सालों की अटकलों के बाद आखिरकार रोनाल्डो ने रची जॉर्जिना से शादी

क्रिस्टियानो रोनाल्डो और जॉर्जिना रोड्रिगेज लंबे समय तक प्रेमी और प्रेमिका रहे उनके 2 बच्चे भी हैं। लंबे समय तक साथ रहने के कारण रोनाल्डो और जॉर्जिना के विवाह की अटकलें लगातार इंटरनेट पर छाई रहती है। ऐसे में जब रोनाल्डो में जॉर्जिना के संग विवाह किया तो रिलेशनशिप की फेक न्यूज पर विराम लग गया। इससे पहले साल 2018 में यह खबर सुनी गई थी कि दोनों विश्वकप के बाद विवाह कर लेंगे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ दोनों की सगाई ही पिछले साल हो पाई और इस साल फुटबॉल से संन्यास लेने के बाद रोनाल्डो ने अंतत विवाह रचा लिया।

क्रिस्टियानो रोनाल्डो और जॉर्जिना रोड्रिगेज अब पति-पत्नी हैं।पुर्तगाल के फुटबॉल स्टार का प्रतिनिधित्व करने वाली जनसंपर्क टीम ब्रंसविक ग्रुप ने मंगलवार को रोनाल्डो और जॉर्जिना की शादी की घोषणा करते हुए इसे ‘‘एक निजी और अंतरंग क्षण’’ बताया।ब्रंसविक ग्रुप के अनुसार विवाह समारोह पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन के पास पश्चिमी पुर्तगाल के एक तटीय शहर कैस्केस में आयोजित किया गया था, जिसमें उनके पांच बच्चे शामिल थे।इस जोड़े ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपनी अंगूठियों की तस्वीर पोस्ट की।

रोनाल्डो और जॉर्जिना की पहली मुलाकात मैड्रिड में हुई थी और वह पिछले 10 साल से साथ में थे।रोनाल्डो 41 साल के हैं और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह पांच बार विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का खिताब जीत चुके हैं। उन्होंने हाल में पुर्तगाल की तरफ से रिकॉर्ड छठे विश्व कप में भाग लिया था।रोनाल्डो क्लब स्तर पर सऊदी अरब की टीम अल नासर की तरफ से खेलते हैं जो शनिवार से अपने नए सत्र की शुरुआत करेगी।

इंस्टा से करोड़ो कमाते हैं रोनाल्डो

फुटबॉल के दिग्गज क्रिस्टियानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा कमाई करने वाले व्यक्ति हैं, यह फुटबॉल स्टार प्रति इंस्टाग्राम पोस्ट 26.7 करोड़ चार्ज करता है और दूसरे नंबर पर अर्जेंटीना के फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेस्सी (Lionel Messi) हैं जो 21.5 करोड़ चार्ज करते हैं।

900 गोल दागने वाले एकमात्र फुटबॉलर रोनाल्डो

साल 2024 में रोनाल्डो ने अपने करियर का 900वां गोल किया और इस बड़ी उपलब्धि के साथ वे  900 या अधिक गोल करने वाले एकमात्र खिलाड़ी बन गए। फिलहाल उनके खाते में 976 गोल हैं।

Ghaziabad-Sitapur Rail Project: पश्चिमी यूपी को बड़ी सौगात! गाजियाबाद से सीतापुर के बीच 403 KM की बिछेगी नई रेल लाइन, हापुड़ को भी होगा बड़ा फायदा

Ghaziabad–Sitapur Rail Project: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा बल मिला है। गाजियाबाद से हापुड़ होते हुए सीतापुर तक करीब 406 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने की प्रस्तावित योजना अब सर्वे के चरण में पहुंच गई है। इस महत्वाकांक्षी रेलवे प्रोजेक्ट का फाइनल सर्वे फिलहाल जारी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 14,926 करोड़ रुपये बताई गई है। रेलवे की ओर से एक RTI के जवाब में दी गई जानकारी सामने आने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश, खासकर हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों में नई रेल कनेक्टिविटी की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।

इसी साल 18 अप्रैल को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गाजियाबाद और सीतापुर के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के निर्माण को मंजूरी दी थी। उम्मीद है कि इससे रेलवे की क्षमता काफी बढ़ेगी, सेवा की विश्वसनीयता में सुधार होगा और देश के सबसे व्यस्त कॉरिडोर में से एक पर भीड़ कम होगी। यह प्रोजेक्ट गाजियाबाद-सीतापुर सेक्शन दिल्ली-गुवाहाटी हाई-डेंसिटी नेटवर्क का एक अहम हिस्सा है।

अभी यह अपनी क्षमता से ज्यादा काम कर रहा है। इसका इस्तेमाल 168% तक पहुंच गया है। अगर विस्तार नहीं किया गया, तो इसके 207% तक बढ़ने का अनुमान है। दो नई अतिरिक्त लाइनों का मकसद इस रुकावट को दूर करना और यात्री एवं मालगाड़ियों की आवाजाही को आसान बनाना है।

फाइनल सर्वे का काम जारी

प्रस्तावित रेल लाइन गाजियाबाद को हापुड़ के रास्ते सीतापुर से जोड़ेगी। फिलहाल रेलवे इस रूट से जुड़े अंतिम सर्वे का काम कर रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद परियोजना के तकनीकी और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का आकलन किया जाएगा। करीब 406 किलोमीटर लंबे इस रेल कॉरिडोर के बनने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों को बेहतर रेल नेटवर्क से जोड़ने की संभावना है।

हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों को बड़ा फायदा

इस परियोजना से सबसे अधिक उम्मीद हापुड़ और उसके आसपास के क्षेत्रों में दिखाई दे रही है। नई रेल लाइन बनने से इन इलाकों के लोगों को आवागमन के लिए अतिरिक्त रेल संपर्क मिल सकता है।बेहतर रेल कनेक्टिविटी से यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और माल परिवहन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मदद मिल सकती है।

₹14,926 करोड़ की है प्रस्तावित परियोजना

प्रस्तावित परियोजना की अनुमानित लागत करीब 14,926 करोड़ रुपये है। हालांकि, अभी यह योजना सर्वे के चरण में है। इसलिए निर्माण कार्य शुरू होने से पहले आगे की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। रेलवे के RTI जवाब से यह स्पष्ट हुआ है कि परियोजना को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। वर्तमान में फाइनल सर्वे किया जा रहा है।

पश्चिमी यूपी की रेल कनेक्टिविटी को मिल सकता है नया विकल्प

गाजियाबाद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़ा महत्वपूर्ण शहर है। जबकि हापुड़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख जिला है। ऐसे में गाजियाबाद-हापुड़-सीतापुर के बीच नया रेल संपर्क तैयार होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिल सकती है। नई रेल लाइन भविष्य में यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

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साथ ही, मौजूदा रेल रूट्स पर दबाव कम करने और ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। फिलहाल, इस परियोजना को लेकर सबसे अहम पड़ाव फाइनल सर्वे का पूरा होना है। इसके बाद परियोजना के निर्माण और आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

VB-G RAM G के तहत रोजगार में 50 फीसदी गिरावट, जानिए क्या है इसकी वजह

ग्रामीण इलाकों में रोजगार की नई गारंटी स्कीम ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G RAM-G) के तहत रोजगार में गिरावट आई है। केंद्र सरकार ने 1 जुलाई, 2026 से मनरेगा की जगह वीबी-जी-राम-जी स्कीम लागू की है। इस स्कीम के फंडिंग सिस्टम में भी बदलाव किया गया है।

इन वजहों से घटा स्कीम में रोजगार

VB-G RAM-G में रोजगार घटने की कई वजहें हैं। मानसून के सीजन में इस स्कीम के तहत होने वाले काम रुक जाते हैं। मनरेगा की जगह नई योजना लागू करने के दौरान कुछ दिक्कतें आई होंगी। इसके अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से मजदूरों के पलायन की रफ्तार सुस्त हुई है। केंद्र सरकार के दो सूत्रों ने यह जानकारी दी।

नई स्कीम में फंडिंग का तरीका बदला

राज्य सरकार के एक सूत्र ने कहा कि राज्यों की खराब वित्तीय हालत भी इस स्कीम में रोजगार में कमी की वजह हो सकती है। नई स्कीम में फंडिंग का तरीका बदला है। ज्यादातर राज्यों को इस स्कीम पर आने वाले खर्च का 40 फीसदी बोझ उठाना पड़ता है। बाकी 60 फीसदी बोझ केंद्र सरकार उठाती है।

ज्यादातर राज्यों की वित्तीय स्थिति खराब

एक राज्य सरकार के प्रतिनिधि ने मनीकंट्रोल को बताया कि ज्यादातर राज्यों की वित्तीय स्थिति खराब है। कई राज्यों ने ऐसे कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिन पर काफी ज्यादा पैसे खर्च होते हैं। इस वजह से उनके पास VB-G RAM-G पर खर्च करने के लिए ज्यादा पैसे नहीं बचते हैं। आरबीआई की रिपोर्ट बताती है कि राज्यों पर कर्ज का बोझ बढ़ा है।

VB-G RAM-G में 125 दिन रोजगार की गारंटी

RBI की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यों का कंसॉलिडेटेड फिस्कल डेफिसिट बढ़कर FY25 में जीडीपी का 3.3 फीसदी हो गया। 2021-22 से 2023-24 के बीच यह जीडीपी के 3 फीसदी से कम था। VB-G RAM-G में रोजगार की गारंटी वाले दिन की संख्या बढ़ाकर 125 दिन कर दी दी गई है। मनरेगा में यह 100 दिन थी।

बुआई और कटाई के पीक सीजन में काम रुक जाता है

गारंटी वाले रोजगार के दिन की संख्या बढ़ाने से भी राज्य सरकारों पर वित्तीय बोझ बढ़ा है। इस स्कीम में बुआई और कटाई के पीक सीजन में कुल 60 दिन तक काम रुक जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि कृषि कार्य के लिए मजदूरों की कमी नहीं हो।

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जुलाई 2025 के मुकाबले रोजगार में 50 फीसदी कमी

केंद्र सरकार के VB-G RAM-G डैशबोर्ड (10 अगस्त को अपडेटेड) के मुताबिक, जुलाई 2026 में पर्सन-डेज गारंटीड की संख्या जुलाई 2025 में मनरेगा के मुकाबले 50 फीसदी से ज्यादा कम रही। केंद्र सरकार के एक सीनियर अफसर ने बताया कि पर्सन-डेज की संख्या कम होने का मतलब यह नहीं है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दबाव है।

18 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट… आज से इंटरव्यू शुरू, राम मंदिर के पहले CEO की तलाश तेज

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। चयन प्रक्रिया से जुड़े लोगों के अनुसार, करीब 5,200 लोगों ने इस पद के लिए आवेदन किया था, जिनमें से 18 उम्मीदवारों को अगले दौर के लिए चुना गया है। ट्रस्ट ने यह कदम अपनी प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी को मजबूत करने के लिए उठाया है। यह फैसला दान में मिले पैसे के गलत इस्तेमाल के आरोप सामने आने के बाद लिया गया। पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति से ट्रस्ट के कामकाज और आर्थिक मामलों की निगरानी को बेहतर बनाने की उम्मीद है।

18 उम्मीदवार किए गए शॉर्टलिस्ट

शॉर्टलिस्ट किए गए 18 उम्मीदवार 10 अगस्त को अयोध्या पहुंच गए। ट्रस्ट ने उनके ठहरने के लिए पहले से व्यवस्था की थी। इन उम्मीदवारों में कुछ पूर्व सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा दक्षिण भारत के बड़े मंदिरों में वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर काम कर चुके लोगों को भी शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन सभी उम्मीदवारों का इंटरव्यू आज से राम मंदिर में शुरू होगा। इंटरव्यू के जरिए ट्रस्ट इस पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार का चयन करेगा।

इंटरव्यू की तैयारी

चयन समिति के एक सदस्य ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया कि समिति ने तय किए गए नियमों और योग्यता के आधार पर 5,000 से ज्यादा आवेदनों की जांच की थी। उन्होंने बताया कि आवेदन की जांच के दौरान कुछ उम्मीदवारों से ऑनलाइन बातचीत भी की गई। इसका मकसद उनकी योग्यता से जुड़ी कुछ बातों को स्पष्ट करना और उनके विचारों को समझना था। समिति के सदस्य के मुताबिक, करीब 20 दिनों तक चली चयन प्रक्रिया के बाद अंतिम इंटरव्यू के लिए करीब 18 उम्मीदवारों को चुना गया है।

चयम समिति में शामिल हैं ये लोग

चयन समिति में पूर्व जज प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और वैज्ञानिक व शिरडी साईं बाबा ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं। उम्मीदवारों के इंटरव्यू सुबह 10 बजे से शुरू होने हैं। मामले की जानकारी रखने वाले ट्रस्ट के एक अधिकारी के हवाले से ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ ने बताया कि इंटरव्यू राम मंदिर में ही होंगे। सभी उम्मीदवारों को मीडिया से बात न करने के निर्देश दिए गए हैं।

दो दिन तक चलने वाली इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन समिति ट्रस्ट को तीन उम्मीदवारों के नाम सुझाएगी। इसके बाद ट्रस्ट इनमें से किसी एक को पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करेगा। नए सीईओ की जिम्मेदारी राम मंदिर के प्रशासन की निगरानी करने के साथ-साथ मंदिर से जुड़े अलग-अलग कामों और व्यवस्थाओं को संभालना होगा। इस पद के लिए चुने जाने वाले व्यक्ति के लिए हिंदू धर्म को मानने वाला होना जरूरी है। इसके अलावा उसे हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं का भी सख्ती से पालन करना होगा।

खुदीराम बोस: 18 साल की उम्र में अमर शहीद | Khudiram Bose | Martyred at Just 18

18 साल की उम्र में फांसी के फंदे तक पहुंचे, लेकिन चेहरे पर डर नहीं था…
11 अगस्त 1908 को खुदीराम बोस ने देश की आज़ादी के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
जिस उम्र में एक युवा अपनी ज़िंदगी के सपने बुनता है, उस उम्र में खुदीराम ने आज़ाद भारत का सपना देखा और उसके लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया।
एक माँ ने अपना बेटा खोया, लेकिन भारत ने एक ऐसा वीर पाया, जिसकी कहानी आने वाली पीढ़ियों को साहस, देशभक्ति और बलिदान की सीख देती रहेगी।
खुदीराम बोस सिर्फ़ इतिहास का एक नाम नहीं—वो उस जज़्बे का नाम हैं, जो देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करना सिखाता है।
आज उनकी शहादत को नमन करें और याद रखें—
आज़ादी हमें विरासत में नहीं, बल्कि ऐसे अनगिनत वीरों के बलिदान से मिली है।
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Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : गिफ्ट निफ्टी से भारतीय बाजारों के निगेटिव से सपाट खुलने को संकेत मिल रहे हैं। 7.10 बजे सुबह के आसपास गिफ्टी निफ्टी 17.50 अंक यानी 0.07 फीसदी की हल्की कमजोरी के साथ 24,615.50 के आसपास दिख रहा था। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

10 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बिना किसी बड़े बदलाव के सपाट बंद हुए । सेंसेक्स कल 43.27 अंक या 0.06% बढ़कर 78,542.44 पर और निफ्टी 13.15 अंक या 0.05% बढ़कर 24,583.80 पर बंद हुआ। निफ्टी50 में टाइटन कंपनी 3%,टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स 2.4%, बजाज फाइनेंस 2.2%, श्रीराम फाइनेंस 2% और ग्रासिम 1.7% चढ़े थे। गिरने वाले शेयरों में SBI 2.39%,ITC 1.2%, एटरनल 1.5%, डॉ. रेड्डीज़ लैब्स 1.13% और TCS 1% नीचे बंद हुए थे।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी रियल्टी में 1.3%, कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स में 0.4% और प्राइवेट बैंक इंडेक्स में 0.5% की बढ़त देखने को मिली थी। जबकि निफ्टी PSU बैंक 1.6%, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.3% और निफ्टी इंफ्रा 0.4% गिरे थे। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.6% की बढ़त हुई और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.3% नीचे आया था।

निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए मिले-जुले संकेत

निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए मिले-जुले संकेत नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की नरमी है। FIIs की कैश में 1975 करोड़ की खरीदारी देखने को मिली है। हालांकि वायदा में बिकवाली नजर आई है। एशिया में हल्की बढ़त है। वहीं कल US बाजारों में भी हल्की गिरावट दिखी। उधर US बॉन्ड यील्ड फिर 4.7% के पार निकल गया है।

निफ्टी 50 से विप्रो बाहर, BSE की एंट्री

30 सितंबर से NSE इंडेक्स में बड़ा बदलाव होगा। करीब 3 दशक बाद विप्रो का शेयर निफ्टी 50 से बाहर होगा और इसमें BSE की एंट्री होगी। NIFTY NEXT50 और Nifty 500 में भी बदलाव होगा। हिताची,पॉलीकैब,वेदांता एल्युमिनियम और वोडाफोन आइडिया NIFTY NEXT50 में शामिल होंगे।

गौतम अदाणी को US में बड़ी कानूनी राहत

आज अदाणी ग्रुप शेयर फोकस में होंगे। गौतम और सागर अदाणी को अमेरिका में बड़ी कानूनी राहत मिली है। इन पर रिश्वत-धोखाधड़ी का केस खत्म हो गया है। गौतम अदाणी ने कहा है कि US कोर्ट के फैसले का स्वागत है। इसकी सच्चाई,निष्पक्षता और कानून पर हमारा अटूट भरोसा है।

VI को 3700 करोड़ रुपए का घाटा, BOSCH का प्रॉफिट 37% घटा

पहली तिमाही वोडाफोन को 3700 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। 1600 करोड़ रुपये की एकमुश्त आय के बावजूद कंपनी को नुकसान हुआ है। हालांकि घाटे का आंकड़ा अनुमान से कम रहा है। वहीं रेवेन्यू में तीन फीसदी से ज्यादा की बढ़त रही है। एवरेज रेवेन्यू पर यूजर भी 177 से बढ़कर 195 रुपए पर रही है। दूसरी ओर BOSCH INDIA का प्रॉफिट करीब 37% घटा है। लेकिन मार्जिन में सुधार दिखा है।

वायदा की 6 कंपनियों के नतीजे आज

आज वायदा में शामिल सीमेंस,PI इंडस्ट्रीज,मणप्पुरम फाइनेंस और जायडस लाइफ समेत 6 कंपनियों के नतीजे आएंगे। सीमेंस और PI INDUSTRIES के मुनाफे और मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। वहीं, मणप्पुरम फाइनेंस की ब्याज से होने वाली कमाई 18 फीसदी बढ़ सकती है।

FII और DII फंड फ्लो

एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार,10 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs/FPIs) ने ₹1,974.76 करोड़ के शेयर खरीदे और वे भारतीय इक्विटी के नेट बॉयर बन गए,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹1,290.29 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर रहे।

 

 

Market View : निफ्टी कंपनियों के लिए अच्छी रहेगी सितंबर तिमाही, बच्चों का कपड़ा बनाने वाली यह कंपनी कर सकती है कमाल

Electric Air Taxi: 2028 तक खत्म हो जाएगा ट्रैफिक जाम का झंझट! भारत के आसमान में उड़ेंगी इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी और कारें, जानें सभी डिटेल्स

Electric Air Taxi in india News: भारत में आने वाले कुछ सालों में हवाई सफर का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के मुताबिक, भारत का लक्ष्य 2028 तक इलेक्ट्रिक एयर टैक्सियों और कारों को आसमान में उड़ान भरते देखना है। इसके लिए अगले साल से इन अत्याधुनिक विमानों की टेस्टिंग और ट्रायल को और तेज किया जाएगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि भारत 2028 तक देश में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी की उड़ान शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। उम्मीद है कि इस नई टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग अगले साल तेज हो जाएगी।

हाल ही में बेंगलुरु में सरला एविएशन के नए हेडक्वार्टर के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए नायडू ने कहा कि इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग एयरक्राफ्ट बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली जैसे भीड़-भाड़ वाले महानगरों के लिए आवाजाही का एक नया विकल्प बन सकते हैं। ANI के मुताबिक नायडू ने कहा, “हम चाहते हैं कि 2028 तक ये मशीनें भारत में उड़ान भरें। इनकी बहुत ज्यादा जरूरत है, न सिर्फ बेंगलुरु में, बल्कि मुंबई और दिल्ली में भी…।”

15 मिनट में नोएडा से गुरुग्राम

कल्पना कीजिए कि आप अपने मोबाइल से टैक्सी बुक करते हैं। लेकिन यह टैक्सी सड़क पर आने के बजाय किसी बिल्डिंग की छत पर बने खास वर्टिपैड पर आपका इंतजार कर रही है। आप लिफ्ट से ऊपर पहुंचते हैं, एक ऐसे इलेक्ट्रिक विमान में बैठते हैं जो देखने में किसी बड़े ड्रोन जैसा लगता है। कुछ ही सेकंड में वह सीधे आसमान में उड़ जाता है।

सड़क के जाम में फंसने के बजाय यह एयर टैक्सी शहर के ऊपर से उड़ते हुए आपको एयरपोर्ट तक पहुंचा देती है। दावा है कि भविष्य में ऐसी यात्रा के जरिए एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि एयर टैक्सी शुरू होने के बाद नोएडा से गुरुग्राम पहुंचने में सिर्फ 10 से 15 मिनट लगेंगे।

मंत्री ने क्या कहा?

मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरला एविएशन अगले साल पूरी तरह से टेस्टिंग के दौर में आ जाएगी। जबकि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एविएशन रेगुलेटर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) टेस्टिंग, सुरक्षा और नियमों पर इंडस्ट्री के साथ काम करना जारी रखेंगे। नायडू ने यह भी कहा कि DGCA ने सरला एविएशन को डिजाइन ऑर्गनाइजेशन अप्रूवल दिया है, जो कंपनी के eVTOL एयरक्राफ्ट के डेवलपमेंट में एक रेगुलेटरी कदम है। मंत्री ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि अगले साल हम पूरी तरह से टेस्टिंग के दौर में होंगे।” उन्होंने आगे कहा, “2028 तक हम इसे हकीकत बनाने की योजना बना रहे हैं।”

क्या होती है इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी?

इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी को टेक्नीकल भाषा में eVTOL यानी Electric Vertical Take-Off and Landing Aircraft कहा जाता है। इन टैक्सी की खासियत यह है कि इन्हें हेलीकॉप्टर की तरह रनवे की जरूरत नहीं होती। ये डायरेक्ट जमीन या वर्टिपैड से ऊपर उड़ सकते हैं। साथ ही उसी तरह नीचे उतर भी सकते हैं।

Electric Air Taxi

इनके डिजाइन में फ्लाइट और हेलीकॉप्टर दोनों की झलक दिखाई देती है। इनमें कई रोटर या इलेक्ट्रिक फैन लगाए जाते हैं, जो विमान के पंखों या उसके बाहरी हिस्सों पर लगे होते हैं। हेलीकॉप्टर की तरह eVTOL भी लंबवत उड़ान भर सकता है। लेकिन इसमें एक बड़े रोटर की जगह कई छोटे रोटर या फैन इस्तेमाल किए जाते हैं।

बैटरी और इलेक्ट्रिक तकनीक ने खोला रास्ता

eVTOL टेक्नोलॉजी का विचार नया नहीं है। इस दिशा में कई दशकों से काम हो रहा है। लेकिन हाल के सालों में बैटरी स्टोरेज और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी में हुई प्रगति ने इसे कमर्शियल इस्तेमाल के करीब पहुंचा दिया है। एक्सपर्ट का मानना है कि अगर इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी बड़े पैमाने पर सफल होती हैं तो शहरों में सड़क ट्रैफिक का कुछ हिस्सा आसमान में शिफ्ट किया जा सकता है।

जॉर्जिया टेक के वर्टिकल लिफ्ट रिसर्च सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की निदेशक मर्लिन स्मिथ के मुताबिक, बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण गंभीर समस्या बन चुके हैं। ऐसे में परिवहन के मौजूदा तरीकों पर दोबारा विचार करने की जरूरत है।

किन कामों में इस्तेमाल हो सकती हैं eVTOL?

शुरुआत में इलेक्ट्रिक एयर कारों का इस्तेमाल लोगों को कम और मध्यम दूरी तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। कई eVTOL कंपनियां एयरलाइंस के साथ मिलकर एयर-टैक्सी सर्विस शुरू करने की दिशा में काम कर रही हैं। लेकिन इनका इस्तेमाल सिर्फ यात्रियों को लाने-ले जाने तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में इनका उपयोग कई क्षेत्रों में किया जा सकता है, जैसे-

  • मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में एयर टैक्सी का इस्तेमाल हो सकेगा।
  • आग बुझाने और फायरफाइटिंग में भी ये काम करेगा।
  • इसके अलावा डिफेंस सेक्टर में, खेती और कृषि कार्यों में, पर्यटन क्षेत्र में, शहरों के बीच एयर टैक्सी सेवा का लाभ उठाया जा सकेगा।

कौन-कौन सी कंपनियां दौड़ में हैं?

अमेरिका में Archer, BETA Technologies और Joby जैसी कंपनियां इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी विकसित करने और उन्हें कमर्शियल सर्विस में लाने की दिशा में तेजी से काम कर रही हैं। इनमें से कुछ कंपनियां अंतिम FAA सुरक्षा मंजूरी के करीब पहुंच चुकी हैं। हालांकि, आम यात्रियों के लिए एयर टैक्सी की नियमित बुकिंग कब से शुरू होगी, इसकी कोई निश्चित तारीख अभी तय नहीं है। फिर भी इस उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी का दौर लोगों की उम्मीद से काफी करीब है।

भारत के लिए क्यों अहम है यह टेक्नोलॉजी?

भारत जैसे तेजी से बढ़ते शहरीकरण और भारी ट्रैफिक वाले देश में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी भविष्य के परिवहन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है। खासतौर पर भारी ट्रैफिक जाम का सामने करने वाली दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में एयरपोर्ट और शहर के दूसरे हिस्सों के बीच तेज कनेक्टिविटी के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

Electric Air TaxiS

अगर तकनीक, सुरक्षा, लागत और इससे जुड़े अथॉरिटी की मंजूरी से जुड़ी चुनौतियां समय पर दूर होती हैं, तो 2028 के आसपास भारत में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी का सपना हकीकत में बदलता दिखाई दे सकता है। यानी आने वाले समय में सड़क पर कैब बुक करने के साथ-साथ मोबाइल से आसमान में उड़ने वाली टैक्सी भी बुक करने का विकल्प मिल सकता है।

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दिल्ली के आस-पास रहने वाले इस लॉन्ग वीकेंड ले, घुमने के साथ-साथ शानदार कॉफी डेस्टिनेशन का मजा!

बारिश का मौसम और हाथ में गर्मागर्म कॉफी का कप हो तो लॉन्ग वीकेंड का मजा दोगुना हो जाता है। लॉन्ग वीकेंड पर रोज की भागदौड़ से थोड़ा ब्रेक लेकर दोस्तों या परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताना चाहते हैं, तो किसी खूबसूरत कॉफी कैफे का रुख कर सकते हैं। कॉफी के शौकीनों के लिए बारिश के मौसम में ऐसे कैफे घूमना और गर्मागर्म कॉफी की चुस्कियों का मजा लेना यादगार एक्सपीरियंस हो सकता है।

ग्राम स्ट्रीट कॉफी, गुरुग्राम

The view at this restaurant in Chamonix, France : r/nextfuckinglevel

अगर आप मॉनसून में किसी शांत और आरामदायक जगह पर बैठकर अच्छी कॉफी का आनंद लेना चाहते हैं, तो गुरुग्राम का ग्राम स्ट्रीट कॉफी एक बेस्ट डेस्टिनेशन है। यहां का खूबसूरत इंटीरियर, हल्की रोशनी और आरामदायक बैठने की फैसिलिटी लोगों को पहली ही नजर में पसंद आ जाती है। इस कैफे में आपको कई तरह की स्पेशल कॉफी के साथ स्वादिष्ट ब्रेकफास्ट, ब्रंच और डेजर्ट भी मिलते हैं। बारिश के मौसम में यहां बैठकर गर्म कॉफी की चुस्की लेना एक अलग ही एहसास देता है।

सबको कॉफी, ग्रेटर कैलाश

There is a café -- NATURE'S CORNER CAFÉ on the hill in Baishi Mountain Scenic Area, Hebei Province. Through the large floor-to-ceiling windows, people have a chance to enjoy the magnificent natural

दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में सबको कॉफी अपनी बेहतरीन स्पेशल कॉफी और मॉडर्न माहौल है। यहां हर कप कॉफी को अच्छी क्वालिटी की कॉफी बीन्स से खास तरीके से तैयार किया जाता है, जिससे उसका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है। कैफे का इंटीरियर मॉडर्न होने के साथ-साथ बेहद आरामदायक भी है, इसलिए लोग यहां घंटों बैठकर समय बिताना पसंद करते हैं। मानसून में यहां कॉफी पीना और स्वादिष्ट स्नैक्स का टेस्ट लेना मजेदार होते है।

ब्लू टोकाई कॉफी रोस्टर्स, मेहरौली

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मेहरौली में स्थित ब्लू टोकाई कॉफी रोस्टर्स भारत के सबसे लोकप्रिय स्पेशल कॉफी कैफे में गिना जाता है। यह कैफे अपनी प्रीमियम भारतीय कॉफी बीन्स के लिए मशहूर है। मानसून के दौरान यहां का शांत माहौल और आसपास की हरियाली इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देती है। यहां एस्प्रेसो, पोर-ओवर, कोल्ड ब्रू और कई तरह की स्पेशल कॉफी का स्वाद लेने का मौका मिलता है।

पोर ओवर कॉफी रोस्टर्स, खान मार्केट

अगर आपको सुकून भरे माहौल में बैठकर आराम से कॉफी पीना पसंद है, तो खान मार्केट का पोर ओवर कॉफी रोस्टर्स आपके लिए शानदार जगह हो सकती है। यह कैफे अपनी खास ब्रूइंग टेक्निक और टेस्टी कॉफी के लिए जाना जाता है। यहां का शांत वातावरण किताब पढ़ने, लैपटॉप पर काम करने या दोस्तों के साथ लंबी बातचीत करने के लिए परफेक्ट है। हर कप कॉफी को बहुत ही ध्यान से तैयार किया जाता है, जिससे उसका टेस्ट स्पेशल बन जाता है।

 

बरिस्ता कॉफी कंपनी, वसंत विहार

बरिस्ता कॉफी कंपनी लंबे समय से कॉफी लवर की पसंदीदा जगहों में शामिल है। वसंत विहार इसका कैफे मानसून में और भी खूबसूरत लगता है। यहां का आरामदायक माहौल, अच्छी सर्विस और स्वादिष्ट कॉफी लोगों को बार-बार आने के लिए अट्रैक्ट करती है। बारिश के मौसम में यहां मिलने वाला तिरामिसू लाटे, रिच हॉट चॉकलेट और ताजे बेक किए गए स्नैक्स लोगों को काफी पसंद आते हैं।

‘खामोशी द म्यूजिकल’ के 30 साल हुए पूरे, इन 7 वजहों से संजय लीला भंसाली की फिल्म बनीं क्लासिक

रिलीज के तीन दशक बाद भी, खामोशी द म्यूजिकल को इंडियन सिनेमा की सबसे दिल को छूने वाली और इमोशनल फिल्मों में से एक के तौर पर याद किया जाता है। सिर्फ़ एक क्रिटिक्स द्वारा सराही गई ड्रामा से कहीं ज़्यादा, यह संजय लीला भंसाली का डायरेक्टोरियल डेब्यू था, जिसने दर्शकों को एक ऐसे फिल्ममेकर से मिलवाया, जिसका कहानी कहने का पैशन इंडियन सिनेमा को फिर से डिफाइन करेगा। आज भी, यह फिल्म अनगिनत कारणों से पसंदीदा बनी हुई है।

1. इसने दुनिया को संजय लीला भंसाली के सिनेमैटिक विज़न से इंट्रोड्यूस कराया

खामोशी: द म्यूजिकल भंसाली की ज़बरदस्त कहानी कहने की कला की पहली झलक थी। इमोशन, म्यूजिक और शानदार विजुअल्स को मिलाने की उनकी काबिलियत उनकी पहली ही फिल्म से साफ़ थी, जिसने एक ऐसे फिल्ममेकिंग स्टाइल की नींव रखी जो बाद में आइकॉनिक बन गया।

2. एक कहानी जो आज भी टाइमलेस लगती है

असल में, खामोशी परिवार, प्यार, त्याग और हिम्मत के बारे में एक दिल को छू लेने वाली कहानी है। एक सुनने वाली बेटी और उसके बहरे-गूंगे माता-पिता के बीच के रिश्ते को ईमानदारी और दया के साथ दिखाकर, भंसाली ने एक ऐसी फिल्म बनाई जिसके इमोशन पीढ़ियों तक गूंजते रहेंगे।

3. म्यूज़िक जो एक इमोशनल भाषा बन गया

संजय लीला भंसाली के लिए, म्यूज़िक हमेशा मनोरंजन से कहीं ज़्यादा रहा है, यह कहानी कहने का ज़रिया है। खामोशी ने इस सोच को खूबसूरती से दिखाया, हर गाने ने कहानी को बेहतर बनाया और किरदारों के इमोशन को बढ़ाया। तीन दशक बाद भी, इसका साउंडट्रैक यादगार है।

4. भंसाली के सिग्नेचर विज़ुअल स्टाइल का जन्म

दर्शकों के देवदास या बाजीराव मस्तानी की शान देखने से पहले ही, खामोशी ने भंसाली की हर छोटी-बड़ी बात पर नज़र रखने की कला दिखाई। हर फ्रेम, हर रंग और हर कंपोज़िशन में वह विज़ुअल खूबसूरती झलकती थी जो बाद में उनका ट्रेडमार्क बन गई।

5. परफॉर्मेंस जो हमेशा असर छोड़ती हैं

भंसाली की अपनी कास्ट से गहरी इमोशनल परफॉर्मेंस निकलवाने की काबिलियत शुरू से ही साफ़ थी। फिल्म के किरदार अपनी असलियत, कमज़ोरी और इमोशनल गहराई की वजह से यादगार बने रहते हैं, जिससे खामोशी परफॉर्मेंस पर आधारित कहानी कहने के लिए एक बेंचमार्क बन जाती है।

6. अपने समय से आगे की फिल्म

इनक्लूसिविटी के बारे में बातचीत आम होने से बहुत पहले, खामोशी ने दिव्यांग किरदारों को अपनी कहानी के केंद्र में गरिमा, हमदर्दी और संवेदनशीलता के साथ रखा। भंसाली ने इस विषय को परंपरा के बजाय दया के साथ लिया, जिससे यह फिल्म आज भी उतनी ही रेलिवेंट है जितनी तीन दशक पहले थी।

7. एक असाधारण विरासत की शुरुआत

आज पीछे मुड़कर देखें तो, खामोशी: द म्यूजिकल एक शानदार डेब्यू से कहीं ज़्यादा है, यह भारत के सबसे महान फिल्ममेकर्स में से एक के जन्म की निशानी है। इस फ़िल्म ने संजय लीला भंसाली के शानदार सफ़र का रास्ता बनाया, जिसमें उन्होंने हम दिल दे चुके सनम, देवदास, ब्लैक, गोलियों की रासलीला राम-लीला, बाजीराव मस्तानी, पद्मावत, गंगूबाई काठियावाड़ी और हीरामंडी: द डायमंड बाज़ार जैसी फ़िल्में कीं। इन सालों में, भंसाली ने सात नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड, कई फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड, पद्म श्री, एक BAFTA अवॉर्ड नॉमिनेशन जीता है, और रिपब्लिक डे पर एक झांकी, भारत गाथा डिज़ाइन करने वाले पहले फ़िल्ममेकर बने, जो भारतीय सिनेमा के कर्तव्य पथ पर सफ़र का जश्न मनाती है, जिससे भारत के सबसे महान सिनेमाई दूरदर्शी लोगों में से एक के रूप में उनकी जगह और पक्की हो गई।

तीस साल बाद, खामोशी: द म्यूज़िकल सिर्फ़ एक पसंदीदा फ़िल्म नहीं है, बल्कि यह संजय लीला भंसाली की असाधारण विरासत की नींव है। जैसे-जैसे दर्शक उनकी अगली फ़िल्म, लव एंड वॉर का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, यह इंतज़ार ही उस भरोसे और तारीफ़ का सबूत है जो भंसाली ने तीन दशकों में बनाया है। अगर खामोशी ने एक जीनियस के जन्म को दिखाया, तो लव एंड वॉर एक ऐसे फिल्ममेकर के शानदार सफ़र में एक और मील का पत्थर साबित होगी, जो इंडियन सिनेमा का भविष्य बना रहा है।

Kiara Advani: ‘टॉक्सिक’ ट्रेलर रिलीज से पहले कियारा आडवाणी ने दिखाईं दिलकश अदाएं, कैप्शन लिखा खास

Kiara Advani: ‘Toxic’ का इंतजार अब और भी रोमांचक हो गया है। टीजर और अपडेट्स से फैन्स की उत्सुकता बढ़ाने के बाद मेकर्स कुछ ही देर में आखिरकार फिल्म का ट्रेलर रिलीज करने वाले हैं। इससे पहले कियारा आडवाणी ने सोशल मीडिया का पारा अपने लुक से हाई कर दिया है। उन्होंने अपनी कुछ तस्वीरें शेयर की हैं।

कियारा आडवाणी ने इंस्टाग्राम पर अपनी कुछ फोटोज को शेयर किया है। इन फोटोज में वह सफेद ऑफशोल्ड ड्रेस में दिखाई दे रही हैं। एक्ट्रेस ने एक से बढ़कर एक पोज दिए हैं। कियारा की तस्वीरों से नजर हटाना नामुमकिन हो गया है। एक्ट्रेस ने तस्वीरों के साथ कैप्शन में लिखा- अराजकता से लड़ने का एकमात्र तरीका अराजकता ही है…TOXIC के ट्रेलर लॉन्च पर मिलते हैं।

यश के जन्मदिन पर 8 जनवरी को ‘टॉक्सिक’ का पहला लुक सामने आया। एक्शन से भरपूर इस क्लिप की शुरुआत में एक्टर को एक कार के अंदर एक महिला के साथ करीबी पलों में दिखाया गया, और फिर सीन बदलकर उन्हें कब्रिस्तान में कई लोगों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया।

इस टीजर पर ऑनलाइन तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ दर्शकों ने इसे “अश्लील” बताया। एक ईसाई संगठन और राज्य महिला आयोग की ओर से शिकायतें भी दर्ज कराई गईं और फिल्म के मेकर्स के खिलाफ FIR भी हुई। हालांकि, अनुराग कश्यप और राम गोपाल वर्मा समेत कई फिल्ममेकर्स इस फर्स्ट-लुक वीडियो के बचाव में सामने आए।

गीतू मोहनदास द्वारा निर्देशित, ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ को वेंकट के. नारायण और यश ने KVN प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के तहत प्रोड्यूस किया है। कन्नड़ और अंग्रेजी में लिखी और शूट की गई इस फिल्म के हिंदी, तेलुगु, तमिल और मलयालम डब वर्शन भी रिलीज किए जाएंगे।

इस फिल्म में यश, नयनतारा, हुमा कुरैशी, कियारा आडवाणी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे शानदार कलाकार हैं। यह फिल्म 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।