‘दिल्ली को टॉप पर ले जाना है’, हेड कोच बनते ही सौरव गांगुली ने बताया अपना मिशन

दिल्ली कैपिटल्स ने IPL 2027 के लिए सौरव गांगुली को अपना नया हेड कोच बनाया। टीम की जिम्मेदारी संभालने के बाद गांगुली ने कहा कि फ्रेंचाइजी के पास केएल राहुल और ऋषभ पंत जैसे बेहतरीन खिलाड़ी मौजूद हैं और टीम काफी मजबूत है। उन्होंने कहा कि 2019 और 2020 में दिल्ली कैपिटल्स का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था और अब उनका लक्ष्य टीम को फिर उसी स्तर पर ले जाना है। पिछले सीजन में दिल्ली कैपिटल्स की टीम छठे स्थान पर रही थी। अब सौरव गांगुली की नजर टीम को बेहतर प्रदर्शन कराने पर है। उन्होंने कहा कि उनका पहला लक्ष्य दिल्ली कैपिटल्स को प्लेऑफ में पहुंचाना होगा। टीम अब तक सिर्फ एक बार 2020 में आईपीएल के फाइनल तक पहुंची है, लेकिन खिताब नहीं जीत सकी।

गांगुली की हुई घर वापसी

दिल्ली कैपिटल्स के साथ सौरव गांगुली का रिश्ता काफी पुराना है। साल 2019 में सौरव गांगुली टीम के साथ सलाहकार के तौर पर काम शुरू किया था। इसके बाद वह फ्रेंचाइजी में अलग-अलग अहम जिम्मेदारियां संभालते रहे हैं। गांगुली पुरुष और महिला दोनों टीमों के क्रिकेट डायरेक्टर की भूमिका भी निभा चुके हैं। अब हेड कोच के तौर पर उनकी नियुक्ति को टीम के साथ उनकी एक तरह की घर वापसी के तौर पर देखा जा रहा है।

काफी अच्छी है दिल्ली की टीम

दिल्ली कैपिटल्स के YouTube चैनल पर बात करते हुए गांगुली ने कहा, “ये केएल राहुल, अक्षर पटेल, ऋषभ पंत, मिशेल स्टार्क, लुंगी एनगिडी, डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स जैसे खिलाड़ियों के साथ एक अच्छी टीम है। यह काफी मजबूत टीम है और मुझे उम्मीद है कि हम अपनी पूरी क्षमता के अनुसार खेलेंगे। उम्मीद है कि हर खिलाड़ी समझेगा कि वह कितना अच्छा है और मैदान पर खुलकर अपना खेल दिखाएगा।” गांगुली ने कहा, “मेरा मोटिवेशन दिल्ली को टॉप पर ले जाना है। 2019 और 2020 में दिल्ली की टीम बहुत अच्छी थी। मैं उस टीम को बनाने का हिस्सा था, लेकिन इसके बाद मैंने टीम छोड़ दी और BCCI प्रेसिडेंट बन गया।”

उन्होंने आगे कहा, “इसलिए उस नजरिए से उस टीम को एक अलग स्तर पर ले जाने की प्रेरणा हमेशा बनी रहेगी। मुझे लगता है कि मैं खिलाड़ियों से भी यही उम्मीद करूंगा, क्योंकि ड्रेसिंग रूम में काफी टैलेंट मौजूद है।”

IPL 2027 में बेहतर प्रदर्शन करेगी दिल्ली

भारत के पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली ने माना कि दिल्ली कैपिटल्स को पिछले कुछ सालों में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान वह टीम के प्रदर्शन को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। गांगुली ने कहा, “मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि दिल्ली के लड़कों को अपनी टीम पर गर्व करने का मौका मिले। उन्होंने इस टीम को तैयार करने में काफी समय और एनर्जी लगाई है और मैं चाहता हूं कि आने वाले वर्षों में टीम उन्हें खुशी का मौका दे।”

श्रेयस अय्यर के शानदार शतक ने भारतीय टी-20 कप्तान को टॉप 10 रैंकिंग में पहुंचाया

 

भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर मंगलवार को लखनऊ में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज के पहले मैच में अपना पहला टी 20 शतक लगाने के बाद पुरुष टी 20 बैटिंग रैंकिंग में करियर के सर्वश्रेष्ठ सातवें स्थान पर पहुंच गए हैं। अय्यर ने 43 गेंदों में 10 चौकों और छह छक्कों की मदद से नाबाद 102 रन बनाए, जिससे विश्व विजेता ने 32 गेंद बाकी रहते आठ विकेट से शानदार जीत हासिल की।

इस धमाकेदार पारी ने अय्यर को 18 पायदान ऊपर चढ़ा दिया है, जिससे वह इस प्रारुप में भारत के तीसरे सबसे ऊंचे रैंक वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इशान किशन रैंकिंग में सबसे ऊपर हैं, अभिषेक शर्मा दूसरे और तिलक वर्मा 10वें नंबर पर हैं।

वेस्टइंडीज़ के बैट्समैन शेरफेन रदरफोर्ड की तेज़ 56 रन की पारी ने उन्हें 10 पायदान ऊपर चढ़कर 37वें नंबर पर पहुंचा दिया है, जबकि भारत के किशोर वैभव सूर्यवंशी (आठ पायदान ऊपर 46वें नंबर पर) और पाकिस्तान के हसन नवाज़ (62 पायदान ऊपर 48वें नंबर पर) एशियन गेम्स में अपने प्रदर्शन के बाद लिस्ट में ऊपर आ गए हैं।

एशियन गेम्स में सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल में अबरार अहमद के 29 रन देकर कोई विकेट नहीं लेने और 29 रन देकर एक विकेट लेने के आंकड़े उन्हें गेंदबाज में नंबर 1 की जगह बनाए रखने के लिए काफ़ी नहीं थे और दूसरे लेग-स्पिनर राशिद खान अपने आठवें स्पेल के लिए टॉप पर वापस आ गए हैं, जो पहले ही नंबर 1 पर किसी और से दोगुने से ज़्यादा समय तक रह चुके हैं।

भारत के खब्बू स्पिनर अक्षर पटेल ने पिछले हफ़्ते तीन मैचों में दो-दो विकेट लिए और 16 पायदान ऊपर चढ़कर सातवें नंबर पर पहुँच गए। बांग्लादेश के नसुम अहमद (तीन स्थान ऊपर आठवें) और महेदी हसन (10 स्थान ऊपर नौवें), श्रीलंका के नुवान तुषारा (18 स्थान ऊपर 48वें) और पाकिस्तान के सैम अयूब (आठ स्थान ऊपर 62वें) रैंकिंग में ऊपर जाने वाले अन्य हैं।

पुरुष वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में भारत के कप्तान शुभमन गिल ने गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में नाबाद 223 रन की पारी के बाद शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। प्रारूप में उनका दूसरा दोहरा शतक, जो वनडे रन चेज में सर्वोच्च स्कोर था, ने उन्हें 25 रेटिंग अंक जोड़ने और अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ 841 रेटिंग अंकों की बराबरी करने में मदद की है। पूर्व कप्तान विराट कोहली दूसरे से तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं।

VVS लक्ष्मण को मिली बड़ी भूमिका, टीम चयन में रहेगा योगदान

भारतीय क्रिकेट के पूर्व बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण लंबे समय से भारतीय क्रिकेट टीम के साथ बतौर कोच समय बिता चुके हैं। जब राहुल द्रविड़ मुख्य टीम के साथ व्यस्त रहते थे तो राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण युवा टीम के साथ दौरे पर जाते थे। पिछली बार की तरह इस बार भी एशियाड में वीवीएस लक्ष्मण ही कोच थे। अब भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने उनको बड़ी जिम्मेदारी देने का मन बना लिया है।अब टीम का चयन करते वक्त उनकी भी राय ली जाएगी ऐसा बोर्ड सचिव देवाजीत सैकिया ने कहा है।

इंग्लैंड के हालिया दौरे पर दूसरे वनडे से पहले रोहित के करियर खत्म होने की खबरों का बाहर आना, उसके बाद बीसीसीआइ सचिव देवजीत सैकिया का मुख्य चयनकर्ता से बात किए बिना ये कहना कि रोहित जब तक टीम योजना का हिस्सा हैं। इन सब परिस्थितियों ने पहलुओं को बहुत उलझा दिया है।

BCCI पदाधिकारियों को लगता है कि लक्ष्मण की बातों को ज्यादा तवज्जो मिलेगी और रोहित-विराट जैसे सीनियर खिलाड़ी भी उनकी बात को मानेंगे। भारतीय टीम प्रबंधन नहीं चाहता था कि रोहित शर्मा 2027 वनडे विश्व कप खेलें। इसको लेकर इंग्लैंड दौरे के दौरान एक चयनकर्ता ने बोर्ड को शीशे में भी ढाल लिया था लेकिन मामला उल्टा पड़ गया।ऐसा माना जा रहा है कि वीवीएस लक्ष्मण ना केवल गुत्थियों को सुलझाएंगे बल्कि बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच एक पुल का काम भी करेंगेँ।

51 वर्ष के लक्ष्मण 5 साल से NCA के प्रमुख हैं और भारतीय क्रिकेटरों की अगली नस्ल को बखूबी जानते हैं। द्रविड़ के अवकाश पर होने पर उन्होंने सीनियर टीम की कोचिंग भी की है। उनके कोच रहते भारत ने एशियाई खेल, आस्ट्रेलिया के खिलाफ द्विपक्षीय टी20 श्रृंखला और इंग्लैंड, न्यूजीलैंड तथा आयरलैंड में श्रृंखलायें खेली है।

लक्ष्मण के चमकदार करियर की विदाई रही कड़वी

द्रविड़ की तरह लक्ष्मण को भी मैदान पर विदाई लेने का मौका नहीं मिला। अपने करियर में अधिकतर समय ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की नाक में दम करने वाले लक्ष्मण के करियर का अंत आखिर में ऑस्ट्रेलिया दौरे के साथ ही हो गया। लक्ष्मण ने ऑस्ट्रेलिया दौरे में चार टेस्ट मैचों में 19.37 की औसत से 155 रन बनाए थे। इसके बाद भी वह भारत के घरेलू सत्र की तैयारियों में जुटे थे लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ अगस्त 2009 में होने वाली टेस्ट श्रृंखला के लिए टीम में चुने जाने के बावजूद उन्होंने 18 अगस्त को अचानक संन्यास लेने की घोषणा करके सभी को चौंका दिया था।

माना जा रहा था कि चयनकर्ताओं ने लक्ष्मण को कह दिया था कि यह उनकी आखिरी श्रृंखला होगी और इस कलात्मक बल्लेबाज ने इससे पहले टेस्ट क्रिकेट छोड़ना उचित समझा।भारत के लिए कई यादगार पारियां खेलने वाले लक्ष्मण ने अपना करियर 1996 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शुरू किया था। उन्होंने 134 टेस्टों में 8781 रन बनाए जिनमें 17 शतक और 56 अर्द्धशतक शामिल हैं। लक्ष्मण ने 86 वनडे में छह शतकों के साथ 2338 रन भी बनाए।

स्मृति मंधाना की हुई ताजपोशी, जिम्बाब्वे दौरे पर करेंगी महिला टीम की कप्तानी

जैसा कि क्रिकेट के गलियारों में चर्चा थी कि स्मृति मंधाना को भारतीय महिला क्रिकेट टीम का कप्तान नियुक्त करने में देरी नहीं की जाएगी ठीक वैसा ही हुआ। सुबर हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी से इस्तीफा दिया तो रात में स्मृति मंधाना को भारतीय महिला क्रिकेट टीम का कप्तान घोषित कर दिया गया।शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा को मंगलवार को भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय और एकदिवसीय टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया।

कप्तानी छोड़ने के बावजूद हरमनप्रीत कौर को सीमित ओवर क्रिकेट की दोनों टीमों में रखा गया है। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैच की टी20 श्रृंखला रायपुर में 16, 18 और 20 अक्टूबर को खेली जाएगी।

तीन मैच की वनडे श्रृंखला वडोदरा में 23, 25 और 28 अक्टूबर को होगी।टी20 टीम में प्रतिका रावल को जगह नहीं मिली है जबकि निक्की प्रसाद, मीनू मणि, अनुष्का शर्मा और जिंतिमणि कलिता को शामिल किया गया है। इन चारों ने हाल में ऑस्ट्रेलिया महिला टीम के खिलाफ सीमित ओवर और बहु दिवसीय श्रृंखला में हिस्सा लिया था।

एकदिवसीय टीम में रावल और हरलीन देओल मध्यक्रम में होंगी। वहीं, जेमिमा रोड्रिग्स को टीम से बाहर रखा गया है। वह महिला टी20 एशिया कप और एशियाई खेलों में भी नहीं खेल सकी थीं और अगस्त की शुरुआत में पैर की मांसपेशियों में चोट लगने के बाद अब भी टीम से बाहर हैं।

वनडे टीम में वैष्णवी शर्मा को भी शामिल किया गया है जिन्होंने हाल में ऑस्ट्रेलिया ए महिला टीम के खिलाफ छह विकेट लिए थे। तेजल हसबनिस और सयाली सतघरे को भी टीम में जगह मिली है।

टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम:स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, निक्की प्रसाद, हरमनप्रीत कौर, अनुष्का शर्मा, ऋचा घोष, जी कमालिनी, दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, श्री चरणी, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, जिंतिमणि कलिता, मीनू मणि।

एकदिवसीय टीम:स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, प्रतिका रावल, हरमनप्रीत कौर, हरलीन देओल, तेजल हसबनिस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, यस्तिका भाटिया, वैष्णवी शर्मा, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, क्रांति गौड़, सयाली सतघरे, रेणुका ठाकुर।

श्रेयस अय्यर का पहले शतक की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेटों से रौंदा

INDvsWI श्रेयस अय्यर के शानदार 42 गेंदों में 102 रनों और ईशान किशन की 37 रनों की पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज को लखनऊ में खेले गए पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 8 विकेटों से हरा दिया। भारत ने सिर्फ अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन का विकेट गंवाया।

इससे पहले शाई होप (52) और शेरफेन रदरफोर्ड (56) की आतिशी अर्धशतकीय पारियों के बदौलत वेस्टइंडीज ने पांच मैचों की टी 20 मैचों की श्रृखंला के पहले मुकाबले में मंगलवार को भारत के खिलाफ 19.1 ओवर में 171 रन बनाये। अटल बिहारी इकाना स्टेडियम पर अपने पदार्पण मैच में हरियाणा के गेंदबाज नमन धीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुये 31 रन देकर तीन महत्वपूर्ण विकेट झटके।

उन्होने अपने स्पेल के सिलसिलेवार तीन ओवरों में पिच पर खतरनाक नजर आ रहे वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप (52) का विकेट झटक कर मेहमान टीम को बैकफुट पर ढकेल दिया जबकि बाद में उन्होने रोमारियो शेफर्ड (7) और शमर स्प्रिंगर (9) को सस्ते में चलता कर मेहमान टीम की रनो की रफ्तार में लगाम कस दी। धीर की लय को बरकरार रखने में दूसरे छोर पर अनुभवी कुलदीप यादव (33 रन पर दो विकेट) का योगदान अहम रहा जिन्होने रोस्टन चेज (5) और मैथ्यू फोर्ड (2) के विकेट झटके।

मैथ्यू छक्का जड़ने के प्रयास में सीमा रेखा के पास ईशान किशन के हाथों लपके गये। 16वें ओवर के अंत तक मेहमान टीम के आठ खिलाड़ी 135 रन पर पवेलियन लौट चुके थे और लगने लगा था कि मेहमान 160 रन के आसपास ही बना पायेंगे, मगर आखिरी के ओवरों में रदरफोर्ड ने पुछल्ले बल्लेबाजों की मदद से रन गति को रफ्तार दी और पूरी टीम के 19.1 ओवर में वापस लौटने से पहले 171 रन स्कोरबोर्ड पर टंग चुके थे।

मयंक यादव अपने शुरुआती स्पेल पर खर्चीले दिखे मगर बाद के दो ओवर में उन्होने खतरनाक रदरफोर्ड का विकेट चटका कर कप्तान और कोच के चेहरे पर मुस्कान ला दी। अर्शदीप ने अपने पदार्पण मैच खेल रहे कामिल पूरन (12) को आउट किया जबकि शिमरन हेटमेयर (5) रन चुराने के चक्कर में विकेट गंवा बैठे जबकि अक्षर पटेल ने अपने इसी ओवर में तीर की तरह गेंद फेंक कर नये बल्लेबाज रोवमैन पोवेल (0) को क्लीन बोल्ड कर दिया।

4 साल बाद भुवनेश्वर कुमार ने भारतीय T20I टीम में की वापसी

अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की मंगलवार को राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई जब उन्हें करीब चार साल बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ इस महीने के अंत में होने वाली पांच मैच की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के लिए टीम में चुना गया।

पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के पद छोड़ने के बाद चयनकर्ताओं ने पहली बार टीम का चयन किया जिसकी घोषणा भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने की। प्रज्ञान ओझा अंतरिम मुख्य चयनकर्ता हैं। टीम में वरुण चक्रवर्ती की भी वापसी हुई है जो चोट के कारण एशियाई खेलों में नहीं खेल सके थे।

भारतीय टीम न्यूजीलैंड में 22 अक्टूबर से एक नवंबर तक पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी। श्रृंखला का पहला मैच 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में होगा जबकि दूसरा मुकाबला भी इसी शहर में 24 अक्टूबर को खेला जाएगा।

तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय 27 अक्टूबर को वेलिंगटन में होगा जबकि चौथा और पांचवां मैच क्रमश: 30 अक्टूबर और एक नवंबर को ऑकलैंड और हैमिल्टन में खेले जाएंगे।टी20 श्रृंखला के बाद भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैच की एकदिवसीय श्रृंखला और दो टेस्ट मैच भी खेलेगा।

भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम:श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, वैभव सूर्यवंशी, इशान किशन, तिलक वर्मा, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, नितीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव।

भारत ए टीम:यशस्वी जायसवाल, लोकेश राहुल, देवदत्त पडिक्कल, रविचंद्रन स्मरण, ऋषभ पंत, ध्रुव जुरेल (कप्तान), वाशिंगटन सुंदर, आकिब नबी, आकाश दीप, अंशुल कंबोज, मानव सुथार, मुकेश चौधरी, साई सुदर्शन, यश राठौड़ और मुकेश कुमार।

विश्वकप विजेता भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने हर प्रारुप की छोड़ी कप्तानी

Harmanpreet Kaur

पिछले साल भारतीय टीम को पहला एकदिवसीय विश्वकप दिलाने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सभी प्रारुपों (लाल और सफेद गेंद की क्रिकेट) की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। अब वह बतौर खिलाड़ी ही भारतीय टीम में खेलेंगी।

गौरतलब है कि साल 2022 में तत्कालीन कप्तान मिताली राज के संन्यास लेने के बाद उनको एकदिवसीय  और टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई थी। टी-20 प्रारुप में वह इससे पहले कप्तानी कर चुकी थी। सैंतीस वर्षीय हरमनप्रीत ने करीब एक दशक तक भारतीय टी20 टीम की कप्तानी की। उन्होंने 2016 में यह जिम्मेदारी संभाली थी।साल 2020 में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में टी-20 विश्वकप का फाइनल हरमनप्रीत की अगुवाई में खेल चुकी थी।

हरमनप्रीत का यह फैसला गुवाहाटी में बीसीसीआई की समीक्षा बैठक के बाद आया। बैठक में पिछले कुछ महीनों में टीम के प्रदर्शन और उसके भविष्य की दिशा पर चर्चा की गई। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में हरमनप्रीत के अलावा उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी मौजूद थे।

हरमनप्रीत ने इसकी घोषणा अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर की। उन्होंने टेस्ट जर्सी में अपना फोटो अपलोड कर लिखा कि

“आज, मैं सभी फॉर्मेट में इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम की कैप्टन के पद से हट रही हूँ।

यह कोई आसान फैसला नहीं है। इसमें सालों की यादें, इमोशन, त्याग और ऐसे पल हैं जो ज़िंदगी भर मेरे साथ रहेंगे।

मैंने इस टीम और इंडियन विमेंस क्रिकेट को अपना सब कुछ दिया है — अपना खून, अपना पसीना, अपना समय, और कई बार, अपने खेल और पर्सनल एम्बिशन का एक हिस्सा। ऐसे पल भी आए जब मुझे अपनी पर्सनल परफॉर्मेंस, अपनी ग्रोथ, और जो मैं अपने लिए चाहती थी, उसे एक तरफ रखना पड़ा, क्योंकि मेरा मानना ​​था कि टीम को पहले आना चाहिए।

एक कैप्टन के तौर पर, मुझे मुश्किल फैसले लेने पड़े हैं।
ऐसे फैसले जो हमेशा समझ में नहीं आते थे, हमेशा आसान नहीं होते थे, और कभी-कभी पर्सनल कीमत चुकानी पड़ती थी। लेकिन मैंने जो भी फैसला लिया, उसका एक ही मकसद था – इस टीम को बेहतर बनाना और दूसरे प्लेयर्स को आगे बढ़ने, खुद पर विश्वास करने और खुद का बेस्ट वर्जन बनने का मौका देना।

मैंने सब कुछ देखा है।

मैंने सबसे बुरे पल, दिल टूटना, बुराई, शक और वो दिन देखे हैं जब कुछ भी हमारे हिसाब से नहीं होता था। और मैंने सबसे ऊँचे पल भी देखे हैं – जीत, जश्न, अपने देश को रिप्रेजेंट करने का गर्व, और वो पल जब हर कुर्बानी कामयाब हुई।

| आज मैं भावनाओं से भरे दिल के साथ, लेकिन शांति के साथ कप्तानी छोड़ रहा हूँ।

क्योंकि मुझे सच में यकीन है कि मेरी टीम अच्छी जगह पर है। एक ऐसी टीम जिसमें टैलेंट, कैरेक्टर, विश्वास और भविष्य है, जिसे देखने और उसका हिस्सा बनने के लिए मैं बहुत उत्साहित हूँ।

मुझे लगता है कि मैंने अपना फ़र्ज़ निभाया है।

मैंने इस टीम को अपना सब कुछ दिया। मैंने गर्व के साथ ज़िम्मेदारी निभाई, और मैं इंडियन विमेंस क्रिकेट को लीड करने के इस खास मौके के लिए हमेशा शुक्रगुजार रहूँगी।

अब, मेरे लिए पन्ना पलटने का समय आ गया है।

कप्तानी आज खत्म हो सकती है, लेकिन इंडियन क्रिकेट के लिए मेरा प्यार कभी नहीं होगा।

हर टीममेट, कोच, सपोर्ट स्टाफ, मैनेजमेंट, BCCI, परिवार के सदस्यों, हर एक फ़ैन का शुक्रिया जो मेरे साथ अच्छे और बुरे समय में खड़े रहे।

खून. पसीना. शान. गर्व।

मैंने सब कुछ दे दिया।

अब, मैं फिर से खेल के प्यार के लिए खेलने के लिए तैयार हूँ।

कप्तानी खत्म. सफ़र जारी है”.

अबकी बार 400 पार, वेस्टइंडीज के 3 बल्लेबाजों ने पहली बार लगाए भारत में ODI शतक

INDvsWI 3 बल्लेबाजों के शतक की बदौलत वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ पहली बार 400 रनों का आंकड़ा पार कर लिया। पिछले एकदिवसीय मैच में भारत के खिलाफ शतकीय साझेदारी को भुना नहीं पाई थी लेकिन इस बार पिछले मैच के शतकवीर जस्टीन ग्रीव्स को बाहर बैठाकर भी इंडीज ने पहाड़नुमा स्कोर खड़ा कर लिया।

वेस्टइंडीज ने भारत के खिलाफ सबसे बना वनडे स्कोर बनाया। इससे पहले इंडीज ने साल 2018 में इसी मैदान पर 333 रन बनाए थे। वेस्टइंडीज की ओर से सलामी बल्लेबाज जॉन कैंपबेल ने 101 रन, कप्तान शाई होप ने 105 रन और आमिर जंगू ने सर्वाधिक 114 रन बनाए।

भारत के लिए गरीबी में गीला आटा तब हो गया जब उनके दो गेंदबाज चोटिल हो गए। प्रसिद्ध कृष्णा सिर्फ 5 ओवर डाल पाए और नमन धीर सिर्फ 6.1 ओवर डाल पाए। उनकी जगह एकदिवसीय डेब्य कर रहे आकिब नबीं ने उनके ओवरों का कोटा पूरा किया लेकिन वह ना केवल महंगे साबित हुए बल्कि उनको विकेट भी नहीं मिले।

कुलदीप यादव, गुरुनूर बरार और रविंद्र जड़ेजा ने 2-2  विकेट लिए। लेकिन भारतीय गेंदबाजी और सपाट पिच का वेस्टइंडीज बल्लेबाजों ने बहुत खूब फायदा उठाया है। यह पहली बार है जब वेस्टइंडीज टीम के 3 बल्लेबाजों ने इस प्रारुप में शतक बनाए हों।वेस्टइंडीज ने 7 विकेटों के नुकसान पर 405 रन बनाए हैं।

भारत आते हैं, रिकॉर्ड बनाते हैं और सचिन को पीछे छोड़ देते हैं कोहली! तिरुवनंतपुरम में फिर मचा गदर, जानें 10 धांसू रिकॉर्ड [VIDEO]

भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में बल्ले से ऐसा तूफान मचाया कि रिकॉर्ड्स की पूरी लिस्ट ही बदल गई। तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में कोहली ने महज 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 10 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। कोहली की इस पारी की बदौलत भारत ने वेस्टइंडीज से मिले 296 रन के लक्ष्य को सिर्फ 41.4 ओवर में हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में बढ़त भी बना ली।

 

यह शतक कोहली के वनडे करियर का 55वां और इंटरनेशनल क्रिकेट का 86वां शतक रहा। खास बात यह रही कि कोहली ने पहली बार किसी वनडे पारी में 9 छक्के लगाने का कारनामा किया।

 15 हजार ODI रन: सचिन को पीछे छोड़ कोहली बने सबसे तेज

 

तिरुवनंतपुरम में सेंचुरी पूरी करते ही विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। वह सबसे कम पारियों में 15,000 वनडे रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए।

 

कोहली ने यह उपलब्धि सिर्फ 303 पारियों में हासिल की, जबकि सचिन तेंदुलकर को 15 हजार ODI रन तक पहुंचने के लिए 377 पारियां लगी थीं। कोहली ने 15 हजार रन पूरे करने के लिए 15,950 गेंदों का सामना किया, जबकि सचिन ने 17,528 गेंदें खेली थीं।

 

वनडे इंटरनेशनल में 15 हजार या उससे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में फिलहाल सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली ही शामिल हैं। सचिन ने 463 मैचों में 18,426 रन बनाए, जबकि कोहली 315 वनडे में 15,080 रन तक पहुंच गए हैं।

 

एक टीम के खिलाफ 10 शतक, घर में सचिन की बराबरी

 

वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक लगाते ही कोहली ने एक और खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। श्रीलंका के बाद वेस्टइंडीज दूसरी टीम बन गई है, जिसके खिलाफ उन्होंने वनडे में 10 शतक लगाए हैं।

 

किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा ODI शतक लगाने के मामले में कोहली पहले ही सबसे आगे हैं।

 

किसी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा ODI शतक:

 

  • विराट कोहली बनाम श्रीलंका – 10
  • विराट कोहली बनाम वेस्टइंडीज – 10
  • सचिन तेंदुलकर बनाम ऑस्ट्रेलिया – 9
  • रोहित शर्मा बनाम ऑस्ट्रेलिया – 9
  • विराट कोहली बनाम ऑस्ट्रेलिया – 8
  • सचिन तेंदुलकर बनाम श्रीलंका – 8

कोहली ने घरेलू मैदान पर इंटरनेशनल क्रिकेट में भी अपना 42वां शतक पूरा किया। इसके साथ उन्होंने सचिन तेंदुलकर के घर में 42 इंटरनेशनल सेंचुरी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। सचिन ने यह आंकड़ा 313 पारियों में हासिल किया था, जबकि कोहली ने 260 पारियों में 42 शतक पूरे किए।

 

 पारी में 9 छक्के, ODI में सबसे तेज शतकों में भी जगह

 

वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली ने 74 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। यह वनडे क्रिकेट में गेंदों के लिहाज से उनका तीसरा सबसे तेज शतक है।

 

कोहली के सबसे तेज ODI शतक:

  • 52 गेंद – ऑस्ट्रेलिया, जयपुर, 2013
  • 61 गेंद – ऑस्ट्रेलिया, नागपुर, 2013
  • 74 गेंद – वेस्टइंडीज, तिरुवनंतपुरम, 2026
  • 76 गेंद – श्रीलंका, होबार्ट, 2012
  • 76 गेंद – श्रीलंका, कोलंबो, 2017
  • 80 गेंद – श्रीलंका, गुवाहाटी, 2023

 

इतना ही नहीं, कोहली ने पहली बार किसी वनडे पारी में 9 छक्के लगाए। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8 छक्कों का था, जो उन्होंने 2023 में इसी मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ लगाया था।

 

 लिस्ट-A में सचिन की बराबरी, घर में 7000 ODI रन का रिकॉर्ड

 

वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक के साथ कोहली ने लिस्ट-A क्रिकेट में भी अपना 60वां शतक पूरा कर लिया। इस मामले में उन्होंने सचिन तेंदुलकर की बराबरी कर ली है।

 

लिस्ट-A क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक:

 

  • 60 – सचिन तेंदुलकर / विराट कोहली
  • 44 – ग्राहम गूच
  • 40 – ग्रीम हिक
  • 39 – कुमार संगकारा

 

कोहली ने भारतीय जमीन पर वनडे क्रिकेट में भी नया रिकॉर्ड बनाया। वह एक देश में 7000 ODI रन पूरे करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए। भारत में उनके वनडे रनों की संख्या अब 7006 हो गई है।

 

सचिन तेंदुलकर ने भारत में 164 वनडे मैचों में 6976 रन बनाए थे। इस तरह कोहली ने घरेलू मैदान पर सबसे ज्यादा ODI रन के मामले में भी सचिन को पीछे छोड़ दिया।

 

रन चेज में धोनी और सचिन के करीब पहुंचे कोहली

 

विराट कोहली का नाम रन चेज में जीत से भी लंबे समय से जुड़ा रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले के बाद वह ODI रन चेज में जीत का हिस्सा बनने के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गए।

 

कोहली अब 112 ऐसी वनडे जीत का हिस्सा रहे हैं, जिनमें भारत ने लक्ष्य का सफल पीछा किया। उन्होंने रिकी पोंटिंग के 111 के आंकड़े को पीछे छोड़ दिया है।

 

ODI रन चेज में सबसे ज्यादा जीत का हिस्सा:

 

  •  सचिन तेंदुलकर – 127
  • एमएस धोनी – 116
  • विराट कोहली – 112
  • रिकी पोंटिंग – 111
  •  जैक्स कैलिस / रोहित शर्मा – 110

 

इस मुकाबले में कोहली ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ की भी जमकर खबर ली। उन्होंने जोसेफ के खिलाफ 53 रन बनाए, जो किसी एक ODI मैच में एक गेंदबाज के खिलाफ उनके दूसरे सबसे ज्यादा रन हैं।

 

 कोहली के बल्ले से निकले 10 बड़े रिकॉर्ड

 

तिरुवनंतपुरम वनडे में विराट कोहली ने एक साथ कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। उनकी 139 रन की पारी के बाद रिकॉर्ड बुक में ये बड़े बदलाव हुए:

 

1. 303 पारियों में 15,000 ODI रन पूरे करने वाले सबसे तेज बल्लेबाज।
2. भारत में 7006 ODI रन के साथ एक देश में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने वाले बल्लेबाज बने।
3. दो अलग-अलग टीमों के खिलाफ 10-10 ODI शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज।
4. ODI रन चेज में 30 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने।
5. लिस्ट-A क्रिकेट में 60 शतकों के साथ सचिन तेंदुलकर की बराबरी।
6. घरेलू मैदान पर 42 इंटरनेशनल शतकों के साथ सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी।
7. वेस्टइंडीज के खिलाफ 13 इंटरनेशनल शतकों के साथ सुनील गावस्कर की बराबरी।
8. मौजूदा दशक में 12 ODI शतकों के साथ सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने वाले बल्लेबाज बने।
9. ODI रन चेज में जीत का हिस्सा बनने के मामले में 112 के साथ तीसरे स्थान पर पहुंचे।
10. वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा ODI खेलने वाले भारतीय बल्लेबाज।

 

 

तिरुवनंतपुरम में विराट कोहली की यह पारी सिर्फ एक और सेंचुरी नहीं रही। 139 रन की इस विस्फोटक पारी के दौरान उन्होंने अपनी रिकॉर्ड बुक में कई नए अध्याय जोड़ दिए। अब नजरें वनडे सीरीज के अगले मुकाबलों पर हैं, जहां कोहली के पास इन आंकड़ों को और आगे ले जाने का मौका होगा।

 

15 हजारी बने विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर के 2 रिकॉर्ड किए ध्वस्त

क्रिकेट में रिकॉर्ड्स पुराने स्मारकों की तरह होते हैं। उन पर धूल जमती है, उन्हें सम्मान मिलता है, और कभी-कभी कोई आता है और उस दीवार को पार कर जाता है। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले एकदिवसीय मैच में विराट कोहली ने रविवार को ठीक यही किया। अल्जारी जोसेफ की गेंद पर मिड-विकेट की तरफ एक शानदार पुल शॉट खेलकर, कोहली सचिन तेंदुलकर के बाद 15,000 वनडे रन पूरे करने वाले दूसरे बल्लेबाज़ बन गए।

ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में मौजूद सभी लोग उस खिलाड़ी के सम्मान में खड़े हो गए, जिसने अपने करियर का ज़्यादातर समय बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स को आम बात बनाने में बिताया है।इसके अलावा वह भारत में सचिन से ज्यादा एकदिवसीय रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने 7 हजार रनों का आंकड़ा पार किया।

कोहली ने दोनों हाथ उठाए, लोगों की तालियों का जवाब दिया और फिर अपनी बल्लेबाज़ी जारी रखी। उस शॉट में कुछ खास बात थी। जोसेफ ने उन्हें शॉर्ट बॉल डाली; कोहली न तो झुके, न पीछे हटे और न ही संभलकर खेले। उन्होंने गेंद पर हावी होकर उसे मिड-विकेट के ऊपर से चार रन के लिए भेज दिया। पंद्रह हज़ार रन थोड़े आक्रामक अंदाज़ में पूरे हुए, जैसा कि कोहली के ज़्यादातर क्रिकेट रिकॉर्ड्स के मामले में होता है।

लेकिन ज़्यादा दिलचस्प कहानी आंकड़ों में छिपी है। तेंदुलकर को 15,000 वनडे रन तक पहुँचने के लिए 377 पारियों और 17,528 गेंदों की ज़रूरत पड़ी थी। कोहली ने यह कारनामा 303 पारियों और 15,950 गेंदों में कर दिखाया – यानी 74 पारियां और 1,578 गेंदें कम।
यह एक बहुत बड़ा अंतर है, खासकर ऐसे फ़ॉर्मेट में जहाँ हर गेंद महत्वाकांक्षा और बर्बादी के बीच एक छोटा सा दांव होता है।

बेशक, इस कहानी का एक दूसरा पहलू भी है। जब तेंदुलकर ने यह मुकाम हासिल किया था, तब उनकी उम्र 34 साल और 66 दिन थी। कोहली की उम्र 37 साल और 326 दिन है। अपने-अपने वनडे डेब्यू से इस मुकाम तक पहुँचने में तेंदुलकर को 6,402 दिन लगे थे; कोहली को 6,614 दिन लगे।

आंकड़े अलग-अलग कहानियाँ बयां कर सकते हैं। लेकिन वे जिस चीज़ को छिपा नहीं सकते, वह है इस उपलब्धि का बड़ा पैमाना। सचिन तेंदुलकर 18,426 रनों के साथ अभी भी वनडे क्रिकेट में सबसे ऊपर हैं। अब कोहली 15,000 रनों के क्लब में शामिल होने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं।

सालों तक, तेंदुलकर के रिकॉर्ड्स की चर्चा हिमालय की चोटियों की तरह की जाती रही – जो शानदार  और आम इंसान की पहुँच से बाहर लगती हैं। कोहली ने पिछले दो दशकों का ज़्यादातर समय इन रिकॉर्ड्स तक पहुँचने की कोशिश में बिताया है। रविवार को, वह इनमें से एक सबसे बड़े रिकॉर्ड तक पहुँच गए। और उन्होंने यह कमाल एक ‘पुल शॉट’ खेलकर किया।