Janmashtami 2026 Tulsi Upay: आज कान्हा के जन्मोत्सव पर तुलसी के कुछ उपाय चमका सकते हैं आपकी किस्मत, मां लक्ष्मी होगी कृपा

Janmashtami 2026 Tulsi Upay: हमारे देश में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह दिन धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से जितना महत्वूर्ण है उतना ही ज्योतिषीय दृष्टि से भी अहम है। माना जाता है इस दिन तुलसी से जुड़े कुछ उपाय करने से किस्मत के दरवाजे खुल सकते हैं और मां लक्ष्मी की कृपा से जीवन से कंगाली दूर हो सकती है।

कान्हा को तुलसीदल अत्यंत प्रिय है और उनके बिना लड्डू गोपाल का कोई भी भोग अधूरा माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के बिना कान्हा की पूजा अधूरी मानी जाती है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन तुलसी से जुड़े कुछ विशेष उपाय करने से घर में सुख, समृद्धि और मां लक्ष्मी व भगवान विष्णु का आशीर्वाद बना रहता है। वहीं, इस दिन तुलसी से जुड़ी कुछ भूल करने से बचना भी आवश्यक है।

जन्माष्टमी पर तुलसी को लाल चुनरी ओढ़ाएं : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन तुलसी जी को नई लाल चुनरी ओढ़ाने और उनके तने में कलावा बांधने से मनोकामना पूरी होती है और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

श्रीकृष्ण के भोग में तुलसी अर्पित करें : जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को पंजीरी, माखन-मिश्री या पंचामृत का भोग लगाते समय उसमें तुलसी का पत्ता अवश्य रखें। मान्यता है कि तुलसी के बिना श्रीकृष्ण भोग स्वीकार नहीं करते।

तुलसी की मंजरी का उपाय : यदि तुलसी के पौधे पर मंजरी आई हुई है, तो जन्माष्टमी के दिन थोड़ी सी मंजरी तोड़कर भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में अर्पित करें। ऐसा करने से धन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।

वैवाहिक जीवन में मधुरता के लिए : यदि पति-पत्नी के बीच तनाव रहता है, तो जन्माष्टमी के दिन तुलसी के पौधे के पास बैठकर राधा-कृष्ण का ध्यान करें और तुलसी जी को सुहाग की सामग्री अर्पित करें।

तुलसी की परिक्रमा और दीपक : जन्माष्टमी की शाम को तुलसी के पौधे के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाएं और ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते हुए तुलसी जी की 11 या 21 बार परिक्रमा करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-शांति आती है।

इन गलतियों से बचना भी है जरूरी

  • जन्माष्टमी या किसी भी बड़े पर्व/रविवार/एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित माना गया है। पूजा या भोग के लिए तुलसी एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें या स्वयं गिरे हुए पत्तों का उपयोग करें।
  • बिना स्नान किए या अशुद्ध वस्त्र पहनकर तुलसी के पौधे को स्पर्श न करें।
  • तुलसी के पत्ते कभी बासी नहीं माने जाते, फिर भी ध्यान रखें कि पत्ता खंडित न हो।
  • जहां तुलसी का पौधा लगा हो, वहां जूते-चप्पल, झाड़ू या कूड़ा न रखें। जन्माष्टमी के दिन तुलसी के आसपास की जगह को अच्छी तरह साफ रखें।

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Krishna Janmotsav 2026: आज आधी रात में पधारेंगे मुरलीधर श्याम, जानें आज निशिता काल पूजा विधि, महत्व और पारण का सही समय

Krishna Janmotsav 2026: आज आधी रात में पधारेंगे मुरलीधर श्याम, जानें आज निशिता काल पूजा विधि, महत्व और पारण का सही समय

Krishna Janmotsav 2026: आज भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है और आज के दिन ही द्वापर युग में देवकी और वासुदेव के आठवें पुत्र श्रीकृष्ण के रूप में भगवान विष्णु ने अवतार लिया था। इसलिए हर साल इस दिन भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन मध्यरात्रि में भक्त वत्सल मनमोहन श्याम अपने लाखों करोड़ों भक्तों के बीच जन्म लेते हैं। निशिता काल में जब यह पल आता है, तब शंख और घंटों की आवाज और कृष्ण कन्हैया लाल की जय के साथ भगवान के अवतरण का उत्सव मनाया जाता है।

इस साल 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण का 5253वीं जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। बहुत से भक्त आज के दिन व्रत करते हैं, घर और मंदिर में भगवान कृष्ण के जन्म और लीलाओं की झाकियां सजाते हैं। आइए कृष्ण जन्माष्टमी पर जानते हैं तिथि, समय, महत्व, पूजा विधि, नियम, व्रत के प्रकार और पारण का समय।

जन्माष्टमी 2026: मध्यरात्रि निशिता काल पूजा विधि

  • भगवान कृष्ण की मूर्ति को धोकर साफ चौकी पर एक नया या साफ कपड़ा बिछाएं।
  • इसके बाद फलों, मोर पंख, तुलसी के पत्तों और पालकी को सजाएं।
  • भगवान कृष्ण की लड्डू गोपाल मूर्ति को पंचामृत से स्नान कराएं। इसके बाद साफ जल और आखिर में गंगाजल की कुछ बूंदें डालें।
  • मूर्ति को साफ कपड़े से सुखाएं, इसके बाद नए कपड़े पहनाएं, आभूषण लगाएं, मुकुट में मोर पंख और हाथ में बांसुरी दें। चंदन और रोली का तिलक और अक्षत लगाएं।
  • इसके बाद भगवान कृष्ण को पंजीरी, तुलसी पत्ते, फल-फूल, माखन-मिश्री और पंचमेवा का भोग अर्पित करें।
  • इसके बाद भगवान कृष्ण को पालने में बिठाएं और ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल’ की गीत गाते हुए धीरे से झुलाएं।
  • इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा मंत्र ‘ऊं’ नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जाप करें। संभव हो तो कृष्ण अष्टकम का जाप करें।
  • भगवान कृष्ण की जन्म घोषणा करने के लिए शंख बजाएं फिर घी के दीये और कपूर से आरती करें। प्रसाद और चरणामृत सभी में बांटें।
  • पारण व्रत से जुड़े नियम

कई भक्त जाने-अनजाने में आधी रात की आरती के फौरन बाद ही व्रत तोड़ देते हैं। जबकि जन्माष्टमी व्रत का पारणा अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र दोनों के समाप्त होने के बाद ही किया जाता है।

अष्टमी तिथि 5 सितंबर को सुबह 11 बजकर 23 मिनट तक रहेगा, इसलिए सही मायने में पारण शनिवार की सुबह ही करनी चाहिए।

जन्माष्टमी पूजा सामग्री

दूध, दही, शुद्ध देसी घी, शहद, चीनी, तिलक के लिए रोली और चंदन पाउडर, अक्षत (साबुत चावल) मौली या कलावा, अभिषेक करने के लिए तांबे का लोटा, शंख, आरती के लिए भीमसेनी कपूर और सूती बत्तियां, भोग के लिए पंचमेवा, माखन-मिश्री और धनिया पंजीरी आरती की थाली, घी का दीया, अगरबत्ती, तुलसी पत्ता, मोर पंख, बांसुरी, मूर्ति के लिए वस्त्र।

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Janmashtami 2026 Durlabh Sanyog: द्वापर युग जैसे दुर्लभ संयोग में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

Janmashtami 2026 Durlabh Sanyog: भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है, जो आज यानी 4 सितंबर 2026 को है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन द्वापर युग में भगवान विष्णु ने देवकी और वासुदेव की आठवीं संतान श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण के जन्म के समय ग्रह-नक्षत्रों की जैसी स्थिति, लगभग वैसी की स्थिति आज श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के समय भी बन रही है।

शिव पुराण, विष्णु पुराण, ब्रह्म पुराण आदि में बताया गया है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म द्वापर युग में भादपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दिन बुधवार को रोहिणी नक्षत्र में अर्धरात्रि के समय वृषभ राशि के चंद्रमा में हुआ था। 2026 में भी भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि का चंद्रमा है। हालांकि दिन शुक्रवार है। ऐसे में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय जो ग्रह-नक्षत्र थे, वैसी ही स्थिति 4 सितंबर को बन रही है।

कृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026

पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 3-4 सितंबर की मध्य रात्रि 2:30 बजे से शुरू होगी और 5 सितंबर को रात 12:30 बजे तक रहेगी। इसलिए जन्माष्टमी 4 सितंबर दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 11.05 बजे से प्रारंभ हो रहा है और 12.35 तक रहने वाला है। वहीं इस दिन रोहिणी नक्षत्र रात 11 बजकर 04 मिनट तक है। जन्माष्टमी के दिन सूर्योदय सुबह में 06:00 बजे होगा और सूर्यास्त शाम को 06:39 बजे होगा। उस दिन चंद्रोदय रात 11 बजकर 29 मिनट पर होगा, वहीं चंद्रास्त 5 सितंबर को दोपहर 01:05 बजे होगा।

जन्माष्टमी 2026 तिथि, ग्रह, नक्षत्र की स्थिति

  • वैदिक पंचांग के अनुसार, 4 सितंबर को मध्यरात्रि 2:30 बजे से भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि प्रारंभ है, जो 5 सितंबर को मध्यरात्रि 12:13 बजे तक मान्य रहेगी।
  • 4 सितंबर को रोहिणी नक्षत्र का समय प्रात:काल से लेकर रात 11 बजकर 04 मिनट तक है। 27 नक्षत्रों में रोहिणी नक्षत्र चौथे स्थान पर आता है। रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह चंद्रमा और राशि वृषभ है।
  • 4 सितंबर को चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में पूरे दिन रहेगा। 5 सितंबर को सुबह 10:18 बजे से चंद्रमा मिथुन राशि में प्रवेश करेगा।
  • 4 सितंबर को शुक्रवार दिन है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय दिन बुधवार था।
  • 4 सितंबर की जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा का द्वापर युग वाला योग बन रहा है।

जन्माष्टमी 2026 मुहूर्त

भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मध्य रात्रि में हुआ था, इसलिए जन्माष्टमी मुहूर्त के लिए निशिता मुहूर्त का ध्यान रखते हैं। जन्माष्टमी का मुहूर्त रात में 11 बजकर 57 मिनट से देर रात 12 बजकर 43 मिनट तक है। इस मुहूर्त में कान्हा का हैप्पी बर्थडे मनाया जाएगा।

जन्माष्टमी 2026: इस समय भूल कर भी न करें पूजा

इस बार की जन्माष्टमी के दिन राहुकाल सुबह में 10 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक है। वहीं यमगंड दोपहर में 03 बजकर 30 मिनट से शाम 05 बजकर 05 मिनट तक है। इन अशुभ समय में जन्माष्टमी पर कोई नया काम न करें।

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Happy Krishna Janmashtami Wishes 2026: नंद के घर आनंद भयो, 50+ शानदार मैसेज के साथ अपनों को भेजें जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं

Happy Krishna Janmashtami Wishes 2026: जन्माष्टमी हिंदू धर्म के प्रमुख और बेहद पावन त्योहारों में से एक है। यह दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भक्त इस खास अवसर पर पूरे श्रद्धाभाव से कान्हा की पूजा-अर्चना करते हैं और उनके बाल स्वरूप की झांकियां सजाकर उत्सव का आनंद लेते हैं। हर साल की तरह इस वर्ष भी जन्माष्टमी का पर्व पूरे देश में उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। वर्ष 2026 में यह पावन त्योहार 04 सितंबर को मनाया जाएगा। जन्माष्टमी केवल पूजा-पाठ और उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने प्रियजनों के साथ प्रेम और खुशियां बांटने का भी अवसर है। इस दिन दोस्तों, रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों को शुभकामनाएं भेजकर आप उनके चेहरे पर मुस्कान ला सकते हैं। त्योहारों के मौके पर भेजे गए प्यार भरे संदेश रिश्तों में अपनापन बढ़ाने और उन्हें और मजबूत बनाने का काम करते हैं।

अगर आप भी इस जन्माष्टमी पर अपनों को खास अंदाज में बधाई देना चाहते हैं, तो भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और प्रेम से भरे खूबसूरत संदेश भेजें। “हैप्पी कृष्ण जन्माष्टमी” कहकर अपने प्रियजनों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना जरूर करें।

जन्माष्टमी के 25 संदेश

1.श्री कृष्ण की कृपा आप और आपके परिवार पर सदैव बनी रहे। श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।

2. नटखट नंदलाल आपके जीवन में खुशियों की बहार लाएँ और हर दुख दूर करें। जय श्री कृष्ण!

3. मुरली की धुन आपके जीवन को प्रेम और आनंद से भर दे। हैप्पी जन्माष्टमी!

4. कान्हा की कृपा से आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ।

5. राधे-राधे बोलो, कृष्ण नाम में डूब जाओ। भगवान श्री कृष्ण आपका जीवन खुशियों से भर दें।

6. माखन चुराने वाले कान्हा आपके सभी दुख चुरा लें। जय श्री कृष्ण!

7. जिसके सिर पर हाथ हो कान्हा का, उसे डर कैसा संसार का। जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।

8. कृष्ण की भक्ति में जो रंग जाए, उसका जीवन खुशियों से भर जाए। शुभ जन्माष्टमी!

9. श्री कृष्ण आपके जीवन में प्रेम, शांति और सफलता का प्रकाश भरें।

10. नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की! आप सभी को जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ।

11. कान्हा की बंसी की मधुर धुन आपके जीवन में नई उमंग और नई खुशियाँ लेकर आए।

12. हर पल हो कृष्ण का नाम, हर दिन हो खुशियों की सौगात। शुभ जन्माष्टमी!

13. कृष्ण की लीला अपरंपार, उनकी कृपा से हो जीवन खुशहाल।

14. राधा के प्रेम और कृष्ण की भक्ति से आपका जीवन हमेशा महकता रहे।

15. कान्हा आपके जीवन की हर परेशानी को दूर कर खुशियों से भर दें। जय श्री कृष्ण!

16. जन्माष्टमी का यह पावन पर्व आपके परिवार के लिए सुख-समृद्धि लेकर आए।

17. मन में कृष्ण, हृदय में प्रेम और जीवन में खुशियाँ यही हो जन्माष्टमी का संदेश।

18. श्री कृष्ण के चरणों में श्रद्धा रखिए, हर मुश्किल आसान हो जाएगी। शुभ जन्माष्टमी!

19. कान्हा की मुस्कान आपके जीवन की सारी उदासी मिटा दे। जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ।

20. कृष्ण नाम का दीप आपके जीवन से अंधकार मिटाकर उजाला भर दे।

21. प्रेम हो राधा जैसा, भक्ति हो मीरा जैसी और विश्वास हो कृष्ण जैसा। शुभ जन्माष्टमी!

22. श्री कृष्ण की कृपा से आपके जीवन में हर दिन उत्सव जैसा हो।

23. मुरली वाले की मुरली आपके जीवन में प्रेम की मिठास घोल दे। जय श्री कृष्ण!

24. नंदलाल की कृपा से हर मनोकामना पूरी हो और हर घर में खुशियाँ आएँ।

25. नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की! आप सभी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की ढेरों शुभकामनाएँ।

जन्माष्टमी की 30 शायरियाँ

janmashtmi (4)

1.मुरली की धुन और राधा का प्यार,

मुबारक हो आपको जन्माष्टमी का त्योहार।

2. माखन चुराकर जिसने सबके दिल चुराए,

वो नंदलाल आपके जीवन में खुशियाँ लाए।

3. राधा के दिल में कृष्ण, कृष्ण के दिल में राधा,

इनके प्रेम जैसा सुंदर हो जीवन हमारा।

4. नटखट कान्हा की प्यारी मुस्कान,

कर दे हर दिल को खुशहाल और महान।

5. बंसी की धुन सुनकर मन हो जाए मगन,

कृष्ण नाम से रोशन हो जीवन का हर क्षण।

janmashtmi (5)

6. कृष्ण की भक्ति में रंग जाओ,

सारे गम भूलकर मुस्कुराओ।

7. नंद के घर जब कान्हा आए,

हर ओर खुशियों के दीप जलाए।

8. जिसके सिर पर हाथ कन्हैया का,

उसका क्या बिगाड़े जमाना।

9. राधा का प्रेम, कृष्ण की मुरली,

दोनों लगें दुनिया में सबसे प्यारी।

10. कान्हा की बंसी की धुन निराली,

उनकी भक्ति दुनिया से प्यारी।

janmashtmi (6)

11. दिल में बसाओ श्री कृष्ण का नाम,

हर मुश्किल होगी आसान तमाम।

12. मुरली वाला आया है,

खुशियों की सौगात लाया है।

13. कृष्ण की लीला सबसे न्यारी,

उनकी भक्ति सबसे प्यारी।

14. जहाँ कृष्ण का नाम होता है,

वहाँ हर दुख तमाम होता है।

15. कान्हा तेरी भक्ति में ऐसा रंग जाएँ,

दुनिया भूलकर बस तुझे ही पाएँ।

janmashtmi (7)

16. राधे-राधे नाम पुकारो,

कृष्ण के चरणों में मन हारो।

17. माखन मिश्री का भोग लगाएँ,

कान्हा को दिल से याद मनाएँ।

18. श्याम की बंसी जब बजती है,

हर धड़कन कृष्ण नाम कहती है।

19. कृष्ण हैं प्रेम की पहचान,

कृष्ण हैं भक्ति की शान।

20. नंदलाल की प्यारी छवि,

हर लेती है मन की सभी कमी।

janmashtmi (8)

21. कृष्ण नाम का जाप करो,

मन से सारे पाप हरो।

22. राधा-कृष्ण का प्रेम निराला,

इनसे सुंदर जग में क्या है उजाला।

23. कान्हा की कृपा हो जिस पर अपार,

उसके जीवन में रहे खुशियाँ हजार।

24. मुरली वाले की मुरली बजे,

हर मन में प्रेम के फूल सजे।

25. कृष्ण आएँ बनकर उजाला,

हर जीवन हो खुशियों वाला।

janmashtmi (9)

26. गोविंद के नाम से सुबह हो,

कृष्ण की भक्ति से शाम हो।

27. राधा की चाहत, कृष्ण का प्यार,

यही है जीवन का सच्चा श्रृंगार।

28. कान्हा की मुरली और राधा का साथ,

बना दे खुशियों से भरी हर रात।

29. नटखट कान्हा की जय-जयकार,

आपको मुबारक जन्माष्टमी का त्योहार।

30. नंद के घर आनंद भयो,

जय कन्हैया लाल की।

कृष्ण भक्ति में मन रम जाए,

यही शुभकामना जन्माष्टमी की।

Janmashtami 2026: ‘बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया का करें यशोदा मैया…’, इन हिंदी गानों के साथ मनाए जन्माष्टमी

Janmashtami 2026: पूरे देश में जन्माष्टमी धूम धाम से मनाई जा रही है। इस खास मौके पर देशभर के मंदिरों को और घरों को झाकी के साथ सजाया जाता है। दही हांडी आयोजित होती है। इस दौरान बॉलीवुड के कई मशहूर सुनने को मिलते हैं। ऐसे में हम आपके लिए बॉलीवुड गानों की लिस्ट लाए हैं, जो भगवान कृष्ण के इस त्योहार का मजा बढ़ा देंगे।

बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया…

फिल्म ‘अमर प्रेम’ का गाना ‘बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया..’ दिल को छूता है। इस गाने को लता मंगेशकर ने गाया है, आनंद बक्शी से इसके बोल लिखे हैं। जबकि आर.डी. बर्मन का संगीत है। जन्माष्टमी के खास मौके पर सोशल मीडिया पर भी ये खूब ट्रेंड होता है।

गो गो गोविंदा

जबरदस्त बीट्स और जोश भरी कोरियोग्राफ़ी वाला यह सुपरहिट गाना, जिसमें प्रभु देवा और सोनाक्षी सिन्हा हैं, पारंपरिक दही-हंडी सेलिब्रेशन के कॉम्पिटिशन वाले जोश, खुशी और असली उत्साह को बखूबी दिखाता है।

राधा कैसे न जले

ए.आर. रहमान का ये गाना यह सदाबहार गाना राधा और भगवान कृष्ण के बीच की चंचल, रोमांटिक नोक-झोंक और हल्की-फुल्की जलन को बहुत खूबसूरती से दिखाता है, जो इसे किसी भी त्योहार की शाम के लिए एक ज़रूरी और शानदार गाना बनाता है।

‘वो किसना है’

बांसुरी की दिल को छू लेने वाली धुन और सुखविंदर सिंह की दमदार आवाज़ से सजी यह शानदार गाना भगवान कृष्ण के बारे में बताता है। यह आपकी प्लेलिस्ट में एक गहरा और उत्साह बढ़ाने वाला आध्यात्मिक एहसास जोड़ता है।

राधे-राधे

तेज लोक संगीत की धुनों और जोश भरे आधुनिक रिदम वाला यह एनर्जेटिक गाना मथुरा और गोकुल की जीवंत गलियों से प्रेरित है। यह गाना घर पर होने वाले जश्न में हर किसी को थिरकने पर मजबूर कर देगा।

मच गया शोर

अमिताभ बच्चन अभिनीत यह सदाबहार रेट्रो गाना, त्योहारों के दौरान होने वाले मेल-जोल, खुशी-खुशी गाए जाने वाले गीतों और सड़कों पर होने वाले उत्सव के उस जादुई माहौल को दर्शाता है, जिसने पीढ़ियों से भारतीय त्योहारों की पहचान बनाई है।

मैया यशोदा

यह प्यारा ग्रुप डांस गाना मैया यशोदा से नटखट शिकायतों के ज़रिए छोटे कान्हा की शरारतों भरी बचपन की हरकतों को खूबसूरती से दिखाता है। यह आपके त्योहार के माहौल में अपनापन, परिवार का जुड़ाव और भारतीय संस्कृति की क्लासिक खूबसूरती लाता है।

चांदी की दाल पर

90 के दशक के जोशीले डांस म्यूज़िक वाले इस मज़ेदार और चंचल गाने से प्लेलिस्ट में एक हल्की-फुल्की और शरारती रौनक आ जाती है। यह गाना कृष्ण के मशहूर शरारती अंदाज़ को बॉलीवुड के मज़ेदार और एंटरटेनिंग रूप में पेश करता है।

कान्हा सो जा ज़रा

ज़बरदस्त एनर्जी वाले डांस गानों के बीच एक सुकून देने वाला बदलाव पेश करने वाला यह शानदार और बेहतरीन ढंग से रचा गया लोरी-नुमा गीत, एक शांत और सुकून भरा माहौल बनाता है। यह देर रात मंदिर की प्रार्थनाओं और आधी रात की दिव्य आरती की रस्मों के लिए एकदम सही है।

Happy Janmashtami 2026 Wishes: राधा-कृष्ण के प्रेम से सजे 20+ संदेश और शायरियां, अपनों के साथ जरूर करें शेयर

Happy Janmashtami 2026 Wishes: जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह दिन भक्ति के साथ-साथ अपनों के साथ खुशियां बांटने और रिश्तों में मिठास घोलने का भी अवसर देता है। जन्माष्टमी के मौके पर लोग अपने परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों को शुभकामनाएं भेजकर उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। अगर आप भी इस पावन अवसर पर अपने करीबियों को कुछ खास और दिल छू लेने वाले संदेश भेजना चाहते हैं, तो खूबसूरत शुभकामनाएं और शायरियां आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती हैं।

इन संदेशों के जरिए आप अपने मन की भावनाओं को आसानी से अपनों तक पहुंचा सकते हैं। चाहे संदेश छोटा हो या भावनाओं से भरा, सच्चे मन से भेजी गई शुभकामनाएं रिश्तों को और मजबूत बनाती हैं। इस जन्माष्टमी अपने प्रियजनों के साथ खुशियां बांटें और उन्हें ये प्यारे संदेश भेजकर त्योहार की खुशी को और खास बनाएं।

जन्माष्टमी के 10 शुभकामना संदेश

1.श्रीकृष्ण की कृपा से आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे। जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं।

2. नटखट नंदलाल आपके जीवन से सभी दुख दूर करें और खुशियों से आपकी झोली भर दें। जय श्रीकृष्ण!

3. कान्हा की बांसुरी की मधुर धुन आपके जीवन में प्रेम और खुशियां लेकर आए। आपको और आपके परिवार को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं।

4. भगवान श्रीकृष्ण आपके हर कदम पर सफलता दें और जीवन को खुशियों से भर दें। जन्माष्टमी के पावन पर्व की बधाई

5. मुरली मनोहर की कृपा आप और आपके परिवार पर हमेशा बनी रहे। प्रेम, शांति और खुशियों से भरी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं।

6. कान्हा आपके घर में सुख-समृद्धि लाएं और आपके जीवन की हर परेशानी दूर करें। जन्माष्टमी की ढेरों शुभकामनाएं।

7. श्रीकृष्ण के आशीर्वाद से आपके जीवन में नई उम्मीद, नई ऊर्जा और खुशियों का संचार हो। जय श्रीकृष्ण!

8. राधा-कृष्ण के प्रेम की तरह आपके रिश्तों में भी हमेशा मिठास और अपनापन बना रहे। जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई।

9. गोविंद आपके जीवन के सभी संकट हर लें और आपको हर क्षेत्र में सफलता प्रदान करें। जन्माष्टमी की शुभकामनाएं।

10. इस जन्माष्टमी कान्हा आपके घर खुशियों की सौगात लेकर आएं और परिवार में प्रेम व शांति बनाए रखें। जय श्रीकृष्ण!

जन्माष्टमी की शायरियां

janmashtmi

1. कान्हा की बांसुरी की धुन सुनाई दे,

हर दिल में प्रेम की मिठास दिखाई दे।

जन्माष्टमी का पावन पर्व लाए खुशियां हजार,

हर चेहरे पर सदा मुस्कान दिखाई दे।

2. मटकी की मिठास, माखन का स्वाद,

कान्हा के आशीर्वाद से खुश रहे आपका परिवार।

3. राधा के प्रेम में रंग जाए जीवन,

कृष्ण की भक्ति में महके हर मन।

जन्माष्टमी का पर्व लाए खुशियां अपार,

कान्हा बनाए जीवन खुशहाल।

4. नंद के घर फिर आए नंदलाल,

खुशियों से भर दें सबका हाल।

कान्हा की कृपा बनी रहे हर पल,

यही है हमारी दिल से शुभकामना आज और कल।

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5. मुरली की धुन में ऐसा रंग जाएं,

कान्हा के प्रेम में हम मुस्कुराएं।

हर गम जीवन से दूर हो जाए,

जन्माष्टमी खुशियों की सौगात लाए।

6. कृष्ण नाम की ज्योति जलाते रहें,

हर मुश्किल में मुस्कुराते रहें।

कान्हा की कृपा मिले हर कदम पर,

जीवन में खुशियों के फूल खिलाते रहें।

7. माखन चुराने वाला प्यारा कान्हा,

सबके जीवन का सहारा कान्हा।

आपके घर भी खुशियां लाए,

ऐसा है हमारा प्यारा कान्हा।

8. राधा-कृष्ण का प्रेम मिले,

जीवन को नई उमंग मिले।

हर दिन खुशियों से भर जाए,

कान्हा का ऐसा आशीर्वाद मिले।

9. जिस घर में कृष्ण का नाम होता है,

वहां खुशियों का पैगाम होता है।

कान्हा की कृपा जिस पर हो जाए,

उसका जीवन खुशहाल होता है।

10. नंदलाला की कृपा हो जाए,

हर मुश्किल आसान हो जाए।

चेहरे पर मुस्कान बनी रहे,

जीवन खुशियों से भर जाए।

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11. कान्हा की बंसी बजती रहे,

दिल में भक्ति सजती रहे।

दूर रहें जीवन से सारे गम,

खुशियों की बारिश होती रहे हर दम।

 

12. कृष्ण की भक्ति में मन रम जाए,

हर दुख जीवन से दूर हो जाए।

कान्हा का आशीर्वाद मिले इतना,

हर सपना आपका पूरा हो जाए।

13. मुरली वाले की मुरली की तान,

भर दे जीवन में खुशियों की जान।

कान्हा के चरणों में मिले सम्मान,

जन्माष्टमी पर यही अरमान।

14. कान्हा की लीला न्यारी है,

हर भक्त को उनसे प्यारी है।

जिस पर हो जाए कृपा उनकी,

उसकी दुनिया खुशियों से भारी है।

15. श्याम की भक्ति, राधा का प्यार,

मुबारक हो आपको जन्माष्टमी का त्योहार।

कान्हा रखें सदा खुश आपको,

यही दुआ है दिल से बार-बार।

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