Ajinkya Rahane Retirement: अजिंक्य रहाणे ने भावुक संदेश के साथ किया संन्यास का ऐलान! भारतीय क्रिकेट का एक और सुनहरा अध्याय खत्म

Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय क्रिकेट टीम के भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे अजिंक्य रहाणे ने अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर को अलविदा कह दिया है। उन्होंने एक वीडियो शेयर कर अपने फैंस को संन्यास की जानकारी दी, जिसके बाद रहाणे काफी भावुक हो गए। बता दें कि वह अब इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी नहीं खलेंगे।

रहाण ने इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में कहा, “जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की शुरुआत होती है और हर चीज का अंत भी। जब सही समय आता है, तो आपको बस उसे स्वीकार करना होता है और आगे बढ़ना होता है। मैंने अपनी बैटिंग में हमेशा टाइमिंग पर भरोसा किया है और इसके महत्व को समझा है। आज मुझे लगता है कि आगे बढ़ने और इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट की घोषणा करने का सही समय आ गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “डोंबिवली से प्रैक्टिस के लिए आने-जाने वाले उन शुरुआती दिनों से लेकर अब तक, मैंने इस खेल को अपना सब कुछ दिया है। हर दिन, हर पारी, बैटिंग का हर मौका—सब कुछ। सपना हमेशा इंडिया की कैप पहनने का था। मैंने हमेशा एक ही नियम माना: अपने देश और अपनी टीम को हमेशा खुद से ऊपर रखा। मैंने पूरी ईमानदारी से यह खेल खेला है और मेरा हमेशा से यह मानना ​​रहा है कि अगर आपकी नीयत साफ है, तो खेल हमेशा आपका ख्याल रखेगा। जब से मैंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर के तौर पर डेब्यू किया, तब से इंडियन क्रिकेट ने बहुत तरक्की की है और मुझे गर्व है कि पिछले 20 सालों में मैं इसका हिस्सा रहा हूं।”

मिडिल-ऑर्डर बल्लेबाज रहाणे ने अपने टेस्ट करियर में 38.46 की औसत से कुल 5077 रन बनाए हैं। उनके नाम 12 शतक और 26 अर्धशतक दर्ज हैं।

वनडे क्रिकेट में भी रहाणे ने भारत के लिए अहम योगदान दिया। उन्होंने 90 वनडे मैचों में 2962 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 24 अर्धशतक शामिल हैं।

इसके अलावा, रहाणे ने भारत के लिए 20 टी20 इंटरनेशनल मैच भी खेले। इस फॉर्मेट में उन्होंने 375 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक शामिल है।

रहाणे ने रिटायरमेंट के बाद के प्लान बताए

मुंबई के दिग्गज खिलाड़ी का कहना है कि भले ही उनका इंटरनेशनल करियर खत्म हो गया हो, लेकिन वे खेल से जुड़े रहेंगे और क्रिकेटरों की अगली पीढ़ी को तैयार करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “एक भारतीय क्रिकेटर के तौर पर मेरा सफर भले ही खत्म हो रहा हो, लेकिन इस खेल के साथ मेरा सफर जारी रहेगा। मैं अगली पीढ़ी की मदद करने, इस खेल से सीखी गई सीखों को साझा करने और उस खेल को कुछ वापस देने के लिए उत्सुक हूं जिसने मुझे मुंबई में एक युवा खिलाड़ी के तौर पर शुरुआत करने से लेकर भारत के लिए खेलने तक सब कुछ दिया है। यह मेरे लिए बहुत सम्मान की बात रही है। क्रिकेट खेलने की खुशी, अलग-अलग टीमों का हिस्सा बनने और जीवन भर याद रहने वाली यादें बनाने के सफ़र में कई जीत और हार मिलीं। यही मेरे करियर की सबसे बड़ी संतुष्टि रही है।”

उन्होंने अंतिम में कहा कि “BCCI, MCA, मेरे साथियों, मेरे कोचों, हर IPL फ्रैंचाइजी, राधिका, मेरे पूरे परिवार, मेरे दोस्तों और उन सभी लोगों का शुक्रिया जिन्होंने मेरा साथ दिया। और उन सभी क्रिकेट फैंस का खास शुक्रिया जिन्होंने हर उतार-चढ़ाव में मेरा समर्थन किया। अजिंक्य का मतलब है जिसे हराया न जा सके। लेकिन क्रिकेट ने मुझे कई बार हार का स्वाद चखाया है। क्रिकेटर के तौर पर, हम सफल होने से ज्याद बार असफल होते हैं। मेरी टीम मैच हारी है, मैंने गलतियां की हैं, लेकिन एक जगह ऐसी है जहां मैं कभी नहीं हारा। और वह है आपके दिलों में। आपके प्यार, भरोसे और समर्थन के लिए धन्यवाद। कैप #278 अब विदा ले रहा है।”

अजिंक्य रहाणे का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर

बता दें कि रहाणे ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला 2023 में वेस्टइंडीज दौरे पर खेला था। करीब एक दशक लंबे करियर में उन्होंने भारतीय टीम के लिए कई यादगार पारियां खेलीं और मुश्किल समय में टीम के लिए अहम भूमिका निभाई। 38 साल के रहाणे ने 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था और तब से अब तक भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले।

नेशनल सेलेक्टर की नजर से दूर होने के बावजूद, रहाणे घरेलू क्रिकेट में एक्टिव रहे हैं और 2024-25 सीजन तक मुंबई टीम की कप्तानी भी की है।

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Vaibhav Sooryavanshi: किस गेंदबाज के सामने बैटिंग करने से डरते हैं वैभव सूर्यवंशी? युवा बल्लेबाज ने खुद किया खुलासा

Vaibhav Sooryavanshi: युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी मात्र 15 साल की उम्र में भारत की टी20 टीम में अपनी जगह बना ली है। वहीं हाल ही में हुए जिम्बाब्वे सीरीज में वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन किया है। अपने इसी शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी आईसीसी टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में 230 स्थान की बड़ी छलांग लगाकर 48वां स्थान पर पहुंच गए है। वहीं इससे पहले आईपीएल 2026 में भी वैभव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑरेंज कैप और मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP) का अवॉर्ड भी अपने नाम किया है। हाल ही में युवा बल्लेबाज ने बताया कि आईपीएल में वह किस गेंदबाज के सामने बैटिंग नहीं करना चाहते।

किस गेंदबाज से डरते हैं वैभव?

राजस्थान रॉयल्स के एक इंटरव्यू के दौरान वैभव सूर्यवंशी से पूछा गया कि वह किस गेंदबाज के सामने बल्लेबाजी करने से बचना चाहेंगे। इस सवाल पर युवा बल्लेबाज ने सिर्फ चार शब्दों में ऐसा जवाब दिया, जिसे सुन हर कोई हैरान रह गया। वैभव ने कहा, “अभी कोई नहीं है।” इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि आईपीएल में भी कोई नहीं? तो उन्होंने जवाब दिया, “आईपीएल में? अभी तक ऐसा कोई गेंदबाज सामने नहीं आया है।” वैभव सूर्यवंशी से जब आईपीएल 2026 सीजन का सबसे पसंदीदा मैच पूछा गया तो उन्होंने 10 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खेले गए मुकाबले का नाम लिया।

वैभव ने कहा, “RCB के खिलाफ। पिछले साल हम दोनों मैच हारे थे और उन मुकाबलों में काफी कुछ हुआ था।”

जडेजा ने दिया ये जवाब

राजस्थान रॉयल्स के साथ बातचीत के दौरान भारतीय ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा से भी पूछा गया कि वह किस गेंदबाज के खिलाफ बल्लेबाजी करने से बचना चाहेंगे। इस सवाल के जवाब में जडेजा ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर का नाम लिया। जडेजा आईपीएल 2026 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स छोड़कर राजस्थान रॉयल्स में शामिल हुए थे। जडेजा ने कहा, “जोफ्रा। अच्छा है ये हमारी टीम में है।”

आईपीएल में डेब्यू के बाद से छाए वैभव

आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स के लिए डेब्यू करने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा। कम उम्र में ही उन्होंने जसप्रीत बुमराह, पैट कमिंस, जोफ्रा आर्चर, जोश हेजलवुड और कगिसो रबाडा जैसे दुनिया के दिग्गज तेज गेंदबाजों का आत्मविश्वास के साथ सामना किया और उनके खिलाफ बड़े शॉट भी लगाए। इसी प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे उभरते युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया। इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू के बाद वह अब तक वैभव छह टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। वैभव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मैच में केवल 19 गेंदों में अर्धशतक जड़कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में फिफ्टी बनाने वाले खिलाड़ी बने हैं।

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भारतीय गेंदबाजी कोच खतरों के खिलाड़ी में कंटेस्टेंट पर दागेंगे बाउंसर (Video)

भारतीय गेंदबाजी कोच और पूर्व दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल अपनी तेज गेंदों के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि भारत के युवा तेज गेंदबाजों को जैसे कि गुरुनूर बरार और मयंक यादव जो 150 किमी प्रति घंटे की गति के करीब लगातार गेंदबाजी करते हैं वह टीम इंडिया का हिस्सा बन पाए।

हालांकि भारतीय गेंदबाजी कोच में संन्यास के कई सालों बाद भी 150 किमी प्रति घंटे की गति की गेंद फेंकने की क्षमता है यह दिखा रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी में जिसमें वह कंटेस्टेंट पर तेज गेंद फेंक रहे हैं और कंटेस्टेंट लगभग एक हॉकी के गोलकीपर की तरह सुसज्जित हैं। यह देखना होगा कि अपनी तेज गेंदबाजी से कई बल्लेबाजों को परेशान करने वाले मोर्ने मोर्कल किस किस कंटेस्टेंट को परेशान कर पाते हैं।

मोर्कल ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 86 टेस्ट, 117 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय और 44 टी20 अंतरराष्ट्रीय खेले हैं जिसमें उन्होंने कुल 544 अंतरराष्ट्रीय विकेट चटकाए।डेल स्टेन के साथ मिलकर घातक तेज गेंदबाजी जोड़ी बनाने वाले मोर्कल ने भारत में भी काफी क्रिकेट खेला है और उन्हें यहां की परिस्थितियों की अच्छी जानकारी है।

साथ ही IPL टीमों का हिस्सा होने से उन्हें भारत की अगली तेज गेंदबाजी पीढ़ी के बारे में भी अच्छी जानकारी है जिसमें मयंक यादव, आवेश खान और यश ठाकुर जैसे गेंदबाज शामिल हैं।मोर्कल ने पिछले एकदिवसीय विश्व कप 2023 के अंत तक पाकिस्तान टीम के साथ काम किया था लेकिन अपना अनुबंध समाप्त होने से पहले ही पद छोड़ दिया था।

टीम से बाहर बैठे कुलदीप अब इंग्लैंड काउंटी की इस टीम से जुड़े

भारतीय एकदिवसीय टीम की अंतिम ग्यारह से बाहर बैठे चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव अभी भी इंग्लैंड में है और जल्द ही काउंटी क्रिकेट में यॉर्कशायर की ओर से शिरकत करते हुए नजर आएंगे। हाल ही में वह भारत के इंग्लैंड दौरे पर एकदिवसीय टीम का हिस्सा थे लेकिन उनको तीन एकदिवसीय मैचों में से 1 में भी अंतिम ग्यारह का हिस्सा नहीं बनाया गया था। नतीजा यह हुआ कि भारत को 3 मैचों की सीरीज1-2 से गंवानी पड़ी उनको मैदान पर ना उतारने पर कई फैंस खफा थे।

कुलदीप को काउंटी में दो बार खेलना होगा।  वह पहले एकदिवसीय प्रारुप खेलेंगे। वह संभवत भारत के श्रीलंका दौरे दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा होंगे। इसके बाद सितंबर में उनको फिर इस टूर्नामेंट का हिस्सा बनना पड़ेगा।अब तक कुलदीप तीन बार इंग्लैंड का दौरा कर चुके हैं, लेकिन वहां उन्होंने केवल एक ही टेस्ट मैच खेला है। 2018 में उन्हें लॉर्ड्स टेस्ट में खेलने का मौक़ा मिला था, जहां उन्होंने सिर्फ़ नौ ओवर की गेंदबाजी की थी।

कुलदीप ने एक बयान में कहा, “मुझे हमेशा इंग्लैंड की परिस्थितियों में खेलने की चुनौती पसंद रही है। टीम प्रबंधन से बातचीत के बाद मैं यॉर्कशायर से जुड़ने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। मैं हेडिंग्ली में टीम के लिए सकारात्मक योगदान देने का इंतज़ार कर रहा हूं।”

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काउंटी  में खेलने वाले दूसरे सक्रिय भारतीय स्पिनर

इस सीजन काउंटी चैंपियनशिप में खेलने वाले कुलदीप दूसरे सक्रिय भारतीय स्पिनर होंगे। बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार फिलहाल वॉरिकशायर की ओर से खेल रहे हैं। शुक्रवार को ग्लैमॉर्गन के खिलाफ पर्दापण करते ही कुलदीप यॉर्कशायर का प्रतिनिधित्व करने वाले पांचवें भारतीय खिलाड़ी बन जाएंगे। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह, चेतेश्वर पुजारा और मयंक अग्रवाल इस क्लब के लिए खेल चुके हैं। ऋतुराज गायकवाड़ ने 2025 में यॉर्कशायर से अनुबंध किया था, लेकिन बाद में व्यक्तिगत कारणों से उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया था।


‘टैलेंट में विराट के बराबर हैं राहुल, लेकिन…’ वसीम जाफर ने बताया दोनों के बीच सबसे बड़ा फर्क

भारत के पूर्व बल्लेबाज वसीम जाफर लंबे समय तक आईपीएल में पंजाब किंग्स के साथ जुड़े रहे। टीम के मेंटर रहते हुए उन्होंने केएल राहुल और क्रिस गेल जैसे स्टार खिलाड़ियों के साथ काम किया। इस दौरान उन्हें इन खिलाड़ियों के खेल और उनकी बल्लेबाजी को करीब से देखने का मौका मिला। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर ने हाल ही में एक कार्यक्रम में केएल राहुल के साथ काम करने का अपना अनुभव शेयर किया है। उन्होंने कहा कि राहुल के पास बेहतरीन तकनीक और शानदार बल्लेबाजी क्षमता है। जाफर ने कहा केएल राहुल बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं और तीनों फॉर्मेट में खुद को साबित कर चुके हैं।

क्या है दोनों के बीच फर्क

जाफर के अनुसार, राहुल अपनी क्षमता के हिसाब से अभी उतने रन नहीं बना पाए हैं, जितने उनसे उम्मीद की जाती है। जाफर ने कहा कि राहुल के पास विराट कोहली जैसी बल्लेबाजी करने की काबिलियत है, लेकिन दोनों के बीच सबसे बड़ा फर्क उनकी सोच और बड़े मौके पर लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की मानसिकता का है।

राहुल को लेकर क्या कहा

जाफर ने कहा, “केएल राहुल बेहतरीन खिलाड़ी हैं और तीनों फॉर्मेट में शानदार क्रिकेट खेलते हैं। उनकी तकनीक मजबूत है और वह मैदान पर काफी शांत रहते हैं। हालांकि, मुझे लगता है कि उनकी प्रतिभा को देखते हुए वह अभी तक अपनी पूरी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। वह भारत और अपनी आईपीएल टीम, दोनों के लिए इससे भी ज्यादा रन बना सकते हैं। मेरे हिसाब से टैलेंट और क्वालिटी के मामले में वह विराट कोहली के बराबर हैं, लेकिन विराट की मजबूत मानसिकता ही दोनों खिलाड़ियों के बीच सबसे बड़ा अंतर पैदा करती है।”

इंग्लैंड सीरीज में राहुल का प्रदर्शन

केएल राहुल ने साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। इसके बाद उन्होंने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों फॉर्मेट में अपनी जगह बनाई। राहुल उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने तीनों फॉर्मेट में टीम की कप्तानी की है और हर फॉर्मेट में शतक भी लगाया है। फिलहाल केएल राहुल टेस्ट टीम में भारत के प्रमुख ओपनर हैं, जबकि वनडे में विकेटकीपर-बल्लेबाज की भूमिका निभा रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खेली गई वनडे सीरीज में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने पहले और तीसरे मुकाबले में बल्लेबाजी की, लेकिन सिर्फ 1 और 12 रन ही बना सके।

16 साल बाद भारत लौटेंगे ललित मोदी! IPL FEMA केस में राहत के बाद किया वापसी का ऐलान

IPL के फाउंडर और पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने कहा है कि वे 16 साल बाद भारत लौटने की योजना बना रहे हैं। 2010 में देश छोड़ने के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी। बता दें कि ललित मोदी पिछले एक दशक से ज्यादा समय से विदेश में रह रहे हैं और कई जांचों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में 2009 IPL साउथ अफ्रीका FEMA मामले में ट्रिब्यूनल का फैसला उनके पक्ष में आने के बाद अब वह इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में भारत लौटने का मन बना रहे हैं।

ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि उनकी प्रस्तावित वापसी से पिछले कई वर्षों से उनसे जुड़े कानूनी मामलों और विवादों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो सकती है।

ललित मोदी ने क्या कहा?

फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मोदी ने कहा कि वह नतीजे से खुश हैं और इसे 16 साल लंबी कानूनी लड़ाई का नतीजा बताया।

उन्होंने कहा, “मैं कल आए फैसले से वाकई खुश हूं। यह वाकई मेरे लिए एक शानदार दिन रहा। मैंने 16 साल तक लड़ाई लड़ी है और मीडिया व बाकी सभी लोगों से मैंने जो कुछ भी कहा था, आखिरकार वही सच साबित हुआ है।”

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने हमेशा इंडियन प्रीमियर लीग के हित में काम किया है।

ललित मोदी ने कहा, “मुझे सिर्फ IPL की भलाई की चिंता थी और किसी चीज की नहीं। यह मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है। अब वह अध्याय पीछे छूट चुका है, मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ रहा हूं और भारत लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।”

अपनी वापसी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं शायद इस साल के आखिर में या अगले साल की शुरुआत में वापस आऊंगा। अक्टूबर में मेरी बेटी को बेटा होने वाला है और उम्मीद है कि सब ठीक रहेगा और मैं भारत वापस आ जाऊंगा।”

FEMA मामले में ट्रिब्यूनल से राहत

‘स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (जब्ती संपत्ति) एक्ट’ (SAFEMA) के तहत अपीलेट ट्रिब्यूनल ने ललित मोदी और अन्य अपीलकर्ताओं को बड़ी राहत दी है। ट्रिब्यूनल ने 2009 के IPL साउथ अफ्रीका FEMA मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के ज्यादातर निष्कर्षों और जुर्माने को रद्द कर दिया है।

खबरों के मुताबिक, हालिया फैसले में ट्रिब्यूनल ने कहा कि मामले में ललित मोदी की जिम्मेदारी साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले।

कौन हैं ललित मोदी?

ललित मोदी ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के फाउंडर और पूर्व चेयरमैन रहे हैं। उन्होंने इस टूर्नामेंट को दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीगों में से एक बनाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, उनका कार्यकाल विवादों से भी घिरा रहा। 2013 में, गलत व्यवहार से जुड़े अनुशासनात्मक मामलों के कारण BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था।

बता दें कि उनका नाम IPL की शुरुआती सफलता और इसके कामकाज से जुड़े विवादों, दोनों से जुड़ा रहा है। भ्रष्टाचार, हितों के टकराव और वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों के कारण मोदी को अपने पद से हटना पड़ा। इन आरोपों में फ्रेंचाइजी की बोली और प्रसारण अधिकारों से जुड़े विवाद भी शामिल थे।

बाद में BCCI ने उन्हें बाहर कर दिया और आजीवन किसी भी क्रिकेट प्रशासनिक पद पर रहने से रोक दिया।

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ललित मोदी 16 साल बाद भारत लौटेंगे:ED का जुर्माना रद्द; IPL का पैसा विदेश भेजने का केस; बोले- मैं लीग की भलाई चाहता था

IPL के संस्थापक ललित मोदी 16 साल बाद भारत लौटने की तैयारी में हैं। एक अपीलीय ट्रिब्यूनल ने 16 जुलाई को IPL 2009 के दक्षिण अफ्रीका आयोजन से जुड़े FEMA मामले में फैसला सुनाया था। इसमें
मोदी को राहत देते हुए ED के लगाए गए जुर्माने को रद्द कर दिया था। फैसले के बाद ललित मोदी ने कहा कि अब उनकी भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया है और वह इस साल के आखिर या अगले साल की शुरुआत में भारत लौट सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अक्टूबर में बच्चे को जन्म देने वाली है, जिसके बाद वह भारत आने की योजना बना रहे हैं।
भारत से दक्षिण अफ्रीका पैसे भेजने का मामला था यह मामला 2009 में IPL को भारत से दक्षिण अफ्रीका ले जाने से जुड़ा है। उस समय लोकसभा चुनाव के कारण सुरक्षा कारणों से टूर्नामेंट भारत से दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट किया गया था। इसके आयोजन के लिए BCCI ने दक्षिण अफ्रीका में करीब 243.45 करोड़ रुपए भेजे थे। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया कि यह रकम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्व मंजूरी के बिना विदेश भेजी गई, जिससे विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) का उल्लंघन हुआ। ED ने 2011 में नोटिस जारी किया और 2018 में ललित मोदी समेत BCCI के कुछ पूर्व अधिकारियों पर जुर्माना लगाया था। ट्रिब्यूनल बोली- ललित व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार नहीं अपीलीय ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि दक्षिण अफ्रीका भेजी गई रकम ‘करंट अकाउंट ट्रांजैक्शन’ थी, न कि ‘कैपिटल अकाउंट ट्रांजैक्शन’। इसलिए इसके लिए RBI की पहले से मंजूरी लेना जरूरी नहीं था। ट्रिब्यूनल ने यह भी माना कि ललित मोदी BCCI की ओर से FEMA नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं थे। इसके आधार पर ट्रिब्यूनल ने ED के ज्यादातर निष्कर्ष और ललित मोदी पर लगाया गया जुर्माना रद्द कर दिया।

Vaibhav Sooryavanshi: ड्रॉप होने के बाद पहली बार बोले वैभव सूर्यवंशी, बोले- खुद पर पूरा भरोसा है

भारत और जिम्बाब्वे के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 23 जुलाई को खेला जाएगा। वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के बाद जिम्बाब्वे सीरीज में भी मौका मिला है। वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में डेब्यू का मौका मिला था। तीन मैचों में खेलने के बाद वैभव को एक मैच में ड्रॉप कर दिया गया था। वहीं हाल ही में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपने डेब्यू और इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी मुकाबले में ड्रॉप किए जाने पर चुप्पी तोड़ी है।

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अभी पूरी तरह जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मुकाबले पर ध्यान लगा रहे हैं। शुरुआती चुनौतियों और टीम में अपनी जगह को लेकर उठे सवालों के बावजूद उन्होंने अपना फोकस बनाए रखा है और अब उनका लक्ष्य भारतीय टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है।

हर मैच में देना है 100 प्रतिशत

15 वर्षीय युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि पिछले चार महीने उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे, लेकिन इन एक्सपीरिएंस ने उन्हें मजबूत बनाया। उन्होंने माना कि भारतीय टीम में शुरुआत आसान नहीं रही, फिर भी उनका आत्मविश्वास पहले जैसा कायम है। सूर्यवंशी ने BCCI से कहा, “हां, पिछले चार महीनों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है और ऐसा आगे भी होता रहेगा। मुझे सिर्फ अपनी प्रक्रिया पर भरोसा रखते हुए आगे बढ़ना है और हर मैच में टीम के लिए अपना 100 प्रतिशत देना है।”

वैभव ने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड

आईपीएल 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में चुना गया। आयरलैंड के खिलाफ उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में दूसरे टी20 मैच में उन्होंने इंटरनेशल क्रिकेट में डेब्यू किया। इसी के साथ 15 वर्षीय वैभव भारत के सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन गए और उन्होंने सचिन तेंदुलकर का पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

वैभव ने खेल पाए बड़ी पारी

वैभव को लगातार चार टी20 मैचों में मौका मिला, लेकिन वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए। इसके बाद संजू की वापसी पर उन्हें अंतिम मैच से बाहर कर दिया गया। सूर्यवंशी ने इस कठिन दौर से बाहर निकलने का श्रेय अपने सपोर्ट सिस्टम को दिया। उन्होंने कहा, “मुझे जिस तरह की मदद और मार्गदर्शन की जरूरत होती है, कोच हमेशा उसे उपलब्ध कराते हैं। जिस तरह की प्रैक्टिस चाहिए, वह भी मुझे मिल रही है। मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं और मेरा आत्मविश्वास भी बरकरार है।” अब जिम्बाब्वे दौरे के साथ वह एक बार फिर उस मैदान पर लौट रहे हैं, जो उनके युवा क्रिकेट करियर में खास महत्व रखता है।

इसी मैदान पर खेली थी बड़ी पारी

उन्होंने कहा, “यह मैदान मेरे लिए बहुत खास है। सिर्फ चार महीने पहले हमने यहां अंडर-19 वर्ल्ड कप का फाइनल खेला था और खिताब जीता था। भारत का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता है और यह मेरे लिए बेहद यादगार पल है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं फिर उसी मैदान पर खेलने जा रहा हूं, जहां हमने चार महीने पहले अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा था। इस मैदान पर दोबारा उतरना एक अलग ही एहसास है और मैं इसका पूरा आनंद ले रहा हूं।” उन्होंने कहा, “यहां की पिच और हालात के बारे में मुझे अच्छी जानकारी है, क्योंकि अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान मैं यहां खेल चुका हूं। उस टूर्नामेंट से जो अनुभव मिला, उसे अब आने वाले मैचों में इस्तेमाल करने की कोशिश करूंगा और अच्छा प्रदर्शन करना चाहूंगा।”

प्रैक्टिस पर पूरा भरोसा

उन्होंने आगे कहा, “मैं अपनी प्रैक्टिस और अपने खेल पर पूरा भरोसा रखूंगा। टीम के लिए जितना भी योगदान दे सकूं, वह देने की कोशिश करूंगा। मैंने इस मैदान पर दो मैच खेले हैं और दोनों मेरे लिए अच्छे रहे। अब कोशिश होगी कि उसी प्रदर्शन को आगे भी जारी रखूं।” महज चार महीने पहले वैभव सूर्यवंशी ने भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेली थी, जिसकी बदौलत भारत ने खिताब अपने नाम किया।

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हार से तिलमिलाई इंग्लैंड ने इस पेस ऑलराउंडर को जोड़ा ODI टीम में

पहले एकदिवसीय मैच में भारत से 6 विकेट की एकतरफा हार से इंग्लैंड तिलमिला गई है। ऐसे में इंग्लैंड ने सैम करन गस एटकिंसन के बाद एक और तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर को जगह दी है। T-20I सीरीज और एकदिवसीय सीरीज में आदिल रशीद ने महंगी गेंदबाजी की है। पहले एकदिवसीय मैच में भी स्पिन का हवाला देते हुए भी कप्तान ब्रूक ने उनसे सिर्फ 5 ओवर ही करवाए। ऐसे में माना जा रहा है कि यह तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर कल होने वाले  एकदिवसीय मैच में उनकी जगह खेलेगा।

तेज़ गेंदबाज़ ब्राइडन कार्स को भारत के खिलाफ़ वनडे सीरीज़ के बाकी मैचों के लिए इंग्लैंड की टीम में शामिल किया गया है। 30 साल के कार्स कलाई और कोहनी की चोट के कारण बाहर चल रहे थे, लेकिन हाल ही में डरहम के लिए तीन टी 20 ब्लास्ट मैचों में खेलकर उन्होंने वापसी की। इससे पहले, नेट्स में ट्रेनिंग के दौरान दाहिने हाथ में चोट लगने के कारण कार्स IPL नहीं खेल पाए थे। उनकी चोट के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी गई थी।

कार्स ने इंग्लैंड के लिए आखिरी बार सिडनी में न्यू ईयर एशेज़ टेस्ट के दौरान खेला था। इंग्लैंड के लिए उनका आखिरी वनडे नवंबर 2025 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ था। उन्होंने अब तक 30 वनडे मैच खेले हैं और 40.44 की औसत से 34 विकेट लिए हैं।सीरीज़ के बाकी दो मैच कार्डिफ़ (16 जुलाई) और लॉर्ड्स (19 जुलाई) में खेले जाएंगे।

इंग्लैंड टीम: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ़्रा आर्चर, गस एटकिंसन, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, ब्राइडन कार्स, जेम्स कोल्स, सैम करन, लियाम डॉसन, बेन डकेट, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, जो रूट, जोश टोंग।

FIFA World Cup 2026: अमिताभ बच्चन ने उठाए ‘अनुचित फैसलों’ पर सवाल, वर्ल्ड कप ने बिगाड़ दिया मेरा रूटीन

FIFA World Cup 2026: अमिताभ बच्चन ने उठाए ‘अनुचित फैसलों’ पर सवाल, वर्ल्ड कप ने बिगाड़ दिया मेरा रूटीन

फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब अपने रोमांचक आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है और इसी बीच बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने टूर्नामेंट को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बिग बी ने अपने ब्लॉग में एक लंबी पोस्ट लिखकर फुटबॉल के इस महासंग्राम में हो रहे बड़े बदलावों, चौंकाने वाले नतीजों और कुछ फैसलों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कुछ फैसले ऐसे रहे जिन्हें देखकर हैरानी हुई, लेकिन खेल की यही खूबसूरती है कि परिस्थितियां बदलती रहती हैं और मुकाबला आगे बढ़ता रहता है।

 

बिग बी बोले- वर्ल्ड कप ने बिगाड़ दिया मेरा रूटीन

अमिताभ बच्चन ने हल्के अंदाज में अपनी बात शुरू करते हुए लिखा कि फीफा वर्ल्ड कप की टाइमिंग ने उनकी दिनचर्या को पूरी तरह बदल दिया है। देर रात होने वाले मुकाबलों के कारण उनका समय का हिसाब बिगड़ गया है।

 

उन्होंने लिखा कि मैच देखते हुए कभी खुशी मिलती है, कभी निराशा होती है और कई बार ऐसे फैसले देखने को मिलते हैं जिन्हें लेकर सवाल उठते हैं। उन्होंने खास तौर पर उन फैसलों का जिक्र किया जिन्हें उन्होंने एक टीम के पक्ष में और दूसरी के खिलाफ अनुचित महसूस किया।

 

बड़े फुटबॉल देशों की हार और नए सितारों का उदय

अमिताभ बच्चन ने कहा कि इस बार वर्ल्ड कप में कई मशहूर फुटबॉल देशों को हार का सामना करना पड़ा, जो काफी चौंकाने वाला है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि जिन टीमों से ज्यादा उम्मीद नहीं थी, उन्होंने शानदार प्रदर्शन कर अपनी पहचान बनाई।

 

बिग बी के मुताबिक, यही खेल की सबसे बड़ी खासियत है कि नए खिलाड़ी और नई टीमें अचानक दुनिया के सामने अपनी ताकत दिखा देती हैं।

 

IPL से जोड़कर समझाया टीम भावना का महत्व

अमिताभ बच्चन ने फुटबॉल और भारतीय क्रिकेट लीग आईपीएल के बीच एक समानता भी बताई। उन्होंने कहा कि आईपीएल में खिलाड़ी अलग-अलग फ्रेंचाइजी टीमों के लिए खेलते हैं और एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करते हैं, लेकिन जब वे राष्ट्रीय टीम के लिए मैदान में उतरते हैं तो सभी एक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलना एक अलग तरह के चरित्र और जिम्मेदारी की मांग करता है।

 

17-18 साल के युवा खिलाड़ियों ने बदली तस्वीर

बिग बी ने फीफा वर्ल्ड कप में उभरती युवा प्रतिभाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हर वर्ल्ड कप नई प्रतिभाओं और नई रणनीतियों को सामने लाता है।

 

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 17 और 18 साल के खिलाड़ी भी अब पूरी दुनिया के सामने अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और खेल की दिशा बदल रहे हैं।

 

समय के साथ बदलती दुनिया पर भी की बात

अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में बदलते समय और पीढ़ियों के बदलाव पर भी विचार रखे। उन्होंने कहा कि दुनिया लगातार बदल रही है और ऐसी कई चीजें सामने आ रही हैं जिनकी पहले कल्पना भी नहीं की गई थी।

 

उनके मुताबिक, तेजी से हो रहे बदलाव नई पीढ़ी के लिए अवसर लेकर आते हैं। युवा इन बदलावों का फायदा उठाते हैं, जबकि पुरानी पीढ़ी इन्हें देखकर हैरान होती है कि ये सब उनके समय में क्यों नहीं हुआ।

 

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नई पीढ़ी इन बदलावों की गवाह बनेगी और यही संतोष की बात है।

 

फीफा वर्ल्ड कप 2026 सेमीफाइनल में पहुंचा रोमांच

कई रोमांचक और कांटे के मुकाबलों के बाद फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब सेमीफाइनल चरण में पहुंच चुका है। खिताब की दौड़ में फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड और अर्जेंटीना जैसी बड़ी टीमें आमने-सामने हैं।

 

अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि कौन सी टीम फाइनल में जगह बनाकर विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम करने के करीब पहुंचती है।