शुभमन गिल बने विश्व के नंबर 1 बल्लेबाज, इस कीवी से छीना ताज

पिछले सप्ताह न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल से सिर्फ एक अंक से पीछे थे। लेकिन आज उन्होंने वह अंक पार कर (ICC) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल द्वारा जारी नवीनतम रैंकिंग में शीर्ष बल्लेबाज का स्थान प्राप्त कर लिया है।

शुभमन गिल के अब 801 अंक है और कीवी बल्लेबाज डेरिल मिचेल 794 अंक पर हैं।  गौरतलब है कि भारत का अगला एकदिवसीय दौरा न्यूजीलैंड के खिलाफ अक्टूबर में है। ऐसे में इन दोनों के बीच पहली रैंक की जंग बहुत दिलचस्प होने वाली है।डैरिल मिचेल भारत के खिलाफ 2 शतक और 1 अर्धशतक मारकर मैन ऑफ द सीरीज बने थे। आज उनके 7 महीने की नंबर 1 अवधि का अंत हुआ।

 

भारत के ही रोको- यानि कि रोहित शर्मा और विराट कोहली तीसरे और चौथे पायदान पर हैं। शुभमन और रोहित कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच में बड़ी पारी खेली थी। भारत के तीन बल्लेबाज टॉप 5 में शुमार है जिससे भारत की एकदिवसीय टीम मजबूत दिखती है। कोहली के 767 तो रोहिते के 758 अंक है।

पांचवे पायदान पर अफगानिस्तान के बल्लेबाज इब्राहिम जादरान है। इसके बाद पाकिस्तान के बल्लेबाज बाबर आजम का नंबर आता है। सातवें नंबर पर आयरलैंड के बल्लेबाज हैरी टेक्टर है।

भारत के खिलाफ सीरीज में 260 रन नाबाद बनाने वाले इंग्लैंड के बल्लेबाज जो रूट आठवें पायदान पर हैं। 9वं नंबर पर वेस्टइंडीज के विकेटकीपर बल्लेबाज शाई होप हैं और श्रीलंका के चरिथ असलंका दसवें पायदान पर हैं।

टूट रही है गंभीर की कोचिंग टीम! भारत को चैंपियन बनाने वाले अब इस धुरंधर ने तोड़ा नाता

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव करने का फैसला किया है। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि, फील्डिंग कोच टी दिलीप का कॉन्ट्रैक्ट आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। दिलीप के साथ असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशेट भी अब टीम के साथ नहीं रहेंगे। बीसीसीआई इन दोनों पदों के लिए नए नामों पर विचार कर रहा है और श्रीलंका के खिलाफ अगले महीने शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले नए कोचिंग स्टाफ की घोषणा की जा सकती है।

कब खत्म हुआ कॉन्ट्रैक्ट

इंग्लैंड दौरे के बाद रयान टेन डोएशेट और टी दिलीप का कार्यकाल समाप्त हो गया। इस दौरे पर भारतीय टीम को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। न्यूज एजेंसी PTI रिपोर्ट्स के मुताबिक, हेड कोच गौतम गंभीर के करीबी माने जाने वाले टेन डोएशेट को बीसीसीआई ने नया कॉन्ट्रैक्ट देने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। डोएशेट आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर के साथ दोबारा जुड़ने का फैसला किया।

डोएशेट की गंभीर के साथ कर चुके हैं काम

रयान टेन डोएशेट के टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में आने के बाद उनकी भूमिका काफी अहम हो गई थी। वह पहले गौतम गंभीर, अभिषेक नायर और मोर्ने मोर्कल के साथ केकेआर में काम कर चुके थे। लेकिन टीम में पहले से टी दिलीप फील्डिंग कोच थे, फिर भी टेन डोएशेट कई अहम जिम्मेदारियां निभाते नजर आए। मीडिया से बातचीत और टीम की रणनीति से जुड़े कई मुद्दों पर अक्सर वही टीम प्रबंधन का पक्ष रखते थे।

केकेआर में हुई वापसी

रयान टेन डोएशेट के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स में वापसी किसी नए सफर की तरह नहीं होगी। वह 2012 और 2014 में खिलाड़ी के रूप में टीम की आईपीएल खिताबी जीत का हिस्सा रह चुके हैं। इसके बाद 2024 के विजेता अभियान में उन्होंने फील्डिंग कोच की भूमिका निभाई थी। अब केकेआर में उनकी फिर से वापसी होने पर वह मुख्य कोच अभिषेक नायर के साथ दोबारा काम करते नजर आ सकते हैं।

कोचिंग में जीता था वर्ल्ड कप

टी दिलीप के अगले कदम को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। टेन डोशेट और टी दिलीप के कार्यकाल में भारत ने 2025 एशिया कप और 2026 टी-20 वर्ल्ड कप जीता। वहीं टी दिलीप के कार्यकाल में भारत ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप भी जीता था। वहीं, भारतीय टीम को जल्द ही मजबूत कोचिंग संयोजन तैयार करने की जरूरत होगी, क्योंकि 2027 विश्व कप में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। नए कोचिंग स्टाफ के कार्यकाल में टीम का प्रदर्शन आयरलैंड, इंग्लैंड और हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जिससे टीम प्रबंधन पर बेहतर नतीजे देने का दबाव बढ़ गया है।

13 मैचों में 21 कैच ड्रॉप, सुनील गावस्कर ने कहा बाहर करो खराब फील्डर्स को (Video)

भारत का यूरोप दौरा और जिम्बाब्वे दौरे को मिलाकर 13 मैच खेले गए। इसमें से 10 मैच टी-20 के थे और 3 मैच वनडे के थे। कुल 13 मैचों में भारत ने 21 कैच ड्रॉप किए। इसमें से यूरोप (इंग्लैंड आयरलैंड दौरे पर खेले गए मैचों में) भारत ने 11 कैच ड्रॉप किए। वहीं जिम्बाब्वे दौरे पर टीम ने 3 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में ही 10 कैच ड्रॉप किए। इसमें से 4 कैच अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में आए।

ऐसे में टीम के खराब फील्डिंग मानकों पर सुनील गावस्कर ने कहा है कि औसत फील्डर को टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेलने का कोई हक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कप्तान को उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। ना कि यह सोचना चाहिए कि किसी तरह गेंद उन 3 से 4 खिलाड़ियों के पास ना जाए।

भारतीय टीम ने इन 13 मैचों में 47 कैच पकड़े हैं जिससे टीम का कैच प्रतिशत 69.1 है। गौरतलब है कि भारत को आयरलैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 0-2 और फिर इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था। एकदिवसीय श्रृंखला में भी भारत को इंग्लैंड के हाथों 2-1 की हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद टीम ने हालांकि जिम्बाब्वे को में 3-0 से हराया।

भारतीय टीम की ग्राउंड फील्डिगं भी कई समय से आलोचनाओं के घेरे में है। यूरोप दौरा (इंग्लैंड आयरलैंड दौरे पर खेले गए मैचों में) कई बार यह देखने में आया कि टीम ने ना केवल आसान कैच छोड़े बल्कि आसान चौके भी दे दिए। वहीं इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाड़ियों ने ना केवल शानदार कैच पकड़े बल्कि ग्राउंड फील्डिंग भी उम्दा की।

इसके अलावा सुनील गावस्कर ने एकदिवसीय विश्वकप 2027 को ध्यान में रखकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को सलाह भी दी है कि वह मैदान की सीमा को लंबा करें ताकि विदेशी दौरे और खासकर विश्वकप तक भारत बड़े मैदानों पर खेलने का आदि हो जाए। भारत को अब अगली एकदिवसीय श्रृंखला वेस्टइंडीज के खिलाफ अक्टूबर में खेलनी है।

श्रेयस अय्यर ने VVS लक्ष्मण की तारीफ कर उड़ा दिया गौतम गंभीर का मजाक

जिम्बाब्वे के खिलाफ बतौर कप्तान अपनी पहली टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज जीतकर श्रेयस अय्यर ने दौरे पर गए कोच VVS लक्ष्मण के लिए तारीफ के पुल बांध दिए। इसे कई क्रिकेट फैंस इस नजरिए से देख रहे हैं कि श्रेयस अय्यर यह साबित करना चाहते हैं कि गौतम गंभीर की कोचिंग के कारण टीम को आयरलैंड और फिर इंग्लैंड के खिलाफ 0-2 और 0-4 की शर्मनाक हार झेलनी पड़ी थी।

गौरतलब है कि VVS लक्ष्मण का कोचिंग करियर खासा अच्छा गया है। साल 2022 से टीम के साथ कभी कभार कोचिंग की जिम्मेदारी संभालने वाले वीवीएस लक्ष्मण अब तक बतौर कोच एक भी सीरीज नहीं हारे हैं। भारत के टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर और अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 3-0 से मिली जीत में एक-दूसरे की भूमिका की सराहना की।

अय्यर ने लक्ष्मण का आभार व्यक्त किया जिन्हें मुख्य कोच गौतम गंभीर को विश्राम दिए जाने के बाद इस दौरे के लिए अंतरिम कोच नियुक्त किया गया था।अय्यर ने कहा, ‘‘इस श्रृंखला में कुछ कैच छोड़ने के अलावा हमारा प्रदर्शन बेदाग रहा। सहयोगी स्टाफ सहित टीम के हर सदस्य ने अपना योगदान दिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें प्रेरित करने और हमारा हौसला बढ़ाने के लिए वीवीएस सर आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। हर दिन जब हम मैदान पर कदम रखते थे, तो मुझे लगता था कि आपने जो कुछ भी कहा वह बिल्कुल सही था और हम उससे जुड़ाव महसूस कर सकते थे। इसलिए आपका बहुत-बहुत आभार।’’

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लक्ष्मण ने कहा, ‘‘मैं श्रेयस को विशेष रूप से बधाई देना चाहता हूं क्योंकि उनके कप्तानी करियर की शुरुआत थोड़ी मुश्किल रही, लेकिन जिस तरह से उन्होंने वापसी की, वह शानदार था। वह पहले मैच से एक दिन पहले जब हमसे जुड़े और तभी से जीत के लिए आश्वस्त थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस टीम में कई नए खिलाड़ी शामिल थे। हम जानते हैं कि इंग्लैंड में खेलने वाले खिलाड़ियों में से केवल चार या पांच ही इस दौरे पर हमारे साथ शामिल थे। लेकिन वह आत्मविश्वास से भरे हुए थे। जिस तरह से कप्तान ने आप सभी को प्रेरित किया उसे देखते हुए इस जीत का बहुत सारा श्रेय कप्तान को जाता है।’’

IND vs ZIM: इंग्लैंड के खिलाफ फ्लॉप होने के बाद वैभव को जिम्बाब्वे के खिलाफ मिलेगा मौका? जानें कैसी होगी प्लेइंग 11

IND vs ZIM: आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय टीम अब जिम्बाब्वे दौरे हैं। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टी20 टीम की शुरुआत अब तक अच्छी नहीं रही है। उनकी कप्तानी में टीम पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज 0-2 से हार गई और फिर इंग्लैंड के दौरे पर चारों मुकाबले गंवा बैठी। टी20 टीम की कमान संभालने के बाद अय्यर अभी तक पहली जीत का इंतजार कर रहे हैं।

टीम इंडिया के हालिया प्रदर्शन को देखते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली सीरीज को भी टीम इंडिया हल्के में नहीं लेना चाहेगी। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ मैच में खराब प्रदर्शन के बाद वैभव को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में मौका मिलेगा। आइए जानते हैं मुकाबले के लिए कैसी होगी टीम इंडिया की प्लेइंग 11 औवर पिच रिपोर्ट

वर्ल्ड कप में किया था बड़ा उलटफेर

इस साल फरवरी में कोलंबो में खेले गए ICC टी20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 23 रन से हराकर बड़ा उलटफेर किया था। लेकिन टीम नॉकआउट चरण में जगह नहीं बना सकी और ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। इसके बावजूद इस साल जिम्बाब्वे ने बांग्लादेश और श्रीलंका जैसी टीमों को भी हराकर अपनी ताकत का एहसास कराया है।

दोनों टीमों की हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

भारत और जिम्बाब्वे के बीच अब तक 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारतीय टीम का पलड़ा भारी रहा है और उसने 11 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं, जिम्बाब्वे ने तीन मुकाबले अपने नाम किए हैं। दोनों टीमों के बीच अब तक कोई मैच टाई नहीं रहा है और न ही किसी मुकाबले का नतीजा बिना परिणाम के खत्म हुआ है।

कैसी होगी मौसम

हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच आमतौर पर टी20 मुकाबलों में गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां पहली पारी का औसत स्कोर करीब 150 से 160 रन के बीच रहता है। मैच की शुरुआत में गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आती है, लेकिन समय बीतने के साथ पिच धीमी हो जाती है, जिससे बल्लेबाजी आसान नहीं रहती। वहीं, आउटफील्ड भी ज्यादा तेज नहीं होने के कारण बल्लेबाजों को सही टाइमिंग के साथ शॉट खेलने पड़ते हैं। ऐसे में इस मैदान पर अनुशासित गेंदबाजी करने वाली टीमों को अक्सर बढ़त मिलती है।

कैसा होगा हरारे का मौसम

हरारे में भारत और जिम्बाब्वे के बीच पहले टी20 मैच के दौरान मौसम साफ रहने की उम्मीद है। बारिश की संभावना बेहद कम है, इसलिए पूरे मैच के बिना किसी रुकावट के होने की उम्मीद है। मुकाबले के समय तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस रह सकता है, जबकि हवा में नमी लगभग 18 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिससे खिलाड़ियों को मौसम काफी अनुकूल मिलेगा।

भारत और जिम्बाब्वे की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: श्रेयस अय्यर (c), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (vc), ईशान किशन (wk), शिवम दुबे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, प्रिंस यादव, अशोक शर्मा, मयंक यादव

जिम्बाब्वे की संभावित प्लेइंग 11: सिकंदर रजा (c), तदिवानाशे मारुमानी (w), ब्रायन बेनेट, मिल्टन शुम्बा, डियोन मायर्स, रयान बर्ल, ब्रैड इवांस, वेलिंगटन मसाकाद्ज़ा, ब्लेसिंग मुज़रबानी, न्यूमैन न्यामहुरी, वेस्ली मधेवेरे

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Vaibhav Sooryavanshi: ड्रॉप होने के बाद पहली बार बोले वैभव सूर्यवंशी, बोले- खुद पर पूरा भरोसा है

भारत और जिम्बाब्वे के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 23 जुलाई को खेला जाएगा। वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के बाद जिम्बाब्वे सीरीज में भी मौका मिला है। वैभव ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में डेब्यू का मौका मिला था। तीन मैचों में खेलने के बाद वैभव को एक मैच में ड्रॉप कर दिया गया था। वहीं हाल ही में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपने डेब्यू और इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी मुकाबले में ड्रॉप किए जाने पर चुप्पी तोड़ी है।

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अभी पूरी तरह जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले पहले टी20 मुकाबले पर ध्यान लगा रहे हैं। शुरुआती चुनौतियों और टीम में अपनी जगह को लेकर उठे सवालों के बावजूद उन्होंने अपना फोकस बनाए रखा है और अब उनका लक्ष्य भारतीय टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है।

हर मैच में देना है 100 प्रतिशत

15 वर्षीय युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि पिछले चार महीने उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे, लेकिन इन एक्सपीरिएंस ने उन्हें मजबूत बनाया। उन्होंने माना कि भारतीय टीम में शुरुआत आसान नहीं रही, फिर भी उनका आत्मविश्वास पहले जैसा कायम है। सूर्यवंशी ने BCCI से कहा, “हां, पिछले चार महीनों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है और ऐसा आगे भी होता रहेगा। मुझे सिर्फ अपनी प्रक्रिया पर भरोसा रखते हुए आगे बढ़ना है और हर मैच में टीम के लिए अपना 100 प्रतिशत देना है।”

वैभव ने तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड

आईपीएल 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में चुना गया। आयरलैंड के खिलाफ उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में दूसरे टी20 मैच में उन्होंने इंटरनेशल क्रिकेट में डेब्यू किया। इसी के साथ 15 वर्षीय वैभव भारत के सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन गए और उन्होंने सचिन तेंदुलकर का पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

वैभव ने खेल पाए बड़ी पारी

वैभव को लगातार चार टी20 मैचों में मौका मिला, लेकिन वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए। इसके बाद संजू की वापसी पर उन्हें अंतिम मैच से बाहर कर दिया गया। सूर्यवंशी ने इस कठिन दौर से बाहर निकलने का श्रेय अपने सपोर्ट सिस्टम को दिया। उन्होंने कहा, “मुझे जिस तरह की मदद और मार्गदर्शन की जरूरत होती है, कोच हमेशा उसे उपलब्ध कराते हैं। जिस तरह की प्रैक्टिस चाहिए, वह भी मुझे मिल रही है। मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं और मेरा आत्मविश्वास भी बरकरार है।” अब जिम्बाब्वे दौरे के साथ वह एक बार फिर उस मैदान पर लौट रहे हैं, जो उनके युवा क्रिकेट करियर में खास महत्व रखता है।

इसी मैदान पर खेली थी बड़ी पारी

उन्होंने कहा, “यह मैदान मेरे लिए बहुत खास है। सिर्फ चार महीने पहले हमने यहां अंडर-19 वर्ल्ड कप का फाइनल खेला था और खिताब जीता था। भारत का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता है और यह मेरे लिए बेहद यादगार पल है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं फिर उसी मैदान पर खेलने जा रहा हूं, जहां हमने चार महीने पहले अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा था। इस मैदान पर दोबारा उतरना एक अलग ही एहसास है और मैं इसका पूरा आनंद ले रहा हूं।” उन्होंने कहा, “यहां की पिच और हालात के बारे में मुझे अच्छी जानकारी है, क्योंकि अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान मैं यहां खेल चुका हूं। उस टूर्नामेंट से जो अनुभव मिला, उसे अब आने वाले मैचों में इस्तेमाल करने की कोशिश करूंगा और अच्छा प्रदर्शन करना चाहूंगा।”

प्रैक्टिस पर पूरा भरोसा

उन्होंने आगे कहा, “मैं अपनी प्रैक्टिस और अपने खेल पर पूरा भरोसा रखूंगा। टीम के लिए जितना भी योगदान दे सकूं, वह देने की कोशिश करूंगा। मैंने इस मैदान पर दो मैच खेले हैं और दोनों मेरे लिए अच्छे रहे। अब कोशिश होगी कि उसी प्रदर्शन को आगे भी जारी रखूं।” महज चार महीने पहले वैभव सूर्यवंशी ने भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेली थी, जिसकी बदौलत भारत ने खिताब अपने नाम किया।

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रोहित शर्मा-विराट कोहली की पार्टनरशिप क्यों हैं खास? ‘हिटमैन’ ने खुद बताई इसकी वजह

टेस्ट और टी20 से रिटायरमेंट लेने के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा अब वनडे मैच में ही खेलते हैं। दोनों को साथ में मैदान पर खेलते हुए देखने के लिए फैंस काफी एक्साईटेड रहते हैं। वहीं रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक साथ खेलते हुए कई यादगार पारियां खेली है। दोनों ने अपने खेल से दुनिया भर में खास पहचान बनाई और टीम इंडिया के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हुए। वहीं हाल ही में दोनों ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे मुकाबले में शानदार पारी खेली थी। वहीं हाल ही में पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने विराट कोहली के साथ अपनी पार्टनरशिप को लेकर बयान दिया है।

लॉर्ड्स में की शतकीय साझेदारी

रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से लगभग एक ही समय पर संन्यास लिया था। अब दोनों सिर्फ वनडे क्रिकेट पर ध्यान दे रहे हैं। उनकी नजर भारत के लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप जीतने पर है। वनडे क्रिकेट में रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। इसके बावजूद दोनों मैदान पर साथ बल्लेबाजी करते हुए शानदार तालमेल दिखा रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे में दोनों ने मिलकर 100 से ज्यादा रन की साझेदारी की, जो वनडे में उनकी 21वीं शतकीय साझेदारी रही।

रोहित ने बताया अपना एक्सपीरिएंस

रोहित शर्मा ने BCCI से कहा, “मैं और विराट अपने पूरे करियर में साथ खेले हैं। इसलिए उनका क्रीज पर मेरे साथ होना हमेशा अच्छा लगता है। हमने कई बड़ी पार्टनरशिप की हैं। उनके साथ बल्लेबाजी करने में काफी मजा आता है, क्योंकि हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं और लगातार अपने आइडिया शेयर करते रहते हैं।” इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स वनडे में रोहित शर्मा ने शानदार 138 रन की पारी खेली, जबकि विराट कोहली ने 60 गेंदों में 74 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। रोहित लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने।

इंग्लैंड में खेलना पसंद

रोहित शर्मा ने कहा, “मुझे इंग्लैंड में खेलना हमेशा पसंद रहा है। यहां का माहौल, मैदान और पिच हर बार अलग तरह की चुनौती देते हैं। चाहे कोई भी फॉर्मेट हो, यहां खेलते समय आपको खुद को हर बार साबित करना पड़ता है। एक क्रिकेटर के तौर पर आप ऐसी ही चुनौतियां चाहते हैं। मुझे मैदान पर बल्लेबाजी करते हुए काफी मजा आया।”

गेंदबाजों की किया बचाव

मुकाबले में टीम के गेंदबाजों को काफी संघर्ष करना पड़ा। रोहित शर्मा ने अपने गेंदबाजों का बचाव करते हुए कहा कि टीम में कई खिलाड़ी अभी वनडे क्रिकेट में नए हैं और उन्हें समय देने की जरूरत है। रोहित शर्मा ने कहा, “गेंदबाजी को लेकर यह समझना जरूरी है कि इन खिलाड़ियों ने अभी बहुत ज्यादा वनडे मैच नहीं खेले हैं। ऐसे में उन्हें समय देना होगा। हम इस मैच से सीख सकते हैं और अगली बार ऐसी स्थिति आने पर खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। सीरीज का नतीजा निराशाजनक रहा, क्योंकि हम मैच को अपने नाम नहीं कर सके। अब हमें इससे आगे बढ़ना होगा।” भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज 1-2 से हार गई।

IND vs ZIM: टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद पहली जीत की तलाश में भारत, आयरलैंड-इंग्लैंड के बाद जिम्बाब्वे भी करेगा बड़ा उलटफेर?

 

IND vs ZIM: टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद पहली जीत की तलाश में भारत, आयरलैंड-इंग्लैंड के बाद जिम्बाब्वे भी करेगा बड़ा उलटफेर?

IND vs ZIM: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 और 3 वनडे सीरीज खत्म हो गई है। इंग्लैंड दौरे भारत के उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। टी20 में व्हाइट वॉश के बाद वनडे में भी टीम 2-1 से सीरीज हार गई। वहीं इसके पहले आयरलैंड दौरे पर भी भारतीय टीम को 2-0 से करारी हार मिली थी। टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद से चैपिंयन टीम को टी20 में अपनी पहली जीत की तलाश है। वहीं श्रेयस अय्यर को भी अपनी कप्तानी में पहली जीत की तलाश है। अब भारतीय टीम तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए जिम्बाब्वे कौ दौरा करेगी। भारत और जिम्बाब्वे के बीच इस सीरीज का पहला मैच 23 जुलाई, गुरुवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। वहीं दूसरा और तीसरा मुकाबला 25 और 26 जुलाई को इसी मैदान पर होगा।

दोनों टीमों के बीच होगा कड़ा मुकाबला

इस मुकाबले से पहले जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने मुकाबले को लेकर बड़ा बयान दिया है। जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा कि, भारत के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज को एकतरफा नहीं माना जाना चाहिए। दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी और मुकाबले उम्मीद से ज्यादा रोमांचक होंगे।

रजा ने क्या कहा

जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, “इस सीरीज में भारत और जिम्बाब्वे, दोनों के पास जीत का बराबर मौका है। हमारी टीम पिछले कुछ समय से लगातार अच्छा और मनोरंजक क्रिकेट खेल रही है। इसलिए मुझे पूरा भरोसा है कि यह सीरीज बेहद रोमांचक होगी और क्रिकेट फैंस को शानदार मुकाबले देखने को मिलेंगे।” रजा ने कहा, “हां, भारत इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है और कुछ ऐसा ही जिम्बाब्वे की टीम में भी देखने को मिलेगा। हम भी नई टीम तैयार कर रहे हैं। इसलिए मुझे नहीं लगता कि यह सीरीज एकतरफा होगी। दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।”

टी20 वर्ल्ड में किया था बड़ा उलटफेर

सिकंदर रजा के मुताबिक, जिम्बाब्वे की टीम हाल के अच्छे प्रदर्शन की बदौलत पूरे आत्मविश्वास के साथ भारत के खिलाफ उतरेगी। इस साल टीम ने टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इसके अलावा जिम्बाब्वे ने श्रीलंका और बांग्लादेश के खिलाफ भी जीत दर्ज की है। रजा ने कहा कि भारत इस समय नई टीम तैयार कर रहा है, लेकिन जिम्बाब्वे भी युवा खिलाड़ियों को मौका देकर भविष्य की मजबूत टीम बनाने पर काम कर रहा है।

लेकिन भारत के पास पिछली जिम्बाब्वे दौरे की अच्छी यादें हैं। साल 2024 में शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया ने शुरुआती मैच हारने के बाद शानदार वापसी करते हुए पांच मैचों की टी20 सीरीज 4-1 से अपने नाम की थी। वहीं, इस बार दोनों टीमें जीत के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। इस सीरीज में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।

नए T20I कोच VVS लक्ष्मण के साथ जिम्बाब्वे पहुंची टीम इंडिया (Video)

पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने अपने करियर में एक भी T-20I अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है लेकिन वह इस बार 3 मैचों की टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए युवा भारतीय टीम के साथ जिम्बाब्वे पहुंचे।गौरतलब है कि टी-20 विश्व विजेता टीम भारत का इस छोटे प्रारुप में सफर बहुत खास नहीं रहा है। टीम को लगातार 6 टी-20 मैच गंवाने पड़े थे इसमें से 2 मैच आयरलैंड और 4 इंग्लैंड के खिलाफ आए थे।

लेकिन फिलहाल युवा टीम के साथ वह जिम्बाब्वे पहुंच चुके हैं। इससे पहले भी लक्ष्मण ने टी-20 टीम की कोचिंग दक्षिण अफ्रीका दौरे पर की थी। इस दौरे पर टीम के नियमित कोच गौतम गंभीर टीम के साथ नहीं जा रहे हैं।

गौरतलब है कि चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए कड़े फैसले लेना जारी रखा है और इसी क्रम में विश्व कप जीतने वाली टीम के बल्लेबाज संजू सैमसन को इस महीने के आखिर में जिम्बाब्वे में होने वाली तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल नहीं किया है।

भारतीय टीम 23, 25 और 27 जुलाई को हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन टी20 मैच खेलेगी।चयनकर्ताओं ने पहली बार तेज गेंदबाजों यश ठाकुर और अशोक शर्मा को टीम में जगह दी है। आईपीएल 2026 में अशोक ने गुजरात टाइटन्स की ओर से कुछ मुकाबलों में प्रभावित किया था।हाल में अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय पदार्पण करने वाले बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे को भी पहली बार 15 सदस्यीय टी20 टीम में जगह मिली है।

सैमसन की जगह विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को टीम में शामिल किया गया। प्रभसिमरन ने आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन किया था और यह दाएं हाथ का बल्लेबाज हांगझोऊ में हुए 2023 एशियाई खेलों के लिए भी भारतीय टीम का हिस्सा था।

इंग्लैंड में चल रही पांच मैच की टी20 श्रृंखला के दूसरे मैच में सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में चुना गया। सैमसन आयरलैंड के खिलाफ दोनों टी20 और इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में नाकाम रहे थे। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को टी20 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था। सैमसन के अलावा प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, वाशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई को भी टीम में शामिल नहीं किया गया।

निचले क्रम के बल्लेबाज रिंकू सिंह और तेज गेंदबाज मयंक यादव की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में वापसी हुई है।मयंक 2024 के बाद पहली बार टीम में लौटे हैं।

भारतीय टीम :श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, ईशान किशन , शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरूण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह

रोहित शर्मा को फिर मिला जीवनदान, BCCI ने कहा लॉर्ड्स वनडे अंतिम नहीं

रोहित शर्मा ने एक बार फिर जबरदस्त जनसंपर्क की बिसात बिछाकर अपनी जगह एक बार फिर बचा ली है। शुक्रवार से मीडिया सूत्रों में यह अटकलें लग रही थी कि वह संन्यास के बारे में सोच रहे हैं और रविवार को लॉर्ड्स पर खेला जाने वाला एकदिवसीय मैच उनका अंतिम मैच होगा। इस मैच से पहले या तो वह खुद संन्यास ले लेंगे या फिर ड्रॉप हो जाएंगे।

लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकैया ने कहा है कि यह सब अफवाह है। वह जब तक चाहे क्रिकेट खेल सकते हैं। लॉर्ड्स उनका अंतिम एकदिवसीय मैच नहीं है और वह अभी तक टीम की योजनाओं में है।

माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी।

इंग्लैंड पहुंचते ही रोहित शर्मा ने अपना PR Active कर लिया है। ऐसा बताया जा रहा कि वह अकेले ऐसे बल्लेबाज है जो ओपन नेट्स में अभ्यास कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर उनके पुराने क्लिप्स वायरल हो रहे हैं जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ रनों का अंबार लगाया था।

हालांकि असलियत 2 मैचों में ही पता लग गई।रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था।

माना जा रहा है कि आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ विश्वविजेता टी-20 सीरीज की वाइटवॉश के बाद रोहित शर्मा का पलड़ा मुख्य कोच गौतम गंभीर पर भारी हो गया है।गौतम गंभीर पहले ही राष्ट्रीय विलेन बने हुए हैं और रोहित शर्मा के खिलाफ उठाया एक बड़ा कदम उनकी छवि धूमिल कर देगा। ऐसे में वह कोई जोखिम नहीं लेना चाहेंगे।