July 2026 Pradosh Vrat: जुलाई में इस दिन किया जाएगा प्रदोष व्रत, जानें दोनों उपवासों की सही तारीख और पूजा का शुभ समय

July 2026 Pradosh Vrat: हिंदी कैलेंडर में हर माह कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव कैलाश पर प्रदोष काल में प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते है। इसलिए त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष काल में पूजा का विशेष महत्व है। इस व्रत का नाम भी प्रदोष व्रत इसी कारण पड़ा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नियमित प्रदोष व्रत करने से पितृ दोष से शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। जुलाई में लगभग पूरे समय आषाढ़ का महीना रहेगा। इस माह में भी हर माह की तरह दो प्रदोष व्रत किए जाएंगे। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस माह में दोनों प्रदोष व्रत रविवार को होने का संयोग बन रहा है। ऐसे में इन्‍हें रवि प्रदोष कहा जाएगा। आइए जानें इस दोनों व्रतों की सही तारीख और पूजा का शुभ समय क्या रहेगा?

आषाढ़ कृष्ण पक्ष रवि प्रदोष व्रत 2026

इस बार आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष का रवि प्रदोष व्रत रविवार 12 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा। रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित है। ऐसे में शिव और सूर्य का संयोग बहुत ही शुभ माना गाया है। इस दिन भक्‍त व्रत रखकर इन दोनों का ही आशीर्वाद पा सकते हैं। साथ ही इस संयोग से जीवन में मान-सम्‍मान बढ़ता है और दीर्घ आयु मिलती है।

आषाढ़ कृष्ण पक्ष रवि प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त

12 जुलाई 2026 को प्रात: 2 बजकर 4 मिनट पर त्रयोदशी तिथि का आरंभ होगा और रात्रि 10 बजकर 29 मिनट पर त्रयोदशी तिथि समाप्‍त हो जाएगी। प्रदोष व्रत की पूजा के लिए शाम 7 बजकर 22 मिनेट से लेकर रात्रि 9 बजकर 24 मिनट तक का समय सबसे शुभ है।

आषाढ़ शुक्ल पक्ष रवि प्रदोष व्रत 2026

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष का रवि प्रदोष व्रत रविवार 26 जुलाई 2026 को मनाया जाएगा। आषाढ़ में पड़ने वाले प्रदोष व्रत में भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा करने से, सभी पापों से मुक्ति मिलती है। धार्मिक शास्‍त्रों के आधार पर यह वो समय होता है, जब भगवान शिव प्रसन्‍न होते हैं और भक्‍तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

आषाढ़ शुक्ल पक्ष रवि प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त

26 जुलाई 2026 को दोपहर 1 बजकर 57 मिनट पर त्रयोदशी तिथि आरंभ होगी और 27 जुलाई 2026 को शाम 4 बजकर 14 मिनट पर तिथि समाप्‍त हो जाएगी। प्रदोष व्रत की पूजा 26 जुलाई को शाम 7 बजकर 16 मिनट से लेकर रात्रि 9 बजे से लेकर 21 मिनट तक की जा सकती है।

रवि प्रदोष का महत्‍व

रवि प्रदोष का व्रत रखने से भक्‍त निरोग रहता है और समाज में उसका यश भी बढ़ता है। साथ ही भगवान शिव और सूर्य देव की विशेष कृपा भी प्रप्‍ता होती है।

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वर्ल्ड अपडेट्स:फ्रांस में स्काइडाइवर्स को ले जा रहा विमान क्रैश: पायलट समेत 11 की मौत

मृतकों में पांच स्काइडाइविंग प्रशिक्षक और पहली बार स्काइडाइव करने आए पांच लोग शामिल हैं। विमान स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11 बजे अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद विमान में आग लग गई। विमान एयरफील्ड के किनारे रिहायशी इलाके और शॉपिंग सेंटर के पास गिरा, लेकिन कुछ मीटर के अंतर से आसपास के घर बड़ी दुर्घटना से बच गए। हादसे के समय पहली बार स्काइडाइव करने आए लोगों के परिजन एयरफील्ड पर मौजूद थे। कई लोगों ने दुर्घटना अपनी आंखों के सामने देखी, जिससे वे गहरे सदमे में हैं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में पांच नर्स भी शामिल थीं, जो पहली बार स्काइडाइविंग का अनुभव लेने आई थीं। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट न्यूनेज़ ने बताया कि पेरिस अभियोजन कार्यालय ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। फ्रांसीसी विमानन सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, सैन्य और व्यावसायिक उड़ानों को छोड़कर यह फ्रांस के इतिहास का सबसे बड़ा निजी विमान हादसा माना जा रहा है।

वर्ल्ड अपडेट्स:फ्रांस में स्काइडाइवर्स को ले जा रहा विमान क्रैश: पायलट समेत 11 की मौत

मृतकों में पांच स्काइडाइविंग प्रशिक्षक और पहली बार स्काइडाइव करने आए पांच लोग शामिल हैं। विमान स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11 बजे अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद विमान में आग लग गई। विमान एयरफील्ड के किनारे रिहायशी इलाके और शॉपिंग सेंटर के पास गिरा, लेकिन कुछ मीटर के अंतर से आसपास के घर बड़ी दुर्घटना से बच गए। हादसे के समय पहली बार स्काइडाइव करने आए लोगों के परिजन एयरफील्ड पर मौजूद थे। कई लोगों ने दुर्घटना अपनी आंखों के सामने देखी, जिससे वे गहरे सदमे में हैं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों में पांच नर्स भी शामिल थीं, जो पहली बार स्काइडाइविंग का अनुभव लेने आई थीं। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट न्यूनेज़ ने बताया कि पेरिस अभियोजन कार्यालय ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। फ्रांसीसी विमानन सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, सैन्य और व्यावसायिक उड़ानों को छोड़कर यह फ्रांस के इतिहास का सबसे बड़ा निजी विमान हादसा माना जा रहा है।

Iran-US War: गुड न्यूज! अमेरिका और ईरान हमले रोकने पर हुए सहमति, कतर में होगी होर्मुज पर वार्ता

Iran-US War: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच एक गुड न्यूज आई है। अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर के बावजूद दोनों देशों की तरफ से किए गए हमले के बाद यह सहमति बनी है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए ‘एक्सियोस’ (Axios) ने रिपोर्ट दी है कि अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर सहमत हो गए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपने विवाद को सुलझाने के लिए मंगलवार 30 जून को कतर में बैठक करेंगे।

यह घटनाक्रम कई दिनों से चल रहे सैन्य टकराव के बढ़ने के बाद पहली बड़ी कूटनीतिक सफलता हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्ष दोहा में बातचीत आगे बढ़ने के दौरान सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमत हुए हैं। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “हमने सभी तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला किया है।”

कतर में होर्मुज पर होगी चर्चा

कतर की राजधानी दोहा में होने वाली बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े तनाव को सुलझाने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है। यह दुनिया के सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री रूट्स में से एक है, जहां हालिया हमलों ने शिपिंग को बाधित किया है।

इसके अलावा, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने रिपोर्ट दी है कि 17 जून को हुए 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत दोनों पक्षों के बीच तकनीकी बातचीत जारी रहेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने बताया, “MoU के सभी क्षेत्रों पर तकनीकी बातचीत जारी रहेगी। दोनों पक्ष फिलहाल पीछे हटेंगे और जहाज स्वतंत्र रूप से आ-जा सकेंगे।” यह उस समझौते का जिक्र है जिसके तहत होर्मुज को समुद्री ट्रैफिक के लिए फिर से खोला जाएगा।

ईरान के हमले के बाद शुरू हुआ युद्ध

गुरुवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक कार्गो जहाज पर ईरानी प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या रॉकेट) के हमले के बाद लड़ाई फिर से शुरू हो गई थी। इसमें दोनों देशों ने एक-दूसरे पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। रविवार तड़के ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइलें और ड्रोन दागे। इससे कुछ समय पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर इस्लामिक रिपब्लिक संघर्ष खत्म करने के समझौते का सम्मान करने में विफल रहता है, तो उसका अस्तित्व खत्म हो जाएगा।

ट्रंप ने दी चेतावनी

होर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर हमले के कुछ घंटों बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए हमले भी किए थे। यह एक प्रमुख वैश्विक ऊर्जा शिपिंग रूट्स है जिसे तेहरान ने संघर्ष के दौरान काफी हद तक बंद कर दिया था। ‘Axios’ की रिपोर्ट प्रकाशित होने से पहले, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी थी कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई तेज कर सकता है।

ट्रंप ने लिखा, “एक समय ऐसा आ सकता है जब हम अब समझदारी से काम न ले पाएं, और हमें उस काम को सैन्य रूप से पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़े जिसे हमने बहुत सफलतापूर्वक शुरू किया था।” उन्होंने आगे कहा, “अगर ऐसा होता है, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व ही नहीं रहेगा!

राजनयिक कोशिशों को झटका लगा

17 जून के अंतरिम शांति समझौते का मकसद लड़ाई रोकना, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम समेत बड़े मुद्दों पर बातचीत का रास्ता बनाना था। स्विट्जरलैंड में मध्यस्थता वाली बातचीत का एक दौर पहले ही हो चुका था, जिसकी अगुवाई अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने की थी।

वाशिंगटन ने तेहरान पर लगे प्रतिबंध भी हटा दिए थे। लेकिन इन राजनयिक कोशिशों के बावजूद सैन्य टकराव फिर से शुरू हो गया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि उसकी नौसेना और वायु सेना ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। उसने आरोप लगाया कि अमेरिकी हमलों ने संघर्ष-विराम का उल्लंघन किया है।

IRGC ने चेतावनी दी कि अमेरिकी हमलों के कारण सभी राजनयिक प्रक्रियाएं पूरी तरह से रुक जाएंगी। जबकि उसके नौसैनिक कमांड ने कहा कि इस इलाके में अमेरिकी ठिकानों को आने वाले दिनों में नरक जैसी स्थिति का सामना करना पड़ेगा।

एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को पुष्टि की है कि ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया था। लेकिन कहा कि किसी अमेरिकी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।

इलाके में तनाव बरकरार

इजरायल ने रविवार को दक्षिणी लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर एक और हमला किया। इससे पहले शनिवार को भी लेबनान के साथ हुए हालिया संघर्ष-विराम समझौते के बावजूद एक अलग हमला किया गया था। ईरान का कहना है कि अगर व्यापक क्षेत्रीय समझौते को बनाए रखना है, तो लेबनान में लड़ाई खत्म होनी चाहिए।

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वहीं, दूसरी ओर बहरीन ने कहा कि ईरान के हमले से मुहर्रक प्रांत में एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा है। लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। बहरीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग की है।

Sharmila Tagore: शर्मिला टैगोर ने मुस्लिम टाइगर पटौदी से शादी करने पर मिलने वाली धमकियों को किया याद, बोली- कहा जाता था गोलियां बोलेंगी

Sharmila Tagore: दिग्गज एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर और क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी मंसूर अली खान पटौदी की शादी 43 साल तक चली, जिसके बाद 2011 में मंसूर का निधन हो गया। हाल ही में हुई एक बातचीत में शर्मिला ने अपनी शादी के बारे में बात की और बताया कि शादी के बंधन में बंधने से पहले एक दूसरे को जानने के लिए वे साथ रहते थे।

‘मोजो स्टोरी’ पर पत्रकार बरखा दत्त से बात करते हुए शर्मिला ने कहा, “शादी से पहले हम साथ रहते थे क्योंकि यह ज़्यादा सुविधाजनक था। टाइगर अक्सर नहाने के लिए ‘क्रिकेट क्लब ऑफ़ इंडिया’ जाते थे, क्योंकि मैं घर ठीक से नहीं संभाल पाती थी। घर में कोई भी चीज ठीक से काम नहीं करती थी। मैं घर संभालने में बहुत खराब थी। मैंने समय के साथ यह सब सीखा है। अब मुझे अपना घर बहुत पसंद है और मैं उसका बहुत ध्यान रखती हूं।”

कुछ समय तक साथ रहने के बाद शर्मिला और पटौदी ने शादी कर ली, लेकिन उन्हें लोगों की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। अलग-अलग धर्मों की वजह से उनकी शादी को लेकर काफी नकारात्मक बातें हुईं और लोगों ने तरह-तरह की राय बनाई। इस बारे में बात करते हुए शर्मिला ने बताया कि फिल्ममेकर यश चोपड़ा ने भी चिंता जताई थी।

एक्ट्रेस ने कहा कि “हमें इसका ज़्यादा असर महसूस नहीं हुआ क्योंकि मैं काम कर रही थी और टाइगर क्रिकेट खेल रहे थे। लेकिन मेरे माता-पिता और टाइगर की मां को दबाव महसूस हुआ क्योंकि बहुत कुछ कहा जा रहा था। मीडिया को लग रहा था कि हमारी शादी 15 महीने से ज़्यादा नहीं चलेगी। उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि यह शादी बुरी तरह नाकाम रहेगी। यश चोपड़ा ने मुझसे कहा था, ‘ये नवाब लोग बहुत शक करने वाले होते हैं, इसलिए तुम्हें बहुत सावधान रहना होगा।’ वे अच्छे दोस्त थे और सच में मेरी चिंता करते थे।”

शर्मिला ने यह भी बताया कि उनकी शादी की तैयारियों के दौरान उन्हें धमकियां मिली थीं। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता को टेलीग्राम मिले थे, जिनमें लिखा था, ‘गोलियां चलेंगी।’ उन्होंने आगे बताया कि सुरक्षा कारणों से आखिरी समय में उनकी शादी की जगह बदलनी पड़ी थी।

शर्मिला और मंसूर 1960 के दशक में कॉमन दोस्तों के ज़रिए मिले थे। एक-दूसरे को डेट करने के दौरान, मंसूर ने शर्मिला को लंदन से एयर कंडीशनर और गुलाब भेजे थे, जो काफी मशहूर हुआ था। शर्मिला ने 2023 में ‘द कपिल शर्मा शो’ पर अपनी लव स्टोरी के बारे में बात की थी।

उन्होंने कहा, “उनका सेंस ऑफ़ ह्यूमर बहुत अलग था। वे अपने ही जोक्स पर हंसते थे क्योंकि हमें वे समझ नहीं आते थे। मुझे लगता है कि जब मेरे बच्चे यह सुनेंगे तो वे मुझे मार डालेंगे। यह सब क्या हो रहा है… पापा के बारे में तुम क्या कह रही हो? यह पहली नज़र का प्यार नहीं था। लेकिन यह प्यार था। मुझे बस यह महसूस हुआ कि वे कभी जान-बूझकर मुझे दुख नहीं पहुंचाएंगे। मुझे लगा कि मैं उन पर भरोसा कर सकती हूं। यही आधार था। क्या यही सबसे ज़रूरी बात नहीं है?”

Salman Khan Galaxy Apartments: सलमान खान गैलेक्सी अपार्टमेंट छोड़ने की कर रहे हैं तैयारी? बांद्रा में समुंदर किनारे 6 मंजिला घर की हुई डील

Salman Khan Galaxy Apartments: सलमान खान को मुंबई के बांद्रा में छह मंजिला रिहायशी इमारत बनाने की मंज़ूरी मिल गई है, जिससे खान परिवार के लिए एक नए घर का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि एक्टर अपने लंबे समय से रहे आ रहे घर, गैलेक्सी अपार्टमेंट्स से कहीं और शिफ्ट होंगे।

महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (MCZMA) ने 16 जून को इस प्रस्ताव को मंज़ूरी दी। यह नई इमारत बांद्रा के चिम्बाई इलाके में बनेगी, जो गैलेक्सी अपार्टमेंट्स से थोड़ी ही दूरी पर है, जहां सलमान खान 1974 से रह रहे हैं। MCZMA के सूत्रों के मुताबिक, जिस प्लॉट पर यह इमारत बनेगी, वह सलमान की मां सलमा खान के नाम पर रजिस्टर्ड है।

इस प्रॉपर्टी पर 1956 से पहले से एक दो-मंज़िला घर बना हुआ था, जिसे ढांचे के लिहाज़ से असुरक्षित होने के कारण गिरा दिया गया था। मंज़ूर किए गए प्रोजेक्ट में ग्राउंड फ़्लोर, स्टिल्ट पार्किंग और छह ऊपरी मंज़िलें शामिल हैं। प्रस्तावित इमारत का कुल बिल्ट-अप एरिया लगभग 1,014 वर्ग मीटर होगा और इसे सच डेवलपर्स द्वारा बनाया जाएगा।

इस प्रोजेक्ट को पहले अक्टूबर 2025 में बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) से ‘इंटिमेशन ऑफ़ डिसअप्रूवल’ (IOD) यानी शुरुआती मंज़ूरी मिल गई थी। अब MCZMA से मंज़ूरी मिलने के बाद, यह प्रोजेक्ट निर्माण कार्य शुरू होने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गया है। मंज़ूरी के साथ जुड़ी पर्यावरण संबंधी शर्तों के तहत, निर्माण कार्य के दौरान मौजूदा पेड़ों में से किसी को भी नहीं काटा जाएगा।

इसके बजाय, प्रॉपर्टी के आस-पास स्थानीय प्रजातियों के नए पेड़ लगाए जाएंगे। यह घटनाक्रम सलमान खान की सुरक्षा बढ़ाए जाने के दो साल से ज़्यादा समय बाद सामने आया है। उनकी सुरक्षा तब बढ़ाई गई थी जब कथित तौर पर बिश्नोई गैंग के सदस्यों ने गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर गोलीबारी की थी। अभिनेता को अभी Y+ सुरक्षा मिली हुई है। यह नई प्रॉपर्टी मुख्य सड़क से दूर एक शांत गली में स्थित है। उम्मीद है कि इस जगह पर खान परिवार को ज़्यादा प्राइवेसी और बेहतर सुरक्षा मिलेगी।

सिंहस्थ को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने सुनाए रोचक किस्से, बताया क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी इस बार

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को उज्जैन में आयोजित 'सिंहस्थ 2016 का अनुभव, सिंहस्थ 2028 का संकल्प' कार्यशाला में शामिल हुए। उन्होंने कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। कार्यशाला में वे अधिकारी और लोग शामिल हुए, जिन्हें पिछले कुंभ मेलों का अनुभव था। अधिकारियों ने कुंभ को लेकर अपने-अपने अनुभव भी साझा किए। उनके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी कुंभ मेलों से जुड़े उनके रोचक अनुभव सुनाए। उन्होंने कहा कि इस बार सिंहस्थ में सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी, ताकि आम नागरिकों को कोई परेशानी न हो। आसपास के राज्यों से भी समन्वय करने की जरूरत है। इस बार का सिंहस्थ भव्य होगा। 

 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम सब सौभाग्यशाली हैं कि उज्जैन से हमारा संबंध है। महाकाल की नगरी उज्जैन से जुड़ने पर जीवन धन्य होता है। मनुष्य तो छोड़ो देवताओं की भी कामना होती है कि काश उज्जैन में निवासरत होने का अवसर मिले। इसके इतिहास के साक्षी बनें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दौर बदल रहा है। वो दिन गए जब हम बड़े दिनों-त्योहारों का इंतजार करते थे, अब तो 12 महीने बसंत है, आनंद का उत्सव है। उन्होंने कहा कि आज के समय में धार्मिक पर्यटन भी लोगों को आकर्षित कर रहा है, इस तरह के नगर लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा ऐसे काम करने की है, जिसके दूरगामी परिणाम हों। बाबा महाकाल की कृपा से कोई आदमी इस तरह के शहर से निकलता है और सरकार के सर्वोच्च पद पर बैठता है। महाकाल की नगरी से आपका भी जुड़ना एक संयोग है। इस तरह आपका और हमारा भी अमृत कुंभ चल रहा है। 

 

सभी के अनुभव जानना जरूरी-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 80 के दशक के कुंभ में मैं स्काउट गाइड के सदस्य के रूप में यहां सेवा कर रहा था। इसी तरह 1992 के कुंभ में मैं सिंहस्थ समिति में था। एक बार मुझे बुजुर्ग कार्यालय सहायक ने दरवाजे पर रोक दिया। पूछा कि कहां जा रहे हो, मैंने कहा कि मैं मोहन यादव हूं तो उन्होंने कहा कि मैं तो उनको जानता हूं, तुम्हारे बराबर तो उनके बच्चे होंगे। वो बोले कि तुम जाओ यहां से। मैंने कहा कि मैं ही मोहन यादव हूं, मुझे ही जाना है। फिर जैसे-तैसे वो वाक्या पूरा हुआ। यह सब मैं इसलिए बता रहा हूं क्योंकि, उस समय जब सिंहस्थ समिति बनती थी, तो सब लोगों को उसमें जोड़ा जाता था। उन्होंने कहा कि अभी हमने कुछ समितियों का गठन नहीं किया है। हम चाहते हैं कि केवल उज्जैन के प्रतिनिधि इसमें शामिल न हों, बल्कि अन्य लोग को भी इसमें जोड़ा जाए। ताकि, आप सभी के अनुभव का लाभ मिले। 

 

सारी पुरानी रुकावटें दूर करने का प्रयास-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ सबका है। पुराने समय और अभी के समय में अंतर है। पहले एक-दो होटल होती थीं, जिसमें से कुंभ के बाद एक बंद हो जाती थी। लेकिन, अब लोगों को ठहराना बड़ी चुनौती है। आज उज्जैन का समय बदल गया है। हम पुराने दौर के सारे दबाव दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। हमने हर रोड चौड़ी की है, ताकि बाहर से आने वालों को समस्या न हो। हमने स्नान की चुनौती भी करीब-करीब पूरी कर ली है। सारे देव स्थानों को बड़ा किया है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि नदी तो हमारे लिए बड़ी चुनौती थी, क्योंकि मिट्टी की वजह से इसकी धारा कभी दाएं-कभी बाएं मुड़ जाती थी, लेकिन अब घाट पक्के होने से यह समस्या दूर हो गई है। पहले जिन लोगों को धर्मशाला मिलनी चाहिए, उसे नहीं मिल पाती थी। लेकिन, इस बार इसका भी ख्याल रखा गया है। हमें रेलवे में हुए बदलाव का भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस बार के सिंहस्थ के लिए पड़ोसी राज्यों से भी समन्वय करना पड़ेगा, ताकि अव्यवस्था फैलने से रोका जा सके। मेरी शुभकामना है कि 2028 का सिंहस्थ भव्य रूप से करेंगे।

सिंहस्थ को लेकर सीएम डॉ. मोहन यादव ने सुनाए रोचक किस्से, बताया क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी इस बार

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को उज्जैन में आयोजित 'सिंहस्थ 2016 का अनुभव, सिंहस्थ 2028 का संकल्प' कार्यशाला में शामिल हुए। उन्होंने कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। कार्यशाला में वे अधिकारी और लोग शामिल हुए, जिन्हें पिछले कुंभ मेलों का अनुभव था। अधिकारियों ने कुंभ को लेकर अपने-अपने अनुभव भी साझा किए। उनके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी कुंभ मेलों से जुड़े उनके रोचक अनुभव सुनाए। उन्होंने कहा कि इस बार सिंहस्थ में सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी, ताकि आम नागरिकों को कोई परेशानी न हो। आसपास के राज्यों से भी समन्वय करने की जरूरत है। इस बार का सिंहस्थ भव्य होगा। 

 

इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम सब सौभाग्यशाली हैं कि उज्जैन से हमारा संबंध है। महाकाल की नगरी उज्जैन से जुड़ने पर जीवन धन्य होता है। मनुष्य तो छोड़ो देवताओं की भी कामना होती है कि काश उज्जैन में निवासरत होने का अवसर मिले। इसके इतिहास के साक्षी बनें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दौर बदल रहा है। वो दिन गए जब हम बड़े दिनों-त्योहारों का इंतजार करते थे, अब तो 12 महीने बसंत है, आनंद का उत्सव है। उन्होंने कहा कि आज के समय में धार्मिक पर्यटन भी लोगों को आकर्षित कर रहा है, इस तरह के नगर लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा ऐसे काम करने की है, जिसके दूरगामी परिणाम हों। बाबा महाकाल की कृपा से कोई आदमी इस तरह के शहर से निकलता है और सरकार के सर्वोच्च पद पर बैठता है। महाकाल की नगरी से आपका भी जुड़ना एक संयोग है। इस तरह आपका और हमारा भी अमृत कुंभ चल रहा है। 

 

सभी के अनुभव जानना जरूरी-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 80 के दशक के कुंभ में मैं स्काउट गाइड के सदस्य के रूप में यहां सेवा कर रहा था। इसी तरह 1992 के कुंभ में मैं सिंहस्थ समिति में था। एक बार मुझे बुजुर्ग कार्यालय सहायक ने दरवाजे पर रोक दिया। पूछा कि कहां जा रहे हो, मैंने कहा कि मैं मोहन यादव हूं तो उन्होंने कहा कि मैं तो उनको जानता हूं, तुम्हारे बराबर तो उनके बच्चे होंगे। वो बोले कि तुम जाओ यहां से। मैंने कहा कि मैं ही मोहन यादव हूं, मुझे ही जाना है। फिर जैसे-तैसे वो वाक्या पूरा हुआ। यह सब मैं इसलिए बता रहा हूं क्योंकि, उस समय जब सिंहस्थ समिति बनती थी, तो सब लोगों को उसमें जोड़ा जाता था। उन्होंने कहा कि अभी हमने कुछ समितियों का गठन नहीं किया है। हम चाहते हैं कि केवल उज्जैन के प्रतिनिधि इसमें शामिल न हों, बल्कि अन्य लोग को भी इसमें जोड़ा जाए। ताकि, आप सभी के अनुभव का लाभ मिले। 

 

सारी पुरानी रुकावटें दूर करने का प्रयास-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ सबका है। पुराने समय और अभी के समय में अंतर है। पहले एक-दो होटल होती थीं, जिसमें से कुंभ के बाद एक बंद हो जाती थी। लेकिन, अब लोगों को ठहराना बड़ी चुनौती है। आज उज्जैन का समय बदल गया है। हम पुराने दौर के सारे दबाव दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। हमने हर रोड चौड़ी की है, ताकि बाहर से आने वालों को समस्या न हो। हमने स्नान की चुनौती भी करीब-करीब पूरी कर ली है। सारे देव स्थानों को बड़ा किया है। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि नदी तो हमारे लिए बड़ी चुनौती थी, क्योंकि मिट्टी की वजह से इसकी धारा कभी दाएं-कभी बाएं मुड़ जाती थी, लेकिन अब घाट पक्के होने से यह समस्या दूर हो गई है। पहले जिन लोगों को धर्मशाला मिलनी चाहिए, उसे नहीं मिल पाती थी। लेकिन, इस बार इसका भी ख्याल रखा गया है। हमें रेलवे में हुए बदलाव का भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस बार के सिंहस्थ के लिए पड़ोसी राज्यों से भी समन्वय करना पड़ेगा, ताकि अव्यवस्था फैलने से रोका जा सके। मेरी शुभकामना है कि 2028 का सिंहस्थ भव्य रूप से करेंगे।

Raja Shivaji OTT Release Date: रितेश देशमुख की ‘राजा शिवाजी’ ने ओटीटी पर दी दस्तक, जानें कहां देख सकेंगे फिल्म

Raja Shivaji OTT Release Date: रितेश देशमुख की ऐतिहासिक ड्रामा फ़िल्म ‘राजा शिवाजी’ 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई और बॉक्स ऑफ़िस पर सफल रही। फ़िल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स, दोनों से ही तारीफ़ मिली; इसकी वजह थी फ़िल्म का भव्य स्केल, ज़बरदस्त एक्टिंग और महान मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज का चित्रण। सिनेमाघरों में मिली सफलता के बाद, यह बहुप्रतीक्षित ऐतिहासिक फ़िल्म अब OTT पर आ गई है।

आज, 26 जून को ‘राजा शिवाजी’ नेटफ़्लिक्स पर रिलीज़ हुई। OTT प्लेटफ़ॉर्म ने सोशल मीडिया पर फ़ैन्स के साथ यह रोमांचक जानकारी शेयर की। फ़िल्म के आने की घोषणा करते हुए एक दिलचस्प पोस्टर शेयर किया गया और कैप्शन में लिखा गया, “विद्रोह करने आ रहे हैं राजे। नेटफ़्लिक्स पर मराठी और हिंदी में ‘राजा शिवाजी’ देखें, जो अब उपलब्ध है।”

आधिकारिक घोषणा के तुरंत बाद, फैंस इसे लेकर बहुत उत्साहित दिखे। एक फैन ने कमेंट किया, “आखिरकार! मराठी में, वाह।” एक और फैन ने लिखा, “आखिरकार… अब मैं इसे देख सकता हूँ।” एक कमेंट में यह भी लिखा था, “तेलुगु डबिंग की गुज़ारिश है।” वहीं, कुछ लोग फायर इमोजी भी पोस्ट करते दिखे।

रितेश देशमुख ने इस फ़िल्म का निर्देशन किया है और इसमें अभिनय भी किया है। उनके अलावा, फ़िल्म में अभिषेक बच्चन, भाग्यश्री, जेनेलिया देशमुख, संजय दत्त, फरदीन खान और विद्या बालन जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं। फ़िल्म में सुपरस्टार सलमान खान भी एक खास भूमिका में नज़र आएंगे।

News18 ने फ़िल्म को 3.5 स्टार दिए हैं। रिव्यू के एक हिस्से में लिखा है, “रितेश देशमुख के निर्देशन और मुख्य भूमिका वाली यह फ़िल्म काफी हद तक उनके अभिनय पर टिकी है और उन्होंने इसे बहुत सधे हुए अंदाज़ में निभाया है। बहुत ज़्यादा शोर-शराबे या नाटकीयता के बजाय, उन्होंने अपने किरदार को संयमित रखा है और शांति व आंतरिक तीव्रता पर ज़ोर दिया है। यह तरीका बहुत असरदार रहा है, खासकर उन शांत पलों में, जहाँ बिना किसी बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए किरदार का पक्का इरादा साफ़ झलकता है। एक निर्देशक के तौर पर भी उन्होंने परिपक्वता दिखाई है और बिना ज़बरदस्ती ड्रामा पैदा किए दृश्यों को स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ने दिया है।”

बढ़ सकती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें! आम आदमी को लग सकता है बड़ा झटका, वेनेजुएला में भयंकर तबाही से मंडराया बड़ा खतरा

Venezuela Earthquake: बीते दिन वेनेजुएला में एक के बाद एक दो भीषण भूकंप आए जिससे पूरे देश में भयंकर तबाही मची है। अब इन दोनों भूकंपों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन इस आपदा ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भी हलचल पैदा कर दी है। दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में से एक होने के कारण अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या वेनेजुएला के संकट से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं?

हालांकि, अभी तक तेल की सप्लाई रुकने का कोई बड़ा सबूत नहीं मिला है, लेकिन कच्चे तेल के लिए वेनेजुएला पर भारत की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए अगले कुछ दिन बेहद अहम होने वाले हैं।

भारत के लिए क्यों इतना महत्वपूर्ण है वेनेजुएला?

इस संकट की टाइमिंग भारत के लिए थोड़ी चिंताजनक है। पिछले दो महीनों में मिडिल ईस्ट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारत ने वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात तेजी से बढ़ाया था। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल और मई 2026 में वेनेजुएला भारत के सबसे बड़े क्रूड सप्लायर्स में से एक बनकर उभरा है।

वित्त वर्ष 2025-26 में जहां वेनेजुएला से हर महीने औसतन 64000 मीट्रिक टन क्रूड आता था, वहीं अप्रैल-मई 2026 में यह आंकड़ा उछलकर 10 लाख मीट्रिक टन प्रति माह के पार पहुंच गया है। भारतीय रिफाइनरियां वेनेजुएला के हैवी क्रूड ऑयल को प्रोसेस करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, इसलिए सरकार इसे अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम मानती है।

क्या भूकंप से तेल रिफाइनरियों को पहुंचा है नुकसान?

शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, राहत की बात यह है कि वेनेजुएला का ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर इस भयानक भूकंप के बाद भी बड़े नुकसान से बच गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, तेल उत्पादन और निर्यात से जुड़े ऑपरेशन्स में अभी तक किसी बड़े व्यवधान की खबर नहीं है।

भूकंप का सबसे ज्यादा असर राजधानी काराकास और उसके आस-पास के रिहायशी इलाकों, ट्रांसपोर्ट और पब्लिक सुविधाओं पर पड़ा है। हालांकि, इंडस्ट्रियल इलाकों, बड़ी पाइपलाइनों, स्टोरेज टैंकों और एक्सपोर्ट टर्मिनल्स का बारीकी से निरीक्षण अभी भी जारी है। अगर बाद में किसी बड़े स्ट्रक्चरल डैमेज का पता चलता है, तो आने वाले दिनों में सप्लाई पर असर पड़ सकता है।

क्या भारत में पैदा हो सकता है तेल का संकट?

इसकी उम्मीद बेहद कम है। भारत अपनी जरूरत का क्रूड ऑयल किसी एक देश से नहीं बल्कि 35 से ज्यादा देशों से खरीदता है। इस समय रूस भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है। इसके अलावा इराक, सऊदी अरब, यूएई, अमेरिका, ब्राजील और कई अफ्रीकी देशों से भी भारत तेल मंगाता है।

एनर्जी एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर वेनेजुएला से तेल की सप्लाई कुछ समय के लिए धीमी भी होती है, तो भारत के पास दूसरे विकल्प मौजूद हैं। साथ ही, भारतीय तेल कंपनियां हमेशा बैकअप इन्वेंट्री बनाकर रखती हैं।

सप्लाई नहीं रुकी, तो फिर क्यों डर रहा है बाजार?

बाजार की चिंता की बड़ी वजह यह है कि मिडिल ईस्ट के समुद्री रास्तों में जारी तनाव के बीच भारत ने जानबूझकर वेनेजुएला से खरीदारी बढ़ाई थी ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भरता कम की जा सके।

अब अगर एक तरफ मिडिल ईस्ट का रास्ता असुरक्षित रहता है और दूसरी तरफ भूकंप के चलते वेनेजुएला का एक्सपोर्ट भी प्रभावित होता है, तो ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कमी हो जाएगी। भारत अपनी जरूरत का 85 से 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों में थोड़ी सी भी बढ़ोतरी भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ा देती है, जिससे देश का चालू खाता घाटा और महंगाई दोनों बढ़ने का खतरा रहता है।

क्या आपकी जेब पर पड़ेगा असर?

इसका जवाब है- फिलहाल नहीं। भारत में पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतें केवल क्रूड ऑयल पर निर्भर नहीं करतीं। इनमें डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल, केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स और सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) के फैसले शामिल होते हैं। इसलिए, वेनेजुएला में आए इस भूकंप का तुरंत भारतीय पेट्रोल पंपों पर कोई असर नहीं दिखेगा।

लेकिन, अगर आने वाले दिनों में वेनेजुएला के ऑयल फील्ड्स में लंबा नुकसान सामने आता है और ग्लोबल मार्केट में क्रूड के दाम लंबे समय तक ऊंचे बने रहते हैं, तो आगे चलकर भारतीय उपभोक्ताओं को महंगे ईंधन का सामना करना पड़ सकता है।