घर के बाहर मौत बनकर पहुंचा शेर! चरवाहे को जमीन पर दबोचा, लोगों ने पत्थर बरसाकर बचाई जान, VIDEO वायरल

Gujarat lion attack

गुजरात के भावनगर जिले से सोमवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पालिताना तालुका के गरजिया गांव में एक शेर ने अचानक एक पशुपालक पर हमला कर दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो रहे हैं।


जानकारी के अनुसार, घटना 6 जुलाई की सुबह उस समय हुई जब गरजिया गांव के बाहरी इलाके में रहने वाले पशुपालक कालूभाई भोगभाई गामरा अपने घर के पास मौजूद थे। तभी अचानक एक शेर वहां पहुंचा और उन पर झपट पड़ा।

जमीन पर दबोचकर करता रहा हमला

वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि शेर ने पशुपालक को जमीन पर दबोच रखा है। वह लगातार उनके पैर को काटने की कोशिश कर रहा है, जबकि घायल पशुपालक अपनी जान बचाने के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करता नजर आता है। आसपास मौजूद लोगों की सांसें थम गईं और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

पत्थर फेंककर लोगों ने बचाई जान

 

शेर के हमले से घबराए ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाई और दूर से लगातार पत्थर फेंककर शेर को भगाने की कोशिश की। काफी देर की मशक्कत के बाद शेर वहां से भागा, जिसके बाद घायल पशुपालक को लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला। हमले में उनके शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं और काफी खून बह गया।

वन विभाग जांच में जुटा

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने पूरे इलाके का निरीक्षण किया और जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि शेर गांव के रिहायशी इलाके तक कैसे पहुंचा और उसने अचानक हमला क्यों किया। इस घटना के बाद गरजिया गांव सहित आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से शेर की लगातार निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

वर्ल्ड अपडेट्स:फ्रांस के लालिक म्यूजियम में 40 करोड़ रुपए की चोरी, नकाबपोश बदमाश 20 क्रिस्टल ज्वेलरी लेकर फरार

फ्रांस के लालिक म्यूजियम से रविवार तड़के करीब 40 लाख यूरो (करीब 40 करोड़ रुपए) के आभूषण चोरी हो गए। घटना जर्मनी सीमा से सटे विंगन-सुर-मोडेर कस्बे की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुबह करीब 5:30 बजे कई नकाबपोश बदमाश संग्रहालय का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। उन्होंने छह डिस्प्ले केस तोड़े और करीब 20 क्रिस्टल आभूषण लेकर फरार हो गए। चोरी हुए आभूषण क्रिस्टल के बने थे और उनमें कीमती रत्न नहीं जड़े थे। इसलिए एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन्हें पिघलाकर या दोबारा बेच पाना आसान नहीं होगा। लालिक म्यूजियम की शुरुआत 2011 में हुई थी। यह प्रसिद्ध फ्रांसीसी ज्वेलर और ग्लास कलाकार रेने लालिक तथा उनके उत्तराधिकारियों की कला को समर्पित है। संग्रहालय में 650 से अधिक आर्ट नोवो, आर्ट डेको और आधुनिक क्रिस्टल कला की कलाकृतियां प्रदर्शित हैं। चोरी के बाद संग्रहालय को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में पेरिस के लूव्र म्यूजियम से फ्रांस के क्राउन ज्वेल्स के आठ दुर्लभ आभूषण चोरी हुए थे। उनकी कीमत करीब 8.8 करोड़ यूरो आंकी गई थी। इसी दौरान डेनिस डिडेरो हाउस ऑफ एनलाइटनमेंट से करीब 2,000 दुर्लभ सिक्के और नेशनल म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री से 15 लाख यूरो कीमत के छह दुर्लभ सोने के नगेट भी चोरी हुए थे। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ब्रिटेन में विदेशी फंडिंग पर शिकंजा:चुनावी उम्मीदवारों को हर बड़े चंदे का स्रोत बताना होगा
ब्रिटेन ने सोमवार को विदेशी राजनीतिक चंदे पर नियम और सख्त कर दिए। सरकार का कहना है कि इसका मकसद विदेशी पैसे के जरिए चुनावों को प्रभावित होने से रोकना और राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता बढ़ाना है। यह जानकारी ब्रिटिश सरकार के बयान में दी गई है। नए नियमों के तहत अब चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को उम्मीदवार घोषित होने से पहले मिले 2,230 पाउंड से अधिक के सभी चंदों की जानकारी देनी होगी। साथ ही यह भी साबित करना होगा कि यह रकम वैध स्रोतों से आई है। हाउसिंग मंत्री स्टीव रीड ने कहा कि विदेशी दानदाताओं के लिए कड़े मानक लागू कर और उम्मीदवारों से फंडिंग का स्रोत साबित कराने की व्यवस्था कर सरकार चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता की रक्षा कर रही है। नियमों के मुताबिक विदेश से आकर ब्रिटेन में बसे लोग अब तभी एक लाख पाउंड या उससे अधिक का राजनीतिक चंदा दे सकेंगे, जब वे कम से कम एक साल तक स्थायी रूप से ब्रिटेन में रह चुके हों। इसके अलावा कंपनियों से मिलने वाले राजनीतिक चंदे का आकलन अब उनके राजस्व के बजाय कर चुकाने के बाद हुए वास्तविक मुनाफे के आधार पर किया जाएगा। ये नए नियम मार्च में घोषित प्रावधानों के बाद लागू किए गए हैं। तब सरकार ने विदेश में रहने वाले ब्रिटिश नागरिकों के राजनीतिक चंदे की सीमा एक लाख पाउंड प्रति वर्ष तय की थी। लोगो विवाद में मॉली टी पर भारी पड़ा लुई वितों: चीनी अदालत ने $15 लाख हर्जाना और माफी का आदेश दिया
चीन की लोकप्रिय बबल टी चेन मॉली टी को फ्रांसीसी लग्जरी ब्रांड लुई वितों (Louis Vuitton) के ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामले में 1.03 करोड़ युआन (करीब 11 लाख पाउंड या 15 लाख डॉलर) हर्जाना भरने का आदेश दिया गया है। अदालत ने माना कि कंपनी का लोगो लुई वितों के मशहूर चार-पंखुड़ी वाले मोनोग्राम ट्रेडमार्क की नकल करता है। इस फैसले के बाद चीन में कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा अधिकारों को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई। चाइना डेली के अनुसार, शंघाई के पूर्व में स्थित सूझोउ की अदालत ने गुरुवार को मॉली टी को विवादित लोगो का इस्तेमाल तुरंत बंद करने, सार्वजनिक माफी मांगने और लुई वितों को 1.03 करोड़ युआन का हर्जाना देने का आदेश दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मॉली टी और उससे जुड़ी कंपनियों ने कई ट्रेडमार्क पंजीकरण के लिए आवेदन किए थे, लेकिन चीन के राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा प्रशासन ने अधिकांश आवेदन खारिज कर दिए। केवल “मॉली टी” नाम वाले चीनी अक्षरों का ट्रेडमार्क ही पंजीकृत हो सका। इस मामले से जुड़ा एक हैशटैग चीनी सोशल मीडिया पर 40 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है और इस पर हजारों टिप्पणियां आई हैं। कई यूजर्स ने मॉली टी का समर्थन करते हुए कहा कि पश्चिमी लग्जरी ब्रांडों के कई डिजाइन भी चीनी कलाकृतियों से प्रेरित रहे हैं। वीबो पर एक यूजर ने लिखा कि वह समर्थन जताने के लिए रोज मॉली टी पिएगा। वहीं कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अदालत के फैसले को सही ठहराया। उनका कहना था कि लुई वितों ने संबंधित ट्रेडमार्क पहले ही पंजीकृत करा रखा है, इसलिए कानून के मुताबिक उसकी सुरक्षा का अधिकार उसी के पास है। ‌‌BBC ने इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए मॉली टी और लुई वितों दोनों से संपर्क किया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी की ओर से कोई बयान नहीं आया। NATO सम्मेलन से पहले रूस का बड़ा हमला:कीव में 9 की मौत
यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूस ने एक सप्ताह में दूसरी बार बड़ा मिसाइल हमला किया है। सोमवार तड़के हुए हमले में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 46 लोग घायल हुए हैं। घायलों में कम से कम पांच बच्चे शामिल हैं। यह हमला तुर्किये में होने वाले NATO शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुआ है। सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात होने की उम्मीद है। रविवार को हमले से कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि खुफिया जानकारी के अनुसार रूस कीव पर एक और बड़े हमले की तैयारी कर रहा है। यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि रूस ने जानबूझकर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। वहीं रूस का कहना है कि उसने हाल में रूसी क्षेत्र के बिजलीघरों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर यूक्रेनी हमलों के जवाब में सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया। NATO बैठक से पहले जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलों की आपूर्ति में देरी नहीं करने की अपील की।

IMD Heavy Rain Alert : भारी बारिश के बीच सोमवार को बंद रहेंगे सभी स्कूल और कॉलेज, BMC ने की ये अपील

मुंबई में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सोमवार को सभी सरकारी, प्राइवेट और नगर निगम के स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शहर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, सरकारी और निजी कार्यालय सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने लोगों से भी अपील की है कि खराब मौसम को देखते हुए बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। मौसम विभाग के अनुसार, मुंबई में सोमवार को तेज बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

मुंबई में हो रही भारी बारिश

मुंबई और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से लगातार तेज बारिश हो रही है। भारी बारिश के कारण कई जगह जलभराव हो गया है और पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। 30 जून से अब तक बारिश से जुड़े हादसों में एक स्कूली छात्र सहित तीन लोगों की जान जा चुकी है। रविवार को ठाणे और पालघर जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिला। ठाणे में 17 साल का एक लड़का तेज बहाव वाली नदी में डूब गया, जबकि पालघर में एक इमारत की बालकनी का हिस्सा गिरने से दो लोग घायल हो गए।

हाल ही में हुए हैं कई हादसे 

नवी मुंबई के वाशी इलाके में राम निवास बिल्डिंग की दूसरी मंजिल की बालकनी का कंक्रीट स्लैब अचानक गिर गया। इस हादसे में एक पुरुष और एक महिला घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, महिला को इलाज के लिए पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि पुरुष को वाशी के एनएमएमसी अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने इमारत के बाकी कमजोर हिस्सों को भी सुरक्षित तरीके से हटा दिया। वहीं, भिवंडी में 17 साल का एक लड़का उफनती कामवारी नदी में बह गया। वह अपने दोस्तों के साथ केकड़े पकड़ने गया था। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि उसकी तलाश के लिए लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

ठाणे के दिवा इलाके में एक दो मंजिला इमारत के अंदर सीढ़ियों का कंक्रीट स्लैब गिर गया। इससे बाहर निकलने का मुख्य रास्ता बंद हो गया और पांच लोग इमारत में फंस गए। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद इमारत में पड़े खतरनाक मलबे को भी हटा दिया गया। वहीं, ठाणे पश्चिम के पचपखाड़ी स्थित यशोदा निवास सोसाइटी में एक बड़ा पेड़ गिरने से दो घरों की छत को नुकसान पहुंचा।

रीजनल डिजास्टर मैनेजमेंट सेल (RDMC) के प्रमुख यासीन तडवी ने बताया कि गिरे हुए पेड़ को काटकर हटाने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। वहीं, लगातार हो रही बारिश के कारण पालघर जिले के वसई में निर्माणाधीन एक कंपाउंड वॉल ढह गई। दीवार पास की एक रिहायशी कॉलोनी में गिरने से बाउंड्री के पास खड़ी 15 मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त हो गईं। सूचना मिलने पर वसई-विरार नगर निगम की फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाकर स्थिति को सुरक्षित किया।

Alpha Movie: ‘ऐल्फा’ में आलिया भट्ट-शरवरी वाघ के बिकनी सीन को यूजर्स ने बताया निरमा ऐड, बोले- धुरंधर बनने चले थे…

Alpha Movie: बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट और शरवरी की स्पाई-एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘ऐल्फा’ आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से मिले-जुले से लेकर नेगेटिव रिव्यूज मिले हैं। फिल्म के कई सीन ऑनलाइन लीक हो गए हैं, जिनमें से एक में आलिया और शरवरी का बिकिनी सीन भी शामिल है। हालांकि, इंटरनेट पर इसे लेकर कोई खास उत्साह नहीं दिख रहा है।

‘ऐल्फा’ फिल्म का एक सीन X पर सामने आया है, जिसमें आलिया और शरवरी बिकिनी पहने हुए पानी से बाहर निकलती हुई दिख रही हैं। इस सीन में दोनों एक्ट्रेस बिकिनी में अपनी कर्वी बॉडी दिखाती नजर आ रही हैं। हालांकि, इस सीन ने कई दर्शकों को निराश किया है। लोगों ने YRF की इस बात के लिए आलोचना की है कि एक्शन थ्रिलर फिल्म होने के बावजूद, वे फीमेल एक्ट्रेस के लिए बिकिनी वाले सीन जरूर रखते हैं। कई यूजर्स ने इस सीन की तुलना निर्मा (Nirma) के विज्ञापन से भी की है।

एक ट्वीट में लिखा था, “उन्होंने YRF की ‘Alpha’ फिल्म में निरमा का ऐड क्यों डाल दिया?” एक और ट्वीट में कहा गया, “YRF वही कर रहा है जो वह हमेशा करता है – जासूसी फिल्म में बिकिनी सीन ज़बरदस्ती डालना।” एक और यूज़र ने कमेंट किया, “क्या जासूसी फिल्म ऐसी दिखनी चाहिए? यह तो बिकिनी पहनकर हनीमून मना रहे लेस्बियन कपल की फ़िल्म जैसी लग रही है। YRF को बिकिनी का इतना जुनून क्यों है…?”

एक और व्यक्ति ने लिखा, “मुझे पता था!! YRF जासूसी फ़िल्म बनाए और उसमें बिकिनी सीन न हो? नामुमकिन। उन्होंने इस बार दर्शकों को बेवकूफ़ बनाने के लिए टीजर और ट्रेलर में इसे नहीं दिखाया।” एक और ट्वीट में लिखा था, “बड़ा घोटाला, बिकिनी में भारतीय महिला एजेंट?????? मिस्टर चोपड़ा, आप ऐसा कैसे कर सकते हैं? आपको भारतीय RAW एजेंटों को बिकिनी क्वीन की तरह दिखाने का अधिकार किसने दिया?”

यह पहली बार नहीं है जब YRF स्पाई यूनिवर्स को अपनी महिला जासूसों की स्टाइलिंग को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा है। ‘वॉर 2’ में कियारा आडवाणी के बिकिनी सीन पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ दर्शकों ने जासूस को इतने ग्लैमरस अवतार में दिखाए जाने पर सवाल उठाए। इससे पहले, ‘पठान’ फिल्म के गाने ‘बेशर्म रंग’ में दीपिका पादुकोण की ऑरेंज बिकिनी को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। कॉस्ट्यूम के रंग को लेकर फिल्म के बहिष्कार की मांग उठी थी और राजनीतिक विरोध भी हुआ था।

शिव रवैल की डायरेक्ट की हुई ‘ऐल्फा’, YRF स्पाई यूनिवर्स की सातवीं फिल्म है। इस फिल्म में आलिया भट्ट और शरवरी मुख्य भूमिकाओं में हैं, साथ ही अनिल कपूर और बॉबी देओल भी हैं। यह फ़िल्म एक ऐसी ट्रेंड मर्डरर की कहानी है जिसे सुपर-सोल्जर सीरम दिया गया है, और उसे अपने ही मेंटर के खिलाफ लड़ना पड़ता है। यश राज फिल्म्स के बैनर तले आदित्य चोपड़ा द्वारा प्रोड्यूस की गई ‘अल्फा’ की कहानी उदय चोपड़ा ने लिखी है, और इसका स्क्रीनप्ले सौमिल शुक्ला, श्रीधर राघवन और इशिता मोइत्रा ने तैयार किया है। यह YRF स्पाई यूनिवर्स की पहली महिला-प्रधान स्पाई एक्शन फिल्म है, इससे पहले इस यूनिवर्स की फिल्मों में ऋतिक रोशन, सलमान खान और शाहरुख खान जैसे पुरुषमेल सुपरस्टार्स मुख्य भूमिकाओं में रहे हैं।

PB Fintech का शेयर बाजार खुलते ही क्रैश, ब्लॉक डील के बाद बढ़ा बिकवाली का दबाव

पीबी फिनटेक का शेयर 3 जुलाई को बाजार खुलते ही क्रैश कर गया। कंपनी के शेयरों में एक बड़ी ब्लॉक डील हुई। कंपनी के 2.3 फीसदी शेयरों की बिक्री करीब 1,741 करोड़ रुपये में हुई। इसके बाद शेयरों पर बड़ा दबाव दिखा। 10 बजे शेयर 7.31 फीसदी गिरकर 1,563.50 रुपये पर चल रहा था। पहले खबर आई थी कि सिंगापुर की सॉवरेन इनवेस्टमेंट फर्म टेमासेक होल्डिंग्स पीबी फिनटेक में अपनी हिस्सेदारी घटाना चाहती है।

इस साल अब तक 14 फीसदी गिर चुका है शेयर 

PB Fintech का शेयर इस साल अब तक करीब 14 फीसदी गिर चुका है। इस दौरान निफ्टी में 7 फीसदी गिरावट आई है। पीबी फिनटेक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 72,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। स्टॉक एक्सचेंज के डेटा के मुताबिक, ब्लॉक डील में 1.08 शेयरों का ट्रांजेक्शन प्रति शेयर 1,601 रुपये के रेट पर हुआ है। यह 2 जुलाई को शेयर के 1,682.10 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से करीब 4.8 रुपये का डिस्काउंट है।

अभी खरीदार और बेचने वाले की जानकारी उपलब्ध नहीं

स्टॉक एक्सचेंजों पर अभी शेयर खरीदने वाले और बेचने वाले की जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह ट्रांजेक्शन 2 जुलाई को आई खबरों के मुताबिक है। खबरों में कहा गया है था कि टेमासेक होल्डिंग्स अपनी एक सब्सिडियरी के जरिए पीबी फिनेटक के 1.19 करोड़ शेयर बेचना चाहती है। यह पीबी फिनेटक में 2.6 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। खबरों में प्रति शेयर करीब 1,909 रुपये की कीमत पर ब्लॉक डील होने का अनुमान जताया गया था।

बीते कुछ महीनों में कई बड़े शेयरहोल्डर्स ने बेची हिस्सेदारी

इस ट्रांजेक्शन से पहले टेमासेक होल्डिंग्स की सब्सिडियरी MacRitchie Investments की PB Fintech में 6.47 फीसदी हिस्सेदारी थी। सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया को इस डील का एकलौता प्लेसमेंट एजेंट बताया गया था। बताया गया था कि इस डील के बाद टेमासेक पर अपनी बाकी हिस्सेदारी बेचने के लिए 60 दिन का लॉक-अप लागू होगा। बीते कुछ महीनों में पीबी फिनटेक में कई बड़े शेयरहोल्डर्स ने हिस्सेदारी बेची है।

मई में दहिया और बंसल ने भी बेचे थे कंपनी के शेयर

इस साल मई में पीबी फिनेटक के को-फाउंडर्स यशीश दहिया और आलोक बंसल ने करीब 38 लाख शेयर बेचे थे। यह कंपनी में करीब 0.8 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर था। यह ट्रांजेक्शन 654 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील के जरिए हुआ था। मई में ही चीन की टेक्नलोजी कंपनी Tencent ने पीबी फिनटेक में अपनी बाकी 1.05 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी थी।

यह भी पढ़ें: Share Market में लगातार तीसरे दिन तेजी, सेंसेक्स 655 अंक तक उछला; निवेशकों की दौलत ₹2.43 लाख करोड़ बढ़ी 

लगातार तीसरे दिन शेयर बाजारों में तेजी

3 जुलाई को शेयर बाजारों में अच्छी तेजी दिखी। 10:20 बजे निफ्टी 0.68 फीसदी यानी 165 अंक चढ़कर 24,342 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.65 फीसदी यानी 506 अंक के उछाल के साथ 78,000 पर था। बैंक निफ्टी में भी 0.23 फीसदी की तेजी दिखी। आज बाजार में अच्छी तेजी का लगातार तीसरा दिन है।

Alpha Advance Bookings: ‘ऐल्फा’ ने एडवांस बुकिंग में छापे करोड़ों, आलिया भट्ट- शरवरी का एक्शन देखने को बेकरार फैंस

Alpha Advance Bookings: आलिया भट्ट, शरवरी, बॉबी देओल और अनिल कपूर की फ़िल्म ‘अल्फा’ की एडवांस बुकिंग आधिकारिक तौर पर बुधवार को शुरू हो गई, जो 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने से ठीक दो दिन पहले है। टिकटों की बिक्री शुरू होने के साथ ही, शुरुआती ट्रेड अनुमान बताते हैं कि यह एक्शन-एंटरटेनर फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर अच्छी शुरुआत करने के लिए तैयार है।

ट्रेड एनालिस्ट रमेश बाला ने NDTV को बताया कि ‘अल्फा’ ने अब तक एडवांस बुकिंग से 1.75 करोड़ रुपये कमाए हैं। उन्होंने आगे कहा, “फ़िल्म को पहले दिन 5 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई करनी चाहिए। अगर लोगों की प्रतिक्रिया अच्छी रही, तो यह अपने पहले वीकेंड में लगभग 15 करोड़ रुपये कमा सकती है।”

यह फ़िल्म हुमा कुरैशी की ‘बेबी डू डाई डू’ के साथ रिलीज़ होने वाली है। इस मुक़ाबले पर अपनी राय रखते हुए रमेश बाला ने कहा, “‘अल्फा’ को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए,” क्योंकि दोनों फ़िल्में बहुत अलग जॉनर की हैं और अलग-अलग तरह के दर्शकों के लिए हैं।

NDTV ने जब हुमा से पूछा कि क्या वह ‘बेबी डू डाई डू’ और ‘अल्फा’ के बीच होने वाले मुकाबले को “महिलाओं को प्राथमिकता देने वाला शुक्रवार” मानती हैं, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह महिला-केंद्रित कंटेंट के लिए बहुत अच्छा समय है।”

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि एक ही दिन एक से ज़्यादा फ़िल्मों के बीच मुकाबला हो सकता है और वे सभी अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं। ऐसा क्यों हो कि सिर्फ़ लड़कों पर केंद्रित फ़िल्मों के बीच ही मुकाबला हो?” उन्होंने आगे कहा, “इसके बावजूद, हमारी फ़िल्म बहुत छोटी है और इसे पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से बनाया गया है, इसलिए हमें बस थोड़ी सी जगह चाहिए।”

ये दोनों फ़िल्में एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। ‘बेबी डू डाई डू’ हाल ही में शुरू हुए ‘सलीम सिब्लिंग्स’ बैनर के तहत बनी एक स्वतंत्र फ़िल्म है, जबकि ‘अल्फा’ यश राज फ़िल्म्स की फ़िल्म है और स्टूडियो के ब्लॉकबस्टर ‘YRF स्पाई यूनिवर्स’ की पहली महिला-प्रधान फ़िल्म है। आलिया भट्ट और शरवरी अभिनीत यह एक्शन-एंटरटेनर फ़िल्म इस साल स्टूडियो की सबसे बड़ी रिलीज़ में से एक है।

ब्रेंडन मक्कलम ने बेन स्टोक्स के सामने संन्यास ना लेने की लगाई थी गुहार

इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम ने खुलासा किया कि उन्होंने बेन स्टोक्स से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के अपने फैसले पर फिर से विचार करने का आग्रह किया था लेकिन तब तक वह अपना मन बना चुके थे।इंग्लैंड सोमवार को ट्रेंटब्रिज में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा और अंतिम टेस्ट 160 रन से हार गया। स्टोक्स ने इस मैच के चौथे दिन ही संन्यास की घोषणा कर सभी को चौंका दिया।

मैकुलम ने प्रसारणकर्ता से कहा, ‘‘जब उन्होंने मुझे बताया कि वह संन्यास लेने जा रहे हैं तो मैंने उन्हें मनाने की कोशिश की थी। लेकिन तब तक वह अपना मन बना चुके थे और अपने फैसले पर अडिग थे।’’उन्होंने कहा, ‘‘उनके फैसले से निश्चित तौर पर मैं थोड़ा उदास हो गया था क्योंकि हम चार साल से इस सफर में साथ रहे हैं और यह एक रोमांचक अनुभव रहा है। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इस दौरान स्टोक्स के साथ इतने करीब से काम करने का मौका मिला। मैं उन्हें अपना दोस्त, एक सच्चा दोस्त मानता हूं।’’

मैकुलम ने कप्तान और खिलाड़ी के रूप में स्टोक्स के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें बहुत अच्छा नेतृत्वकर्ता बताया।उन्होंने कहा,‘‘वह शानदार नेतृत्वकर्ता हैं। लोग उनका अनुसरण करते हैं। चाहे वह मैदान पर हों, ड्रेसिंग रूम में हों, टीम होटल में हों, लोग उनका अनुसरण करते हैं क्योंकि वह अपनी छाप छोड़ते हैं। वह अपने विचारों और तरीकों पर पूरा भरोसा रखते हैं।’’

Ben Stokes

मैकुलम ने कहा, ‘‘क्रिकेट अनिश्चितता का खेल है लेकिन वह अपनी उपस्थिति से इसमें स्थिरता लाते थे। वह बेमिसाल व्यक्तित्व के धनी हैं। परिस्थिति कैसी भी हो वह पीछे नहीं हटते और अपने पर पूरा विश्वास रखते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमें बेन की बहुत कमी खलेगी। उनके जैसे खिलाड़ी की जगह भरना बहुत मुश्किल है। लेकिन यही तो दुनिया का नियम है। कोई भी खिलाड़ी हमेशा नहीं खेल सकता, कोई भी हमेशा कप्तान नहीं रह सकता। अभी हम स्टोक्स की उपलब्धियों का जश्न मनाना चाहते हैं। इसके बाद ही आगे के बारे में सोचेंगे।’’

Sanae Takaichi: कौन हैं सनाए ताकाइची जिन्हें पीएम मोदी ने कहा ‘छोटी बहन’? संभाल रही हैं जापान की कमान

Japan PM Sanae Takaichi: भारत और जापान के बीच हमेशा से ही गहरे और मजबूत रणनीतिक संबंध रहे हैं। लेकिन नई दिल्ली में आयोजित 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान यह रिश्ता एक नए और बेहद आत्मीय मोड़ पर पहुंच गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद जापान की नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची को अपनी ‘छोटी बहन’ कहकर संबोधित किया।

पीएम मोदी ने ताकाइची को एक दूरदर्शी और ‘जापान फर्स्ट प्रधानमंत्री’ बताया। वैश्विक मंच पर जब चीन की आक्रामकता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है, ऐसे में एक महिला नेता के हाथ में जापान की कमान होना और भारत के साथ उनका यह तालमेल बेहद अहम माना जा रहा है। आइए जानते हैं कि जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची आखिर कौन हैं और उनका अब तक का सफर कैसा रहा है।

कौन हैं सनाए ताकाइची?

सनाए ताकाइची का जन्म 1961 में जापान के नारा प्रांत में हुआ था। वह जापान की राजनीति में एक बेहद कद्दावर, प्रखर और राष्ट्रवादी नेता के रूप में जानी जाती हैं। जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) से जुड़ी ताकाइची ने रूढ़िवादी और पुरुष-प्रधान माने जाने वाले जापानी राजनीतिक परिदृश्य में अपनी एक अलग और बेहद मजबूत पहचान बनाई है। वह जापान के पूर्व दिवंगत प्रधानमंत्री शिंजो आबे की बेहद करीबी और उनकी नीतियों की प्रबल समर्थक रही हैं।

रॉक बैंड से लेकर पीएम की कुर्सी तक का सफर

ताकाइची की शख्सियत काफी दिलचस्प और बहुआयामी है। राजनीति में आने से पहले अपने कॉलेज के दिनों में वह एक हेवी मेटल रॉक बैंड में ड्रम बजाती थीं और उन्हें मोटरबाइक्स चलाने का बेहद शौक रहा है। उन्होंने कोबे यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और बाद में प्रतिष्ठित ‘मात्सुशिता इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नमेंट एंड मैनेजमेंट’ से राजनीति की बारीकियां सीखीं। उन्होंने अमेरिका में कांग्रेसनल फेलो के रूप में भी काम किया है, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय राजनीति का गहरा अनुभव मिला।

जापान की राजनीति में ‘आयरन लेडी’ की छवि

सनाए ताकाइची को जापान की ‘आयरन लेडी’ भी कहा जाता है। वह अपनी स्पष्टवादिता और मजबूत आर्थिक व रक्षा नीतियों के लिए जानी जाती हैं। वह जापान की सैन्य ताकत को मजबूत करने और रक्षा बजट को बढ़ाने की वकालत करती रही हैं। शिंजो आबे की तरह ही वह भी ‘इकोनॉमिक्स’ और एक स्वतंत्र व खुले इंडो-पैसिफिक के विजन को आगे बढ़ा रही हैं।

पीएम मोदी से जुड़ाव और भारत-जापान का नया अध्याय

शिखर वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि सनाए ताकाइची की यह भारत यात्रा दोनों देशों के संबंधों में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख रही है। दोनों देशों ने साफ संकेत दिया है कि उनकी यह ऐतिहासिक साझेदारी अब केवल व्यापार और आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में भारत और जापान मिलकर रक्षा, अत्याधुनिक तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, मजबूत सप्लाई चेन और ग्रीन एनर्जी जैसे अहम और रणनीतिक मोर्चों पर एक साथ मिलकर कदम बढ़ाएंगे।

दिल्ली में 6 लेन टनल परियोजना को मिली हरी झंडी, वेस्ट और साउथ दिल्ली के बीच होगी बेहतर कनेक्टिविटी

केंद्र सरकार ने बुधवार को एक नई छह लेन वाली सड़क सुरंग (टनल) परियोजना को मंजूरी दे दी है। ये परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से तैयार की जाएगी। करीब 8.1 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर लगभग 6,970 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस सड़क परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत किया जाएगा और इसे पूरा होने में लगभग पांच साल लग सकते हैं। ये परियोजना द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ेगी। इसके पूरा होने के बाद वेस्ट और साउथ दिल्ली के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

कहां से कहां तक होगी परियोजना

इस परियोजना की सबसे खास बात साउथ दिल्ली के रंगपुरी (सदर्न दिल्ली) रिज के नीचे बनने वाली करीब 3.14 किलोमीटर लंबी दोहरी सुरंग (ट्विन-ट्यूब टनल) होगी। इसे आधुनिक टनल बोरिंग मशीन (TBM) टेक्नोलॉजी से तैयार किया जाएगा, ताकि पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचे। सुरंग का बड़ा हिस्सा जंगल के नीचे से होकर गुजरेगा, जिससे प्राकृतिक क्षेत्र सुरक्षित रहेगा और लोगों को बेहतर यातायात सुविधा भी मिल सकेगी। ये टनल शिव मूर्ति इंटरचेंज से शुरू होकर वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग और महिपालपुर-छतरपुर रोड के चौराहे के पास जाकर खत्म होगी।

इन योजनाओं पर भी होगा काम

टनल के बाहर यातायात को सुचारु बनाने के लिए इस परियोजना में नेल्सन मंडेला मार्ग पर करीब 1.8 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क बनाई जाएगी। इसके अलावा छतरपुर से महिपालपुर जाने वाले वाहनों के लिए एक नया फ्लाईओवर और ट्रैफिक जाम कम करने के लिए एलिवेटेड यू-टर्न भी बनाया जाएगा। वहीं, एनएचएआई भविष्य में एम्स से महिपालपुर तक एक एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर भी काम कर रहा है, जो इस नई टनल को बारापुला एलिवेटेड रोड से जोड़ेगा।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद वेस्ट, साउथ और ईस्ट दिल्ली के साथ-साथ गाजियाबाद और नोएडा के बीच सफर पहले से अधिक आसान और तेज हो जाएगा। इससे पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में बेहतर रोड नेटवर्क मिलेगा, जिससे लोगों का यात्रा समय भी कम होने की उम्मीद है।

एयरपोर्ट तक होगी बेहतर कनेक्टिविटी

ये नई सड़क परियोजना द्वारका एक्सप्रेसवे, अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) और वसंत कुंज के बीच तेज और बिना सिग्नल वाला संपर्क उपलब्ध कराएगी, जिससे वेस्ट और साउथ दिल्ली के बीच ट्रैवल टाइम काफी कम हो जाएगा। इसके अलावा साउथ और पूर्वी दिल्ली से गुरुग्राम, द्वारका और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंच भी पहले से अधिक आसान और तेज होगी। इस कॉरिडोर का उद्देश्य प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करना और रिहायशी, व्यावसायिक तथा एयरपोर्ट क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

मिलेगी इतनी नौकरी

सरकार के मुताबिक, इस परियोजना के निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। आधिकारिक अनुमान के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग के प्रत्येक लेन-किलोमीटर के निर्माण से सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से कई लोगों को काम मिलता है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ने की भी उम्मीद है। सरकारी अनुमान के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से लगभग 7.54 लाख पर्सन-डे डायरेक्ट नौकरी और 9.80 लाख पर्सन-डे इनडायरेक्ट नौकरी मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों के मुताबिक, सड़क संपर्क बेहतर होने के बाद आसपास के क्षेत्रों में व्यापार और अन्य आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी, जिससे भविष्य में रोजगार के नए अवसर बनने की संभावना है।

Housing Sales: ज्यादा घर, कम खरीदार? जानिए क्या बता रहा हाउसिंग सेल्स का लेटेस्ट डेटा

Housing Sales: देश के टॉप-7 शहरों में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान घरों की बिक्री में सालाना आधार पर 6% की गिरावट दर्ज की गई। ANAROCK Research की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तनाव, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और सप्लाई चेन की दिक्कतों की वजह से खरीदारों ने घर खरीदने का फैसला टाल दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 में करीब 90,715 घर बिके, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह संख्या 96,285 थी। वहीं, जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के मुकाबले बिक्री में 11% की गिरावट आई।

मुंबई और बेंगलुरु सबसे आगे

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) और बेंगलुरु देश के सबसे बड़े हाउसिंग मार्केट बने रहे। दोनों शहरों की हिस्सेदारी कुल बिक्री में करीब 48% रही।

MMR में करीब 28,710 और बेंगलुरु में 15,285 घरों की बिक्री हुई। सात बड़े शहरों में सिर्फ कोलकाता (10%), हैदराबाद (2%) और बेंगलुरु (1%) में बिक्री बढ़ी। वहीं, पुणे में सबसे ज्यादा 15% की गिरावट दर्ज की गई।

बिक्री घटी, लेकिन नए प्रोजेक्ट बढ़े

घरों की बिक्री धीमी रहने के बावजूद बिल्डर्स ने नए प्रोजेक्ट लॉन्च करना जारी रखा। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 में करीब 1.06 लाख नए घर लॉन्च हुए। यह पिछले साल के मुकाबले 7% ज्यादा है। हालांकि, पिछली तिमाही की तुलना में लॉन्च 16% घटे।

MMR और बेंगलुरु ने मिलकर कुल नए लॉन्च का 53% हिस्सा जोड़ा। हैदराबाद में नए प्रोजेक्ट्स 53%, बेंगलुरु में 41% और MMR में 23% बढ़े।

महंगे घरों की मांग ज्यादा

रिपोर्ट के मुताबिक, अब खरीदारों का रुझान महंगे घरों की ओर बढ़ रहा है। 80 लाख से 1.5 करोड़ रुपये कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 27% रही। 1.5 करोड़ से 2.5 करोड़ रुपये वाले घरों की हिस्सेदारी 25% और 2.5 करोड़ रुपये से ऊपर के लग्जरी घरों की हिस्सेदारी 22% रही।

वहीं, 40 लाख से 80 लाख रुपये वाले मिड-इनकम सेगमेंट की हिस्सेदारी 19% रही। सबसे सस्ते यानी अफोर्डेबल हाउसिंग की हिस्सेदारी घटकर सिर्फ 6% रह गई।

खरीदार क्यों हो रहे हैं सतर्क?

ANAROCK Group के चेयरमैन अनुज पुरी का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से सप्लाई चेन प्रभावित हुई और खरीदारों का भरोसा कमजोर पड़ा। इसके अलावा, IT और ITeS सेक्टर में AI के बढ़ते असर को लेकर भी अनिश्चितता है। इसी वजह से कई लोगों ने फिलहाल घर खरीदने का फैसला टाल दिया।

उन्होंने कहा कि नए प्रोजेक्ट्स में बढ़ोतरी की वजह उन जमीनों पर लॉन्च हुए प्रोजेक्ट्स हैं, जिन्हें बड़े लिस्टेड डेवलपर्स ने 2025 में खरीदा था। हालांकि, तिमाही आधार पर डेवलपर्स ने भी सतर्क रुख अपनाया।

घरों की कीमतें अब भी बढ़ रहीं

रिपोर्ट के मुताबिक, सात बड़े शहरों में औसत रिहायशी संपत्ति की कीमतें सालाना आधार पर 7% बढ़ीं। हालांकि, तिमाही आधार पर बढ़ोतरी सिर्फ 1% रही, जिससे कीमतों की रफ्तार कुछ धीमी होती दिखी।

सबसे ज्यादा 13% की बढ़ोतरी NCR में हुई। इसके बाद बेंगलुरु में औसत कीमतें 8% बढ़ीं।

बिना बिके घरों का स्टॉक बढ़ा

जून 2026 के अंत तक सात बड़े शहरों में बिना बिके घरों की संख्या बढ़कर 6.16 लाख से ज्यादा हो गई। यह पिछले साल की तुलना में 10% अधिक है।

बेंगलुरु में बिना बिके घरों का स्टॉक 34% बढ़ा। वहीं, NCR ऐसा इकलौता बड़ा बाजार रहा, जहां इन्वेंट्री लगभग स्थिर रही।

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