Toxic worldwide box office collection day 1: यश स्टारर ने की 140 करोड़ की जबरदस्त ओपनिंग, इन फिल्मों का पहले दिन ही तोड़ा रिकॉर्ड

Toxic worldwide box office collection day 1: गीतू मोहनदास की यश-स्टारर फिल्म ‘टॉक्सिक’ ने सभी उम्मीदों को पीछे छोड़ते हुए बॉक्स ऑफ़िस पर पहले दिन जबरदस्त कमाई की। ‘A’ रेटिंग वाली इस फ़िल्म ने उन सभी अनुमानों को गलत साबित कर दिया, जिनमें भारत में इसकी शुरुआती कमाई लगभग ₹80-85 करोड़ (नेट) और दुनिया भर में ₹110 करोड़ (ग्रॉस) रहने की बात कही गई थी। आखिरकार, ‘टॉक्सिक’ ने देश में ₹100 करोड़ और दुनिया भर में ₹140 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया।

‘Toxic’ बॉक्स ऑफ़िस अपडेट

‘Toxic’ से पूरे भारत में ज़बरदस्त शुरुआत की उम्मीद थी। लेकिन इतनी ज़्यादा उम्मीदों के बावजूद, ‘Toxic’ ने बहुत तेज़ी से कमाई की। Sacnilk की रिपोर्ट के मुताबिक, फ़िल्म ने रिलीज़ के दिन पूरे भारत में ₹101 करोड़ नेट (₹120 करोड़ ग्रॉस) की कमाई की। इसमें फ़िल्म के हिंदी वर्ज़न का बड़ा योगदान रहा, जिसने ₹55 करोड़ कमाए।

कन्नड़ वर्ज़न काफ़ी पीछे रहा और अच्छी ऑक्यूपेंसी के बावजूद ₹25 करोड़ का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया। तेलुगु डब्ड वर्ज़न ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और उस दिन ₹11 करोड़ नेट कमाए। यह फ़िल्म इस साल घरेलू बाज़ार में किसी भारतीय फ़िल्म की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फ़िल्म बनी। इससे आगे सिर्फ़ ‘Dhurandhar 2’ थी, जिसने ₹103 करोड़ की ऐतिहासिक शुरुआत की थी।

हालांकि, विदेशी बाज़ार में ‘Toxic’ को वैसी पकड़ नहीं मिली जैसी ‘Dhurandhar 2’ और ‘Pathaan’ को मिली थी। इसने विदेश में अपने पहले दिन $2 मिलियन से कुछ ज़्यादा की कमाई की। फिर भी, यह फ़िल्म को दुनिया भर में ₹140 करोड़ की ओपनिंग-डे ग्रॉस कमाई दिलाने के लिए काफ़ी था, जो कन्नड़ सिनेमा के इतिहास में दूसरी सबसे ज़्यादा कमाई है।

Toxic ने Jawan, Adipurush और Animal को पीछे छोड़ा

Toxic की पहले दिन की कमाई इसे अब तक की टॉप-15 भारतीय फ़िल्म ओपनिंग में जगह दिलाने के लिए काफ़ी थी। भारत में शानदार प्रदर्शन की बदौलत, गीतू मोहनदास की यह फ़िल्म Pathaan (₹104 करोड़), Animal (₹116 करोड़), Adipurush (₹127 करोड़) और Jawan (₹129 करोड़) जैसी बड़ी फ़िल्मों की ग्लोबल ओपनिंग कमाई को पीछे छोड़ने में कामयाब रही।

 

हालांकि, यह यश के ही ₹164 करोड़ के रिकॉर्ड से पीछे रह गई, जो चार साल पहले KGF Chapter 2 ने बनाया था। यह साल की सबसे बड़ी ओपनिंग – Dhurandhar 2 की ₹205 करोड़ – से भी काफ़ी पीछे रह गई।

Toxic के बारे में सब कुछ

गीतू मोहनदास की डायरेक्ट की गई फ़िल्म Toxic में नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, रुक्मिणी वसंत और तारा सुतारिया भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह फ़िल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई। Toxic अपने हॉट और इंटीमेट सीन और ऐसे सीक्वेंस की वजह से चर्चा में रही है, जिनमें इमेज और डायलॉग के ज़रिए महिलाओं को अच्छी छवि में नहीं दिखाया गया है। CBFC ने बिना किसी कट के और ‘A’ रेटिंग के साथ फ़िल्म को मंज़ूरी दी थी। फ़िल्म को ज़्यादातर नेगेटिव रिव्यू मिले हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में इसके ‘वर्ड ऑफ़ माउथ’ (लोगों की राय) पर पड़ सकता है।

Stocks to Watch: Sensex की मंथली एक्सपायरी; Groww, IRB Infra और Vedanta समेत ये 18 शेयर फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 34.00 प्वाइंट्स यानी 0.14% की गिरावट के साथ 24,362.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स और बैंकेक्स समेत बीएसई के सभी इंडेक्सेज के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 26 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 183.15 प्वाइंट्स यानी 0.24% की गिरावट के साथ 77,472.94 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 126.80 प्वाइंट्स यानी 0.52% की फिसलन के साथ 24,207.75 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Juniper Green Energy Q1 (Consolidated YoY)

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर जुनिपर ग्रीन एनर्जी का कंसालिडेटेड प्रॉफिट सालाना आधार पर 54.2% बढ़कर ₹33.5 करोड़ और रेवेन्यू 81.2% उछलकर ₹291.2 करोड़ पर पहुंच गया।

ICICI Prudential AMC

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक प्रूडेंशियल कॉरपोरेशन होल्डिंग्स की योजना ICICI प्रूडेंशियल एएमसी में 2% हिस्सेदारी ₹3,121 करोड़ में बेचने की है। हालांकि यह मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की शर्तों को पूरा करने के लिए है। जून 2026 तक के आंकड़ों के हिसाब से अभी कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 87.6% है जिसमें प्रूडेंशियल कॉरपोरेशन की हिस्सेदारी 34.59% है।

Foseco India

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक मॉर्गनाइट क्रूसिबल और मॉर्गन टेरासेन बीवी ब्लॉक डील्स के जरिए फोसेको इंडिया में अपनी पूरी 15.27% हिस्सेदारी बेच सकती है। ₹664.4 करोड़ के इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹5,773.63 तय किया गया है।

Aye Finance

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक अल्फा वेव इंडिया I एलपी ब्लॉक डील के जरिए आय फाइनेंस में अपनी पूरी 7.8% हिस्सेदारी बेच सकती है। ₹320.4 करोड़ के इस डील के लिए फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹167 तय किया गया है।

Fino Payments Bank

आरबीआई ने फिनो पेमेंट्स बैंक के अंतरिम सीईओ के तौर पर केतन मर्चेंट का कार्यकाल तीन महीने और बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। वह 27 अगस्त 2026 से तीन महीने या रेगुलर एमडी-सीईओ की नियुक्ति तक, जो भी पहले हो, तक जिम्मेदारी संभालेंगे।

IRB Infrastructure Developers

आईआरबी इंफ्रा के बोर्ड ने प्रस्तावित प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए IRB InvIT Fund की यूनिट्स में ₹351 करोड़ तक के निवेश को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने 5.4 करोड़ अतिरिक्त यूनिट्स को ₹65 के भाव पर खरीदने का प्रस्ताव रखा है। IRB InvIT Fund मार्केट में लिस्टेड इंफ्रा इंवेस्टमेंट ट्रस्ट आईआरबी इंफ्रा ट्रस्ट से दो प्रोजेक्ट SPV खरीदने के लिए फंड जुटा रहा है।

Bharat Electronics Ltd (BEL)

भारत इलेट्रॉनिक्स को 10 अगस्त से ₹730 करोड़ के अतिरिक्त ऑर्डर मिले हैं।

Max Healthcare Institute

मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट की सब्सिडियरी आल्प्स हॉस्पिटल को डायरेक्टरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस (DGGI), मुंबई से एक शो-कॉज-कम-डिमांड नोटिस मिला है। इसमें ₹165.7 करोड़ के जीएसटी की मांग की गई है, जिसमें ₹110.47 करोड़ का जुर्माना भी शामिल है।

Vedanta

वेदांता की पैरेंट कंपनी वेदांता रिसोर्सेज ने वह वेदांता, वेदांता एल्युमीनियम या वेदांता ग्रुप की किसी अन्य कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की चर्चाओं को खारिज कर दिया और कहा कि फिलहाल कोई भी हिस्सेदारी बेचने की ऐसी कोई योजना नहीं है।

Physicswallah

लाइटस्पीड अपॉर्चुनिटी फंड II LP ने फिजिक्सवाला के अपने पूरे 4.67 करोड़ शेयर (1.61% हिस्सेदारी) ₹549.73 करोड़ में प्रति शेयर ₹117.72 के भाव पर बेच दिए। इस ब्लॉक डील के तहत ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली एशिया सिंगापुर, सोसिएट जेनरल, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स मॉरीशस, विरिडियन एशिया अपॉर्चुनिटीज मास्टर फंड, सफ्रा सारासिन फंड मैनेजमेंट SA, घिसालो मास्टर फंड, मेडिओलानम इंटरनेशनल फंड्स, न्यूयॉर्क स्टेट टीचर्स रिटायरमेंट सिस्टम, OP-इंडिया फंड और टाटा AIA लाइफ इंश्योरेंस कंपनी ने शेयर बेचे हैं।

Rubicon Research

जनरल अटलांटिक सिंगापुर ने रुबिकॉन रिसर्च के 1.38 करोड़ शेयर (8.37% हिस्सेदारी) ₹2,291.61 करोड़ में प्रति शेयर ₹1660 के भाव पर बेच दिए। जून 2026 तक कंपनी में 35.83% हिस्सेदारी वाले विदेशी प्रमोटर जनरल अटलांटिक ने ब्लॉक डील के जरिए 10 घरेलू और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स- कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड, नोमुरा इंडिया इन्वेस्टमेंट फंड मदर फंड, एचडीएफसी एएमसी, ICICI प्रूडेंशियल AMC, SBI म्यूचुअल फंड, VEMF-A LP, एक्सिस MF, TIMF होल्डिंग्स, एरंडा इन्वेस्टमेंट्स और PI अपॉर्चुनिटीज AIF V LLP को बेचे हैं।

Billionbrains Garage Ventures (Groww)

रिबिट कैपिटल V ने ग्रो के 6.31 करोड़ इक्विटी शेयर ₹196 के भाव पर ₹1,238.1 करोड़ में तो रिबिट केमैन GW होल्डिंग्स V ने 4.99 करोड़ शेयर ₹196.06 के भाव पर ₹979.16 करोड़ में बेच दिए। इन दोनों कंपनियों ने मिलकर कुल 11.31 करोड़ शेयर (1.8% हिस्सेदारी) 2,217.3 करोड़ रुपये में बेचे। जून 2026 तक रिबिट केमैन GW होल्डिंग्स V के पास ग्रो में 4.46% और रिबिट कैपिटल V LP की 5.64% हिस्सेदारी थी।

Welspun Corp

प्रति शेयर ₹2,275.30 के भाव पर प्रमोटर वेल्सपन इन्वेस्टमेंट्स एंड कमर्शियल्स ने वेल्सपन कॉर्प के 60 लाख शेयर (2.27% हिस्सेदारी) ₹1,365.2 करोड़ तो वेल्सपन कॉर्प के एमडी और सीईओ विपुल माथुर ने 3 लाख शेयर (0.11% हिस्सेदारी) ₹68.3 करोड़ में बेच दिए। दोनो ने कुल मिलाकर 2.38% हिस्सेदारी बेची। वहीं कैपिटल ग्रुप ने 14 स्कीमों के जरिए ₹1,088.6 करोड़ में 1.81% हिस्सेदारी के बराबर वेल्सपन कॉर्प के 47.84 लाख शेयर और खरीदे तो एबरडीन ग्रुप ने छह स्कीमों के जरिए ₹150.76 करोड़ में 6.62 लाख शेयर (0.25% हिस्सेदारी) खरीदे। इसके अलावा क्वांट म्यूचुअल फंड, क्वांट स्मॉल कैप फंड, एडलवाइस लाइफ इंश्योरेंस कंपनी और एडलवाइस म्यूचुअल फंड ने भी शेयर खरीदे हैं।

Viyash Scientific

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म द कार्लाइल ग्रुप की कंपनियों- सीए हुल इन्वेस्टमेंट्स और सीए हार्बर इन्वेस्टमेंट्स ने वियश साइंटिफिक के 4.75 करोड़ शेयर (10.88% हिस्सेदारी) अलग-अलग भाव पर ₹1,259.4 करोड़ में बेच दिए। जून 2026 तक कार्लाइल ग्रुप की कंपनी में 61.31% हिस्सेदारी थी। कार्लाइल ने जो शेयर बेचे हैं, उसमें 1.08 करोड़ शेयर छह निवेशकों- कोटक महिंद्रा AMC, बंधन MF, एडलवाइस MF, पनवीरा इंडिया इनोवेशन फंड, एस गुप्ता होम्स और आगम इन्वेस्टमेंट्स ने खरीदे हैं।

Gaja Alternative Asset Management

इनवेस्को म्यूचुअल फंड ने लिस्टिंग के दिन गजा कैपिटल के अतिरिक्त 85.95 लाख शेयर (6.09% हिस्सेदारी) ₹157.8 करोड़ में खरीद लिए। IPO बंद होने के बाद लेटेस्ट शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार इनवेस्को इंडिया फाइनेंशियल सर्विसेज फंड की कंपनी में 1.71% हिस्सेदारी थी, और अब लिस्टिंग के दिन खरीदारी के बाद उसकी कुल हिस्सेदारी 7.8% हो गई।

Avenue Supermarts (DMart)

कैपिटल ग्रुप की अमेरिकन फंड्स इंश्योरेंस सीरीज ग्लोबल ग्रोथ एंड इनकम फंड ने डीमार्ट के एवेन्यू सुपरमार्ट्स के 67.64 लाख शेयर (1.03% हिस्सेदारी) ₹2,537.12 करोड़ में प्रति शेयर ₹3,750.58 के भाव पर बेच दिए।

Standard Engineering Technology

अमांसा होल्डिंग ने स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी के अतिरिक्त 11.58 लाख शेयर ₹37.59 करोड़ में प्रति शेयर ₹324.60 के भाव पर बेच दिए।

TCC Concept

गोल्डमैन सैक्स एशिया स्ट्रैटेजिक ने टीसीसी कॉन्सेप्ट के 4.04 लाख शेयर ₹10.46 करोड़ में प्रति शेयर ₹258.48 के भाव पर बेच दिए।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

एक्स-डिविडेंड: PFC (पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन), पीएंडजी (प्रॉक्टर एंड गैंबल) हेल्थ, थॉमस कुक (इंडिया), DOMS इंडस्ट्रीज, यश हाईवोल्टेज, मानक्सिया कोटेड मेटल्स एंड इंडस्ट्रीज

एक्स-राइट्स: एनसीएल रिसर्च एंड फाइनेंशियल सर्विसेज

F&O बैन: आज SAIL में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nepal Flash Flood: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ चीन से किए गए एकतरफा प्यार का नतीजा! लोकल पत्रकार ने किया सनसनीखेज दावा

Nepal Flash Flood: नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाकों में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। तिब्बत की तरफ से आई इस अचानक बाढ़ ने नेपाल के सीमावर्ती गांवों में भारी तबाही मचाई है। इस भीषण आपदा के बीच नेपाल के एक प्रमुख पत्रकार ने बीजिंग पर समय रहते अर्ली वार्निंग न देने का आरोप लगाते हुए कड़ा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर काठमांडू को चीन के साथ अपने संबंधों में इस एकतरफा प्यार का खामियाजा क्यों भुगतना पड़ रहा है।

नेपाली पत्रकार का बीजिंग पर सीधा निशाना

विदेश और सामरिक मामलों के वरिष्ठ नेपाली पत्रकार परशुराम काफ्ले ने बीजिंग द्वारा पूर्व चेतावनी न दिए जाने पर अप्रत्यक्ष लेकिन बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने चीन का नाम लिए बिना उसे नेपाल का उत्तरी पड़ोसी कहकर संबोधित किया और आरोप लगाया कि समय पर अलर्ट न भेजकर उसने नेपाल की स्थिति को गंभीर रूप से कमजोर किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए काफ्ले ने लिखा कि ‘नेपाल अपने पड़ोसियों की जायज सुरक्षा चिंताओं का लगातार समाधान करता रहा है। हालांकि बेहद दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि हमारे उत्तरी पड़ोसी ने हमें काफी नुकसान पहुंचाया है। इतनी बड़ी आपदा की समय पर पूर्व चेतावनी न देकर उन्होंने हमारे यहां बड़े पैमाने पर जन-धन की हानि की वजह तैयार की।’

एकतरफा प्यार की कीमत अकेला नेपाल क्यों चुकाए?

अपनी पोस्ट में काफ्ले ने नेपाल और चीन के बीच के इस द्विपक्षीय रिश्ते के स्वरूप पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चीनी क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले संकटों का सामना नेपाल को बार-बार करना पड़ता है जबकि काठमांडू बीजिंग की हर छोटी-बड़ी मांग और चिंताओं का ख्याल रखता है। काफ्ले ने आगे लिखा कि ‘हम लगातार उनके क्षेत्र (चीन) से शुरू होने वाले संकटों का सामना करते आ रहे हैं जबकि हम उनकी सभी जरूरतों और अनावश्यक-आवश्यक चिंताओं को पूरा करते रहते हैं। आखिर इस एकतरफा प्यार की कीमत अकेले नेपाल को ही क्यों चुकानी पड़े?’

सीमा पर भारी तबाही, भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा

यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब बुधवार सुबह तिब्बत सीमा से लगे नेपाल के रसुवा जिले में अचानक विनाशकारी बाढ़ आ गई। तिब्बती क्षेत्र से अचानक पानी के भारी सैलाब ने करीब सुबह 9 बजे नेपाल की भोटेकोशी नदी में प्रवेश किया। इस जल प्रलय के चलते सीमावर्ती टिमुरे और स्याप्रु बेसी इलाकों में तबाही देखने को मिली। नदी के तेज बहाव ने कई रिहायशी बस्तियों, इंफ्रास्ट्रक्चर, गाड़ियों और सड़कों को अपनी चपेट में ले लिया और भारी नुकसान पहुंचाया।

सेना और पुलिस के साथ युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन

आपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने तुरंत राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने प्रभावित इलाकों में तुरंत राहत कार्य चलाने और खोज अभियान को गति देने के निर्देश दिए हैं। आधिकारिक बयानों के मुताबिक प्रभावित बस्तियों में राहत पहुंचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है और हताहतों व मौतों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट होना बाकी है।

क्रॉस-बॉर्डर अर्ली वार्निंग सिस्टम पर उठे सवाल

इस भीषण बाढ़ ने दो पड़ोसी देशों के बीच सीमा पार सूचना साझा करने के तंत्रकी पोल खोलकर रख दी है। संवेदनशील और आपदा-संभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी आपदाओं की जानकारी साझा करना बेहद जरूरी माना जाता है। इस घटना ने काठमांडू और बीजिंग के बीच कूटनीतिक और सामरिक विश्वास पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

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Asian Games में नीरज चोपड़ा करेंगे 55 भारतीय एथलीटों की अगुवाई

Neeraj Chopra

दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स 2026 में 73 सदस्यों वाली भारतीय एथलेटिक्स दल की अगुवाई करेंगे। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंकने वाले खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर हिस्सा लेंगे। उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023 में गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय जैवलिन थ्रोअर के साथ रोहित यादव भी होंगे, जिन्होंने शनिवार को भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट में जीत हासिल करते हुए अपना पर्सनल बेस्ट 87.68 मीटर किया।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के कांस्य पदक विजेता यश वीर सिंह इसमें शामिल नहीं हो पाए हैं, क्योंकि इस प्रतियोगिता के लिए केवल दो भारतीयों को चुना गया है। आइची-नागोया 2026 के लिए चुनी गई भारत की एथलेटिक्स टीम के 16 खिलाड़ी हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन गेम्स में मेडलिस्ट रहे थे।

नीरज के अलावा, अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी उन खिताबों को बचाने के लिए वापसी करेंगे जो उन्होंने तीन साल पहले व्यक्तिगत इवेंट्स में जीते थे।राजेश रमेश, जो हांगझोऊ में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली पुरुषों की 4×400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थे, वे भी वापसी करने वाले चैंपियंस में शामिल हैं।

साबले ने हांगझोऊ में 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर साबले को पिछले साल अपने दाहिने घुटने की सर्जरी के बाद चोटों से जूझना पड़ा और वे ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाए थे।

वहीं, दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार शॉट पुट का खिताब जीतने की कोशिश करेंगे; उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023, दोनों में टॉप स्थान हासिल किया था। पारुल चौधरी, जिन्होंने तीन साल पहले 5000 मीटर में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीता था, उन्हें 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज़ के लिए चुना गया है।

ज्योति याराजी ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाई थीं, लेकिन वे एशियन गेम्स में 100 मीटर हर्डल्स (बाधा दौड़) में हिस्सा लेंगी। उन्होंने हांगझोऊ में इस स्पर्धा में रजत पदक जीता था। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन्ग जंप में दूसरा रजत पदक जीतने के बाद मुरली श्रीशंकर जापान जा रहे हैं। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीता था।

तेजस्विन शंकर, गुलवीर सिंह, मोहम्मद अफसल, एंसी सोजन, प्रवीण चित्रवेल और विथ्या रामराज एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले वे अन्य खिलाड़ी हैं जिन्हें आइची-नागोया के लिए चुना गया है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान बाएं पैर में दो स्ट्रेस फ्रैक्चर होने के बावजूद तेज शिर्से को 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में शामिल किया गया है।

झगझोऊ में हुए एशियन गेम्स में भारत का एथलेटिक्स में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा, जिसमें उसने कुल 29 पदक जीते – छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य। कुल मेडल की संख्या के हिसाब से 2023 के गेम्स में एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल रहा।

एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम इस प्रकार है:-

पुरुषों:-गुरिंदरवीर सिंह (100मी), अनिमेष कुजूर (100 मीटर, 200 मीटर, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), विशाल थेनारासु कयालविझी (400 मीटर, 4×400 मीटर रिले), कृष्ण कुमार (800 मी), मोहम्मद अफसल पुलिककलाकथ (800मी), यूनुस शाह (1500 मी), अभिषेक पाल (5000 मी, 10000 मी), गुलवीर सिंह (1500 मीटर, 5000 मीटर, 10000 मीटर)। सावन बरवाल (मैराथन), कार्तिक कारकेरा (मैराथन), तेजस शिरसे (110 मीटर बाधा दौड़), यशस पलाक्ष (400 मीटर बाधा दौड़), संतोष कुमार तमिलारासन (400 मीटर बाधा दौड़), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), प्रणव प्रमोद गुरव (मिश्रित 4×100 मीटर रिले), मोहम्मद अशफाक (4×400 मीटर रिले), धर्मवीर चौधरी (4×400 मीटर रिले), जय कुमार (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), मनु थेक्किनालिल साजी (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), आदर्श राम ज्योति शंकर (ऊंची कूद), सर्वेश कुशारे (ऊंची कूद) , कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), देव मीना (पोल वॉल्ट), मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद), शाहनवाज खान (लंबी कूद), प्रवीण चित्रवेल (ट्रिपल जंप) कार्तिक उन्नीकृष्णन (ट्रिपल जंप), करणवीर सिंह (गोला फेंक), तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), दमनीत सिंह (हथौड़ा फेंक), नीरज चोपड़ा (भाला फेंक), रोहित यादव (भाला फेंकने का खेल), तौफीक नौशाद (डेकाथलॉन), तेजस्विन शंकर (डेकाथलॉन)

(Image Source : X/Athletics Federation of India)

महिला:– प्राची चौधरी (400 मी), गौतमी जयारमन (800 मी), पूजा (800मी, 1500मी), पारुल चौधरी (1500 मीटर, 5000 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज़), सीमा (5000 मी, 10000 मी), प्रियंका गोस्वामी (मैराथन रेस वॉक), मंजू रानी (मैराथन रेस वॉक), ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़), नंदिनी कोंगन (100 मीटर बाधा दौड़), उन्नति अयप्पा बोलैंड (200मी), अनु राघवन (400 मीटर बाधा दौड़), विथ्या रामराज (400 मीटर बाधा दौड़), अंकिता ध्यानी (3000 मीटर स्टीपलचेज), तमन्ना (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), नित्या गंधे (4×100 मीटर रिले), सरबानी नंदा (4×100 मीटर रिले), अबिनया राजराजन (4×100 मीटर रिले) स्नेहा सत्यनारायण (4×100 मीटर रिले, मिश्रित 4×100 मीटर रिले), सुदेशना शिवंकर (4×100 मीटर रिले), रशदीप कौर (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले), अनसा बाबू (4×400 मीटर रिले, मिश्रित 4×400 मीटर रिले),

Toxic Review: यश के स्वैग ने जीता दिल, एक्शन लवर्स के लिए ट्रीट है फिल्म

फिल्म- टॉक्सिक

निर्देशक: गीतू मोहनदास

कलाकार: यश, कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया, रुक्मिणी वसंत

रेटिंग: 4

Toxic Review: यश की फिल्म का इंतजार उनके फैंस लंबे समय से कर रहे थे और अब टॉक्सिक के साथ वह इंतजार खत्म हो गया है। फिल्म की शुरुआत से ही समझ आ जाता है कि यह सिर्फ एक गैंगस्टर कहानी नहीं है। इसमें एक्शन है, परिवार है, रिश्ते हैं और एक ऐसी दुनिया है, जिसे निर्देशक गीतू मोहनदास ने अपने अंदाज में तैयार किया है। फिल्म का ट्रीटमेंट काफी अलग है और बड़े पर्दे पर इसके कई सीन खास असर छोड़ते हैं। ओणम और ईद-ए-मिलाद के मौके पर रिलीज हुई यह फिल्म यश के फैंस के लिए किसी त्योहार से कम नहीं है।

टॉक्सिक की कहानी एक ऐसी दुनिया में ले जाती है, जहां ताकत और परिवार दोनों की अपनी जगह है। यहां हर किरदार के पीछे एक कहानी है और हर रिश्ते के साथ कुछ न कुछ जुड़ा हुआ है। गीतू मोहनदास ने गैंगस्टर कहानी को सिर्फ बंदूक और लड़ाई तक सीमित नहीं रखा है। फिल्म में रिश्तों और भावनाओं को भी जगह दी गई है, जिससे कहानी को एक अलग रंग मिलता है।

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत यश हैं। इस फिल्म में यश दो किरदारों में नजर आते हैं- राया और उसका बेटा टिकट। दोनों किरदारों में उनका अंदाज अलग है और यही चीज फिल्म को दिलचस्प बनाती है। यश की एंट्री, उनका लुक, संवाद और एक्शन सीन फिल्म के बड़े आकर्षण हैं। वह पर्दे पर आते हैं तो कहानी अपने आप तेज हो जाती है। यश ने अपने किरदार में एक्शन के साथ भावनाओं को भी अच्छी तरह दिखाया है।

फिल्म में नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत भी अहम भूमिकाओं में हैं। इन सभी किरदारों को कहानी में अपनी जगह मिली है। खासकर नयनतारा का किरदार फिल्म के परिवार वाले हिस्से को मजबूत करता है। वहीं बाकी किरदार कहानी में चल रहे ताकत के खेल को आगे बढ़ाते हैं। महिला किरदार सिर्फ नायक के आसपास दिखाई नहीं देते, बल्कि कहानी को आगे ले जाने में उनका भी योगदान है।

टॉक्सिक का एक और मजबूत पक्ष इसका विजुअल ट्रीटमेंट है। फिल्म की दुनिया सामान्य गैंगस्टर फिल्मों से काफी अलग दिखाई देती है। सेट, कपड़े, रोशनी और कैमरे का इस्तेमाल कहानी के माहौल को और बेहतर बनाता है। एक्शन सीन बड़े स्तर पर फिल्माए गए हैं और यश इन दृश्यों में पूरी तरह फिट बैठते हैं। अगर आप बड़े पर्दे पर एक्शन देखना पसंद करते हैं, तो फिल्म के कई सीन आपको पसंद आएंगे।

फिल्म में परिवार और रिश्तों की कहानी भी साथ-साथ चलती है। अपराध की दुनिया के बीच भरोसा, प्यार और वफादारी जैसे भाव कहानी का अहम हिस्सा हैं। यही वजह है कि टॉक्सिक सिर्फ एक एक्शन फिल्म बनकर नहीं रह जाती। यश के किरदार के भावनात्मक हिस्से कहानी को एक अलग दिशा देते हैं और फिल्म में एक संतुलन बनाए रखते हैं।

हालांकि फिल्म की लंबाई कुछ जगह परेशानी बनती है। 3 घंटे 14 मिनट का रनटाइम काफी ज्यादा है और कुछ हिस्से थोड़े लंबे लगते हैं। कई दृश्यों को छोटा किया जा सकता था, जिससे कहानी की रफ्तार और बेहतर रहती। कुछ जगह फिल्म अपनी दुनिया को दिखाने में ज्यादा समय लेती है और इससे कहानी थोड़ी धीमी हो जाती है। अगर एडिटिंग थोड़ी और कसी हुई होती, तो फिल्म का असर और मजबूत हो सकता था।

गीतू मोहनदास ने एक आम गैंगस्टर फिल्म बनाने के बजाय अपनी अलग दुनिया बनाने की कोशिश की है। फिल्म हर जगह एक जैसी असरदार नहीं है, लेकिन इसमें कुछ नया करने की कोशिश साफ दिखाई देती है। यही इसकी खासियत भी है। फिल्म आपको एक अलग माहौल में ले जाती है और यश उस दुनिया के सबसे बड़े आकर्षण बने रहते हैं।

कुल मिलाकर, टॉक्सिक एक बड़े पर्दे की फिल्म है, जिसमें यश का दमदार अंदाज, शानदार एक्शन, गैंगस्टर ड्रामा और परिवार की कहानी एक साथ देखने को मिलती है। फिल्म थोड़ी लंबी जरूर है, लेकिन इसमें कई ऐसे पल हैं जो दर्शकों को जोड़े रखते हैं। अगर आप यश के फैन हैं और बड़े स्तर की एक्शन फिल्म देखना पसंद करते हैं, तो टॉक्सिक आपको निराश नहीं करेगी।

दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर बनेगा ‘गेटवे टू नोएडा’! ₹4526 करोड़ की लागत से बनेगा कन्वेंशन और हैबिटेट सेंटर

नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) सेक्टर 94 में ओखला बर्ड सेंचुरी के पास करीब 25 एकड़ जमीन पर एक बड़ा प्रोजेक्ट विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इसमें कन्वेंशन और हैबिटेट सेंटर के साथ कई तरह की सुविधाओं वाला मिक्स्ड-यूज कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। करीब 4,526 करोड़ रुपये की लागत वाले इस बड़े प्रोजेक्ट को विकसित करने के लिए प्राइवेट कंपनी का चयन किया जाएगा। इसके लिए अथॉरिटी ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी कर इच्छुक कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं।

25 एकड़ में बनेगा

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के पास 25 एकड़ में यह बड़ा प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। इसे नोएडा के प्रमुख कमर्शियल और कल्चरल हब के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां कन्वेंशन और एग्जिबिशन सेंटर, दुकानें, ऑफिस, होटल, सर्विस्ड अपार्टमेंट और रिहायशी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। इसे ‘नोएडा का गेटवे’ के तौर पर भी विकसित किया जाएगा। ये जगह कालिंदी कुंज के रास्ते साउथ दिल्ली से नोएडा आने वाले लोगों के लिए प्रमुख प्रवेश मार्ग पर है, इसलिए इस प्रोजेक्ट को ‘गेटवे टू नोएडा’ नाम दिया गया है।

30 महीने में काम होगा पूरा

नोएडा अथॉरिटी के जनरल मैनेजर एसपी सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें आधुनिक कन्वेंशन सेंटर और प्रदर्शनी के लिए जगह के साथ रिटेल दुकानें, ऑफिस, होटल, सर्विस्ड अपार्टमेंट और रिहायशी क्षेत्र भी बनाए जाएंगे। प्रोजेक्ट मिलने के बाद कन्वेंशन सेंटर का निर्माण 30 महीने के भीतर पूरा करना होगा। वहीं, पूरे प्रोजेक्ट को सात साल के अंदर तैयार कर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। डेवलपर के चयन के बाद काम जल्द शुरू किया जा सकता है, क्योंकि प्रोजेक्ट का लेआउट और बिल्डिंग प्लान पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं।

जानें इस कन्वेंशन सेंटर के बारे में

RFP के अनुसार, प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर करीब 18,762 वर्ग मीटर में बनाया जाएगा। वहीं, हैबिटैट सेंटर और होटल के लिए 29,507-29,507 वर्ग मीटर जगह तय की गई है। प्रोजेक्ट में करीब 65,437 वर्ग मीटर का रिटेल स्पेस और ऑफिस व सर्विस अपार्टमेंट के लिए 1.10 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र होगा। रिहायशी हिस्से के लिए 1.75 लाख वर्ग मीटर जगह रखी गई है, हालांकि इसका हिस्सा कुल बिल्ट-अप एरिया के 40 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा। यहां करीब 7,180 कारों की पार्किंग की सुविधा भी बनाई जाएगी।

PPP मॉडल के तहत नोएडा अथॉरिटी और चुनी गई निजी कंपनी मिलकर एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) बनाएंगे। निजी डेवलपर प्रोजेक्ट की डिजाइन, पैसा जुटाने, निर्माण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा। अथॉरिटी के अनुमान के अनुसार, प्रोजेक्ट से सात साल बाद करीब 6,890 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। यह आंकड़ा 10 साल में बढ़कर 10,324 करोड़ और 15 साल में 17,292 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह प्रोजेक्ट नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और ओखला बर्ड सैंक्चुअरी मेट्रो स्टेशन के पास होने के कारण काफी अहम माना जा रहा है।

गुरुग्राम में बारिश का ऐसा कहर कि करोड़ों के फ्लैट और लग्जरी कारें भी बेकार! स्कूल चलेंगी ऑनलाइन, ऑफिसों में WFH

Gurugram Rain: देश के सबसे महंगे और आधुनिक शहरों में गिने जाने वाले गुरुग्राम की चमक तेज बारिश के सामने फीकी पड़ गई है। हरियाणा के इस प्रमुख शहर में भारी जलभराव ने आम लोगों से लेकर करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी और लग्जरी कारों तक सबको एक ही कतार में ला खड़ा कर दिया है। हालत यह रही कि महंगे इलाकों में रहने वाले लोगों को भी पानी से भरी सड़कों पर निकलने में भारी परेशानी हुई।

बारिश के कारण गुरुग्राम की कई प्रमुख सड़कें और अंडरपास पानी में डूब गए। ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। कई जगह स्कूल बसें तथा एंबुलेंस तक जलभराव में फंस गईं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने आज यानी 25 अगस्त को जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में क्लासेस ऑनलाइन कराने का निर्देश दिया है। वहीं कॉरपोरेट और निजी कंपनियों को कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) की सुविधा देने की सलाह दी गई है।

75 MM बारिश ने बिगाड़े हालात

जिला प्रशासन ने बताया कि सोमवार को गुरुग्राम में 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। राजीव चौक, इफ्को चौक, रेलवे रोड, सेक्टर-5, पुरानी दिल्ली रोड, महरौली रोड और बसई रोड समेत प्रमुख इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए। नाहरपुर अंडरपास में भी पानी भर गया। कई सड़कों पर ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही। लोग पानी से भरी सड़कों से गुजरते दिखाई दिए। पुराने गुरुग्राम के सदर बाजार, गुरुद्वारा रोड और पुरानी दिल्ली रोड समेत कई इलाकों में जलभराव के कारण घंटों तक भारी जाम लगा रहा।

ट्रैफिक जाम से हाहाकार

ट्रैफिक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिरहौल बॉर्डर, राजीव चौक, नरसिंहपुर और कुछ अन्य जगहों पर वाहनों की आवाजाही बाधित रही। उन्होंने कहा कि स्थिति संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। ‘साइबर हब’ के पास गेटवे टावर मेट्रो स्टेशन के सामने एक्सप्रेसवे का एक बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया, जिससे प्रमुख मार्ग पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ।

शीतला माता रोड पर बुरा हाल

शीतला माता रोड भी सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में शामिल रहा। इस सड़क पर मानसून में अक्सर बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। बारिश के दौरान नगर निगम के अधिकारी मौके पर सक्रिय रहे। नगर निगम कमिश्नर प्रदीप दहिया और अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त यश जालुका ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगर निगम के अधिकारियों के साथ जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया।

स्कूल बसों में फंसे बच्चे, 5-6 घंटे की देरी

बारिश का सबसे बड़ा असर स्कूली बच्चों पर देखने को मिला। कई स्कूल बसें पानी में फंस गईं और बच्चों को घर पहुंचने में सामान्य से 5 से 6 घंटे ज्यादा समय लगा। जलभराव के कारण कई परिवारों को अपने बच्चों के घर लौटने को लेकर घंटों चिंता में रहना पड़ा। यही वजह है कि प्रशासन ने 25 अगस्त को स्कूलों को ऑनलाइन करने का फैसला लिया।

करोड़ों की प्रॉपर्टी भी नहीं बचा पाई

गुरुग्राम की पहचान देश के सबसे महंगे रियल एस्टेट बाजारों में होती है। गोल्फ कोर्स रोड जैसे इलाकों में करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी मौजूद है। लेकिन सोमवार 24 अगस्त को हुई बारिश ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया- क्या करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी भी खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और जलभराव से बचा सकती है?

सोशल मीडिया पर लोगों ने इस स्थिति को लेकर कई पोस्ट किए। कुछ लोगों ने यह तक कहा कि शहर में करोड़ों रुपये के फ्लैट और महंगी कारें होने के बावजूद अगर सड़कें पानी में डूब जाएं तो इन संपत्तियों की असली उपयोगिता कितनी रह जाती है।

एक सोशल मीडिया यूजर ने शेयर किया कि उसने कार खरीदने के बजाय अपना पैसा शेयर बाजार में निवेश किया था। लेकिन बारिश के दौरान उसे एक बाइक सवार ने मदद करके सुरक्षित जगह तक पहुंचाया। इस घटना ने गुरुग्राम के जलभराव और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर बहस को और तेज कर दिया।

तीसरी बार बारिश ने रोका गुरुग्राम

इस मानसून में यह पहली बार नहीं है जब गुरुग्राम की रफ्तार थमी हो। इससे पहले 9 जुलाई को भी लगातार बारिश के बाद निजी संस्थानों और कॉरपोरेट ऑफिसों के लिए WFH की सलाह दी गई थी। अगस्त के पहले सप्ताह में भी लगातार बारिश के बाद दो दिन के लिए WFH एडवाइजरी जारी की गई थी। उस दौरान 24 घंटे में गुरुग्राम में करीब 97 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। कई निचले इलाकों में पानी भर गया था।

₹1,400 करोड़ खर्च के बावजूद उठे सवाल

बारिश के बाद गुरुग्राम के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्वस्त बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुग्राम पर करीब ₹1,400 करोड़ खर्च किए जाने के बावजूद शहर बारिश के दौरान जलभराव से जूझ रहा है। सुरजेवाला ने स्कूल बसों के फंसने, सड़कों पर पानी भरने और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। गुरुग्राम समेत दिल्ली-एनसीआर में आज भी भारी बारिश हो रही है।

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Delhi Master Plan 2047: दिल्ली के इन इलाकों में बदल जाएगी तस्वीर, 200 वर्ग किमी में नया शहर बसाने की तैयारी

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) मास्टर प्लान दिल्ली-2047 (MPD-2047) के तहत राजधानी के बाहरी इलाकों के विकास को लेकर बड़ा प्लान तैयार किया गया है। MPD-2047 के तहत दिल्ली के बाहरी इलाकों में करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को विकसित करने की योजना है। लैंड पूलिंग के जरिए यहां व्यवस्थित तरीके से विकास किया जाएगा। इस इलाके में करीब 600 किलोमीटर लंबी नई सड़कें बनाने की योजना है। 30 मीटर या उससे ज्यादा चौड़ी सड़कों को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) विकसित करेगा। यह योजना विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।

जानें इस विकास मॉडल के बारे में

अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) के आसपास घने और मिश्रित तरीके से विकास को बढ़ावा देने की योजना है। यहां सस्ते घरों के साथ दुकानों, दफ्तरों, संस्थानों, लॉजिस्टिक्स और गोदामों जैसी सुविधाओं को विकसित किया जा सकेगा। MPD-2047 में अलग-अलग विकास मॉडल रखे गए हैं, जिससे जरूरत के अनुसार इलाकों को विकसित किया जा सकेगा।

MPD-2047 के जरिए होगा विकास

दिल्ली-2047 मास्टर प्लान के तहत राजधानी के बाहरी इलाकों में विकास को गति देने की तैयारी है। इसके लिए करीब 200 वर्ग किलोमीटर के अर्बन एक्सटेंशन क्षेत्र में लैंड पूलिंग व्यवस्था को मजबूत किया गया है। योजना का उद्देश्य इन क्षेत्रों में सड़क और दूसरी जरूरी सुविधाओं के साथ व्यवस्थित विकास करना है। इसके तहत करीब 600 किलोमीटर का नया सड़क नेटवर्क तैयार करने की योजना है, जिससे लैंड पूलिंग वाले इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। MPD-2047 में जमीन मालिकों की सुविधा के लिए अलग-अलग विकास मॉडल हैं। इससे जमीन के मालिक अपनी सुविधा के अनुसार योजना में शामिल हो सकेंगे और इलाकों में जरूरी सुविधाएं समय पर तैयार करने में मदद मिलेगी। वहीं, DDA सड़क, परिवहन और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित करेगा।

बेहतर आवास के साथ मिलेगी अच्छी सुविधा

MPD-2047 में शहर के विकास को पहले से ज्यादा व्यवस्थित और सुविधाओं पर आधारित बनाने पर जोर दिया गया है। 30 मीटर या उससे ज्यादा चौड़ी सड़कों को DDA की ओर से विकसित किया जाएगा। नए शहरी क्षेत्रों में सिर्फ घर ही नहीं बनाए जाएंगे, बल्कि स्कूल, अस्पताल, पार्क, हरित क्षेत्र, बाजार और दूसरी जरूरी सार्वजनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य लोगों को बेहतर आवास के साथ अच्छी और सुविधाजनक जीवनशैली देना है।

20 हेक्टेयर जमीन की जरूरत

दिल्ली के बाहरी इलाकों में निजी जमीन को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने के लिए 2018 में लैंड पूलिंग पॉलिसी शुरू की गई थी। इसमें जमीन मालिक अपनी इच्छा से योजना में शामिल हो सकते हैं और DDA की भूमिका एक मददगार संस्था के तौर पर रहती है। अब MPD-2047 के तहत इस व्यवस्था को और आसान बनाने की तैयारी है। जमीन मालिक कंसोर्टियम के जरिए जमीन को एक साथ लाकर विकास कर सकते हैं। इसके अलावा टाउन प्लानिंग जैसे विकल्प भी दिए गए हैं, जिसमें कम से कम 20 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी।

नए इलाकों में घरों को किया जाएगा विकसित

MPD-2047 के तहत नए इलाकों में घरों के साथ लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने वाली सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। सड़क की चौड़ाई के अनुसार रिहायशी क्षेत्रों में दुकान, छोटे कारोबार और दूसरी सेवाओं की अनुमति दी जा सकेगी। वहीं, UER-II के आसपास सस्ते घरों के साथ बाजार, संस्थान, लॉजिस्टिक्स और गोदाम बनाने की योजना है। इससे इन क्षेत्रों में रोजगार और कारोबार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

जुलाई 2026 तक मिले इतने आवेदन

लैंड पूलिंग पॉलिसी को तेजी से लागू करने के लिए दिल्ली डेवलपमेंट एक्ट, 1957 में जरूरी बदलाव किए जाएंगे। यह योजना छह प्लानिंग जोन K-I, L, N, P-II, P-I का हिस्सा और J के 105 गांवों में लागू है, जिन्हें 138 सेक्टर में बांटा गया है। जुलाई 2026 तक इस योजना के तहत 7,615 से ज्यादा आवेदन मिल चुके थे और 7,885 हेक्टेयर से अधिक जमीन पूल की जा चुकी थी। 16 सेक्टर में तय लक्ष्य के 70 फीसदी से ज्यादा जमीन इकट्ठा हो चुकी है, जिसके बाद DDA ने वहां कंसोर्टियम बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्लानिंग जोन P-II का सेक्टर 8B लैंड पूलिंग योजना में आगे बढ़ने वाला पहला सेक्टर बन गया है। गाड़ी खसरो और इब्राहिम पुर गांवों में आने वाले इस सेक्टर में 70 फीसदी से ज्यादा जमीन एक साथ पूल हो चुकी है, इसलिए अब यहां विकास कार्य शुरू किए जा सकते हैं। इसके अलावा आठ अन्य सेक्टरों के जमीन मालिकों ने भी DDA को कंसोर्टियम बनाने की जानकारी दी है, जिससे योजना को जमीन पर लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

MPD-2047 के तहत लैंड पूलिंग के जरिए दिल्ली के बाहरी इलाकों को बेहतर तरीके से विकसित करने की योजना है। इन क्षेत्रों में सड़क और दूसरी जरूरी सुविधाओं के साथ घर, रोजगार के अवसर, सार्वजनिक सुविधाएं और हरित क्षेत्र भी तैयार किए जाएंगे।

दिल्ली मास्टर प्लान 2027 के तहत राजधानी का बदलेगा पूरा नक्शा, 40 लाख नए फ्लैट और मेट्रो नेटवर्क का होगा विस्तार

Delhi Master Plan 2047: केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार, 20 अगस्त को ‘दिल्ली मास्टर प्लान 2047’ (MPD-2047) जारी किया। इस प्लान में लगभग 40 लाख नए घर बनाने, दिल्ली के मेट्रो नेटवर्क को 695 किलोमीटर तक बढ़ाने और लगभग 383 किलोमीटर का RRTS नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव है।

खट्टर ने इसे दिल्ली के लिए एक “ऐतिहासिक दिन” बताया और कहा कि यह प्लान ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप है। इसका मकसद दिल्ली को एक वर्ल्ड-क्लास शहर बनाना और साथ ही इसके विकास को ज्यादा टिकाऊ बनाना है।

फिलहाल, अभी दिल्ली की आबादी करीब 2.4 करोड़ है। यहां पर करीब 520 वर्ग किलोमीटर कृषि भूमि और 180 वर्ग किलोमीटर रिज व वन क्षेत्र भी हैं। मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली के विकास के साथ इन प्राकृतिक इलाकों को बचाना भी बेहद जरूरी है।

2047 तक बनेंगे करीब 40 लाख नए घर

MPD-2047 में दिल्ली में करीब 40 लाख नए घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें किफायती घरों (Affordable Housing) पर खास फोकस रहेगा। आबादी बढ़ने और परिवारों के आकार में बदलाव को देखते हुए अनुमान है कि 2047 तक दिल्ली को करीब 40 लाख अतिरिक्त घरों की जरूरत होगी।

इस प्लान में दिल्ली के मौजूदा इलाकों को फिर से विकसित (री-डेवलप) करने और ज्यादा घनी आबादी वाले विकास की अनुमति देने का प्रस्ताव है। इससे ज्यादा लोगों के लिए घर उपलब्ध हो सकेंगे और शहर की बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।

‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ के सिद्धांत के तहत झुग्गी बस्तियों और JJ क्लस्टर्स को उसी इलाके में दोबारा बसाया जाएगा। वहीं, अनधिकृत कॉलोनियों के विकास, नियमितीकरण और पुनर्विकास के लिए भी एक अलग व्यवस्था तैयार की जाएगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि रिहायशी इलाकों में 30 मीटर चौड़ी सड़कों के किनारे बनी इमारतों की ग्राउंड फ्लोर पर कमर्शियल गतिविधियों की इजाजत होगी।

695 किमी तक फैलेगा दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क

फिलहाल, दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क करीब 416 किलोमीटर लंबा है। MPD-2047 के तहत इसमें 279 किलोमीटर का और विस्तार करने की योजना है। इसके बाद दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क बढ़कर करीब 695 किलोमीटर हो जाएगा।

इस प्लान में दिल्ली को गाजियाबाद, मेरठ, पानीपत, करनाल और अलवर से जोड़ने वाले लगभग 383 किलोमीटर लंबे RRTS नेटवर्क का भी प्रस्ताव है।

इसके अलावा, दिल्ली के आनंद विहार में मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब भी बनाए जाएंगे, जो ट्रांसपोर्ट के अलग-अलग साधनों को एक ही जगह पर जोड़ेंगे।

कुल मिलाकर, मास्टर प्लान में बताया गया है कि दिल्ली 2047 तक अपनी हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को कैसे पूरा करेगी, साथ ही शहर की खेती की जमीन, रिज और जंगल वाले इलाकों को भी बचाकर रखेगी।

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कीव पर रूस के मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत

कीव पर रूस के मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत

zelensky putin

रूस ने गुरुवार, 20 अगस्त को तड़के यूक्रेनकी राजधानी कीव पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि यूक्रेन की इमरजेंसी सर्विस के अनुसार 33 लोग घायल हुए हैं। पूरी रात राजधानी में धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं और गुरुवार सुबह तक एयर रेड अलर्ट जारी रहा।

 

रूसी हमलों ने कीव के दार्नित्स्की, स्वियातोशिन्स्की और सोलोमियांस्की जिलों में 12 जगहों को निशाना बनाया। हमलों में रिहायशी इमारतों, एक मेडिकल सेंटर और एक शैक्षणिक संस्थान को नुकसान पहुंचा है।

 

सोलोमियांस्की जिले में नौ मंजिला रिहायशी इमारत की सबसे ऊपरी दो मंजिलें पूरी तरह तबाह हो गईं और इमारत के दूसरे हिस्सों में आग लग गई। दो अन्य रिहायशी इमारतों और एक स्कूल के शेल्टर में भी लोग फंस गए। रूस ने हाल के समय में कीव पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले तेज किए हैं। इसका एक मकसद यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम पर दबाव बढ़ाना और उसके पास मौजूद मिसाइलों के भंडार को सीमित करना है।

 

बता दें अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पहले यूक्रेन को पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के उत्पादन के लिए लाइसेंस हासिल करने की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में इस फैसले को पलट दिया।