उप्र : यूरिया के लिए 100 फुट ऊंची टंकी पर चढ़कर बायोमीट्रिक सत्यापन करा रहे किसान

बलरामपुर जिले के हरैया इलाके से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां महिलाओं, बुजर्गों और किसानों को यूरिया उर्वरक के लिए जान जोखिम में डालकर कथित तौर पर करीब 100 फुट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर बायोमेट्रिक सत्यापन करना पड़ रहा है।

सोशल मीडिया पर कथित प्रकरण का वीडियो प्रसारित होने के बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं।

ये वीडियो कथित तौर पर बुधवार का है जो हरैया सतघरवा विकास खंड के कोहरोड़ा सहकारी समिति का बताया जा रहा है। वीडियो में एक कर्मी पानी टंकी पर बायोमीट्रिक मशीन लेकर बैठा है और किसानों से अंगूठा लगवा कर रुपये गिनते हुए उर्वरक देने की कार्यवाही कर रहा है।

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एक दूसरे वीडियो में उर्वरक लेने के लिए पानी की टंकी पर चढ़ी एक महिला अपने कागजात दिखा रही है, जबकि अन्य किसान उर्वरक लेने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल कर पानी की टंकी पर चढ़ते और उतरते देखे जा सकते हैं।

किसान राम प्रकाश ने आरोप लगाया, ‘‘कर्मी हवा के लिए पानी की टंकी पर चढ़ जाते है। अगर कोई गिर पड़े तो उसके हाथ पैर टूट जायेंगे और जिंदगी बेकार हो जाएगी।

नवलगंज के ग्राम प्रधान राम निवास गौतम ने आरोप लगाया कि सचिव 15-20 दिन तक नहीं आते हैं जिसके कारण लापरवाही हो रही है और इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद जिलाधिकारी विपिन जैन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए है।

जिलाधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि यह मामला नेपाल से सटे सीमावर्ती इलाके का है। संभावना है कि नेटवर्क न आने के कारण ऐसा हुआ हो। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Pic Credit : ANI

Ramayana Trailer: ‘रामायणम्’ का ट्रेलर हुआ रिलीज, राम-सीता को देख इमोशनल हुए लोग, रावण ने जीता फैंस का दिल

Ramayana Trailer: महाकाव्य पर आधारित नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायणम्’ का ऑफिशियल ट्रेलर आज ब्रह्म मुहूर्त के मौके पर जारी किया गया। ट्रेलर में इस महाकाव्य की दुनिया की झलक दिखाई गई है, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में स्क्रीन पर छाए हुए हैं। इसमें पहली बार साई पल्लवी के सीता वाले किरदार को भी दिखाया गया है। ट्रेलर में रणबीर के भगवान राम और यश के रावण के बीच होने वाली टक्कर पर भी फोकस किया गया है।

ट्रेलर में भगवान हनुमान का कोई जिक्र या सीन नहीं है, शायद उन्हें दूसरे भाग के लिए बचाकर रखा गया है। इस फिल्म के म्यूजिक के लिए ऑस्कर विजेता ए.आर. रहमान और हैंस जिमर पहली बार साथ आए हैं, जबकि विज़ुअल इफ़ेक्ट्स का काम DNEG संभाल रही है। एक और बड़ी उपलब्धि के तौर पर, T-सीरीज़ ने प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​के प्राइम फ़ोकस स्टूडियोज़ के साथ ₹75 करोड़ की रिकॉर्ड-तोड़ डील करके फ़िल्म के दोनों हिस्सों के म्यूज़िक राइट्स खरीद लिए हैं।

‘रामायणम्’ वाल्मीकि के महाकाव्य का नया रूपांतरण है, जो दुनिया के सबसे पुराने साहित्य में से एक है। यह भगवान विष्णु के अवतार भगवान राम (रणबीर कपूर) और असुर राजा रावण (यश) के बीच हुई लड़ाई की कहानी है, जो राम की पत्नी सीता (साई पल्लवी) का अपहरण कर लेता है। यह महाकाव्य भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे जानी-मानी कहानियों में से एक है और हिंदू इसे एक पवित्र ग्रंथ मानते हैं।

फिल्म की पहली झलक, जिसे ‘राम झलक’ कहा गया, अप्रैल में दुनिया भर में दिखाई गई थी। जहां कई लोगों ने इसके विज़ुअल इफेक्ट्स और बड़े पैमाने की तारीफ़ की, वहीं कुछ लोगों ने किरदारों के डिज़ाइन, खासकर असुरों के डिज़ाइन की आलोचना की, क्योंकि वे बहुत ज़्यादा पश्चिमी शैली से प्रेरित लग रहे थे। ‘रामायण’ का ट्रेलर 18 जुलाई को नई दिल्ली में ‘प्रथम संकल्प’ इवेंट में दिखाया गया था, जिसके बाद इसकी कुछ क्लिप्स ऑनलाइन लीक हो गईं। इस बीच, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​ने इंस्टाग्राम पर घोषणा की: “आज हमारी ‘रामायण’ के लिए एक बहुत ही खास पल है। सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के साथ हमारी साझेदारी से रामायण को दुनिया तक पहुँचाने का मेरा सपना अब सच हो रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए, हम अब अपना ट्रेलर बाद की किसी तारीख़ पर दुनिया भर में लॉन्च करेंगे।”

उनके नोट में आगे कहा गया-“भारतीय सिनेमा के 100 से ज़्यादा सालों के इतिहास में यह गर्व का पल होगा, जब रामायण को दुनिया भर में किसी बड़ी हॉलीवुड फ़िल्म की तरह दिखाया जाएगा। यह इसलिए भी खास है क्योंकि इससे दुनिया भर के लोगों के लिए हमारी संस्कृति और हमारी कहानियों की समृद्धि को नए गर्व और उत्साह के साथ जानने का मौका मिलेगा। मैं उन सभी फ़ैन्स और रामायण में विश्वास रखने वालों का शुक्रिया अदा करता हूँ जिन्होंने इसे मुमकिन बनाया। हमारे देश के युवा ही हमारा भविष्य हैं, आइए हम सब मिलकर अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें,”

‘रामायणम् पार्ट वन’ दुनिया भर में 8 नवंबर को दिवाली के मौके पर रिलीज़ होगी। इसका दूसरा भाग 2027 में आएगा। इन फ़िल्मों में सनी देओल भगवान हनुमान की भूमिका में और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नज़र आएंगे।

कौन हैं जगदीश अफले? IIT बॉम्बे से पढ़े इंजीनियर को राम मंदिर ट्रस्ट का सचिव नियुक्त किया गया

Jagdish Aphale: राम मंदिर में दान में मिले सामान की कथित चोरी के विवाद के बीच, बुधवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जगदीश अफले को अपना पहला सेक्रेटरी नियुक्त किया है। News 18 के अनुसार, अफले रोजाना के कामकाज की देखरेख करेंगे। हालांकि, अफले की नियुक्ति पर 2 सितंबर को ट्रस्ट की एग्जीक्यूटिव मीटिंग में औपचारिक रूप से मुहर लगाई जाएगी।

राम मंदिर ट्रस्ट ने बनाया पहला सेक्रेटरी पद

राम मंदिर में कथित चांदी चोरी मामले को लेकर मचे राजनीतिक विवाद के बीच ट्रस्ट ने सचिव का नया पद बनाया है। यह पद सीईओ (CEO) के पद से अलग होगा। सीईओ पद के लिए जहां ट्रस्ट ने पहले सार्वजनिक रूप से आवेदन मांगे थे और इसके लिए एक तय जॉब डिस्क्रिप्शन जारी किया गया था, वहीं सचिव की नियुक्ति ट्रस्ट की कार्यकारिणी समिति के फैसले के आधार पर की गई है।

जगदीश अफले कौन हैं?

पुणे के रहने वाले जगदीश अफले, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे (IIT) के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने सिविल इंजीनियर के तौर पर ट्रेनिंग ली है। उनके पास इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में BTech और MTech की डिग्री है। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर पर अफले ने अयोध्या राम मंदिर के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वह उस मुख्य इंजीनियरिंग टीम का हिस्सा थे, जिसने नींव के काम से लेकर सुपरस्ट्रक्चर तक के प्रोजेक्ट को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बताया जाता है कि अफले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी हैं और कई सालों से संगठन से जुड़े हुए हैं।

रिटायरमेंट के बाद भारत लौटने से पहले, अफले ने कई मल्टीनेशनल कंपनियों के साथ काम किया है। अपने करियर के दौरान उन्होंने यूरोप और अमेरिका में भी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं हैं।

अब जगदीश अफले अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन को रिपोर्ट करेंगे और ट्रस्ट में एक पदाधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।

राम मंदिर दान चोरी मामले में ताजा अपडेट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित हेराफेरी की जांच के लिए IGP किरण एस. की अगुवाई में चार सदस्यों वाली SIT के गठन का संज्ञान लिया और उत्तर प्रदेश सरकार से जांच टीम में एक फोरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल करने को कहा। चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने कहा कि “सुधारात्मक कदम उठाने होंगे” और “पारदर्शिता सुनिश्चित करने” के लिए कदम उठाए जाएंगे। बेंच ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को दो हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया। राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि SIT में एक फोरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल किया जाएगा।

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केरल हारने का कारण खोज लिया सीपीएम ने

केरल में लगातार 10 साल राज करने के बाद सीपीएम के नेतृत्व वाला गठबंधन एलडीएफ इस साल मई के चुनाव में हार गया था। उसके बाद से पार्टी में इस बात को लेकर मंथन चल रहा था कि सब कुछ ठीक था तो पार्टी क्यों हारी? इसके लिए पार्टी के बड़े नेताओं के बीच मंथन चल रहा था। अब उसकी रिपोर्ट आ गई है। बताया जा रहा है कि सीपीएम ने विधानसभा चुनाव हारने के कारण तलाश लिए हैं। सीपीएम का मानना है कि विजयन के चेहरे पर प्रचार केंद्रित करना चुनाव हारने का एक बड़ा कारण था। इसके अलावा विजयन की सॉफ्ट हिंदुत्व की नीति भी हार का कारण बनी।

गौरतलब है कि केरल में कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर हमेशा दो सत्ता केंद्र रहे हैं। प्रकाश करात एक स्थायी केंद्र थे, जो अब भी हैं। विजयन को उनका करीबी माना जाता है। केंद्र में सीताराम येचुरी के कमजोर होने और फिर उनके निधन के बाद करात खेमा बहुत मजबूत हुआ। उधर केरल में भी विजयन के मुख्यमंत्री बनने के बाद से करात खेमे की पकड़ सत्ता और संगठन दोनों पर हो गई। वीएस अच्युतानंदन की उम्र बहुत हो गई थी और केंद्र में येचुरी कमजोर हो गए थे। उसके बाद करात और विजयन के कंट्रोल में ही पार्टी रही। तभी प्रचार के केंद्र में विजयन को रखा गया। यह भी एक तथ्य है कि केरल और पश्चिम बंगाल दोनों जगह लीपीएम को हिंदुओं के वोट मिलते रहे हैं। इसी सोच में विजयन ने केरल में हिंदू वोटों की ज्यादा आस लगा ली। वे केंद्र की नीतियों का समर्थन करने लगे और एझवा नेता नतेशन के साथ घूमने लगे। इससे मुस्लिम और ईसाई दोनों सीपीएम से दूर हुए और दूसरी ओर हिंदू वोटों का बड़ा हिस्सा भाजपा के साथ चला गया।