2027 वर्ल्ड कप में 2 बार की चैंपियन टीम को नहीं मिली डायरेक्ट एंट्री, अब खेलना होगा क्वालिफायर मुकाबला

आईसीसी मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 का आयोजन अगले साल साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। वनडे वर्ल्ड कप का टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा। वहीं टूर्नामेंट में 2 बार की चैंपियन वेस्‍टइंडीज टीम सीधे क्‍वालिफाई नहीं कर पाई है। अब टीम को मुख्य टूर्नामेंट में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे। वहीं 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए मेजबान देशों साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे को सीधे जगह मिलेगी। इसके अलावा सात टीमों का चयन आईसीसी की वनडे रैंकिंग के आधार पर होगा। इन टीमों के लिए 30 सितंबर 2026 की रैंकिंग को आधार बनाया जाएगा। बाकी टीमों को वर्ल्ड कप में पहुंचने के लिए क्वालिफायर मुकाबले खेलने होंगे।

सीधे जगह बनाना मुश्किल

वेस्टइंडीज के लिए वनडे वर्ल्ड कप में सीधे जगह बनाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। आईसीसी की मौजूदा वनडे रैंकिंग में वेस्टइंडीज 10वें नंबर पर है। वहीं अफगानिस्तान आठवें और बांग्लादेश नौवें स्थान पर है। जिम्बाब्वे 11वें स्थान पर होने के बावजूद मेजबान होने के कारण उसे सीधे वर्ल्ड कप में जगह मिलेगी। ऐसे में वेस्टइंडीज को सीधे क्वालिफाई करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचना होगा, वरना उसे क्वालिफायर खेलना पड़ेगा।

तीसरी बार नहीं कर पाई सीधे क्वालिफाई

7 अगस्त को ब्रेडी क्रिकेट क्लब में खेले गए दूसरे वनडे मैच में अफगानिस्तान ने आयरलैंड को 92 रन से हरा दिया। बारिश के कारण प्रभावित इस मुकाबले में अफगानिस्तान की जीत काफी अहम रही। इस जीत के साथ अफगानिस्तान ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई कर लिया। वहीं वेस्टइंडीज की सीधी जगह बनाने की उम्मीद खत्म हो गई। टीम 2019 और 2023 के वर्ल्ड कप में भी सीधे क्वालिफाई नहीं कर पाई थी। 2019 में उसने क्वालिफायर मुकाबले जीतकर मुख्य टूर्नामेंट में जगह बना ली थी, लेकिन 2023 के क्वालिफायर में खराब प्रदर्शन के कारण टीम वर्ल्ड कप में नहीं पहुंच सकी थी।

भारत से हैं वेस्टइंडीज का सीरीज

वेस्टइंडीज को सितंबर-अक्टूबर में भारत के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। सीरीज के पहले दो मुकाबले 27 सितंबर को तिरुवनंतपुरम और 30 सितंबर को गुवाहाटी में होंगे। हालांकि, इन मैचों में भारत के खिलाफ जीत दर्ज करने के बावजूद वेस्टइंडीज के लिए सीधे वर्ल्ड कप में जगह बनाना मुश्किल रहेगा। टीम को रैंकिंग में टॉप-9 में पहुंचने के लिए अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।

वेस्टइंडीज के साथ आयरलैंड की टीम को भी 2027 वनडे वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए क्वालिफायर खेलना पड़ सकता है। आयरलैंड को सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीद बनाए रखने के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में 5-0 से जीत जरूरी थी। लेकिन 5 अगस्त को ब्रेडी में खेला गया पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया, जिससे आयरलैंड की सीधे क्वालिफाई करने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा।

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6 विकेट झटककर राशिद ने अफगानिस्तान को ODI विश्वकप क्वालिफायर खेलने से बचाया

AFGvsIRE इब्राहिम जदरान (84) रन की अर्धशतकीय पारी के बाद राशिद खान (छह विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत अफगानिस्तान ने बारिश बाधित दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में आयरलैंड को 92 रनों से हराया। इसी के साथ उसने तीन मैचों की सरीज में बढ़त बना ली है। ब्रेडी क्रिकेट क्लब में शुक्रवार को आयरलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में अफ़गानिस्तान ने 92 रनों से शानदार जीत हासिल की।

बारिश की वजह से पहला वनडे बिना टॉस के ही रद्द हो गया था, और इस मैच की शुरुआत भी खराब मौसम के कारण देर से हुई, जिससे इसे घटाकर 47 ओवर का कर दिया गया। इब्राहिम जदरान की कप्तानी में अफगानिस्तान ने आठ विकेट पर 299 रन बनाए, जिसके बाद राशिद खान ने 6 विकेट लेकर आयरलैंड की टीम को 33.4 ओवर में 207 रनों पर समेट दिया।इसी के साथ अफगानिस्तान ने 2027 में होने वाले एकदिवसीय विश्वकप में सीधा प्रवेश पा लिया और अब उसको क्वालिफायर्स में खेलेने की जरुरत नहीं है।

बादल छाए होने के कारण पहले गेंदबाजी करने का फैसला करने के बाद, आयरलैंड के गेंदबाजों को नई गेंद से अच्छी मूवमेंट मिली। मार्क अडेयर ने मेडन ओवर के साथ शुरुआत की और उसके बाद तीन रन वाला ओवर डाला, लेकिन उनके साथी जय मूंड्रा को रहमानुल्लाह गुरबाज ने शुरुआत में ही निशाने पर ले लिया। यह बाएं हाथ का तेज गेंदबाज महंगा साबित हुआ। उसने अपने शुरुआती दो ओवरों में दो बार नो-बॉल की और चार बाउंड्री दीं। उसका तीसरा ओवर भी खराब रहा, जिसमें गुरबाज ने उस पर एक छक्का और फिर एक चौका जड़ा, लेकिन आख़िरकार मूंड्रा को सफलता मिली जब गुरबाज़ एक और आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में दो गेंद बाद कैच आउट हो गए।

मूंड्रा के शुरुआती स्पेल में महंगे साबित होने के बीच सेदिकुल्लाह अटल ने टीम की गति बनाए रखी। पावरप्ले के अंत तक अफगानिस्तान का स्कोर एक विकेट पर 65 रन था। हालांकि उसके बाद स्कोरिंग रेट थोड़ा धीमा हुआ, लेकिन इब्राहिम और अटल के बीच 116 रनों की साझेदारी ने उन्हें मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। धीमी शुरुआत करने वाले इब्राहिम ने पावरप्ले के बाद आक्रामक रुख अपनाया और 19वें ओवर में 52 गेंदों पर अपनी फ़िफ्टी पूरी की। यह साझेदारी 25वें ओवर में टूटी, जब अटल हैरी टेक्टर का शिकार बने।

आयरलैंड ने कुछ कसी हुई गेंदबाजी की, लेकिन कप्तान रहमत शाह और इब्राहिम के बीच 43 रनों की साझेदारी ने अफगानिस्तान की पारी को आगे बढ़ाया। इसके बाद दो ओवरों के अंतराल में दोनों आउट हो गए – इब्राहिम 34वें ओवर में कर्टिस कैम्फर पर हमला करने की कोशिश में और रहमत 36वें ओवर में गैविन होए के हाथों कैच आउट हुए – लेकिन अजमतुल्लाह ओमरजई और दरविश रसूली के बीच 43 रनों की तेज साझेदारी ने यह सुनिश्चित किया कि मेहमान टीम जीत की राह पर बनी रहे।

मैच के आखिर में आयरलैंड ने कुछ विकेट लेकर वापसी की, क्योंकि अफगानिस्तान ने 21 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। फिर भी, हशमतुल्लाह शाहिदी की आक्रामक लेकिन सधी हुई 21 गेंदों में 36 रनों की पारी (जिसमें आखिरी दो ओवरों में चार बाउंड्री शामिल थीं) ने यह पक्का किया कि मेहमान टीम मजबूत स्थिति में रहे। जवाब में, पॉल स्टर्लिंग का विकेट जल्दी गिरने के बावजूद आयरलैंड ने अच्छी शुरुआत की और अफगानिस्तान के पावरप्ले स्कोर (1 विकेट पर 65 रन) की बराबरी की। एंडी बालबर्नी क्रीज़ पर सहज दिखे और खराब लाइन-लेंथ वाली गेंदों पर तेज़ी से रन बटोरे।

अपना केवल चौथा वनडे खेल रहे केड कारमाइकल ने 14वें ओवर में सलीम साफ़ी के खिलाफ़ 21 रन बनाकर अफगानिस्तान पर दबाव बनाया। यह आयरलैंड के लिए मोमेंटम हासिल करने वाला टर्निंग पॉइंट साबित नहीं हुआ, क्योंकि राशिद खान ने जल्दी-जल्दी बालबर्नी और टेक्टर के विकेट चटका दिए। लोर्कन टकर और कारमाइकल ने पारी को संभालने की कोशिश की और कारमाइकल ने 44 गेंदों में अपना पहला वनडे अर्धशतक पूरा किया। 38 रनों की इस साझेदारी का अंत टकर के लिए दुर्भाग्यपूर्ण रहा। पगबाधा की अपील के दौरान गेंद पर नजर न रहने के कारण वह रन-आउट हो गए। इसके ठीक अगले ओवर में कारमाइकल भी आउट हो गए, जिससे आयरलैंड का स्कोर पांच विकेट पर 152 रन हो गया।

इसके बाद बेन कैलिट्ज और कर्टिस कैम्फर ने अचानक आक्रामक रुख अपनाया और अगले तीन ओवरों में 41 रन (पांच चौके और दो छक्के) बनाए, लेकिन राशिद ने कैलिट्ज़ को बोल्ड करके इस साझेदारी को खत्म कर दिया। उस विकेट के बाद आयरलैंड की पारी लड़खड़ा गई और टीम ने चार ओवरों में सिर्फ़ नौ रन पर अपने आखिरी चार विकेट गंवा दिए। राशिद ने उन चार में से तीन विकेट लिए और 6-34 के शानदार आंकड़े के साथ मैच खत्म किया, जिससे अफगानिस्तान ने पांच मैचों की सीरीज में बढ़त बना ली। अगला एकदिवसीय मैच सोमवार को बेलफ़ास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेला जाएगा।

ट्रम्प की सख्ती से भारतीय छात्रों का अमेरिका जाना कम:65 साल में पहली बार अप्रवासियों की संख्या घटी; पाकिस्तान-बांग्लादेश के छात्रों को ज्यादा वीजा

अमेरिका में ट्रम्प सरकार की सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी का सबसे बड़ा असर भारतीय छात्रों पर दिख रहा है। 2025 में भारतीय छात्रों को मिलने वाले F-1 स्टूडेंट वीजा में बड़ी गिरावट आई है। वहीं, पाकिस्तान, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के छात्रों को पहले के मुकाबले ज्यादा स्टूडेंट वीजा मिले हैं। सिर्फ छात्रों पर ही नहीं, सख्ती का असर अमेरिका में रहने वाले अप्रवासियों की संख्या पर भी दिखा है। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2025 में अमेरिका में अप्रवासियों की संख्या रिकॉर्ड 5.33 करोड़ थी, जो जून तक घटकर 5.19 करोड़ रह गई। 1960 के दशक के बाद यह पहली बार है, जब अमेरिका में अप्रवासियों की संख्या कम हुई है। भारतीय स्टूडेंट्स को मिलने वाले अमेरिकी वीजा 62% घटे सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज (CIS) के मुताबिक, मई से अगस्त के बीच जब एडमिशन पीक पर होता है तब 2025 में भारतीय छात्रों को पिछले साल के मुकाबले 62% कम वीजा मिले। चीनी छात्रों को भी 2025 में 34% कम वीजा मिले। वहीं कई दूसरे एशियाई देशों के छात्रों की संख्या बढ़ी है। 2025 की पहली छमाही में वियतनाम के छात्रों को 5,324 F-1 वीजा मिले, जो पिछले साल से 19.6% ज्यादा हैं। इसी दौरान बांग्लादेश के छात्रों को 2,098 F-1 वीजा मिले, यानी 20.1% की बढ़ोतरी हुई। पाकिस्तान के छात्रों को 1,928 वीजा मिले, जो 44.3% ज्यादा हैं। ट्रम्प सरकार ने वीजा आवेदकों की सोशल मीडिया स्क्रीनिंग की वीजा में आई इस गिरावट की एक बड़ी वजह ट्रम्प सरकार के नए नियम रहे। जैसे- अमेरिका की जगह यूरोप का रुख कर रहे हैं भारतीय छात्र कई भारतीय छात्र अब यूरोप का रुख कर रहे हैं। जर्मनी, फ्रांस, आयरलैंड, इटली और नीदरलैंड जैसे देश भारतीय छात्रों की नई पसंद बन रहे हैं। इसकी वजह कम फीस, आसान वीजा प्रक्रिया और पढ़ाई के बाद नौकरी के बेहतर मौके हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, यूरोप की कई यूनिवर्सिटीज की फीस अमेरिकी यूनिवर्सिटीज से 50% से 80% तक कम होती है। 2015 से 2023 के बीच यूरोप जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या 45% बढ़ी, जबकि जर्मनी, फ्रांस, इटली और आयरलैंड में भारतीय छात्रों का दाखिला 68% बढ़ा। वहीं, कुछ भारतीय प्रोफेशनल भी वीजा नियमों और नौकरी को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत लौटने या दूसरे देशों का रुख करने लगे हैं। H-1B वीजा में अब भी भारत सबसे आगे स्टूडेंट वीजा में गिरावट के बावजूद नौकरी के लिए मिलने वाले H-1B वर्क वीजा में भारत की पकड़ अब भी सबसे मजबूत है। 2024 में जारी H-1B वीजा में 71% भारतीयों को मिले। चीन दूसरे स्थान पर रहा, जबकि फिलीपींस, कनाडा और साउथ कोरिया की हिस्सेदारी करीब 1-1% रही। यानी, स्टूडेंट वीजा घटे हैं, लेकिन नौकरी के लिए भारतीय प्रोफेशनल्स की मांग अब भी सबसे ज्यादा है। अमेरिका अब भी सबसे बड़ा प्रवासी देश सख्त नियमों और वीजा में गिरावट के बावजूद अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा प्रवासी देश बना हुआ है। बेहतर शिक्षा, नौकरी और कमाई के मौके आज भी लाखों लोगों को अमेरिका की ओर आकर्षित करते हैं। 2023 के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में सबसे ज्यादा 1.1 करोड़ प्रवासी मेक्सिको से हैं। इसके बाद भारत (32 लाख), चीन (30 लाख), फिलीपींस (21 लाख) और क्यूबा (17 लाख) का स्थान है। प्यू रिसर्च सेंटर के मुताबिक, अमेरिका में रहने वाले कुल प्रवासियों में 52% लैटिन अमेरिका और 27% एशिया से हैं। यानी, अमेरिका की प्रवासी आबादी में एशियाई देशों की बड़ी हिस्सेदारी है। ऐसे में वीजा नियमों में होने वाले बदलाव का असर भारत, चीन और दूसरे एशियाई देशों पर सबसे ज्यादा पड़ता है। अमेरिका में विदेशी टूरिस्टों की भी संख्या घटी अमेरिका आने वाले विदेशी टूरिस्टों की संख्या भी घटी है। 2025 में करीब 6.83 करोड़ विदेशी टूरिस्ट अमेरिका पहुंचे, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 7.23 करोड़ था। टूरिस्टों के खर्च में भी 8 अरब डॉलर से ज्यादा की कमी आई। सबसे ज्यादा गिरावट कनाडा से आने वाले टूरिस्टों में रही। भारत, जर्मनी, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया और चीन से आने वाले टूरिस्टों की संख्या भी कम हुई, जबकि मेक्सिको से आने वाले टूरिस्ट बढ़े। यानी, ट्रम्प सरकार की सख्ती का असर सिर्फ स्टूडेंट वीजा ही नहीं, बल्कि इमिग्रेशन और विदेशी टूरिज्म पर भी साफ दिख रहा है।

बारिश से रद्द हुआ मैच और आयरलैंड को अब खेलना पड़ेगा ODI WC Qualifiers

अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ पहला ODI बारिश की भेंट चढ़ने के चलते आयरलैंड को अब अफ़्रीका में 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप में प्रवेश पाने के लिए क्वालीफ़ायर टूर्नामेंट खेलना होगा। ब्रेडी में रद्द हुए मुक़़ाबले में टॉस भी नहीं हो पाया।

आयरलैंड इस समय पुरुष ODI रैंकिंग में 11वें स्थान पर है और उन्हें विश्व कप में सीधा प्रवेश पाने के लिए ज़िम्बाब्वे, वेस्टइंडीज़ और बांग्लादेश को पछाड़ना ज़रूरी था। हालांकि इसके लिए उन्हें 30 सितंबर की समयसीमा से पहले अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ 5-0 से क्लीन स्वीप करना था और उनके लिए यह भी ज़रूरी था कि वेस्टइंडीज़ भारत के ख़िलाफ़ दो ODI हारे।

आयरलैंड अब 10 टीमों वाले क्वालीफ़ायर टूर्नामेंट में हिस्सा लेगा जिसका विजेता विश्व कप में सीधा प्रवेश पाएगा। दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमें विश्व कप के पहले राउंड (सुपर सीरीज़) में खेलेंगी। इसमें शीर्ष पर रहने वाली टीम 12 टीम वाले मुख्य स्टेज में प्रवेश करेगी।

10 टीमों वाले क्वालीफ़ायर में यह टीमें शामिल होंगी: 30 सितंबर 2026 तक ODI रैंकिंग में अंतिम दो स्थान पर रहने वाले पूर्ण सदस्य देश ( मेज़बान साउथ अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर), CWC लीग 2 से शीर्ष चार टीमें और विश्व कप क्वालीफ़ायर प्लेऑफ़ से शीर्ष चार टीमें। इस प्लेऑफ़ में CWC लीग 2 की अंतिम चार टीमें चैलेंज लीग की चार टीमों के साथ खेलेंगी। इसका प्रारूप तय किया जाना अभी बाक़ी है लेकिन आठ टीमों वाले इस प्लेऑफ़ की शीर्ष चार टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर में प्रवेश पाएंगी।

चैलेंज लीग में 12 टीमें खेलेंगी जिन्हें छह-छह के दो पूल में बांटा जाएगा और इस चक्र में हर टीम तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलेंगी। दोनों पूल में शीर्ष दो पर रहने वाली टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर प्लेऑफ़ में प्रवेश करेंगी।

आयुष शेट्टी के अलावा भारतीय दल को विश्व चैंपियनशिप में मिला आसान ड्रॉ

भारत के आयुष शेट्टी इस महीने के आखिर में शुरू होने वाली 2026 BWF विश्व चैंपियनशिप के पहले ही राउंड में दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी चीन के शि यू की से भिड़ेंगे। यह बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप का दूसरा सीधा एडिशन है, जहां पिछले साल लक्ष्य सेन के चीनी खिलाड़ीसे भिड़ने के बाद एक भारतीय खिलाड़ी पहले राउंड में शि से भिड़ेगा।

14वीं वरीयता प्राप्त, 2021 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता का हालांकि, राउंड ऑफ़ 16 में सामना थाईलैंड के पूर्व विश्व चैंपियन और तीन बार के मेडलिस्ट कुनलावुत विटिडसार्न से हो सकता है।

महिला एकल में, पीवी सिंधु को दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर 1 एन से यंग के साथ एक ही हाफ में रखा गया है, लेकिन सेमीफाइनल से पहले उनका सामना उनसे नहीं होगा। सिंधु आयरलैंड की सोफिया नोबल के खिलाफ शुरुआत करेंगी, जिसके बाद उनका राउंड ऑफ़ 16 में चीन की वांग ज़ी यी के खिलाफ और क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वार्डिनी के खिलाफ मुकाबला हो सकता है, ये दो मुश्किल मुकाबले हो सकते हैं।

विमेंस सिंगल्स में दूसरी भारतीय उन्नति हुड्डा पहले राउंड में म्यांमार की थेट थुजार के खिलाफ शुरुआत करेंगी। मेंस डबल्स में, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी चोट के कारण बाहर रहने के बाद वापसी करेंगे।

 

पांचवीं वरीयता प्राप्त रंकीरेड्डी-शेट्टी को पहले राउंड में बाई मिलेगी, ठीक वैसे ही जैसे डबल्स ड्रॉ में सभी वरीय खिलाड़ियों को मिलती है। हालांकि, हरिहरन अमसकरुआनन और अर्जुन एमआर राउंड 1 में आयरलैंड के स्कॉट गिल्डिया और पॉल रेनॉल्ड्स के खिलाफ शुरुआत करेंगे।

भारत के पास महिला डबल्स में कोई वरीय जोड़ी नहीं होगी, हालांकि ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद और कविप्रिया सेल्वम-सिमरन सिंघी दोनों ही मुकाबले में होंगी, जो अपने अभियान की शुरुआत पहले राउंड में स्पेन की दो अलग-अलग जोड़ियों के खिलाफ करेंगी।मिक्स्ड डबल्स में, तनीषा क्रैस्टो और ध्रुव कपिला को पहले राउंड में बाई मिली है, जबकि रुथविका गड्डे और रोहन कपूर का मुकाबला कनाडा के जोनाथन बिंग-क्रिस्टल लाई से होगा।

‘IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट अलग हैं’, वैभव सूर्यवंशी को लेकर अजिंक्य रहाणे ने दी बड़ी सलाह

आईपीएल के बाद से ही युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी काफी चर्चा में है। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुने जाने के साथ वैभव सबसे कम उम्र में भारत की टी20 टीम का हिस्सा बनने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए। इंग्लैंड के खिलाफ उन्हें पहली बार भारत के लिए खेलने का मौका मिला, लेकिन तीन मैचों की सीरीज में वह पूरी तरह प्रभाव नहीं छोड़ पाए। वैभव सूर्यवंशी ने अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 14, 13, 15, 50, 20 और 81 रन की पारियां ही खेल पाए। वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में शानदार खेल दिखाया, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्हें अधिक चुनौती का सामना करना पड़ा।

वहीं हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को अभी टेस्ट टीम में शामिल करने पर फैसला लेना जल्दबाजी होगी। अजिंक्य रहाणे ने माना कि, उन्हें अभी टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार मानना जल्दबाजी होगी। रहाणे ने कहा कि युवा खिलाड़ी को पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर खुद को साबित करना चाहिए।

इंटरनेशनल क्रिकेट में ज्यादा चुनौती

अजिंक्य रहाणे ने स्टिक टू क्रिकेट पॉडकास्ट में कहा, “अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मैं उस युवा खिलाड़ी पर बेवजह दबाव नहीं डालना चाहता, क्योंकि उसके बारे में पहले से ही काफी चर्चा हो रही है। उसने अभी सिर्फ दो आईपीएल सीजन खेले हैं।” उन्होंने आगे कहा, “आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा अंतर होता है। जब आप देश के लिए खेलते हैं, तो दबाव कहीं ज्यादा होता है। आईपीएल में लक्ष्य का पीछा करना अलग बात है, जबकि इंटरनेशनल क्रिकेट में वही चुनौती कहीं कठिन हो जाती है। इसलिए उसे अपना खेल खेलने दीजिए, समय दीजिए और धीरे-धीरे आगे बढ़ने दीजिए।”

जिम्बाब्वे दौरे पर किया प्रदर्शन

जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी ने कुछ अच्छी पारियां जरूर खेलीं, लेकिन वह लगातार प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे। उन्होंने पहले टी20 मैच में अर्धशतक लगाया, दूसरे मुकाबले में 20 रन बनाकर आउट हो गए और आखिरी मैच में 81 रन की शानदार पारी खेली। लेकिन इस पारी के लिए उन्होंने 49 गेंदों का सामना किया, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के मुकाबले थोड़ा धीमा माना गया। यही वजह है कि उनके प्रदर्शन को लेकर अभी भी चर्चा जारी है।

वनडे विश्वकप क्वालिफायर शुरु होंगे इस तारीख से, इस टीम की मुश्किल स्थिति

ODI World Cup Qualifiers 2027अगले साल 22 फ़रवरी से 23 मार्च के बीच खेले जाएंगे। एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट के मुताबिक ICC ने प्रतियोगिता की तारीख़ों पर मुहर लगा दी है लेकिन मैदानों पर अभी फ़ैसला नहीं लिया गया है।

जुलाई में ICC द्वारा घोषित किए गए विश्व कप 2027 के नए प्रारुप  के मुताबिक़ क्वालीफ़ायर्स का विजेता सीधे प्रमुख ग्रुप में प्रवेश कर जाएगा। जबकि क्वालीफ़ायर्स में दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान की टीम वनडे विश्व कप के पहले राउंड में पहुंचेगी। जिसे सुपर सीरीज़ का नाम दिया गया है, और फिर सुपर सीरीज़ के विजेता को 12 देशों के बीच प्रतिस्पर्धा का मौक़ा मिलेगा।

ICC वनडे विश्व कप 2027 दक्षिण अफ़्रीका, ज़िम्बाब्वे और नामीबिया के 12 शहरों में 4 अक्टूबर से 11 नवंबर 2027 के बीच खेला जाएगा।विश्व कप क्वालीफ़ायर्स में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें 30 सितंबर 2026 तक की वनडे रैंकिंग के आधार पर मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका और ज़िम्बाब्वे को छोड़कर दो सबसे निचली रैंकिंग वाली पूर्ण सदस्य टीमें, CWC लीग-2 की शीर्ष चार टीमें और विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ से क्वालीफ़ाई करने वाली शीर्ष चार टीमें शामिल होंगी।

विश्वकप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ में CWC लीग-2 की निचली चार टीमें और चैलेंज लीग की चार टीमें आमने-सामने होंगी। चैलेंज लीग को विश्व क्रिकेट का तीसरा स्तर माना जाता है। प्लेऑफ़ का प्रारूप अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन इस आठ टीमों के टूर्नामेंट से शीर्ष चार टीमें 2027 वनडे विश्व कप क्वालीफ़ायर्स के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

चैलेंज लीग में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें छह-छह टीमों के दो समूहों में बांटा जाएगा। प्रत्येक टीम इस पूरे चक्र के दौरान तीन राउंड-रॉबिन टूर्नामेंट खेलेगी। दोनों समूहों से शीर्ष दो-दो टीमें विश्व कप क्वालीफ़ायर्स प्लेऑफ़ के लिए क्वालीफ़ाई करेंगी।

वेस्टइंडीज़ को फिर क्वालिफाइंग टूर्नामेंट खेलना पड़ सकता है

वेस्टइंडीज़ इस समय वनडे रैंकिंग में 10वें स्थान पर है और सितंबर में भारत के ख़िलाफ़ होने वाले दो मैच ही उसे और खेलने हैं। इन मुक़ाबलों के नतीजों के साथ-साथ अफ़ग़ानिस्तान (8वें स्थान) और आयरलैंड (12वें स्थान) के बीच होने वाली आगामी सीरीज़ के परिणाम भी उसकी रैंकिंग पर असर डाल सकते हैं।

अगर आयरलैंड ने अफ़ग़ानिस्तान को 4-1 या 5-0 से हराकर सीरीज़ जीत ली, तो भारत के ख़िलाफ़ दो जीत वेस्टइंडीज़ को शीर्ष आठ में पहुंचाने के लिए पर्याप्त हो सकती है। लेकिन अगर अफ़ग़ानिस्तान सीरीज़ जीत जाता है, तो वेस्टइंडीज़ के लिए 2027 वनडे विश्व कप में जगह बनाने के लिए क्वालीफ़ायर्स खेलना लगभग तय हो जाएगा।

इससे पहले भी वेस्टइंडीज़ 2023 वनडे विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफ़ाई करने में भी नाकाम रहा था। जिसके बाद हरारे में खेले गए क्वालीफ़ायर्स टूर्नामेंट में उसे नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ सुपर ओवर में हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद पहली बार वेस्टइंडीज़ विश्व कप से बाहर हो गया था।

गौतम की गंभीर शिकायत लेकर BCCI के पास गए कुछ सीनियर खिलाड़ी

गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत ने भले ही दो आसीसी टूर्नामेंट्स जीत लिए हों लेकिन द्विपक्षीय सीरीज में भारत की लगातार हार से कई सवाल उठे हैं। खासकर दो टेस्ट सीरीज जो भारत में हुई थी उसका काफी कुछ श्रेय गौतम गंभीर को गया। जून के महीने में रोहित शर्मा संन्यास ले रहे हैं ऐसा भ्रम फैलाया गया लेकिन वह खबरें बोर्ड ने खारिज कर दी और रोहित ने लॉर्ड्स में शतक ठोक दिया।  

ऐसे में कई सीनियर खिलाड़ी अब गौतम गंभीर के रवैये और कोचिंग के तौर तरीके से नाराज होकर इसकी शिकायत बोर्ड के सामने रखने गए हैं। ऐसे में संभव है कि सीनियर खिलाड़ियों को किनारे लगाने की सोचने वाले गौतम गंभीर खुद ही किनारे लग जाए।मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के अनुसार कुछ खिलाड़ियों ने मुख्य कोच की शिकायत बोर्ड से की है।

हालांकि अभी तक यह पता नहीं चला है कि कितने सीनियर खिलाड़ियों ने शिकायत की है और कौन कौन इसमें शामिल है। इस खबर की पुष्टि भी होना बाकी है। लेकिन गौतम गंभीर पर फिलहाल दबाव बनाने का यह बेहतरीन मौका है जिसे सीनियर खिलाड़ी छोड़ना नहीं चाहते।

दबाव बढ़ रहा है गंभीर पर

भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को निकालने में नाकाम कोच गौतम गंभीर पर अब दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।अगली एकदिवसीय सीरीज अब अक्टूबर में हो रही है और मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है।

ऐसे में गौतम गंभीर के दोस्त अजीत आगरकर की जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति टीम का चयनकर्ता बनता है जिसके संबंध रोहित शर्मा से अच्छे हैं तो फिर गौतम गंभीर को उन्हें हर मैच में मौका देना होगा भले ही रोहित कितना भी गंदा खेलें। ऐसे में रोहित शर्मा से आगे बढ़ने की बात पर सहमति जता चुके गौतम गंभीर खुद अपना 2027 विश्वकप का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं।

गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले अंतिम एकदिवसीय मैच में शतक (138 रन) मारकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया था। हालांकि यह दूसरी बार हुआ है जब रोहित शर्मा का करियर एक महीन धागे से बंधा था तब उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेल दी थी।

श्रेयस ने भी ले ली थी चुटकी

जिम्बाब्वे के खिलाफ बतौर कप्तान अपनी पहली टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज जीतकर श्रेयस अय्यर ने दौरे पर गए कोच VVS लक्ष्मण के लिए तारीफ के पुल बांध दिए। इसे कई क्रिकेट फैंस इस नजरिए से देख रहे हैं कि श्रेयस अय्यर यह साबित करना चाहते हैं कि गौतम गंभीर की कोचिंग के कारण टीम को आयरलैंड और फिर इंग्लैंड के खिलाफ 0-2 और 0-4 की शर्मनाक हार झेलनी पड़ी थी।

गौरतलब है कि VVS लक्ष्मण का कोचिंग करियर खासा अच्छा गया है। साल 2022 से टीम के साथ कभी कभार कोचिंग की जिम्मेदारी संभालने वाले वीवीएस लक्ष्मण अब तक बतौर कोच एक भी सीरीज नहीं हारे हैं।

CWG 2026 में भारत पर मेडल की बारिश, इंडियन बॉक्सर्स ने मचाया धमाल, जीत लिए पांच गोल्ड मेडल

भारतीय महिला मुक्केबाजों ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में आज भारत की झोली में कई मेडल आए हैं। भारतीय मुक्केबाजों ने फाइनल मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार गोल्ड मेडल अपने नाम किए। जैस्मिन लैम्बोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर गोल्ड मेडल जीता है। वहीं, पुरुष वर्ग में जदुमणि सिंह फाइनल में हार गए और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। आइए जानते हैं भारत ने अबतक कुल कितने मेडल जीत चुके हैं।

भारत ने जीते 5 गोल्ड

महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में हराकर गोल्ड जीता। इसके बाद विश्व चैंपियन जैस्मिन लैम्बोरिया ने 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में उत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को मात दी। वहीं, 51 किलोग्राम वर्ग में साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को हराकर भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक हासिल किया। 60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया घनघस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा की मैरी अल-अहमदीह को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं 60 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने इंग्लैंड की चैंटेल रीड को हराकर गोल्ड पर कब्जा किया है।

अरुंधति चौधरी का प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की महिला मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया। फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड की चैंटेल रीड पर शुरू से ही दबाव बनाए रखा और पूरे मुकाबले में अपना दबदबा कायम रखा। अंत में निर्णायकों ने सर्वसम्मति से 5-0 का फैसला अरुंधति चौधरी के पक्ष में सुनाया। इस शानदार जीत के साथ वह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग की चैंपियन बन गईं।

प्रिया घनघस ने जीता गोल्ड

महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया घनघस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा की मैरी अल-अहमदीह को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबला काफी कड़ा रहा, लेकिन प्रिया ने संयम और बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। उनकी इस सफलता के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या चार हो गई।

साक्षी ने जीता गोल्ड

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की युवा मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को एकतरफा अंदाज में हराया और उनके लंबे समय से चले आ रहे जीत के सिलसिले को भी रोक दिया। पूरे टूर्नामेंट में साक्षी का प्रदर्शन दमदार रहा और उन्होंने अपने सभी मुकाबले शानदार अंदाज में जीतकर खिताब पर कब्जा जमाया। वहीं, पुरुष वर्ग के मुकाबले में जदुमणि सिंह का सामना ऑस्ट्रेलिया के जे डिक्सन से हुआ। मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन अंत में जदुमणि को हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

आज इन्हें भी मिला गोल्ड मेडल

साक्षी चौधरी की स्वर्णिम जीत से पहले भी भारत की महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था। महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके बाद 57 किलोग्राम वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मीन लैम्बोरिया ने उत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को मात देकर भारत की झोली में एक और स्वर्ण पदक डाल दिया। दोनों खिलाड़ियों की जीत ने भारतीय बॉक्सिंग टीम का शानदार प्रदर्शन जारी रखा।

अब तक भारत ने जीता है 27 मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। अब तक भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 33 पदक अपने नाम किए हैं, जिनमें 10 गोल्ड, 15 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इन शानदार नतीजों की बदौलत भारत पदक तालिका में 5वें स्थान पर बना हुआ है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया 142 पदकों के साथ शीर्ष पर है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक 59 स्वर्ण, 34 रजत और 49 कांस्य पदक जीतकर पहले स्थान पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है।

मलेशिया को मात देकर भारत की पुरुष और महिला टीम ने जीता गोल्ड मेडल

भारत की पुरुष और महिला टेबल टेनिस टीम ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में जारी राष्ट्रमंडल खेल 2026 में मलेशिया की टीम को हराकर स्वर्ण पदक हासिल कर लिया है। भारत की महिली टीम ने मलेशिया को 3-0 से हराया वहीं भारत की पुरुष टीम ने मलेशिया को 3-2 से हराया। यह जीत एक ही दिन और एक ही प्रतिद्वंदी के खिलाफ आई इस कारण से यह जीत टीम के लिए खास है।

भारत की पुरुष टीम ने पिछली बार भी स्वर्ण पदक जीता था जबकि महिला टीम ने 12 साल बाद स्वर्ण पदक जीता है। भारतीय पुरुष टीम में मानव ठक्कर, मानुष शाह, साथियन गणानाशेकरन, हरमीत देसाई और पायस जैन शामिल थे।

भारत ने इससे पहले ग्रुप स्टेज में भी जिमबाब्वे और मलेशिया को 3-0 से हराया था। इसके बाद टीम ने श्रीलंका, वेल्स, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और इंग्लैंड पर विजय हासिल की।

खिताबी मुकाबले में मानव ठक्कर, मानुष शाह विजेता रहे जबकि साथियन गणानाशेकरन को हार मिली।

वहीं दूसरी वरीयता प्राप्त महिला टीम ने दबदबा बनाकर छठी वरीयता प्राप्त मलेशिया को  3-0 से हराकर खिताब पाया। भारत की महिला टीम में सिंड्रेला दास, श्रीजा अकुला, यशस्वी घोरपड़े, सुतीर्था मुखर्जी और स्वस्तिका घोष शामिल थीं।

पुरषों की भांति इस टूर्नामेंट में महिला टीम भी बिना कोई मैच हारे खिताब जीती। महिला टीम ने मालदीव, दक्षिण अफ्रीका, उत्तरी आयरलैंड, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के खिलाफ बिना कोई सेट गंवाए 3-0 से जीत दर्ज की। वहीं सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 3-1 से हराया।