Vishal Nirmiti IPO: ₹178 करोड़ का इश्यू 2 गुना भरकर बंद, अलॉटमेंट 6 अक्टूबर को; ऐसे करें चेक

सिविल इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी विशाल निर्मिती का IPO 1.79 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हो गया है। यह ₹178 करोड़ का था। पब्लिक इश्यू में ₹145 करोड़ के 65.91 लाख नए शेयर जारी हुए। साथ ही प्रमोटर वामन प्रीस्ट्रेसिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड की ओर से ₹33 करोड़ के 15 लाख शेयरों को ओएफएस रहा। IPO में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.33 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.75 गुना और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 1.89 गुना भरा।

IPO बंद होने के बाद अलॉटमेंट आज, 6 अक्टूबर को फाइनल होने की उम्मीद है। जिन लोगों ने Vishal Nirmiti के IPO में पैसे लगाए हैं, वे इसकी रजिस्ट्रार MUFG Intime India Pvt.Ltd. और स्टॉक एक्सचेंज BSE की वेबसाइट के जरिए अलॉटमेंट स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसकी प्रोसेस इस तरह है…

BSE पर कैसे करें चेक

  • https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx पर जाएं।
  • इश्यू का टाइप ‘इक्विटी’ चुनें।
  • ड्रॉपडाउन मेन्यू से Vishal Nirmiti IPO चुनें।
  • एप्लीकेशन नंबर या PAN डिटेल एंटर करें।
  • ‘कैप्चा’ डालें।
  • ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।

MUFG Intime की वेबसाइट से कैसे करें चेक

  • https://in.mpms.mufg.com/Initial_Offer/public-issues.html पर जाएं।
  • कंपनी नेम में Vishal Nirmiti सिलेक्ट करें।
  • PAN या एप्लीकेशन नंबर या DP/क्लाइंट ID या अकाउंट नंबर/IFSC में से एक को सिलेक्ट कर डिटेल डालें।
  • Submit पर क्लिक करें।

Vishal Nirmiti IPO के लिए प्राइस बैंड ₹208-₹220 प्रति शेयर था। कंपनी के शेयर NSE और BSE पर 8 अक्टूबर को लिस्ट हो सकते हैं। विशाल निर्मिती लिमिटेड का पुराना नाम सेजल फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड था। यह कंपनी मुख्य रूप से रेलवे के लिए प्री-स्ट्रेस्ड कॉन्क्रीट (PSC) स्लीपर, प्री-कास्ट और प्री-स्ट्रेस्ड कॉन्क्रीट प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्च​रिंग और डीलिंग के कारोबार में है।

साथ ही, यह पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स (PSPs) के लिए माइल्ड स्टील पाइप, लाइनर और पेनस्टॉक पाइप बनाने और उन्हें लगाने का काम भी करती है। कंपनी रेलवे, रिन्यूएबल पावर और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर्स में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई और सिविल इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स के लिए इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सर्विस भी देती है।

Vans Electroengineerings IPO: 629 गुना का बंपर सब्सक्रिप्शन, 5 अक्टूबर को अलॉटमेंट फाइनल; शानदार बढ़त में हो सकती है लिस्टिंग

IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल

विशाल निर्मिती अपने पब्लिक इश्यू में नए शेयरों को जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए, कर्ज चुकाने के लिए और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। कंपनी के प्रमोटर ब्रिज बी तापड़िया, अजय भगवानदास तापड़िया, पवन विट्ठलदास तापड़िया, अखिल रणछोड़ तापड़िया, नवीन तापड़िया, राजेंद्रकुमार बद्रीनारायण तापड़िया, सुयश विट्ठलदास तापड़िया, वेदांत तापड़िया और केशव तापड़िया हैं।

विशाल निर्मिती का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 6 प्रतिशत बढ़कर ₹344.13 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा भी 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹24.98 करोड़ रहा। इस बीच कंपनी पर ₹87.42 करोड़ की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू ₹324.86 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹23.64 करोड़ दर्ज किया गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

कांग्रेस प्रभारियों की राजनीति

कांग्रेस में प्रभारी महासचिव हमेशा बहुत शक्तिशाली रहे हैं। पार्टी आलाकमान प्रभारियों के हिसाब से ही फैसले करता है। कई बार तो ऐसा हुआ कि प्रदेश के नेताओं ने प्रभारी की शिकायत पार्टी आलाकमान से की और उनकी शिकायत दूर करने का काम प्रभारी को ही सौंप दिया गया। इससे शिकायत तो दूर नहीं होती थी नेता ही दूर हो जाते थे। कांग्रेस के कई नेता ऐसे किस्से सुनाते हैं कि किसी ने पार्टी आलाकमान से मिलने का समय मांगा, समय नहीं मिला तो उसने लिखित शिकायत भेजी और वह लिखित शिकायत मार्क होकर प्रभारी के पास पहुंच गई, जिसके बाद प्रभारी ने शिकायत करने वाले नेता को निपटा दिया। अपने नेताओं से सीधे बातचीत नहीं करने और फीडबैक नहीं से अक्सर ऐसा होता है। अभी कई राज्यों में यह देखने को मिलता है। हालांकि इसके अपवाद भी रहे हैं। कई बार प्रदेश अध्यक्ष या मुख्यमंत्र इतना पावरफुल होता है कि वह अपने हिसाब से प्रभारी को चलाता है। जैसे इस समय डीके शिवकुमार चला रहे हैं या जैसे कभी भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कमलनाथ आदि चलाते थे।

बहरहाल, भूपेश बघेल पंजाब के प्रभारी थे तो उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे तमाम बड़े नेताओं के विरोध को दरकिनार कर ऐलान कर दिया था कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही प्रदेश अध्यक्ष रहेंगे। लेकिन जैसे ही बघेल की विधाई हुई वैसे नए प्रभारी सचिन पायलट ने वड़िंग को बदल दिया। अब पंजाब में खूब राजनीति चल रही है। हटने के बाद वड़िंग ने बघेल से मुलाकात की और उनका स्वागत किया। वड़िंग ने दिखाया कि उनको बघेल का समर्थन है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में अविनाश पांडेय को हटा कर राजेंद्र पाल गौतम को प्रभारी बनाया गया तो उन्होंने अपने जीवन का लक्ष्य बनाया अजय राय को हटाने का। इसमें वे कामयाब भी हो गए। वे इतने पावरफुल हैं कि उन्होंने अजय राय को हटवा कर मोना मिश्रा को अध्यक्ष और अपने करीबी इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनवा दिया। यह अलग बात है कि राजेंद्र पाल गौतम जिस जाटव समाज से आते हैं उसका एक फीसदी वोट भी वे कांग्रेस को नहीं दिलवा सकते हैं। लेकिन राहुल गांधी और उनके करीबियों को दलित, मुस्लिम राजनीति का गणित समझाने में सफल रहे हैं।

Gen Z के अकेलेपन का इलाज! 32 साल की कृष्णा ने बनाया ऐसा ऐप, जुटाई ₹33.5 करोड़ की फंडिंग

आज के दौर में सोशल मीडिया पर लोगों से जुड़ना बेहद आसान है, लेकिन आमने-सामने दोस्त बनाना और प्रोफेशनल नेटवर्क तैयार करना कई युवाओं के लिए मुश्किल होता जा रहा है। इसी समस्या को 32 वर्षीय उद्यमी कृष्णा दोसापति एक नए तरीके से हल करने की कोशिश कर रही हैं। उनका मानना है कि Gen Z के अकेलेपन का जवाब शायद ज्यादा सोशल मीडिया नहीं, बल्कि लोगों को असल जिंदगी में मिलवाना हो सकता है।

उन्होंने ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिसका मकसद युवाओं को उनके आसपास रहने वाले समान रुचियों और प्रोफेशन वाले लोगों से जोड़ना है।

₹33 करोड़ से ज्यादा की फंडिंग, बढ़ी उम्मीदें

कृष्णा दोसापति Clockout की फाउंडर और CEO हैं। उनकी कंपनी ने हाल ही में $3.5 मिलियन यानी करीब ₹33.5 करोड़ की फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग राउंड की अगुवाई 114 Ventures ने की, जबकि Evite Ventures, Allied Ventures, Sher Ventures, Gaingels और BMPB VC ने भी इसमें हिस्सा लिया। अक्टूबर 2024 में लॉन्च हुआ Clockout खुद को LinkedIn और Meetup के बीच का मिश्रण बताता है। इसका मकसद सिर्फ ऑनलाइन कनेक्शन बनाना नहीं, बल्कि उन कनेक्शनों को वास्तविक मुलाकातों और कम्युनिटी में बदलना है।

आइडिया की शुरुआत खुद कृष्णा की परेशानी से हुई

इस स्टार्टअप के पीछे कोई काल्पनिक समस्या नहीं, बल्कि कृष्णा का अपना अनुभव है। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद जब उन्होंने न्यूयॉर्क में काम शुरू किया, तो उन्हें महसूस हुआ कि इतने बड़े शहर में रहने के बावजूद नए प्रोफेशनल लोगों से मिलना आसान नहीं था। यहीं से उनके मन में सवाल आया कि अगर उन्हें नई कम्युनिटी बनाने में परेशानी हो रही है, तो युवा प्रोफेशनल्स के लिए यह समस्या कितनी बड़ी होगी? इसी सोच ने Clockout का रास्ता तैयार किया।

ऐप सिर्फ प्रोफाइल नहीं, असली मुलाकात पर देता है जोर

Clockout पर यूजर्स अपनी रुचियों, इंडस्ट्री और साझा कनेक्शन के आधार पर दूसरे प्रोफेशनल्स को खोज सकते हैं। इसके बाद प्लेटफॉर्म का लक्ष्य उन्हें डिजिटल बातचीत से निकालकर क्लब, इवेंट और आमने-सामने मुलाकातों तक पहुंचाना है। यानी यहां सिर्फ किसी को ‘कनेक्ट’ करना ही मंजिल नहीं है, बल्कि उस कनेक्शन को असल जिंदगी की दोस्ती या प्रोफेशनल कम्युनिटी में बदलना अहम है।

10 महीने में 6 लाख से ज्यादा डाउनलोड

Clockout के मुताबिक, लॉन्च के बाद प्लेटफॉर्म को 6 लाख से ज्यादा डाउनलोड मिल चुके हैं। कंपनी का दावा है कि पेड फीचर्स शुरू करने के सिर्फ 10 महीनों में उसका वार्षिक आवर्ती राजस्व (ARR) $1.1 मिलियन तक पहुंच गया। 2025 में यूजर्स ने करीब 4 लाख इनवाइट्स भी भेजे।

क्या डिजिटल दौर में असली लोगों की जरूरत बढ़ रही है?

Clockout का मॉडल इस बड़े सवाल के बीच आया है कि ऑनलाइन कनेक्शन बढ़ने के बावजूद युवा पेशेवर अकेलापन क्यों महसूस कर रहे हैं। रिपोर्ट्स में Gallup के आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि 2025 में 35 साल से कम उम्र के करीब 22% कर्मचारियों ने अकेलापन महसूस किया। फिलहाल Clockout फ्रीमियम मॉडल पर काम करता है। अतिरिक्त फीचर्स और क्लबों व इवेंट्स तक अनलिमिटेड पहुंच के लिए सालाना $99 की सदस्यता उपलब्ध है।

Video: पहाड़ी मोड़ पर अचानक बेकाबू हुई कार, खंभे से टकराकर खाई में गिरी; डैशकैम में कैद हुआ खौफनाक मंजर

चार दिन की गिरावट से उबरा शेयर बाजार

विदेशों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच सोमवार को घरेलू शेयर बाजारों में चार दिन के बाद तेजी लौट आई और प्रमुख सूचकांक 0.6 प्रतिशत ऊपर बंद हुए।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 472.77 अंक (0.66 प्रतिशत) ऊपर 72,382.47 अंक पर बंद हुआ। यह सुबह 431 अंक चढ़कर 72,340.95 अंक पर खुला था और कुछ ही देर में 722 अंक की बढ़त में पहुंच गया। हालांकि दोपहर बाद तक यह 71,840.18 अंक तक लुढ़क भी गया। इस प्रकार सूचकांक में 791 अंकों का उतार-चढ़ाव देखा गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक भी 133.80 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की बढ़त में 22,555.75 अंक पर बंद हुआ। लगातार चार दिन की गिरावट के बाद बाजार में तेजी लौटी है।

एफएमसीजी और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों में अधिक लिवाली देखी गई। निफ्टी एफएमसीजी 1.80 प्रतिशत मजबूत बंद हुआ। टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूह के सूचकांक में 1.53 फीसदी और मीडिया समूह में 0.92 फीसदी की तेजी रही। बैंकिंग, वित्त, रियल्टी और तेल एवं गैस समूहों के सूचकांक भी ऊपर रहे। स्वास्थ्य और फार्मा समूहों से सूचकांक टूट गए।

वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों से घरेलू बाजार में निवेश धारणा मजबूत हुई। वृहत बाजार में भी बिकवाली की जोर रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.42 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.47 प्रतिशत की बढ़त में रहा।

Also Read : ‘द साइकिल ऑफ लव’ के लंदन प्रीमियर में पहुंचीं एली अवराम

एनएसई में जिन 3,706 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ उनमें से 1,844 के शेयर लाल निशान में और 1,745 के हरे निशान में रहे। अन्य 117 कंपनियों के शेयर अपरिवर्तित रहे।

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 20 में तेजी रही। आईटीसी का शेयर 4.49 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। इटरनल के शेयर में 2.50 फीसदी, भारती एयरटेल में 2.38, बजाज फाइनेंस में 2.28, अडानी पोर्ट्स में 2.13 और आईसीआईसीआई बैंक में 2.11 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.72 फीसदी, एलएंडटी का 1.48, एनटीपीसी का 1.45, टाइटन का 1.43, टीसीएस का 1.40, मारुति सुजुकी का 1.07 और पावरग्रिड का शेयर 0.92 प्रतिशत चढ़ा। बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर भी हरे निशान में रहे।

एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 3.69 प्रतिशत की गिरावट रही। एचडीएफसी बैंक का शेयर 1.99 प्रतिशत, सन फार्मा का 1.55, इंफोसिस का 1.50 और एशियन पेंट्स का 1.43 प्रतिशत टूट गया। ट्रेंट, कोटक महिंद्रा बैंक और टाटा स्टील के शेयर भी लाल निशान में रहे।

वैश्विक स्तर पर एशिया में जापान का निक्केई 2.40 प्रतिशत, चीन का शंघाई कंपोजिट 0.31 प्रतिशत और हांगकांग का हैंग सेंग 0.28 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार में ब्रिटेन का एफटीएसई 0.52 फीसदी और जर्मनी का डैक्स 0.25 फीसदी ऊपर था।

Pic Credit : UNI

‘द साइकिल ऑफ लव’ के लंदन प्रीमियर में पहुंचीं एली अवराम

अभिनेत्री एली अवराम हाल ही में ‘द साइकिल ऑफ लव’ के लंदन प्रीमियर में शामिल हुईं। यह डॉक्यूमेंट्री भारतीय कलाकार पीके महानंदिया और स्वीडिश महिला लोट्टा की सच्ची प्रेम कहानी पर आधारित है।

एली ने कहा कि उनके लिए लंदन स्क्रीनिंग महज एक फिल्म समारोह नहीं, बल्कि उस परिवार से अपने पुराने जुड़ाव को महसूस करने का अवसर था। उन्होंने बताया कि वह इस परिवार को कई वर्षों से जानती हैं और उनकी कहानी से गहरा जुड़ाव महसूस करती हैं।

एली ने कहा, “पीके और लोट्टा की कहानी बहुत प्रेरणादायक है और दुनिया को इसे जरूर सुनना चाहिए। यह कहानी आपके दिल में इतनी उम्मीद भर देती है कि आपको प्यार और इंसानियत की ताकत पर विश्वास होने लगता है।

‘द साइकिल ऑफ लव’ पीके महानंदिया के असाधारण जीवन और अपने प्रेम तक पहुंचने के उनके जुनून को दर्शाती है। लोट्टा के भारत से स्वीडन लौटने के बाद पीके ने उनसे दोबारा मिलने का फैसला किया और भारत से स्वीडन तक साइकिल से सफर किया। आज इस दंपति की शादी को 50 वर्ष पूरे हो चुके हैं।

Also Read : पेरिस फैशन वीक में मियू मियू शो का हिस्सा बनीं जाह्नवी कपूर

न्यूयॉर्क में प्रियंका चोपड़ा द्वारा आयोजित स्क्रीनिंग के बाद लंदन प्रीमियर में शामिल होने को लेकर एली ने कहा, “मैं यहां आकर उनका समर्थन करने और उनकी कहानी से जुड़े इस खूबसूरत संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए बहुत खुश हूं।

एली ने कहा कि यह केवल किसी फिल्म की कल्पना नहीं, बल्कि वास्तविक प्रेम कहानी है। उन्होंने कहा, “उन्होंने सच में भारत से स्वीडन तक साइकिल से सफर किया था। आज उनकी शादी को 50 साल हो चुके हैं। यह पीके के मजबूत इरादे और लोट्टा तक पहुंचने के उनके संकल्प की खूबसूरत मिसाल है।

एली के लिए पीके और लोट्टा से व्यक्तिगत रूप से मिलना भी बेहद भावुक अनुभव रहा। उन्होंने कहा, “आखिरकार उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलना और आज भी उनके बीच उसी तरह का प्यार देखना बहुत भावुक करने वाला था। दुनिया को ऐसी और कहानियों की जरूरत है।

एली का इस कहानी से जुड़ाव कई वर्ष पुराना है। उन्होंने 2017 में उनकी किताब पढ़ी थी। स्वीडन की रहने वाली एली बचपन से ही भारत के प्रति आकर्षित रही हैं और लोट्टा के भारत से जुड़ाव में उन्हें अपने जीवन और सफर की झलक दिखाई देती है।

एली ने कहा, “2017 में जब मैंने उनकी किताब पढ़ी, तो लोट्टा और भारत के साथ उनके जुड़ाव ने मुझे बहुत प्रभावित किया। मैं खुद स्वीडन से हूं और बचपन से ही भारत की ओर आकर्षित रही हूं। इसलिए उनकी कहानी की कई बातें मुझे अपनी जिंदगी और अपने सफर से जुड़ी हुई लगती हैं।

Pic Credit : UNI

चीन के लिए जासूसी के शक में अमेरिकी महिला गिरफ्तार:छिपकर ताइवान राष्ट्रपति के परिवार का वीडियो बनाया, चीनी अधिकारी ने काम दिया था

अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने लॉस एंजिल्स एयरपोर्ट से एक महिला को रविवार को गिरफ्तार किया। उस पर चीन सरकार के लिए काम करने का आरोप है। FBI के अनुसार महिला ने छिपकर ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते के परिवार का वाडियो बनाया। उसे ये काम एक चीनी अधिकारी ने दिया था। महिला की गिरफ्तारी उस समय हुई, जब वह लॉस एंजिल्स से शंघाई जाने वाली फ्लाइट में सवार होने वाली थी। कैलिफोर्निया में रियल एस्टेट एजेंट के तौर पर काम करती थी गिरफ्तार महिला की पहचान वैनयिंग हीदर झांग (34) के रूप में हुई है। वह कैलिफोर्निया के इरविन में रियल एस्टेट एजेंट है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, झांग ने सितंबर 2025 में एक साथी के साथ सिएटल जाकर ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते के बेटे टिंग-यू लाई के घर की निगरानी की और वहां की तस्वीरें और वीडियो बनाए। चीनी अधिकारी को वीचैट पर मैसेज भेजकर जानकारी दी FBI की ओर से 3 अक्टूबर को दाखिल की गई शिकायत के मुताबिक, झांग और एक अन्य व्यक्ति 1 सितंबर 2025 को लास वेगास से सिएटल पहुंचे थे। उन्होंने वहां एक काली निसान रोग गाड़ी किराए पर ली और राष्ट्रपति के बेटे के घर के पास पहुंचे। पड़ोसी के सुरक्षा कैमरे की तस्वीरों में दोनों को वीडियो बनाते देखा गया। FBI के मुताबिक, झांग ने चीन के एक कथित सरकारी अधिकारी को वीचैट पर मैसेज भेजकर बताया था कि उसने टिंग-यू को देख लिया है। झांग के आईक्लाउड अकाउंट की तलाशी के लिए मिले वारंट के जरिए FBI ने ये मैसेज हासिल किए। उसने यह भी लिखा कि वह वीडियो रिकॉर्ड कर रही है और दो गाड़ियों के नंबर भेजे। FBI एजेंट केविन होल्ट ने शिकायत में लिखा कि झांग कम से कम दो ऐसे लोगों के संपर्क में थी, जो चीन सरकार के लिए काम करते हैं। जून में चीनी अधिकारी से मिलने चांगशा गई थी महिला FBI की शिकायत के अनुसार, झांग को जून 2025 में उसकी पुरानी यूनिवर्सिटी के एक क्लासमेट ने चीन के एक सरकारी अधिकारी से मिलवाया था। झांग ने जून में चीन के चांगशा शहर में एक निजी कमरा बुक किया था, जहां उसकी कथित तौर पर उस अधिकारी से मुलाकात हुई। शिकायत के मुताबिक, अधिकारी ने उसे निगरानी से जुड़ा काम दिया था। इसके बाद झांग ने मैसेज में कहा था कि वह यह काम संभाल लेगी। FBI ने बताया- राष्ट्रपति पर दबाव बनाने में इस्तेमाल हो सकती थीं तस्वीरें FBI एजेंट होल्ट ने शिकायत में कहा कि अगर चीन किसी संभावित संघर्ष के दौरान ताइवान के राष्ट्रपति पर दबाव बनाना चाहता है, तो उनके करीबी रिश्तेदारों की लोकेशन, घर और गाड़ियों की तस्वीरें उसके लिए उपयोगी हो सकती हैं। झांग के पति एड्रिक डिंग, जो उसी रियल एस्टेट कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने मीडिया से कहा कि उन्हें अभी मामले के बारे में जानकारी नहीं है। ताइवान के राष्ट्रपति के बेटे डच कंपनी फिलिप्स में काम करते हैं टिंग-यू लाई इंजीनियर हैं और अमेरिका में पढ़ाई कर चुके हैं। उन्होंने 2012 में केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी से बायोइंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री और यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन से पीएचडी की। टिंग-यू अब नीदरलैंड की बहुराष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी फिलिप्स में काम करते हैं। ताइवान की मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी पत्नी भी ताइवानी हैं। दोनों की शादी 2018 में हुई थी और उनका बच्चा 2020 में अमेरिका में पैदा हुआ। अमेरिका में पहले भी चीन से जुड़े जासूसी के मामले सामने आ चुके हैं 2024: शुजुन वांग नाम के 75 वर्षीय व्यक्ति को चीन के लिए जासूसी करने का दोषी पाया गया था। उस पर न्यूयॉर्क में चीन समर्थक जानकारी जुटाकर 17 साल तक बीजिंग भेजने का आरोप था। 2023: न्यूयॉर्क में चल रहे एक कथित चीनी “पुलिस स्टेशन” से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना था कि इसका इस्तेमाल चीन के आलोचकों पर नजर रखने के लिए किया जाता था। 2026: कैलिफोर्निया की पूर्व मेयर ईलीन वांग पर चीन के लिए एजेंट की तरह काम करने का आरोप लगा। अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने चीन समर्थक प्रचार के बदले पैसे लिए थे। ताइवान को लेकर अमेरिका-चीन में तनाव क्यों है? ताइवान खुद को अलग और लोकतांत्रिक सरकार वाला क्षेत्र मानता है, जबकि चीन उसे अपना हिस्सा बताता है और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग से भी उसे अपने नियंत्रण में लेने की बात कह चुका है। इसी वजह से ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। ताइवान सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि तकनीक के लिहाज से भी बेहद अहम है। दुनिया के सबसे उन्नत कंप्यूटर और AI चिप्स का बड़ा हिस्सा ताइवान में बनता है। दुनिया की सबसे बड़ी चिप निर्माता कंपनी TSMC भी यहीं की है। कई अमेरिकी टेक कंपनियां ताइवान में बने चिप्स पर निर्भर हैं। ————————- यह खबर भी पढ़ें… सर्वे- ट्रम्प के कामकाज से 70% अमेरिकी संतुष्ट नहीं: मिडटर्म में हार का खतरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी में बगावत के संकेत दिखने लगे हैं। ट्रम्प की लोकप्रियता घट रही है। पूरी खबर पढ़ें…

चीन के लिए जासूसी के शक में अमेरिकी महिला गिरफ्तार:ताइवानी राष्ट्रपति के बेटे का वीडियो बनाया; चीन जाते समय एयरपोर्ट पर गिरफ्तार

अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने रविवार को लॉस एंजिल्स एयरपोर्ट से 34 साल की एक महिला को गिरफ्तार किया। महिला पर आरोप है कि उसने चीन सरकार के लिए काम करते हुए ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते के बेटे की निगरानी की और उसकी तस्वीरें व वीडियो चीन तक पहुंचाए। अमेरिकी महिला की पहचान वैनयिंग झांग उर्फ हीदर झांग के रूप में हुई है। वह कैलिफोर्निया के इरविन शहर में रियल एस्टेट एजेंट है। FBI ने उसे उस समय गिरफ्तार किया, जब वह लॉस एंजिल्स से शंघाई जाने वाली फ्लाइट पकड़ने वाली थी। अमेरिकी अधिकारियों ने उस पर किसी विदेशी सरकार के लिए काम करने का आरोप लगाया है। कैलिफोर्निया में रियल एस्टेट एजेंट के तौर पर काम करती थी गिरफ्तार महिला की पहचान वैनयिंग हीदर झांग (34) के रूप में हुई है। वह कैलिफोर्निया के इरविन में रियल एस्टेट एजेंट है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, झांग सितंबर 2025 में एक और व्यक्ति के साथ लास वेगास से सिएटल गई थी। दोनों ने वहां एक काली निसान रोग कार किराए पर ली और ताइवान के राष्ट्रपति के बेटे टिंग-यू लाई के घर के पास पहुंचे। जांच एजेंसी का आरोप है कि दोनों ने घर और वहां आने वाले लोगों की तस्वीरें और वीडियो बनाए। पड़ोसी के सुरक्षा कैमरे की फुटेज में भी दोनों को कैमरे से रिकॉर्डिंग करते हुए देखा गया था। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, झांग ने इस दौरान चीन के एक सरकारी अधिकारी को वीचैट पर जानकारी भेजी। FBI के मुताबिक, उसने बताया कि उसने टिंग-यू को देख लिया है और उसका वीडियो बना रही है। उसने दो गाड़ियों के नंबर भी भेजे थे। जून में चीनी अधिकारी से मिलने गई थी महिला FBI की शिकायत के मुताबिक, इस पूरे मामले की शुरुआत जून 2025 में हुई थी। झांग को उसकी पुरानी यूनिवर्सिटी के एक दोस्त ने चीन के एक सरकारी अधिकारी से मिलवाया था। झांग जून में चीन के चांगशा शहर गई थी। वहां उसने एक निजी कमरा बुक किया, जहां उसकी चीनी अधिकारी से मुलाकात हुई। FBI के मुताबिक, अधिकारी ने उसे निगरानी से जुड़ा काम दिया था। जांच एजेंसी का कहना है कि इसके बाद झांग ने मैसेज भेजकर कहा था कि वह यह काम संभाल लेगी। कुछ समय बाद उसने अधिकारी को बताया कि वह अगले हफ्ते सिएटल जा सकती है। इसके बाद ही सितंबर 2025 में वह अपने साथी के साथ सिएटल गई और राष्ट्रपति के बेटे के घर की निगरानी की। FBI ने बताया- राष्ट्रपति पर दबाव बनाने में इस्तेमाल हो सकती थीं तस्वीरें FBI एजेंट होल्ट ने शिकायत में कहा कि अगर चीन किसी संभावित संघर्ष के दौरान ताइवान के राष्ट्रपति पर दबाव बनाना चाहता है, तो उनके करीबी रिश्तेदारों की लोकेशन, घर और गाड़ियों की तस्वीरें उसके लिए उपयोगी हो सकती हैं। झांग के पति एड्रिक डिंग, जो उसी रियल एस्टेट कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने मीडिया से कहा कि उन्हें अभी मामले के बारे में जानकारी नहीं है। ताइवान के राष्ट्रपति के बेटे कौन हैं? टिंग-यू लाई ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते के बेटे हैं और अमेरिका में रहते हैं। वे इंजीनियर हैं और उनकी पढ़ाई भी अमेरिका में हुई है। उन्होंने 2012 में केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री और यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन से पीएचडी की। टिंग-यू फिलहाल नीदरलैंड की बहुराष्ट्रीय कंपनी फिलिप्स में काम करते हैं। उनकी पत्नी और बच्चा भी अमेरिका में रहते हैं। अमेरिका में पहले भी चीन से जुड़े जासूसी के मामले सामने आ चुके हैं 2023: न्यूयॉर्क में चीन के एक कथित गुप्त पुलिस स्टेशन से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि इसका इस्तेमाल चीन के आलोचकों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा था। 2024: न्यूयॉर्क में रहने वाले शुजुन वांग को चीन के लिए काम करने का दोषी पाया गया था। अमेरिकी अभियोजकों के मुताबिक, उन्होंने लंबे समय तक चीन के पक्ष में जानकारी जुटाई थी। 2026: कैलिफोर्निया की पूर्व मेयर ईलीन वांग पर भी चीन के लिए एजेंट की तरह काम करने का आरोप लगाया गया था। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, उन पर चीन समर्थक प्रचार के बदले पैसे लेने का आरोप था। चीन और ताइवान के बीच तनाव की वजह क्या है? ताइवान में अपनी लोकतांत्रिक सरकार है, लेकिन चीन उसे अपने क्षेत्र का हिस्सा मानता है। बीजिंग लंबे समय से ताइवान को चीन में शामिल करने की बात करता रहा है और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग की संभावना से भी इनकार नहीं करता। वहीं ताइवान की मौजूदा सरकार अपने भविष्य का फैसला खुद करने की बात कहती है। राष्ट्रपति लाई चिंग-ते की डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी ताइवान की अलग पहचान और स्वशासन पर जोर देती है। इसी वजह से चीन और ताइवान के बीच तनाव बना रहता है। अमेरिका के ताइवान के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, लेकिन वह ताइवान का बड़ा अंतरराष्ट्रीय समर्थक और हथियारों का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। ताइवान अमेरिका और चीन के लिए इतना अहम क्यों है? ताइवान सिर्फ राजनीतिक विवाद की वजह से अहम नहीं है। यह दुनिया की सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री का भी बड़ा केंद्र है। दुनिया की सबसे बड़ी चिप कंपनियों में शामिल TSMC ताइवान की कंपनी है। यहां बनने वाली एडवांस चिप्स का इस्तेमाल स्मार्टफोन, कंप्यूटर, कारों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े उपकरणों में होता है। इसी वजह से ताइवान को लेकर किसी बड़े सैन्य या राजनीतिक संकट का असर सिर्फ चीन और अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया की टेक्नोलॉजी सप्लाई पर भी पड़ सकता है। ————————- यह खबर भी पढ़ें… सर्वे- ट्रम्प के कामकाज से 70% अमेरिकी संतुष्ट नहीं: मिडटर्म में हार का खतरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी में बगावत के संकेत दिखने लगे हैं। ट्रम्प की लोकप्रियता घट रही है। पूरी खबर पढ़ें…

मजबूरी का नाम परगट सिंह

कांग्रेस ने पंजाब में विधानसभा चुनाव से चार महीने पहले प्रदेश अध्यक्ष बदल दिया। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को कांग्रेस ने साढ़े चार साल तक अध्यक्ष बना कर रखा और चुनाव से ऐन पहले हटा दिया। उनकी जगह पूर्व ओलंपियन और भारतीय हॉकी टीम के कप्तान व कोच रहे परगट सिंह को अध्यक्ष बनाया गया है। परगट सिंह ने अकाली दल से अपनी राजनीति शुरू की थी और 2012 में पहली बार विधायक बने थे। बाद में वे नवजोत सिंह सिद्धू के बनाए एक संगठन से जुड़े और 2017 में कांग्रेस में आए। परगट सिंह को आम सहमति का अध्यक्ष माना जा रहा है।

परंतु असल में वे मजबूरी का नाम हैं। उनके अलावा बाकी जो दावेदार थे उन पर सहमति नहीं बन रही थी। भले राजा व़डिंग ने अध्यक्ष पद छोड़ दिया लेकिन यह सुनिश्चित किया कि चरणजीत सिंह चन्नी अध्यक्ष न बन पाएं। कांग्रेस की केंद्रीय टीम के कुछ नेता विजय इंदर सिंगला को अध्यक्ष बनाना चाहते थे। उनके नाम पर चन्नी को परेशानी नहीं थी लेकिन बाकी सभी जाट सिख नेताओं ने मिल कर सुनिश्चित किया कि वे अध्यक्ष न बनें। ऐसे ही वड़िंग, चन्नी और बाजवा ने मिल कर यह सुनिश्चित किया कि सुखजिंदर सिंह रंधावा अध्यक्ष न बनें। यह भी दबाव रहा कि मालवा से किसी को अध्यक्ष न बनाया जाए। सो, अंत में परगट सिंह के नाम का फैसला हुआ, जो जालंधर से आते हैं यानी दोआबा के नेता हैं। हरियाणा अलग होने के बाद दोआबा का कोई नेता पंजाब का मुख्यमंत्री नहीं बना। चन्नी भले जालंधर के सांसद हैं लेकिन वे भी मूल रूप से मालवा क्षेत्र के रहने वाले हैं।

Anubhav Sinha: अनुभव सिन्हा का मिडिल एज इश्क है लखनऊ…, खाने की खुशबू बार-बार बुला लेती है शहर

Anubhav Sinha: फिल्ममेकर अनुभव सिन्हा का लखनऊ के लिए प्यार इस बात से पता चलता है कि ‘मुल्क’ (2018) की शूटिंग के बाद से उन्होंने इस शहर में तीन और फिल्में शूट की हैं – जिनमें डायरेक्टर के तौर पर ‘आर्टिकल 15’ (2019) और ‘थप्पड़’ (2020) शामिल हैं और दो फिल्में प्रोड्यूसर के तौर पर की हैं।

लखनऊ के अपने हालिया दौरे पर, ‘अस्सी’ (Assi) फिल्म के डायरेक्टर ने कहा कि “लखनऊ में कुछ तो ऐसा है, जो मुझे यहां खींच लाता है। ‘मुल्क’ की शूटिंग से पहले, मैं यहां सिर्फ दो बार आया था – वो भी ‘तुम बिन’ (2021) और उसके सीक्वल के प्रमोशन के लिए और तब से एक फिल्ममेकर के तौर पर छह फिल्में कर चुका हूं, जिसमें मेरी लेटेस्ट प्रोडक्शन फिल्म भी शामिल है।”

‘शहर ने मुझे बहुत प्यार दिया है’

फिल्ममेकर ने कहा कि “लखनऊ मेरा मिडिल एज लव है! अगर मैं इसे बांटकर देखूं तो बनारस वो जगह है जहां मैंने अपना बचपन बिताया, अलीगढ़ कॉलेज वाले दिन प्यार है और मुंबई ने मुझे इतना कुछ दिया है, जो मेरी सोच से भी परे है। अब लखनऊ है, जहां मैं काम के सिलसिले में आया था और इससे प्यार हो गया। फिर शूटिंग, इवेंट्स और प्रमोशन के लिए बार-बार आता रहा। यह शहर मुझे इतना प्यार देता है जिसे मापा नहीं जा सकता। अब मेरे इतने दोस्त और शुभचिंतक हैं कि मुझे अपनी यात्रा को सीक्रेट रखना पड़ता है।

“जब मैं लखनऊ से निकलता हूं, तो मिठाइयों से लेकर मूंगबड़ी, अचार और न जाने क्या-क्या लेकर जाता हूं! ऐसा लगता है जैसे कोई दामाद जा रहा हो… इस बार मैं 10 किलो खाने-पीने का सामान लेकर गया। पुरानी दिल्ली (Old City) की साबिर की फिरनी से लेकर नैमतखाना के खट्टे-मीठे करेले तक।”

‘बेहतरीन खाना’

खाने के शौकीन अनुभव ने कहा कि “शानदार खाने की चाहत और हेल्दी लाइफस्टाइल के बीच बैलेंस बनाना मुश्किल होता है, इसलिए जब मुझे मौका मिलता है तो मैं इसका पूरा मजा लेता हूं और फिर डाइट और वर्कआउट से उसे बैलेंस करता हूं।” लखनऊ में बहुत बढ़िया खाना मिलता है। मुझे लगता है कि वहां के लोगों को भी शायद पता नहीं है कि ऐसी जगहों पर कितना शानदार खाना मिलता ,है जो कोई विज्ञापन नहीं करतीं और जहां पारंपरिक घरों में खाना परोसा जाता है। और ऐसा सिर्फ नॉन-वेज खाने के लिए नहीं है… वहां बहुत बढ़िया वेज खाना भी मिलता है! भारत में अमृतसर, वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ जैसे कुछ शहर हैं, जहां जाने के लिए मुझे एक महीने पहले से तैयारी करनी पड़ती है।”

उन्होंने ‘अभी तो पार्टी शुरू हुई है’ फिल्म की शूटिंग भी की है, जो अभी रिलीज नहीं हुई है। इसके अलावा एक एंथोलॉजी फिल्म को प्रोड्यूस किया है, जिसे हंसल मेहता, सुधीर मिश्रा और उन्होंने खुद शूट किया था और वे अपनी मौजूदा फिल्म पर भी काम कर रहे हैं। अपनी जर्नी के दौरान उन्होंने कैंट में गायत्री स्वीट्स के समोसे, अमीनाबाद में नेतराम की कचौड़ी और खानसामों द्वारा खास तौर पर तैयार किए गए लजीज व्यंजनों का मजा लिया।