बड़ी टीमों ने नहीं इन 4 असोसिएट टीमों ने ICC को नए फॉर्मेट पर दिखाया आईना

अगले साल होने वाले 50 ओवर के विश्व कप के नए प्रारूप को लेकर आईसीसी के फै़सले पर एसोसिएट देशों के खिलाड़ियों ने नाराज़गी और हैरानी जताई है। नामीबिया, नीदरलैंड्स और स्कॉटलैंड के कप्तानों ने सार्वजनिक रूप से इन बदलावों की आलोचना की है। नए प्रारूप के तहत दो टीमें सिर्फ़ शुरुआती दो मैच खेलने के बाद ही विश्व कप से बाहर हो जाएंगी।

अगले साल दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले विश्व कप में तकनीकी रूप से 14 टीमें हिस्सा लेंगी। इससे पहले 2019 और 2023 संस्करणों में10 टीमों ने हिस्सा लिया था। लेकिन सबसे निचली रैंकिंग की क्वालीफ़ाई करने वाली टीमों के बीच टूर्नामेंट की शुरुआत तीन टीमों वाली राउंड-रॉबिन ‘सुपर सीरीज़’ से होगी, जिसके बाद दो टीमें केवल दो मैच खेलकर ही बाहर हो जाएंगी।

इस फै़सले से प्रमुख एसोसिएट देशों के खिलाड़ी नाराज़ हैं, क्योंकि सबसे ज़्यादा असर उन्हीं पर पड़ने की संभावना है। साथ ही उन्होंने मौजूदा क्रिकेट विश्व कप लीग 2 की उपयोगिता पर भी सवाल उठाए हैं, जिसमें आठ एसोसिएट टीमें 36-36 मैच खेलकर सिर्फ़ अगले साल होने वाले वैश्विक क्वालिफ़ायर में जगह बनाने की कोशिश कर रही हैं।

विश्व क्रिकेट खिलाड़ियों के वैश्विक संगठन (डब्ल्यूसीए) की ओर से जारी बयान में नीदरलैंड्स के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स ने कहा, “किसी भी देश के लिए वनडे विश्व कप में जगह बनाना बहुत बड़ी उपलब्धि होती है। ऐसे में वर्षों की तैयारी के बाद अगर उस अवसर की वास्तविकता बदल दी जाए, तो यह बेहद निराशाजनक है।”

नीदरलैंड्स ने 2023 विश्व कप के लिए आयरलैंड, ज़िम्बाब्वे और वेस्टइंडीज जैसी टेस्ट टीमों को पीछे छोड़कर क्वालीफ़ाई किया था। उन्होंने दक्षिण अफ़्रीका और बंगलादेश को हराकर बड़े उलटफेर भी किए थे। लेकिन उस सफलता के बावजूद उन्हें इसके बाद से किसी भी आईसीसी पूर्ण सदस्य देश के ख़िलाफ़ एक भी वनडे खेलने का मौक़ा नहीं मिला है।

नामीबिया के कप्तान गेर्राड इरास्मस ने कहा, “कई देशों के खिलाड़ियों के लिए वनडे विश्व कप सिर्फ़ एक और टूर्नामेंट नहीं होता। यही हमारा प्रमुख प्रारूप है, इसी के इर्द-गिर्द करियर बनते हैं और पीढ़ियां सपने देखती हैं। हम सभी मानते हैं कि विश्व कप में जगह कमानी पड़ती है, लेकिन क्वालीफ़ाई करने के बाद सबसे बड़े मंच पर प्रतिस्पर्धा का वास्तविक अवसर भी मिलना चाहिए। यह एसोसिएट स्तर पर लंबे समय से चले आ रहे सीमित अवसरों की परंपरा को ही आगे बढ़ाता है।”

डब्ल्यूसीए ने भी आईसीसी की निर्णय प्रक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें पारदर्शिता, संवाद और परामर्श की कमी रही। संगठन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉम मॉफैट ने कहा कि आईसीसी के “क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने” के घोषित लक्ष्य और टूर्नामेंट के प्रारूप में इस तरह के बड़े बदलाव के बीच तालमेल बैठाना मुश्किल है।

जब आईसीसी ने पांच साल पहले 14 टीमों वाले विश्व कप की घोषणा की थी, तब प्रस्तावित प्रारूप में सात-सात टीमों के दो ग्रुप और उसके बाद ‘सुपर सिक्स’ चरण शामिल था। इसी योजना के अनुसार टीमों ने पूरे चक्र की तैयारी की, लेकिन टूर्नामेंट से सिर्फ़ 15 महीने पहले उन्हें पता चला कि प्रारूप में बड़ा बदलाव कर दिया गया है।

स्कॉटलैंड के कप्तान रिची बेरिंगटन ने कहा, “खिलाड़ी यह उम्मीद नहीं करते कि हर फै़सला वही लें, लेकिन ऐसे फै़सलों पर, जिनका खेल और खिलाड़ियों के करियर पर बड़ा असर पड़ता है, उनसे सार्थक तरीके से परामर्श जरूर किया जाना चाहिए। अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आने से बेहतर फै़सले लिए जा सकते हैं और हम चाहते हैं कि खेल में ऐसा सही तरीके से शुरू हो।” दुनिया की 12वीं रैंकिंग वाली आयरलैंड टीम के वनडे कप्तान पॉल स्टर्लिंग ने कहा कि मौजूदा 48 टीमों वाले फीफा विश्व कप ने दिखाया है कि कम स्थापित खेल राष्ट्र भी वैश्विक आयोजनों में कितना मूल्य और आकर्षण जोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, “क्रिकेट को भी इसी तरह का रास्ता अपनाना चाहिए ताकि खेल को आगे बढ़ाने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा अवसर मिल सकें।”

अक्षर ने गेंद और बल्ले से भारत को दिलाई इंग्लैंड पर पहले वनडे में 6 विकेट से जीत

ENGvsIND कप्तान शुभमन गिल (80 रिटायर्ड हर्ट) की शानदार पारी, अक्षर पटेल (चार विकेट और नाबाद 57) के बेहतरीन हरफनमौला प्रदर्शन और वाशिंगटन सुंदर (नाबाद 52) के अर्धशतक की बदौलत भारत ने अपनी लगातार हार का सिलसिला तोड़ते हुए इंग्लैंड को पहले वनडे में मंगलवार को 28 गेंद शेष रहते छह विकेट से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।

इंग्लैंड ने जो रूट (नाबाद 76) और लियाम डासन (68) ने बेहतरीन अर्धशतकों से नाजुक स्थिति से उबरते हुए 47.5 ओवर में 258 रन का स्कोर बनाया। लेकिन भारत ने 45.2 ओवर में चार विकेट पर 262 रन बनाकर जीत अपने नाम की। भारत इससे पहले आयरलैंड में दो टी20 और इंग्लैंड में लगातार चार टी20 हार गया था। भारत ने इस वनडे में शानदार जीत से लगातार हार का सिलसिला तोड़ दिया।

भारत की इस जीत के नायक रहे गिल और बापू के नाम से मशहूर अक्षर पटेल। गिल ने 75 गेंदों पर 80 रन की आतिशी पारी में 11 चौके और एक छक्का लगाया। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बने अक्षर ने 52 गेंदों पर नाबाद 57 रन में पांच चौके और एक छक्का लगाया। वाशिंगटन सुंदर ने 63 गेंदों पर नाबाद 52 रन में चार चौके और एक छक्का लगाया। अक्षर ने इससे पहले इंग्लैंड की पारी में आखिरी चारों विकेट झटकते हुए मेजबान की पारी 47.5 ओवर में 258 रन पर समेट दी थी।

अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा (11) और विराट कोहली (5) के सस्ते में आउट हो जाने के बाद गिल ने श्रेयस अय्यर (35) के साथ 101 रन की बेहतरीन साझेदारी कर भारत को जीत की पटरी पर डाल दिया था। गिल ने इससे पहले रोहित के साथ ओपनिंग साझेदारी में 43 रन जोड़े थे।अक्षर पटेल ने सुंदर के साथ 102 रन की मैच विजयी अविजित साझेदारी की।

भारतीय टीम ने आख़िरकार इस बार के इंग्लैंड दौरे पर पहली जीत हासिल कर ली। मैच में पहले गेंदबाज़ों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड 258 के स्कोर पर रोक दिया था। उसके बाद कप्तान गिल, अक्षर और वॉशिंगटन के अर्धशतकों ने भारत को जीत तक पहुंचा दिया। 2022 के बाद से इंग्लैंड के ख़िलाफ़ यह भारत की छठी वनडे जीत है।

भारतीय तेज गेंदबाजों गुरनूर बराड़, प्रसिद्ध कृष्णा और जसप्रीत बुमराह ने कहर बरपाते हुए इंग्लैंड का स्कोर छह विकेट पर 107 रन कर दिया। लेफ्ट आर्म स्पिनर अक्षर पटेल ने आखिर में चार विकेट लेकर इंग्लैंड को 258 रन पर ढेर कर दिया, इंग्लैंड ने 30 रन जोड़कर अपने अंतिम चार विकेट गंवाए।

इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी मुख्यत: तीन चरणों में रही। पहले सलामी बल्लेबाज़ों ने पहले छह-सात ओवर में काफ़ी अच्छा संयम दिखाते हुए अटैक किया। लेकिन उसके बाद उन्होंने गुच्छों में विकेट गंवाया। 107 के स्कोर पर छह विकेट गिर चुके थे। हालांकि उसके बाद जो रूट और डॉसन के बीच शतकीय साझेदारी हुई और परिणाम यह रहा कि उनकी टीम 260 के करीब पहुंचने में सफल रही। भारतीय टीम के तेज़ गेंदबाज़ों ने पहले कमाल की गेंदबाज़ी की। उसके बाद अक्षर पटेल ने चार विकेट झटक कर इंग्लैंड को 280 तक नहीं पहुंचने दिया।

अक्षर ने 62 रन पर चार विकेट, प्रसिद्ध कृष्णा ने 50 रन पर दो विकेट, गुरनूर बराड़ ने 61 रन पर दो विकेट, बुमराह ने 31 रन पर एक विकेट और शिवम दुबे ने 27 रन पर एक विकेट लिया।

लगातार दो सीरीज हारने के बाद टी20 टीम में होगी सूर्यकुमार यादव की वापसी? बीसीसीआई ने रखी ये शर्त

टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने वाले सूर्यकुमार यादव को बड़ा झटका लगा। विश्व कप खत्म होने के बाद बीसीसीआई ने टी20 टीम की कप्तानी उनसे लेकर श्रेयस अय्यर को सौंप दी। वहीं अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम टी20 में अब तक एक भी मुकाबला नहीं जीत पाई है। भारतीय टीम आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज हार गई। वहीं अब सीरीज हारने के बाद सूर्यकुमार के भारतीय टीम में वापसी को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम अपने पिछले सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से छह हार चुकी है, जबकि एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया।

सूर्या को होगी वापसी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई ने सूर्यकुमार यादव के लिए भारतीय टीम के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए हैं। न्यूज एजेंसी ANI ने बीसीसीआई के एक सूत्र के हवाले से कहा, “सूर्यकुमार यादव के लिए भारतीय टीम के दरवाजे अभी भी खुले हैं। फिलहाल वह टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन अगर वह घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं और रन बनाते हैं, तो उनकी वापसी पर जरूर विचार किया जाएगा।”

करना होगा बेहतरीन प्रदर्शन

अगर सूर्यकुमार यादव को भारतीय टीम में दोबारा जगह बनानी है, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट में मुंबई की ओर से लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। चयनकर्ताओं का भरोसा फिर से जीतने के लिए उन्हें बल्ले से लगातार रन बनाने होंगे। मजबूत प्रदर्शन ही उनके लिए राष्ट्रीय टीम में वापसी का सबसे बड़ा आधार माना जा रहा है। पिछला साल सूर्यकुमार यादव के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और वह लगातार 19 पारियों तक अर्धशतक नहीं बना सके। वहीं इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्होंने पांच मैचों में तीन अर्धशतक जड़े। इसके बाद टी20 विश्व कप के पहले मुकाबले में नाबाद 84 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर उन्होंने दमदार अंदाज में अपनी फॉर्म में वापसी के संकेत दिए।

सूर्या का प्रदर्शन

इसके बाद टी20 विश्व कप के बाकी आठ मुकाबलों में सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और वह कुल 158 रन ही बना सके। फाइनल मैच में भी उनका बल्ला नहीं चला और वह बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए उन्होंने 13 पारियों में 270 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 147.54 रहा, लेकिन लगातार बड़े स्कोर नहीं बना पाने के कारण चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टी20 टीम से बाहर कर दिया।

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T20I की हार से रोहित का गंभीर पर पलड़ा भारी, इँग्लैंड में फ्लॉप होने पर भी रहेंगे बरकरार

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ विश्वविजेता टी-20 सीरीज की वाइटवॉश के बाद रोहित शर्मा का पलड़ा मुख्य कोच गौतम गंभीर पर भारी हो गया है। माना जा रहा था रोहित शर्मा ने अपने PR यानि कि जनसंपर्क के कारण अफगानिस्तान सीरीज में अपनी जगह बचा ली थी लेकिन इंग्लैंड उनकी अंतिम सीरीज मानी जा रही थी। लेकिन अब युवा टीम के टी-20 सीरीज में वाइटवॉश होने के बाद वह इँग्लैंड में फ्लॉप भी हुए तो एकदिवसीय टीम में बने रहेंगे।

इंग्लैंड पहुंचते ही रोहित शर्मा ने अपना PR Active कर लिया है। ऐसा बताया जा रहा कि वह अकेले ऐसे बल्लेबाज है जो ओपन नेट्स में अभ्यास कर रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर उनके पुराने क्लिप्स वायरल हो रहे हैं जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ रनों का अंबार लगाया था।लेकिन शायद इस बार इसकी जरुरत ना पड़े क्योंकि गौतम गंभीर पहले ही राष्ट्रीय विलेन बने हुए हैं और रोहित शर्मा के खिलाफ उठाया एक बड़ा कदम उनकी छवि धूमिल कर देगा। ऐसे में वह कोई जोखिम नहीं लेना चाहेंगे।

अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच को छोड़ दे तो इस साल रोहित का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा है।पहले मैच में वह 16 रन बनाकर रनआउट हो गए और दूसरे मैच में वह 39 गेंदों में 48 रन बनाकर बोल्ड हो गए।इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली एकदिवसीय सीरीज में रोहित शर्मा फ्लॉप रहे और टीम को शुरुआत में बड़ा स्कोर नहीं दे सके। रोहित शर्मा 3 मैचों में 20 की औसत से 61 रन बना पाए। पूरी सीरीज में उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाए।पहले मैच में उन्होंने 29 गेंदो पर 26 रन, दूसरे मैच में उन्होंने 38 गेंदो में 24 रन और तीसरे मैच में 13 गेंदो में 11 रन बनाए।

एकदिवसीय क्रिकेट की बात करें तो रोहित शर्मा ने 284 मैच खेले हैं। वह अब तक 48 की औसत से 11641 रन बना चुके हैं।इसमें 33 शतक और 51 अर्धशतक शामिल है। इस प्रारुप में उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 264 रन है जो श्रीलंका के खिलाफ आया था। यह रिकॉर्ड अब तक उनके नाम है।

सबसे तेज आधा दर्जन मैच हारने वाले पहले भारतीय T-20I कप्तान बने श्रेयस अय्यर

भारत की टी20 विश्व कप जीत के बाद सूर्यकुमार यादव की जगह कप्तान नियुक्त किए गए श्रेयस अय्यर की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम को आयरलैंड से 0-2 से हार का सामना करना पड़ा और फिर वह पहले मैच के बारिश के कारण रद्द होने के बाद इंग्लैंड से टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला 0-4 से हार गई।

इस कारण वह सबसे तेज गति से बतौर कप्तान पहले  आधा दर्जन मैच हारने वाले भारतीय कप्तान बन गए हैँ।  इससे पहले बतौर कप्तान आधा दर्जन मैच हारने के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली को 16-16 मैच लगे थे और महेंद्र सिंह धोनी और सूर्याकुमार यादव को 33-33 मैच लगे थे। इसमें सबसे हैरत की बात यह है कि श्रेयस अय्यर को अभी भी एक टॉस हारना बाकी है।

अय्यर ने इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें मैच में हार के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘अपेक्षाओं से निपटना वास्तव में मुश्किल नहीं है। मैं सौभाग्यशाली हूं कि मुझे कप्तानी करने का मौका मिला है। प्रत्येक व्यक्ति भारतीय टीम की कप्तानी करने और शीर्ष स्तर पर जिम्मेदारी संभालने का सपना देखता है। निश्चित रूप से मुझे दबाव पसंद है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए दबाव में अच्छा प्रदर्शन करना, इन मैच से सीखना निश्चित रूप से मुझे आगे चलकर बेहतर बनाएगा। मेरी अभी की सोच यही है। मैं इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा हूं कि लोग इस श्रृंखला के बारे में क्या सोचेंगे, क्योंकि अच्छा और बुरा इस खेल का अभिन्न अंग है।’’अय्यर ने कहा कि टीम के लिए सकारात्मक मानसिकता बनाए रखना जरूरी है क्योंकि यही आगे सफलता की कुंजी होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘भविष्य में मुझे इस बात को लेकर बेहद सकारात्मक रहना होगा कि मैं विशेषकर विदेश की परिस्थितियों में अपने खिलाड़ियों के खेल में निखार लाने में कैसे मदद कर सकता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि हमें ऑस्ट्रेलिया (अगला टी20 विश्व कप) खेलना है। उससे पहले हमें कई अन्य स्थानों पर खेलना है। हमारा लक्ष्य एक ऐसी टीम तैयार करना है जो इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सके। भविष्य के लिए हमारी यही योजना है।’’

भारत को शनिवार को पांचवें और अंतिम टी20 मैच में 56 रन से हार का सामना करना पड़ा और अय्यर ने स्वीकार किया कि उनकी टीम इस दौरे के दौरान परिस्थितियों के अनुकूल जल्दी से ढल नहीं पाई।

उन्होंने कहा, ‘‘हम एक मैदान से दूसरे मैदान पर जाते रहे और हमें लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हम जितनी जल्दी परिस्थितियों से सामंजस्य बिठा सकते थे, वैसा करने में नाकाम रहे। यह पहली चुनौती थी। दूसरी चुनौती उनका हर विभाग में हमसे बेहतर प्रदर्शन करना रहा। इसलिए मुझे लगता है कि इन सब कारण से हमें हार मिली।’’

गौतम गंभीर की कोचिंग टीम से खुश नहीं हैं BCCI? जल्द ले सकती है बड़ा फैसला

इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार टी20 सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और उनके सपोर्ट स्टाफ पर सवाल उठने लगे हैं। पहले आयरलैंड ने भारत को टी20 सीरीज में 2-0 से हराया और उसके बाद इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली। लगातार मिली इन हारों की वजह से टीम प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है। अब सभी की नजर 14 जुलाई से शुरू हो रही इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज पर होगी। वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए वापसी का बड़ा मौका मानी जा रही है। वहीं इसी बीच गौतम गंभीर की कोचिंग स्टॉफ को लेकर बड़ी खबर आई है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशेट और गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के बाद अपना मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर अपने पद छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) दोनों कोचों से राष्ट्रीय टीम के साथ उनके भविष्य को लेकर बातचीत कर रहा है।

क्या जारी रखेंगे अपना कार्यकाल

रिपोर्ट में कहा गया कि, “रेयान टेन डोएशेट अभी इस जिम्मेदारी को आगे जारी रखने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। उन्होंने पूरे साल टीम के साथ लगातार यात्रा करने में आने वाली दिक्कतों का जिक्र किया है। वहीं, मोर्ने मोर्कल भी फिलहाल अपने ऑप्शनों पर विचार कर रहे हैं। बोर्ड दोनों कोचों से बातचीत कर रहा है और ये जानने की कोशिश कर रहा है कि क्या इस मामले का कोई समाधान निकाला जा सकता है।” रिपोर्ट के मुताबिक, रेयान टेन डोएशेट कथित तौर पर पहले से ही एक आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ बातचीत कर रहे हैं, जबकि मोर्ने मोर्कल ने अभी तक अपने भविष्य को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया, “अगर रेयान टेन डोएशेट और मोर्ने मोर्कल के साथ बातचीत से कोई समाधान नहीं निकलता, तो बीसीसीआई को हाल ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में फास्ट बॉलिंग कोच बनाए गए लक्ष्मीपति बालाजी को टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर भेजना पड़ सकता है।”

कब से जुड़े हैं टीम इंडिया के साथ

डोएशेट और मोर्कल दोनों साल 2024 में भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ से जुड़े थे। हेड कोच बनने के बाद गौतम गंभीर ने खुद उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाल के महीनों में भारतीय टीम की खराब फील्डिंग को देखते हुए फील्डिंग कोच टी. दिलीप का भविष्य भी अनिश्चित माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, “बोर्ड टीम के गिरते फील्डिंग स्तर से संतुष्ट नहीं है। पिछले साल नायर के हटने के बाद टी. दिलीप को राहत मिली थी, लेकिन अब उनकी स्थिति फिर से सवालों के घेरे में है।”

IND vs ENG: टी20 में लगातार हार के बीच श्रेयस अय्यर ने रचा रिकॉर्ड, धोनी के इस रिकॉर्ड की कर ली बराबरी

IND vs ENG: टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद भारत ने टी20 टीम में काफी बदलाव किया हैं। वर्ल्ड कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटा दिया गया है। सूर्या की जगह श्रेयस अय्यर की कप्तानी सौंपी गई है। वहीं कप्तान बनने के बाद से श्रेयस अय्यर का रिकॉर्ड काफी अच्छा नहीं रहा है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम अपनी पहली जीत की तलाश में हैं। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज हार गई है। इस रिकॉर्ड के बीच श्रेयस अय्यर ने एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भले ही भारतीय टीम को टी20 सीरीज में उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है, लेकिन टॉस के मामले में उनकी किस्मत लगातार साथ दे रही है। इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें टी20 मैच में टॉस जीतने के साथ ही श्रेयस अय्यर ने भारत के लिए लगातार सबसे ज्यादा टी20 टॉस जीतने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।

लगातार सातवीं बार जीते टॉस

साउथैम्प्टन में खेले गए पांचवें टी20 मुकाबले में श्रेयस अय्यर ने एक बार फिर टॉस अपने नाम किया। अय्यर भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार सबसे ज्यादा टॉस जीतने वाले कप्तानों की सूची में शामिल हो गए। लगातार सातवीं बार टॉस जीतने के साथ उन्होंने भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। इस उपलब्धि के बाद अय्यर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार सबसे ज्यादा टॉस जीतने वाले भारतीय कप्तानों की खास सूची में शामिल हो गए।

T20I में भारत के कप्तान द्वारा लगातार सबसे ज्यादा टॉस जीतने का रिकॉर्ड

  • 7 – MS धोनी (मई 2010 – फरवरी 2012)
  • 7 – श्रेयस अय्यर (जून 2026 – जुलाई 2026)
  • 6 – विराट कोहली (अगस्त 2019 – दिसंबर 2019)
  • 5 – रोहित शर्मा (फरवरी 2020 – फरवरी 2022)
  • 5 – MS धोनी (सितंबर 2007)

IND vs ENG: टीम इंडिया में बदलाव करने की जरूरत…टी20 में लगातार हार के बाद पूर्व क्रिकेटर का बड़ा बयान

IND vs ENG: भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का पांचवां मुकाबला शनिवार 11 जुलाई को खेला जाएगा। वहीं इंग्लैंड की टीम 3-0 से पहले ही इस सीरीज को जीत चुकी है। वहीं आखिरी मुकाबले से पहले भारतीय टीम के प्लेइंग 11 को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं इस मुकाबले में सबकी नजरें उपकप्तान तिलक वर्मा पर है। इस दौरे पर अब तक तिलक वर्मा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है।

तिलक वर्मा ने आयरलैंड के खिलाफ एक मैच में 55 रन बनाए थे, लेकिन उसके बाद खेले गए पांच मुकाबलों में उनके बल्ले से केवल 70 रन ही निकले। ऐसे में अंतिम टी20 में उनकी जगह को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

तिलक वर्मा का खराब प्रदर्शन

इंग्लैंड के गेंदबाज तिलक वर्मा की कमजोरियों को अच्छी तरह समझ चुके हैं और इसी वजह से उनके खिलाफ लगातार स्पिन गेंदबाजों का इस्तेमाल कर रहे हैं। तिलक इस दौरे पर बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे हैं, जिसके चलते उनकी टीम में जगह और उपकप्तान बनाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। इस बीच, एक पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने शुभमन गिल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके साथ भी पहले ऐसा ही हुआ था और बाद में उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। उन्होंने उम्मीद जताई कि तिलक वर्मा को खुद को साबित करने का पूरा मौका मिलेगा और वह जल्द ही अच्छी बल्लेबाजी कर वापसी करेंगे।

पार्थिव ने क्या कहा

पूर्व भारतीय क्रिकेटर पार्थिव पटेल ने JioStar के ‘गूगलीज’ पर कहा, “मैं बस उम्मीद कर रहा हूं कि हमें कोई और वाइस-कैप्टन ड्रॉप होते हुए न दिखे। हमारे पास जिस तरह का बैटिंग लाइन-अप है, वह लंबे समय तक काम नहीं कर सकता। अगर आपके टॉप सात बैटर में से छह लेफ्ट-हैंडर हैं, तो वह बैटिंग ऑर्डर काम नहीं करेगा। कहीं न कहीं बदलाव तो करने ही होंगे। अब, कौन टीम में आता है और किस राइट-हैंडर को सपोर्ट मिलता है, मुझे नहीं पता। इसलिए तिलक वर्मा को रन बनाने की जरूरत है।”

खराब फील्डिंग पर उठाए सवाल

पूर्व भारतीय विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने भारतीय टीम की फील्डिंग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये समस्या सिर्फ पुरुष टीम तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला और जूनियर टीमों में भी देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा, “नतीजा थोड़ा हैरान करने वाला और चौंकाने वाला था। खराब क्रिकेट खेलने के बाद आप आयरलैंड को हराने की उम्मीद नहीं कर सकते। पिछले दो से ढाई साल में भारतीय क्रिकेट की सबसे चिंताजनक बात फील्डिंग रही है, चाहे पुरुष टीम हो, महिला टीम हो या जूनियर क्रिकेट।”

उन्होंने आगे कहा, “आयरलैंड सीरीज में भी, अगर पहले मैच में दो या तीन कैच पकड़ लिए गए होते, तो वे 180 से ज्यादा का स्कोर नहीं बना पाते। दूसरे मैच में भी यही हुआ। यह निश्चित रूप से एक ऐसा क्षेत्र है, जिस पर भारत को ध्यान देने की ज़रूरत है क्योंकि टीम अहम मौकों पर कैच छोड़ रही है।”

80 साल का आयरिश व्यक्ति जोधपुर की बावड़ियों की सालों से कर रहा सफाई, आनंद महिंद्रा ने स्पेशल पोस्ट शेयर कर किया सलाम

अपने आस-पास, शहरों और देश को साफ-सुथरा रखना हर नागरिक का फर्ज है, लेकिन कभी-कभी किसी एक व्यक्ति का दृढ़ संकल्प हमें उन चीजों की अहमियत याद दिलाता है, जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। जोधपुर के ऐतिहासिक शहर में, आयरलैंड के रहने वाले एक 80 वर्षीय बुज़ुर्ग ने एक दशक से ज्यादा समय तक भुला दी गई बावड़ियों की सफाई की है और पानी के इन पारंपरिक ढांचों की ओर लोगों का ध्यान फिर से खींचा है।

‘द बेटर इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कैरॉन रॉन्सली – जिन्हें स्थानीय लोग “पागल साहब” के नाम से जानते हैं – जोधपुर एक पर्यटक के तौर पर आए थे, लेकिन धीरे-धीरे वे शहर की धरोहर की देखभाल करने वाले बन गए। उपेक्षित बावड़ियों और झालरों (सीढ़ीदार जल-कुंडों) को अपने हाथों से ठीक करने की उनकी कोशिशों की अब बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा ने भी तारीफ की है।

जहां बहुत से लोग जोधपुर की पुरानी बावड़ियों की सुंदरता की तारीफ करते थे, वहीं रॉन्सली ने कुछ ऐसा देखा जिस पर अक्सर दूसरों का ध्यान नहीं जाता था। बारीक कारीगरी और ऐतिहासिक महत्व के पीछे ऐसी संरचनाएं थीं, जो कचरे से भरी हुई थीं और धीरे-धीरे भुला दी जा रही थीं। वहां से चले जाने के बजाय, उन्होंने इनकी मरम्मत की जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया।

महिंद्रा ने हाल ही में अपने X हैंडल पर एक प्रेरणादायक वीडियो शेयर किया, जिसमें जोधपुर में पुरानी और उपेक्षित बावड़ियों की सफाई करने के रॉन्सली के सफर को दिखाया गया है। इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए महिंद्रा ने लिखा, “जोधपुर की बावड़ियों और झालरों की सफाई के प्रति अपने जुनून के कारण 80 वर्षीय आयरिश व्यक्ति कैरन रॉन्सले को ‘पागल साहब’ का उपनाम दिया गया था। सौभाग्य से, आज भारत की बावड़ियों को पुनर्जीवित करने के लिए खुद को समर्पित करने के लिए आपको ‘पागल’ या ‘फिरंगी’ होने की आवश्यकता नहीं है।”

महिंद्रा ने कहा कि विरासत को बचाने के लिए लोगों का एक्सपर्ट होना या किसी खास जगह का होना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि लगन रखने वाला कोई भी व्यक्ति भारत की ऐतिहासिक इमारतों को बचाने में योगदान दे सकता है। उन्होंने चांद बावड़ी के बारे में अपनी पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट को भी याद किया, जिसमें उन्होंने मशहूर सीढ़ीदार कुएं (stepwell) को बनाए रखने के लिए की जा रही कोशिशों की तारीफ़ की थी। महिंद्रा ने बताया कि पूरे भारत में संरक्षणवादी, स्थानीय वॉलंटियर और ग्रामीण समुदाय इन शानदार इमारतों को फिर से ठीक करने के लिए काम कर रहे हैं।

ये बावड़ियां सिर्फ पत्थर से बनी पुरानी संरचनाएं नहीं हैं। सदियों से, इन्होंने समुदायों को पानी इकट्ठा करने और उसे जमा करने में मदद करने में अहम भूमिका निभाई है, खासकर राजस्थान जैसे इलाकों में जहां पानी की कमी हमेशा से एक चुनौती रही है। पानी के स्रोत होने के अलावा, बावड़ियां ऐसी जगहें भी बन गईं जहां लोग इकट्ठा होते थे, आराम करते थे और एक-दूसरे से जुड़ते थे। इनके डिज़ाइन पुरानी पीढ़ियों की इंजीनियरिंग कुशलता और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाते थे।

हालांकि, बदलती जीवनशैली और पानी की आधुनिक सप्लाई प्रणालियों के आने से, कई बावड़ियों का महत्व धीरे-धीरे खत्म हो गया। कई बावड़ियों को नज़रअंदाज़ कर दिया गया और कुछ तो कचरा फेंकने की जगह बन गईं। रॉन्सली के लिए इन ऐतिहासिक ढांचों को ऐसी हालत में देखना मुश्किल था। उन्होंने अपना समय इन्हें साफ़ करने और एक-एक करके इनकी मरम्मत करने में लगाने का फैसला किया।

‘द बेटर इंडिया’ से बात करते हुए रॉन्सली ने कहा, “जब मैं 2014 के आखिर में जोधपुर आया, तो मैंने ये खूबसूरत बावड़ियां देखीं। लेकिन मैं यह देखकर हैरान रह गया कि पानी जमा करने के ये पुराने और अनोखे सिस्टम खराब हालत में थे। इसलिए, मैंने अपना समय इन जगहों की सफाई करने और उन्हें फिर से अच्छी हालत में लाने की कोशिश में लगाने का फैसला किया।”

तब से, रॉन्सली ने जोधपुर में कई बावड़ियों पर काम किया है, जिनमें रामबाउरी और गुलाब सागर शामिल हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से वहां से कचरा हटाया और शहर के इन भुला दिए गए हिस्सों की ओर लोगों का ध्यान फिर से खींचा। महिंद्रा ने भारतीय विरासत के प्रति रॉन्सली के समर्पण के लिए उनके प्रति सम्मान भी जाहिर किया। उन्होंने लिखा, “मैं जोधपुर के प्रति उनके प्यार और हमारी विरासत के लिए उनकी निस्वार्थ भावना और जुनून के लिए ‘पागल साहब कैरॉन’ को सलाम करना चाहता हूं। उनका काम कभी न रुके…”

आनंद महिंद्रा द्वारा रॉन्सली की कहानी शेयर किए जाने के बाद, कई यूज़र्स ने इस आयरिश व्यक्ति के समर्पण और जोधपुर की विरासत को बचाने की उनकी कोशिशों की तारीफ़ की। एक यूज़र ने कमेंट किया, “किसी जगह के लिए सच्चा प्यार काम से दिखता है, राष्ट्रीयता से नहीं। ‘पागल साहब’ को सम्मान।”

एक और यूजर ने लिखा, “कितनी अजीब बात है कि उन्हें ‘पागल’ कहा गया, जबकि वे सबसे समझदारी भरा काम कर रहे थे।” एक यूजर ने कहा, “कुछ विदेशी सच में भारत में अपने प्रेरणादायक काम के लिए हमारे सम्मान और समर्थन के हकदार हैं!”

एक और यूज़र ने कहा, “यह एक बहुत अच्छी बात है कि किसी जगह के लिए प्यार इस बात से नहीं मापा जाता कि आप कहां पैदा हुए हैं, बल्कि इस बात से मापा जाता है कि आप उसकी कितनी परवाह करते हैं। कैरॉन रॉन्सली, ‘पागल साहब’ और उन सभी वॉलंटियर्स को सलाम जो चुपचाप हमारी बावड़ियों और विरासत को ठीक करते हैं। उनकी कोशिशें न सिर्फ़ इतिहास को बचाती हैं, बल्कि पानी, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के लिए उम्मीद को भी सुरक्षित रखती हैं। उम्मीद है कि यह भावना और भी लोगों को प्रेरित करेगी।”

एक यूज़र ने लिखा, “मज़ेदार बात है कि कभी-कभी किसी बाहरी व्यक्ति को ही स्थानीय लोगों को यह याद दिलाना पड़ता है कि विरासत सिर्फ पोस्टकार्ड के लिए नहीं, बल्कि एक इंफ्रास्ट्रक्चर है। इतिहास के बारे में सिर्फ बातें करने के बजाय उसे ज़िंदा रखने के लिए सभी का सम्मान।”

वाइटवाश से बचने उतरेगा भारत, इंग्लैंड की नजर नंबर 1 रैंक पर

ENGvsIND ब्रिस्टल में चौथा टी 20 जीतकर सीरीज अपने नाम करने के बाद हैरी ब्रूक ने इंग्लैंड की सीरीज़ को एकदम सही बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे ज़्यादा खुशी इस बात से हुई कि उन्होंने अलग-अलग पिच के हिसाब से खुद को ढाल लिया और “पिच से निपटने” के लिए अलग-अलग कुशलता ढूंढ लीं। ठीक यहीं पर भारत कम पड़ गया, और इसी वजह से, वे साउथम्प्टन में पांचवें और आखिरी टी20 में उतरेंगे।

धीमी विकेटों पर अतिरिक्त उछाल ने तकनीकी कमियों को सामने ला दिया है, जबकि लंबी स्क्वायर बाउंड्री ने भारतीय पिचों पर प्राकृतिक तरीके से मिलने वाले कुछ स्कोरिंग विकल्प  को कहीं ज़्यादा जोखिम बना दिया है। छोटे भारतीय मैदान  और पाटा पिच पर डीप स्क्वायर लेग रोप्स को आराम से पार करने वाले शॉट बार-बार फील्डर्स को मिल जाते हैं, जैसा कि नॉटिंघम में ईशान किशन के साथ हुआ।

सीरीज़ की शुरुआत में जोफ्रा आर्चर की यह बात कि वह आईपीएल में “आसान” पिचों के बाद “नॉर्मल” क्रिकेट खेलने वापस आ गए हैं, ने बहुतों को हैरान कर दिया था, लेकिन सीरीज़ के दौरान भारत की बल्लेबाजी ने इसे गलत साबित करने के लिए कुछ खास नहीं किया। इन हारों ने ऑस्ट्रेलिया में 2028 टी 20 वर्ल्ड कप से पहले बेहतर तरीके से समायोजित करने की ज़रूरत को और पक्का कर दिया है, जहाँ तेजी , उछाल और बड़े ग्राउंड कहीं ज़्यादा बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं।

साउथम्प्टन भारत को यूके के निराशाजनक सफेद गेंद के दौरे से कुछ उबरने का एक आखिरी मौका देता है, जिसमें आयरलैंड से उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ हार और 2019 के बाद इंग्लैंड से उनकी पहली द्विपक्षीय सीरीज़ हार मिली है।

इस बीच, इंग्लैंड के पास एक और मौका है। पांचवें टी20 में जीत उन्हें पुरुष टी 20 रैंकिंग में नंबर 1 स्थान पर पहुंचा देगी, ब्रूक को लगा कि यह एक “बहुत अच्छी” उपलब्धि होगी। सच कहूं तो, यह एक ऐसी सीरीज़ को खत्म करने का सबसे अच्छा तरीका होगा जिसमें वे लगातार भारत से एक कदम आगे दिखे हैं। साउथम्प्टन में चेस्टर-ली-स्ट्रीट जितना फ्री-स्कोरिंग होने की उम्मीद नहीं है और स्थिति भारत के लिए फिर से मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं, जो संघर्ष कर रहे हैं। चौकोर मैदान पर बड़ी स्क्वायर बाउंड्री के हिसाब से ढलने के लिए।

बारिश से छोटा हुआ मैच टाई होने के अलावा, 2025 से यहां खेले गए 14 टी 20 मैचों में पहले बैटिंग करने वाली और चेज़ करने वाली टीमों ने सात-सात गेम जीते हैं। उन मैचों में पहली इनिंग का एवरेज स्कोर 174 है, जो पहले बैटिंग करने वाली टीम के जीते हुए गेम में बढ़कर 203 हो जाता है। मेजबान टीम, जिसने पिछले मैच के लिए रेहान अहमद को शामिल किया था, के बिना किसी बदलाव के उतरने की संभावना है।

मेहमान कुछ बदलाव कर सकते हैं। संजू सैमसन नंबर 3 पर आ सकते हैं ताकि बहुत ज़्यादा खब्बू बल्लेबाज को तोड़ा जा सके, जबकि सूर्यांश शेडगे को मौका मिल सकता है। वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा हैमस्ट्रिंग इंजरी की वजह से सीरीज़ से बाहर हैं।

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टीम इस प्रकार हैं:

भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, इशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रिंस यादव, अर्शदीप सिंह, संजू सैमसन, सूर्यांश शेडगे, रवि बिश्नोई।

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), फिल साल्ट, जोस बटलर, जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, विल जैक्स, सैम कुरेन, जोश टंग, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, सन्नी बेकर, जॉर्डन कॉक्स, जेम्स कोल्स।

समय: शाम सात बजे।