बारिश के कारण गॉल में अभ्यास नहीं कर पाई भारतीय टीम, मौसम पर नजर (Video)

श्रीलंका के गॉल में आद्रता के कारण बारिश कम ही होती है लेकिन आज बारिश के कारण टीम इंडिया का वैकल्पिक अभ्यास सत्र स्थगित हो गया। वैकल्पिक अभ्यास सत्र स्थगित होने के कारण कोच गौतम गंभीर और चयनकर्ता अजीत आगरकर ने टीम की किट उठाई।

उल्लेखनीय है कि पहला टेस्ट 15 अगस्त को गाले में शुरू होगा आज बारिश होने के कारण आने वाले दिनों में मौसम पर नजर रहने वाली है। पहले मौसम का अनुमान था कि शायद ही बारिश गॉल में होने वाले टेस्ट में व्यवधान डाले लेकिन आज जो मौसम ने करवट ली है, मौसम का अनुमान बदल गया है।

शनिवार के मौसम की बात करें तो अब टेस्ट मैच के पहले दिन तेज बारिश का अनुमान है। टेस्ट के दूसरे दिन यानि कि रविवार को बारिश नहीं है लेकिन आसमान साफ रहेगा। वहीं तीसरे दिन यानि कि सोमवार को तेज बारिश का अनुमान है। लेकिन राहत की बात यह है कि मंगलवार और बुधवार आसमान साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी।  गौरतलब है कि तेज बारिश का अनुमान यह नहीं बताता कि कितने समय मैच नहीं होगा।

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), सरफराज खान, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, आकिब नबी, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन।

श्रीलंका:धनंजय डी सिल्वा (कप्तान), लाहिरू उदाना, निशान मदुश्का, कामिंदु मेंडिस (उपकप्तान), दिनेश चांदीमल, पसिंदू सूरियाबंदारा, सोनल दिनुशा, निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), रमेश मेंडिस, प्रभात जयसूर्या, केशारा नुवांथा, मिलान रत्नायके, असिथा फर्नांडो, लाहिरू कुमारा, विश्वा फर्नांडो और दिलशान मदुशंका।

‘तुम चीटिंग करते हो…’ जब फिल्ड में संगकारा से भिड़ गए थे इरफान पठान, हुई थी तीखी बहस

क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों के बीच बहस या विवाद होना आम बात है। कई बार खिलाड़ियों के बीच हुए विवाद कैमरे में कैद हो जाते हैं। वहीं कुछ घटनाएं बाद में सामने आती हैं। हाल ही में भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने श्रीलंका के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर कुमार संगकारा से जुड़ी एक घटना का शेयर किया है। ये घटना साल 2005 में दिल्ली में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान हुई थी। इस टेस्ट मैच में इरफान पठान और कुमार संगकारा के बीच कहासुनी हो गई थी। आइए जानते हैं क्या थी पूरी घटना

क्या थी पूरी घटना

ये पूरा मामला साल 2005 में दिल्ली में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान हुआ। जब इरफान पठान और गौतम गंभीर भारतीय पारी की शुरुआत करने मैदान पर उतरे थे। पठान ने उस पारी में 93 रन बनाए थे और बल्लेबाजी के दौरान उनका कुमार संगकारा से विवाद हो गया था। पठान के मुताबिक, श्रीलंका की पारी के दौरान अंपायरों ने गेंद बदल दी थी, जिससे संगकारा और उनकी टीम के खिलाड़ी नाराज हो गए थे। बाद में जब भारत बल्लेबाजी करने उतरा तो संगकारा ने इसी बात को लेकर पठान से बहस शुरू कर दी और उन्हें लगातार स्लेज करने लगे। इस दौरान संगकारा ने भारतीय खिलाड़ियों की परवरिश को लेकर भी टिप्पणी की, जिससे मैदान पर माहौल और गर्म हो गया।

मुकाबले में मुथैया मुरलीधरन की गेंदों पर पठान के कुछ छक्के लगाने के बाद स्लेजिंग और बढ़ गई। पठान ने भी उनकी बातों को नजरअंदाज नहीं किया और उसी अंदाज में जवाब दिया।

पठान ने किया खुलासा

JioHotstar के शो ‘Cheeky Singles’ में बात करते हुए इरफान पठान ने कहा, “दिल्ली में एक टेस्ट मैच था। मैंने उस मैच में ओपनिंग की और 93 रन बनाए। पहली पारी के बाद जब हम गेंदबाजी करने उतरे, तो गेंदों का बॉक्स बदल गया था या ऐसा ही कुछ हुआ था। इस वजह से श्रीलंकाई खिलाड़ी खुश नहीं थे और संगकारा इस बारे में सबसे ज्यादा बोल रहे थे। इसके बाद जब मैं बल्लेबाजी करने गया तो मुझे बिल्कुल नहीं पता था कि क्या हुआ है। मुझे ओपनिंग करने के लिए कहा गया और मैंने मुरलीधरन की गेंदों पर दो छक्के लगा दिए।”

तुम्हारे माता-पिता तुम्हें यह सब सिखाते हैं?

पठान ने आगे कहा, “अगर आप नई गेंद पर छक्के लगा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आपने विरोधी टीम की रणनीति को थोड़ा बिगाड़ दिया है। तभी संगकारा ने कहना शुरू किया, ‘तुम लोग चीटिंग करते हो, तुम्हारे माता-पिता तुम्हें यह सब सिखाते हैं’ और ऐसी ही कई बातें कहीं। वह बातों को पर्सनल ले गए और मैंने भी उन्हें जवाब दिया। उन्होंने ही इस बहस की शुरुआत की थी।” इस मैदान पर हुए विवाद के बाद दोनों खिलाड़ियों के रिश्ते में बड़ा बदलाव आया।

फिर साथ में खेला आईपीएल

कुछ साल बाद इरफान पठान और कुमार संगकारा एक ही आईपीएल टीम किंग्स XI पंजाब का हिस्सा बने, जिसके बाद दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई। उन्होंने कहा, “ऑक्शन के बाद मुझे पता चला कि मैं पंजाब में संगकारा के साथ खेलूंगा। कुछ समय बाद मैं उनके परिवार के साथ खाना खा रहा था और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उनसे कैसे बात करूं। आखिरकार मैं उनके पास गया और सॉरी कहा। उन्होंने भी मुझसे माफी मांगी और इसके बाद हम अच्छे दोस्त बन गए। उस समय भावनाएं काफी ज्यादा थीं और ऐसी स्थिति में इंसान से गलतियां हो जाती हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि आप उस स्थिति को कितनी समझदारी से संभालते हैं।”

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जब गुरु ही बन जाएं विरोधी खेमे की ताकत! कभी टीम इंडिया को बनाया चैंपियन, अब उसी को हराने की तैयारी

भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का मंच तैयार है। पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। इससे पहले भारतीय टीम ने तीन दिवसीय वार्म-अप मैच में श्रीलंका क्रिकेट XI को 6 विकेट से हराकर अपनी तैयारियों का अच्छा संकेत दिया। हालांकि इस मुकाबले में एक चेहरा ऐसा भी था, जिसने भारतीय फैंस का खास ध्यान खींचा—गैरी कर्स्टन। कभी टीम इंडिया को वर्ल्ड कप जिताने वाले कर्स्टन अब श्रीलंका के खेमे में हैं और आगामी टेस्ट सीरीज में भारत के खिलाफ रणनीति तैयार करेंगे।

 

बाउंड्री पर खड़े रहे कर्स्टन, भारतीय खिलाड़ियों पर रही पैनी नजर

 

रविवार को कर्स्टन एनसीसी ग्राउंड पहुंचे, जहां भारत अपना वार्म-अप मुकाबला खेल रहा था। वह काफी देर तक बाउंड्री के पास खड़े होकर भारतीय खिलाड़ियों की गतिविधियों पर नजर रखते दिखाई दिए।

 

वह मैदान पर ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आए, लेकिन उनकी मौजूदगी अपने आप में चर्चा का विषय बन गई। कर्स्टन ने कुछ भारतीय खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से बातचीत भी की। इस दौरान वह लगातार मैच और स्कोरबोर्ड पर नजर बनाए हुए थे।

 

भारतीय टीम के स्पिनर मानव सुथार और थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट रघु से भी उनकी बातचीत हुई। कर्स्टन का सुथार और साई किशोर जैसे खिलाड़ियों से पुराना परिचय रहा है, खासकर गुजरात टाइटन्स के साथ उनके समय के कारण।

जिस टीम को वर्ल्ड कप जिताया, अब उसी के खिलाफ बनाएंगे रणनीति

 

गैरी कर्स्टन का भारतीय क्रिकेट से रिश्ता बेहद खास रहा है। 2008 से 2011 तक वह टीम इंडिया के हेड कोच रहे और उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। सबसे यादगार पल आया 2011 में, जब एमएस धोनी की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने श्रीलंका को हराकर 28 साल बाद वनडे वर्ल्ड कप अपने नाम किया। उसी दौर में भारत पहली बार टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 भी बना।

 

अब कहानी पूरी तरह बदल चुकी है। जिस टीम की कमजोरियों और ताकत को समझना कभी कर्स्टन की जिम्मेदारी थी, अब उसी टीम के खिलाफ उन्हें श्रीलंका की रणनीति तैयार करनी है।

 

गैरी के सामने होंगे उनके पुराने खिलाड़ी और नया कोच

 

कर्स्टन के लिए यह मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि भारतीय टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर भी उनके पुराने खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं।एक समय कर्स्टन की कोचिंग में खेलने वाले गंभीर अब टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम की कमान संभाल रहे हैं। यानी एक तरफ पुराने गुरु कर्स्टन श्रीलंका को तैयार कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ उनका पुराना खिलाड़ी गंभीर भारत की रणनीति बनाएगा।

 

क्रिकेट में ऐसे रिश्ते मुकाबले को और दिलचस्प बना देते हैं।

 

207 रन का टारगेट, आखिरी ओवर में भारत ने मारी बाजी

 

वार्म-अप मैच के तीसरे दिन भारत के सामने 207 रन का लक्ष्य था। भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव के बीच लक्ष्य का पीछा किया और दिन के आखिरी ओवर में 6 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत से टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज से पहले परिस्थितियों के साथ तालमेल बैठाने का अच्छा मौका मिला। वहीं श्रीलंका को भी भारत के खिलाफ अपनी तैयारियों को परखने का मौका मिला।

 

सरफराज की वापसी, सुदर्शन सीरीज से बाहर

 

टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम में बदलाव भी हुआ है। चोट के कारण साई सुदर्शन पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं, उनकी जगह सरफराज खान को टीम में शामिल किया गया है।

 

सरफराज ने नवंबर 2024 के बाद कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है। ऐसे में उनके पास खुद को फिर से टेस्ट टीम में स्थापित करने का मौका होगा।

 

वहीं, शुभमन गिल को भी लेकर टीम के लिए राहत की खबर आई। अभ्यास के दौरान चोटिल होने के कारण वह शुरुआती दो दिन वार्म-अप मैच में नहीं उतरे थे, लेकिन तीसरे दिन उन्होंने बल्लेबाजी की।

 

WTC पॉइंट्स टेबल के लिहाज से भी अहम है सीरीज

 

भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली यह टेस्ट सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। टीम इंडिया फिलहाल टॉप-4 से बाहर है और दोनों टेस्ट जीतकर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगी।

 

श्रीलंका के लिए भी यह सीरीज बड़ी चुनौती है। खास बात यह है कि भारत के खिलाफ श्रीलंका ने अब तक जो 7 टेस्ट जीते हैं, वे सभी अपनी घरेलू जमीन पर आए हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि गॉल में कर्स्टन की रणनीति भारी पड़ती है या फिर गंभीर की टीम पुराने गुरु को उनके ही घर में मात देने की कहानी लिखती है।

 

वीवीएस लक्ष्मण बनने वाले थे टीम इंडिया के हेड कोच, इस वजह से ठुकराया था ऑफर

पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने हाल ही में बताया कि जय शाह ने उन्हें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम का मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव दिया था। लक्ष्मण ने बताया कि, वह इस जिम्मेदारी को संभालना चाहते थे, लेकिन कुछ पर्सनल रीजन की वजह से टीम से जुड़ने से मना कर दिया था। वहीं राहुल द्रविड़ के के बाद गौतम गंभीर टीम के मुख्य कोच बने। गंभीर 2027 तक टीम के हेड कोच बने रहेंगे।

लक्ष्मण ने क्या कहा

लक्ष्मण ने ये नहीं बताया कि उन्हें मुख्य कोच बनने का प्रस्ताव किस समय मिला था। लेकिन ऐसा माना जा रहा कि ये 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद की बात है, जब राहुल द्रविड़ का कार्यकाल खत्म होने वाला था। उस समय द्रविड़ आगे भी कोच बने रहने को लेकर तैयार नहीं थे। बाद में BCCI ने उनका कार्यकाल 2024 टी20 वर्ल्ड कप तक बढ़ा दिया। भारत ने द्रविड़ की कोचिंग में यह टूर्नामेंट जीतकर लंबे समय बाद ICC ट्रॉफी अपने नाम की।

पर्सनल वजह से नहीं लिया पद

वीवीएस लक्ष्मण ने रविवार को कहा, “2023 में, मुझे हेड कोच बनना था।” उन्होंने आगे कहा, “पर्सनल वजहों से मैं यह काम नहीं कर पाया। मैं दो बार जय शाह से बात करने गया। वह मेरी वजहें समझ गए। जय और BCCI ने मुझे जो आजादी दी है, अपने विजन के साथ काम करने की, वह देवजीत और दूसरे अधिकारियों के साथ भी जारी है।” लक्ष्मण ने कहा कि हेड कोच बनने के बजाय उन्होंने बेंगलुरु में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के चेयरमैन का पद संभालने का फैसला किया, जो पहले राहुल द्रविड़ के पास था। उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने का फैसला किया।

दो साल का लिया एक्सटेंशन

उन्होंने आगे कहा, “मैंने दो साल के लिए एक्सटेंशन लिया और BCCI से वादा किया कि मैं यहां हेड कोच का पद नहीं ले रहा हूं। लेकिन मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को बेहतर बनाऊं, इसके लिए सही स्ट्रक्चर, प्रोसेस और प्रोटोकॉल तैयार करूं, ताकि आगे बढ़ने से पहले यहां एक मजबूत व्यवस्था बन सके।”

गौतम गंभीर बने भारत के कोच

राहुल द्रविड़ ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच का पद छोड़ दिया था। इसके बाद वीवीएस लक्ष्मण का नाम एक बार फिर इस पद के लिए चर्चा में आया। लेकिन, उस समय BCCI ने गौतम गंभीर को मुख्य कोच की जिम्मेदारी सौंपी। गंभीर इससे पहले IPL में कोलकाता नाइट राइडर्स के मेंटर थे और उनकी अगुवाई में टीम ने खिताब जीता था। इसके बाद गंभीर के कार्यकाल में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप भी जीता।

IND vs SL: जडेजा ने उतारी कुलदीप के बॉलिंग एक्शन की नकल, हंसी नहीं रोक पाए गंभीर, वीडियो वायरल

भारत और श्रीलंका के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से होगा। वहीं इस सीरीज से पहले भारतीय टीम कोलंबो में श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ तीन दिवसीय प्रैक्टिस मैच खेल रही है। वहीं इस टेस्ट मैच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिन का खेल खत्म होने के बाद जडेजा ने कुलदीप यादव के गेंदबाजी एक्शन की मजेदार नकल करते हुए नजर आए। जडेजा की इस हरकत पर हेड कोच गौतम गंभीर भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए।

जडेजा की टीम में हुई वापसी

प्रैक्टिस मैच के दूसरे दिन रवींद्र जडेजा ने शानदार बल्लेबाजी की और कप्तान शुभमन गिल की गैरमौजूदगी में नंबर-4 पर उतरकर नाबाद अर्धशतक लगाया। वहीं जून में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट में रवींद्र जडेजा को टीम में जगह नहीं मिली थी। वहीं अब श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए उन्हें शामिल किया गया है। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में जडेजा टीम के लिए गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

कुलदीप ने किया शानदार प्रदर्शन

कुलदीप यादव ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल हैं। प्रैक्टिस मैच में उन्होंने नंबर-8 पर बल्लेबाजी करते हुए 15 गेंदों में एक रन बनाया और नाबाद रहे। कुलदीप यादव ने अभ्यास मैच के पहले दिन गेंद से अच्छा प्रदर्शन किया और 18 ओवर में 76 रन देकर दो विकेट हासिल किए। लेकिन श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उनकी जगह अभी तय नहीं मानी जा रही है। प्लेइंग-11 में शामिल होने के लिए कुलदीप को राजस्थान के स्पिनर मानव सुथार से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों में भी कुलदीप को खेलने का मौका नहीं मिला था।

मानव सुथार का शानदार प्रदर्शन

मानव सुथार ने भी प्रैक्टिस मैच में अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। जून में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले सुथार ने उस मैच की पहली पारी में छह विकेट लिए थे। श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ अभ्यास मैच के पहले दिन उन्होंने दो विकेट हासिल किए, जबकि दूसरे दिन गेंदबाजी में 13 ओवर में 33 रन देकर 2 विकेट लिए। इसके अलावा उन्होंने बल्ले से भी योगदान दिया और 90 गेंदों पर 41 रन बनाए।

Ajit Agarkar: खतरे में है अजीत अगरकर की कुर्सी? ये दिग्गज खिलाड़ी ले सकता है जगह

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के चीफ सिलेक्टर्स अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर 2026 में खत्म हो जाएगा। वहीं ऐसी खबरें है कि अजीत अगरकर को टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर पद से हटाया जा सकता हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने के मूड में नहीं दिख रही है। बीसीसीआई अगरकर की जगह वीवीएस लक्ष्मण को चीफ सिलेक्टर्स बना सकती है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण का नाम सबसे प्रमुख दावेदारों में लिया जा रहा है। फिलहाल लक्ष्मण बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में क्रिकेट प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं बोर्ड ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या घोषणा नहीं की है।

अजीत अगरकर की होगी छुट्टी!

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के हालिया इंग्लैंड दौरे के दौरान हुई कुछ घटनाओं के बाद बीसीसीआई ने अजीत अगरकर का कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाने के फैसले पर दोबारा विचार करना शुरू कर दिया है। पहले माना जा रहा था कि उनका कार्यकाल आगे बढ़ाया जाएगा, लेकिन अब इस संभावना पर संशय जताया जा रहा है।

एनुअल जनरल मीटिंग में होगा फैसला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंग्लैंड दौरे के दौरान रोहित शर्मा के ODI भविष्य को लेकर हुआ विवाद BCCI के सीनियर अधिकारियों को पसंद नहीं आया। इसके बाद सेलेक्शन कमिटी के कामकाज और नेतृत्व को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि सितंबर में होने वाली BCCI की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में अजीत अगरकर के भविष्य पर विस्तार से विचार किया जा सकता है।

2027 विश्व कप तक रहना चाहते हैं अगरकर

अजीत अगरकर के कार्यकाल को बढ़ाने की संभावना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ऐसी उम्मीद है कि भारत का 2 टेस्ट मैचों का श्रीलंका दौरा उनके प्रदर्शन के मूल्यांकन में अहम भूमिका निभा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगरकर भी 2027 वनडे विश्व कप तक मुख्य चयनकर्ता के पद पर बने रहने के इच्छुक हैं। ऐसे में आगे का फैसला बोर्ड की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। हाल ही में, गौतम गंभीर की गैरमौजूदगी में वीवीएस लक्ष्मण ने जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टी20 टीम के अंतरिम मुख्य कोच की भूमिका भी निभाई थी।

2023 में बने थे चीफ सेलेक्टर्स

अजीत अगरकर ने 2023 में भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता का पद संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई बड़ी सफलताएं हासिल कीं। इस दौरान भारत ने 2024 और 2026 का टी20 विश्व कप जीतने के साथ-साथ 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी पर भी कब्जा जमाया। इन उपलब्धियों की वजह से उनका कार्यकाल भारतीय क्रिकेट के सफल दौरों में गिना जा रहा है।

अजीत आगरकर का पत्ता काट सकते हैं लक्ष्मण, चयनकर्ता बनने के एकदम करीब

भारतीय चयनकर्ता अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। ऐसे में यह खबर आ रही है कि अगर अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर के आगे नहीं बढ़ता है तो फिर वीवीएस लक्ष्मण को भारतीय टीम का चयनकर्ता बनाया जा सकता है। लेकिन सबकुछ आने वाली श्रीलंका सीरीज पर निर्भर करता है। अगर यह सीरीज भारत जीत जाती है तो अजीत आगरकर का कार्यकाल आगे भी बढ़ाया जा सकता है। अन्यथा वीवीएस लक्ष्मण भारत के मुख्य चयनकर्ता होंगे।

 इंग्लैंड के हालिया दौरे पर दूसरे वनडे से पहले रोहित के करियर खत्म होने की खबरों का बाहर आना, उसके बाद बीसीसीआइ सचिव देवजीत सैकिया का मुख्य चयनकर्ता से बात किए बिना ये कहना कि रोहित जब तक टीम योजना का हिस्सा हैं। इन सब परिस्थितियों ने पहलुओं को बहुत उलझा दिया है।

BCCI पदाधिकारियों को लगता है कि लक्ष्मण की बातों को ज्यादा तवज्जो मिलेगी और रोहित-विराट जैसे सीनियर खिलाड़ी भी उनकी बात को मानेंगे। हालांकि अभी भी हालांकि अभी भी आगरकर के पास वही संजीवनी है जो रोहित शर्मा के पास है – एकदिवसीय विश्वकप 2027। बीसीसीआइ अभी भी ये सोच रहा है कि 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक साल का विस्तार दिया जा सकता है। बशर्ते कुछ अच्छी खबरें सुनने को मिले।

रोहित प्रकरण के बाद ज्यादा तेज हुए रस्साकशी

गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले एकदविसीय मैच में 21 गेंदो में 11 रन बनाए थे।  दूसरे एकदिवसीय मैच में 47 गेंद में 1 चौका और छक्का मारने के बाद 26 रन बनाकर आउट हुए। उनका 5 रनों पर गस एटिंकसन ने कैच छोड़ा था। इन दो मैचों के बाद मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के मुताबिक चयनकर्ताओं ने उनको बता दिया है कि वह एकदिवसीय विश्वकप 2027 के लिए टीम की योजनाओं में नहीं है।

रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले अंतिम एकदिवसीय मैच में शतक (138 रन) मारकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया था। हालांकि यह दूसरी बार हुआ है जब रोहित शर्मा का करियर एक महीन धागे से बंधा था तब उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेल दी थी।

ऐसे में गौतम गंभीर के दोस्त अजीत आगरकर की जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति टीम का चयनकर्ता बनता है जिसके संबंध रोहित शर्मा से अच्छे हैं तो फिर गौतम गंभीर को उन्हें हर मैच में मौका देना होगा भले ही रोहित कितना भी गंदा खेलें।भारतीय टीम प्रबंधन नहीं चाहता था कि रोहित शर्मा 2027 वनडे विश्व कप खेलें। इसको लेकर इंग्लैंड दौरे के दौरान एक चयनकर्ता ने बोर्ड को शीशे में भी ढाल लिया था लेकिन मामला उल्टा पड़ गया।

गौतम की गंभीर शिकायत लेकर BCCI के पास गए कुछ सीनियर खिलाड़ी

गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत ने भले ही दो आसीसी टूर्नामेंट्स जीत लिए हों लेकिन द्विपक्षीय सीरीज में भारत की लगातार हार से कई सवाल उठे हैं। खासकर दो टेस्ट सीरीज जो भारत में हुई थी उसका काफी कुछ श्रेय गौतम गंभीर को गया। जून के महीने में रोहित शर्मा संन्यास ले रहे हैं ऐसा भ्रम फैलाया गया लेकिन वह खबरें बोर्ड ने खारिज कर दी और रोहित ने लॉर्ड्स में शतक ठोक दिया।  

ऐसे में कई सीनियर खिलाड़ी अब गौतम गंभीर के रवैये और कोचिंग के तौर तरीके से नाराज होकर इसकी शिकायत बोर्ड के सामने रखने गए हैं। ऐसे में संभव है कि सीनियर खिलाड़ियों को किनारे लगाने की सोचने वाले गौतम गंभीर खुद ही किनारे लग जाए।मीडिया सूत्रों में चल रही खबरों के अनुसार कुछ खिलाड़ियों ने मुख्य कोच की शिकायत बोर्ड से की है।

हालांकि अभी तक यह पता नहीं चला है कि कितने सीनियर खिलाड़ियों ने शिकायत की है और कौन कौन इसमें शामिल है। इस खबर की पुष्टि भी होना बाकी है। लेकिन गौतम गंभीर पर फिलहाल दबाव बनाने का यह बेहतरीन मौका है जिसे सीनियर खिलाड़ी छोड़ना नहीं चाहते।

दबाव बढ़ रहा है गंभीर पर

भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा को निकालने में नाकाम कोच गौतम गंभीर पर अब दबाव बढ़ता नजर आ रहा है।अगली एकदिवसीय सीरीज अब अक्टूबर में हो रही है और मुख्य चयनकर्ता अजीत आगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है।

ऐसे में गौतम गंभीर के दोस्त अजीत आगरकर की जगह अगर कोई ऐसा व्यक्ति टीम का चयनकर्ता बनता है जिसके संबंध रोहित शर्मा से अच्छे हैं तो फिर गौतम गंभीर को उन्हें हर मैच में मौका देना होगा भले ही रोहित कितना भी गंदा खेलें। ऐसे में रोहित शर्मा से आगे बढ़ने की बात पर सहमति जता चुके गौतम गंभीर खुद अपना 2027 विश्वकप का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे सकते हैं।

गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में खेले अंतिम एकदिवसीय मैच में शतक (138 रन) मारकर अपने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया था। हालांकि यह दूसरी बार हुआ है जब रोहित शर्मा का करियर एक महीन धागे से बंधा था तब उन्होंने एक अर्धशतकीय पारी खेल दी थी।

श्रेयस ने भी ले ली थी चुटकी

जिम्बाब्वे के खिलाफ बतौर कप्तान अपनी पहली टी-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज जीतकर श्रेयस अय्यर ने दौरे पर गए कोच VVS लक्ष्मण के लिए तारीफ के पुल बांध दिए। इसे कई क्रिकेट फैंस इस नजरिए से देख रहे हैं कि श्रेयस अय्यर यह साबित करना चाहते हैं कि गौतम गंभीर की कोचिंग के कारण टीम को आयरलैंड और फिर इंग्लैंड के खिलाफ 0-2 और 0-4 की शर्मनाक हार झेलनी पड़ी थी।

गौरतलब है कि VVS लक्ष्मण का कोचिंग करियर खासा अच्छा गया है। साल 2022 से टीम के साथ कभी कभार कोचिंग की जिम्मेदारी संभालने वाले वीवीएस लक्ष्मण अब तक बतौर कोच एक भी सीरीज नहीं हारे हैं।

टी दिलीप: बेस्ट फील्डर मेडल की संस्कृति लाने वाले कोच ने लिखा भावुक पोस्ट

भारतीय फील्डिंग में सबसे ज्यादा क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले फील्डिंग कोच टी-दिलीप का कार्यकाल समाप्त हो गया है और वह टीम के साथ श्रीलंका नहीं जा रहे हैं। फील्डिंग कोच टी-दिलीप ने भारतीय खिलाड़ियों का फील्डिंग स्तर खासा बढ़ाया। खासकर एकदिवसीय विश्वकप के दौरान जब हर मैच के बाद टीम को फील्डिंग मेडल दिया जाता था। यह एक ऐसी प्रथा थी जिससे हर खिलाड़ी प्रोत्साहित हुआ।अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भावुक पोस्ट लिखा।

टी दिलीप ने लिखा” एक ऐसे सफ़र के लिए सही शब्द ढूँढना मुश्किल है जो मेरे लिए बहुत मायने रखता है।जब मैं पहली बार इस टीम से जुड़ा, तो मेरा मकसद बस एक ही था – हर दिन अपना सब कुछ झोंक देना।

उस खेल में योगदान देने का मेरा तरीका हमेशा से फील्डिंग ही रहा है जिसे मैं बहुत प्यार करता हूँ, और मैं शुक्रगुज़ार हूँ कि मुझे इस टीम के सफ़र का हिस्सा बनने का मौका मिला।फील्डिंग मेडल हमेशा मेरे दिल के बहुत करीब रहेगा। ड्रेसिंग रूम में इसने जो उत्साह पैदा किया, जो मुस्कान बिखेरी और खिलाड़ियों ने इसे जो अहमियत दी – ये सब ऐसी यादें हैं जो हमेशा मेरे साथ रहेंगी।

इन उपलब्धियों का हिस्सा बनने पर मुझे हमेशा गर्व रहेगा:

  • दो ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप जीत (2024 और 2026)
  • ICC चैंपियंस ट्रॉफ़ी जीत (2025)
  • दो एशिया कप जीत (2023 और 2025)
  • ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और ICC मेन्स क्रिकेट ODI वर्ल्ड कप (2023) में रनर-अप
  • वर्ल्ड स्टेज पर कई यादगार सफ़र

मुझ पर भरोसा करने और भारतीय क्रिकेट की सेवा करने का मौका देने के लिए BCCI और भारतीय क्रिकेट टीम का दिल से शुक्रिया। राहुल द्रविड़ और गौतम गंभीर, आपके भरोसे के लिए धन्यवाद। आप दोनों के साथ काम करना बहुत अच्छा अनुभव रहा।

रोहित शर्मा, सूर्या कुमार, विराट कोहली, हार्दिक पांड्या, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर, आप सभी के साथ काम करना और आपके कप्तानी के समय में योगदान देना मेरे लिए सम्मान की बात थी। हर खिलाड़ी, कोच और सपोर्ट स्टाफ़ के सदस्य को… धन्यवाद। हमने साथ में जो यादें बनाई हैं, वे ज़िंदगी भर मेरे साथ रहेंगी।

जैसे ही यह अध्याय समाप्त हो रहा है, मैं हमेशा शुक्रगुज़ार रहूँगा कि मुझे पाँच यादगार वर्षों तक भारत का बैज पहनने का सम्मान मिला।हमेशा आभारी रहूँगा। सफ़र जारी है।”

T Dilip

भारत के क्षेत्ररक्षण कोच टी दिलीप ने खुलासा किया कि वह ट्रेनिंग सत्र की शुरुआत में खिलाड़ियों के समूहों के बीच क्षेत्ररक्षण प्रतियोगिताओं का आयोजन करना पसंद करते हैं क्योंकि इससे सही माहौल बनाने में मदद मिलती है।हाल ही में हुए एक प्रशिक्षण सत्र की बारीकियों को समझाते हुए दिलीप ने कहा कि उन्होंने गेंद को सीमा रेखा से वापस फेंकने पर काम किया। इस सत्र में भारतीय खिलाड़ियों को दो समूहों में विभाजित किया गया था।उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि सभी लोग एक साथ मिलकर टीम ड्रिल करें लेकिन साथ ही चाहते हैं कि वे मैच के लिए भी तैयार हों।’’

गौतम गंभीर के कोचिंग स्टाइल से खुश नहीं BCCI! सीनियर प्लेयर्स ने की शिकायत, अहम होगी श्रीलंका सीरीज

भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई से अब गौतम गंभीर को पहले जैसा मजबूत समर्थन नहीं मिल रहा है। पिछले एक साल के मुकाबले उनकी स्थिति बदल गई है और टीम के प्रदर्शन को लेकर उन पर दबाव बढ़ गया है। टीम के हालिया प्रदर्शन के बाद बोर्ड के कुछ अधिकारियों और टीम से जुड़े कुछ लोगों के बीच उनके काम करने के तरीके को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि, बोर्ड और टीम से जुड़े कुछ अहम लोगों का भरोसा भी पहले जैसा नहीं रहा।

गंभीर से खुश नहीं बीसीसीआई

cricblogger.com की रिपोर्ट्स के अनुसार, गंभीर कभी भी हार की जिम्मेदारी खुद लेते हैं, वह हार का ठीकरा किसी और के सिर फोड़ते हैं। बीसीसीआई के कुछ अधिकारियों का मानना है कि टीम की हार के बाद गौतम गंभीर अक्सर खिलाड़ियों, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) या सपोर्ट स्टाफ को जिम्मेदार ठहराते हैं। वहीं टीम प्रबंधन के फैसलों की जिम्मेदारी कम ही लेते हैं। रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया कि इस सोच का असर अब भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में भी देखने को मिल रहा है। वहीं टीम के कुछ सीनियर खिलाड़ियों ने निजी तौर पर पूर्व क्रिकेटरों और बीसीसीआई के कुछ अधिकारियों के सामने गौतम गंभीर के कोचिंग के तरीके पर अपनी नाराजगी जाहिर की है।

श्रीलंका दौरा होगा अहम

रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई के भीतर गौतम को लेकर माहौल पहले जैसा नहीं रहा है। ऐसे में श्रीलंका दौरा गौतम गंभीर के लिए काफी अहम माना जा रहा है। अगर इस सीरीज में भी टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, तो उनके कामकाज पर सवाल और बढ़ सकते हैं। हाल के टेस्ट मुकाबलों और इंग्लैंड दौरे में खराब प्रदर्शन के बावजूद गंभीर को उनके 2027 तक के कॉन्ट्रैक्ट का सहारा है। माना जा रहा है कि विश्व कप से पहले बीसीसीआई जल्दबाजी में मुख्य कोच को हटाने जैसा बड़ा फैसला नहीं करेगा।

कब उठे थे सवाल

रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार के बाद गौतम गंभीर पर ज्यादा सवाल नहीं उठे थे, क्योंकि उस समय हार की जिम्मेदारी मुख्य रूप से खिलाड़ियों पर डाली गई थी। बाद में उनकी आलोचना तब बढ़ी जब उन्होंने टीम के खराब प्रदर्शन की वजह बदलाव के दौर (ट्रांजिशन) को बताया। आलोचकों ने इस पर सवाल उठाए, क्योंकि अपने कार्यकाल की शुरुआत में गंभीर खुद कह चुके थे कि टीम में किसी तरह का ट्रांजिशन नहीं चल रहा है।