‘रामायणम्’ के ट्रेलर ने 4 दिनों में पार किए 800 मिलियन से ज्यादा व्यूज, मार्वल की ‘एवेंजर्स डूम्सडे’ के पहुंचा करीब

रामायण भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे महत्वाकांक्षी और भव्य फिल्मों में से एक है। दो भागों में बनने वाली इस मेगा फिल्म का उद्देश्य आधुनिक तकनीक, विश्वस्तरीय कहानी और शानदार स्टारकास्ट के साथ इस कालजयी महाकाव्य को पहले कभी न देखे गए स्तर पर दर्शकों के सामने पेश करना है।

दुनियाभर के दर्शक इस फिल्म की पहली झलक का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे और ट्रेलर रिलीज़ होते ही इसने सभी उम्मीदों से बढ़कर प्रभाव छोड़ा। ट्रेलर को दुनियाभर में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और इसकी गूंज भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दी। व्यूअरशिप के मामले में रामायण का ट्रेलर अब मार्वल की स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे और एवेंजर्स: डूम्सडे जैसी वैश्विक फिल्मों के ट्रेलर्स के बराबर खड़ा नजर आ रहा है।

जी हां, रामायण ने वह उपलब्धि हासिल की है जो आज तक किसी भारतीय फिल्म ने नहीं की। मार्वल की स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे के ट्रेलर को 1.1 बिलियन और एवेंजर्स: डूम्सडे के ट्रेलर को 936 मिलियन व्यूज़ मिले हैं, वहीं रामायण के ट्रेलर ने रिलीज़ के सिर्फ चार दिनों में सभी प्लेटफॉर्म्स पर 800 मिलियन से अधिक व्यूज़ हासिल कर लिए हैं। फिल्म के बारे में अब तक बहुत कम जानकारी सामने आई है, लेकिन केवल ट्रेलर ने ही वैश्विक स्तर पर जबरदस्त प्रभाव छोड़ते हुए यह संकेत दे दिया है कि यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए तैयार है।

दुनिया की सबसे महान कहानियों में से एक रामायण को आधार बनाकर निर्देशक नितेश तिवारी इस महाकाव्य की भावनाओं और भव्यता को अभूतपूर्व स्तर पर बड़े पर्दे पर जीवंत करने जा रहे हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। यश शक्तिशाली रावण की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं सनी देओल अजेय हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में दिखाई देंगे।

नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज़ ने आठ बार ऑस्कर विजेता डीएनईजी और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के सहयोग से किया है। यह दो भागों में दुनियाभर के आईमैक्स सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। पहला भाग दिवाली 2026 में और दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में आएगा।

‘राम मंदिर में चंदा चोरी से संतों का कोई वास्ता नहीं’; पप्पू यादव और राहुल गांधी से SP ने बनाई दूरी! राम गोपाल यादव भड़के

Pappu Yadav News: संसद परिसर में बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के भगवा कपड़े पहनकर राम मंदिर चंदा चोरी का नुक्कड़ नाटक करने पर समाजवादी पार्टी (SP) के सीनियर नेता राम गोपाल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस नाटक को गलत ठहराते हुए कहा कि राम मंदिर में चोरी से संतों का कोई वास्ता नहीं है। सपा सांसद ने कहा कि पप्पू यादव ने गलत किया। उन्हें संसद परिसर में ऐसा नहीं करना चाहिए था। यादव ने कहा कि संतों का चंदा चोरी से कोई संबंध नहीं है। बता दें कि हाल ही में समाजवादी पार्टी के कई सांसद भी पप्पू यादव के साथ नाटक कर रहे थे।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, संसद परिसर में पप्पू यादव द्वारा भगवा कपड़े पहनकर नुक्कड़ नाटक पर सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, “वो गलत था क्योंकि राम मंदिर में चोरी से संतों का कोई वास्ता नहीं है। वो गलत चीज थी, ऐसा नहीं होना चाहिए था।” उन्होंने आगे कहा, “हम राम मंदिर चंदा चोरी का मामला सदन में उठाएंगे। ये गंभीर मामला है।”

राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शुक्रवार को भगवा कपड़े पहनकर संसद परिसर में मकर द्वार के सामने अन्य विपक्षी सांसदों के साथ नाटक किया था। यह प्रदर्शन अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विरोध में किया गया था। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस और सपा के विभिन्न सांसदों ने दान पेटी में पैसे डाले। जबकि यादव ने राम मंदिर में हुई चोरी को दिखाने के लिए कथित रूप से पैसे अपनी जेब में रख लिए।

BJP ने विपक्ष से की माफी की मांग

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में संसद परिसर में नाटक करके हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाई। भगवा पार्टी ने कहा कि उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। यादव ने हालांकि कहा कि वह सनातन की रक्षा के लिए विरोध कर रहे हैं। कितनी भी FIR दर्ज हो जाएं। लेकिन वह नहीं झुकेंगे।

BJP नेताओं ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की तरफ ध्यान खींचने के लिए संसद परिसर में नाटक करने को लेकर पप्पू यादव, राहुल गांधी और अयोध्या से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ शनिवार को वाराणसी में शिकायत दर्ज करवाई। जबकि राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस को तहरीर दी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी गांधी और यादव पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि दोनों नेताओं ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के जरिए सनातन धर्म का अपमान किया।

आखिर क्या हुआ था जिस पर मचा है बवाल?

दरअसल, भगवा कपड़े पहने पप्पू यादव ने शुक्रवार को संसद परिसर में ‘मकर द्वार’ के सामने विपक्ष के दूसरे सांसदों के साथ यह राम मंदिर चढ़ावा चोरी का नाटक किया। इस दौरान राहुल गांधी समेत अन्य सांसदों ने दान पेटी में पैसे डाले। जबकि राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी को दिखाने के लिए अपनी जेब में पैसे डाले। BJP के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि इस तरह के विरोध से लाखों राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। यह सिर्फ राजनीतिक विरोध का काम नहीं था। बल्कि एक सोचा-समझा अपराध था।

चुघ ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, “राहुल गांधी और इस काम में शामिल हर किसी को, चाहें वह समाजवादी पार्टी से हो या किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी से, पूरे देश और दुनिया भर के हिंदुओं से सबके सामने माफी मांगनी चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि जिन नेताओं ने राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया था। राम मंदिर के निर्माण का बहिष्कार किया था, वे अब मंदिर से जुड़े प्रतीकों का मजाक उड़ा रहे हैं।

VHP नेता सुरेंदर गुप्ता ने भी गांधी और यादव की आलोचना की। इस विरोध को अश्लील प्रदर्शन बताया, जो सनातन धर्म और संतों का अपमान करता है। गुप्ता ने पीटीआई से बातचीत में कहा, “‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की राजधानी में संसद के बाहर ऐसा अश्लील प्रदर्शन किया गया। जिस तरह से दो ‘पप्पुओं’ ने सनातन और संतों का अपमान किया। उससे संतों के साथ-साथ हिंदू समुदाय में भी बहुत गुस्सा है।”

पप्पू यादव की सफाई

इस बीच, पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने न तो किसी संत को गाली दी और न ही उनका अपमान किया। यादव ने पीटीआई से कहा, “मैंने किसी को गाली नहीं दी। मैंने किसी संत का नाम नहीं लिया और न ही उनका अपमान किया। सनातन और इस देश के सौ करोड़ लोगों की आस्था की रक्षा के लिए हम एक लाख बार कुर्बानी देने को तैयार हैं। आप हमारे खिलाफ जितने चाहें मुकदमे कर लें और जितना चाहें हमला कर लें।” यादव बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद हैं।

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Pappu Yadav Update: सांसद पप्पू यादव पर हमला करने के इस आरोपी हैप्पी शर्मा के बारे में अबतक क्या-क्या पता चला, जानिए कौन है ये शख्स

Pappu Yadav Update: निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए हंगामे और धक्का-मुक्की के मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें से एक आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी हैप्पी शर्मा के रूप में हुई है। घटना के बाद सांसद पप्पू यादव ने अपने ऊपर जानलेवा हमले और आरोपियों के पास चाकू होने का आरोप लगाया था जबकि आरोपी हैप्पी शर्मा ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है।

कौन है हैप्पी शर्मा और क्यों आया था दिल्ली?

एएनआई के साथ बातचीत में हैप्पी शर्मा ने बताया है कि वो उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला है। घटना के वक्त उसके साथ उसका दोस्त सुमित गिरी गोस्वामी भी मौजूद था, जो बुलंदशहर के ही सेहपानी गांव का निवासी है। हैप्पी शर्मा के मुताबिक, वह और उसका दोस्त बुलंदशहर से दिल्ली में साधु-संतों के एक विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने और उनका समर्थन करने आए थे। जब वे धरना स्थल पहुंचे तो वहां से संतों को हटाया जा चुका था। इसके बाद उन्होंने सांसद पप्पू यादव से मिलकर सवाल पूछने का फैसला किया।

हैप्पी शर्मा ने पुलिस और मीडिया को बताया कि उसने खबरों में देखा था कि सांसद पप्पू यादव साधु-संतों, सनातन धर्म, भगवा वस्त्रों और पूज्य देवी-देवताओं को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं। आरोपी का कहना है कि वह और उसका साथी सिर्फ सांसद से यह कहने गए थे कि वे भगवान राम और संतों का अपमान करना तथा ऐसी बयानबाजी बंद करें। वे वहां किसी तरह का हमला करने या हिंसा करने की नीयत से नहीं गए थे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामे और मारपीट का पूरा वाकया

घटना उस समय हुई जब पप्पू यादव अपने दिल्ली आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। हैप्पी शर्मा का दावा है कि सांसद आवास में प्रवेश करने से पहले मुख्य द्वार पर उनकी बाकायदा सुरक्षा जांच हुई थी। उनके पास कोई हथियार या आपत्तिजनक सामान नहीं था, इसलिए उन्हें अंदर जाने दिया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने सांसद से साधु-संतों के अपमान और सांसद अवधेश प्रसाद के चरणों में झुकने को लेकर सवाल किया, जिससे वहां कहासुनी और बहस शुरू हो गई। हैप्पी शर्मा का दावा है कि सिर्फ सवाल पूछने पर पप्पू यादव और उनके समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें बहुत बेरहमी से पीटा। हैप्पी शर्मा के अनुसार समर्थकों द्वारा उनके साथ मारपीट किए जाने के बाद ही चप्पलें फेंकी गई थीं।

चाकू और जानलेवा हमले के दावों पर दी सफाई

सांसद पप्पू यादव और उनके समर्थकों द्वारा लगाए गए चाकू से हमले के आरोपों पर सफाई देते हुए हैप्पी शर्मा ने कहा कि गेट पर चेकिंग होने के कारण अंदर कोई हथियार ले जाना मुमकिन ही नहीं था। उसने कहा कि पूरी घटना पत्रकारों के सामने हुई और लाइव कवरेज हो रही थी, इसलिए चाकू होने का सवाल ही नहीं उठता। उसने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। घटना की सूचना मिलने पर दिल्ली पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। सुमित को पुलिस थाने ले जाया गया जबकि पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

‘सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल ₹18 करोड़ की चोरी’; राज ठाकरे का सनसनीखेज आरोप

Siddhivinayak Temple donations theft: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी होने का सनसनीखेज दावा किया है। MNS प्रमुख ने शनिवार 1 अगस्त को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं। मनसे की छात्र इकाई के एक कार्यक्रम में ठाकरे ने यह दावा भी किया कि अयोध्या के राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपये की चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए।

MNS प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि निराश युवा मंदिरों में जाते हैं। लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को आठ न्यासियों द्वारा लिखा गया एक लेटर पढ़ते हुए ठाकरे ने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर में दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को न्यासियों की सतर्कता के कारण पकड़ लिया गया।

‘हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी’

ठाकरे ने कहा कि इस चोरी के पकड़े जाने से पहले मंदिर में दान से होने वाली साप्ताहिक आय 50 लाख रुपये से भी कम थी। लेकिन इसके बाद दान की राशि बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ठाकरे ने दावा किया, “हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी की गई है।”

9 कर्मचारी गिरफ्तार

इस बीच सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता सदा सरवणकर ने पत्रकारों से कहा कि इस मामले में 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “जहां भी आवश्यक था, हमने मामले दर्ज कर दिए हैं।” सरवणकर ने कहा कि दान में वृद्धि न्यास द्वारा किए गए प्रयासों के कारण हुई।

‘आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं’

अपनी पार्टी के छात्र विंग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए ठाकरे ने कहा, “आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं।” राज ठाकरे ने मांग की है कि प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर बात करें। उन्होंने यह भी कहा, “निराश युवा मंदिरों में जाते हैं, लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से सुरक्षित नहीं हैं।”

सिद्धिविनायक मंदिर का ज़िक्र करते हुए ठाकरे ने कहा कि दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को ट्रस्टियों की सतर्कता के कारण पकड़ा गया था। आठ ट्रस्टियों द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लिखे गए एक पत्र को पढ़कर उन्होंने बताया कि चोरी का पता चलने से पहले मंदिर की साप्ताहिक दान आय 50 लाख रुपये से कम थी। बाद में यह बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई।

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ठाकरे ने यह दावा अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चारी केारोपों के बाद आया है। अयोध्या में पुलिस ने राम मंदिर में दान की चोरी के मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अभी जांच चल रही है। मुंबई में दिए गए इन बयानों ने मंदिर के दान को लेकर ठाकरे के आरोपों, सिद्धिविनायक मामले में की गई कार्रवाई और प्रधानमंत्री से जवाब की उनकी मांग पर ध्यान केंद्रित किया है।

Lock Upp 2: ‘डॉक्टरों ने मुझसे कहा था कि मैं छह महीने में मर सकता हूं’, राम कपूर ने लॉकअप में अपना सबसे बड़ा राज खोला

Lock Upp 2: राम कपूर ने ‘लॉक अप’ में अपना तीसरा और एक और चौंकाने वाला राज खोला है। ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ की शूटिंग के दौरान मोटापे से जूझ रहे इस एक्टर ने बताया कि उनकी सेहत इतनी खराब हो गई थी कि वे डिप्रेशन में चले गए थे और डॉक्टरों ने उनसे कहा था कि वे सिर्फ छह महीने में मर सकते हैं।

अपनी पत्नी और बच्चों समेत सबसे छिपाकर रखा गया एक राज़ बताते हुए राम कपूर ने कहा, “मैंने दुनिया से एक राज छिपाकर रखा है। यहां तक कि मेरी पत्नी को भी इसके बारे में नहीं पता। शो (‘बड़े अच्छे लगते हैं’) के दौरान, मैं अपनी ज़िंदगी के सबसे बुरे डिप्रेशन से गुजरा। अपने वजन की वजह से मुझे बहुत प्यार मिला और मेरी इतनी चर्चा हुई कि कुछ समय के लिए मैं सबसे ज़्यादा रेटिंग वाला टीवी स्टार बन गया था।”

एक्टर ने आगे बताया कि कैसे उनका वजन लगातार बढ़ता ही जा रहा था। फिर उन्होंने एक चौंकाने वाली बात बताई, “मेरे डॉक्टरों ने मुझसे कहा कि मैं अस्वस्थ हो गया हूं और छह महीने में मेरी मौत भी हो सकती है। मुझे डायबिटिक स्ट्रोक हो सकता था क्योंकि मैं दिन में तीन बार इंसुलिन ले रहा था। मेरा शुगर लेवल 400 से 600 के बीच रहता था और मैं दिन में 14 घंटे काम करता था। मैं इस बारे में कुछ नहीं करना चाहता था क्योंकि मुझे बहुत प्यार और पैसा मिल रहा था। मैं यह सब कैसे छोड़ सकता था? मैं बहुत बदसूरत इंसान बन गया था।”

यह बताते हुए कि उन्होंने अपने बच्चों के लिए खुद को कैसे बदला, राम ने कहा, “अगर मेरे बच्चे नहीं होते, तो मैं भी वही करता जो हर्षद ने किया था। जब आपके बच्चे होते हैं, तो आप उनके लिए जीते हैं और अपनी ज़िंदगी खत्म करने का हक आपको नहीं होता। बस इसी बात ने मुझे बचाया। यही वजह है कि मैं आज ज़िंदा हूं। 10 साल से ज़्यादा हो गए हैं, और आज मैं एक इंसान के तौर पर बहुत खुश हूं। गौतमी और मेरे बच्चों को भी अभी इस बारे में पता चल रहा होगा।”

इससे पहले राम कपूर ने एक बहुत ही इमोशनल राज़ का खुलासा किया था, जिसे सुनकर घर के सभी लोग रो पड़े थे। एक्टर ने बताया, “मैंने अपने पिता की मौत की प्लानिंग में उनकी मदद की थी।” उन्होंने बताया कि उनके पिता एक बार पैंक्रियाटिक कैंसर से लड़ चुके थे, लेकिन 73 साल की उम्र में जब कैंसर दोबारा हुआ, तो वे फिर से इलाज नहीं करवाना चाहते थे; राम उनके साथ खड़े रहे और उनके फैसले का समर्थन किया।

संसद में राम मंदिर दान चोरी वाले ‘प्रदर्शन’ पर घिरे राहुल गांधी और पप्पू यादव, वाराणसी में FIR

वाराणसी में संत समाज की शिकायत पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला संसद के बाहर राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन और उससे जुड़ी टिप्पणियों के संबंध में दर्ज किया गया है। संत समाज का आरोप है कि संसद में इस मुद्दे को जिस तरह उठाया गया, उससे सनातन धर्म की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि धर्म का अपमान किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राम मंदिर दान चोरी वाले ‘प्रदर्शन’ पर घिरे 

काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया कि कोतवाली थाने में इस मामले में शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत में सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि इन वीडियो में पप्पू यादव साधु के वेश में नजर आ रहे हैं और ऐसी हरकतें कर रहे हैं, जिन्हें शिकायतकर्ता सनातन धर्म का अपमान बता रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वाराणसी में FIR

काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया कि मिली शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है और जांच के बाद आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला शुक्रवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। उस समय इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान के इस्तेमाल में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया था।

विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। साथ ही उन्होंने हाल ही में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने “चंदा चोर, गद्दी छोड़”, “जवाब देना होगा” और “अमित शाह, सदन में आओ” जैसे नारे लगाए। इस दौरान पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव भगवा कपड़े पहनकर प्रदर्शन में शामिल हुए। उनके हाथ में भगवान राम की तस्वीर थी और उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से मंदिर के पुजारी का रूप धारण कर चढ़ावा इकट्ठा करने का प्रदर्शन किया।

भगवा पहन ‘चोरी’ का ड्रामा पड़ा भारी! राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश पर बनारस में FIR दर्ज

Congress Ayodhya Drama

FIR against Rahul and Pappu Yadav: संसद परिसर में किया गया एक 'प्रतीकात्मक ड्रामा' अब सियासी और कानूनी गले की फांस बनता नजर आ रहा है। अयोध्या राम मंदिर के 'चढ़ावा चोरी' के विरोध में भगवा वस्त्र पहनकर दानपात्र के साथ प्रदर्शन करना निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा सांसद अवधेश प्रसाद को भारी पड़ गया है। धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में धर्मनगरी वाराणसी के कोतवाली थाने में संतों की शिकायत पर इन तीनों दिग्गज नेताओं के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, पूरा विवाद संसद भवन परिसर में हुए एक अनोखे विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि सांसद पप्पू यादव भगवा वेश धारण कर हाथ में एक सांकेतिक 'दानपात्र' लेकर बैठे थे। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उस दानपात्र में कुछ पैसे डाले, जिसके तुरंत बाद पप्पू यादव दानपात्र लेकर भागते हुए दिखाई दिए। इस पूरे ड्रामे के जरिए विपक्षी नेताओं का मकसद अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे को उठाना था, लेकिन विरोध जताने का यह अंदाज अब एक नए विवाद की वजह बन गया है।  ALSO READ: अयोध्या की आड़ में देश की अस्मिता और आस्था पर हो रहा प्रहार : योगी आदित्यनाथ

संतों का गुस्सा और दर्ज हुई FIR

भगवा कपड़ों में 'चोरी' का सीन फिल्माने पर हिंदू संगठनों और साधु-संतों का गुस्सा भड़क उठा है। बनारस के संतों का कहना है कि पवित्र भगवा वस्त्रों को चोरी जैसे कृत्य से जोड़कर पूरे हिंदू समाज और सनातन धर्म का अपमान किया गया है। संतों की इसी नाराजगी के बाद वाराणसी के कोतवाली पुलिस स्टेशन में राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

बीजेपी और VHP आक्रामक

इस घटना के बाद से भाजपा (BJP) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने मोर्चा खोल दिया है। भाजपा के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने हमला बोलते हुए पूछा कि क्या विपक्षी नेता किसी अन्य धर्म के प्रतीकात्मक कपड़ों में चोरी का ऐसा कोई नाटक करने की हिम्मत कर सकते थे? वीएचपी नेता आलोक कुमार ने भी इस पर कड़ा एतराज जताया है। दूसरी ओर, लखनऊ में विभिन्न संगठनों ने सड़कों पर उतरकर अखिलेश यादव और पप्पू यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनके पुतले भी फूंके। ALSO READ: अयोध्या में आस्था बरकरार, रामलला दरबार में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

इस ड्रामे के सियासी मायने

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद परिसर में किया गया यह विरोध प्रदर्शन 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन पर ही भारी पड़ सकता है। इसे भाजपा और हिंदू संगठन 'हिंदुत्व और सनातन के अपमान' के तौर पर भुनाने में जुट गए हैं। ऐसे में रक्षात्मक मुद्रा में आई कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के लिए इस विवाद से पार पाना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

ईरान पर सबसे बड़े हमले की तैयारी? ट्रंप की खुली चेतावनी, बोले- बहुत जोरदार वार करेंगे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि उस पर पहले से भी ज्यादा बड़े हमले किए जा सकते हैं। हालांकि, दोनों देशों के बीच पश्चिम एशिया में जारी तनाव को खत्म करने के लिए बातचीत भी चल रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला इस सप्ताह के अंत में हो सकती है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने सेना को ईरान पर नए हमले की तैयारी करने का निर्देश दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कदम का उद्देश्य ईरान पर दबाव बनाना है, ताकि वह युद्धविराम की शर्तों को स्वीकार करे।

ट्रंप ने किया ये ऐलान 

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को मैरीलैंड स्थित कैंप डेविड में कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो ईरान पर पहले से भी ज्यादा बड़ा हमला किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे और एक समय ऐसा आएगा जब वे कहेंगे कि अब वे इसे और सहन नहीं कर सकते।” ट्रंप ने यह भी कहा कि उनका लक्ष्य जीत हासिल करना है। ट्रंप ने ईरान पर भरोसा न होने की बात भी कही। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी अधिकारी कई बार अपने वादे तोड़ चुके हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान बातचीत की बात तो करता है, लेकिन बाद में अपनी बात से पीछे हट जाता है। उनके अनुसार, ईरान के अधिकारी सही जानकारी नहीं देते और बार-बार अपने बयान बदलते हैं।

अमेरिका और इजरायल करेंगे हमला

सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल मिलकर एक ऐसे हमले की योजना बना रहे हैं, जिसे अब तक के सबसे बड़े और सबसे भीषण बमबारी अभियानों में से एक माना जा रहा है। अगर इस योजना को मंजूरी मिलती है, तो कई हफ्तों बाद ईरान के खिलाफ कार्रवाई में इजरायल पहली बार सीधे तौर पर शामिल होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी अधिकारियों को चिंता है कि इस हमले का असर दुनिया की अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाज़ारों पर पड़ सकता है। इसी वजह से बाजार खुलने से पहले हमले की योजना को अंतिम रूप देने की तैयारी की जा रही थी। बताया गया है कि इज़रायल को इस योजना की जानकारी दे दी गई है और वह अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहा है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमले को लेकर अंतिम मंजूरी नहीं दी है।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा है कि अगर अमेरिका और इजरायल उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला करते हैं, तो उसका जवाब देने के लिए तेहरान ने पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी है। अधिकारी ने दावा किया कि ईरान के पास ऐसे किसी भी हमले का जवाब देने के लिए एक व्यापक योजना मौजूद है। ईरानी अधिकारी ने अमेरिकी मीडिया में संभावित हमलों को लेकर चल रही खबरों की भी आलोचना की। उन्होंने इन रिपोर्टों को “पागलपन” बताते हुए कहा कि इस तरह की खबरें तनाव बढ़ाने का काम कर रही हैं।

चढ़ावा चोरी के बाद बदली राम मंदिर की पूरी व्यवस्था, कैश गिनती, सुरक्षा व पास के लिए सख्त दिशानिर्देश

ayodhya ram mandir trust meeting

Ayodhya Ram Mandir security: ​अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर हमेशा ही विश्व में सुर्खियों में रहा है—चाहे वह राम मंदिर आंदोलन हो, भव्य मंदिर का निर्माण हो, या फिर सम्पूर्ण विश्व को साक्षी बनाने वाला राम लला का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव। ​हाल ही में राम लला के चरणों में अर्पित चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, चढ़ावा व गिनती की निगरानी, संपूर्ण सुरक्षा और VIP/VVIP दर्शन पास से जुड़े नियमों को पूरी तरह बदल दिया है और बेहद सख्त दिशानिर्देश लागू किए हैं।

​चढ़ावा और गिनती की 360-डिग्री निगरानी

​पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चढ़ावे की पूरी प्रक्रिया को अब हाई-टेक निगरानी के दायरे में लाया गया है। दानपात्र खोलने से लेकर चढ़ावा गिनने तक की हर पल की रिकॉर्डिंग 360-डिग्री कैमरों और पेशेवर वीडियोग्राफरों (SLR और 360 डिग्री कैमरों से लैस) द्वारा की जाएगी। दानपात्र से जुड़ी पुरानी टीम को बदल दिया गया है। निगरानी के लिए 8 सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें ​2 बैंक कर्मी (भारतीय स्टेट बैंक), ​2 ट्रस्ट प्रतिनिधि, ​2 SIS सुरक्षा कर्मी, ​2 पेशेवर वीडियोग्राफर शामिल हैं। 

​चरणबद्ध तरीके से खाली होंगे दानपात्र

परिसर में स्थित लगभग 40 दानपात्रों को अब एक साथ खाली करने के बजाय अलग-अलग दिनों में खाली किया जाएगा। सीलबंद बक्सों को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों द्वारा विधिवत सील व हैंडल किया जाएगा। कोष प्रबंधन समिति के सदस्य जगदीश आफले ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के बीच किसी भी प्रकार का कोई गतिरोध नहीं है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर में बड़ा बदलाव, ऑनलाइन दान करते ही तुरंत मिलेगी डिजिटल रसीद

​दर्शन पास के लिए नई व्यवस्था

​पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र एवं गोपाल राव की ID बंद होने के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ट्रस्ट ने अपने तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की ID को दर्शन पास जारी करने के लिए अधिकृत किया है। ​वर्तमान में अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की देखरेख में श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के प्रबंध किए जा रहे हैं।

​प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव

मंदिर के इतिहास में पहली बार सचिव पद पर जगदीश आफले को नियुक्त किया गया है (जिसकी आधिकारिक घोषणा 2 सितंबर को ट्रस्ट की बैठक में होगी)। आफले को SBI में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Signatory) भी बनाया गया है। दूसरी ओर, ​मंदिर के आधिकारिक प्रवक्ता के लिए चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में है। ​CEO पद के लिए 5200 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी स्क्रीनिंग और लिस्टिंग सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली की अध्यक्षता वाली कमेटी कर रही है। ALSO READ: अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में 5 बड़े फैसले, संतों को बड़ी जिम्मेदारी

​त्रि-स्तरीय (Three-Layer) अत्याधुनिक सुरक्षा चक्र

​श्रीराम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए त्रि-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू की गई है। CRPF (केंद्रीय सुरक्षा बल), PAC (प्रांतीय सशस्त्र बल) और SSF (विशेष सुरक्षा बल) के सैकड़ों जवानों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही AI-आधारित अत्याधुनिक CCTV कैमरे और स्मार्ट निगरानी प्रणाली लागू की गई है। परिसर की सुरक्षा के लिए 4 किलोमीटर लंबी परिधि दीवार (Boundary Wall) और उच्च क्षमता वाले वॉच टावर स्थापित किए गए हैं।

‘प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद’, जयराम रमेश का मोदी पर हमला, बोले- देश से माफी मांगें

jairam ramesh attacks pm modi over students forgiveness statement

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों को माफ करने वाले बयान पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को युवाओं, पेपर लीक, नोटबंदी और अन्य मुद्दों पर देश से माफी मांगनी चाहिए। ALSO READ: PM मोदी ने गाली देने वाले छात्रों को किया माफ, बोले- ये भटके हुए बच्चे हैं, सजा नहीं सही राह दिखाने की जरूरत

 

वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, कांग्रेस खुद को नॉन-बायोलॉजिकल बताने वाले प्रधानमंत्री को विक्टिम कार्ड खेलना बेहद पसंद है। वह अपने पूर्ववर्तियों और राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और कटु भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें बदनाम करने के लिए वे न केवल अपनी सार्वजनिक सभाओं में, बल्कि संसद के भीतर भी बार-बार झूठ फैलाते हैं। संसद के भीतर और बाहर गाली-गलौज करने वालों की पूरी फौज को खुली छूट देते हैं और उन्हें पूरा संरक्षण भी प्रदान करते हैं।

 

कब माफी मांगेंगे पीएम मोदी?

उन्होंने कहा कि आज पूरा देश इस बात का इंतजार कर रहा है कि प्रधानमंत्री NTA की पेपर लीक से ग्रस्त व्यवस्था के कारण लाखों युवाओं को हुई पीड़ा और छात्र आंदोलनों पर गृह मंत्रालय के संरक्षण में हुई बर्बर कार्रवाई के लिए माफी मांगें। पूरा देश राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा किए गए चंदा चोरी, आस्था धोखा प्रकरण पर भी प्रधानमंत्री से माफी की अपेक्षा कर रहा है, जिसकी स्थापना की घोषणा उन्होंने स्वयं 5 फरवरी 2020 को लोकसभा में बड़े जोर-शोर से की थी।

जयराम रमेश ने कहा कि पूरा देश आज भी 8 नवंबर 2016 को लिए गए उनके तुगलकी फैसले के लिए उनकी माफी का इंतजार कर रहा है, जिसने करोड़ों लोगों की रोजी-रोटी छीन ली और लाखों MSME बंद होने की कगार पर पहुंच गए। ऐसे मामलों की सूची बहुत लंबी है। ALSO READ: PM मोदी के खिलाफ मॉर्फ्ड पोस्ट पर बड़ा एक्शन! Meta India प्रमुख समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट्स पर FIR

आत्ममुग्धता की पराकाष्ठा

जयराम रमेश ने कहा कि लेकिन बीती रात प्रधानमंत्री ने आत्ममुग्धता की पराकाष्ठा दिखाते हुए कहा कि उन्होंने हमारे युवाओं को माफ कर दिया है। यह देश और उन युवाओं का अपमान है, जिन्होंने उनकी सरकार के दौरान पीड़ा झेली है और जो पूरी तरह न्यायोचित रूप से उनसे माफी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इंस्टाग्राम सभाएं अब किसी को बेवकूफ नहीं बना सकतीं।

 

क्या है मामला?

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनकी दिवंगत मां को कथित तौर पर गाली देने वाले छात्रों को माफ करने की बात कही। पीएम मोदी ने कहा कि कुछ शरारती बच्चों ने बहुत गंदी गालियां दीं… गालियां मुझे दी गईं और मेरी दिवंगत मां को भी दी गईं। इस तरह की भाषा को लेकर समाज का गुस्सा स्वाभाविक है, खासकर जब कथित तौर पर कुछ युवा महिलाओं द्वारा भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया हो। लेकिन अब जरूरत इस बात की है कि इन युवाओं को सही दिशा दिखाई जाए, न कि उन्हें कानूनी लड़ाई में उलझाया जाए।

 

उन्होंने कहा कि ये भटके हुए बच्चे हैं और उन्हें सही रास्ता दिखाना समाज का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सजा देकर, अदालतों के चक्कर लगवाकर या समाज में परेशान करके परिस्थितियों को नहीं बदला जा सकता।