‘आंध्र के प्यारे बेटे’, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने की अनंत अंबानी की तारीफ, कही ये बात

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी की जमकर तारीफ की। उन्होंने अनंत को प्यार से “आंध्र का प्यारा बेटा” कहा। ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की नींव रखे जाने के बाद आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायडू ने ये बातें कहीं। कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि राज्य में खेती और बागवानी के क्षेत्र में इस तरह की पहल से नई संभावनाएं बनेंगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अनंत अंबानी मौजूद रहे।

ग्लोबल हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की नींव के बाद सीएम नायडू ने इसे आंध्र प्रदेश के लिए गर्व का पल बताया। वहीं, अनंत अंबानी ने भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने पर खुशी जताई और आंध्र प्रदेश में इसके लिए नींव रखे जाने को अपने लिए खास अनुभव बताया।

हर संभव मदद करेगा रिलायंस-अनंत

अनंत अंबानी ने प्रोजेक्ट पर भरोसा जताने और रिलायंस के साथ मिलकर काम करने के लिए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि, रिलायंस इंडस्ट्रीज इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर को पूरा सपोर्ट देगी। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान को आगे बढ़ाने के लिए अगर किसी और मदद की जरूरत होगी, तो कंपनी उसके लिए भी तैयार है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जरूरी मदद के बारे में उन्हें गाइड करने के लिए कहा।

पीएम मोदी की तारीफ की

अनंत अंबानी ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लीडरशिप में आंध्र भूमि एक “स्वर्ण भूमि” में बदल रही है। उन्होंने कहा, देश के अलग-अलग हिस्सों में बदलाव देखने को मिल रहे हैं और विकास के भी नए काम हो रहे हैं। अनंत ने लोगों से अपील की कि वे देश को आगे बढ़ाने और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पूरा करने में अपनी भूमिका निभाएं।

1 लाख करोड़ रुपए की किया निवेश

रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने आंध्र प्रदेश में कंपनी की बड़ी निवेश योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि, रिलायंस राज्य में करीब 1 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की तैयारी कर रही है। इस निवेश से कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट लगाए जाएंगे और 3 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। अनंत के मुताबिक, इस पहल से आंध्र प्रदेश को करीब 60 हजार करोड़ रुपये का राजस्व भी मिल सकता है।

मदनपल्ले में रायलसीमा हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के शिलान्यास कार्यक्रम में अनंत अंबानी ने कहा कि रिलायंस इस नए संस्थान को आगे बढ़ाने के लिए सरकार और किसानों के साथ मिलकर काम करेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी संस्थान को जरूरी सहयोग देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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पीएम मोदी के मंत्रियों का चिंतन शिविर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 23 सितंबर को अपने मंत्रियों के साथ चिंतन शिविर में हिस्सा लिया। दो दिन के इस चिंतन शिविर के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मंत्रियों से उनके विभागों के कामकाज के बारे में बात की। बताया जा रहा है कि अलग अलग समूह में मंत्रियों की प्रधानमंत्री से मुलाकात हुई। यह भी बताया गया है कि हर मंत्री के विभाग का प्रेजेंटेशन प्रधानमंत्री के सामने हुआ। जानकार सूत्रों का कहना है कि मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के आधार पर मंत्रिमंडल में फेरबदल का फैसला होगा।

चिंतन शिविर के दूसरे दिन यानी गुरुवार को मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा होगी। समीक्षा में मंत्रियों को ग्रेडिंग दी जाएगी। बताया जा रहा है कि मंत्रियों के कामकाज के लिए चार श्रेणियां बनाई गई हैं। शानदार, अच्छा, औसत और खराब श्रेणियों में उनके काम को बांटा जाएगा। शानदार से लेकर अच्छा काम करने वाले मंत्री अपने को सुरक्षित मान सकते हैं। औसत और खराब श्रेणी जिनको मिलेगी उनकी सरकार से छुट्टी हो सकती है। यह रिपोर्ट कार्ड मंत्रियों के लिए बहुत अहम साबित होने वाली है। चिंतन शिविर प्रधानमंत्री कार्यालय यानी सेवा तीर्थ में है।

केंद्रीय मंत्रिपरिषद के इस चिंतन शिविर की थीम ‘विकसित भारत 2047’ है। गौरतलब है कि अपनी दूसरी सरकार में 2021 में पूरी केंद्रीय मंत्रिपरिषद के साथ पांच चिंतन शिविर किए थे। अभी जो चिंतन शिविर हो रहा है उसमें युवाओं व छात्रों के आंदोलन से लेकर आर्थिक विकास, महंगाई, यूसीसी, महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे तमाम समकालीन राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

Chintan Shivir: पीएम मोदी आज से शुरू करेंगे केंद्रीय मंत्रियों का ‘चिंतन शिविर’; ‘विकसित भारत 2047’ और बड़े सुधारों पर होगा मंथन

Chintan Shivir: केंद्रीय मंत्रियों की दो दिवसीय चिंतन बैठक आज यानी बुधवार (23 सितंबर) से शुरू होगी। इसमें सुधारों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करते हुए शासन और नीति-निर्माण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 23 और 24 सितंबर को सेवा तीर्थ में मंथन सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें पूरी मंत्रिपरिषद शामिल होगी। सेवा तीर्थ में ही प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) स्थित है।

विचार-विमर्श करने के लिए छह समूह गठित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सरकारी योजनाओं की प्रगति, नीतियों के कार्यान्वयन, समय प्रबंधन, मंत्रालयों के बीच तालमेल और जन-सेवाएं प्रदान करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। कार्यक्रमों (योजनाओं) के समयबद्ध कार्यान्वयन और शासन से जुड़े अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए छह समूह गठित किए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक में आठ मंत्री होंगे।

ये समूह पहले ही कई बैठकें कर चुके हैं, जिनमें चिंतन बैठक में की जाने वाली मुद्दों पर चर्चा की गई थी। सूत्रों के अनुसार, कुछ मंत्रियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सुधार को आगे बढ़ाने के लिए उनके मंत्रालयों द्वारा अपनाई गई नीतियों और उपायों पर प्रस्तुतियां देने की संभावना है।

इन विभिन्न सुधारों पर जोर

प्रधानमंत्री, विभिन्न सुधारों पर जोर देते रहे हैं। उन्होंने पहले भी अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों से कहा था कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना और जीवन को आसान बनाना सरकार का मुख्य ध्येय होना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, चिंतन बैठक में होने वाली चर्चाओं में इन मुद्दों को उठाये जाने की उम्मीद है।

मंत्रियों की प्रस्तुतियों में नीति-निर्माण की प्रक्रिया को अधिक असरदार और प्रभावकारी बनाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसी तरह की एक चिंतन बैठक 21 अक्टूबर 2021 को भी हुई थी। उस समय बातचीत का मुख्य विषय शासन और नीति निर्माण था तथा इस कवायद का उद्देश्य मंत्रियों को सरकार के समक्ष पेश आ रही चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है।

क्या है मकसद?

इसे शासन की समीक्षा करने, मंत्रालयों के बीच तालमेल बेहतर बनाने और सरकार का भविष्य का एजेंडा तैयार करने के तौर पर देखा जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से मंत्रालयों और विभागों की आधिकारिक वेबसाइट को अधिक से अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर काम करने के लिए कहा था।

नए सुधारों पर रहेगा जोर

केंद्रीय मंत्रियों के बुधवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय चिंतन शिविर में मुख्य रूप से सरकार के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। साथ ही भविष्य की योजना बनाने और नए विचारों एवं सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस बैठक में पूरी सरकार के कामकाज का जायजा लिया जाएगा। साथ ही भविष्य की योजना, जारी कार्यों की समीक्षा और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नए विचारों, सुधारों और प्राथमिकताओं की पहचान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

‘विकसित भारत’ और ‘विजन 2047’

‘विकसित भारत’ की कवायद 2021 से चल रही है। ‘विजन 2047’ और इसके लघु अवधि एवं दीर्घ अवधि के रोडमैप को तैयार करने के लिए सचिवों के 10 क्षेत्र-आधारित समूह बनाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस कवायद के लिए हितधारकों के साथ व्यापक स्तर पर परामर्श भी किया गया। तब से, ‘विकसित भारत 2047’ के विभिन्न पहलुओं पर मंत्रिपरिषद के समक्ष आठ प्रस्तुतियां और चर्चाएं हो चुकी हैं।

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मौजूदा चिंतन शिविर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है। यह सचिवों, मंत्रालयों और विभागों, कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग के समूहों द्वारा किए जा रहे काम को एक मंच पर लाता है, जिनमें सुधार, जीवन को आसान बनाना, नियमों के पालन को सहज करना और शासन से जुड़ी अन्य प्राथमिकताएं शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में होने वाली चर्चाओं में इन मुद्दों को उठाये जाने की उम्मीद है।