पीछे धधक रही थी आग, चारों तरफ था धुआं… फिर भी नहीं रुकी महिला की जॉगिंग, VIDEO वायरल!

पेरिस की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन और आग के बीच एक महिला का जॉगिंग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सड़क पर जलती बैरिकेड और चारों ओर धुएं के बावजूद महिला अपनी दौड़ जारी रखती नजर आई। इस नजारे ने इंटरनेट पर लोगों को दो गुटों में बांट दिया है। कुछ यूजर्स उसके व्यवहार को लापरवाही बता रहे हैं, जबकि दूसरे लोग इसे अपनी दिनचर्या जारी रखने का फैसला मान रहे हैं। आखिर तनावपूर्ण माहौल में भी महिला ने दौड़ना क्यों नहीं रोका, यही सवाल चर्चा का विषय बन गया है।

सड़क पर आग और धुआं

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक महिला सड़क पर जॉगिंग करती दिखाई देती है। उसके रास्ते में एक बैरिकेड आग की लपटों में घिरा नजर आता है। आसपास काला धुआं फैला हुआ है और सड़कों पर तनावपूर्ण माहौल दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद महिला अपनी दौड़ जारी रखती है। यह वीडियो ऐसे समय सामने आया, जब पेरिस में महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े खर्चों को लेकर विरोध प्रदर्शनों की खबरें सामने आ रही थीं। ईंधन, खाने-पीने की चीजों और दूसरी जरूरी वस्तुओं की बढ़ती लागत को लेकर लोगों की चिंताओं के बीच जलती बैरिकेड और बाधित सड़कों की तस्वीरें भी चर्चा में रहीं। हालांकि, वायरल क्लिप से महिला की मंशा या उसके वहां मौजूद होने की पूरी वजह स्पष्ट नहीं होती।

किसी ने बताया ‘मेन कैरेक्टर सिंड्रोम’, तो किसी ने किया बचाव

वीडियो को X पर साझा करते हुए एक यूजर ने महिला के व्यवहार पर सवाल उठाए। उसने इस दृश्य को ऐसे पेश किया, मानो शहर में अफरा-तफरी के बीच भी महिला के लिए रोजाना की फिटनेस पूरी करना सबसे जरूरी हो। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी खतरनाक स्थिति में जॉगिंग करना कितना समझदारी भरा फैसला है। जलती बैरिकेड और घने धुएं के बीच दौड़ना स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है।

‘हो सकता है वह तनाव दूर करने के लिए दौड़ रही हो’

दूसरी ओर, कई यूजर्स ने महिला का बचाव भी किया। उनका कहना था कि कुछ सेकंड के वीडियो के आधार पर किसी के इरादों का अंदाजा लगाना सही नहीं है। संभव है कि वह तनावपूर्ण माहौल में अपनी दिनचर्या बनाए रखने या मानसिक तनाव कम करने के लिए दौड़ रही हो।

एक यूजर ने कहा कि महिला अपनी जिंदगी जीने के लिए स्वतंत्र है और उसे प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। दूसरे यूजर्स ने भी माना कि हर व्यक्ति का मुश्किल हालात से निपटने का तरीका अलग होता है।

वायरल वीडियो ने छेड़ी बहस

इस घटना ने सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग नजरिए सामने रखे हैं। एक पक्ष इसे खतरनाक परिस्थिति में लापरवाही मान रहा है, जबकि दूसरा पक्ष महिला के निजी फैसले का समर्थन कर रहा है।

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जब देश में गर्म है छात्रों की पिटाई का मामला तब बिहार की इस महिला अफसर की क्यों हो रही तारीफ? जानिए कौन हैं IPS शैलजा दास

इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर में चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में पटना में छात्रों ने बिहार बंद बुलाया था। इसकी वजह से शहर के कई इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहे। इसी दौरान पटना पूर्वी की सिटी एसपी और 2022 बैच की आईपीएस अधिकारी शैलजा दास का एक बयान चर्चा में है।

आईपीएस अधिकारी का बयान हो रहा वायरल

आईपीएस अधिकारी शैलजा ने कहा कि, “नागरिकों को अपनी बात रखने और अपनी राय व्यक्त करने का पूरा अधिकार है। वे जो कहना चाहते हैं, कह सकते हैं। जब तक वह हम पर बल प्रयोग नहीं करेंगे, तब तक हम भी उनके खिलाफ बल प्रयोग नहीं करेंगे।” सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वारयल हो रहा है। लोग आईपीएस अधिकारी शैलजा की काफी तारीफ भी कर रहे हैं। आइए जानते हैं कौन है आईपीएस अधिकारी शैलजा दास

कौन है आईपीएस शैलजा दास

आईपीएस शैलजा दास बिहार कैडर की 2022 बैच की अधिकारी हैं और फिलहाल पटना पूर्वी में सिटी एसपी के पद पर तैनात हैं। आईपीएस शैलजा दास को एक संवेदनशील और जिम्मेदार पुलिस अधिकारी के रूप में जाना जाता है। सिविल सेवा परीक्षा 2021 में उन्होंने 83वीं रैंक हासिल की थी, जिसमें इतिहास उनका वैकल्पिक विषय था। पटना में तैनाती से पहले वह नालंदा जिले के हिलसा अनुमंडल में एसडीपीओ के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। पटना में हालिया छात्र प्रदर्शन के दौरान भी उन्होंने धैर्य के साथ स्थिति को संभालने और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर माहौल शांत रखने का प्रयास किया।

सेंट स्टीफंस कॉलेज से की है पढ़ाई

शैलजा दास की शुरुआती शिक्षा अपने गृह नगर में हुई। उन्होंने वर्ष 2013 में बुद्धा पब्लिक स्कूल से दसवीं और बाद में दिल्ली पब्लिक स्कूल से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने 2021 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अखिल भारतीय 83वीं रैंक हासिल की और आईपीएस बनीं।