Akshaye Khanna: मुंबई में 33.26 करोड़ की प्रॉपर्टी के मालिक बने अक्षय खन्ना, खरीदा लग्जरी अपार्टमेंट

Akshaye Khanna: स्क्वायर यार्ड्स द्वारा देखे गए प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट्स के अनुसार एक्टर अक्षय विनोद खन्ना ने मुंबई के मालाबार हिल में ₹33.26 करोड़ में एक अपार्टमेंट खरीदा है। इस लग्जरी अपार्टमेंट का कारपेट एरिया 2,341.39 वर्ग फुट है, जिसमें 175.45 वर्ग फुट की बालकनी भी शामिल है। कुल एरिया 2,516.84 वर्ग फुट है। इसमें तीन पार्किंग यूनिट भी मिलती हैं।

स्क्वायर यार्ड्स को मिले डॉक्यूमेंट्स के अनुसार सितंबर 2026 में रजिस्टर हुए इस सौदे पर ₹1.99 करोड़ की स्टाम्प ड्यूटी और ₹30,000 का रजिस्ट्रेशन चार्ज लगा है। हालांकि इस बारे में अक्षय खन्ना की तरफ से कोई बयान नहीं आया है

मालाबार हिल इलाका

मालाबार हिल मुंबई के सबसे पसंदीदा रिहायशी इलाकों में से एक है, जो साउथ मुंबई में अपनी बेहतरीन लोकेशन, प्रीमियम घरों और शांत माहौल के लिए जाना जाता है। अरब सागर के किनारे बसा यह इलाका नेपियन सी रोड, वाल्केश्वर रोड और पेडर रोड जैसी मुख्य सड़कों के जरिए अहम कमर्शियल और लाइफस्टाइल जगहों से जुड़ा हुआ है और यहां से मरीन ड्राइव, नरीमन पॉइंट और कोलाबा तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

समय के साथ मालाबार हिल एक खास रिहायशी इलाके के तौर पर विकसित हुआ है, जहां शानदार अपार्टमेंट टावर, आलीशान घर और बसे-बसाए इलाके हैं। नरीमन पॉइंट, फोर्ट और लोअर परेल जैसे बड़े बिजनेस इलाकों के पास होने के कारण, यह सीनियर प्रोफेशनल्स, बिजनेस लीडर्स और बहुत अमीर लोगों के लिए खास तौर पर आकर्षक है।

इस इलाके में बेहतरीन सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर भी है, जिसमें नामी स्कूल, अस्पताल, प्रीमियम रेस्टोरेंट, शॉपिंग की जगहें और मनोरंजन के लिए जगहें शामिल हैं। हैंगिंग गार्डन्स, कमला नेहरू पार्क, बाणगंगा टैंक और वाल्केश्वर मंदिर जैसी मशहूर जगहें इसकी खासियत को और बढ़ाती हैं।

सी व्यू वाले घर, प्रीमियम रियल एस्टेट की सीमित उपलब्धता, पहले से मौजूद इंफ्रास्ट्रक्चर और एक प्रतिष्ठित पता- इन सब वजहों से यह इलाका दक्षिण मुंबई में खास और लंबे समय तक फायदा देने वाले आलीशान घर खरीदने वालों और निवेशकों की पहली पसंद बन गया है।

अक्षय खन्ना

अक्षय विनोद खन्ना एक बॉलीवुड एक्टर हैं, जिन्होंने अपनी शानदार एक्टिंग और स्क्रीन पर अपनी खास मौजूदगी से हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। मशहूर एक्टर विनोद खन्ना के बेटे होने के बावजूद उन्होंने कई दशकों के अपने करियर में अलग-अलग तरह के रोल निभाकर अपनी खुद की पहचान बनाई है।

मुंबई में शख्स 1 लाख की सैलरी में से 50,000 का देता था किराया , चार्टर्ड अकाउंटेंट बोला मेरे लिए ये बेस्ट ‘इन्वेस्टमेंट’ है

चार्टर्ड अकाउंटेंट और कंटेंट क्रिएटर कुशल लोढ़ा ने बताया है कि कैसे मुंबई में रहते हुए उन्होंने एक बार अपनी महीने की सैलरी का आधा हिस्सा किराए पर खर्च कर दिया था। उन्होंने बताया कि वे महीने के ₹1 लाख कमाते थे और लोअर परेल में घर के लिए ₹50,000 किराया देते थे।

लोढ़ा के लिए ज्यादा किराया सिर्फ रहने का खर्च नहीं था। उनका मानना ​​था कि वे जिस इलाके में रहते थे, उसका उनकी सोच, लक्ष्यों और काम करने के तरीके पर सीधा असर पड़ता था। उन्होंने कहा कि यह फैसला सही था, भले ही उनके आस-पास के लोगों ने इस पर सवाल उठाए हों।

लोढ़ा 50,000 महीना किराया देते थे

लोढ़ा ने अपने X पोस्ट में कहा, “जब मैं महीने में ₹1 लाख कमाता था तो मैं लोअर परेल में रहने चला गया और ₹50,000 किराया देता था।” उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझना मुश्किल लगता था कि वह अपनी कमाई का इतना बड़ा हिस्सा किराए पर क्यों खर्च करना चाहते थे।

कुछ लोगों ने तो इस फैसले के लिए उन्हें “पागल” भी कहा। हालांकि लोढ़ा के मुताबिक लोअर परेल में रहने से उन्हें ऐसा माहौल मिला, जिसने उनके करियर और काम को देखने का नजरिया बदल दिया। उन्हें लगा कि उनके आस-पास के लोग, जीवनशैली और मौकों ने उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा- अपनी सैलरी का 50% किराए पर खर्च करने के लिए सबने मुझे पागल कहा। लेकिन उस माहौल ने मेरे सोचने और काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया।”

उन्होंने किराए को एक निवेश के तौर पर देखा

लोढ़ा ने कहा कि हर महीने जो रकम वह देते थे, उसे सिर्फ घर के किराए के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके लिए आस-पास का माहौल भी जरूरी था क्योंकि वह उनकी महत्वाकांक्षाओं पर असर डाल सकता था। कभी-कभी किसी जगह की कीमत उसके किराए से नहीं मापी जाती। यह उस महत्वाकांक्षा से मापी जाती है, जो वह आपके अंदर पैदा करती है। उनकी बातों से इस बात पर भी चर्चा शुरू हो गई है कि क्या किसी खास इलाके में रहने के लिए ज्यादा खर्च करने से ऐसे फायदे हो सकते हैं, जिन्हें पैसों में मापना मुश्किल हो।

यूजर्स ने माहौल की अहमियत पर चर्चा की

कई यूजर्स लोढ़ा की बात से सहमत थे और उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के आस-पास का माहौल उसकी तरक्की में भूमिका निभा सकता है। एक यूजर ने कहा कि महत्वाकांक्षी लोगों और नए मौकों के बीच रहने का ऐसा असर हो सकता है जिसे हमेशा आंकड़ों के जरिए नहीं दिखाया जा सकता।

यूजर्स ने माहौल की अहमियत पर चर्चा की

कई यूजर्स लोढ़ा की बात से सहमत थे और उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के आस-पास का माहौल उसकी तरक्की में भूमिका निभा सकता है। एक यूजर ने कहा कि महत्वाकांक्षी लोगों और नए मौकों के बीच रहने का ऐसा असर हो सकता है जिसे हमेशा आंकड़ों के जरिए नहीं दिखाया जा सकता।

एक यूजर ने कमेंट सेक्शन में कहा, “यह आपको जीवन की जो गुणवत्ता देता है, उसे असल में पैसों के रूप में नहीं मापा जा सकता। यह हमें कई ऐसी चीज़ें देता है जिन्हें मापा नहीं जा सकता। और हर चीज़ का विश्लेषण नहीं किया जाना चाहिए। जीवन में भावनात्मक फ़ैसलों की भी जरूरत होती है।”