CM Youth Conclave MP 2026: अगले साल से दो बार होंगी एमपीपीएससी परीक्षा, यूथ कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री यादव का बड़ा ऐलान

CM Youth Conclave MP 2026: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राज्य में आयोजित युवा महोत्सव 2027 के दौरान कई बड़ी और प्रमुख पहल की घोषणा की है। एमपी यूथ कॉन्क्लेव 2026 में उन्होंने कहा कि 2027 से एमपी लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा साल में दो बार कराई जाएगी। साथ ही, उन्होंने 12 नए मेडिकल कॉलेज और इतनी ही स्किल यूनिवर्सिटी बनाने का ऐलान किया है।

“CM यूथ कॉन्क्लेव-2026” में बोलते हुए, यादव ने कहा कि हायर एजुकेशन में रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए, शोधकर्ताओं के लिए स्टाइपेंड 16,000 रुपये प्रति महीने से बढ़ाकर 25,000 रुपये किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले साल से मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (MPPSC) की परीक्षाएं साल में दो बार होंगी और राज्य भर के सरकारी कॉलेजों में कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं के लिए फ्री कोचिंग क्लास शुरू की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की योजना 12 नए मेडिकल कॉलेज और 12 स्किल यूनिवर्सिटी बनाने की तैयारी कर रही है। राज्य में यह संस्थान रोजगार देने वाले कोर्स ऑफर करेंगे। कॉन्क्लेव में राज्य भर के मेधावी लोग मुख्यमंत्री के साथ बातचीत के लिए इकट्ठा हुए थे। एक छात्रा मायशा खान ने पूछा कि सरकार युवाओं के बीच खेती को कैसे बढ़ावा देने की योजना बना रही है? इस सवाल पर यादव ने कहा कि सरकार भविष्य में फूड-प्रोसेसिंग से लेकर खेतों तक एक वैल्यू चेन बनाने की योजना बना रही है।

उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्टार्टअप सेक्टर में सरकार के काम पर भी ज़ोर दिया, भोपाल में AI सिटी पर चल रहे काम और स्टार्टअप के लिए युवाओं को दी जाने वाली 5 लाख रुपये की सब्सिडी का ज़िक्र किया। यादव ने आगे कहा कि 2027 में खेल सरकार की टॉप प्रायोरिटी में से एक होगा, उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल ही में हुए एशियन गेम्स में पाँच मेडल जीते।

उन्होंने कहा, “हमने खेलों को एक सब्जेक्ट के तौर पर शामिल किया है और कोचों के प्रमोशन का इंतज़ाम किया है। हमारी सरकार हर असेंबली सीट पर स्टेडियम बनाएगी। अब, हम शूटिंग और आर्चरी में भी मेडल जीत रहे हैं। 2027 में खेल टॉप प्रायोरिटी में रहेगा।”

नाइजीरिया में 32 लोगों को ले जा रहा मिलिट्री-प्लेन क्रैश:25 यात्री और 7 क्रू सवार थे; नदी के पास गिरा, सर्च ऑपरेशन जारी

नाइजीरिया के दक्षिणी हिस्से में सोमवार को 32 लोगों को लेकर जा रहा सैन्य प्लेन क्रैश हो गया। प्लेन में 25 यात्री और 7 क्रू मेंबर सवार थे। हादसा ओंडो राज्य के नदी किनारे बसे इग्बोकोंडा शहर में हुआ। हादसे में कितने लोग हताहत हुए, इसकी तत्काल जानकारी नहीं मिली है। नाइजीरिया के एविएशन मिनिस्टर फेस्टस कीयामो ने बताया कि प्लेन एक नियमित मिशन पर देश के आर्थिक केंद्र लागोस जा रहा था। स्थानीय समय के मुताबिक सुबह करीब 9 बजे प्लेन रडार से गायब हो गया। बाद में पता चला कि यह नौसैनिक बेस के पास क्रैश हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्लेन नदी के पास गिरा और उसका कुछ हिस्सा पानी में डूब रहा था। प्रत्यक्षदर्शी अकिनबुलेजो पियस ने कहा कि उन्हें तेज आवाज सुनाई दी, जो उन्हें बिजली गिरने जैसी लगी। इसके बाद उन्होंने प्लेन को पेड़ों के ऊपर से गुजरते और नीचे गिरते देखा। मौके पर शरीर के कुछ हिस्से, कपड़े और जूते भी मिले। प्लेन हादसे के बाद तस्वीर…. हादसे में ATR-42 मिलिट्री प्लेन क्रैश हुआ नाइजीरियाई एयरफोर्स ने बताया कि क्रैश हुआ प्लेन ATR-42 था। नाइजीरियाई सेना इस प्लेन का इस्तेमाल खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी करने और सैनिकों व सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए करती रही है। पानी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना ज्यादा मुश्किल नदी या पानी में प्लेन गिरने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जमीन पर हादसे के मुकाबले ज्यादा मुश्किल हो सकता है। गोताखोरों और रेस्क्यू टीम को तेज बहाव, कम विजिबिलिटी, प्लेन के पानी में डूबने और मलबे के फैलने जैसी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पानी में रेस्क्यू ऑपरेशन की बड़ी चुनौतियां…. 1. पानी का तेज बहाव नदी का बहाव मलबे और लोगों को हादसे वाली जगह से दूर ले जा सकता है। इससे रेस्क्यू टीम के लिए सही जगह का पता लगाना मुश्किल होता है। 2. पानी के अंदर कुछ दिखाई नहीं देता नदी का पानी अक्सर गंदा होता है। गोताखोरों को कुछ मीटर दूर की चीज भी दिखाई नहीं दे सकती। ऐसे में उन्हें टॉर्च, सोनार और दूसरे उपकरणों की मदद लेनी पड़ती है। 3. प्लेन तेजी से डूब सकता है प्लेन का कोई हिस्सा पानी के अंदर जाने के बाद उसकी लोकेशन बदल सकती है। केबिन में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए गोताखोरों को पहले प्लेन की स्थिति और गहराई का पता लगाना पड़ता है। 4. मलबे से चोट का खतरा टूटा हुआ प्लेन, सीटें, धातु के हिस्से और दूसरे सामान पानी के अंदर खतरा पैदा कर सकते हैं। गोताखोरों के कपड़े या उपकरण इनमें फंस भी सकते हैं। 5. नदी की गहराई और तल की स्थिति नदी के नीचे कीचड़, रेत या पत्थर होने से गोताखोरों की आवाजाही मुश्किल हो सकती है। गहराई ज्यादा होने पर सामान्य गोताखोरी भी मुश्किल हो जाती है। 6. पानी में ईंधन के फैलने से खतरा क्रैश के बाद प्लेन से ईंधन या दूसरे पदार्थ पानी में फैल सकते हैं। इससे रेस्क्यू टीम के लिए अतिरिक्त सुरक्षा चुनौती पैदा हो सकती है। 7. सोनार और दूसरे उपकरणों की जरूरत जब पानी में कुछ दिखाई नहीं देता, तो रेस्क्यू टीम मलबे और प्लेन की स्थिति पता लगाने के लिए सोनार जैसे उपकरणों का इस्तेमाल कर सकती है। इसके बाद गोताखोरों को तय जगह पर भेजा जाता है। नाइजीरिया में पहले भी हुए बड़े प्लेन हादसे नाइजीरिया में पिछले 20 साल में कई बड़े प्लेन हादसे हुए हैं। इनमें यात्री और सैन्य प्लेन दोनों शामिल हैं। कुछ हादसों में 100 से ज्यादा लोगों की जान गई। 2005 में दो बड़े हादसे बेलव्यू एयरलाइंस हादसा: अक्टूबर 2005 में बेलव्यू एयरलाइंस का प्लेन लागोस से अबुजा जाते समय उड़ान भरने के कुछ देर बाद क्रैश हो गया। प्लेन में सवार 117 लोगों की मौत हुई। सोलिसो एयरलाइंस हादसा: दिसंबर 2005 में सोलिसो एयरलाइंस का प्लेन अबुजा से पोर्ट हारकोर्ट जाते समय गिर गया। इसमें 109 लोगों की मौत हुई। मरने वालों में कई स्कूली बच्चे भी थे। 2006 में 114 लोगों की मौत अक्टूबर 2006 में एडीसी एयरलाइंस का प्लेन अबुजा से पोर्ट हारकोर्ट जाते समय क्रैश हुआ। प्लेन में 114 लोग सवार थे और सभी की मौत हो गई। 2012 में रिहायशी इलाके में गिरा प्लेन जून 2012 में डाना एयर का प्लेन अबुजा से लागोस जाते समय क्रैश हो गया। प्लेन लागोस के एक रिहायशी इलाके में गिरा। इसमें सवार 153 लोगों की मौत हुई। जमीन पर मौजूद लोग भी हादसे की चपेट में आए। ———————————– ये खबर भी पढ़ें….. लंदन-शिकागो फ्लाइट 28 हजार फीट नीचे आई:पायलट ने इमरजेंसी अलर्ट भेजा; रास्ता बदलकर लंदन लौटी, वजह साफ नहीं ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA295 आयरलैंड के ऊपर उड़ान भरते समय कुछ ही मिनटों में करीब 28 हजार फीट नीचे आ गई। इस दौरान प्लेन ने 7700 इमरजेंसी कोड एक्टिव किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…

6 ग्राम का कंगन, 22 एकड़ की सोसाइटी और 2000 लोगों की भीड़… ऐसे वापस मिला खोया सोना

हैदराबाद की एक गेटेड कम्युनिटी में गुम हुआ सोने का ब्रेसलेट मिलने की कहानी इन दिनों चर्चा में है। करीब 22 एकड़ में फैले इस रिहायशी परिसर में रहने वाली कंटेंट क्रिएटर स्वाति बांदला को तब परेशानी हुई, जब उनका 6-7 ग्राम का ब्रेसलेट अचानक गायब हो गया। उन्हें याद ही नहीं था कि आखिर ज्वेलरी कब और कहां गिरी। काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने सोसाइटी की सिक्योरिटी टीम से मदद मांगी। इसके बाद CCTV फुटेज ने पूरी कहानी का रुख बदल दिया। सिक्योरिटी कर्मचारियों ने उनके आने-जाने के रास्तों और कॉमन एरिया की फुटेज खंगाली और एक खास जगह को चिन्हित किया।

खास बात यह थी कि वहां स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 2,000 से ज्यादा लोग मौजूद थे। इसके बावजूद स्वाति और उनके पति ने रात में वहां पहुंचकर तलाश जारी रखी और आखिरकार घास में चमकता ब्रेसलेट मिल गया।

6-7 ग्राम का ब्रेसलेट हुआ अचानक गायब

हैदराबाद की कंटेंट क्रिएटर स्वाति बांदला ने इंस्टाग्राम वीडियो में अपना अनुभव शेयर किया। उन्होंने बताया कि ब्रेसलेट करीब 6-7 ग्राम का था और उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह कब और कहां गिरा। 16 अगस्त को जब उन्हें ब्रेसलेट हाथ में नहीं मिला, तो सबसे पहले उन्होंने सोसाइटी की सिक्योरिटी टीम से संपर्क किया। उन्होंने यह भी पता किया कि कहीं किसी निवासी ने ब्रेसलेट को सिक्योरिटी या लॉस्ट एंड फाउंड में तो जमा नहीं कराया है।

एक वीडियो बना पूरी तलाश का सुराग

जब शुरुआती कोशिशों से कुछ पता नहीं चला तो स्वाति ने अपने फोन में मौजूद पुराने फोटो और वीडियो खंगालने शुरू किए। इसी दौरान उन्हें 15 अगस्त की सुबह का एक वीडियो मिला, जिसमें ब्रेसलेट उनकी कलाई पर साफ दिखाई दे रहा था। यह छोटा-सा सुराग सिक्योरिटी टीम के लिए बेहद काम का साबित हुआ। वीडियो को आधार बनाकर टीम ने स्वाति की उस दिन की गतिविधियों को CCTV में ट्रैक करना शुरू किया।

CCTV ने जो दिखाया, वहीं से शुरू हुई असली खोज

सिक्योरिटी कर्मचारियों ने सोसाइटी के अलग-अलग हिस्सों की फुटेज देखी। एंट्री और एग्जिट पॉइंट, लिफ्ट, लॉबी और कॉमन एरिया तक के कैमरों को खंगाला गया। काफी फुटेज देखने के बाद टीम को एक ऐसी जगह नजर आई, जहां संभावना थी कि स्वाति के वहां से गुजरने से कुछ सेकंड पहले ब्रेसलेट जमीन पर गिरा होगा। लेकिन समस्या यह थी कि उसी जगह 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

2000 से ज्यादा लोगों के बीच कैसे मिलता ब्रेसलेट?

जिस जगह ब्रेसलेट गिरने की आशंका थी, वहां दिनभर 2,000 से ज्यादा लोग आ-जा चुके थे। ऐसे में कुछ ग्राम का सोने का ब्रेसलेट घास में तलाशना किसी चुनौती से कम नहीं था। फिर भी स्वाति और उनके पति ने हार नहीं मानी। रात में दोनों उसी जगह पहुंचे, जिसे CCTV फुटेज के आधार पर चिन्हित किया गया था।

अंधेरे में चमकी उम्मीद की एक किरण

रात में रोशनी के बीच घास में तलाश करते हुए अचानक उन्हें कुछ चमकता हुआ दिखाई दिया। पास जाकर देखा तो वह वही गुम हुआ सोने का ब्रेसलेट था। जिस ज्वेलरी को वापस मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी, वह आखिरकार मिल गई। इस पूरे घटनाक्रम में CCTV और सिक्योरिटी टीम की तेजी ने अहम भूमिका निभाई।

स्वाति ने सिक्योरिटी टीम को दिया पूरा श्रेय

इस अनुभव के बाद स्वाति ने कहा कि गेटेड कम्युनिटी की अहमियत सिर्फ सुविधाओं और इमारतों तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, मजबूत सिक्योरिटी सिस्टम, CCTV कैमरे और मदद के लिए मौजूद स्टाफ मुश्किल समय में बेहद काम आते हैं। उन्होंने माना कि अगर सिक्योरिटी टीम ने तुरंत कार्रवाई नहीं की होती और CCTV फुटेज को इतनी बारीकी से ट्रैक नहीं किया होता, तो शायद उनका ब्रेसलेट हमेशा के लिए खो जाता।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

Bengaluru: ट्रैफिक और महंगे किराए से अलग दिखा शहर का खूबसूरत चेहरा, चेन्नई के शख्स ने बताई दिल की बात

Bengaluru: ट्रैफिक और महंगे किराए से अलग दिखा शहर का खूबसूरत चेहरा, चेन्नई के शख्स ने बताई दिल की बात

बेंगलुरु का नाम आते ही अक्सर ट्रैफिक जाम, महंगे किराए, खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और लंबे सफर की बातें होने लगती हैं। लेकिन करीब डेढ़ साल से कर्नाटक की राजधानी में रह रहे चेन्नई के एक शख्स ने शहर की ऐसी तस्वीर सामने रखी है, जिसे अक्सर चर्चाओं में जगह नहीं मिलती। उन्होंने रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कई छोटी-छोटी चीजें गिनाईं, जिन्होंने उन्हें बेंगलुरु का मुरीद बना दिया।

ट्रैफिक और समस्याओं के बीच दिखीं शहर की अच्छी बातें

Reddit पर एक पोस्ट के जरिए इस शख्स ने लिखा कि बेंगलुरु को लेकर लोगों की कई शिकायतें जायज हैं, लेकिन शहर में ऐसी कई सुविधाएं भी हैं जिनकी लोग अक्सर अनदेखी कर देते हैं।

अपने पोस्ट में उन्होंने बेंगलुरु की तुलना चेन्नई से करते हुए बताया कि शहर की कुछ सामान्य-सी लगने वाली चीजें उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को काफी आसान और बेहतर बनाती हैं।

मोहल्लों के छोटे पार्क बने पसंदीदा ठिकाने

बेंगलुरु के बड़े और मशहूर पार्कों की चर्चा तो खूब होती है, लेकिन इस चेन्नई निवासी को शहर के छोटे BBMP पार्क खास तौर पर पसंद आए।

उन्होंने बताया कि रिहायशी इलाकों के बीच बने इन छोटे पार्कों में पेड़, हरियाली और बैठने की जगह होती है। उनके लिए ये सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि रोज की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं।

₹80 का खाना याद आया तो पुरानी यादें ताजा हो गईं

बेंगलुरु की Darshini और Udupi फूड कल्चर भी उन्हें काफी पसंद है। खासतौर पर कम कीमत में साफ-सुथरा शाकाहारी खाना मिलने की सुविधा ने उनका ध्यान खींचा।

उन्होंने अपने इंटर्नशिप के दिनों को याद करते हुए बताया कि उस समय महज ₹80 में मिलने वाला Udupi मील उनके लिए काफी मददगार साबित होता था। उनके मुताबिक, कम बजट में पेट भरने के लिए ऐसे विकल्प किसी राहत से कम नहीं थे।

Weekend Trip के लिए बेंगलुरु की लोकेशन शानदार

शहर की भौगोलिक स्थिति भी उन्हें पसंद आई। उन्होंने कहा कि बेंगलुरु से तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और गोवा की ओर जाना आसान है।

खास तौर पर KSRTC बस कनेक्टिविटी को उन्होंने बेहद उपयोगी बताया। उनके मुताबिक, शहर में रहने वालों के लिए आसपास के राज्यों तक पहुंचने के कई सुविधाजनक विकल्प मौजूद हैं।

₹30 की बस राइड ने खींचा ध्यान

उनकी सबसे दिलचस्प बातों में से एक बेंगलुरु की बस सेवा को लेकर थी। उन्होंने 500-सीरीज बसों का जिक्र करते हुए बताया कि Outer Ring Road की ओर जाने के लिए उन्हें अक्सर AC बस मिल जाती है। जहां उनके कुछ साथी कैब या बाइक टैक्सी का सहारा लेते हैं, वहीं वह करीब ₹30 में बस से ऑफिस पहुंच जाते हैं। उनके मुताबिक, इसमें surge pricing जैसी परेशानी भी नहीं होती।

IT और पब्स से आगे भी है Bengaluru

चेन्नई के इस शख्स ने शहर के मंदिरों और पारंपरिक बाजारों का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि बेंगलुरु को अक्सर IT कंपनियों, कैफे और पब्स के लिए जाना जाता है, लेकिन शहर का एक पारंपरिक और सांस्कृतिक पक्ष भी है। उनकी पोस्ट का मकसद भी इसी दूसरे पहलू को सामने लाना था। उन्होंने लोगों से शहर की समस्याओं के साथ-साथ उसकी अच्छी चीजों पर भी ध्यान देने की अपील की।

Reddit पर लोगों ने भी की तारीफ

पोस्ट सामने आने के बाद कई Reddit यूजर्स ने इस सकारात्मक नजरिए की सराहना की। एक यूजर ने इसे बेंगलुरु की तारीफ से जुड़ी दुर्लभ पोस्ट बताया। कुछ लोगों ने शहर के मौसम और शाम की सैर का जिक्र किया, जबकि दूसरे यूजर्स ने KSRTC की कनेक्टिविटी को लेकर सहमति जताई। एक यूजर ने तो यहां तक कहा कि यही वह बेंगलुरु है, जिसे वह भी पसंद करता है। कुल मिलाकर, यह पोस्ट बेंगलुरु की उन छोटी-छोटी खूबियों पर रोशनी डालती है, जो बड़े ट्रैफिक जाम और महंगे किराए जैसी चर्चाओं के बीच अक्सर नजरों से ओझल हो जाती हैं।

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IND vs PAK Final: कहीं बारिश ना बिगाड़ दें भारत-पाकिस्तान मुकाबले का खेल, मौसम को लेकर आया ये बड़ा अपडेट

ND vs PAK: एशियन गेम्स 2026 के क्रिकेट में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला गोल्ड मेडल मुकाबला काफी रोमांचक होने वाला है। भारत और पाकिस्तान की टीम एशियन गेम्स का फाइनल मुकाबला शनिवार, 3 अक्टूबर को खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये हाईवोल्टेज मुकबाला निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई है। वहीं, पाकिस्तान ने बारिश से प्रभावित सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 13-13 ओवर के मुकाबले में 6 विकेट से मात दी और फाइनल का टिकट हासिल किया।

अब दोनों टीमें गोल्ड मेडल के लिए आमने-सामने होंगी। आइए जानते हैं कब और कहां पर देंखे ये मुकाबला और क्या बारिश मुकाबले में खलल डाल सकती है।

दोनों टीमों के बीच होगा कांटे का मुकाबला

भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले गोल्ड मेडल मुकाबले में दोनों टीमों के कुछ खिलाड़ियों पर खास नजर रहेगी। भारत के लिए ईशान किशन अहम साबित हो सकते हैं, जिन्होंने सेमीफाइनल में पांचवें नंबर पर उतरकर 80 रन बनाए थे। उनके साथ वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन से भी अच्छी बल्लेबाजी की उम्मीद रहेगी।

दूसरी तरफ पाकिस्तान की बल्लेबाजी में कप्तान साहिबजादा फरहान की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। निशिन की धीमी पिच को देखते हुए सुफियान मुकीम और अबरार अहमद की गेंदबाजी भी पाकिस्तान के लिए काफी मायने रखेगी, क्योंकि दोनों भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने से रोकने की कोशिश करेंगे। इस मैच में जीतने वाली टीम को गोल्ड मेडल मिलेगा, जबकि हारने वाली टीम सिल्वर मेडल अपने नाम करेगी।

कब खेला जाएगा मुकाबला

एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट का गोल्ड मेडल मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार, 3 अक्टूबर को खेला जाएगा। दोनों टीमें निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में आमने-सामने होंगी। मैच भारतीय समय के अनुसार सुबह 10 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस मुकाबला शुरू होने से आधे घंटे पहले यानी सुबह 9:30 बजे होगा।

कहां पर देंखे लाइव मुकाबला

भारत और पाकिस्तान के बीच एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट फाइनल को भारत में टीवी पर लाइव देखा जा सकेगा। इस गोल्ड मेडल मुकाबले का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनलों पर किया जाएगा। यानी क्रिकेट फैंस शनिवार को होने वाले इस बड़े मुकाबले को अपने टीवी पर लाइव देख पाएंगे।

ऑनलाइन कहां पर देंखे ये मुकाबला

भारत-पाकिस्तान के बीच एशियन गेम्स 2026 का फाइनल 3 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से सोनी लिव ऐप और वेबसाइट पर लाइव स्ट्रीम होगा। फैंस मोबाइल या लैपटॉप पर मैच देख सकेंगे।

क्या बारिश डालेगी मुकाबले में खलल?

भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले में निसशिन में मौसम साफ रहने की उम्मीद है। दिन की शुरुआत हल्की धूप हो सकती है, लेकिन बाद में आसमान में बादल छाने का अनुमान है। इस दौरान तापमान 17 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। वहीं, बारिश की संभावना सिर्फ 1 फीसदी है, इसलिए मैच में बारिश से रुकावट की आशंका कम है।

भारत और पाकिस्तान की पूरी टीम

भारत की पूरी टीम: श्रेयस अय्यर (C), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (WK), ईशान किशन, अक्षर पटेल, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, यश ठाकुर, विप्रज निगम

पाकिस्तान की पूरी टीम: साहिबज़ादा फरहान (C), माज़ सदाकत, उस्मान खान (WK), सैम अयूब, हसन नवाज़, अब्दुल समद, अराफात मिन्हास, अहमद दानियाल, मोहम्मद वसीम जूनियर, अबरार अहमद, सुफ़यान मोकिम, साद मसूद, अली रजा, आकिफ जावेद, हैदर अली

Drishyam 3: ‘दृश्यम 3’ की सिनेमाघरों में दस्तक, 2026 में इंडियन फिल्मों के कलेक्शन को 10,000 करोड़ के पहुंचाएगी पार?

Drishyam 3: अजय देवगन की मल्टी स्टारर फिल्म ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तैयार हैं। फिल्म ने अपनी एडवांस बुकिंग से 16.6 करोड़ का कलेक्शन किया है। वहीं अनुमान लगाया जा रहा है कि फिल्म का ओपनिंग डे कलेक्शन 30 से 35 करोड़ के आसपास होगा। वहीं फिल्म 2026 में इंडियन बॉक्स ऑफिस की कुल कमाई में अच्छा खासा योगदान देगी।

दृश्यम 3′ की एडवांस बुकिंग

इंडियन बॉक्स ऑफिस पर हलचल तेज हो गई है। अगस्त में रिकॉर्ड-तोड़ कमाई और सितंबर में कई बेहतरीन फिल्मों के बाद अब ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। इसकी एडवांस बुकिंग के आंकड़े जबरदस्त हैं। वहीं उम्मीद है कि यह फिल्म भी बड़ी हिट हो सकती है।

रिलीज से पहले किया करोड़ों का बिजनेस

अजय देवगन की ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ ने ओपनिंग डे की एडवांस बुकिंग में ही लगभग 16.6 करोड़ रुपये कमा लिए हैं। फिल्म के 4.44 लाख टिकट बिक चुके हैं। लंबे ओपनिंग वीकेंड के लिए एडवांस सेल 28.51 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे सक्सेसफुल थ्रिलर फ्रैंचाइजी में से एक का अंत भी है।

पहले और दूसरे पार्ट का कलेक्शन

2015 में रिलीज हुई ‘दृश्यम’ पार्ट 1 ने भारत में 76.16 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था। वहीं ‘दृश्यम 2’ ने 2022 में बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी थी। दूसरे पार्ट ने 250.59 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था। अब तीसरी फिल्म ऐसे समय में आ रही है, जब सिनेमाघरों के लिए ये दौरा काफी सफल चल रहा है। एक के बाद एक फिल्म हिट हो रही है।

मिर्जापुर द मूवी बॉक्स ऑफिस

सितंबर की शुरुआत ‘मिर्जापुर द मूवी’ जैसी हिट फिल्म के साथ हुई। एक्सेल एंटरटेनमेंट की पॉपुलर वेब फ्रेंचाइजी पर बेस्ड इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी और अली फजल लीड रोल में हैं। लगभग 90 करोड़ रुपये के बजट वाली इस फिल्म ने 26 दिनों में दुनिया भर में 329.21 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन किया है। यह महीने की सबसे बड़ी सफल फिल्मों में से बनी है।

एवेंजर्स एंडगेम एनकोर बॉक्स ऑफिस

उम्मीद से कम ओपनिंग के बावजूद ‘मार्वल की एवेंजर्स एंडगेम एनकोर’ दर्शकों का मनोरंजन करने में पीछे नहीं है। इस री-रिलीज ने क्रिस्टोफर नोलन की ‘इंटरस्टेलर’ को पीछे छोड़ दिया है और भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हॉलीवुड री-रिलीज बन गई है। अब तक लगभग 27.3 करोड़ रुपये की नेट कमाई करने के बाद यह फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ के रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश कर रही है, जो 35.55 करोड़ रुपये के नेट कलेक्शन के साथ सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड री-रिलीज बनी हुई है।

अगस्त में कई बड़ी फिल्में हुईं रिलीज

अगस्त में रिलीज हुई फिल्मों ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर कुछ 1768 करोड़ रुपये कमाए हैं, जिससे यह साल का सबसे अच्छा महीना और भारतीय बॉक्स ऑफिस के इतिहास में तीसरा सबसे बड़ा महीना बन गया। इससे पहले ऐसी कमाई दिसंबर 2024 और दिसंबर 2023 में हुई थी। इस महीने की परफॉर्मेंस में ‘हनुमान अंश’, ‘टॉक्सिक’, ‘इरुमुडी’, ‘बेथलहम कुडुम्बा यूनिट’ और ‘आवारापन 2’ जैसी फिल्मों ने धूम मचाई है।

बॉक्स ऑफिस पर ‘हनुमान अंश’ ने किया चमत्कार

‘हनुमान अंश’ ने इतिहास रच दिया है। उम्मीद है कि यह अपनी लाइफटाइम डोमेस्टिक ग्रॉस कमाई लगभग 360 करोड़ रुपये तक पहुंचा लेगी। फिल्म सिर्फ 2 करोड़ के बजट में तैयार हुई थी। वहीं मलयालम ब्लॉकबस्टर ‘बेथलहम कुडुम्बा यूनिट’ इस साल की सबसे बड़ी रीजनल सफलताओं में से एक बनकर उभरी है और बॉक्स ऑफिस पर सभी भाषाओं के वर्जन में सबसे अधिक कमाई करने वाली मलयालम फिल्म बनने की कोशिश में लगी है।

मिड 2026 में पैन इंडिया का जलवा

अगस्त के टॉप-10 चार्ट में पैन-इंडिया फिल्मों में सफलता के झंडे गाड़ दिए हैं। इसमें हिंदी, तेलुगु, मलयालम, तमिल और कन्नड़ भाषाओं की फिल्में शामिल थीं, जिसने बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में अहम योगदान दिया है। साल 2026 के सितंबर तक कुल डोमेस्टिक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 9,868 करोड़ रुपये का हुआ है, जो पिछले साल के मुकाबले 18 फीसद ज्यादा है। सिनेमा विशेषज्ञों का कहना है कि ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ इस आंकड़े को 10,000 के पार पहुंचा सकती हैं। इंडस्ट्री पूरे जोश के साथ फेस्टिव क्वार्टर में एंट्री करने के लिए तैयार है। अजय देवगन की फिल्म के बाद सबकी निगाहें दिवाली पर रिलीज हो रही रणबीर कपूर, यश स्टारर ‘रामायणम्’ और दिसंबर में रिलीज होने वाली शाहरुख खान की फिल्म ‘किंग’ पर हैं।

कंधे की सर्जरी के कारण वैंकटेश अय्यर रणजी ट्रॉफी के शुरुआती चरण से बाहर

दाएं कंधे की सर्जरी के कारण वेंकटेश अय्यर 2026-27 रणजी ट्रॉफी सीजन की शुरुआत मध्य प्रदेश के लिए नहीं कर पाएंगे। वह सर्जरी के बाद अभी रिकवरी कर रहे हैं। वहीं रजत पाटीदार और अर्शद खान भी पहले दौर के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। दोनों ऑस्ट्रेलिया ए के दौरे पर आई टीम के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज के लिए इंडिया ए टीम का हिस्सा हैं।पाटीदार की गैमौजूदगी में शुभम शर्मा टीम की कप्तानी करेंगे। टीम में आवेश ख़ान, कुलदीप सेन, सारांश जैन, कुमार कार्तिकेय और शिवांग कुमार समेत कई गेंदबाज शामिल हैं।

पिछले सीजन में मध्य प्रदेश ने सात मैचों में तीन जीत और चार ड्रॉ के साथ अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया था और नॉकआउट में जगह बनाई थी। हालांकि, घरेलू मैदान पर खेले गए क्वार्टर-फ़ाइनल में उसे बाद में चैंपियन बनने वाली जम्मू-कश्मीर की टीम के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। दिलचस्प बात यह है कि मध्य प्रदेश 2026-27 सीजन की शुरुआत भी जम्मू-कश्मीर के खिलाफ ही करेगा, हालांकि इस बार मुकाबला श्रीनगर में होगा।

मध्य प्रदेश की टीम इस प्रकार है:- शुभम शर्मा (कप्तान), यश दुबे, हर्ष गवली (विकेटकीपर), हिमांशु मंत्री (विकेटकीपर), चंचल राठौड़, हिमांशु शिंदे, अथर्व महाजन, सारांश जैन, कुमार कार्तिकेय, शिवांग कुमार, आर्यन पांडे, अनुभव अग्रवाल, रोशन केवट, अक्षय शर्मा, आवेश ख़ान, कुलदीप सेन और रवि किरण।

Akshaye Khanna: मुंबई में 33.26 करोड़ की प्रॉपर्टी के मालिक बने अक्षय खन्ना, खरीदा लग्जरी अपार्टमेंट

Akshaye Khanna: स्क्वायर यार्ड्स द्वारा देखे गए प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के अनुसार एक्टर अक्षय विनोद खन्ना ने मुंबई के मालाबार हिल में ₹33.26 करोड़ में एक अपार्टमेंट खरीदा है। इस लग्जरी अपार्टमेंट का कारपेट एरिया 2,341.39 वर्ग फुट है, जिसमें 175.45 वर्ग फुट की बालकनी भी शामिल है। कुल एरिया 2,516.84 वर्ग फुट है। इसमें तीन पार्किंग यूनिट भी मिलती हैं।

स्क्वायर यार्ड्स को मिले डॉक्यूमेंट्स के अनुसार सितंबर 2026 में रजिस्टर हुए इस सौदे पर ₹1.99 करोड़ की स्टाम्प ड्यूटी और ₹30,000 का रजिस्ट्रेशन चार्ज लगा है। हालांकि इस बारे में अक्षय खन्ना की तरफ से कोई बयान नहीं आया है

मालाबार हिल इलाका

मालाबार हिल मुंबई के सबसे पसंदीदा रिहायशी इलाकों में से एक है, जो साउथ मुंबई में अपनी बेहतरीन लोकेशन, प्रीमियम घरों और शांत माहौल के लिए जाना जाता है। अरब सागर के किनारे बसा यह इलाका नेपियन सी रोड, वाल्केश्वर रोड और पेडर रोड जैसी मुख्य सड़कों के जरिए अहम कमर्शियल और लाइफस्टाइल जगहों से जुड़ा हुआ है और यहां से मरीन ड्राइव, नरीमन पॉइंट और कोलाबा तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

समय के साथ मालाबार हिल एक खास रिहायशी इलाके के तौर पर विकसित हुआ है, जहां शानदार अपार्टमेंट टावर, आलीशान घर और बसे-बसाए इलाके हैं। नरीमन पॉइंट, फोर्ट और लोअर परेल जैसे बड़े बिजनेस इलाकों के पास होने के कारण, यह सीनियर प्रोफेशनल्स, बिजनेस लीडर्स और बहुत अमीर लोगों के लिए खास तौर पर आकर्षक है।

इस इलाके में बेहतरीन सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर भी है, जिसमें नामी स्कूल, अस्पताल, प्रीमियम रेस्टोरेंट, शॉपिंग की जगहें और मनोरंजन के लिए जगहें शामिल हैं। हैंगिंग गार्डन्स, कमला नेहरू पार्क, बाणगंगा टैंक और वाल्केश्वर मंदिर जैसी मशहूर जगहें इसकी खासियत को और बढ़ाती हैं।

सी व्यू वाले घर, प्रीमियम रियल एस्टेट की सीमित उपलब्धता, पहले से मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर और एक प्रतिष्ठित पता- इन सब वजहों से यह इलाका दक्षिण मुंबई में खास और लंबे समय तक फायदा देने वाले आलीशान घर खरीदने वालों और निवेशकों की पहली पसंद बन गया है।

अक्षय खन्ना

अक्षय विनोद खन्ना एक बॉलीवुड एक्टर हैं, जिन्होंने अपनी शानदार एक्टिंग और स्क्रीन पर अपनी खास मौजूदगी से हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। मशहूर एक्टर विनोद खन्ना के बेटे होने के बावजूद उन्होंने कई दशकों के अपने करियर में अलग-अलग तरह के रोल निभाकर अपनी खुद की पहचान बनाई है।

Ramayana: मेकर्स ने देर रात रिलीज किए ‘रामायणम्’ के नए पोस्टर, रणबीर कपूर-यश को देख इंप्रेस हुए यूजर्स

Ramayana: नमित मल्होत्रा ​​और नितेश तिवारी ने ‘रामायणम् पार्ट वन’ के लिए शनिवार को मुंबई में एक इवेंट रखा। आधी रात के बाद उन्होंने फिल्म के नए पोस्टर जारी किए, जिनमें मुख्य कलाकार रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश और रवि दुबे नजर आए। फैन्स नए पोस्टर्स से बहुत इंप्रेस लग रहे हैं। यूजर्स को ये पोस्टर टीम द्वारा अब तक जारी किए गए सभी लुक से ये पोस्टर से बेहतर लगे हैं।

‘रामायण’ के नए पोस्टर जारी

‘वर्ल्ड ऑफ रामायण’ के ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट्स ने एक पोस्टर जारी किया, जिसमें रणबीर कपूर राम के रूप में, साई पल्लवी सीता के रूप में और रवि दुबे लक्ष्मण के रूप में वनवास गेटअप में दिख रहे हैं। इसके साथ कैप्शन लिखा था, “हमेशा धर्म के साथ।” पोस्टर में तीनों सादे, पारंपरिक कपड़ों में वनवास के दौरान एक साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।

इसके बिल्कुल उलट एक और पोस्टर है, जिसमें यश अपनी सुनहरी लंका में रावण के रूप में दिख रहे हैं। काले कपड़ों और सोने के गहनों से सजे वे अपने महल के सामने खड़े होकर डरावने और प्रभावशाली लग रहे हैं। इसे पोस्ट करते हुए ‘रामायण’ अकाउंट ने लिखा, “तीनों लोकों का स्वामी रावण।” उन्होंने यह भी लिखा- “हमारा सच… हमारा इतिहास।”

नए पोस्टर्स से फैन्स हुए इंप्रेस्ड

पोस्टर्स जारी करने में देरी के बावजूद फैन्स बहुत उत्साहित दिखे। X पर एक पोस्ट में लिखा था, “#Ramayana की नई तस्वीरें आ गई हैं, पोस्टर शानदार लग रहे हैं।” एक और यूजर ने लिखा, “पहला वाला पोस्टर तो बहुत पहले ही जारी कर देना चाहिए था यार।” वनवास वाले पोस्टर का ज़िक्र करते हुए एक X यूजर ने लिखा, “आखिरकार वो पोस्टर आ ही गया… बहुत सुंदर… ।”

एक X यूजर ने अपनी राय दी, “मुझे पता है कि पुरानी यादों (नॉस्टेल्जिया) की वजह से बहुत से लोगों को यह बात पसंद नहीं आएगी, लेकिन यह फिल्म युगो साको की ‘रामायण: द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम’ और रामानंद सागर की ‘रामायण’ से कहीं बेहतर साबित होगी।” रेडिट पर कई लोग रणबीर, साई और रवि के पोस्टर को लेकर बंटे हुए दिखे, लेकिन वे यश के पोस्टर से प्रभावित थे। एक कमेंट में लिखा था, “अब तक का सबसे अच्छा पोस्टर। यश अच्छे लग रहे हैं और फिल्म का स्केल भी ज्यादा साफ तौर पर दिख रहा है।”

यश के पोस्टर के बारे में एक रेडिटर ने कहा- “शायद यहीं मुझे कुछ बड़े पैमाने पर काम होता दिख रहा है। साथ ही यश की पोस्टर पर मौजूदगी भी जबरदस्त है।” वहीं एक और यूजर ने लिखा, “वह खतरनाक लग रहे हैं और उनमें निश्चित रूप से सही तरह का औरा है!”

मिस्टरबीस्ट ने रामायण इवेंट में ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए

शनिवार को मशहूर अमेरिकी यूट्यूबर जिमी डोनाल्डसन, जिन्हें मिस्टरबीस्ट के नाम से जाना जाता है, रामायणम् के प्रमोशनल इवेंट में शामिल हुए। वहां उन्होंने ‘जय श्री राम’ का नारा लगाकर दर्शकों को हैरान कर दिया। जब दर्शकों में से किसी ने यही नारा लगाया तो रणबीर ने कंटेंट क्रिएटर को भी वह नारा दोहराने में मदद की। मिस्टरबीस्ट ने कहा, “बहुत मजा आया और फिल्म का ट्रेलर शानदार है, यह जबरदस्त लग रहा है।”

जेवर एयरपोर्ट के पास घर बनाने का शानदार मौका! YEIDA ने निकाली ग्रुप हाउसिंग और होटल प्लॉट्स की बड़ी स्कीम

YEIDA Plot Scheme: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद आसपास के इलाकों में जमीन और प्रॉपर्टी की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी बढ़ती मांग को देखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने शुक्रवार को ग्रुप हाउसिंग और होटल प्लॉट के लिए अलग-अलग स्कीम लॉन्च की हैं। इन दोनों कैटेगरी में 10-10 प्लॉट शामिल हैं।

एयरपोर्ट के जून में शुरू होने के बाद से इस इलाके में रिहायशी और होटल प्रोजेक्ट्स के लिए प्लॉट की मांग में तेजी देखने को मिली है।

कहां-कहां हैं ग्रुप हाउसिंग के प्लॉट?

ग्रुप हाउसिंग के लिए चुने गए प्लॉट सेक्टर 17, 18, 20 और 22D में हैं। इन प्लॉट का आकार 11,513 वर्ग मीटर से लेकर 50,600 वर्ग मीटर तक है।

सेक्टर 17 में सबसे ज्यादा 4 प्लॉट रखे गए हैं। वहीं, सेक्टर 18 और सेक्टर 20 में 1-1 प्लॉट उपलब्ध है। इसके अलावा सेक्टर 22D में 4 प्लॉट हैं।

सेक्टर 22D में मौजूद प्लॉट्स में सबसे बड़ा प्लॉट 50,600 वर्ग मीटर का है। इसकी रिजर्व कीमत करीब 265 करोड़ रुपये रखी गई है।

वहीं, ग्रुप हाउसिंग प्लॉट के लिए अलॉटमेंट रेट 52,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है।

बता दें कि बोली लगाने वालों को हर प्लॉट के लिए 5 लाख रुपये की प्रोसेसिंग फीस और 10% अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD) जमा करनी होगी। प्लॉट के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई है। आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 26 अक्टूबर शाम 5 बजे तक है।

आवेदनों की जांच और मूल्यांकन के बाद आर्थिक और तकनीकी रूप से योग्य बोलीदाताओं के नाम 16 नवंबर को जारी किए जाएंगे। इसके बाद प्लॉट का अंतिम आवंटन ई-ऑक्शन के जरिए किया जाएगा। ई-नीलामी 18 नवंबर को सुबह 11 बजे शुरू होगी।

होटल प्लॉट की भी स्कीम

होटल प्लॉट स्कीम के लिए, YEIDA सेक्टर 29 में 6 और सेक्टर 28 में 4 प्लॉट दे रहा है। सभी प्लॉट का साइज 3,100 वर्ग मीटर से 10,000 वर्ग मीटर के बीच है।

होटल प्लॉट के लिए YEIDA ने 87,010 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर तय की है। इस हिसाब से 10,000 वर्ग मीटर के सबसे बड़े प्लॉट की रिजर्व कीमत करीब 91 करोड़ रुपये होगी।

इस स्कीम के तहत आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 24 अक्टूबर है। योग्य बोलीदाताओं के नाम 2 नवंबर को जारी किए जाएंगे। इसके बाद 4 नवंबर को सुबह 11 बजे से ई-नीलामी शुरू होगी।

प्लॉट रिजर्व करने के लिए बोली लगाने वालों को प्रति वर्ग मीटर ₹87,010 देने होंगे, जिससे 10,000 वर्ग मीटर वाले प्लॉट की रिजर्व कीमत ₹91 करोड़ हो जाती है। इस स्कीम के तहत आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 24 अक्टूबर है। योग्य बोली लगाने वालों के नाम 2 नवंबर को दिखाए जाएंगे और ई-नीलामी 4 नवंबर को सुबह 11 बजे होगी।

अलॉटी (प्लॉट पाने वाले) को अर्नेस्ट मनी के तौर पर 10% रकम जमा करनी होगी। फिर पहले जमा की गई अर्नेस्ट मनी को एडजस्ट करने के बाद, प्लॉट के कुल प्रीमियम का 40% हिस्सा अलॉटमेंट की तारीख से 60 दिनों के भीतर जमा करना होगा।

इसके अलावा, कुल प्रीमियम का बाकी 60% हिस्सा दो साल में चार छमाही किस्तों में चुकाना होगा।

इस स्कीम के तहत, कॉर्नर प्लॉट के लिए 5% अतिरिक्त चार्ज लगेगा, ग्रीन बेल्ट की तरफ वाले प्लॉट के लिए 5% और 45 मीटर या उससे ज्यादा चौड़ी सड़क के किनारे वाले प्लॉट के लिए भी 5% अतिरिक्त चार्ज लगेगा। प्लॉट का अलॉटमेंट लीज डीड बनने की तारीख से 90 साल की अवधि के लिए लीजहोल्ड आधार पर किया जाएगा।

होटल की ऊंचाई कितनी होगी?

बिल्डिंग नियमों के अनुसार, होटल की बिल्डिंग की ऊंचाई पर कोई सीमा नहीं है। हालांकि, सेक्टर 28 और 29 नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हैं, इसलिए बिल्डिंग की मंजूर ऊंचाई लगभग 29 मीटर है।

YEIDA के CEO आर.के. सिंह ने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट की वजह से हाल ही में ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों की मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा, “जमीन की कमी को देखते हुए, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी जैसे वर्टिकल प्रोजेक्ट बनाना सबसे अच्छा है। साथ ही, अगले महीने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज तैयार हो जाएगा। इससे गुरुग्राम, पलवल, गाजियाबाद और हापुड़ जैसे आस-पास के इलाकों की ग्रेटर नोएडा और जेवर से आसानी से कनेक्टिविटी हो सकेगी।”

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