India Passport Ranking: भारत इस लिस्‍ट में 100 के बाहर, पिछले साल के मुकाबले गिरी रैंकिंग…देखें टॉप-10 की लिस्ट

India Passport Ranking:  ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत का पासपोर्ट पिछले साल की तुलना में एक स्थान नीचे खिसककर 125वें नंबर पर पहुंच गया है। वहीं, दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की सूची में यूरोपीय देशों का दबदबा बना हुआ है। नई रैंकिंग के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट रखने वाले लोगों को विदेश यात्रा के दौरान कई दूसरे देशों के नागरिकों की तुलना में ज्यादा नियमों और वीजा संबंधी पाबंदियों का सामना करना पड़ता है। दुनिया के टॉप 10 सबसे मजबूत पासपोर्ट में से नौ यूरोपीय देशों के हैं।

दूसरी पासपोर्ट रैंकिंग की तरह यह इंडेक्स सिर्फ वीजा-फ्री यात्रा के आधार पर नहीं बनाया जाता। ‘ग्लोबल सिटिज़न सॉल्यूशंस’ का ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स पासपोर्ट का आकलन तीन बड़े पैमानों पर करता है। इनमें दुनिया में आसानी से यात्रा करने की सुविधा, निवेश के अवसर और जीवन की गुणवत्ता शामिल हैं। यह रैंकिंग विश्व बैंक और वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम समेत कई संस्थाओं के 14 अलग-अलग मानकों के आधार पर तैयार की जाती है।

पिछले साल के मुकाबले गिरी रैंकिंग

साल 2026 की रैंकिंग में 197 देशों के बीच भारत को 125वां स्थान मिला। भारत से एक स्थान ऊपर नामीबिया 124वें नंबर पर है, जबकि अजरबैजान 126वें स्थान पर रहा। हालांकि रैंकिंग में एक पायदान की गिरावट आई है, फिर भी भारत का कुल स्कोर 45.1 पहुंच गया है, जो पिछले पांच वर्षों का सबसे बेहतर स्तर है। भारतीय पासपोर्ट रखने वाले लोगों को कई देशों में वीजा-फ्री, वीजा-ऑन-अराइवल और ई-वीजा की सुविधा मिलती है। लेकिन कई विकसित देशों की यात्रा के लिए आज भी लंबी वीजा प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इससे यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को ज्यादा खर्च, अधिक दस्तावेज और लंबा इंतजार करना पड़ता है।

देखें टॉप-10 की लिस्ट

साल 2026 की ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स रैंकिंग में स्वीडन का पासपोर्ट दुनिया का सबसे मजबूत पासपोर्ट रहा। इसके बाद स्विट्जरलैंड, फिनलैंड और जर्मनी का स्थान रहा। नीदरलैंड और डेनमार्क संयुक्त रूप से पांचवें नंबर पर रहे। वहीं, आयरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, नॉर्वे और सिंगापुर भी टॉप 10 में शामिल रहे। सिंगापुर इस सूची में जगह बनाने वाला एकमात्र गैर-यूरोपीय देश है।रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के सबसे मजबूत पासपोर्ट रखने वाले लोग बिना पहले से वीजा लिए कई देशों की यात्रा कर सकते हैं। इससे विदेश जाना काफी आसान हो जाता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मजबूत पासपोर्ट होने से लोगों को नौकरी के बेहतर अवसर मिलते हैं, निवेश करना आसान होता है और जरूरत पड़ने पर दूसरे देश में बसने में भी कम परेशानी होती है।

Passport Fee Hike: 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा, सरकार ने बढ़ाई फीस; जानिए नए रेट

Passport Fee Hike: अगर आप नया पासपोर्ट बनवाने या पुराना रिन्यू कराने की सोच रहे हैं, तो आपको जेब ज्यादा ढीली करने के लिए तैयार रहना चाहिए। 1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट बनवाने के लिए पहले से ज्यादा पैसे देने होंगे। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पासपोर्ट नियम, 1980 में बदलाव करते हुए नई फीस तय की है। नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी।

सरकार ने 20 जून को जारी अधिसूचना में बताया कि पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 लागू किए जा रहे हैं। इसके साथ ही पासपोर्ट नियम, 1980 की Schedule-IV को भी नए शुल्क के साथ बदल दिया गया है।

नए पासपोर्ट के लिए कितनी फीस देनी होगी?

अगर आप 36 पेज वाला नया पासपोर्ट बनवाते हैं या उसे दोबारा जारी (Reissue) कराते हैं, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹2,500 फीस देनी होगी। पहले इसके लिए ₹1,500 लगते थे। अगर आप तत्काल (Tatkaal) सेवा चुनते हैं, तो अब ₹5,000 देने होंगे। पहले इसकी फीस ₹3,500 थी।

अगर आपको 60 पेज वाला पासपोर्ट चाहिए, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹3,500 फीस देनी होगी। पहले इसके लिए ₹2,000 लगते थे। वहीं, तत्काल सेवा के लिए अब ₹6,000 देने होंगे। पहले इसकी फीस ₹4,000 थी।

ये नई फीस बालिगों पर लागू होगी। इसके अलावा 15 से 18 साल के वे नाबालिग भी इसी श्रेणी में आएंगे, जो बालिग कैटेगरी में पासपोर्ट के लिए आवेदन करते हैं।

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खोया या खराब पासपोर्ट बनवाना पड़ेगा महंगा

सबसे ज्यादा बढ़ोतरी खोए या खराब हुए पासपोर्ट के रीप्लेसमेंट की फीस में की गई है।

अगर 36 पेज वाला पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है, तो नया पासपोर्ट बनवाने के लिए सामान्य प्रक्रिया में ₹5,000 और तत्काल सेवा में ₹7,500 देने होंगे।

अगर 60 पेज वाला पासपोर्ट रीप्लेस कराना है, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹6,000 और तत्काल सेवा में ₹8,500 खर्च होंगे। अगर किसी नाबालिग का 36 पेज वाला पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है, तो सामान्य प्रक्रिया में ₹4,250 और तत्काल सेवा में ₹6,750 फीस देनी होगी।

PCC और दूसरी सेवाओं की फीस भी बदली

पासपोर्ट से जुड़ी दूसरी सेवाएं भी महंगी हो गई हैं। पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट, ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन और दूसरे सर्टिफिकेट के लिए अब ₹750 फीस देनी होगी। वहीं, सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी बनवाने के लिए ₹1,000 देने होंगे।

अगर ये सेवाएं विदेश में ली जाती हैं, तो इमरजेंसी सर्टिफिकेट के लिए 15 अमेरिकी डॉलर और सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी के लिए 50 अमेरिकी डॉलर फीस देनी होगी। इन सेवाओं के लिए तत्काल (Tatkaal) सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।

इन्हें मिलेगी 10% तक की छूट

सरकार ने एक और राहत भी दी है। 8 साल तक के बच्चों और 60 साल से ज्यादा उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को नया पासपोर्ट बनवाने (फ्रेश आवेदन) पर फीस में 10% की छूट मिलेगी। हालांकि, यह छूट पासपोर्ट दोबारा जारी (री-इश्यू) कराने पर नहीं मिलेगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाणपत्र नहीं है। यह एक यात्रा दस्तावेज है। इसका इस्तेमाल विदेश यात्रा करने और विदेश में धारक की पहचान साबित करने के लिए किया जाता है।

पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं

सरकार ने साफ किया है कि सिर्फ फीस बदली है। पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

बालिगों को जारी होने वाला पासपोर्ट पहले की तरह 10 साल तक वैध रहेगा। वहीं, नाबालिगों का पासपोर्ट 5 साल या 18 साल की उम्र पूरी होने तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा।

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