मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शारजाह में बी-आह मुख्यालय का किया दौरा, वेस्ट मैनेजमेंट सहित कई विषयों पर हुआ मंथन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शारजाह में बी-आह मुख्यालय का किया दौरा, वेस्ट मैनेजमेंट सहित कई विषयों पर हुआ मंथन

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित तीन दिवसीय प्रतिष्ठित 'एआईएम कांग्रेस-2026' के तीसरे दिन मंगलवार कोशारजाह स्थित बी-आह (Bee’aH) मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बी-आह फैसेलिटी के ग्रुप सीईओ एवं वाइस-चेयरमैन खालिद अल हुरैमल के साथ एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, स्मार्ट सिटी विकास, सर्कुलर इकोनॉमी और अत्याधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट समाधानों को मध्यप्रदेश में लागू करने को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सभी प्रकार के इंडस्ट्रियल वेस्ट, सीवेज वेस्ट, वेस्ट रिप्रोसेसिंग और इनर्ट मटेरियल के डिस्पोजल संबंधी ट्रीटमेंट सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान विशेषज्ञों ने उन्हें बताया कि यहां विश्व की सर्वाधिक उन्नत तकनीकी का उपयोग किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चर्चा के दौरान बी-आह ग्रुप को मध्यप्रदेश के नगर निगमों में म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट तथा वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं में निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश स्वच्छ ऊर्जा और सस्टेनेबल अर्बन डेवलपमेंट के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीईईएएच की डिजिटल, एआई-सक्षम और सर्कुलर इकोनॉमी क्षमताएं मध्यप्रदेश के स्मार्ट सिटी विजन और क्लीन एनर्जी मिशन के बिल्कुल अनुकूल हैं। राज्य में ईवी-आधारित फ्लीट और रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के विस्तार में यह साझेदारी अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है।

 

इंदौर के स्वच्छता मॉडल के साथ वैश्विक तालमेल-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए बताया कि इंदौर ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और बायो-सीएनजी के क्षेत्र में देश और दुनिया के समक्ष एक अनुकरणीय मॉडल स्थापित किया है। उन्होंने बी आह को इंदौर के स्थापित मॉडल के साथ जुड़कर नए आधुनिक समाधानों पर मिलकर काम करने का प्रस्ताव दिया, जिससे कचरा प्रबंधन के साथ-साथ जीरो-वेस्ट लैंडफिल के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

 

जीआईएस-2027 के लिए दिया आमंत्रण-मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बी आह के ग्रुप के सीईओ खालिद अल हुरैमल को अगले साल भोपाल में आयोजित होने वाली 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027' में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि बी आह ग्रुप अपनी आगामी वैश्विक विस्तार योजनाओं में मध्यप्रदेश को एक प्रमुख और प्राथमिकता वाले गंतव्य (डेस्टिनेशन) के रूप में शामिल करे।

 

अत्याधुनिक मुख्यालय का किया अवलोकन-बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसिद्ध आर्किटेक्ट ज़ाहा हदीद द्वारा डिज़ाईन किए गए बी-आह के प्रतिष्ठित एआई-सक्षम व नेट-ज़ीरो-रेडी मुख्यालय तथा उनकी विभिन्न उन्नत सुविधाओं की सराहना की। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2007 में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के रूप में स्थापित बी आह आज 46 राष्ट्रीयताओं के 13 हजार से अधिक कर्मचारियों और यूएई, सऊदी अरब व मिस्र में विस्तृत परिचालनों के साथ पर्यावरण, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन मोबिलिटी और टेक्नोलॉजी का अग्रणी अंतर्राष्ट्रीय समूह बन चुका है। शारजाह में 90 प्रतिशत से अधिक लैंडफिल-डायवर्जन दर और कमर्शियल स्केल वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट के संचालन में समूह ने वैश्विक मानक स्थापित किए हैं।

 

एडवांस्ड सस्टेनेबल और एआई-सक्षम है बी आह फैसिलिटी का मुख्यालय-बी आह सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन और एआई का वैश्विक मॉडल संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह में मुख्यालय वाला बी-आह (BEEAH) वैश्विक स्तर पर सस्टेनेबिलिटी और इनोवेशन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के रूप में स्थापित यह संस्था एक वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी से विकसित होकर आज एनवायरमेंटल सर्विसेज, रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और सस्टेनेबल रियल एस्टेट जैसे विविध क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही है। बी-आह की पहचान एडवांस्ड वेस्ट मैनेजमेंट और सर्कुलर इकोनॉमी सॉल्युशन्स के लिए है। उच्च वेस्ट-डायवर्जन दर के साथ संस्था शारजाह के महत्वाकांक्षी सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। इसका उद्देश्य कचरे को केवल निपटान की वस्तु न मानकर उसे संसाधन में बदलते हुए एक ऐसे मॉडल को विकसित करना है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ आर्थिक विकास को भी गति दे। बीईईएच का प्रतिष्ठित मुख्यालय इस सोच का जीवंत उदाहरण है।

प्रसिद्ध वास्तुकार ज़ाहा हदीद द्वारा डिजाइन किया गया यह भवन दुनिया की अत्याधुनिक सस्टेनेबल और एआई-सक्षम इमारतों में शामिल है। भवन की डिजाइन, तकनीक और ऊर्जा दक्षता इसे भविष्य के स्मार्ट एवं पर्यावरण-अनुकूल शहरों के लिए एक प्रभावी मॉडल बनाती है। रणनीतिक साझेदारियों और नवाचार आधारित परियोजनाओं के माध्यम से बी-आह स्मार्ट और सस्टेनेबल शहरों के विकास को नई दिशा दे रहा है। पर्यावरणीय उत्कृष्टता, ग्रीन टेक्नोलॉजी और सर्कुलर इकोनॉमी के क्षेत्र में इसके प्रयासों ने शारजाह को क्षेत्रीय स्तर पर ग्रीन इनोवेशन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है।

दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर बनेगा ‘गेटवे टू नोएडा’! ₹4526 करोड़ की लागत से बनेगा कन्वेंशन और हैबिटेट सेंटर

नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) सेक्टर 94 में ओखला बर्ड सेंचुरी के पास करीब 25 एकड़ जमीन पर एक बड़ा प्रोजेक्ट विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इसमें कन्वेंशन और हैबिटेट सेंटर के साथ कई तरह की सुविधाओं वाला मिक्स्ड-यूज कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। करीब 4,526 करोड़ रुपये की लागत वाले इस बड़े प्रोजेक्ट को विकसित करने के लिए प्राइवेट कंपनी का चयन किया जाएगा। इसके लिए अथॉरिटी ने रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी कर इच्छुक कंपनियों से प्रस्ताव मांगे हैं।

25 एकड़ में बनेगा

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के पास 25 एकड़ में यह बड़ा प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। इसे नोएडा के प्रमुख कमर्शियल और कल्चरल हब के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां कन्वेंशन और एग्जिबिशन सेंटर, दुकानें, ऑफिस, होटल, सर्विस्ड अपार्टमेंट और रिहायशी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। इसे ‘नोएडा का गेटवे’ के तौर पर भी विकसित किया जाएगा। ये जगह कालिंदी कुंज के रास्ते साउथ दिल्ली से नोएडा आने वाले लोगों के लिए प्रमुख प्रवेश मार्ग पर है, इसलिए इस प्रोजेक्ट को ‘गेटवे टू नोएडा’ नाम दिया गया है।

30 महीने में काम होगा पूरा

नोएडा अथॉरिटी के जनरल मैनेजर एसपी सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें आधुनिक कन्वेंशन सेंटर और प्रदर्शनी के लिए जगह के साथ रिटेल दुकानें, ऑफिस, होटल, सर्विस्ड अपार्टमेंट और रिहायशी क्षेत्र भी बनाए जाएंगे। प्रोजेक्ट मिलने के बाद कन्वेंशन सेंटर का निर्माण 30 महीने के भीतर पूरा करना होगा। वहीं, पूरे प्रोजेक्ट को सात साल के अंदर तैयार कर शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। डेवलपर के चयन के बाद काम जल्द शुरू किया जा सकता है, क्योंकि प्रोजेक्ट का लेआउट और बिल्डिंग प्लान पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं।

जानें इस कन्वेंशन सेंटर के बारे में

RFP के अनुसार, प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर करीब 18,762 वर्ग मीटर में बनाया जाएगा। वहीं, हैबिटैट सेंटर और होटल के लिए 29,507-29,507 वर्ग मीटर जगह तय की गई है। प्रोजेक्ट में करीब 65,437 वर्ग मीटर का रिटेल स्पेस और ऑफिस व सर्विस अपार्टमेंट के लिए 1.10 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र होगा। रिहायशी हिस्से के लिए 1.75 लाख वर्ग मीटर जगह रखी गई है, हालांकि इसका हिस्सा कुल बिल्ट-अप एरिया के 40 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा। यहां करीब 7,180 कारों की पार्किंग की सुविधा भी बनाई जाएगी।

PPP मॉडल के तहत नोएडा अथॉरिटी और चुनी गई निजी कंपनी मिलकर एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) बनाएंगे। निजी डेवलपर प्रोजेक्ट की डिजाइन, पैसा जुटाने, निर्माण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा। अथॉरिटी के अनुमान के अनुसार, प्रोजेक्ट से सात साल बाद करीब 6,890 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। यह आंकड़ा 10 साल में बढ़कर 10,324 करोड़ और 15 साल में 17,292 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यह प्रोजेक्ट नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और ओखला बर्ड सैंक्चुअरी मेट्रो स्टेशन के पास होने के कारण काफी अहम माना जा रहा है।