
नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले हॉकी विश्वकप में भारत की जर्सी का रंग बदलने का मामला गर्माता जा रहा है। भारत अमूमन किसी वैश्विक टूर्नामेंट या प्रो लीग में नीली या सफेद जर्सी पहनकर हॉकी स्टेडियम में उतरता था। लेकिन अब आगामी विश्वकप के लिए नारंगी (भगवा) और सफेद जर्सी को चुना गया है।
“There is no politics in it. It was the team’s decision.”
India captain Harmanpreet Singh dismissed the controversy over the team’s new orange jersey, saying the change was made to improve visibility on blue turfs.
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— The Khel India (@TheKhelIndia) July 30, 2026
भारत के कप्तान हरमनप्रीत ने एक डिजिटल चैनल में यह बात स्वीकारी की खिलाड़ियों और कोच की सहमति के बाद ही जर्सी बदलनी पड़ी। जर्सी बदलने का सबसे बड़ा कारण यह था कि टर्फ का रंग नीला होता है जिससे ना केवल अभ्यास सत्र बल्कि मैच के दौरान भी खिलाड़ियों को फॉर्मेशन बनाने में दिक्कत होती थी।
इसके अलावा लंबे समय से बात चर्चा में थी कि स्क्रीन पर टर्फ और जर्सी का रंग एक होने के कारण दर्शकों को हॉकी का मैच देखने में बहुत दिक्कत आती है। यह प्रसारकों के हित का भी निर्णय है लेकिन अब इस पर राजनीति हो रही है।
Team India’s jersey at the Hockey World Cup. pic.twitter.com/l2Rj8mVLau
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) July 30, 2026
इन पूर्व खिलाड़ियों ने उठाया सवाल
नीदरलैंड और बेल्जियम में 15 अगस्त से शुरू हो रहे विश्व कप से पहले भारतीय टीमों की जर्सी का रंग नीले से केसरिया कर दिया गया जिसे लेकर वीरेन रासकिन्हा, परगट सिंह, वी भास्करन, धनराज पिल्लै जैसे पूर्व खिलाड़ियों ने सवाल उठाये हैं। वहीं मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया और विपक्षी दलों ने इस पर सरकार को आड़े हाथों लिया है।
टिर्की सहित हॉकी इंडिया के पदाधिकारियों का कल तक कहना था कि खेल के मैदान पर इस्तेमाल होने वाली नीली पिच से रंग की समानता से बचने के लिए यह पूरी तरह से तकनीकी निर्णय था।

