नमन और नबी पहली बार वनडे टीम में शामिल लेकिन हुए आलोचना के शिकार

वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ होने वाली आगामी घरेलू सफ़ेद गेंद सीरीज़ के लिए वनडे टीम में नमन धीर और आक़िब नबी को पहली बार वनडे प्रारूप में चुना गया है। धीर को घरेलू क्रिकेट में पंजाब के लिए और आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए किए गए प्रभावी प्रदर्शन का इनाम मिला है। दूसरी ओर नबी ने इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में सरे के लिए दमदार प्रदर्शन कर पहली बार राष्ट्रीय एकदिवसीय टीम में जगह बनाई है।

अबूधाबी में हुए IPL नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स से 8.40 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम मिली।नबी ने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सत्र में कुल 104 विकेट लिए थे, जिनमें 2025-26 सत्र में लिए गए 60 विकेट भी शामिल हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। वह बल्लेबाजी में भी उपयोगी योगदान देने में सक्षम हैं।

हालांकि सफेद गेंद से उनका प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा लेकिन वह लाल गेंद के सिद्धहस्त गेंदबाज माने जाते हैं। इस कारण से उनके चयनित होने पर आलोचना भी हो रही है।वजह यह है कि उनकी औसत गति 125 किमी प्रति घंटा है जो कि एकदिवसीय प्रारुप के लिए कम है। वहीं नमनधीर के चयन पर भी सवाल खड़े हुए हैं क्योंकि उन्होंने 14 लिस्ट ए मैचों में 39 की औसत से 400 रन बनाए हैं।

जनवरी में आख़िरी बार न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ खेलने वाले रवींद्र जडेजा ने भी लंबे समय बाद वनडे में वापसी की है।हार्दिक पंड्या को फिटनेस के मामले में अभी क्लियरेंस नहीं मिली है। इसको देखते हुए नीतीश कुमार रेड्डी को एशियन गेम्स टीम से निकालकर वनडे सीरीज़ में शामिल किया गया है। वहीं ऋषभ पंत को टीम में जगह नहीं मिली है। विकेटकीपर बल्लेबाज़ के रूप में ध्रुव जुरेल जरूर वनडे सीरीज़ की टीम में शामिल किए गए हैं।

भारत की वनडे टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, ऋतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, आक़िब नबी, यशस्वी जायसवाल, नमन धीर।

India vs West Indies: वेस्टइंडीज सीरीज के लिए हुआ स्क्वॉड का ऐलान, नमन धीर और आकिब नबी की टीम इंडिया में एंट्री

India vs West Indies: पंजाब के बल्लेबाज नमन धीर और जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज औकिब नबी को पहली बार भारत की वनडे टीम में जगह मिली है। दोनों को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। बता दें कि BCCI ने बुधवार (16 सितंबर) को X पर पोस्ट कर वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे और टी20 सीरीज के लिए टीमों का ऐलान किया। यह घरेलू सीरीज 27 सितंबर से तिरुवनंतपुरम में शुरू होगी।

शुभमन गिल तीन वनडे मैचों में ‘मेन इन ब्लू’ (भारतीय टीम) की कप्तानी करेंगे, जबकि श्रेयस अय्यर एशियन गेम्स 2026 के बाद जापान से लौटने पर पांच T20I मैचों में टीम की कमान संभालेंगे।

रोहित शर्मा और विराट कोहली को भारत की वनडे टीम में बनाए रखा गया है, साथ ही गुरनूर बरार, केएल राहुल, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव भी टीम में शामिल हैं। वहीं, जुलाई 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ न खेलने वाले रवींद्र जडेजा और मोहम्मद सिराज की भी वापसी हुई है।

अय्यर की गैर-मौजूदगी में, राहुल को वनडे सीरीज के लिए गिल का डिप्टी (उप-कप्तान) बनाया गया है। टीम में ऋतुराज गायकवाड़, ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी और यशस्वी जायसवाल भी शामिल हैं।

50 ओवर की टीम में आकिब और नमन ही दो नए चेहरे हैं। उन्होंने पहले कभी भारत के लिए किसी भी फॉर्मेट में नहीं खेला है, हालांकि आकिब पिछले महीने श्रीलंका दौरे पर भारत की टेस्ट टीम का हिस्सा थे।

बता दें कि नीतीश भारत की 2026 एशियाई खेलों की टीम का हिस्सा थे, लेकिन बुधवार को BCCI ने उन्हें टीम से हटा दिया और अब वह वनडे सीरीज में खेलेंगे।

भारत की वनडे टीम: शुबमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जयसवाल, नमन धीर।

टी20 टीम में प्रिंस यादव और मयंक यादव के साथ कुलदीप यादव की वापसी हुई है। उन्होंने वरुण चक्रवर्ती, जसप्रित बुमराह और यश ठाकुर की जगह ली है।

गौरतलब है कि ठाकुर और बुमराह अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की T20I टीम का हिस्सा हैं और एशियाई खेलों में भी खेलेंगे, लेकिन उन्हें वेस्टइंडीज सीरीज के लिए नहीं चुना गया है।

भारत की T20I टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, नितीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव।

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वैभव सूर्यवंशी को अपनी टीम में नहीं लेने पर संजीव गोयनका को हैं अफसोस? LSG के मालिक ने क्या कहा

Vaibhav Sooryavanshi: भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 खत्म होने के बाद से ही चर्चा में हैं। वैभव सूर्यवंशी आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए बेहद अहम खिलाड़ी बन चुके हैं। वहीं अब हाल ही में लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ा बयान दिया है। गोयनका ने कहा, लीग की कई दूसरी टीमों को भी वैभव को अपनी टीम में शामिल नहीं कर पाने का अफसोस है। उन्होंने कहा, राजस्थान ने उन्हें जिस कीमत पर अपनी टीम में शामिल किया था, वह फैसला अब काफी फायदेमंद नजर आ रहा है। राजस्थान इस युवा खिलाड़ी को आसानी से टीम से जाने नहीं देगी। आइए जानते हैं वैभव को लेकर संजीव गोयनका ने क्या कहा

संजीव ने की वैभव की तारीफ

शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में संजीव गोयनका ने कहा, “वैभव सूर्यवंशी पूरी दुनिया से तारीफ पाने के हकदार हैं। वह एक पीढ़ी में मिलने वाला खास टैलेंट हैं। आईपीएल की हर टीम के मालिक को इस बात का अफसोस है कि वैभव उनकी टीम का हिस्सा नहीं हैं। अब जब लक्ष्मी मित्तल राजस्थान रॉयल्स के मालिक हैं, तो मुझे नहीं लगता कि वह वैभव को कभी टीम से जाने देंगे। अगर कभी ऐसा हुआ भी, तो सिर्फ मैं ही नहीं, बल्कि आईपीएल के कई दूसरे मालिक भी उन्हें अपनी टीम में शामिल करने के इंतजार में रहेंगे।”

वैभव में हैं कॉन्फिडेंस

संजीव गोयनका वैभव सूर्यवंशी के खेल के बड़े प्रशंसक हैं। प्रतिद्वंद्वी टीम के मालिक होने के बावजूद वह कई बार सोशल मीडिया पर वैभव की बल्लेबाजी और प्रतिभा की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने आगे कहा, “वैभव की पहली पब्लिक इमेज राइजिंग पुणे सुपरजायंट की जर्सी में है और आज वह कमाल कर रहा है। जाहिर है, उसमें टैलेंट है, शानदार शॉट्स हैं, लेकिन उसका कॉन्फिडेंस ही है जिसने मेरा सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। उसमें बहुत ज्यादा कॉन्फिडेंस है, लेकिन ओवरकॉन्फिडेंस नहीं। जब आप ओवरकॉन्फिडेंट हो जाते हैं, तो वहीं से आपकी गिरावट शुरू हो जाती है।”

उन्होंने आगे कहा, “वैभव को भरोसा है कि ‘मैं यह कर सकता हूं।’ और मैंने अब तक जो भी देखा है, उसमें वह हर गेम के साथ बेहतर होता जा रहा है। वह खुद को थोड़ा-थोड़ा बदलना सीख रहा है और इससे वह आगे चलकर और भी ज्यादा असरदार बनेगा। वह बड़े मौकों के लिए बना खिलाड़ी है।”

वैभव को 1.1 करोड़ रुपये में किया था शामिल

राजस्थान ने उन्हें जेद्दा में हुए आईपीएल ऑक्शन में 1.1 करोड़ रुपये में खरीदा था। बता दें राजस्थान रॉयल्स में हाल ही में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय कारोबारी लक्ष्मी मित्तल ने अदार पूनावाला के साथ मिलकर करीब 1.65 अरब डॉलर यानी लगभग 15,660 करोड़ रुपये में टीम का अधिग्रहण किया है। इस सौदे के बाद मित्तल के पास टीम की करीब 75 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि पूनावाला के पास लगभग 18 फीसदी हिस्सा है। बाकी करीब 7 फीसदी हिस्सेदारी मनोज बडाले समेत टीम के मौजूदा निवेशकों के पास बनी हुई है।

युवराज सिंह संग चामिंडा वास की एंट्री? IPL 2027 में दिल्ली कैपिटल्स में होने वाला है बड़ा बदलाव!

आईपीएल 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। टीम ने दिल्ली के एयरोसिटी में छोटा कैंप और ट्रायल आयोजित किया, जिसमें घरेलू खिलाड़ियों को अलग-अलग मैच परिस्थितियों में परखा गया। इस कैंप की जिम्मेदारी पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) और पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा (Amit Mishra) ने संभाली। श्रीलंका के दिग्गज तेज गेंदबाज चामिंडा वास (chaminda Vaas) भी कैंप से जुड़े। 

 

गांगुली संभाल सकते हैं मुख्य कोच की जिम्मेदारी

 

दिल्ली कैपिटल्स के कोचिंग सेटअप में सबसे बड़ा बदलाव मुख्य कोच के पद पर देखने को मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली हेमंग बदानी की जगह टीम के हेड कोच बन सकते हैं। गांगुली 2024 से जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट हैं और दिल्ली की टीम से पहले भी जुड़े रहे हैं। 

 

गांगुली इससे पहले 2019 आईपीएल सीजन में दिल्ली के मेंटर की भूमिका निभा चुके हैं। इसके अलावा 2025 में उन्होंने साउथ अफ्रीका की एसए20 टीम प्रिटोरिया कैपिटल्स के हेड कोच के रूप में भी काम किया था। अब अगर उनकी नियुक्ति होती है, तो दिल्ली को उनके अनुभव से टीम को नई दिशा देने की उम्मीद होगी।

 

 युवराज सिंह की भी होगी एंट्री

 

गांगुली के साथ पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह का नाम भी दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, युवराज बैटिंग कोच (Batting Coach) या असिस्टेंट कोच (Assistant Coach) की भूमिका संभाल सकते हैं। अगर वह औपचारिक रूप से टीम के कोचिंग स्टाफ में शामिल होते हैं, तो यह आईपीएल में उनकी पहली आधिकारिक कोचिंग भूमिका होगी। 

yuvraj Singh

 

युवराज का युवा भारतीय बल्लेबाजों के साथ काम करने का अनुभव भी रहा है। शुभमन गिल, अभिषेक शर्मा और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ियों ने उनके मार्गदर्शन की तारीफ की है। दिल्ली के लिए खास तौर पर युवा बल्लेबाजों और मिडिल ऑर्डर को तैयार करने में उनका अनुभव अहम हो सकता है।

 

चामिंडा वास संभाल सकते हैं पेस अटैक

 

श्रीलंका के पूर्व तेज गेंदबाज चामिंडा वास भी दिल्ली कैपिटल्स के संभावित नए कोचिंग सेटअप का हिस्सा बन सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह टीम के तेज गेंदबाजी कोच की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। हालांकि, फ्रेंचाइजी ने अभी उनकी नियुक्ति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वास दिल्ली के तैयारी कैंप और ट्रायल से जुड़ चुके हैं। 

 

वास का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने श्रीलंका के लिए 111 टेस्ट में 355 विकेट और 322 वनडे में 400 विकेट लिए। वह 1996 विश्व कप जीतने वाली श्रीलंकाई टीम का भी हिस्सा रहे। उनके पास श्रीलंका के अलावा न्यूजीलैंड और आयरलैंड के साथ कोचिंग और तेज गेंदबाजों के साथ काम करने का अनुभव भी है। 

 अमित मिश्रा के पास स्पिन की कमान

 

दिल्ली कैपिटल्स के सपोर्ट स्टाफ में पूर्व भारतीय लेग स्पिनर अमित मिश्रा का नाम भी शामिल हो सकता है। मिश्रा आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स, डेक्कन चार्जर्स, सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेल चुके हैं। उन्होंने सितंबर 2025 में क्रिकेट से संन्यास लिया था। 

 

मिश्रा ने आईपीएल करियर में 162 मैचों में 174 विकेट लिए और उनकी इकॉनमी रेट 7.37 रही। वह आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा हैट्रिक लेने वाले गेंदबाज भी हैं, उनके नाम 3 हैट्रिक दर्ज हैं। ऐसे में स्पिन गेंदबाजों को टी20 की परिस्थितियों और बल्लेबाजों को पढ़ने की बारीकियां सिखाने में उनका अनुभव दिल्ली के काम आ सकता है। 

 

दिल्ली ने अभी से शुरू की 2027 की तैयारी

 

दिल्ली कैपिटल्स ने पिछले महीने बेंगलुरु की जस्ट क्रिकेट अकादमी में भी ऑफ-सीजन कैंप और ट्रायल आयोजित किए थे। वहां अच्छा प्रदर्शन करने वाले कुछ खिलाड़ियों को दिल्ली के कैंप में दोबारा मौका दिया गया। फ्रेंचाइजी का फोकस घरेलू प्रतिभाओं की पहचान करने और मिनी ऑक्शन से पहले अपना पूल मजबूत करने पर है। 

 

दिल्ली कैपिटल्स पिछले दो सीजन में प्लेऑफ तक नहीं पहुंच सकी है। 2025 और 2026 में टीम का अभियान निराशाजनक रहा था। अब संभावित नए कोचिंग सेटअप और घरेलू खिलाड़ियों पर फोकस के जरिए फ्रेंचाइजी 2027 में अपनी तस्वीर बदलना चाहती है। 

 

 2027-28 में JSW के हाथों में ऑपरेशन

 

दिल्ली कैपिटल्स के सह-मालिक जेएसडब्ल्यू और जीएमआर के बीच हुए समझौते के तहत टीम का संचालन हर दो साल में बदलता है। आईपीएल 2027 और 2028 के दौरान क्रिकेट ऑपरेशंस की जिम्मेदारी जेएसडब्ल्यू के पास रहेगी। ऐसे में आने वाले सीजन के लिए टीम के ढांचे में बदलाव की चर्चाओं को इसी नए ऑपरेशनल फेज से भी जोड़कर देखा जा रहा है। 

 

गांगुली, युवराज, वास और अमित मिश्रा की बताई गई नई भूमिकाएं अभी रिपोर्ट्स/संभावनाओं पर आधारित हैं; दिल्ली कैपिटल्स की ओर से इन नियुक्तियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

36 साल के हुए T20I विश्वकप विजेता कप्तान सूर्यकुमार, क्या करेंगे वापसी?

सूर्यकुमार यादव ने 5 साल के क्रिकेट करियर में इतना कुछ कमा लिया जितना क्रिकेट खिलाड़ी दस साल में नहीं कमा पाते। खासकर 2013 से 2023 के कालखंड के लिए तो यह कहा जा सकता है। विराट कोहली जैसा क्रिकेटर भी टी-20 विश्वकप विजेता कप्तान नहीं बन पाया, यह तथ्य इस बात को साबित करने के लिए काफी है।

हालांकि आज अपना 36वां जन्मदिन मना रहे वर्षीय सूर्यकुमार यादव को जब इस साल टी-20 अंतरराष्ट्रीय टीम में नहीं चुना गया तो उनके करियर पर अर्धविराम लग गया। इस उम्र में वापस टीम में जगह बनाना काफी मुश्किल है क्योंकि युवा खिलाड़ियों की खेप इंडियन प्रीमियर लीग में हर साल तैयार हो रही है। ऐसे में जान लेते हैं कि सूर्योदय और सूर्यास्त कैसा रहा।

प्रथम श्रेणी का सूर्योदय

सूर्य कुमार ने 2010-11 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया, जब वह मुंबई की तरफ से दिल्ली के खिलाफ रणजी सीजन खेलने उतरे। उन्होंने शानदार तरीके से आगाज करते हुए मुंबई की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए। उसके बाद से वह लगातार टीम का हिस्सा बने रहे।

2 साल के भीतर ही मिला IPL अनुबंध

उनके उम्दा खेल का ही नतीजा था कि 2012 के IPL सीजन के लिए मुंबई इंडियंस ने उन्हें अनुबंधित कर लिया। 2013 तक वह मुंबई इंडियंस के साथ रहे और उसके बाद कोलकाता नाइट राइडर्स से जुड़ गए। 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स की आईपीएल की खिताबी जीत में सूर्य कुमार का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपनी टीम के लिए इस सीजन का हर मैच खेला।

IPL 2020 में फिनिशर की भूमिका में उभरे

IPL 2020 में सूर्यकुमार यादव सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में सातवें स्थान पर थे। सूर्यकुमार यादव ने 16 मैचों में 40 की औसत से 480 रन बनाए थे। उन्होंने अपने बल्ले से कई अहम मौके पर मुंबई की जीत सुनिश्चित की थी। सूर्यकुमार एक फिनिशर की भूमिका में आईपीएल 2020 में उभरे। इस कारण उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 और वनडे सीरीज में मौका मिला।

T-20I डेब्यू की पहली गेंद पर ही मारा छक्का, जड़ा अर्धशतक

सूर्य कुमार ने 14 मार्च 2021 को इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला और 18 जुलाई 2021 को श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में पहली बार टीम ब्लू में खेले।

इंग्लैंड के खिलाफ सूर्यकुमार यादव ने जैसे पारी की शुरुआत करी ऐसा लग रहा था कि वह भावनाओं में ना बह जाएं लेकिन जोफ्रा आर्चर की पहली गेंद पर छक्का मारने के बाद उन्होंने कोई भी गैर जिम्मेदार शॉट नहीं खेला।

उन्होंने अपने 50 रन बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगाया और 28 गेंदो में अपना पहला अर्धशतक पूरा किया।यादव ने आउट होने से पहले 31 गेंदो में 57 रन बनाए जिसमें छह चौके और तीन छक्के शामिल थे। हालांकि उनका आउट होना भी काफी विवादास्पद रहा।

साल 2022 के सर्वश्रेष्ठ T20I खिलाड़ी बने टीम इंडिया के मिस्टर 360 डिग्री

सूर्यकुमार ने 2022 में अपनी अतरंगी बल्लेबाजी से सभी को मंत्रमुग्ध किया और खेल के सबसे छोटे प्रारूप में कई कीर्तिमान रचे। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक कैलेंडर वर्ष में 1000 से अधिक रन बनाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गये। उन्होंने यह उपलब्धि 187.43 के विस्फोटक स्ट्राइक-रेट से 1164 रन बनाकर हासिल की।

डेविड मिलर का वह करिश्माई कैच जिसने खत्म किया ICC खिताब का सूखा

T20I World Cup Final के आखिरी ओवर में दक्षिण अफ्रीका को 16 रनों की जरूरत की लेकिन पंड्या की पहली गेंद पर सूर्यकुमार यादव ने लांग ऑफ बाउंड्री के पास मिलर का शानदार कैच लपक कर मैच पर भारत का नियंत्रण बना दिया।


T20I WC 2024 की जीत के बाद मिली कप्तानी

मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) पर तरजीह देकर सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) को T20I टीम की कप्तान बनाने का फैसला किया। 2024 का श्रीलंका दौरा बतौर T20I टीम कप्तान उनकी पहली सीरीज रही।

Suryakumar Yadav

2 साल के अंतराल में बतौर कप्तान एक भी सीरीज नहीं हारे सूर्या, विश्वप भी जीते

बतौर कप्तान वह अब तक एक भी सीरीज नहीं हारे चाहे द्विपक्षीय हो, एशिया कप हो या टी-20 विश्वकप। यह 100 प्रतिशत रिकॉर्ड ही उनके पक्ष में बोलने के लिए काफी है।सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा माना जा रहा है।

लगातार खराब बल्लेबाजी के कारण हुए से बाहर

कप्तान बनने के बाद से सूर्या ने 45 टी20 मुकाबलों में सिर्फ 932 रन बनाए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उन्होंने 9 पारियों में 242 रन बनाए, लेकिन इनमें से 84 रन केवल अमेरिका के खिलाफ आए थे। बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला दमदार असर नहीं छोड़ सका।मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे सूर्यकुमार यादव का आईपीएल 2026 सीजन भी अब तक काफी निराशाजनक रहा है।  सूर्यकुमार ने  12 पारियों में सिर्फ़ 18 की औसत से 2 अर्धशतक के साथ 270 रन बनाए हैं।

न्यूजीलैंड दौरे के लिए तैयार किए जाएंगे आकिब नबी, सरे के लिए खेलेंगें काउंटी

रणजी ट्रॉफी में चमक बिखेरने के बाद भारतीय टेस्ट टीम दल में शामिल होने वाले आकिब नबी को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड काउंटी का अनुभव देना चाहती है ताकि न्यूजीलैंड श्रृंखला में भारत के पास तेज गेंदबाजी विकल्प रहें। गौरतलब है कि जसप्रीत बुमराह के फिटनेस पर संदेह के बादल हैं और मोहम्मद सिराज की गेंद की गति धीमी होती जा रही है।ऐसे में टीम को एक विश्वसनीय नाम चाहिए जो कि न्यूजीलैंड में विकेट निकाले।

इसी सिलसिले में जम्मू-कश्मीर के प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज आकिब नबी भारत के अक्टूबर में होने वाले न्यूजीलैंड दौरे को ध्यान में रखते हुए काउंटी चैंपियनशिप डिवीजन एक में सरे के लिए तीन मैच खेलने के लिए ब्रिटेन रवाना हुए।    नबी को हाल में श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट की श्रृंखला के लिए चोटिल जसप्रीत बुमराह के स्थान पर भारतीय टीम में शामिल किया गया था लेकिन उन्हें पदार्पण का मौका नहीं मिला।

गोपनियता की शर्त पर शीर्ष भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के एक सूत्र ने बताया, ‘‘नबी दुबई से ब्रिटेन के लिए रवाना हो गए हैं और बुधवार को यॉर्कशर के खिलाफ होने वाले मैच में खेलने को लेकर बेताब हैं।’’

रणजी ट्रॉफी के पिछले सत्र में सर्वाधिक विकेट लेने वाले नबी के समय पर लौटने की भी उम्मीद है जिससे कि वह पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ भारत के चार दिवसीय अनौपचारिक टेस्ट मैच में हिस्सा ले सकें। यह श्रृंखला 22 सितंबर से शुरू होगी।जम्मू-कश्मीर ने पिछले सत्र में पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था।

इससे पहले खबर आई थी कि सरे को स्विंग गेंदबाज की तलाश थी और नबी को कुछ मैच में क्लब की ओर से खिलाने को लेकर बातचीत चल रही थी।यॉर्कशर के खिलाफ दो से पांच सितंबर तक होने वाले मुकाबले के बाद सरे को आठ से 11 सितंबर तक ससेक्स और 15 से 18 सितंबर तक ग्लेमोर्गन का सामना करना है।

आकिब बने थे रणजी के मैन ऑफ द मैच

अबूधाबी में हुए IPL नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स से 8.40 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम मिली। हालांकि सफेद गेंद से उनका प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा लेकिन वह लाल गेंद के सिद्धहस्त गेंदबाज माने जाते हैं।

नबी ने पिछले दो रणजी ट्रॉफी सत्र में कुल 104 विकेट लिए थे, जिनमें 2025-26 सत्र में लिए गए 60 विकेट भी शामिल हैं। उन्होंने जम्मू कश्मीर को पहली बार रणजी ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। वह बल्लेबाजी में भी उपयोगी योगदान देने में सक्षम हैं।

Dhoni: धोनी ने मांगी थी CSK में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी? सीईओ ने तोड़ी चुप्पी

MS dhoni: भारत के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पिछले कुछ समय से नों काफी चर्चा में हैं। ऐसी खबरे थी धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स में महेंद्र सिंह धोनी की हिस्सेदारी की मांग की थी। दावा किया गया था कि धोनी ने सीएसके में 25 प्रतिशत की हिस्सेदारी (स्टेक) की मांग की थी, लेकिन कंपनी 5.5 प्रतिशत ही स्टेक ऑफर किया था, जिसे धोनी ने मना कर दिया। CSK मैनेजमेंट और धोनी के बीच बात नहीं बन पाई। वहीं अब इन खबरों पर फ्रेंचाइजी के CEO काशी विश्वनाथन ने अपना रिएक्शन दिया है।

CEO ने क्या कहा

CSK के CEO काशी विश्वनाथन ने धोनी के टीम में हिस्सेदारी लेने वाली खबरों को खारिज कर दिया। साथ ही, उन्होंने IPL के अगले सीजन को लेकर भी धोनी के CSK के साथ जुड़े रहने पर जानकारी दी है। बता दें धोनी के CSK में हिस्सेदारी लेने की खबरों के बाद फ्रेंचाइजी और उनके बीच रिश्तों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। लेकिन, इन खबरों की कोई पक्की पुष्टि नहीं हुई थी। इसके बावजूद सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में धोनी और CSK के बीच मतभेद होने की अटकलें लगाई जाने लगी थीं।

क्या थी अफवाह

क्रिकब्लॉगर की पहले की रिपोर्ट के मुताबिक, धोनी ने शुरुआत में CSK में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की थी, जिसे बाद में घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इसके जवाब में CSK ने उन्हें 5.5 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की पेशकश की थी।

विश्वनाथन ने इन दावों को किया खारिज

CSK के CEO काशी विश्वनाथन ने PTI से बातचीत में इन सभी दावों को खारिज कर दिया और खबरों को “पूरी तरह से बेबुनियाद” बताया। उन्होंने IPL 2027 में धोनी के खिलाड़ी के तौर पर भविष्य को लेकर भी बात की। विश्वनाथन ने कहा, “धोनी ने अभी तक यह नहीं कहा है कि वह नहीं खेलेंगे। इसलिए हमें इंतजार करना चाहिए।” उन्होंने हिस्सेदारी से जुड़ी खबरों को भी “प्लांटेड स्टोरी” बताया।

नए कोच की तलाश में सीएसके

सूत्रों के मुताबिक, IPL 2027 से पहले CSK की टीम को लेकर एमएस धोनी की भूमिका अहम हो सकती है। टीम के नए हेड कोच के चयन से लेकर खिलाड़ियों की टीम तैयार करने तक धोनी की राय को महत्व दिया जा सकता है। स्टीफन फ्लेमिंग के जाने के बाद फ्रेंचाइजी अब नए कोच की तलाश में है। फ्लेमिंग ने इंग्लैंड टेस्ट टीम की जिम्मेदारी संभालने के लिए CSK का साथ छोड़ा था।

धोनी 2008 में IPL शुरू होने के बाद से ही सीएसके के साथ जुड़े हैं। CSK ने IPL 2025 से पहले धोनी को 4 करोड़ रुपये में टीम में रिटेन किया था। धोनी ने अपनी कप्तानी में टीम को 5 ट्रॉफी जीता चुके हैं। वहीं चोट के चलते वह IPL 2026 में CSK की ओर से एक भी मैच नहीं खेल पाए थे।

Impact Player को हटाने के पक्ष में भारतीय क्रिकेट बोर्ड, मांगे फ्रैंचाइजी के सुझाव

इंडियन प्रीमियर लीग में 3 साल पहले आए इम्पैक्ट प्लेयर नियम की चौतरफा आलोचना के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने आखिरकार फ्रैंचाइजी से इसके बारे में अपना अंतिम विचार जानने के लिए सोमवार 31 अगस्त तक की समय सीमा निर्धारित की है। अगर ज्यादातर फ्रैंचाइजी इसके खिलाफ होंगी तो यह नियम अगले सत्र के लिए बरकरार नहीं रहेगा।

3 साल पहले में लाया गया था यह नियम

 भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग को रोमांचक बनाने के लिये पहली बार यह नियम पेश किया था।यह नियम टीमों को एक मैच में स्थिति के आधार पर एक और गेंदबाज या बल्लेबाज को मैदान पर उतारने की अनुमति देता था। नियम का उद्देश्य खेल में एक रणनीतिक आयाम जोड़ना था जिससे टीमें मैच की स्थिति के आधार पर सामरिक परिवर्तन कर सकें।

इस तरह के किसी भी विकल्प को हालांकि पारी के 14वें ओवर से पहले किया जाता था। इसके तहत टीम में ‘इंपैक्ट प्लेयर’ के तौर पर शामिल होने वाला खिलाड़ी अपने कोटे की पूरी गेंदबाजी या नए बल्लेबाज की तरह बल्लेबाजी कर सकता था।

इसके अतिरिक्त, यदि शुरुआती एकादश में पहले से ही चार विदेशी खिलाड़ी शामिल थे, तो इम्पैक्ट प्लेयर विदेशी नहीं हो सकता था। यदि शुरुआती एकादश में चार से कम विदेशी खिलाड़ी शामिल थे, तो एक गैर-भारतीय इम्पैक्ट प्लेयर को पेश किया जा सकता था।

टूर्नामेंट की समिति ‘इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूशन’ (इम्पैक्ट खिलाड़ी के स्थानापन्न) की घोषणा हुई थी जिसमें एक नये खिलाड़ी को मैच के दौरान पांच निर्धारित स्थानापन्न खिलाड़ियों से बदला जा सकता था।

सचिन समेत कई दिग्गजों ने की थी इस नियम की आलोचना

इंडियन प्रीमियर लीग में जान फूंकने के लिए दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। सचिन तेंदुलकर ने इंडियन प्रीमियर लीग IPL में बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बनाने के लिए विवादास्पद इम्पैक्ट प्लेयर नियम को खत्म करने की वकालत की और साथ ही कुछ अन्य बदलाव करने के लिए भी सुझाव दिए।

तेंदुलकर ने एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह में कहा, ‘‘मेरी निजी राय है कि कुछ ऐसी बातें हैं जिनसे मुझे लगता है कि ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ का नियम खत्म कर देना चाहिए।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि टी20 प्रारूप में आपको केवल 20 ओवर खेलने होते हैं। फिर आप उस लाइन-अप में एक और बल्लेबाज जोड़ देते हैं। जहां गेंदबाजों को पहले से ही चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

कप्तान रोहित शर्मा से सहमति जताते हुए स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने इंपैक्ट खिलाड़ी के नियम की आलोचना करते हुए कहा कि इससे खेल का संतुलन बिगड़ रहा है।आईपीएल के पिछले सत्र से पारी के बीच में स्थानापन्न खिलाड़ी को उतारने का नियम शुरू हुआ है जिस पर रोहित ने भी नाराजगी जताई थी।

कोहली ने कहा ,‘‘ मैं रोहित का समर्थन करता हूं। मनोरंजन खेल का एक पहलू है लेकिन संतुलन भी होना चाहिये। इससे खेल का संतुलन बिगड़ा है और कई लोगों को ऐसा लगता है , सिर्फ मुझे नहीं।’’

रोहित ने पॉडकास्ट में कहा ,‘‘ मैं इस नियम का मुरीद नहीं हूं। इससे हरफनमौलाओं पर विपरीत असर पड़ेगा। क्रिकेट 11 खिलाड़ियों का खेल है, 12 का नहीं।’’आईपीएल के इस सत्र में आठ बार 250 रन से अधिक का स्कोर बना और कोहली गेंदबाजों का दर्द समझते हैं।

Video: दलीप ट्रॉफी डेब्यू पर फ्लॉप रहे वैभव सूर्यवंशी, ईस्ट जोन के वाइस-कैप्टन 8 रन पर लौटे पवेलियन

Vaibhav Sooryavanshi: महज 15 साल की उम्र में क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी के लिए रेड बॉल क्रिकेट की शुरुआत अच्छी नहीं रही। दलीप ट्रॉफी 2026 में ईस्ट जोन के वाइस-कैप्टन वैभव सूर्यवंशी दिलीप ट्रॉफी के अपने पहले मैच में बड़ी पारी नहीं खेल सके। रविवार को बेंगलुरु में नॉर्थ-ईस्ट जोन के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ पारी की शुरुआत की। लेकिन वह ज्यादा देर तक मैदान पर टिक नहीं पाए। वैभव सिर्फ 6 गेंदों पर 8 रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने शुरुआत में दो चौके लगाए, लेकिन 8 रन के स्कोर पर आउट होकर वापस लौट गए।

कैसी थी वैभव की पारी

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने आउट होने से पहले कुछ अच्छे शॉट लगाए, लेकिन उनकी पारी ज्यादा देर नहीं चल सकी। पेसर बिश्वोर्जित कोंथौजम ने उन्हें आउट किया। वैभव ने शुरुआत में कुछ गेंदों को संभलकर खेला और फिर एक अच्छी लेंथ की गेंद पर डीप मिड-विकेट की ओर चौका लगाया। लेकिन, दूसरे ओवर में ही उनकी पारी खत्म हो गई। कोंथौजम की ऑफ स्टंप गेंद पर वैभव सूर्यवंशी ने एक्स्ट्रा कवर की दिशा में अच्छा शॉट खेला। इसके बाद गेंदबाज ने अपनी रणनीति बदली और ओवर की आखिरी गेंद थोड़ी छोटी और बाहर की ओर रखी। वैभव ने गेंद को पॉइंट की तरफ खेलने की कोशिश की, लेकिन उनका शॉट सही नहीं लगा और गली में कैच हो गया। इस तरह उनकी पारी 8 रन पर खत्म हो गई।

 

वैभव आईपीएल से चर्चा में

वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी की शुरुआत से ही तेज बल्लेबाजी करने की कोशिश की और बाउंड्री लगाने का मौका तलाशते रहे। लेकिन, नॉर्थ ईस्ट जोन के गेंदबाजों को पिच से मदद मिल रही थी और गेंद दोनों तरफ घूम रही थी। ऐसे में वैभव का आक्रामक अंदाज इस बार उनके लिए भारी पड़ गया। ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन की टीम में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी भी शामिल हैं। वैभव सूर्यवंशी IPL में अपने शानदार प्रदर्शन और भारत के लिए T20I डेब्यू के बाद लगातार चर्चा में रहे हैं। इस युवा बल्लेबाज ने कई बार बताया है कि वह रेड-बॉल क्रिकेट खेलना चाहते हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बनना है और इसके लिए वह लंबे फॉर्मेट में खुद को साबित करना चाहते हैं।

Rahul Dravid ने वैभव सूर्यवंशी को दी बड़ी सलाह, बोले- जल्दबाजी न करें

भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। आईपीएल में बेहरतरीन प्रदर्शन के बाद उनको भारत के टी20 टीम में शामिल किया गया। वहीं हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के खेल को लेकर अपनी राय दी है। उन्होंने कहा कि वैभव का घरेलू क्रिकेट में सफेद और लाल गेंद दोनों फॉर्मेट में खेलना अच्छी बात है। द्रविड़ ने कहा कि, इतनी कम उम्र में मिले इस मौके का सही इस्तेमाल करने के लिए वैभव को अपने करियर में बैलेंस बनाए रखना चाहिए। इससे उसे लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिल सकती है।

दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन वैभव

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने IPL में शानदार प्रदर्शन के बाद जून में इंग्लैंड के खिलाफ T20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। अब वह दिलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए खेलेंगे और रेड-बॉल क्रिकेट में अपना हुनर दिखाएंगे। हालांकि, रणजी ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। उन्होंने तीन मैचों की 12 पारियों में 17.25 की औसत से रन बनाए। अंडर-19 टीम की जिम्मेदारियों के कारण वह घरेलू क्रिकेट में लगातार नहीं खेल पाए थे।

वैभव को दी ये सलाह

क्रिकइन्फो से बातचीत में राहुल द्रविड़ ने कहा, “मुझे लगता है कि करियर में हमेशा संतुलन बनाए रखना जरूरी है। यह अच्छी बात है कि वैभव को IPL के जरिए भारत में व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने का अनुभव मिल रहा है। साथ ही, उसके पास भारतीय घरेलू क्रिकेट में लौटकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने और अपने इस करियर को आगे बढ़ाने का भी पूरा समय है।” उन्होंने आगे कहा, “हम सभी चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट मजबूत रहे और आगे बढ़ता रहे। इसके लिए वैभव जैसे खिलाड़ियों की जरूरत है, जो उम्मीद है कि आने वाले समय में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में खेल सकें।”

ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका मिलना चाहिए

राहुल द्रविड़ ने IPL 2025 में राजस्थान रॉयल्स के साथ वैभव सूर्यवंशी के साथ काम किया था। द्रविड़ का माना कि, रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार खेलने से वैभव का अनुभव और खेल बेहतर होगा। द्रविड़ ने कहा, “अच्छी बात यह है कि वैभव के पास अभी काफी समय है और उसे अनुभव हासिल करने के लिए ज्यादा रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा। उसने अब तक व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तुलना में रेड-बॉल क्रिकेट कम खेला है। वह अभी सिर्फ 15 साल का है, इसलिए उसे समय देने और धैर्य रखने की जरूरत है। उसने शुरुआत में ही काफी सफलता हासिल की है, लेकिन करियर में उतार-चढ़ाव आना सामान्य है। ऐसे में लोगों को उसके साथ धैर्य रखना चाहिए।”