टूट रही है गंभीर की कोचिंग टीम! भारत को चैंपियन बनाने वाले अब इस धुरंधर ने तोड़ा नाता

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव करने का फैसला किया है। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि, फील्डिंग कोच टी दिलीप का कॉन्ट्रैक्ट आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। दिलीप के साथ असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशेट भी अब टीम के साथ नहीं रहेंगे। बीसीसीआई इन दोनों पदों के लिए नए नामों पर विचार कर रहा है और श्रीलंका के खिलाफ अगले महीने शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले नए कोचिंग स्टाफ की घोषणा की जा सकती है।

कब खत्म हुआ कॉन्ट्रैक्ट

इंग्लैंड दौरे के बाद रयान टेन डोएशेट और टी दिलीप का कार्यकाल समाप्त हो गया। इस दौरे पर भारतीय टीम को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ व्हाइट-बॉल सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। न्यूज एजेंसी PTI रिपोर्ट्स के मुताबिक, हेड कोच गौतम गंभीर के करीबी माने जाने वाले टेन डोएशेट को बीसीसीआई ने नया कॉन्ट्रैक्ट देने की पेशकश की थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। डोएशेट आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर के साथ दोबारा जुड़ने का फैसला किया।

डोएशेट की गंभीर के साथ कर चुके हैं काम

रयान टेन डोएशेट के टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में आने के बाद उनकी भूमिका काफी अहम हो गई थी। वह पहले गौतम गंभीर, अभिषेक नायर और मोर्ने मोर्कल के साथ केकेआर में काम कर चुके थे। लेकिन टीम में पहले से टी दिलीप फील्डिंग कोच थे, फिर भी टेन डोएशेट कई अहम जिम्मेदारियां निभाते नजर आए। मीडिया से बातचीत और टीम की रणनीति से जुड़े कई मुद्दों पर अक्सर वही टीम प्रबंधन का पक्ष रखते थे।

केकेआर में हुई वापसी

रयान टेन डोएशेट के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स में वापसी किसी नए सफर की तरह नहीं होगी। वह 2012 और 2014 में खिलाड़ी के रूप में टीम की आईपीएल खिताबी जीत का हिस्सा रह चुके हैं। इसके बाद 2024 के विजेता अभियान में उन्होंने फील्डिंग कोच की भूमिका निभाई थी। अब केकेआर में उनकी फिर से वापसी होने पर वह मुख्य कोच अभिषेक नायर के साथ दोबारा काम करते नजर आ सकते हैं।

कोचिंग में जीता था वर्ल्ड कप

टी दिलीप के अगले कदम को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। टेन डोशेट और टी दिलीप के कार्यकाल में भारत ने 2025 एशिया कप और 2026 टी-20 वर्ल्ड कप जीता। वहीं टी दिलीप के कार्यकाल में भारत ने 2024 टी-20 वर्ल्ड कप भी जीता था। वहीं, भारतीय टीम को जल्द ही मजबूत कोचिंग संयोजन तैयार करने की जरूरत होगी, क्योंकि 2027 विश्व कप में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। नए कोचिंग स्टाफ के कार्यकाल में टीम का प्रदर्शन आयरलैंड, इंग्लैंड और हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, जिससे टीम प्रबंधन पर बेहतर नतीजे देने का दबाव बढ़ गया है।

13 मैचों में 21 कैच ड्रॉप, सुनील गावस्कर ने कहा बाहर करो खराब फील्डर्स को (Video)

भारत का यूरोप दौरा और जिम्बाब्वे दौरे को मिलाकर 13 मैच खेले गए। इसमें से 10 मैच टी-20 के थे और 3 मैच वनडे के थे। कुल 13 मैचों में भारत ने 21 कैच ड्रॉप किए। इसमें से यूरोप (इंग्लैंड आयरलैंड दौरे पर खेले गए मैचों में) भारत ने 11 कैच ड्रॉप किए। वहीं जिम्बाब्वे दौरे पर टीम ने 3 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में ही 10 कैच ड्रॉप किए। इसमें से 4 कैच अंतिम टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में आए।

ऐसे में टीम के खराब फील्डिंग मानकों पर सुनील गावस्कर ने कहा है कि औसत फील्डर को टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में खेलने का कोई हक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कप्तान को उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। ना कि यह सोचना चाहिए कि किसी तरह गेंद उन 3 से 4 खिलाड़ियों के पास ना जाए।

भारतीय टीम ने इन 13 मैचों में 47 कैच पकड़े हैं जिससे टीम का कैच प्रतिशत 69.1 है। गौरतलब है कि भारत को आयरलैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 0-2 और फिर इंग्लैंड के खिलाफ 0-4 से हार का सामना करना पड़ा था। एकदिवसीय श्रृंखला में भी भारत को इंग्लैंड के हाथों 2-1 की हार झेलनी पड़ी थी। इसके बाद टीम ने हालांकि जिम्बाब्वे को में 3-0 से हराया।

भारतीय टीम की ग्राउंड फील्डिगं भी कई समय से आलोचनाओं के घेरे में है। यूरोप दौरा (इंग्लैंड आयरलैंड दौरे पर खेले गए मैचों में) कई बार यह देखने में आया कि टीम ने ना केवल आसान कैच छोड़े बल्कि आसान चौके भी दे दिए। वहीं इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाड़ियों ने ना केवल शानदार कैच पकड़े बल्कि ग्राउंड फील्डिंग भी उम्दा की।

इसके अलावा सुनील गावस्कर ने एकदिवसीय विश्वकप 2027 को ध्यान में रखकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को सलाह भी दी है कि वह मैदान की सीमा को लंबा करें ताकि विदेशी दौरे और खासकर विश्वकप तक भारत बड़े मैदानों पर खेलने का आदि हो जाए। भारत को अब अगली एकदिवसीय श्रृंखला वेस्टइंडीज के खिलाफ अक्टूबर में खेलनी है।

इंदौर के ऑलराउंडर को मिली टीम इंडिया में जगह, हनुमान भक्त को मंगलवार को मिली खुशखबरी

“उपर वाले के घर देर है लेकिन अंधेर नहीं” यह उक्ति सारांश जैन के लिए सही साबित हुई जब मंगलवार का दिन था और हर मंगलवार की तरह तब सारांश हनुमान मंदिर में प्रार्थना कर रहे थे जब चयनकर्ताओं ने टीम की घोषणा की। मध्य-प्रदेश के अनुभवी ऑफ स्पिनर सारांश जैन को श्रीलंका में होने वाली श्रृंखला के लिए मंगलवार को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया, जो घरेलू क्रिकेट में पिछले एक दशक में उनके शानदार प्रदर्शन का नतीजा है।

चंद्रकांत पंडित की कोचिंग में मध्य-प्रदेश की रणजी ट्रॉफी विजेता टीम के प्रमुख सदस्य रहे लंबे कद के Off-Spinner सारांश ने हाल ही में भारत A के श्रीलंका दौरे के दौरान शानदार प्रदर्शन करते हुए दो मैचों में छह विकेट लेने के साथ एक पारी में नाबाद 70 रन भी बनाए थे।

साल 2014 में जब सारांश जैन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए थे तो उन्होंने घर पर फोन लगाया था। उनके पिता सुबोध मुंह के कैंसर से ग्रसित हो गए थे। लेकिन उनके परिवार ने उनको यह नहीं बताया ताकि उनका प्रदर्शन में गिरावट ना आ जाए। जब सारांश घर पहुंचे तो उनके पिता सुबोध के बारे में जानकर भौंजक्के रह गए।

दिलचस्प बात यह है कि सारांश के पिता सुबोध भी मध्य प्रदेश के पूर्व ऑफ-स्पिनर रहे हैं और उनको यह बात सालती रही कि वह राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना सके। लेकिन उन्होंने अपनी असफलता पर चिंतन करने से बेहतर बेटे की कुशलता पर मेहनत करना समझा। वह ही अपने बेटे के कोच है।

सारांश के पिता सुबोध ने 9 रणजी ट्रॉफी मैचों में 23 विकेट लिए थे। उन्होंने अपने बेटे को कोचिंग देनी शुरु की लेकिन भारतीय टेस्ट गेंदबाजी क्रम खासकर स्पिन गेंदबाजी का- इतना सुदृढ़ था कि इसका किला भेदना असंभव था। रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जड़ेजा ही टीम के लिए इतने विकेट निकाल देते थे कि कुलदीप यादव तक के 10 साल के करियर में 18 मैच हैं।

ऐसे में सारांज को 30 प्लस के बाद जाकर मौका मिला। अमूमन भारतीय चयनकर्ता इतनी उम्र के बाद किसी पर मेहरबान नहीं होते। लेकिन सारांश जैन का केस अलग था।

भारत ने श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों के लिए 4 स्पिनरों से युक्त घोषित की टीम

INDvsSL भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने सुबह तड़के श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरु हो रहे 2 टेस्ट मैचों के दौरे के लिए टीम की घोषणा कर दी। टीम में 4 स्पिनरों को जगह दी है और शीर्ष तेज गेंदबाजी क्रम अनुभवी है। हालांकि जसप्रीत बुमराह की फिटनेस पर संशय है। टीम में कुलदीप यादव, रविंद्र जड़ेजा, अफगानिस्तान के खिलाफ ड्रीम डेब्यू करने वाले मानव सुथार और इस सीरीज में डेब्यू करने वाले स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका मिला है।

BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि टीम में कुछ छोटे-मोटे बदलावों को छोड़कर, ज़्यादा बदलाव नहीं है; यह टीम वैसी ही हैजैसी जून में शुभमन गिल की कप्तानी में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली थी। चयन मीटिंग में मुख्य ध्यान  इस बात पर होगा कि क्या जसप्रीत बुमराह अंतिम ग्यारह में जगह बना पाएंगे या नहीं।

एक खुशखबरी यह सुनाई दे रही है कि रविंद्र जड़ेजा लाल गेंद की क्रिकेट में टीम की योजनाओं में है।टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।

वहीं चोट से जूझ रहे कुछ खिलाड़ियों को दौरे से आराम दिया गया है। वॉशिंगटन सुंदर को टीम में शामिल नहीं किया गया है।श्रीलंका में स्पिन के मुफीद पिचों पर उनका ना रहना सही संकेत नहीं है।वहीं तेज गेंदबाज हर्षित राणा भी फिट नहीं है। उनके ना रहने से टीम शायद उतनी चिंतित ना हो। नीतीश कुमार रेड्डी, जो जून में न्यू चंडीगढ़ टेस्ट के लिए टीम का हिस्सा थे, पिछले महीने लगी क्वाड्रिसेप्स की चोट के कारण बेंगलुरु के Centre of Excellence में rehabilitation से गुज़र रहे हैं और इस दौरे के लिए नहीं चुने गए।

भारतीय टीम इस प्रकार है: शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर),रविंद्र जडेजा , कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल, सारांश जैन।

चोटिल भारतीय टेस्ट टीम, किन खिलाड़ियों को बोर्ड भेजेगा श्रीलंका दौरे पर

श्रीलंका के खिलाफ होने वाली 2 मैचों की टेस्ट सीरीज़ के लिए टीम का चयन जब चयनकर्ता करने बैठेंगे तो बड़ा सवाल यह होगा कि चोटिल खिलाड़ियों की लंबी फहरिस्त की जगह किसको शामिल किया जाए।मीडिया सूत्रों से आर रही खबरों के मुताबिक वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस पर सस्पेंस बरकरार है। श्रीलंका में स्पिन के मुफीद पिचों पर उनका ना रहना सही संकेत नहीं है।

वहीं तेज गेंदबाज हर्षित राणा भी फिट नहीं है। उनके ना रहने से टीम शायद उतनी चिंतित ना हो लेकिन जसप्रीत बुमराह की फिटनेस भी ठीक नहीं है जो घुटने की चोट के कारण अंतिम वनडे से बाहर बैठे थे।भारत 15 से 27 अगस्त के बीच गाले और कोलंबो में दो टेस्ट मैच खेलेगा और घोषणा मंगलवार को संभावित है।

BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के सचिव देवजीत सैकिया ने बताया कि टीम में कुछ छोटे-मोटे बदलावों को छोड़कर, ज़्यादा बदलाव होने की संभावना नहीं है; यह टीम वैसी ही होगी जैसी जून में शुभमन गिल की कप्तानी में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली थी। चयन मीटिंग में मुख्य ध्यान  इस बात पर होगा कि क्या जसप्रीत बुमराह को सीरीज़ के लिए चुना जाएगा या नहीं।

हालांकि उनके चुने जाने की संभावना है, और साथ ही मोहम्मद सिराज के भी, जिन्होंने बुमराह की गैर-मौजूदगी में अफगानिस्तान के खिलाफ गेंदबाजी की कमान संभाली थी, लेकिन सबसे अहम बात यह है कि क्या चयनकर्ता पिछले रणजी सीज़न में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले आकिब नबी को टीम में मौका देंगे या नहीं।

इस बीच, खबर है कि नीतीश कुमार रेड्डी, जो जून में न्यू चंडीगढ़ टेस्ट के लिए टीम का हिस्सा थे, पिछले महीने लगी क्वाड्रिसेप्स की चोट के कारण बेंगलुरु के Centre of Excellence में rehabilitation से गुज़र रहे हैं और उनके चुने जाने की संभावना कम है। भारतीय टीम में शामिल कुछ चुनिंदा सभी प्रारुप के खिलाड़ियों में से एक, रेड्डी ने बेंगलुरु में गेंदबाजी शुरू कर दी है।

लेकिन सूत्रों का कहना है कि पांच दिन के मैचों के लिए उन पर विचार करना अभी जल्दबाजी होगी। हालांकि, उम्मीद है कि वह सितंबर में होने वाले कई सफेद गेंद मैचों के लिए तैयार हो जाएंगे। रेड्डी ने आखिरी बार जून में चेन्नई में अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे मैच में भारत के लिए खेला था।

वहीं एक खुशखबरी यह सुनाई दे रही है कि रविंद्र जड़ेजा लाल गेंद की क्रिकेट में टीम की योजनाओं में है।टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को नकारा नहीं जा सकता। साल 2012 से शुरु हुआ रविंद्र जड़ेजा का क्रिकेट करियर अब ढलान पर है। 89 मैचों में उन्होंने 38.3 की औसत से 4095 रन बनाए हैं। जिसमें 6 शतक और 28 अर्धशतक लगाए हैं। गेंदबाजी की बात करें तो उन्होंने 25 की औसत से 348 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान उन्होंने 17 बार 4 विकेट और 15 बार 5 विकेट चटकाए हैं।

युवा अनुभवहीन भारतीय गेंदबाजों ने 125 पर रोकी जिम्बाब्वे की पारी

हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय गेंदबाजों ने निर्धारित 20 ओवरों में मेजबान टीम के 7 विकेट गिरा कर 125 रनों पर पारी रोक दी। गौरतलब है कि इस मैच से पहले भारतीय पेस बैट्री का कुल अनुभव सिर्फ 9 विकेट था।

मयंक यादव ने पहली ही गेंद पर टी-20 विश्वकप में भारत के खिलाफ शतक मार चुके बेनेट को चलता कर दिया। इसके बाद प्रिंस यादव और मयंक यादव ने मायर्स और बेन करन को पॉवरप्ले में ही चलता कर जिम्बाब्वे की रन गति पर रोक लगा दी।

जिम्बाब्वे की ओर से सर्वाधिक रन वेसले मेधवेरे ने बनाए। उन्होंने 34 गेंदो में 39 रनों की पारी खेली। प्रिंस यादव और मयंक यादव ने किफायती गेंदबाजी के साथ साथ 2-2 विकेट निकाले।

श्रेयस अय्यर ने लगातार 8वां टॉस जीता, जिम्बाब्वे के खिलाफ चुनी गेंदबाजी

INDvsZIM भारत के टी-20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने आज जिम्बाब्वे के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। यह लगातार 8वां या 7वां टॉस (1 मैच बारिश के कारण रद्द) जो श्रेयस अय्यर ने जीता। हरारे स्पोर्ट्स कल्ब में भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में युवा टीम को उतराने का फैसला किया।

जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा ने कहा है कि शुरुआत में गेंदबाजों को मदद मिलेगी। भारत के खिलाफ उनका एक बल्लेबाज मिल्टन संबा सीरीज से बाहर हो चुके हैं इस कारण उनको इलोसेंट काइया को मौका दिया है।वहीं भारत का गेंदबाजी क्रम खासा युवा है। इसी तारतम्य में अशोक शर्मा का डेब्यू हुआ है।लेकिन बल्लेबाजी में काफी अनुभवी नाम है।

भारत :श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, प्रिंस यादव, मयंक यादव, अशोक शर्मा, रवि बिश्नोई, रिंकू सिंह

जिम्बाब्वे: सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, रियान बर्ल, तनाका शिवांगा, बेन कुरेन, ब्राड इवांस, वेसले माधेवेरे, टी मारूमनी, वेलिंगटन मसाकाजा, ब्लेसिंग मुजरबानी, रिचर्ड एनगारवा

16 साल बाद भारत लौटेंगे ललित मोदी! IPL FEMA केस में राहत के बाद किया वापसी का ऐलान

IPL के फाउंडर और पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने कहा है कि वे 16 साल बाद भारत लौटने की योजना बना रहे हैं। 2010 में देश छोड़ने के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी। बता दें कि ललित मोदी पिछले एक दशक से ज्यादा समय से विदेश में रह रहे हैं और कई जांचों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में 2009 IPL साउथ अफ्रीका FEMA मामले में ट्रिब्यूनल का फैसला उनके पक्ष में आने के बाद अब वह इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में भारत लौटने का मन बना रहे हैं।

ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि उनकी प्रस्तावित वापसी से पिछले कई वर्षों से उनसे जुड़े कानूनी मामलों और विवादों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो सकती है।

ललित मोदी ने क्या कहा?

फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए मोदी ने कहा कि वह नतीजे से खुश हैं और इसे 16 साल लंबी कानूनी लड़ाई का नतीजा बताया।

उन्होंने कहा, “मैं कल आए फैसले से वाकई खुश हूं। यह वाकई मेरे लिए एक शानदार दिन रहा। मैंने 16 साल तक लड़ाई लड़ी है और मीडिया व बाकी सभी लोगों से मैंने जो कुछ भी कहा था, आखिरकार वही सच साबित हुआ है।”

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने हमेशा इंडियन प्रीमियर लीग के हित में काम किया है।

ललित मोदी ने कहा, “मुझे सिर्फ IPL की भलाई की चिंता थी और किसी चीज की नहीं। यह मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है। अब वह अध्याय पीछे छूट चुका है, मैं अपनी जिंदगी में आगे बढ़ रहा हूं और भारत लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।”

अपनी वापसी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं शायद इस साल के आखिर में या अगले साल की शुरुआत में वापस आऊंगा। अक्टूबर में मेरी बेटी को बेटा होने वाला है और उम्मीद है कि सब ठीक रहेगा और मैं भारत वापस आ जाऊंगा।”

FEMA मामले में ट्रिब्यूनल से राहत

‘स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स (जब्ती संपत्ति) एक्ट’ (SAFEMA) के तहत अपीलेट ट्रिब्यूनल ने ललित मोदी और अन्य अपीलकर्ताओं को बड़ी राहत दी है। ट्रिब्यूनल ने 2009 के IPL साउथ अफ्रीका FEMA मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के ज्यादातर निष्कर्षों और जुर्माने को रद्द कर दिया है।

खबरों के मुताबिक, हालिया फैसले में ट्रिब्यूनल ने कहा कि मामले में ललित मोदी की जिम्मेदारी साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले।

कौन हैं ललित मोदी?

ललित मोदी ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के फाउंडर और पूर्व चेयरमैन रहे हैं। उन्होंने इस टूर्नामेंट को दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीगों में से एक बनाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, उनका कार्यकाल विवादों से भी घिरा रहा। 2013 में, गलत व्यवहार से जुड़े अनुशासनात्मक मामलों के कारण BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था।

बता दें कि उनका नाम IPL की शुरुआती सफलता और इसके कामकाज से जुड़े विवादों, दोनों से जुड़ा रहा है। भ्रष्टाचार, हितों के टकराव और वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों के कारण मोदी को अपने पद से हटना पड़ा। इन आरोपों में फ्रेंचाइजी की बोली और प्रसारण अधिकारों से जुड़े विवाद भी शामिल थे।

बाद में BCCI ने उन्हें बाहर कर दिया और आजीवन किसी भी क्रिकेट प्रशासनिक पद पर रहने से रोक दिया।

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Rohit Sharma: ‘बिना आग के धुआं नहीं उठता’ रोहित शर्मा के रिटायरमेंट की अफवाहों पर पूर्व साथी खिलाड़ी का बड़ा बयान

Rohit Sharma: भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की सीरीज में टीम इंडिया को 2-1 से हार मिली है। वहीं कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि,लॉर्डस में होने वाले सीरीज के आखिरी मुकाबले के बाद रोहित शर्मा की रिटायरमेंट ले लेंगे। रोहित ने इस मुकाबले में शतक लगा कर इन खबरों को खारिज कर दिया है। इसी बीच रोहित शर्मा के साथी क्रिकेटर और पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि रोहित शर्मा के संन्यास को लेकर उठी चर्चाएं पूरी तरह बेबुनियाद नहीं थीं। उन्होंने कहा कि, भले ही इन्हें बाहरी अफवाह बताया गया हो, लेकिन अक्सर ऐसी बातों के पीछे कुछ न कुछ वजह होती है।

बीसीसीआई ने रोहित शर्मा के संन्यास की खबरों को खारिज कर दिया था। लेकिन रविचंद्रन अश्विन के मुतबिक, इन चर्चाओं के पीछे कुछ न कुछ सच्चाई जरूर रही होगी। रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में 138 रनों की शानदार पारी खेलकर सभी अटकलों और आलोचनाओं का करारा जवाब दे दिया।

अफवाह नहीं था रिटायरमेंट 

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर रोहित शर्मा के संन्यास की अटकलों पर भी बात की। उन्होंने कहा, “जब रोहित शर्मा के संभावित रिटायरमेंट की खबर सामने आई, तो कई लोगों ने इसे बाहरी शोर बताया। लेकिन मैं इसे सिर्फ अफवाह नहीं मानता। तमिल में एक कहावत है, ‘बिना आग के धुआं नहीं उठता।'” अश्विन ने आगे कहा, “आग तो थी, लेकिन रोहित ने अपने बल्ले से जवाब दिया। उन्होंने दिखा दिया कि वह अब भी ऐसा प्रदर्शन कर सकते हैं। मुझे नहीं लगता कि उनके मन में कोई संदेह है। मेरा मानना है कि वह 2027 वनडे विश्व कप तक खेल सकते हैं।”

रोहित-विराट करें फैसला

अश्विन ने कहा, “मुझे लगता है कि ये चोट के बाद रोहित शर्मा की शानदार वापसी की शुरुआत है। अगर वह थोड़ी और बेहतर लय में होते या उनका आत्मविश्वास थोड़ा और ऊंचा होता, तो वह 180 रन तक भी पहुंच सकते थे और टीम को जीत दिला सकते थे।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगा कि रोहित शानदार फॉर्म में हैं। अगर रोहित और विराट खेलना चाहते हैं, तो उनके रिकॉर्ड और अनुभव के सामने कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। रोहित ने लगभग 12 हजार वनडे रन बनाए हैं, इसलिए उनके योगदान पर कोई उंगली नहीं उठा सकता।”

रोहित ने आलोचकों को दिया जवाब

रोहित के रिटायरमेंट की चर्चा उस रिपोर्ट के बाद शुरू हुई थी, जिसमें दावा किया गया था कि इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा वनडे रोहित शर्मा का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच हो सकता है। रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया था कि टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रोहित की योजना 2027 वनडे विश्व कप तक खेलकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहने की थी। रोहित शर्मा ने अपने प्रदर्शन से सभी चर्चाओं का जवाब दिया।

ललित मोदी 16 साल बाद भारत लौटेंगे:ED का जुर्माना रद्द; IPL का पैसा विदेश भेजने का केस; बोले- मैं लीग की भलाई चाहता था

IPL के संस्थापक ललित मोदी 16 साल बाद भारत लौटने की तैयारी में हैं। एक अपीलीय ट्रिब्यूनल ने 16 जुलाई को IPL 2009 के दक्षिण अफ्रीका आयोजन से जुड़े FEMA मामले में फैसला सुनाया था। इसमें
मोदी को राहत देते हुए ED के लगाए गए जुर्माने को रद्द कर दिया था। फैसले के बाद ललित मोदी ने कहा कि अब उनकी भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया है और वह इस साल के आखिर या अगले साल की शुरुआत में भारत लौट सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अक्टूबर में बच्चे को जन्म देने वाली है, जिसके बाद वह भारत आने की योजना बना रहे हैं।
भारत से दक्षिण अफ्रीका पैसे भेजने का मामला था यह मामला 2009 में IPL को भारत से दक्षिण अफ्रीका ले जाने से जुड़ा है। उस समय लोकसभा चुनाव के कारण सुरक्षा कारणों से टूर्नामेंट भारत से दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट किया गया था। इसके आयोजन के लिए BCCI ने दक्षिण अफ्रीका में करीब 243.45 करोड़ रुपए भेजे थे। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया कि यह रकम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्व मंजूरी के बिना विदेश भेजी गई, जिससे विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) का उल्लंघन हुआ। ED ने 2011 में नोटिस जारी किया और 2018 में ललित मोदी समेत BCCI के कुछ पूर्व अधिकारियों पर जुर्माना लगाया था। ट्रिब्यूनल बोली- ललित व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार नहीं अपीलीय ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि दक्षिण अफ्रीका भेजी गई रकम ‘करंट अकाउंट ट्रांजैक्शन’ थी, न कि ‘कैपिटल अकाउंट ट्रांजैक्शन’। इसलिए इसके लिए RBI की पहले से मंजूरी लेना जरूरी नहीं था। ट्रिब्यूनल ने यह भी माना कि ललित मोदी BCCI की ओर से FEMA नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं थे। इसके आधार पर ट्रिब्यूनल ने ED के ज्यादातर निष्कर्ष और ललित मोदी पर लगाया गया जुर्माना रद्द कर दिया।