डूसू चुनाव: 15वें दौर की मतगणना के बाद अध्यक्ष पद पर अभाविप के यश डबास आगे

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के लिए जारी मतगणना के 15वें दौर के बाद अध्यक्ष पद पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के उम्मीदवार यश डबास भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के विजय मीणा से 294 मत से आगे हैं।

उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन 22,682 मतों के साथ सबसे आगे हैं। अध्यक्ष पद के लिए डबास को अब तक 17,315 मत मिले हैं जबकि मीणा को 17,021 मत प्राप्त हुए हैं।

संयुक्त सचिव पद पर एनएसयूआई के गोपाल चौधरी 11,912 मतों के साथ आगे हैं। सचिव पद की दौड़ में अभाविप उम्मीदवार रिया छावड़ी को 14,731 मत मिले हैं जबकि एनएसयूआई उम्मीदवार को 11,310 मत प्राप्त हुए हैं।

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संयुक्त सचिव पद के लिए अभाविप उम्मीदवार को 11,415 मत मिले हैं जबकि समाजवादी छात्र सभा के उम्मीदवार को 11,182 मत प्राप्त हुए हैं।

इस चुनाव के नतीजों से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए डूसू के केंद्रीय पैनल की तस्वीर साफ होगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध अभाविप, कांग्रेस से संबद्ध एनएसयूआई और अखिल भारतीय छात्र संगठन (आइसा)-स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) का वाम गठबंधन देश के सबसे चर्चित छात्र संघ चुनावों में से एक में अपना वर्चस्व कायम करने की कोशिश कर रहे हैं।

पिछले साल अभाविप ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की थी जबकि एनएसयूआई ने उपाध्यक्ष पद जीता था।

Pic Credit : ANI

डूसू चुनाव: 10वें दौर की मतगणना के बाद अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के विजय मीणा आगे

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के लिए शुक्रवार को जारी मतगणना के 10वें दौर के बाद अध्यक्ष पद पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के उम्मीदवार विजय मीणा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के यश डबास से 494 मतों से आगे हैं।

उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन 15,591 मतों के साथ सबसे आगे हैं।अध्यक्ष पद के लिए मीणा को अब तक 11,966 मत मिले हैं जबकि डबास को 11,472 मत प्राप्त हुए हैं।

सचिव पद की दौड़ में अभाविप उम्मीदवार को 9,953 मत मिले हैं जबकि एनएसयूआई उम्मीदवार को 7,712 मत प्राप्त हुए हैं।

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संयुक्त सचिव पद पर समाजवादी छात्र सभा के उम्मीदवार विशेष यादव 8,007 मतों के साथ आगे हैं। संयुक्त सचिव पद के लिए अभाविप को 5,386 और एनएसयूआई को 5,339 मत मिले हैं।

इस चुनाव के नतीजों से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए डूसू के केंद्रीय पैनल की तस्वीर साफ होगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध अभाविप, कांग्रेस से संबद्ध एनएसयूआई और अखिल भारतीय छात्र संगठन (आइसा)-स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) का वाम गठबंधन देश के सबसे चर्चित छात्र संघ चुनावों में से एक में अपना वर्चस्व कायम करने की कोशिश कर रहे हैं।

पिछले साल अभाविप ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की थी जबकि एनएसयूआई ने उपाध्यक्ष पद जीता था।

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DUSU Election Result 2026: 4 पदों पर 4 अलग तस्वीर, कहीं NSUI-ABVP आगे तो कहीं निर्दलीय उम्मीदवार

DUSU Election Result 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे। वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हुई थी, जो फिलहाल कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में सुरक्षा के लिए 2,000 से ज्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, कुछ प्रमुख सड़कों पर आवाजाही को लेकर प्रतिबंध लगाए गए हैं और काउंटिंग सेंटर के आसपास भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बता दें कि शुक्रवार को हुए मतदान में 40.46 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी।

वहीं, आज यानी शनिवार को तीसरे राउंड की वोटों की गिनती खत्म होने तक दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनाव के नतीजों में अलग-अलग पदों पर अलग-अलग उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं। शनिवार को हुई काउंटिंग में NSUI के उम्मीदवार विजय मीणा प्रेसिडेंट पद की रेस में आगे चल रहे हैं। वहीं, सेक्रेटरी पद पर ABVP की उम्मीदवार रिया छावड़ी ने बढ़त बना रखी है। इसके अलावा, वाइस प्रेसिडेंट और जॉइंट सेक्रेटरी पद पर निर्दलीय उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।

DUSU प्रेसिडेंट पद की लड़ाई में, NSUI के मीणा 3,571 वोटों के कुल स्कोर के साथ आगे बने हुए हैं। वे अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी, ABVP के यश डबास से 441 वोटों से आगे हैं। डबास को अब तक 3,130 वोट मिले हैं, जबकि लेफ्ट समर्थित उम्मीदवार अनन्या रतूड़ी 653 वोटों के साथ पीछे चल रही हैं। सिर्फ तीसरे राउंड की गिनती में ही मीणा को 859 वोट मिले, जबकि डबास को 682 वोट मिले।

वहीं, वाइस प्रेसिडेंट पद की दौड़ में निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन ने जबरदस्त बढ़त बनाई है। तीसरे राउंड में 1,008 वोट हासिल करने के बाद उनकी कुल वोटों की संख्या 4,264 हो गई है। जबकि ABVP के इशू मौर्य 2,389 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा, NSUI के वीर छत्रथ 664 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे और उनके बाद लेफ्ट उम्मीदवार अक्षत शिखर 282 वोटों के साथ रहे।

सेक्रेटरी पद के मुकाबले में ABVP का पलड़ा भारी रहा, जहां उनकी उम्मीदवार रिया छावड़ी तीसरे राउंड में 659 वोट और मिलने के बाद कुल 2,805 वोटों के साथ आगे रहीं। उनकी सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी, NSUI की नम्रता चौधरी 2,332 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि लेफ्ट उम्मीदवार स्टैनजिन डेस्क्योंग को 1,225 वोट मिले।

हालांकि, जॉइंट सेक्रेटरी पद के लिए मुकाबला काफी कड़ा रहा। निर्दलीय उम्मीदवार विशेष यादव तीसरे राउंड में 553 वोट पाकर कुल 2,598 वोटों के साथ सबसे आगे रहे। ABVP के लक्ष्य राज सिंह 2,199 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि NSUI के गोपाल चौधरी 1,958 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। तीसरे राउंड में गोपाल चौधरी को सबसे ज्यादा 558 वोट मिले। वहीं, लेफ्ट उम्मीदवार बी. पारिजात 811 वोटों के साथ पीछे रहे।

बता दें कि DUSU चुनाव 2026 के वोटों की गिनती शनिवार को शुरू हुई। प्रेसिडेंट, वाइस-प्रेसिडेंट, सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी के चार मुख्य पदों के नतीजे दिन में बाद में घोषित होने की उम्मीद है।

वोटों की गिनती दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस स्थित यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स स्टेडियम के मल्टीपर्पस हॉल में हो रही है।

दो चरणों में हुई वोटिंग, 40.46% छात्रों ने डाले वोट

बता दें कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में 52 पोलिंग सेंटर्स पर दो चरणों में वोटिंग के बाद शुक्रवार को DUSU चुनाव के लिए वोटिंग खत्म हो गई। इस बार कुल 40.46% वोटिंग दर्ज की गई, जो पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा है। पिछले साल वोटिंग 39.5% थी।

वोटिंग का पहला चरण सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक हुआ, जबकि शाम की क्लास वाले स्टूडेंट्स के लिए दूसरा चरण दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक हुआ।

चुनाव के लिए कुल 1,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का इंतजeम किया गया था, जिनमें से 960 वोटिंग के लिए इस्तेमाल की गईं और 40 रिजर्व में रखी गईं।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, इस बार DUSU चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) व स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के गठबंधन समेत प्रमुख छात्र संगठनों के कुल 20 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा।

उम्मीदवारों की अंतिम अनंतिम सूची के अनुसार, अध्यक्ष पद के लिए सात, उपाध्यक्ष के लिए पांच, सचिव के लिए चार और संयुक्त सचिव के लिए चार उम्मीदवार मैदान में थे।

एजेंसी के रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव में मुख्य मुकाबला ABVP और NSUI के बीच है। ABVP ने अध्यक्ष पद के लिए यश डबास और उपाध्यक्ष पद के लिए इशू मौर्य को मैदान में उतारा है, जबकि NSUI ने इन दो पदों के लिए विजय शंकर मीणा और वीर छत्रथ को नामित किया है।

90 मिनट से भी कम समय में दिल्ली से करनाल और बावल! नमो भारत के 2 नए कॉरिडोर से इस बड़े इलाके की पूरी तस्वीर बदल जाएगी

दिल्ली का रैपिड रेल नेटवर्क अब मेरठ कॉरिडोर से आगे बढ़ाने की तैयारी है। न्यूज-18 की रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा के लिए दो नए हाई-स्पीड रूट भी जल्द शुरू हो सकते हैं। इनमें दिल्ली-करनाल और दिल्ली-गुरुग्राम-बावल कॉरिडोर शामिल हैं। इन रूट के बनने से हरियाणा के प्रमुख इंडस्ट्रियल, कॉमर्सियल और एजुकेशनल इलाकों तक पहुंचने में 90 मिनट से भी कम समय लगने की उम्मीद है।

रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) दोनों परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी लेने के लास्ट फेड में है। कुछ जगहों पर शुरुआती काम शुरू भी हो चुका है। टीम जमीन और सुविधाओं की जांच कर रही है और रूट के रास्ते में आने वाली पाइपलाइन और बिजली की लाइनों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है।

हरियाणा के इन इलाकों को होगा फायदा

दोनों कॉरिडोर शुरू होने के बाद नमो भारत नेटवर्क दिल्ली-मेरठ रूट से आगे हरियाणा के कई इलाकों तक पहुंच जाएगा। इससे दिल्ली की कनेक्टिविटी उत्तरी और दक्षिणी हरियाणा के प्रमुख क्षेत्रों से बेहतर होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली-करनाल कॉरिडोर से दिल्ली को सोनीपत के कुंडली इलाके से जोड़ा जाएगा। कुंडली में कई बड़े शिक्षण संस्थान और रिहायशी कॉलोनियां हैं। इस रूट के शुरू होने से दिल्ली और सोनीपत-कुंडली के बीच रोजाना आने-जाने वाले छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और स्थानीय लोगों का सफर आसान हो सकता है।

90 मिनट में तय होगी 3 घंटे की दूरी!

रिपोर्ट के मुताबिक, यह कॉरिडोर पानीपत तक पहुंच को भी आसान बनाएगा। पानीपत अपनी कपड़ा इंडस्ट्री के लिए जाना जाता है और यहां देश की बड़ी तेल रिफाइनरी भी है। इस रूट के शुरू होने से इंडस्ट्रियल इलाकों में काम करने वाले लोगों और कारोबारियों को तेज और बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। अभी ट्रैफिक के हिसाब से दिल्ली से करनाल सड़क के रास्ते पहुंचने में करीब 3 घंटे लग जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नमो भारत शुरू होने के बाद यह सफर करीब 90 मिनट में पूरा हो सकता है। इससे दिल्ली और करनाल के बीच रोजाना आने-जाने वाले लोगों का समय काफी बचेगा।

दूसरे कॉरिडोर का ये होगा रूट

दूसरा कॉरिडोर दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए बावल तक जाएगा। इससे राजधानी की कनेक्टिविटी दक्षिणी हरियाणा के बड़े ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग इलाके से बेहतर होगी। अभी दिल्ली से बावल सड़क के रास्ते पहुंचने में करीब 3 घंटे लगते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कॉरिडोर शुरू होने के बाद यह सफर करीब 65 से 67 मिनट में पूरा हो सकता है। इससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों, कर्मचारियों और कारोबार के सिलसिले में सफर करने वालों का हर हफ्ते कई घंटे का समय बच सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, दोनों परियोजनाओं को अभी केंद्र सरकार की कैबिनेट मंजूरी मिलना बाकी है, हालांकि जमीन पर तैयारी का काम चल रहा है। अगर तय समय के मुताबिक यात्रा पूरी होती है, तो इन दोनों कॉरिडोर से एनसीआर में सफर करना काफी आसान हो सकता है। सड़क से कई घंटे लगने वाले सफर को रैपिड रेल के जरिए करीब एक से डेढ़ घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

फरीदाबाद के पास नया शहर बसाने की तैयारी में HSVP, 10 लाख लोगों के रहने का तैयार हो रहा मास्टर प्लान

हरियाणा सरकार ने ‘नमो सिटी’ को विकसित करने का काम शुरू कर दिया है। यह एक ‘ग्रीनफील्ड’ शहर होगा, जिसे कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे और जल्द बनने वाले दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के आस-पास बसाने की योजना है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) ने लगभग 9000 एकड़ की इस परियोजना के लिए झज्जर, सोनीपत और रोहतक जिलों के गांवों की पहचान की है। प्राधिकरण ने वहां के किसानों से कहा है कि वे 31 अक्टूबर तक ‘ई-भूमि’ पोर्टल पर अपनी सहमति दें।

नमो सिटी क्या है?

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सबसे पहले इस साल जून के आखिर में नमो सिटी का विचार पेश किया था। तब वे दिल्ली के व्यापार प्रतिनिधियों से मिले थे और राजधानी के भीड़-भाड़ वाले बाजारों से थोक व्यापारियों को बाहर लाने के लिए 5,000 एकड़ की कमर्शियल टाउनशिप का प्रस्ताव रखा था।

सैनी का था ये प्रस्ताव

प्रस्ताव में एक ऐसा शहर जिसमें चौड़ी सड़कें, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंगल-विंडो और समय-सीमा के भीतर मंजूरी की व्यवस्था हो। निवेश व रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन भी मिलें। हरियाणा सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी की जानकारी के मुताबिक नमो सिटी का कॉन्सेप्ट KMP बेल्ट के लिए पहले से मौजूद बड़े विचार का ही एक हिस्सा है।

साल 2018 में हरियाणा कैबिनेट ने ‘पंचग्राम विकास विधेयक’ को मंजूरी दी थी। इसमें 50,000 हेक्टेयर में पांच नए शहर बसाने की योजना थी, जो आठ जिलों – सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, रेवाड़ी, मेवात (नूंह), फरीदाबाद और पलवल – में एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित होंगे।

इसके अलावा नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) ने 16 जून को ‘नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम’ (RRTS) कॉरिडोर के किनारे आत्मनिर्भर और पर्यावरण के अनुकूल शहरी केंद्र के तौर पर ‘नमो सिटी’ बसाने पर चर्चा की थी। यह उसी ब्रांडिंग से जुड़ा, लेकिन एक अलग हिस्सा है।

असल में नमो सिटी ब्रांडिंग का विचार भी उसी बैठक के एक फैसले से आया है। उस बैठक में बोर्ड ने नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर के मौजूदा और आने वाले चुनिंदा स्टेशनों पर चार ‘सेमी-ग्रीनफील्ड’ शहरों को ‘मिक्स्ड-यूज’ और ‘ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट’ (यातायात-केंद्रित विकास) के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव दिया था। इनका नाम ‘नमो सिटी’ रखा जाएगा और इन्हें नेशनल कैपिटल रीजन में शामिल राज्यों के बीच एक कॉम्पिटिटिव प्रोसेस के जरिए चुना जाएगा।

इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए बोर्ड ने ₹5,000 करोड़ के परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव को मंज़ूरी दी। इसमें ग्रांट, लोन और गारंटी सपोर्ट का मिला-जुला रूप शामिल है, जिसमें ₹1,000 करोड़ की ग्रांट भी है। NCRPB की फंडिंग का मकसद इन नोड्स पर विकास को तेजी देना है।

अधिकारी ने बताया कि हरियाणा का KMP-लिंक्ड नमो सिटी दो चीजों से प्रेरित है

जून में व्यापारियों को दूसरी जगह बसाने की घोषणा और एक्सप्रेसवे के किनारे सुनियोजित सैटेलाइट शहर बनाने का पुराना सपना। HSVP के जमीन अधिग्रहण के विज्ञापन (जो 1 सितंबर को छपा था) में नमो सिटी को 64,000 एकड़ के बड़े प्रोजेक्ट के हिस्से के तौर पर 9,000 एकड़ में बनाने की बात कही गई थी। इस बड़े प्रोजेक्ट में सोनीपत, रोहतक और झज्जर जैसे कई कस्बों में आम रिहायशी-कमर्शियल-संस्थागत विस्तार और ट्रांसपोर्ट नगर योजनाएं भी शामिल हैं। ये वही तीन जिले हैं, जिन्हें नमो सिटी के लिए चुना गया है।

HSVP ने नमो सिटी के लिए खास तौर पर 10 रेवेन्यू गांवों की पहचान की है

रोहतक में हसनगढ़ (1,320 एकड़), झज्जर में निलोठी, खेड़ी जसौर, जसौर खेड़ी और लोहारहेड़ी ( 1,731, 2,269, 1,315 और 1,117 एकड़) और सोनीपत में पाई, बरौना, खुरमापुर, रोहना और किढोली ( 1,040, 174, 440, 516 और 30 एकड़)। इन सबको मिलाकर कुल जमीन लगभग 10,000 एकड़ होती है।

इन गांवों के किसानों से कहा गया है कि वे 31 अक्टूबर तक e-Bhoomi पोर्टल पर अपनी सहमति दर्ज करें। इसके बाद HSVP का कहना है कि वह पॉलिसी के मुताबिक जमीन खरीदने और विकास का काम शुरू करेगा।

India vs West Indies: वेस्टइंडीज सीरीज के लिए हुआ स्क्वॉड का ऐलान, नमन धीर और आकिब नबी की टीम इंडिया में एंट्री

India vs West Indies: पंजाब के बल्लेबाज नमन धीर और जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज औकिब नबी को पहली बार भारत की वनडे टीम में जगह मिली है। दोनों को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। बता दें कि BCCI ने बुधवार (16 सितंबर) को X पर पोस्ट कर वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे और टी20 सीरीज के लिए टीमों का ऐलान किया। यह घरेलू सीरीज 27 सितंबर से तिरुवनंतपुरम में शुरू होगी।

शुभमन गिल तीन वनडे मैचों में ‘मेन इन ब्लू’ (भारतीय टीम) की कप्तानी करेंगे, जबकि श्रेयस अय्यर एशियन गेम्स 2026 के बाद जापान से लौटने पर पांच T20I मैचों में टीम की कमान संभालेंगे।

रोहित शर्मा और विराट कोहली को भारत की वनडे टीम में बनाए रखा गया है, साथ ही गुरनूर बरार, केएल राहुल, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव भी टीम में शामिल हैं। वहीं, जुलाई 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ न खेलने वाले रवींद्र जडेजा और मोहम्मद सिराज की भी वापसी हुई है।

अय्यर की गैर-मौजूदगी में, राहुल को वनडे सीरीज के लिए गिल का डिप्टी (उप-कप्तान) बनाया गया है। टीम में ऋतुराज गायकवाड़, ध्रुव जुरेल, नीतीश कुमार रेड्डी और यशस्वी जायसवाल भी शामिल हैं।

50 ओवर की टीम में आकिब और नमन ही दो नए चेहरे हैं। उन्होंने पहले कभी भारत के लिए किसी भी फॉर्मेट में नहीं खेला है, हालांकि आकिब पिछले महीने श्रीलंका दौरे पर भारत की टेस्ट टीम का हिस्सा थे।

बता दें कि नीतीश भारत की 2026 एशियाई खेलों की टीम का हिस्सा थे, लेकिन बुधवार को BCCI ने उन्हें टीम से हटा दिया और अब वह वनडे सीरीज में खेलेंगे।

भारत की वनडे टीम: शुबमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (उपकप्तान), ध्रुव जुरेल, नितीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जड़ेजा, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, मोहम्मद सिराज, औकिब नबी, यशस्वी जयसवाल, नमन धीर।

टी20 टीम में प्रिंस यादव और मयंक यादव के साथ कुलदीप यादव की वापसी हुई है। उन्होंने वरुण चक्रवर्ती, जसप्रित बुमराह और यश ठाकुर की जगह ली है।

गौरतलब है कि ठाकुर और बुमराह अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की T20I टीम का हिस्सा हैं और एशियाई खेलों में भी खेलेंगे, लेकिन उन्हें वेस्टइंडीज सीरीज के लिए नहीं चुना गया है।

भारत की T20I टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, नितीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव, मयंक यादव।

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15-15 करोड़ के मकान, लेकिन सड़कें सुनसान! NRI ने दिखाई अमेरिका की वो सच्चाई जिसे देखकर चौंक गए लोग

भारत में शाम होते ही मोहल्लों का माहौल बदल जाता है। बच्चे बाहर खेलते हैं, लोग टहलते हैं, पड़ोसी आपस में बातचीत करते हैं और गलियों में चहल-पहल बढ़ जाती है। लेकिन अमेरिका के एक रिहायशी इलाके का नजारा इससे बिल्कुल अलग दिखा। अमेरिका में रहने वाले एक भारतीय ने शाम करीब 6 बजे अपने आसपास का वीडियो बनाया, जिसमें बड़े-बड़े घर तो नजर आए,लेकिन सड़क पर लोग लगभग गायब दिखे।

अमेरिका में पिछले पांच साल से रह रहे नितिन मल्होत्रा ने इंस्टाग्राम पर यह वीडियो साझा किया है। वह अपने पड़ोस की गलियों में चलते हुए वहां बने आलीशान घरों को दिखाते हैं। उनके मुताबिक, इस इलाके में कई घरों की कीमत करीब 10 लाख डॉलर या उससे भी ज्यादा है। भारतीय मुद्रा में देखें तो यह रकम कई करोड़ रुपये बैठती है।

करोड़ों के घर, लेकिन बाहर कोई नजर नहीं आया

वीडियो में चौड़ी सड़कें, बड़े मकान और उनके सामने बने ड्राइववे दिखाई देते हैं। देखने में पूरा इलाका बेहद व्यवस्थित और शांत नजर आता है। हालांकि, नितिन का ध्यान जिस बात ने सबसे ज्यादा खींचा, वह थी सड़कों पर लोगों की गैरमौजूदगी। वीडियो बनाते हुए वह कहते हैं कि शाम के वक्त भी सड़क पर एक भी व्यक्ति दिखाई नहीं दे रहा। उनका कहना है कि भारत में इसी समय आमतौर पर मोहल्लों में काफी हलचल देखने को मिलती है।

नितिन के मुताबिक, इस इलाके में कुछ घरों की कीमत करीब 5 करोड़, कुछ की 10 करोड़ और कुछ की 15 करोड़ रुपये तक हो सकती है। इसके बावजूद शाम के समय आसपास का माहौल बेहद शांत रहता है।

‘अमेरिका आकर करोगे क्या?’

नितिन ने अपने अनुभव की तुलना भारत की रोजमर्रा की जिंदगी से भी की। उनका कहना है कि भारत में शाम के वक्त लोग अक्सर घरों से बाहर निकलते हैं। बच्चे खेलते हैं, लोग पड़ोसियों से मिलते हैं और आसपास की दुकानों पर भी भीड़ दिखाई देती है। इसके उलट अमेरिकी उपनगरों में लोगों का ज्यादातर समय घर के अंदर या अपनी निजी जिंदगी में गुजर सकता है। नितिन ने बताया कि उन्होंने टेक्सास, कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क के कुछ इलाकों में भी इसी तरह का माहौल देखा है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि जहां भारतीय या दूसरे प्रवासी समुदाय बड़ी संख्या में रहते हैं, वहां माहौल कुछ अलग हो सकता है।

आखिर अमेरिकी उपनगर इतने शांत क्यों रहते हैं?

वीडियो में दिख रहा इलाका पूरे अमेरिका की तस्वीर नहीं है। यह मुख्य रूप से अमेरिकी उपनगरीय इलाकों की जीवनशैली की एक झलक है। ऐसे कई इलाकों में घर एक-दूसरे से काफी दूरी पर बने होते हैं और रोजमर्रा की जरूरतों की जगहें भी अक्सर पैदल दूरी पर नहीं होतीं। लोग काम,खरीदारी या दूसरी जगहों पर जाने के लिए कार का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सड़कों पर पैदल चलते या बैठकर बातचीत करते लोग कम दिखाई दे सकते हैं।

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किसी को सुकून, किसी को लगा अकेलापन

नितिन के वीडियो पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग रहीं। कुछ यूजर्स को खाली और शांत सड़कें बेहद सुकून देने वाली लगीं, जबकि कुछ लोगों को इतना शांत माहौल देखकर अकेलापन महसूस हुआ।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

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दिल्ली में दौड़ेगी भारत की पहली 3-कोच वाली मेट्रो! लाजपत नगर से साकेत तक बनेगा नया रूट, जानें पूरा प्लान

Delhi Metro: दिल्ली में मेट्रो से सफर करने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है। जल्द ही लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक के बीच एक नया मेट्रो कॉरिडोर बनने जा रहा है। इस नए रूट के शुरू होने से दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। खास बात यह है कि इस कॉरिडोर पर तीन कोच वाली छोटी मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना है।

बता दें की नया लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो के फेज-4 विस्तार का हिस्सा है। करीब 8 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर का पूरा हिस्सा एलिवेटेड होगा और इसमें कुल 8 स्टेशन बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट का मकसद दक्षिण दिल्ली में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर करना है, ताकि रिहायशी, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल इलाकों के बीच आने-जाने वाले लोगों को ज्यादा सुविधाजनक सफर मिल सके।

इन 8 स्टेशनों से जुड़ेगा नया मेट्रो रूट

प्रस्तावित कॉरिडोर पर लाजपत नगर, एंड्रयूज गंज, ग्रेटर कैलाश-1, चिराग दिल्ली, पुष्पा भवन, साकेत कोर्ट, पुष्प विहार और साकेत जी ब्लॉक स्टेशन होंगे। इस नए रूट से ग्रेटर कैलाश-1, पुष्प विहार और साकेत जैसे प्रमुख इलाकों को सीधे मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

इस कॉरिडोर की सबसे खास बातों में से एक है भारत की पहली तीन-कोच वाली मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना। कई व्यस्त रूटों पर चलने वाली लंबी मेट्रो ट्रेनों के उलट, ये ट्रेनें कम दूरी की शहरी यात्रा के लिए बनाई गई हैं। हर ट्रेन में लगभग 900 यात्रियों के बैठने की जगह होगी, जिसमें हर कोच में करीब 300 यात्री आ सकेंगे। छोटी ट्रेन का यह कॉन्फिगरेशन इस अपेक्षाकृत छोटे कॉरिडोर पर होने वाली संभावित मांग को ध्यान में रखकर तय किया गया है।

नया कॉरिडोर लाजपत नगर में एक और मेट्रो कनेक्शन जोड़ेगा। यह स्टेशन गोल्डन लाइन को मौजूदा वॉयलेट और पिंक लाइनों से जोड़ेगा, जिससे यह एक ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन बन जाएगा। इससे यात्रियों को लाइन बदलने और दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में जाने के लिए ज्यादा विकल्प मिलेंगे।

चिराग दिल्ली इस रूट का एक और अहम स्टेशन है। यह मैजेंटा लाइन के साथ इंटरचेंज की सुविधा देगा, जिससे यात्री एक और बड़े मेट्रो कॉरिडोर से जुड़ सकेंगे। उम्मीद है कि इस कनेक्शन से दक्षिण दिल्ली से गुजरकर शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाने वाले यात्रियों के लिए सफर ज्यादा आसान हो जाएगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कॉरिडोर पर रोजाना बड़ी संख्या में यात्रियों के आने-जाने की उम्मीद है क्योंकि यह घनी आबादी वाले इलाकों और ज्यादा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों को जोड़ता है। दिल्ली मेट्रो का अनुमान है कि रोजाना लगभग 60,000 से 80,000 यात्री इस पर सफर करेंगे और ट्रेन की फ्रीक्वेंसी में सुधार के बाद 2041 तक यह संख्या 1.2 लाख से ज्यादा हो सकती है। ये आंकड़े अनुमान हैं, न कि यात्रियों की असल संख्या।

बता दें कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने दिसंबर 2025 में इस कॉरिडोर पर निर्माण कार्य शुरू किया था। साकेत इलाके में पुष्पा भवन के पास पहला टेस्ट पाइल और शिलान्यास समारोह हुआ। यह कॉरिडोर बड़े ‘गोल्डन लाइन’ विस्तार से भी जुड़ा है, जिसमें तुगलकाबाद-एरोसिटी रूट भी शामिल है।

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Ramayana Poster: ‘रामायणम्’ का नया पोस्टर हुआ रिलीज, राम-सीता का दिखा मनमोहक अंदाज

Ramayana Poster: ‘रामायणम्’ के मेकर्स ने एक नया पोस्टर जारी किया है, जिसमें रणबीर कपूर राम के रोल में और साई पल्लवी सीता के रोल में नजर आ रहे हैं। यह बहुत प्यारा है। नया पोस्टर उनके रिश्ते के सॉफ्ट पल को खूबसूरती से दिखा रहा है। सोशल मीडिया पर पोस्टर तेजी से रिलीज हो रहा है।

‘रामायणम्’ का पोस्टर रिलीज

पोस्टर में राम और सीता को सेफ्रॉन कपड़ों में नदी के किनारे बैठे हुए दिखाया गया है। ये पल उनके वनवास के समय का है। राम प्यार से सीता के बाल ठीक करते हुए दिख रहे हैं, जबकि सीता शरमाते हुए मुस्कुरा रही हैं। यह एक बहुत ही साधारण पल है, लेकिन यही बात इस पोस्टर को खास बनाती है। मेकर्स ने “सिया राम के मजबूत रिश्के” का जश्न मनाते हुए इसे शेयर किया।

‘रामायणम्’ का पहला गाना आज रिलीज होगा!

लेकिन सिर्फ पोस्टर ही नहीं आ रहा है। इसके रिलीज होने के बाद मेकर्स ‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ लॉन्च करेंगे। इस गाने को एआर रहमान ने कंपोज किया है और इसके बोल डॉ. कुमार विश्वास ने लिखे हैं। इस गाने में भारतीय संगीत की दो सबसे बड़ी आवाजें – श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह – शामिल हैं।

मेकर्स ने बड़ी घोषणा की

मेकर्स ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि फिल्म का म्यूजिकल सफर आधिकारिक तौर पर गणेश चतुर्थी पर शुरू होगा, जिसमें ‘सिया राम’ पोस्टर का अनावरण किया जाएगा और उसके बाद पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज किया जाएगा। नोट में लिखा था, “हर शुभ शुरुआत एक प्रार्थना के साथ होती है। इस गणेश चतुर्थी पर ‘रामायणम्’ का म्यूजिकल सफर सुबह 7:30 बजे (IST) हमारे ‘सिया राम’ पोस्टर के अनावरण के साथ शुरू होगा। इसके तुरंत बाद हमारा पहला म्यूजिकल तोहफा ‘जय जय राम’ आएगा। संगीत एआर रहमान बोल- डॉ. कुमार विश्वास, गायक- श्रेया घोषाल और अरिजीत सिंह।” इसके साथ ही मेकर्स ने कैप्शन में लिखा- “गणपति बप्पा के आशीर्वाद से हम कल ‘रामायणम्’ का म्यूजिकल सफर शुरू कर रहे हैं।”

‘रामायणम्’ के बारे में

नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित ‘रामायणम्’ को इस महाकाव्य के दो-भाग वाले रूपांतरण के रूप में बनाया जा रहा है। रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, साई पल्लवी सीता के रूप में हैं, यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं, रवि दुबे लक्ष्मण का किरदार निभा रहे हैं, और सनी देओल हनुमान के रूप में नजर आएंगे। इसके साथ ही मेकर्स ने कैप्शन में लिखा- “गणपति बप्पा के आशीर्वाद से हम कल ‘रामायणम्’ का म्यूजिकल सफर शुरू कर रहे हैं।”

A-One Steels IPO: मेनबोर्ड सेगमेंट में ₹405 करोड़ का एक और इश्यू, रहेंगे ₹355 करोड़ के नए शेयर

देश के IPO मार्केट में पिछले कुछ वक्त से हलचल काफी तेज है। एक ​के बाद एक बड़ी संख्या में पब्लिक इश्यू लॉन्च हो रहे हैं। मेनबोर्ड सेगमेंट में भी लगातार नए IPO आ रहे हैं। इसी कड़ी में जल्द ही A-One Steels India का नाम भी जुड़ने वाला है। कंपनी ₹405 करोड़ का इश्यू लॉन्च करने जा रही है। यह 24 सितंबर को खुलेगा और 28 सितंबर को बंद होगा। प्राइस बैंड और लॉट साइज तय होना अभी बाकी है। IPO में ₹355 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। साथ ही ₹50 करोड़ का ऑफर फॉर सेल रहेगा, जिसमें कंपनी के प्रमोटर संदीप कुमार, सुनील जालान और कृष्ण कुमार जालान शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे।

इस IPO में एंकर निवेशक 23 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। क्लोजिंग के बाद अलॉटमेंट 29 सितंबर को फाइनल होगा। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग NSE और BSE पर 1 अक्टूबर को हो सकती है। इस इश्यू के लिए PL कैपिटल मार्केट्स और खंबाटा सिक्योरिटीज बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। रजिस्ट्रार बिगशेयर सर्विसेज है।

A-One Steels IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है। पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए ​किया जाएगा।

क्या करती है कंपनी

A-one Steels India Limited एक बैकवर्ड-इंटीग्रेटेड स्टील मैन्युफैक्चरर है। यह लंबे और फ्लैट स्टील प्रोडक्ट्स के साथ-साथ स्टील बनाने में इस्तेमाल होने वाले इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स की भी पेशकश करती है। कंपनी MS बिलेट्स से HR और CR कॉइल बनाती है, जिन्हें बाद में HR पाइप, CR पाइप और गैल्वेनाइज्ड ट्यूब में बदला जाता है। यह लंबे स्टील प्रोडक्ट्स के तौर पर MS बिलेट्स से TMT बार भी बनाती है। कंपनी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कई इंडस्ट्रीज में होता है, जैसे कंस्ट्रक्शन, इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर प्लांट, बांध, एयरपोर्ट, पुल, फ्लाईओवर, स्टेडियम, हाइवे, मरीन स्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल बिल्डिंग और ऊंची रिहायशी इमारतें।

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कंपनी मेट कोक और सिलिकॉन मैंगनीज/फेरोसिलिकॉन जैसे इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट भी बनाती है, जिन्हें खुले बाजार में बेचा जाता है। स्टील इंडस्ट्री में एलॉयिंग (मिश्र धातु बनाने) के लिए फेरोसिलिकॉन बहुत जरूरी है। A-one Steels की 6 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, जिनमें से 5 कर्नाटक में गौरीबिदानूर, बेल्लारी, कोप्पल, चिक्कंतापुर में हैं। एक यूनिट आंध्र प्रदेश के हिंदूपुर में है।

A-One Steels की वित्तीय सेहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 18 प्रतिशत बढ़कर ₹4,202 करोड़ रहा। शुद्ध मुनाफा 1552 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹127.41 करोड़ दर्ज किया गया। इस बीच कंपनी पर ₹1,010.94 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू ₹3,569.63 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹7.71 करोड़ रहा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।