अगर गालियों से समाज का पतन होता है तो इसकी शुरुआत आपके बेडरूम से हो चुकी है

Gen-Z protest

गालियों से याद आया कि जब मध्‍यप्रदेश में मोहन यादव सीएम बने थे तो उनका एक वीडियो वायरल हुआ था— वीडियो में वे गालियां दे रहे हैं, जिसे फुरसत से देखा जाना चाहिए। इसके कुछ पहले जाएं तो मध्‍यप्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष जीतू पटवारी ने भी अपने कार्यकर्ताओं को बहुत ही अपनत्‍व और प्‍यारे मालवी अंदाज में बुलाया था। राजनीति में गालियों की यह ‘अनफिल्‍टर्ड’ परंपरा हाल ही में बीजेपी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के ‘घंटा’ तक पहुंची थी। अतीत में अखबार के पन्‍ने और न्‍यूज चैनल के दृश्‍य टटोलेंगे तो कई जगह बीप… बीप… सुनाई दे जाएंगी।

इससे ज्‍यादा ही मनोरंजित होना है और समाज के सामने अच्‍छा नागरिक भी बने रहना है तो अपने कमरे में चुपचाप हेडफोन लगाकर ओटीटी पर कोई भी वेब-सीरीज लगा लीजिए और बाहर दफ्तर, समाज में सभ्‍य बनकर अच्‍छा नागरिक बने रहिये।

इन सब के बीच सवाल यह है कि अगर गुस्‍से में गालियां न दी जाएं तो गालियों की जगह क्‍या दिया जाना चाहिए?

ओटीटी, स्‍टैंडअप्‍स और पॉडकास्‍ट में गालियों को 'कूल' और 'रॉ' बताकर जिस तरह से आप और हम कूल बनते हैं तो यह भी बता दें कि इस जनरेशन को अपनी गालियों के साथ कौनसे श्‍लोक और मंत्र शामिल करने चाहिए थे, जिससे ये गालियां इतनी अश्‍लील और भद्दी न हो?

बात यह है कि गालियों का संबंध किसी पार्टी, संगठन या उम- वर्ग आदि से नहीं होता है। जिस आदमी को गुस्‍सा आता है— आक्रोश होता है वो जब वो चरम पर पहुंचता है तो उस आदमी के खिलाफ गालियां दी जाती हैं, जिसने उसे इसके लिए मजबूर किया है। हां, कुछ हद तक हमारे संस्‍कार काम आते हैं, लेकिन यह भी सिचुएशनल काम करते हैं। हम कितने ही आध्‍यात्‍मिक बन जाएं, किसी के मरने पर रो ही देंगे— किसी के बिछडने पर दुख होता ही है। हां, यह सही कि नई जनरेशन आपसे ज्‍यादा मुखर है— उसके लिए बहुत सी बातें नॉर्मल है, उनके बीच लिंग-भेद कम होता जा रहा है।

अगर प्रोटेस्‍ट में आक्रोश में एक करप्‍ट सिस्‍टम के खिलाफ निकली गालियों से समाज का पतन होता है तो यह पतन आपके बेडरूम में पहले ही हो चुका है। उन ओटीटी, स्‍टैंडअप कॉमेडी और पॉडकास्‍ट में हो चुका है, जिसे आप बड़े चाव से अपने कमरे की लाइट्स बंद कर के देखते हैं।

गालियां Gen-Z की भाषा नहीं है— न ही ये गालियां उन्‍होंने ईजाद की है— ये गालियां आपने उन्‍हें विरासत में ट्रांसफर की हैं। फर्क इतना है कि आप में सिर्फ अपने बेडरूम और प्राइवेट पार्टी में गालियां देने का साहस है— जबकि वे कहीं भी अनफिल्‍टर्ड नहीं हैं।

Ranbir Kapoor: ‘धूम 4’ में कास्टिंग की खबरों पर रणबीर कपूर ने तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘लव एंड वॉर’ प्रायोरटी

Ranbir Kapoor: रणबीर कपूर ने आखिरकार ‘धूम 4’ से अपने जुड़ने की लंबे समय से चल रही अटकलों पर बात की है। यश राज फिल्म्स की एक्शन फ़्रैंचाइज़ी के नए चेहरे के तौर पर बार-बार सामने आ रहे इस एक्टर ने साफ किया है कि यह प्रोजेक्ट उनकी कन्फर्म फिल्मों की लिस्ट का हिस्सा नहीं है।

यह बयान रणबीर के सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में शामिल होने के दौरान आया, जहां वह डायरेक्टर नितेश तिवारी, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​और को-स्टार यश के साथ ‘रामायण’ को प्रमोट कर रहे थे। इवेंट के दौरान ‘रिव्यू नेशन’ के साथ एक इंटरव्यू में, होस्ट ने रणबीर और यश दोनों की आने वाली फिल्मों के बारे में बात की। जहां ‘रामायण’ के साथ यश की फिल्म ‘टॉक्सिक ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ का जिक्र हुआ, वहीं होस्ट ने ‘धूम 4’ को रणबीर के अगले प्रोजेक्ट्स में से एक बताया।

रणबीर ने अपनी मौजूदा फ़िल्मों की लिस्ट में से सिर्फ दो फिल्मों का नाम लिया। उन्होंने कहा, “नहीं, अभी मैं ‘रामायण’ और ‘लव एंड वॉर’ नाम की एक और फ़िल्म पर काम कर रहा हूं। इसे संजय भंसाली डायरेक्ट कर रहे हैं। यह फिल्म अगले साल 24 जनवरी को रिलीज होगी।”

उनके जवाब से ऐसा लगता है कि ‘धूम’ फ़्रैंचाइज़ी की चौथी फिल्म साइन करने की खबरों पर रोक लग गई है। यश राज फिल्म्स ने भी फ़िल्म, उसके डायरेक्टर या कास्ट के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। खास बात यह है कि रणबीर ने अपनी आने वाली फिल्मों के बारे में बात करते हुए संदीप रेड्डी वांगा की 2023 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘एनिमल’ के सीक्वल ‘एनिमल पार्क’ का जिक्र नहीं किया।

रणबीर के ‘धूम 4’ में शामिल होने की खबरें कई सालों से चल रही हैं। 2024 में, पिंकविला की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा उन्हें फ़्रैंचाइजी को आगे बढ़ाने के लिए सही एक्टर मानते हैं और इस बारे में शुरुआती बातचीत भी हुई थी।

उसी दौरान, हेयरस्टाइलिस्ट आलिम हकीम ने रणबीर की नई लुक वाली तस्वीरें शेयर कीं। इन तस्वीरों से यह अटकलें लगने लगीं कि यह बदलाव या तो ‘धूम 4’ के लिए था या ‘एनिमल पार्क’ के लिए। 2025 में इन अफ़वाहों को और बल मिला जब एक और रिपोर्ट में कहा गया कि विक्की कौशल भी इस फ़िल्म से जुड़ सकते हैं। कास्टिंग से जुड़े इन दावों में से किसी की भी यश राज फ़िल्म्स ने पुष्टि नहीं की है।

इस फ्रैंचाइजी की शुरुआत 2004 में ‘धूम’ से हुई थी, जिसमें अभिषेक बच्चन, उदय चोपड़ा और जॉन अब्राहम ने काम किया था। इसकी सफलता के बाद 2006 में ‘धूम 2’ आई, जिसमें ऋतिक रोशन और ऐश्वर्या राय भी शामिल हुए। इस सीरीज की सबसे हालिया फिल्म ‘धूम 3’ 2013 में रिलीज हुई थी, जिसमें आमिर खान और कैटरीना कैफ ने काम किया था।

दर्शकों की लगातार दिलचस्पी के बावजूद, स्टूडियो ने अभी तक अगले भाग के बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। फिलहाल, रणबीर का पूरा ध्यान ‘रामायण’ और संजय लीला भंसाली की ‘लव एंड वॉर’ पर है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जारी किया एक और नया वीडियो, पेपर लीक को लेकर किया यह बड़ा ऐलान

Prime Minister Narendra Modi has issued video message regarding paper leak case

Prime Minister Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना ए‍क और वीडियो जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे 'सेल्फी मोड' वर्टिकल वीडियो संदेश में कहा कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक उच्चस्तरीय कार्य बल (High Level Task Force) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक सुधारों पर काम करेगी, ताकि छात्रों को निष्पक्ष और बेहतर परीक्षा व्यवस्था मिल सके। प्रधानमंत्री ने ये वीडियो भी मोबाइल से सेल्फी कैमरे से रिकॉर्ड किया है।

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टास्क फोर्स का हुआ गठन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना ए‍क और वीडियो जारी किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तीसरे 'सेल्फी मोड' वर्टिकल वीडियो संदेश में कहा कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में परीक्षा सुधारों पर एक उच्चस्तरीय कार्य बल (High Level Task Force) का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह टास्क फोर्स परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक सुधारों पर काम करेगी, ताकि छात्रों को निष्पक्ष और बेहतर परीक्षा व्यवस्था मिल सके।

बनेगा नया कठोर कानून

प्रधानमंत्री ने ये वीडियो भी मोबाइल से सेल्फी कैमरे से रिकॉर्ड किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि फ्रेंड्स विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भारत सरकार लगातार अनेक कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हम कल पार्लियामेंट के अंदर भी कठोर कानूनों के प्रावधान के साथ नया कानून बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन हमें भविष्य के लिए सोचना है। हमारी परीक्षा पद्धति विश्वस्त हो।

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वे जेलों में सड़ रहे हैं

प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। वे जेलों में सड़ रहे हैं। राजनीतिक जीवन से शुरू से ही तकनीकी का बेहतर इस्तेमाल करने वाले प्रधानमंत्री मोदी इंटरनेट मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म जैसे Facebook, WhatsApp, एक्स पर सक्रिय है और बड़ी संख्या में उनके फालोअर्स भी हैं।

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जब PM मोदी ने खुद संभाला मोर्चा 

इंस्टाग्राम पर भी प्रधानमंत्री मोदी 2016 से जुड़े हैं लेकिन इंस्टाग्राम के लिए अलग से कोई रील नहीं अपलोड किया जाता था, जबकि अधिकांश जेनजी इंस्टाग्राम पर ही सक्रिय हैं। हाल ही में पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बाद में खुद मोर्चा संभाला और इंस्टाग्राम पर रील डालकर जेनजी के साथ संवाद कायम किया।

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Gen Z को पसंद आया PM मोदी का नया अवतार

Gen Z को भी प्रधानमंत्री का नया अवतार पसंद आया और इंस्टाग्राम पर उनके 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स बढ़ गए। Gen Z की ओर से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को उन्हें रील बनाकर थैंक्स (धन्यवाद) भी कहा। इसे भी 93 लाख से अधिक लोगों ने देखा और लाइक किया।

‘ हाई पावर टास्क फोर्स बनेगी …’, परीक्षा रिफॉर्म पर PM मोदी का बड़ा ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक के बाद परीक्षा सुधारों के लिया बड़ा फैसला किया है। पीएम मोदी ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, वे जेल भेजे जा चुके हैं और ऐसे मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट भी बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि नंदन नीलेकणी की अगुवाई में हाई पावर टास्क फोर्स बनेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि सरकार संसद में एक नया कानून लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें परीक्षा से जुड़े अपराधों के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधान होंगे। उन्होंने कहा कि सिर्फ दोषियों पर कार्रवाई करना ही काफी नहीं है, बल्कि भविष्य की परीक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाएगा। इसी उद्देश्य से सरकार ने देश के जाने-माने तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई पावर टास्क फोर्स बनाने का फैसला किया है। यह समिति परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि आने वाली सभी परीक्षाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय बन सकें।

कौन हैं नंदन निलेकणि

नंदन निलेकणि टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गज उद्यमी हैं। उन्हें इन्फोसिस के सह-संस्थापक और आधार कार्ड के जनक के रूप में जाना जाता है। वो 2002 से 2007 तक इन्फोसिस के CEO और MD रहे। बाद में 2017 में कंपनी के चेयरमैन के रूप में भी लौटे। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 2009 में नंदन नीलेकणि को UIDAI प्रोजेक्ट का चेयरमैन बनने के लिए आमंत्रित किया। नंदन ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। UIDAI को ‘डिजिटल इंडिया’ को आकार देने में एक अहम कदम माना जाता है। आज, आधार को दुनिया भर में सबसे बड़े बायोमेट्रिक सिस्टम के तौर पर पहचाना जाता है।

Nirmala Sitharaman: ‘जनता को दफ्तरों के चक्कर न लगवाएं’, इनकम टैक्स अधिकारियों को निर्मला सीतारमण की नसीहत

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों से कहा है कि आम लोगों को अपने काम के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी और तेजी से काम करने की अपील की।

नागरिकों का काम समय पर करें

मुंबई के नरीमन पॉइंट में बने 13 मंजिला आयकर सिंधु भवन के उद्घाटन के दौरान सीतारमण ने कहा कि नियमों का पालन जरूरी है। लेकिन लोगों को उनका हक समय पर मिलना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि अधिकारी ऐसा काम करें कि लोगों को एक टेबल से दूसरी टेबल तक भटकना न पड़े।

विभाग को भी झेलनी पड़ी परेशानी

वित्त मंत्री ने बताया कि जिस जमीन पर यह इमारत बनी है, वह 1973 से आयकर विभाग के पास थी। इसके बावजूद भवन बनाने के लिए विभाग को कई मंजूरियां लेने में काफी मुश्किलें आईं। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी विभाग को ही इतनी दिक्कत होती है, तो आम लोगों की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

सरकारी जमीन पर कब्जे पर नाराजगी

सीतारमण ने सरकारी जमीनों पर हुए अवैध कब्जों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह हमारी कार्यप्रणाली की कमी दिखाता है। अगर समय रहते सरकारी संपत्तियों की देखभाल होती, तो ऐसी नौबत नहीं आती।

अधिकारियों के आवास की कमी दूर होगी

उन्होंने कहा कि मुंबई और नवी मुंबई में आयकर अधिकारियों के लिए सरकारी आवास कम हैं। कई अधिकारियों को रोज लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकारी विभागों के बीच जमीन का हस्तांतरण तेज किया जाएगा, ताकि नए दफ्तर और आवास जल्द बन सकें।

BSNL की जमीन का भी होगा इस्तेमाल

वित्त मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे BSNL की खाली पड़ी जमीन का इस्तेमाल सरकारी दफ्तरों और आवास के लिए करने की संभावना देखें। उन्होंने कहा कि इस बारे में वह संबंधित मंत्री से भी बात करेंगी।

ईमानदारी को सबसे ऊपर रखें

सीतारमण ने अधिकारियों से कहा कि ईमानदारी से बड़ा कोई सिद्धांत नहीं है। उन्होंने सभी अधिकारियों से पारदर्शिता के साथ काम करने और लोगों का भरोसा जीतने की अपील की।

*पीटीआई से इनपुट के साथ

Weather Update : भारत में Monsoon ने पकड़ी रफ्तार, गुजरात-असम में बाढ़ का कहर, 17 राज्यों के लिए IMD का अलर्ट

mansoon update

देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि दो सक्रिय निम्न दबाव (लो-प्रेशर) सिस्टम और एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस बीच गुजरात और असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जबकि दिल्ली समेत 17 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

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सक्रिय मौसम प्रणालियों से तेज हुआ मानसून

 

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक और लो-प्रेशर सिस्टम विकसित हुआ है, जो पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों तक फैला हुआ है। अगले दो दिनों में इसके और मजबूत होने की संभावना है।

 

इसके अलावा, मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा रहा है। इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से देश के बड़े हिस्से में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।

 

दिल्ली समेत उत्तर भारत में भारी बारिश की चेतावनी

 

आईएमडी ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक बारिश, गरज-चमक और 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। लोगों को भारी बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी गढ़वाल और चंपावत जिलों में भी भारी बारिश और 60 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।

 

हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर, हमीरपुर, सोलन, बिलासपुर और कुल्लू में अगले दो दिनों तक व्यापक बारिश होने की संभावना है।

 

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा, रामबन, जम्मू, पुंछ, कुलगाम, उधमपुर, कठुआ, डोडा, अनंतनाग, गांदरबल और कुपवाड़ा जिलों में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है।

 

गुजरात और असम में बाढ़ से हालात गंभीर

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गुजरात में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। अब तक 40,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बारिश से जुड़ी घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो चुकी है। एहतियात के तौर पर अहमदाबाद में स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए 204.5 मिमी से अधिक बारिश की चेतावनी दी है।

 

असम में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में 14 और लोगों की मौत के बाद राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। 12 जिलों में 7.05 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। उफनती नदियों के कारण घर, सड़कें और कृषि भूमि जलमग्न हो गई हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

 

इन राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के अनुसार, गुजरात और हिमालयी राज्यों के अलावा कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और राजस्थान में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा असम, मेघालय, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

IND vs ZIM: दूसरे मुकाबले में तिलक वर्मा ने रचा इतिहास, रोहित-विराट के खास क्लब में बनाई जगह

IND vs ZIM: भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले को टीम इंडिया ने 90 रन से जीता है। इस जीत के साथ भारतीय टीम 3 मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। इस मुकाबले में तिलक वर्मा ने 29 गेंदों में 60 रनों की नाबाद पारी खेली। वहीं इस पारी के साथ तिलक ने बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। टी20 उपकप्तान तिलक वर्मा ने विदेशी सरजमीं पर टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 1,000 रन पूरे किए। इसके साथ ही तिलक ये मुकाम हासिल करने वाले भारत के सिर्फ आठवें बल्लेबाज बन गए। इस पारी के साथ तिलक विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ एक खास लिस्ट में शामिल हो गए

पूरे किए अपने एक हजार रन

तिलक वर्मा ने साल 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में उन्हें विदेशी सरजमीं पर अपने 1,000 टी20I रन पूरे करने के लिए सिर्फ 4 रन की जरूरत थी। उन्होंने हरारे स्पोर्ट्स क्लब में भारतीय पारी के 11वें ओवर में कप्तान सिकंदर रजा की गेंद पर चौका लगाकर यह खास उपलब्धि हासिल कर ली।

प्लेयरमैचरन
रोहित शर्मा1012699
विराट कोहली792611
सूर्यकुमार यादव621742
सुरेश रैना561187
हार्दिक पंड्या731076
तिलक वर्मा37*1056*
शिखर धवन401053

रोहित-विराट की क्लब में हुए शामिल

विदेशी सरजमीं पर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा हैं। उन्होंने 101 मैचों में 2,699 रन बनाए हैं। इस सूची में विराट कोहली 79 मैचों में 2,611 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं, सूर्यकुमार यादव, केएल राहुल, सुरेश रैना, हार्दिक पांड्या और शिखर धवन भी विदेश में टी20I में 1,000 से अधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हैं। अब तिलक वर्मा ने भी इस खास क्लब में अपनी जगह बना ली है।

आस्था की विजय: जब पंढरपुर में एक बालक के रक्षक बने स्वयं विट्ठल

Pictured is a view of the Lord Shri Vitthal-Rukmini Temple in Pandharpur, Maharashtra

एक सत्य घटना पर आधारित संस्मरण

 

एक पारिवारिक संस्मरण, जो बताता है कि श्रद्धा का सबसे बड़ा प्रमाण अनुभव होता है, भारत की सांस्कृतिक परंपरा में कुछ पर्व केवल तिथियां नहीं होते, वे लोकजीवन की आत्मा बन जाते हैं। आषाढ़ी एकादशी ऐसा ही एक महापर्व है, जो महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

इस दिन 'पंढरपुर' स्थित भगवान श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर में दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। चंद्रभागा नदी में स्नान, हरिनाम, संकीर्तन, वारकरी परंपरा की पदयात्राएं और 'जय जय राम कृष्ण हरी' का अखंड घोष इस तीर्थ को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है। सदियों से यह विश्वास जीवित है कि पांडुरंग विट्ठल अपने भक्तों की पुकार अवश्य सुनते हैं।

 

ऐसी ही आस्था से जुड़ा एक सत्य संस्मरण मध्य प्रदेश के देवास स्थित 'पवार परिवार' में आज भी श्रद्धापूर्वक सुनाया जाता है। यह घटना लगभग 'एक शताब्दी पूर्व की है, 'किंतु परिवार की स्मृतियों में आज भी उतनी ही जीवंत है, मानो कल की बात हो।

मध्यप्रदेश के मालवा अंचल के देवास निवासी श्रीमती मंजुलाबाई अमृतराव पवार साहेब अपने पांच से सात वर्षीय पुत्र के साथ आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर पंढरपुर पहुंची थीं। उस समय न आधुनिक परिवहन था, न यात्रियों के लिए आज जैसी सुविधाएं। फिर भी श्रद्धा के बल पर लोग कठिन यात्राएं करते थे। 

 

पंढरपुर पहुंचकर उन्होंने पहले अपने पुत्र को चंद्रभागा नदी में स्नान कराया और फिर मंदिर की सीढ़ियों पर बैठाकर मराठी में स्नेहपूर्वक कहा- 'बाळा, इथेच बस. मी आंघोळ करून लगेच येते.'- अर्थात् , 'बेटा, यहीं बैठे रहना। मैं स्नान करके अभी आती हूँ।' किन्तु नियति ने उस दिन उनके विश्वास की एक कठिन परीक्षा लेनी थी।

जब मंजुलाबाई साहेब स्नान कर लौटीं, तो उनका पुत्र वहां नहीं था। देखते ही देखते उनका हृदय आशंका से भर उठा। अपार भीड़ में वे व्याकुल होकर अपने पुत्र को खोजने लगीं। दूसरी ओर नन्हा बालक भी अपनी मां को ढूंढ़ते-ढूंढ़ते रोने लगा। मां और पुत्र दोनों एक-दूसरे को पुकार रहे थे, पर लाखों श्रद्धालुओं के शोर में उनकी आवाज़ें कहीं विलीन हो गईं। 

 

इसी बीच एक वृद्ध, संतस्वरूप बाबा उस रोते हुए बालक के पास आए। उन्होंने बड़े स्नेह से उसके आंसू पोंछे और मराठी में पूछा, 'बाळा, का रडतोस?' बालक ने मासूमियत से उत्तर दिया, 'माझी आई दिसत नाही. 'अर्थात्, 'मेरी आई दिखाई नहीं दे रही है।' वृद्ध ने प्रेमपूर्वक उसे प्रसाद के दो लड्डू दिए, उसका भय दूर किया और मंदिर के समीप एक चबूतरे पर बैठाकर कहा, 'इथेच बस. तुझी आई नक्की येईल।' यानी, 'यहीं बैठे रहो, तुम्हारी मां अवश्य आ जाएगी।' 

 

कुछ समय बाद पुत्र की खोज में व्याकुल मंजुलाबाई साहेब की दृष्टि उसी चबूतरे पर बैठे अपने पुत्र पर पड़ी। वे भावविह्वल होकर 'बाळा… बाळा…' पुकारती हुई उसके पास दौड़ीं और उसे अपने हृदय से लगा लिया। उस क्षण शब्द गौण हो गए; मां और पुत्र दोनों की आंखों से बहते आंसू ही उनके मिलन की भाषा बन गए।

बालक ने शांत होने पर पूरी घटना अपनी मां को सुनाई। मंजुलाबाई साहेब ने चारों ओर उस वृद्ध संत को खोजा, पर वे कहीं दिखाई नहीं दिए। उसी क्षण उनके अंतर्मन में यह अनुभूति जागी कि वह कोई सामान्य वृद्ध नहीं थे, बल्कि स्वयं पांडुरंग विट्ठल थे, जिन्होंने भक्त की पुकार सुनकर उसके पुत्र की रक्षा की।

 

यह अनुभूति किसी तर्क का विषय नहीं थी। यह एक मां के विश्वास और उसके अनुभव का सत्य था। वे श्रद्धा से अभिभूत होकर भगवान विट्ठल के दर्शन करने पहुंचीं और कृतज्ञ मन से देवास लौट आईं। समय बीतता गया।

वही बालक आगे चलकर देवास के प्रथम फोटोग्राफर एवं आर्टिस्ट श्री गणपतराव पवार साहेब के रूप में प्रतिष्ठित हुए। उन्होंने अपने परिवार के साथ-साथ तत्कालीन देवास रियासत का भी नाम गौरवान्वित किया। आज उनके चौथी पीढ़ी तक परिवार कला, संस्कृति और सामाजिक योगदान के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है।

 

परिवार के सदस्यों के अनुसार, स्व. श्री गणपतराव साहेब जब भी इस घटना का स्मरण करते थे, उनकी आँखें स्वतः भर आती थीं। उन्होंने यह संस्मरण दशकों पूर्व एकादशी के अवसर पर अपनी चौथी पुत्रवधु श्रीमती ज्योति प्रेमराव पवार जी को सुनाया था। उस समय भी वे भावुक हो उठे थे। तभी से यह प्रसंग परिवार की अमूल्य धरोहर के रूप में पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुरक्षित है।

ऐसे संस्मरणों को केवल चमत्कार की दृष्टि से नहीं देखना चाहिए। भारतीय समाज में परिवारों के भीतर पीढ़ियों से संजोई गई स्मृतियां हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे यह बताती हैं कि कठिन परिस्थितियों में मनुष्य को संबल देने वाली सबसे बड़ी शक्ति उसका विश्वास होता है। आस्था का अर्थ अंधविश्वास नहीं, बल्कि वह आत्मिक आश्रय है जो विपत्ति के क्षणों में मनुष्य को टूटने नहीं देता।

 

पंढरपुर की परंपरा भी यही कहती है कि भगवान विट्ठल केवल मंदिर के गर्भगृह तक सीमित नहीं हैं। वे अपने भक्त के विश्वास, करुणा और जीवन के अनुभवों में उपस्थित रहते हैं। संभव है कि किसी के लिए यह एक संयोग हो, किसी के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव; किंतु जिन लोगों ने इसे जिया है, उनके लिए यह ईश्वर की कृपा का सजीव प्रमाण है।

आषाढ़ी एकादशी का संदेश भी यही है कि निष्कलुष श्रद्धा मनुष्य को भीतर से दृढ़ बनाती है। जब विश्वास निर्मल हो और भक्ति निष्कपट, तब ईश्वर किसी न किसी रूप में अपने भक्त का हाथ थाम ही लेते हैं। शायद इसी विश्वास ने पंढरपुर को केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के हृदय का आध्यात्मिक आश्रय बना दिया है।

 

जय जय राम कृष्ण हरी।

पांडुरंग विट्ठल महाराज की जय।।

ब्रेकअप के बाद एक्स को मनाने के लिए 3 लाख तक खर्च कर लव कोच हायर कर रहीं लड़कियां, ये तो नया ही ट्रेंड!

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में कई महिलाएं अपने एक्स-बॉयफ्रेंड को वापस पाने के लिए “रिलेशनशिप कोच” पर लाखों डॉलर खर्च कर रही हैं। एक मामले में, 28 साल की एक महिला ने अपने बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद एक महीने के कोचिंग प्रोग्राम के लिए 3,500 युआन ($500) दिए।

हालांकि उसने अपने कोच की सलाह को पूरी तरह से माना, लेकिन उसके एक्स-बॉयफ्रेंड ने उसे सभी मैसेजिंग ऐप्स पर ब्लॉक कर दिया। जब उसने कंपनी से उनके 90% सक्सेस रेट के दावे के बारे में पूछा, तो स्टाफ ने बस उसे “ज़्यादा अनुभवी” मेंटर वाला 9,800 युआन ($1,400) का पैकेज खरीदने के लिए दबाव डाला।

एक और मामले में, एक महिला ने एक ऐसे प्रोग्राम पर 20,000 युआन ($2,800) खर्च किए, जिसे “सम्मान के साथ सुलह” करने में मदद के लिए बनाया गया था। इसका मकसद अपने पूर्व पति को इस तरह से बहलाना-फुसलाना था कि वह खुद ही उसे वापस बुलाने के लिए कहे, ताकि दोस्तों के सामने उसकी इज़्ज़त पर कोई आंच न आए।

रिलेशनशिप एक्सपर्ट और मनोवैज्ञानिक इस इंडस्ट्री के बढ़ने की वजह लोगों की इमोशनल वीकनेस और भारी सामाजिक दबाव को मानते हैं, क्योंकि कई पारंपरिक परिवेशों में महिला की अहमियत और खुशी उसके रिश्ते या वैवाहिक स्थिति से जुड़ी होती है। अकेले रह जाने का डर बहुत ज़्यादा बेचैनी पैदा करता है।

इसके अलावा, गहरे इमोशनल दर्द से जूझ रहे लोग अक्सर असली थेरेपी के बजाय जल्दी और आसानी से पूरे होने वाले वादों को चुनते हैं, जबकि थेरेपी में समय और भावनात्मक मेहनत लगती है। आलोचकों ने चिंता जताई है, क्योंकि चीन में कंज्यूमर प्रोटेक्शन प्लेटफॉर्म्स को डेटिंग और कोचिंग सेवाओं के खिलाफ 3,000 से ज़्यादा औपचारिक शिकायतें मिली हैं। इनमें झूठे और गुमराह करने वाले विज्ञापनों और कोचों के पास असली प्रोफेशनल योग्यता न होने जैसी गंभीर बातें शामिल हैं।

भारी आर्थिक और भावनात्मक जोखिमों के बावजूद, मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट्स एक छोटा सा सकारात्मक बदलाव देख रहे हैं। ज़्यादा महिलाएं अब खराब रिश्तों को जबरदस्ती चलाने के बजाय उनसे बाहर निकल रही हैं और ब्रेकअप का इस्तेमाल खुद के विकास और लंबे समय की व्यक्तिगत खुशी के लिए कर रही हैं।