चढ़ावा चोरी के बाद बदली राम मंदिर की पूरी व्यवस्था, कैश गिनती, सुरक्षा व पास के लिए सख्त दिशानिर्देश

ayodhya ram mandir trust meeting

Ayodhya Ram Mandir security: ​अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर हमेशा ही विश्व में सुर्खियों में रहा है—चाहे वह राम मंदिर आंदोलन हो, भव्य मंदिर का निर्माण हो, या फिर सम्पूर्ण विश्व को साक्षी बनाने वाला राम लला का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव। ​हाल ही में राम लला के चरणों में अर्पित चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, चढ़ावा व गिनती की निगरानी, संपूर्ण सुरक्षा और VIP/VVIP दर्शन पास से जुड़े नियमों को पूरी तरह बदल दिया है और बेहद सख्त दिशानिर्देश लागू किए हैं।

​चढ़ावा और गिनती की 360-डिग्री निगरानी

​पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चढ़ावे की पूरी प्रक्रिया को अब हाई-टेक निगरानी के दायरे में लाया गया है। दानपात्र खोलने से लेकर चढ़ावा गिनने तक की हर पल की रिकॉर्डिंग 360-डिग्री कैमरों और पेशेवर वीडियोग्राफरों (SLR और 360 डिग्री कैमरों से लैस) द्वारा की जाएगी। दानपात्र से जुड़ी पुरानी टीम को बदल दिया गया है। निगरानी के लिए 8 सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें ​2 बैंक कर्मी (भारतीय स्टेट बैंक), ​2 ट्रस्ट प्रतिनिधि, ​2 SIS सुरक्षा कर्मी, ​2 पेशेवर वीडियोग्राफर शामिल हैं। 

​चरणबद्ध तरीके से खाली होंगे दानपात्र

परिसर में स्थित लगभग 40 दानपात्रों को अब एक साथ खाली करने के बजाय अलग-अलग दिनों में खाली किया जाएगा। सीलबंद बक्सों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों द्वारा विधिवत सील व हैंडल किया जाएगा। कोष प्रबंधन समिति के सदस्य जगदीश आफले ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के बीच किसी भी प्रकार का कोई गतिरोध नहीं है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर में बड़ा बदलाव, ऑनलाइन दान करते ही तुरंत मिलेगी डिजिटल रसीद

​दर्शन पास के लिए नई व्यवस्था

​पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र एवं गोपाल राव की ID बंद होने के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रस्ट ने अपने तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की ID को दर्शन पास जारी करने के लिए अधिकृत किया है। ​वर्तमान में अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की देखरेख में श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के प्रबंध किए जा रहे हैं।

​प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव

मंदिर के इतिहास में पहली बार सचिव पद पर जगदीश आफले को नियुक्त किया गया है (जिसकी आधिकारिक घोषणा 2 सितंबर को ट्रस्ट की बैठक में होगी)। आफले को SBI में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Signatory) भी बनाया गया है। दूसरी ओर, ​मंदिर के आधिकारिक प्रवक्ता के लिए चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। ​CEO पद के लिए 5200 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी स्क्रीनिंग और लिस्टिंग सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली कमेटी कर रही है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में 5 बड़े फैसले, संतों को बड़ी जिम्मेदारी

​त्रि-स्तरीय (Three-Layer) अत्याधुनिक सुरक्षा चक्र

​श्रीराम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है। CRPF (केंद्रीय सुरक्षा बल), PAC (प्रांतीय सशस्त्र बल) और SSF (विशेष सुरक्षा बल) के सैकड़ों जवानों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही AI-आधारित अत्याधुनिक CCTV कैमरे और स्मार्ट निगरानी प्रणाली लागू की गई है। परिसर की सुरक्षा के लिए 4 किलोमीटर लंबी परिधि दीवार (Boundary Wall) और उच्च क्षमता वाले वॉच टावर स्थापित किए गए हैं।

Ram Mandir Darshan Rules: सावन और कांवड़ यात्रा पर राम मंदिर में बदलेंगे दर्शन के नियम! पास सिस्टम ऐसे करेगा काम

Ram Mandir: अयोध्या में सावन झूला मेला और कांवड़ यात्रा के दौरान भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए राम मंदिर की सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था में बड़े बदलावों की तैयारी की जा रही है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक प्रशासनिक सूत्रों ने बताया है कि 8 से 11 अगस्त और 23 से 28 अगस्त के बीच आम श्रद्धालुओं के लिए बिना पास के मंदिर परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित किया जा सकता है। अगर भीड़ बहुत अधिक बढ़ जाती है तो परकोटा स्थित सभी छह उप-मंदिरों में दर्शन अस्थायी रूप से रोके जा सकते हैं। रामलला के दर्शन की समय अवधि बढ़ाने का विकल्प भी खुला रखा गया है।

श्रद्धालुओं की अनुमानित संख्या और कांवड़ यात्रा

प्रशासन का अनुमान है कि सावन महोत्सव के दौरान 10 लाख से 15 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंच सकते हैं। इसके अलावा अगस्त के दौरान सामान्य दिनों में भी रोजाना दो से तीन लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक सावन के दूसरे सोमवार यानी 10 अगस्त को कांवड़िया श्रद्धालुओं की सबसे भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।

पास व्यवस्था और ऑनलाइन प्रक्रिया

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सिर्फ पास धारकों को ही सप्त मंडपम और कुबेर नवरत्न टीला में प्रवेश की अनुमति होगी। अभी लागू सामान्य दर्शन व्यवस्था के तहत दो-दो घंटे के अलग-अलग स्लॉट में 1500 पास जारी किए जाते हैं। ये पास श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बनाए जाते हैं।

सुरक्षा इंतजाम और प्रमुख स्थलों की निगरानी

अयोध्या के क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने बताया कि त्योहार के दौरान सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। पूरे क्षेत्र में पब्लिक एड्रेस सिस्टम, अतिरिक्त लाइटिंग, श्रद्धालु सुविधा केंद्र, खोया-पाया केंद्र, अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और जल पुलिस की तैनाती की जाएगी। सरयू घाटों और नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी व कनक भवन जैसे प्रमुख मंदिरों की सुरक्षा भी मजबूत की जाएगी।

रूट डायवर्जन और दर्शन प्रबंधन

राम मंदिर के पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) विजय शंकर मिश्रा ने बताया कि फिलहाल व्यवस्थाएं बदली नहीं गई हैं लेकिन भीड़ के अनुसार रूट डायवर्जन और दूसरे प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। डीआईजी अयोध्या रेंज सोमेन बर्मा की अध्यक्षता में सुरक्षा समीक्षा बैठकें हो चुकी हैं और अंतिम सुरक्षा रोडमैप को श्री राम जन्मभूमि सुरक्षा समन्वय समिति की बैठक में मंजूरी दी जाएगी। जिला प्रशासन के मुताबिक राम मंदिर में रोजाना लगभग दो लाख श्रद्धालुओं को दर्शन कराने की क्षमता है। अधिक भीड़ होने पर श्रद्धालुओं को नियंत्रित मार्गों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से दर्शन कराए जाएंगे।

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