भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर जीता एशियाड गोल्ड मेडल

INDvsMAL भारतीय पुुरुष हॉकी टीम का विश्वकप पिछले महीने भले ही अच्छा ना गया हो लेकिन एशियाई खेलों में टीम ने यह साबित कर दिया कि उपमहाद्वीप में वह सबसे बेहतरीन टीम है। हरमनप्रीत के लड़कों ने अपने गोल्ड मेडल का बचाव कर लिया। भारतीय टीम ने मलेशिया को 5-1 से रौंदकर अपनी धाक जमाई। 

कल महिला टीम ने चीन को 1 गोल से हराकर एतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था। मलेशिया की टीम भारत के खेल के स्तर के आस पास भी नहीं दिखी और बेबस नजर आई। पहले हाफ में स्कोर 2-1 था लेकिन चौथे क्वा्रटर में तो टीम ने सिलसिलेवार हमले किए। इसमें एक मौका ऐसा भी आया जब टीम को 4 लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले। मलेशिया को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। वहीं ब्रॉंज मेडल मैच में पाकिस्तान ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हरा दिया।


 भारत ने कप्तान हरमनप्रीत सिंह (11वें, 57वें मिनट) और जुगराज सिंह (23वें) के जरिए तीन पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला जबकि उप-कप्तान हार्दिक सिंह ने 42वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक से गोल किया और शिलानंद लकड़ा ने 54वें मिनट में मैदानी गोल करके औपचारिकताएं पूरी कीं।मलेशिया का एकमात्र गोल शेलो सिल्वरियस ने 14वें मिनट में किया।

पाकिस्तान को भारत ने सेमीफाइनल में कड़े मुकाबले में 4-3 से हराकर फाइनल की दौड़ से बाहर किया था। गौरतलब है कि पिछले एशियाई खेलों की तरह इस बार भी भारतीय पुरुष हॉकी टीम एक भी मैच नहीं हारी।

चीन जीता 80 गोल्ड भारत 2, प्रशंसकों ने कहा क्यों बर्बाद किए 702 करोड़ रुपए

एशियाई खेलों में जहां चीन 80 पदक जीत चुका है और लग रहा है कि सिर्फ 2-3 खेलों में ही स्वर्ण पदक नहीं जीतेगा वहां ऐसा प्रतीत होता है कि भारत सिर्फ 2-3 खेलों में ही  स्वर्ण पदक जीतेगा। हांगजाऊ में हुए एशियाई खेलों में जहां भारत इस वक्त तक 28 गोल्ड मेडल जीत चुका था इस बार अब तक  सिर्फ 2 गोल्ड मेडल आए हैं। पहला महिला क्रिकेट में और दूसरा निशानेबाजी में ऐसे में भारत का हांगजाऊ के 107 पदक तालिका से बेहतर प्रदर्शन करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन लग रहा है।

भारत को सबसे ज्यादा नुकसान निशानेबाजी और रोइंग में हुआ जहां पिछली बार भारत ने रोइंग में 5 पदक जीते थे अभी सिर्फ एक ही है। वहीं निशानेबाजी में भी पिछली बार के मुकाबले पदक आधे ही हैं।

ऐसे में खेल प्रेमी इस बात पर नाराज हो रहे हैं कि खेल मंत्रालय ने भारतीय खिलाड़ियों पर इतना पैसा बहाया ही क्यों। गौरतलब है कि जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियाई खेलों में भारत का 503 सदस्यीय दल हिस्सा ले रहा है।

केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने जानकारी दी कि मंत्रालय ने एशियाड दल और उनके कोच तथा इक्विपमेंट के लिए 702 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।503 सदस्यों वाले इस दल में एथलीट और सपोर्ट स्टाफ़ शामिल हैं, जिनमें से 300 से ज़्यादा एथलीट पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेंले रहे हैं।

CWG 2026 में भारत पर मेडल की बारिश, इंडियन बॉक्सर्स ने मचाया धमाल, जीत लिए पांच गोल्ड मेडल

भारतीय महिला मुक्केबाजों ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में आज भारत की झोली में कई मेडल आए हैं। भारतीय मुक्केबाजों ने फाइनल मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार गोल्ड मेडल अपने नाम किए। जैस्मिन लैम्बोरिया, प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस और अरुंधति चौधरी ने अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर गोल्ड मेडल जीता है। वहीं, पुरुष वर्ग में जदुमणि सिंह फाइनल में हार गए और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। आइए जानते हैं भारत ने अबतक कुल कितने मेडल जीत चुके हैं।

भारत ने जीते 5 गोल्ड

महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में हराकर गोल्ड जीता। इसके बाद विश्व चैंपियन जैस्मिन लैम्बोरिया ने 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में उत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को मात दी। वहीं, 51 किलोग्राम वर्ग में साक्षी चौधरी ने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को हराकर भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक हासिल किया। 60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया घनघस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा की मैरी अल-अहमदीह को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं 60 किलोग्राम वर्ग में अरुंधति चौधरी ने इंग्लैंड की चैंटेल रीड को हराकर गोल्ड पर कब्जा किया है।

अरुंधति चौधरी का प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की महिला मुक्केबाज अरुंधति चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया। फाइनल में उन्होंने इंग्लैंड की चैंटेल रीड पर शुरू से ही दबाव बनाए रखा और पूरे मुकाबले में अपना दबदबा कायम रखा। अंत में निर्णायकों ने सर्वसम्मति से 5-0 का फैसला अरुंधति चौधरी के पक्ष में सुनाया। इस शानदार जीत के साथ वह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की महिलाओं के 70 किलोग्राम वर्ग की चैंपियन बन गईं।

प्रिया घनघस ने जीता गोल्ड

महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में प्रिया घनघस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा की मैरी अल-अहमदीह को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबला काफी कड़ा रहा, लेकिन प्रिया ने संयम और बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। उनकी इस सफलता के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या चार हो गई।

साक्षी ने जीता गोल्ड

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की युवा मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को एकतरफा अंदाज में हराया और उनके लंबे समय से चले आ रहे जीत के सिलसिले को भी रोक दिया। पूरे टूर्नामेंट में साक्षी का प्रदर्शन दमदार रहा और उन्होंने अपने सभी मुकाबले शानदार अंदाज में जीतकर खिताब पर कब्जा जमाया। वहीं, पुरुष वर्ग के मुकाबले में जदुमणि सिंह का सामना ऑस्ट्रेलिया के जे डिक्सन से हुआ। मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन अंत में जदुमणि को हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

आज इन्हें भी मिला गोल्ड मेडल

साक्षी चौधरी की स्वर्णिम जीत से पहले भी भारत की महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था। महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके बाद 57 किलोग्राम वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मीन लैम्बोरिया ने उत्तरी आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को मात देकर भारत की झोली में एक और स्वर्ण पदक डाल दिया। दोनों खिलाड़ियों की जीत ने भारतीय बॉक्सिंग टीम का शानदार प्रदर्शन जारी रखा।

अब तक भारत ने जीता है 27 मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। अब तक भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 33 पदक अपने नाम किए हैं, जिनमें 10 गोल्ड, 15 सिल्वर और 8 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इन शानदार नतीजों की बदौलत भारत पदक तालिका में 5वें स्थान पर बना हुआ है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया 142 पदकों के साथ शीर्ष पर है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक 59 स्वर्ण, 34 रजत और 49 कांस्य पदक जीतकर पहले स्थान पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है।