कार्डिफ में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, भारत ने किया एक बदलाव

ENGvsIND कार्डिफ के सोफिया गार्डन्स पर इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। वहीं टीम में दो बदलाव है। जोश टंग और लियाम डॉसन की जगह साकिब महमूद और गस एटिंकसन आए हैं। वहीं भारत की ओर से एक बदलाव है। विकेटकीपर केएल राहुल अस्वस्थ है और उनकी जगह ईशान किशन ने ली है।

इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतने के बाद कहा, ”हमें उम्मीद है कि इस सतह से हमें सीम मूवमेंट मिलेगा। बल्लेबाज़ी में सुधार करने की आवश्यकता है। इंग्लैंड में दो बदलाव है।गस एटकिंसन और साक़िब महमूद एकादश में शामिल हैं, जॉश टंग और लियाम डॉसन बाहर हैं।”

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने कहा, ”हम भी पहले गेंदबाज़ी ही करते। मैं फ़िट हूं, पिछला गेम हमारे लिए परफ़ेक्ट गेम था इसलिए हम इस मैच में भी वही प्रदर्शन दोहराने का प्रयास करेंगे। जिस तरह से बाद में हमारे तेज़ गेंदबाज़ों ने वापसी की वो बेहतरीन था। हमारे एकादश में एक बदलाव है, केएल राहुल बीमार हैं इसलिए उनकी जगह पर इशान किशन आए हैं।”

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान),इशान किशन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा,  गुरनूर बराड़

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, सैम कुरेन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, साकिब महमूद, आदिल राशिद

जल्द क्रिकेट खेल पाएंगी अफगानिस्तान की महिलाएं, ICC ने बनाई योजना

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने एडिनबर्ग में अपनी वार्षिक कॉन्फ्रेंस में अफ़गान शरणार्थी महिला क्रिकेटरों  के विकास के लिए एक योजना बनाई है। एक विशेष टास्कफोर्स को भी फिर से बनाया और उसे 2030 तक आईसीसी के क्वालिफिकेशन में हिस्सा लेने के लिए अफ़गान रिफ्यूजी महिला टीम के लिए एक योजना बनाने की ज़िम्मेदारी दी।

ICC ने अपने  डायरेक्टर डॉ. रोस रिवाज़ और चीफ एग्जीक्यूटिव्स समिति की सदस्य सारा कीन को स्पेशल टास्क फोर्स में अपॉइंट करने को भी मंज़ूरी दी। वे टास्क फोर्स में इसके मौजूदा मेंबर्स (BCCI, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और ECB) के साथ शामिल होंगे और प्रोग्राम की चल रही निगरानी में मदद करेंगे, ताकि महिलाओं के लिए प्रतिनिधित्व और प्रतियोगी की ज़रूरतों को को संतुलित किया जा सके।

डॉ. रोस रिवाज़ ने कहा: “मुझे ICC Special task force में शामिल होकर और इस ज़रूरी पहल में योगदान देकर गर्व महसूस हो रहा है। टास्क फ़ोर्स को एक साफ़ और टिकाऊ रोडमैप बनाने का काम सौंपा गया है जो अफ़गान रिफ्यूजी महिला क्रिकेटरों के लगातार विकास में मदद करे, इसके लिए सही कोचिंग, सार्थक सोच-विचार वाले प्रोग्राम और मौकों के हिसाब से सही प्रोग्राम हों। आईसीसी क्रिकेट के ज़रिए मौके बढ़ाने के लिए कमिटेड है, और मैं अपने साथी टास्क फ़ोर्स मेंबर्स, मेंबर्स और डिलीवरी पार्टनर्स के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूँ ताकि यह पक्का हो सके कि इसे मकसद, ईमानदारी और लंबे समय तक चलने वाली सस्टेनेबिलिटी के साथ दिया जाए।”

अफ़गान रिफ्यूजी महिला क्रिकेटर नाहिदा सपन ने कहा: “इस प्रोग्राम ने हमारे लिए पहले ही बहुत बड़ा बदलाव किया है, न सिर्फ़ हमें क्रिकेट खेलते रहने में मदद करके, बल्कि हमें एक साथ आकर एक टीम के तौर पर खेलने में काबिल बनाकर। हमें दूसरे देशों के खिलाड़ियों जैसे ही अधिकार और मौके मिले हैं।”

अफ़गान रिफ्यूजी महिला क्रिकेटर फ़िरोज़ा अफ़गान ने कहा: “पिछले एक साल में, एक ग्रुप के तौर पर एक साथ आने और भारत और इंग्लैंड का दौरा करने के मौकों ने हमें अपनी ज़िंदगी के कुछ सबसे यादगार अनुभव दिए हैं। हम इस दिशा में काम करने के लिए तैयार हैं, और हम इस सफ़र में हर मौके का पूरा फ़ायदा उठाने के लिए पक्के इरादे वाले हैं।”

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी और It's Game On के सह संस्थापक मेल जोन्स ने कहा: “इन शानदार महिलाओं को लगातार सपोर्ट, साथ ही 2030 तक आईसीसी क्वालिफ़िकेशन के रास्तों के लिए एक साफ़ रोडमैप, उनके और उनके भविष्य के लिए एक ज़रूरी कमिटमेंट दिखाता है। यह एक मज़बूत संदेश देता है कि प्रतिभा और पक्के इरादे वाले लोग दुनिया भर में मॉडल और मौके के हक़दार हैं, और यह देखना रोमांचक है कि एक ऐसा दीर्ध कालिक रास्ता जो डेवलपमेंट और मतलब वाले प्रतियोगिता के बीच संतुलन बनाता है, साथ ही उनके अनोखे सफ़र को पहचानता है। पिछले साल उन्होंने जो विकास किया है, वह बहुत बढ़िया रही है, और मैं यह देखने के लिए इंतज़ार नहीं कर सकता कि यह टीम 2030 तक क्या हासिल करती है।”

अभी ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा में मौजूद प्लेयर्स को उनके स्थानीय क्रिकेट माहौल में जोड़ा जाता रहेगा, जो उन्हें ट्रेनिंग और खेलने के मौके देता है।इस योजना के तहत में कोचिंग के साथ-साथ उनके स्थानीय मैदान पर फ़िज़ियोथेरेपी तक की सुविधा दी जाएगी, साथ ही धीरे-धीरे गेम टाइम बढ़ाने की भी योजना है।

इसके अलावा, इस प्रोग्राम में खिलाड़ियों को एक ग्रुप के तौर पर ट्रेनिंग और मुकाबला करने के मौके मिलते रहेंगे, जैसा कि पिछले 12 महीनों में भारत और इंग्लैंड के टूर में हुआ था। ऐसे सामूहिक खेलने के मौके भी धीरे-धीरे बनाए जाएंगे और 2030 तक ICC क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट्स के लिए उनके विकास में मदद करने के लिए योजनाबद्ध नज़रिए से चुनी गई टीमों के खिलाफ होंगे।

पहले ODI मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर भारत के खिलाफ चुनी बल्लेबाजी

इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने टॉस जीतकर भारत के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत की टीम में अर्शदीप सिंह को जगह नहीं मिली और उनकी जगह टीम में गुरुनूर ब्रार खेल रहे हैं। इसके अलावा टीम में प्रसिद्ध कृष्णा शामिल हुए हैं।

इंग्लैड ने ना केवल टॉस जीता है बल्कि सलामी बल्लेबाजी के साथ बदलाव किया है। जैकेब बेथल को सलामी बल्लेबाजी का जिम्मा सौंपा गया है जबकि अंति टी-20 में शतक जमाकर आए जोस बटलर को मध्यक्रम में जगह दी है।

Playing XI  इस प्रकार हैं:

इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), बेन डकेट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जो रूट, जैकब बेथेल, विल जैक्स, लियाम डॉसन, सैम कुरेन, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग, आदिल राशिद।

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), केएल राहुल (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा गुरनूर बराड़

लगातार दो सीरीज हारने के बाद टी20 टीम में होगी सूर्यकुमार यादव की वापसी? बीसीसीआई ने रखी ये शर्त

टी20 विश्व कप 2026 में भारत को चैंपियन बनाने वाले सूर्यकुमार यादव को बड़ा झटका लगा। विश्व कप खत्म होने के बाद बीसीसीआई ने टी20 टीम की कप्तानी उनसे लेकर श्रेयस अय्यर को सौंप दी। वहीं अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम टी20 में अब तक एक भी मुकाबला नहीं जीत पाई है। भारतीय टीम आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज हार गई। वहीं अब सीरीज हारने के बाद सूर्यकुमार के भारतीय टीम में वापसी को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम का प्रदर्शन अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। टीम अपने पिछले सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से छह हार चुकी है, जबकि एक मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया।

सूर्या को होगी वापसी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीसीसीआई ने सूर्यकुमार यादव के लिए भारतीय टीम के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं किए हैं। न्यूज एजेंसी ANI ने बीसीसीआई के एक सूत्र के हवाले से कहा, “सूर्यकुमार यादव के लिए भारतीय टीम के दरवाजे अभी भी खुले हैं। फिलहाल वह टीम का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन अगर वह घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं और रन बनाते हैं, तो उनकी वापसी पर जरूर विचार किया जाएगा।”

करना होगा बेहतरीन प्रदर्शन

अगर सूर्यकुमार यादव को भारतीय टीम में दोबारा जगह बनानी है, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट में मुंबई की ओर से लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। चयनकर्ताओं का भरोसा फिर से जीतने के लिए उन्हें बल्ले से लगातार रन बनाने होंगे। मजबूत प्रदर्शन ही उनके लिए राष्ट्रीय टीम में वापसी का सबसे बड़ा आधार माना जा रहा है। पिछला साल सूर्यकुमार यादव के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और वह लगातार 19 पारियों तक अर्धशतक नहीं बना सके। वहीं इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में उन्होंने पांच मैचों में तीन अर्धशतक जड़े। इसके बाद टी20 विश्व कप के पहले मुकाबले में नाबाद 84 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर उन्होंने दमदार अंदाज में अपनी फॉर्म में वापसी के संकेत दिए।

सूर्या का प्रदर्शन

इसके बाद टी20 विश्व कप के बाकी आठ मुकाबलों में सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और वह कुल 158 रन ही बना सके। फाइनल मैच में भी उनका बल्ला नहीं चला और वह बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए उन्होंने 13 पारियों में 270 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 147.54 रहा, लेकिन लगातार बड़े स्कोर नहीं बना पाने के कारण चयनकर्ताओं ने उन्हें भारतीय टी20 टीम से बाहर कर दिया।

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गौतम गंभीर की कोचिंग टीम से खुश नहीं हैं BCCI? जल्द ले सकती है बड़ा फैसला

इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार टी20 सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और उनके सपोर्ट स्टाफ पर सवाल उठने लगे हैं। पहले आयरलैंड ने भारत को टी20 सीरीज में 2-0 से हराया और उसके बाद इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज 4-0 से अपने नाम कर ली। लगातार मिली इन हारों की वजह से टीम प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है। अब सभी की नजर 14 जुलाई से शुरू हो रही इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज पर होगी। वनडे सीरीज भारतीय टीम के लिए वापसी का बड़ा मौका मानी जा रही है। वहीं इसी बीच गौतम गंभीर की कोचिंग स्टॉफ को लेकर बड़ी खबर आई है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, असिस्टेंट कोच रेयान टेन डोएशेट और गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के बाद अपना मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने पर अपने पद छोड़ने पर विचार कर रहे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) दोनों कोचों से राष्ट्रीय टीम के साथ उनके भविष्य को लेकर बातचीत कर रहा है।

क्या जारी रखेंगे अपना कार्यकाल

रिपोर्ट में कहा गया कि, “रेयान टेन डोएशेट अभी इस जिम्मेदारी को आगे जारी रखने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। उन्होंने पूरे साल टीम के साथ लगातार यात्रा करने में आने वाली दिक्कतों का जिक्र किया है। वहीं, मोर्ने मोर्कल भी फिलहाल अपने ऑप्शनों पर विचार कर रहे हैं। बोर्ड दोनों कोचों से बातचीत कर रहा है और ये जानने की कोशिश कर रहा है कि क्या इस मामले का कोई समाधान निकाला जा सकता है।” रिपोर्ट के मुताबिक, रेयान टेन डोएशेट कथित तौर पर पहले से ही एक आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ बातचीत कर रहे हैं, जबकि मोर्ने मोर्कल ने अभी तक अपने भविष्य को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया, “अगर रेयान टेन डोएशेट और मोर्ने मोर्कल के साथ बातचीत से कोई समाधान नहीं निकलता, तो बीसीसीआई को हाल ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में फास्ट बॉलिंग कोच बनाए गए लक्ष्मीपति बालाजी को टीम के साथ श्रीलंका दौरे पर भेजना पड़ सकता है।”

कब से जुड़े हैं टीम इंडिया के साथ

डोएशेट और मोर्कल दोनों साल 2024 में भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ से जुड़े थे। हेड कोच बनने के बाद गौतम गंभीर ने खुद उन्हें अपनी टीम में शामिल किया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हाल के महीनों में भारतीय टीम की खराब फील्डिंग को देखते हुए फील्डिंग कोच टी. दिलीप का भविष्य भी अनिश्चित माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, “बोर्ड टीम के गिरते फील्डिंग स्तर से संतुष्ट नहीं है। पिछले साल नायर के हटने के बाद टी. दिलीप को राहत मिली थी, लेकिन अब उनकी स्थिति फिर से सवालों के घेरे में है।”

लॉर्ड्स में होने वाला है एतिहासिक भारत इंग्लैंड टेस्ट मैच, क्या बोले कोच

ENGvsIND इंग्लैंड के लॉर्ड्स के एतिहासिक मैदान में भारत बनाम इंग्लैंड की महिला टीम दो दो हाथ करने वाली है। लॉर्ड्स के मैदान पर पहली बार भारतीय महिला टीम लाल गेंद का क्रिकेट खेलेगी। महिला विश्वकप के बीच और भारत  पुरुष इंग्लैंड दौरे और आयरलैंड दौरे की सुर्खियों के बीच यह टेस्ट दब सा गया था लेकिन इस टेस्ट के लिए भी लगभग 30 हजार लोगों ने टिकट खरीद रखा है।

भारत शुक्रवार से शुरू होने वाले ऐतिहासिक चार-दिवसीय मैच में इंग्लैंड का सामना करेगा। मेहमान टीम वर्ल्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद नई शुरुआत करना चाहेगी। वहीं, इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया से उपविजेता रहने के बाद इस टेस्ट मैच में उतरेगी।

मजूमदार ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि लॉर्ड्स में पहले कभी महिला टेस्ट मैच नहीं खेला गया। उन्होंने इस मौके को एक ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “बिल्कुल, मेरा मतलब है, लेकिन यह बात मुझे हैरान करती है कि लॉर्ड्स में यह पहला टेस्ट मैच है। फिर भी, हम बहुत भाग्यशाली हैं और मैं उन सभी को शुभकामनाएं देना चाहता हूं जो इसमें शामिल हैं। यह एक शानदार मौका है और हम इसका बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं।”

भारतीय कोच ने कहा कि लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेलना किसी भी भारतीय क्रिकेटर का सपना होता है और उन्होंने बताया कि वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही ड्रेसिंग रूम में इस मैच के बारे में बातचीत हो रही थी। उन्होंने कहा, “किसी भी भारतीय क्रिकेटर के लिए टेस्ट मैच खेलना ही एक सपना होता है, लॉर्ड्स में खेलने की तो बात ही अलग है। मुझे यकीन है कि जो भी खिलाड़ी सफ़ेद जर्सी पहनकर लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेलेगा, उसे इस बात पर गर्व होगा। हमने ड्रेसिंग रूम में हमेशा यही बात कही है कि हमने पारंपरिक रूप से टेस्ट मैचों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही सब लॉर्ड्स में होने वाले टेस्ट मैच की बात कर रहे थे, अब वह समय आ गया है, इसलिए मुझे लगता है कि वे इसे लेकर उत्साहित होंगे।”

भारतीय टीम लॉर्ड्स टेस्ट के लिए तैयार है, जबकि उन्होंने पिछला चार दिन का मैच चार महीने पहले खेला था – वाका में पिंक-बॉल टेस्ट, जिसमें उन्हें ऑस्ट्रेलिया से 10 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। उससे पहले, उन्होंने 2025 में कोई टेस्ट नहीं खेला था; उनका पिछला टेस्ट 2024 में था, जब उन्होंने चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 10 विकेट से जीत हासिल की थी। इंग्लैंड ने भी हाल के समय में बहुत कम रेड-बॉल क्रिकेट खेला है; उनका पिछला टेस्ट जनवरी 2025 में था, जब उन्हें एमसीजी में ऑस्ट्रेलिया के हाथों पारी से हार का सामना करना पड़ा था।

बांग्लादेश में होगा Asia Cup 2027 का आयोजन! टी20 नहीं वनडे फॉर्मेट में होगा टूर्नामेंट, शेड्यूल आया सामने

Asia Cup 2027: अगले साल होने वाले एशिया कप 2027 की तारीखों को लेकर बड़ा अपडेट आया है। इस बार टूर्नामेंट बांग्लादेश की मेजबानी में 50-ओवर फॉर्मेट में खेला जाना तय है। रिपोर्ट के अनुसार, एशिया कप 2027 की शुरुआत 18 जून को होगी वहीं इसका फाइनल मुकबाला 4 जुलाई 2027 को खेला जाएगा। टूर्नामेंट सभी मुकाबले मीरपुर, चटगांव और सिलहट को संभावित मेजबान शहरों के रूप में चुना गया है। वहीं एशिया कप खेलने के लिए भारतीय टीम का बांग्लादेश जाना अभी तय नहीं है। पिछले साल से दोनों देशों के बीच तनातनी चल रही है।

कब शुरू होगा एशिया कप

क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, एशिया कप 2027 की शुरुआट वनडे वर्ल्ड कप से पहले 18 जून से 5 जुलाई तक खेला जाएगा। मंगलवार को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की सुरक्षा समिति के चेयरमैन सईद इब्राहिम अहमद ने बताया कि, एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने प्रस्तावित तीनों स्टेडियमों से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट की मेजबानी की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए इस दिशा में काम चल रहा है।

एसीसी ने तीन प्रस्तावित वेन्यू की रिपोर्ट

सईद इब्राहिम अहमद ने कहा, “हमसे संपर्क किया गया है और एसीसी ने तीन प्रस्तावित वेन्यू के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है। हमें उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में इस मामले को औपचारिक रूप दे दिया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “हम बोगुरा के शहीद चंदू स्टेडियम पर भी काम कर रहे हैं। वहीं, फिलहाल हमारी प्राथमिकता ढाका, सिलहट और चटगांव के वेन्यू हैं। बोगुरा को लेकर भी तैयारी जारी है, लेकिन अभी पूरा ध्यान इन तीन शहरों पर है।”

सफल टूर्मामेंट का हो आयोजन

सईद इब्राहिम अहमद ने कहा, “हमें उम्मीद है कि इन तीनों वेन्यू में से हर एक पर कम से कम एक मैच जरूर खेला जाएगा। अंतिम फैसला होने के बाद हम अगले कुछ दिनों में और जानकारी शेयर करेंगे। हमें भरोसा है कि इतने सालों बाद एशिया कप फिर से बांग्लादेश लौटेगा। हमारी कोशिश है कि खिलाड़ियों, प्रशंसकों और क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक सफल टूर्नामेंट आयोजित किया जाए।”

पिछले साल हुए थी तनातनी

रिपोर्ट के मुताबिक, 2027 एशिया कप पर इस बार क्रिकेट के साथ-साथ राजनीतिक माहौल का भी असर देखने को मिल सकता है। 2026 टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारत और बांग्लादेश के क्रिकेट संबंधों को लेकर कई चर्चाएं हुई थीं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो सितंबर में भारत के प्रस्तावित सीमित ओवरों के दौरे के लिए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाएगी। दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच अब इस दौरे के होने की उम्मीद फिर से बढ़ गई है।

सईद इब्राहिम अहमद ने कहा, “हर दौरे पर आने वाली टीम की सुरक्षा हमेशा एक अहम मुद्दा होती है, खासकर बड़ी क्रिकेट टीमों के लिए। अभी तक हमारी उनकी (BCCI) के साथ औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हुई है। हमें उम्मीद है कि अगर दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार होता है, तो सुरक्षा को लेकर किसी तरह की शिकायत नहीं होगी।”

विश्वकप जिताने वाले संजू सैमसन के साथ हुआ अन्याय, जिम्बाब्वे सीरीज से हुए ड्रॉप

भारत के शानदार वर्ल्ड कप अभियान में अहम भूमिका निभाने और टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए खूब तारीफें बटोरने के बावजूद, संजू सैमसन को सोमवार को राष्ट्रीय टी20 टीम से बाहर कर दिया गया। ऐसा उनकी फ़ॉर्म में अचानक आई गिरावट के कारण हुआ। साथ ही, बीसीसीआई ने श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाया और जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज़ के लिए युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी को टीम में बनाए रखा।

सैमसन को टीम से बाहर करने का फ़ैसला उनके प्रदर्शन में आए अचानक बदलाव के बाद लिया गया। केरल के विकेटकीपर-बल्लेबाज़  वर्ल्ड कप के दौरान 3 मैच में 89, नाबाद 97 और 89 रन की पारी खेल कर भारत को फाइनल में जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

तीन लगातार मैच जिताऊ पारियों के साथ भारत के सबसे बड़े सितारों में से एक थे, विश्वकप के बाद के बाद अपनी तीन टी20 पारियों में केवल 5, 0 और 1 रन ही बना पाए। इसी वजह से चयनकर्ताओं ने जिम्बाब्वे सीरीज़ के लिए उनके अलावा दूसरे खिलाड़ियों पर विचार किया।

पुरुष चयन समिति ने तिलक वर्मा को उप-कप्तान नियुक्त किया, जबकि दौरे के लिए ईशान किशन और प्रभसिमरन सिंह को दो विकेटकीपर के तौर पर चुना। अय्यर के अलावा, टीम में अभिषेक शर्मा, शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा और मयंक यादव शामिल हैं। भारत हरारे में 23, 25 और 26 जुलाई को तीनों T20I इंटरनेशनल मैच खेलेगा।

एक अलग घोषणा में, BCCI ने इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की वनडे टीम में चोटिल नितीश कुमार रेड्डी की जगह शिवम दुबे को शामिल किया। अपडेट की गई वनडे टीम की कप्तानी शुभमन गिल करेंगे और इसमें रोहित शर्मा, विराट कोहली, उप-कप्तान श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, ईशान किशन, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और गुरनूर बराड़ शामिल हैं।

IND vs ZIM: लगातार तीन हार के बाद टीम इंडिया में बड़ा बदलाव! सैमसन और अर्शदीप बाहर, इन नए चेहरों की हुई एंट्री

जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की टी20 सीरीज के बीसीसीआई ने टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज की शुरुआत 23 जुलाई से होगी। इस बार टीम में कई नए खिलाड़ियों को मौका मिला है। टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 टीम में संजू सैमसन और अर्शदीप सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को जगह नहीं दी गई। वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में मौका मिला है। भारतीय टीम अभी इंग्लैंड दौरे पर हैं।

वहीं इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में संजू को ड्रॉप किया गया था। संजू की जगह सैमसन को प्लेइंग 11 में शामिल किया गया था। लगातार तीन मैचों से फ्लॉप होने के बाद संजू को प्लेइंग-11 से बाहर बैठना पड़ा। वहीं अब जिम्बाब्वे के खिलाफ भी टीम में शामिल नहीं हैं। वहीं हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड दौर पर भारतीय टीम लगातार तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।

इन खिलाड़ियों को मिला मौका

जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में कई नए खिलाड़ियों को मौका मिला है। विदर्भ के स्पिनर हर्ष दुबे को पहली बार टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है। उन्होंने पिछले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे में भारत के लिए डेब्यू किया था। वहीं, विदर्भ के ही तेज गेंदबाज यश ठाकुर को भी पहली बार राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। उन्होंने हाल ही में श्रीलंका में हुई ट्राई सीरीज में इंडिया ए के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। इसके अलावा, गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज अशोक शर्मा को भी पहली बार भारतीय टीम में चुना गया है।

रिंकू सिंह की हुई वापसी

पंजाब किंग्स के विकेटकीपर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह को भी जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है। वह इससे पहले 2022 एशियन गेम्स के दौरान भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे, लेकिन तब उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था। भारतीय टीम में रिंकू सिंह और तेज गेंदबाज मयंक यादव की भी वापसी हुई है। केकेआर के बल्लेबाज रिंकू को एक बार फिर मौका मिला है, जबकि मयंक यादव लंबे समय बाद टीम में लौटे हैं। मयंक ने आखिरी बार 2024 में भारत के लिए मैच खेला था और इसके बाद वह चोट के कारण टीम से बाहर रहे। अब चयनकर्ताओं ने उन पर फिर से भरोसा जताते हुए जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में शामिल किया है।

इन खिलाड़ियों को नहीं मिला जगह

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से जारी टीम में यह साफ नहीं किया गया कि संजू सैमसन को टीम से बाहर किया गया है या उन्हें आराम दिया गया है। वहीं, इंग्लैंड दौरे पर मौजूद छह अन्य खिलाड़ियों अक्षर पटेल, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, वाशिंगटन सुंदर, प्रसिद्ध कृष्णा और रवि बिश्नोई को भी जिम्बाब्वे दौरे के लिए चुनी गई टीम में जगह नहीं मिली। भारतीय टीम प्रबंधन अक्सर जिम्बाब्वे दौरे का इस्तेमाल युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए करता रहा है। इस बार भी कई नए चेहरों को टीम में शामिल किया गया है।

जिम्बाब्वे के लिए भारत की पूरी टीम

श्रेयस अय्यर (कप्तान), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), ईशान किशन (विकेट कीपर), शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव, प्रभसिमरन सिंह (विकेट कीपर)

Vaibhav Sooryavanshi: वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर उठे सवालों का BCCI ने दिया जवाब, चयन प्रक्रिया पर तोड़ी चुप्पी

IND vs ENG: इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया। महज 15 साल 99 दिन की उम्र में वह भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। आयरलैंड सीरीज और इंग्लैंड के पहले टी20 मैच में वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिला था। टीम मैनेजमेंट ने संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन जैसे अनुभवी बल्लेबाजों पर भरोसा जताया था। दूसरे टी20 में वैभव को डेब्यू का मौका मिला और उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। वहीं अपने पहले मैच में वैभव 14 रन बनाकर आउट हुए। टीम में वैभव के सेलेक्शन पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए थे।

वहीं बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू के बाद टीम चयन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम में मौका सिर्फ अच्छे प्रदर्शन और काबिलियत के आधार पर मिलता है, किसी दबाव या सिफारिश से नहीं।

राजीव शुक्ला ने क्या कहा

बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने ANI से कहा, “वैभव सूर्यवंशी को उनके डेब्यू और यह मौका मिलने पर मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई। BCCI किसी खिलाड़ी के साथ अन्याय नहीं करता। जो खिलाड़ी अपनी काबिलियत के दम पर मौका पाने के हकदार होते हैं, उन्हें टीम में जगह जरूर मिलती है। सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही थी कि कुछ खिलाड़ियों को मौका नहीं दिया जा रहा है और इसके लिए कोच व कप्तान की आलोचना भी की जा रही थी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं था।”

जब टीम को सही लगा तब दिया मौका

BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि उन्होंने पहले भी साफ किया था कि वैभव सूर्यवंशी को सही समय आने पर जरूर मौका मिलेगा। उन्होंने आगे कहा, “मैंने कुछ दिन पहले ही कहा था कि जब टीम मैनेजमेंट को सही समय लगेगा, तब उसे मौका दिया जाएगा और अब ऐसा ही हुआ। मुझे पूरा भरोसा है कि वैभव आगे चलकर शानदार प्रदर्शन करेगा और भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाएगा। टीम मैनेजमेंट ने यह फैसला सोच-समझकर लिया है और इसकी सराहना की जानी चाहिए।”

पहले मैच में 14 रन बनाकर हुए आउट

वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही बड़ी पारी से शुरू नहीं हुआ। अपने पहले मैच में उन्होंने 10 गेंदों पर 14 रन बनाए और इस दौरान दो शानदार छक्के भी लगाए। विल जैक्स की गेंद पर स्टंप आउट हो गए। 191 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाई और इसके साथ ही इंग्लैंड ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त भी बना ली।

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