इंग्लैंड के खिलाफ शर्मनाक हार के बाद बने यह अनचाहे रिकॉर्ड्स

ENGvsIND आयरलैंड से पहली बार टी-20 सीरीज हारने के बाद भारत इंग्लैंड से भी पहली बार टी-20 सीरीज हार गया है। इंग्लैंड के खिलाफ भारत पहली बार टी-20 सीरीज हारा है। वहीं साल 2019 के बाद किसी भी प्रारुप में इंग्लैंड से सीरीज गंवाई है। 7 साल बाद ऐसा हुआ है कि भारतीय टीम लगातार 2 सीरीज हारी हो। इसके अलावा श्रेयस अय्यर पहले ऐसे भारतीय कप्तान बन गए हैं जिनकी कप्तानी में भारत 5 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच लगातार हारा हो।

ब्रिटेन के छह शहरों (बेलफास्ट सहित) में एक बात समान रही है, किस्मत का अय्यर का साथ नहीं देना। कप्तान बनने के बाद उन्हें अब भी अपनी पहली जीत की तलाश है।भारतीय टीम के 2006 में पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद से यह सबसे लंबा अंतराल है जबकि वह कोई मैच नहीं जीत पाई।

ब्रिस्टल में खेले गए मैच में भारत ने 20 ओवर में 158 रन बनाए जिसका पीछा इंग्लैंड ने 1 विकेट खोकर 13.5 ओवर में कर लिया। इससे पहले नॉटिंधम में टीम इंडिया को शर्मनाक हार मिली जहां वह 76 रनों पर सिमटकर 125 रनों से मैच हार गई। दूसरे टी-20 में भारत मैच में बना हुआ था लेकिन रवि विश्नोई की नो बॉल और 29 रन के ओवर ने भारत से मैच छीन लिया। इस मैच के बाद भारत लय में आ ही नहीं पाया।

इंग्लैंड से पहली बार T-20I सीरीज हारने वाले कोच और कप्तान बने गंभीर और श्रेयस

आयरलैंड से टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज हारने के बाद अब इंग्लैंड के खिलाफ भी टी-20 सीरीज हारने वाले गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर क्रमश पहले कोच और कप्तान बन गए हैं। श्रेयस अय्यर का यह बतौर कप्तान दूसरी सीरीज है जिसमें उनको हार मिली है।भारत ने तीसरे मैच में अय्यर के नाबाद 80 रन के बावजूद सात विकेट पर 158 रन ही बनाए। इंग्लैंड ने केवल 13.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर दिया।

भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड के हाथों पहली बार टी20 श्रृंखला गंवाने के बाद अपनी निराशा नहीं छिपाई और स्वीकार किया कि उनकी टीम एक बार फिर सभी विभागों में पूरी तरह से विफल रही।अय्यर ने मैच के बाद कहा, ‘‘एक बार फिर हमने निराशाजनक प्रदर्शन किया। हमने पर्याप्त रन नहीं बनाए थे। आखिरकार हमने देखा कि उन्होंने कितनी जल्दी लक्ष्य हासिल कर दिया। जब हम गेंदबाजी करने आए तो मैंने गेंदबाजों से बस यही कहा कि वे जितना संभव हो सके एक ही लेंथ पर गेंद डालें।’’

अय्यर अपने प्रदर्शन से खुश थे, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि टीम जीत हासिल नहीं कर पाई।उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने प्रदर्शन से काफी खुश हूं, लेकिन अगर इससे टीम को जीत नहीं मिलती तो इसका कोई मतलब नहीं। इस बात से मुझे बहुत निराशा हुई क्योंकि जब भी मैं खेलता हूं मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता हूं और यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि मेरी टीम जीते। लेकिन दुर्भाग्य से आज ऐसा नहीं हुआ। उम्मीद है कि अगले मैच में हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’

अय्यर ने कहा कि मौजूदा भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है और उम्मीद जताई कि खिलाड़ी अपनी गलतियों से सीखेंगे और जल्दी ही तालमेल बिठा लेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘यह बदलाव का दौर है और हम गलतियां करेंगे। हमारे लिए यह समझना जरूरी है कि परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाना कितना महत्वपूर्ण है।’’

गौतम गंभीर की कोचिंग के 2 साल पूरे हुए, क्या खोया क्या पाया?

गौतम गंभीर जबसे टीम  इंडिया के कोच बने तबसे वह आलोचना और तारीफ दोनों को पा रहे हैं। वह कभी भी सुर्खियों से गायब नहीं हुए। आज ही 2 साल पहले गौतम गंभीर भारतीय टीम के मुख्य कोच बने थे। इन 2 सालों में काफी कुछ बदला है। नजर डालते हैं गौतम गंभीर की उपलब्धियों और नाकामियों पर –

सफेद गेंद के सफलतम भारतीय कोच

गौतम गंभीर पहले ऐसे भारतीय कोच हो गए हैं जिनकी कोचिंग में भारत ने 2 आईसीसी खिताब अपने नाम किए। पहले चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 और अब टी-20 विश्वकप 2026। भारत ने इस साल टी-20 विश्वकप के फाइनल में  में बेजोड़ प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता।

इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ ही भारतीय टीम ने दुबई में खेले गए चैंपियन्स ट्रॉफी 2025 फाइनल में जीत हासिल की थी। तब भी कोच गौतम गंभीर ही थे। हालांकि उन्हें सिर्फ 6 महीने से ज्यादा का समय हुआ था।लेकिन खास बात यह थी कि टीम ने बिना कोई मैच गंवाई चैंपियन्स ट्रॉफी जीती थी। चैंपियन्स ट्रॉफी से पहले टीम इंडिया ने इंग्लैंड को भी 3-0 से अपने घर पर हराया था।

हालांकि इस सिक्के के कुछ पहलू भी है। गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा से लेकर शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव से लेकर श्रेयस अय्यर की कप्तानी में कोचिंग की। गौतम गंभीर ने श्रीलंका दौरे से शुरुआत की जहां टीम इंडिया टी-20 सीरीज तो 3-0 से जीती लेकिन 27 साल बाद पहली बार 2-0 से श्रीलंका से एकदिवसीय सीरीज हार गई। भारत को इसकेे बाद दक्षिण अफ्रीका से एकदिवसीय सीरीज में जीत मिली।

हाल ही में भारत को ऑस्ट्रेलिया से एकदिवसीय सीरीज 2-1 से गंवानी पड़ी वहीं न्यूजीलैंड से घर पर भारत को 2-1 से सीरीज गंवानी पड़ी।

3 साल बाद यह भारत को घरेलू धरती पर सीरीज गंवानी पड़ी। इसमें अंतिम मैच इंदौर में था जहां पहली बार भारत एकदिवसीय मैच हारा। वहीं हाल फिलहाल में आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से भारत ने सीरीज गंवाई। आयरलैंड से सीरीज गंवाने वाले गौतम गंभीर पहले भारतीय कप्तान बने।

एकदिवसीय मैचों में उनका जीत प्रतिशत 67 प्रतिशत है। उनकी कोचिंग में भारतीय टीम ने 15 मुकाबले जीते और 7 हारे। इनमें से एक का नतीजा नहीं आया था। वहीं टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में गंभीर का प्रदर्शन लाजवाब रहा है। टीम ने 50 मैचों में से 37 जीते हैं और सिर्फ 10 हारे हैं। एक मैच का नतीजा नहीं आया था। इस कारण गंभीर का जीत प्रतिशत टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 77 का रहा है।

भारतीय टेस्ट टीम 2 बार हुई वाइटवॉश, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल चूकी

पिछले साल दक्षिण अफ्रीका ने गुवाहाटी में भारत को 2-0 से हराकर टेस्ट श्रृंखला अपने नाम की जिससे मेजबान टीम को मुख्य कोच गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में तीसरी टेस्ट श्रृंखला में हार का मुंह देखना पड़ा। इस तरह गंभीर का 16 महीने का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा।

इस दौरान भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड से 0-3, ऑस्ट्रेलिया से उसकी सरजमीं पर 1-3 से और अब घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका से 0-2 से हार मिली।इंग्लैंड दौरे पर जरूर मिंया मैजिक के कारण सीरीज बराबर हुई लेकिन वहां भी टीम इंडिया 2 टेस्ट मैच हारी।

इससे गंभीर का बतौर कोच टेस्ट कोचिंग रिकॉर्ड 19 मैच में सात जीत, 10 हार और दो ड्रॉ है जिसमें जीत का प्रतिशत महज 36.82 है।वह केवल डंकन फ्लेचर से आगे हैं जिनकी जीत का प्रतिशत 33.33 (39 टेस्ट में 13 जीत, 17 हार, 9 ड्रॉ) रहा है।वहीं 21वीं सदी में भारतीय जमीन पर उनका बतौर टेस्ट क्रिकेट कोच सबसे खराब रिकॉर्ड हो चुका है। वह इस दौरान पहले ऐसे कोच हैं जिनकी हार ज्यादा है और जीत कम है।

लॉर्ड्स में होने वाला है एतिहासिक भारत इंग्लैंड टेस्ट मैच, क्या बोले कोच

ENGvsIND इंग्लैंड के लॉर्ड्स के एतिहासिक मैदान में भारत बनाम इंग्लैंड की महिला टीम दो दो हाथ करने वाली है। लॉर्ड्स के मैदान पर पहली बार भारतीय महिला टीम लाल गेंद का क्रिकेट खेलेगी। महिला विश्वकप के बीच और भारत  पुरुष इंग्लैंड दौरे और आयरलैंड दौरे की सुर्खियों के बीच यह टेस्ट दब सा गया था लेकिन इस टेस्ट के लिए भी लगभग 30 हजार लोगों ने टिकट खरीद रखा है।

भारत शुक्रवार से शुरू होने वाले ऐतिहासिक चार-दिवसीय मैच में इंग्लैंड का सामना करेगा। मेहमान टीम वर्ल्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद नई शुरुआत करना चाहेगी। वहीं, इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया से उपविजेता रहने के बाद इस टेस्ट मैच में उतरेगी।

मजूमदार ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि लॉर्ड्स में पहले कभी महिला टेस्ट मैच नहीं खेला गया। उन्होंने इस मौके को एक ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “बिल्कुल, मेरा मतलब है, लेकिन यह बात मुझे हैरान करती है कि लॉर्ड्स में यह पहला टेस्ट मैच है। फिर भी, हम बहुत भाग्यशाली हैं और मैं उन सभी को शुभकामनाएं देना चाहता हूं जो इसमें शामिल हैं। यह एक शानदार मौका है और हम इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।”

भारतीय कोच ने कहा कि लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेलना किसी भी भारतीय क्रिकेटर का सपना होता है और उन्होंने बताया कि वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही ड्रेसिंग रूम में इस मैच के बारे में बातचीत हो रही थी। उन्होंने कहा, “किसी भी भारतीय क्रिकेटर के लिए टेस्ट मैच खेलना ही एक सपना होता है, लॉर्ड्स में खेलने की तो बात ही अलग है। मुझे यकीन है कि जो भी खिलाड़ी सफ़ेद जर्सी पहनकर लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेलेगा, उसे इस बात पर गर्व होगा। हमने ड्रेसिंग रूम में हमेशा यही बात कही है कि हमने पारंपरिक रूप से टेस्ट मैचों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही सब लॉर्ड्स में होने वाले टेस्ट मैच की बात कर रहे थे, अब वह समय आ गया है, इसलिए मुझे लगता है कि वे इसे लेकर उत्साहित होंगे।”

भारतीय टीम लॉर्ड्स टेस्ट के लिए तैयार है, जबकि उन्होंने पिछला चार दिन का मैच चार महीने पहले खेला था – वाका में पिंक-बॉल टेस्ट, जिसमें उन्हें ऑस्ट्रेलिया से 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। उससे पहले, उन्होंने 2025 में कोई टेस्ट नहीं खेला था; उनका पिछला टेस्ट 2024 में था, जब उन्होंने चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 10 विकेट से जीत हासिल की थी। इंग्लैंड ने भी हाल के समय में बहुत कम रेड-बॉल क्रिकेट खेला है; उनका पिछला टेस्ट जनवरी 2025 में था, जब उन्हें एमसीजी में ऑस्ट्रेलिया के हाथों पारी से हार का सामना करना पड़ा था।

इंग्लैंड के खिलाफ करो या मरो के मैच से पहले संजू सैमसन को फिट करने जुटा टीम मैनेजमेंट

ENGvsIND इंग्लैंड दौरे से पहले, भारत एक ऐसी टीम लग रही थी जो अपनी टी 20 वर्ल्ड कप जीत के बाद और बेहतर करने को तैयार थी। पांच मैच बाद, जिसमें आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से टी 20 सीरीज़ हार भी शामिल है, श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज़ में 0-2 से पीछे है (पहला मैच बारिश की वजह से नहीं हो पाया था) और अब एक और सीरीज़ हारने के कगार पर है।

भारतीय टीम अब गुरुवार को ब्रिस्टल में इंग्लैंड के खिलाफ चौथा टी20 खेलने जा रही है। वे जानते हैं कि सिर्फ़ जीत ही मेज़बान टीम को साउथम्प्टन में एक मैच बाकी रहते हुए पांच मैचों की सीरीज़ जीतने से रोक सकती है।

ट्रेंट ब्रिज में 125 रन की बड़ी हार ने कई कमियों को उजागर किया, जिससे हेड कोच गौतम गंभीर और टीम प्रबंधन को इस अहम मुकाबले से पहले काफी कुछ सोचने पर मजबूर होना पड़ा। हार के अंतर से ज़्यादा, पूरे दौरे के दौरान भारतीय टीम का इंग्लिश हालात के हिसाब से खुद को न ढाल पाना चिंता का विषय बना हुआ है।

सबसे बड़ी चर्चा टीम संयोजन को लेकर है, जिसमें संजू सैमसन को बाहर रखने का मुद्दा छाया हुआ है। विकेटकीपर-बल्लेबाज़, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी, उन्हें दूसरे और तीसरे टी20 से बाहर रखा गया क्योंकि टीम प्रबंधन ने 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय पदार्पण का मौका देने का फैसला किया।इस युवा खिलाड़ी ने कुछ अच्छी झलकियां दिखाई हैं लेकिन भारत के बाकी बल्लेबाज़ों की तरह वह भी कोई बड़ा असर नहीं डाल पाए हैं। सीरीज़ दांव पर लगी होने के कारण, गंभीर ने सैमसन की वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया है, जिससे अंतिम XI में बदलाव की उम्मीद बढ़ गई है।

इंग्लैंड के बेहतरीन तेज़ गेंदबाज़ी अटैक के खिलाफ पूरी सीरीज़ में भारत की बल्लेबाज़ी संघर्ष करती रही है। जोफ्रा आर्चर और जोश टोंग ने अपनी गति, उछाल और मूवमेंट से लगातार मेहमान टीम को परेशान किया है, जबकि भारत का अनुभवी मिडिल ऑर्डर हालात के हिसाब से खुद को ढालने में नाकाम रहा है।

अगर सैमसन की वापसी होती है, तो टीम प्रबंधन को यह तय करना होगा कि शीर्ष पर सूर्यवंशी की भूमिका को प्रभावित किए बिना उन्हें बल्लेबाज़ी क्रम में कैसे फिट किया जाए। ईशान किशन की विकेटकीपिंग की वजह से उनकी जगह बनी रहने की उम्मीद है, जबकि बल्लेबाजी में खराब प्रदर्शन के बाद उप-कप्तान तिलक वर्मा पर दबाव बढ़ सकता है।

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 टीम इस प्रकार है :

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, प्रसिद्ध कृष्णा, सूर्यांश शेडगे, वाशिंगटन सुंदर।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), फिल साल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, सैम करन, विल जैक्स, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, आदिल राशिद, जोश टंग, जॉर्डन कॉक्स, सोनी बेकर, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, रेहान अहमद, जेम्स कोल्स।

समय: रात 10:00 बजे शुरू होगा। 
 

संजू सैमसन की विदाई पर गर्माते विवाद के बीच आया गंभीर का यह बयान

भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा कि संजू सैमसन को टीम में उनकी भूमिका के बारे में स्पष्टीकरण दे दिया गया है और उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ चल रही T20I श्रृंखला में इस विकेटकीपर-बल्लेबाज की वापसी की संभावना से इनकार नहीं किया।

सैमसन को आगामी जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम से बाहर कर दिया गया है। गंभीर ने कहा कि यह सीनियर खिलाड़ी पांच मैचों की मौजूदा श्रृंखला में भारत की योजनाओं में शामिल हैं, जिसमें मेहमान टीम दो हार और बारिश के कारण रद्द हुए एक मैच के बाद 0-2 से पीछे है।

गंभीर ने मंगलवार को यहां तीसरे टी20 मैच में भारत की 125 रन से हार के बाद कहा, ‘‘संजू सैमसन को जो स्पष्टता दी जानी चाहिए थी, वह उन्हें मुझसे मिल गई है। यह बातचीत मुख्य कोच और खिलाड़ी के बीच होती है। इसे मैं आपके साथ साझा नहीं कर सकता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ संजू ने विशेष कर विश्व कप में जिस तरह का प्रदर्शन किया वह असाधारण था लेकिन कभी-कभी आपको खिलाड़ी की फॉर्म पर भी गौर करना पड़ता है। ऐसा कोई अटल नियम नहीं है कि वह इस श्रृंखला में वापसी नहीं कर सकता।’’

सैमसन को इस साल के शुरू में खेले गए विश्व कप में टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था लेकिन आयरलैंड के खिलाफ दो मैच और इंग्लैंड के खिलाफ पहले मैच में कुल मिलाकर वह केवल छह रन ही बना पाए इसके बाद उन्हें अंतिम एकादश से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल किया गया।

इस 31 वर्षीय खिलाड़ी को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए टीम से भी बाहर कर दिया गया था, क्योंकि चयनकर्ताओं ने पंजाब किंग्स के लिए आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रभसिमरन सिंह को प्राथमिकता दी थी।

गंभीर ने कहा कि टीम का चयन मौजूदा फॉर्म और उस संयोजन के आधार पर किया जाएगा जो भारत को जीतने का सबसे अच्छा मौका देता है।उन्होंने कहा, ‘‘आखिर में जीत महत्वपूर्ण होती है और हम उस संयोजन के साथ उतरेंगे जिसको लेकर हमें लगता है कि वह हमें जीत दिला सकता है। मेरा शुरू से मानना है कि प्रत्येक खिलाड़ी को टीम में अपनी जगह बनानी पड़ती है।’’

इंग्लैंड के खिलाफ 125 रनों की हार में कितने अनचाहे रिकॉर्ड बना गई टीम इंडिया

दूसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इंग्लैंड के खिलाफ 125 रनों की हार के बाद भारतीय टीम ने बहुत सारे अनचाहे रिकॉर्ड बना लिए हैं। यह पहली बार है जब भारतीय टीम इस प्रारुप में 100 से ज्यादा रनों से हारी हो। भारतीय टीम 76 रनों पर सिमट गई और जैसे तैसे इस प्रारुप में अपने न्यूनतम स्कोर से एक कदम आगे आ पाई।

202 रनों का पीछा करते हुए भारत के पांच विकेट पांच ओवर में 52 रन पर गिर गए थे। भारतीय बल्लेबाजों ने गैर जिम्मेदाराना शॉट खेले और जीत के लिये कोई प्रयास भी नहीं किया। यह पहली बार है जब एक पॉवरप्ले में भारत ने 5 विकेट गंवाए हों। श्रेयस अय्यर का बतौर कप्तान हार का सिलसिला अब पांच मैचों का हो गया है ।यह पहली बार है जब भारत लगातार 5  टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में से एक भी जीतने में नाकामयाब रहा।

भारतीय बल्लेबाजी पर नाराज हुए श्रेयस अय्यर

भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में इंग्लैंड से 125 रन की करारी हार के बाद अपनी टीम के प्रदर्शन को ‘‘बेहद खराब’’ करार दिया और कहा कि इस तरह का प्रदर्शन कतई स्वीकार्य नहीं है।अय्यर की कप्तानी में भारत ने अभी तक एक भी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं जीता है। मंगलवार को खेले गए मैच में तो उसका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा जब टीम 202 रन की लक्ष्य का पीछा करते हुए केवल 11.4 ओवर में 76 रन पर आउट हो गई और उसे रन के लिहाज से सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा।

अय्यर ने मैच के बाद कहा, ‘‘यह बेहद निराशाजनक था, इतने बड़े अंतर से हारना स्वीकार्य नहीं है। सबसे पहले हमें हार को स्वीकार करना होगा और नए सिरे से रणनीति बनानी होगी।’’इस जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। गुरुवार को ब्रिस्टल में चौथा टी20 मैच और शनिवार को साउथेम्प्टन में अंतिम मैच खेला जाएगा। पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था।

अय्यर का मानना ​​था कि ट्रेंट ब्रिज की इस पिच पर गेंदबाजों को 200 रन नहीं देने चाहिए थे।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि यह 200 विकेट वाली पिच थी। हमने पावरप्ले में चार विकेट गंवा दिए और इसी वजह से हम पिछड़ गए। आप कितनी भी योजना बना लें, लेकिन मैदान पर उतरने के बाद आपको परिस्थितियों के अनुसार ढलना पड़ता है। मुझे लगा कि हार्ड लेंथ पर शॉट लगाना मुश्किल था और हम उसे ठीक से अंजाम नहीं दे पाए।’’

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘हमें अब अतीत के बारे में नहीं सोचना होगा और मजबूत वापसी करनी होगी। हमारे प्रत्येक खिलाड़ी को इस पर विचार करना होगा कि वह किस तरह से योगदान दे सकता है।’’

गौतम ने कहा गंभीरता से खेले टीम इंडिया

गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘हम अच्छा नहीं खेले। टी20 विश्व कप फाइनल खेलने वाली टीम में बहुत बदलाव हुए हैं। चाहे कप्तान हो या सलामी बल्लेबाज। टीम में न तो हार्दिक पंड्या हैं और न ही जसप्रीत बुमराह हैं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब आप टीम का पुनर्गठन (रिसेट) करते हैं तो थोड़ा समय लगता है। अगर आप देखें, तो 15 साल का खिलाड़ी (वैभव सूर्यवंशी) पारी का आगाज कर रहा है, प्रिंस यादव अपना दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रहे हैं, हर्षित राणा चोट से वापसी कर रहे हैं। हम अंत में सिर्फ नतीजों को देखते हैं और इसमें कोई शक नहीं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नतीजे अहम हैं, लेकिन हमें व्यावहारिक भी होना होगा। ’’

गंभीर ने जोर देकर कहा कि कई झटकों के बावजूद भारत महज चार मैच के नतीजे के आधार पर खराब टीम नहीं बन जाता।उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी प्रतिद्वंद्वी टीम आपसे बेहतर खेलती है। कभी-कभी आप हालात का सही अंदाजा नहीं लगा पाते और उन्हें ठीक से समझ नहीं पाते। खेल को समझना भी उतना ही जरूरी है। आयरलैंड के बाद से हमने ऐसा नहीं किया है। ’’

गंभीर ने कहा, ‘‘हम हालात के हिसाब से खुद को ढाल नहीं पाए हैं। चाहे आयरलैंड हो या इंग्लैंड, सच्चाई यही है। अगर हमने बेहतर ढंग से खुद को ढाला होता और बेहतर क्रिकेट खेला होता, तो हम लगातार चार मैच नहीं हारते। ’’

IND vs ENG: ‘दो मैच हारने से टीम खराब नहीं हो जाती’ टी20 मुकाबले में लगातार हार के बाद टीम इंडिया की आलोचना पर भड़के कोच

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज में अबतक कुल 2 मुकाबले खेला जा चुके हैं। पहला मुकाबला बारिश की वजह से रद्द हो गया वहीं दूसरे मैच में भारत को 4 विकेट से मात मिली है। इस जीत के साथ इंग्लैंड की टीम 1-0 की बढ़त बना ली है। वहीं अब 7 जुलाई को नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में भारतीय टीम इंग्लैंड से तीसरे मुकाबले में भिड़ेगी। वहीं इससे पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम 2-0 से हार गई थी। इसके बाद भारतीय टीम की काफी आलोचना हो रही थी। वहीं इस पर अब भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने रिएक्शन दिया है।

भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सीतांशु कोटक ने कहा कि, कुछ हार के बाद टीम की आलोचना करना सही नहीं है, क्योंकि लोग 2024 से 2026 के बीच टीम के शानदार प्रदर्शन को भूल रहे हैं।

कोच ने क्या कहा

कोटक ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “देखिए, हमारा टारगेट बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में लगातार सुधार करना है। पिछले वर्ल्ड कप के बाद हम टीम को अगले स्तर तक ले जाना चाहते हैं, क्योंकि दूसरी टीमें भी लगातार बेहतर हो रही हैं। हम सिर्फ एक मैच को देखकर फैसले नहीं लेते। कई बार आप एक मैच जीतते हैं तो लोग तारीफ करते हैं, लेकिन अगले ही मैच में हार जाएं या दो कैच छूट जाएं तो वही लोग कहते हैं कि टीम की फील्डिंग खराब है।”

2 साल से लगातार जीत रहे सीरीज

कोच ने आगे कहा, “पिछले दो साल में हमने एक भी सीरीज नहीं गंवाई, वर्ल्ड कप जीता, एशिया कप जीता और तब सभी ने हमारी तारीफ की। अब दो मैच हारने के बाद लोग कह रहे हैं कि टीम लगातार हार रही है। आखिर यह भी खेल का ही हिस्सा है। हमारी टीम में कई बदलाव हुए हैं। कप्तान बदला है, हार्दिक यहां नहीं हैं और हम अगले दो साल को ध्यान में रखते हुए नए खिलाड़ियों को मौका दे रहे हैं। ऐसा होना आदर्श नहीं है, लेकिन ऐसी परिस्थितियां खेल का हिस्सा होती हैं। कुछ कमियां जरूर हैं, लेकिन हमें पता है कि अगर अगला वर्ल्ड कप जीतना है, तो हमें पिछले वर्ल्ड कप से भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा।” गौतम गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम को तेज और उछाल वाली पिचों पर अच्छा प्रदर्शन करने में दिक्कत हुई है।

IND vs ZIM: लगातार तीन हार के बाद टीम इंडिया में बड़ा बदलाव! सैमसन और अर्शदीप बाहर, इन नए चेहरों की हुई एंट्री

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जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की टी20 सीरीज के बीसीसीआई ने टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज की शुरुआत 23 जुलाई से होगी। इस बार टीम में कई नए खिलाड़ियों को मौका मिला है। टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 टीम में संजू सैमसन और अर्शदीप सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को जगह नहीं दी गई। वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में मौका मिला है। भारतीय टीम अभी इंग्लैंड दौरे पर हैं।

वहीं इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में संजू को ड्रॉप किया गया था। संजू की जगह सैमसन को प्लेइंग 11 में शामिल किया गया था। लगातार तीन मैचों से फ्लॉप होने के बाद संजू को प्लेइंग-11 से बाहर बैठना पड़ा। वहीं अब जिम्बाब्वे के खिलाफ भी टीम में शामिल नहीं हैं। वहीं हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड दौर पर भारतीय टीम लगातार तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।

इन खिलाड़ियों को मिला मौका

जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में कई नए खिलाड़ियों को मौका मिला है। विदर्भ के स्पिनर हर्ष दुबे को पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने पिछले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे में भारत के लिए डेब्यू किया था। वहीं, विदर्भ के ही तेज गेंदबाज यश ठाकुर को भी पहली बार राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। उन्होंने हाल ही में श्रीलंका में हुई ट्राई सीरीज में इंडिया ए के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। इसके अलावा, गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज अशोक शर्मा को भी पहली बार भारतीय टीम में चुना गया है।

रिंकू सिंह की हुई वापसी

पंजाब किंग्स के विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को भी जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है। वह इससे पहले 2022 एशियन गेम्स के दौरान भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे, लेकिन तब उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। भारतीय टीम में रिंकू सिंह और तेज गेंदबाज मयंक यादव की भी वापसी हुई है। केकेआर के बल्लेबाज रिंकू को एक बार फिर मौका मिला है, जबकि मयंक यादव लंबे समय बाद टीम में लौटे हैं। मयंक ने आखिरी बार 2024 में भारत के लिए मैच खेला था और इसके बाद वह चोट के कारण टीम से बाहर रहे। अब चयनकर्ताओं ने उन पर फिर से भरोसा जताते हुए जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में शामिल किया है।

इन खिलाड़ियों को नहीं मिला जगह

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से जारी टीम में यह साफ नहीं किया गया कि संजू सैमसन को टीम से बाहर किया गया है या उन्हें आराम दिया गया है। वहीं, इंग्लैंड दौरे पर मौजूद छह अन्य खिलाड़ियों अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, वाशिंगटन सुंदर, प्रसिद्ध कृष्णा और रवि बिश्नोई को भी जिम्बाब्वे दौरे के लिए चुनी गई टीम में जगह नहीं मिली। भारतीय टीम प्रबंधन अक्सर जिम्बाब्वे दौरे का इस्तेमाल युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए करता रहा है। इस बार भी कई नए चेहरों को टीम में शामिल किया गया है।

जिम्बाब्वे के लिए भारत की पूरी टीम

श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), ईशान किशन (विकेट कीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह (विकेट कीपर)

ईशान किशन ने बताया इंग्लैंड में जीत का स्वाद चखना है तो बल्लेबाजों को करना होगा यह (Video)

विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन का मानना ​​है कि भारत को इंग्लैंड की परिस्थितियों में बेहतर तरीके से ढलना होगा और बीच के ओवरों में धीमी गति से बल्लेबाजी करने की समस्या से निजात पाना होगा जिसके कारण उसे दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में हार का सामना करना पड़ा।भारत अपने पिछले चार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में जीत हासिल नहीं कर पाया है।

आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच हारने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला का पहला मैच बारिश के कारण रद्द कर दिया गया था जबकि दूसरे मैच में वह चार विकेट से हार गया था। इस मैच में भारतीय टीम बीच के ओवरों में अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाई थी।

किशन ने पत्रकारों से कहा, ‘‘बिल्कुल उनके पास गेंदबाजी के सबसे अच्छे विकल्प होंगे। उन्हें परिस्थितियों की बेहतर समझ होगी। लेकिन हम भी सुधार की कोशिश कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके खिलाड़ी हमारे खिलाफ क्या कर रहे हैं क्योंकि उनके पास ज्यादा जानकारी है। हमें यह समझना होगा कि हम एक टीम के रूप में 20 अतिरिक्त रन कहां बना सकते हैं। हम इस पर बात करेंगे और आगे इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’’

किशन ने कहा, ‘‘मैच शुरू से ही हमारी पकड़ में था। मैच हमारे हाथ में था लेकिन दो फ्री हिट मिलने से इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर दबाव कम हुआ। उन्होंने इसका फायदा उठाया।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने काफी अच्छी गेंदबाजी की। हमारी अपनी रणनीति थीं, लेकिन साथ ही, हमें बेथेल को इसका श्रेय देना होगा क्योंकि वह लंबे समय तक टिके रहे और उन्होंने मौके का पूरा फायदा उठाया।’’

किशन ने स्वीकार किया कि लगातार हार से मानसिकता में बहुत बड़ा फर्क पड़ता है, लेकिन उन्होंने कहा कि खिलाड़ी इतने परिपक्व हैं कि वे एक टीम के रूप में हार को समझ सकते हैं और उससे उबर सकते हैं।उन्होंने कहा, ‘‘भले ही हम जीत नहीं पाए लेकिन मुझे लगता है कि हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम यह समझें कि हम कहां सुधार कर सकते हैं। हम सब सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं।’’

किशन ने कहा, ‘‘हारने से भी सोच पर प्रभाव पड़ता है लेकिन हम सभी इतने परिपक्व हैं जो यह समझते हैं कि क्या हो रहा है और एक टीम के रूप में हम कहां सुधार कर सकते हैं।’’