिटेल इनवेस्टर्स को कम से कम 14,916 रुपये की बोली लगानी होगी।

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आईटी कंपनियों को लेकर मार्केट सेंटिमेंट कमजोर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सीएसएम टेक्नोलॉजीज का आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब आईटी शेयरों पर बिकवाली का दबाव है। खासकर भारतीय आईटी कंपनियों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल का असर पड़ा है। 23 जून को भी शेयर बाजार में गिरावट में आईटी कंपनियों में बिकवाली का बड़ा हाथ रहा। करीब सभी दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों पर बिकवाली का दबाव दिखा।