राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO कौन? एनकाउंटर स्पेशलिस्ट राजेश पांडे और पूर्व DM योगेश्वर मिश्रा का नाम रेस में शामिल, जानें कौन हैं ये

Ram Mandir Trust CEO: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। ट्रस्ट की चयन समिति ने शॉर्टलिस्ट किए गए सभी 16 उम्मीदवारों के इंटरव्यू ले लिए हैं। आपको बता दें कि ट्रस्ट के CEO पद के लिए 5200 एप्लिकेशन मिले थे। इनमें से छंटनी के बाद सिर्फ 16 कैंडिडेट्स को इंटरव्यू कॉल गई थी। इन कैंडिडेट्स की सूची में पूर्व IAS और IPS अधिकारी, सेना के रिटायर अधिकारी, सिक्योरिटी और ऑर्गेनाइजेशनल मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स और दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों के प्रशासनिक अनुभव वाले कई पूर्व वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट पूर्व IPS राजेश पांडे का भी नाम

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद की दौड़ में पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडे का भी नाम है। उन्होंने खुद इस बात की पुष्टि की है कि वह मंगलवार को चयन समिति के सामने इंटरव्यू के लिए पेश हुए थे। आपको बता दें कि प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले राजेश पांडे 2003 बैच के IPS अधिकारी हैं। राजेश पांडे पीपीसी से प्रमोट होकर IPS बने थे। राजेश पांडे ने उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) जैसी महत्वपूर्ण यूनिट्स में सर्विस दी है। वह लखनऊ, अलीगढ़, मेरठ और सहारनपुर के SSP रह चुके हैं और हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर्स के लिए जाने जाते हैं।

राजेश पांडे उत्तर प्रदेश में दो बड़े आतंकी मामलों की जांच से जुड़े रहे हैं। पहला 2005 में अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर पर हुआ आतंकी हमला और दूसरा 2006 में वाराणसी में हुए सिलसिलेवार बम धमाके।

काशी कॉरिडोर का काम देख चुके पूर्व IAS योगेश्वर राम मिश्रा भी लिस्ट में शामिल

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व नौकरशाह योगेश्वर राम मिश्रा को भी राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए सबसे मजबूत दावेदारों में से एक माना जा रहा है। योगेश्वर राम मिश्रा का व्यापक प्रशासनिक अनुभव उनकी दावेदारी को मजबूत बनाता है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम (काशी कॉरिडोर) के के डेवलपमेंट के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इसे उनके मंदिर प्रबंधन और प्रशासनिक क्षमता से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

इंटरव्यू में उम्मीदवारों से क्या पूछा गया?

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इंटरव्यू के दौरान चयन समिति ने उम्मीदवारों के प्रशासनिक और सामाजिक-धार्मिक बैकग्राउंड को गहराई से परखा। कैंडिडेट्स से उनके पेशेवर करियर और प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ राम मंदिर परिसर की सुरक्षा प्रबंधन को लेकर उनकी समझ पर सवाल किए गए। उम्मीदवारों के मंदिरों में काम करने के पूर्व अनुभव और मंदिर प्रशासन से जुड़ी जटिलताओं की उनकी समझ को जांचा गया। कैंडिडेट्स से सामाजिक और धार्मिक संगठनों से उनकी संबद्धता और हिंदू धार्मिक संस्थाओं के साथ उनके संपर्कों/संबंधों के बारे में भी पूछा गया।

क्यों पड़ी पूर्णकालिक CEO की जरूरत?

ट्रस्ट में पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति का फैसला ऐसे समय में लिया जा रहा है जब राम मंदिर के नाम पर मिलने वाले दान में वित्तीय अनियमितता और गबन के आरोपों के कारण ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठे हैं। इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वित्तीय अनियमितता के आरोपों के बाद ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय समेत तीन अधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसी के बाद ट्रस्ट के प्रबंधन को पारदर्शी और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए CEO नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

हल्द्वानी में खरगे के कार्यक्रम के बाद मंच शुद्धिकरण पर बवाल, श्रीराम सेना ने दी सफाई

हल्द्वानी में खरगे के कार्यक्रम के बाद मंच शुद्धिकरण पर बवाल, श्रीराम सेना ने दी सफाई

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हल्दवानी में मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद मंच के शुद्धिकरण पर बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस की ओर से इसे वंचित विरोधी मानसिकता से जोड़कर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच इस मामले में मंच का शुद्धिकरण करने वाले श्रीराम सेना धर्मार्थ न्यास की भी सफाई सामने आई है। ALSO READ: खड़गे की रैली के बाद मंच के ‘शुद्धिकरण’ पर बवाल, नाराज कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप

 

संगठन ने दावा किया कि मैदान में रैली के बाद गंदगी और पेशाब से भरी बोतलें भी मिली थी। मंच से हिंदू विरोधी नारे लगे थे। इसलिए कार्यक्रम के बाद शुद्धिकरण किया गया। इसमें दलित समुदाय से जुड़े लोग भी शामिल थे।

 

न्यास के अध्यक्ष गिरीश पांडे ने कहा कि शुद्धिकरण का उद्देश्य किसी जाति या समुदाय को निशाना बनाना नहीं था। रामलीला मैदान में राजनीतिक कार्यक्रम के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं ने वहां सफाई की और इसके पश्चात यज्ञ का आयोजन किया।

 

शुद्धिकरण में शामिल अंकित पाल ने कहा कि वे स्वयं अनुसूचित जाति समाज से आते हैं और धार्मिक स्थल की स्वच्छता एवं पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से आयोजित यज्ञ में सहभागी बने। झूठ बोलकर कांग्रेस ने पूरे समाज का अपमान किया है।

 

राज्यसभा में क्या बोले थे खरगे?

राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मैं हल्द्वानी में था, जहां मैंने रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया। वहां लाखों लोग मौजूद थे। उस समय मैंने किसी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया, मैंने केवल सरकार से जुड़े मुद्दों को दोहराया। लेकिन मेरे भाषण के बाद, भाजपा के लोगों ने उस मंच को 'शुद्ध' करने के लिए वहां हवन किया। क्या लोकतंत्र में ऐसा होता है? आप संविधान की रक्षा कैसे कर रहे हैं? ALSO READ: हल्द्वानी में मंच के ‘शुद्धिकरण’ पर भड़के खरगे, राज्यसभा में बोले- Untouchability Act के तहत केस दर्ज हो

 

उन्होंने कहा कि मैं विपक्ष का नेता हूं। मेरी मांग है कि हल्द्वानी में जिन लोगों ने स्टेज का शुद्धिकरण किया, उन पर Untouchability Act के तहत केस दर्ज हो और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।

Delhi Traffic Advisory 15 August: 15 अगस्त को लाल किले के आसपास कई रास्ते बंद, निकलने से पहले देखें पूरी एडवाइजरी

Delhi Traffic Advisory 15 August: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 15 अगस्त को लाल किले पर होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करेंगे। वहीं, समारोह स्थल के आस-पास की कई सड़कें सुबह 4 बजे से 10 बजे तक आम ट्रैफिक के लिए बंद रहेंगी और प्रभावित रास्तों पर सिर्फ खास पहचान वाले वाहनों को ही आने-जाने की इजाजत होगी।

एडवाइजरी में यात्रियों के लिए वैकल्पिक रास्ते, मालवाहक वाहनों और बसों पर पाबंदियां, और शहर के मुख्य इलाकों की ओर जाने वाली सेवाओं के लिए डायवर्जन की जानकारी भी दी गई है। इसके अलावा, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और ISBT कश्मीरी गेट जाने वाले यात्रियों से अपील की गई है कि वे पहले से अपने सफर का प्लान बना लें और तय किए गए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।

बंद रहेंगी ये सड़कें

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, 15 अगस्त को सुबह 4 बजे से 10 बजे तक कई प्रमुख सड़कें आम लोगों के लिए बंद रहेंगी। इनमें शामिल हैं:

  • नेताजी सुभाष मार्ग — दिल्ली गेट से चट्टा रेल चौक तक
  • लोथियन रोड — GPO दिल्ली से चट्टा रेल चौक तक
  • एसपी मुखर्जी मार्ग — एचसी सेन मार्ग से यमुना बाजार चौक तक
  • चांदनी चौक रोड — फाउंटेन चौक से लाल किले तक
  • निषाद राज मार्ग — रिंग रोड से नेताजी सुभाष मार्ग तक
  • एस्प्लेनेड रोड और नेताजी सुभाष मार्ग से जुड़ी इसकी लिंक रोड
  • रिंग रोड — राजघाट से ISBT तक

इन रास्तों से भी बचने की सलाह

जिन गाड़ियों पर पार्किंग लेबल नहीं हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि वे पाबंदी वाले समय के दौरान C-हेक्सागन इंडिया गेट, कॉपरनिकस मार्ग, मंडी हाउस, सिकंदरा रोड, तिलक मार्ग, मथुरा रोड, BSZ मार्ग, नेताजी सुभाष मार्ग, J L नेहरू मार्ग, और निज़ामुद्दीन खट्टा व ISBT कश्मीरी गेट के बीच रिंग रोड और आउटर रिंग रोड के हिस्सों पर जाने से बचें।

उत्तर-दक्षिण दिशा में जाने के लिए ये रास्ते अपनाएं

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने उत्तर से दक्षिण और दक्षिण से उत्तर जाने वाले लोगों के लिए कई वैकल्पिक रास्ते बताए हैं। इनमें अरविंदो मार्ग, सफदरजंग रोड, कमाल अतातुर्क मार्ग, कौटिल्य मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, पार्क स्ट्रीट, मंदिर मार्ग, पंचकुइयां रोड और रानी झांसी रोड शामिल हैं।

इसके अलावा लोग कनॉट प्लेस, मिंटो रोड, भवभूति मार्ग, अजमेरी गेट, श्रद्धानंद मार्ग, लाहौरी गेट चौक, नया बाजार, पीली कोठी और एसपी मुखर्जी मार्ग के रास्ते भी आ-जा सकते हैं।

यमुना पार करने के लिए निजामुद्दीन ब्रिज, पुस्ता रोड, जीटी रोड और युधिष्ठिर सेतु का इस्तेमाल किया जा सकता है।

पूर्व-पश्चिम दिशा में जाने के लिए वैकल्पिक रास्ते

पूर्व से पश्चिम और पश्चिम से पूर्व जाने वाले लोगों के लिए NH-24/NH-9, निजामुद्दीन खट्टा, बारापुल्ला रोड, DND, रिंग रोड, भैरों रोड और मथुरा रोड समेत अन्य जुड़े हुए रास्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इसके अलावा विकास मार्ग, आईपी मार्ग, डीडीयू मार्ग और मिंटो रोड भी वैकल्पिक रास्ते के तौर पर उपलब्ध रहेंगे।

DND-NH-24-युधिष्ठिर सेतु-सिग्नेचर ब्रिज-वजीराबाद ब्रिज वाला कॉरिडोर भी खुला रहेगा।

हालांकि, ओल्ड आयरन ब्रिज और गीता कॉलोनी ब्रिज से शांति वन की तरफ जाने वाला रास्ता बंद रहेगा।

मालवाहक वाहनों और बसों पर भी रहेगी रोक

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, 14 अगस्त की आधी रात से 15 अगस्त की सुबह 11 बजे तक निजामुद्दीन खट्टा और वजीराबाद ब्रिज के बीच माल ढोने वाले वाहनों को चलने की इजाजत नहीं होगी। इस दौरान महाराणा प्रताप ISBT और सराय काले खां ISBT के बीच दूसरे राज्यों से आने-जाने वाली बसों को भी चलने की इजाजत नहीं होगी।

साथ ही, 14 अगस्त की आधी रात से 15 अगस्त की सुबह 11 बजे तक ISBT कश्मीरी गेट और निजामुद्दीन खट्टा के बीच रिंग रोड पर लोकल सिटी बसें (DTC बसों सहित) नहीं चलेंगी।

इसके अलावा, लोथियन रोड, नेताजी सुभाष मार्ग, एस पी मुखर्जी मार्ग, विकास मार्ग, मथुरा रोड और C-हेक्सागन व सेंट्रल दिल्ली के आस-पास की सड़कों समेत कई सड़कों पर दूसरे शहरों से आने वाली बसों और DTC बसों के लिए पाबंदियां होंगी।

इन रास्तों से डायवर्ट होंगी बसें

गाजियाबाद से दिल्ली आने वाली दूसरे राज्यों की बसें ISBT कश्मीरी गेट में घुसने से पहले भोपुरा चुंगी रोड और वजीराबाद रोड का इस्तेमाल करेंगी। धौला कुआं से आने वाली बसों का रूट रिंग रोड, पंजाबी बाग, आजादपुर और चांदनी राम अखाड़ा की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। वहीं, फरीदाबाद से आने वाली बसें सराय काले खां पर अपनी यात्रा खत्म कर सकती हैं या ISBT कश्मीरी गेट की तरफ जाने के लिए दूसरे रास्तों का इस्तेमाल कर सकती हैं। पुलिस ने कहा कि JPN हॉस्पिटल जाने-आने पर कोई पाबंदी नहीं होगी।

ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे आखिरी समय में होने वाली परेशानी से बचने के लिए जल्दी निकलें और कहा है कि जरूरी जगहों पर जानकारी देने वाले साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। 15 अगस्त को सुबह 5 बजे से लेकर ट्रैफिक डायवर्जन हटने तक, गोखले मार्ग, घाटा मस्जिद, यमुना बाजार, दिल्ली गेट और छट्टा रेल चौक पर DTC की रिकवरी वैन तैनात रहेंगी। वहीं, आजादी के दिन कार्यक्रम स्थल पर जाने वाले लोगों से यह भी कहा गया है कि वे कैमरा, दूरबीन, रिमोट-कंट्रोल कार की चाबियां, छाता, हैंडबैग, ब्रीफकेस, ट्रांजिस्टर, सिगरेट लाइटर, टिफिन बॉक्स और पानी की बोतलें साथ न लाएं।

कुल मिलाकर, 15 अगस्त को दिल्ली के कई हिस्सों में सड़कें बंद रहेंगी, रूट डायवर्ट किए जाएंगे और बसों की आवाजाही पर भी रोक रहेगी। इसका सबसे ज्यादा असर लाल किले और सेंट्रल दिल्ली के आसपास के इलाकों में देखने को मिलेगा। हालांकि, यात्रियों के लिए वैकल्पिक रास्ते उपलब्ध रहेंगे और सुबह 11 बजे के बाद ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है।

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पाकिस्तानी PM बोले- भारत पानी रोकेगा तो मुंहतोड़ जवाब देंगे:कश्मीर पर रुख कभी नहीं बदलेंगे, मुनीर की लीडरशिप में हमने दुश्मन को हराया

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल समझौते को लेकर एक बार फिर से भारत को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी पर कोई समझौता नहीं होगा। अगर इसे रोकने या कम करने की कोशिश हुई तो उसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री शहबाज ने गुरुवार को इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते कहा कि कश्मीर पर पाकिस्तान का रुख कभी नहीं बदलेगा। अपने भाषण में शहबाज ने एक बार फिर सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ करते हुए दावा किया कि उनके नेतृत्व में पाकिस्तान ने भारत को हराया। चीन की दोस्ती को हिमालय से भी मजबूत बताया शहबाज ने अपने भाषण में चीन-पाकिस्तान की दोस्ती को हिमालय से भी बुलंद बताया। उन्होंने कहा कि चीन पाकिस्तान का अजीम दोस्त है। हर मुश्किल घड़ी में वह चट्टान की तरह देश के साथ रहा है। फिर दोहराया- ट्रम्प ने कराया था युद्धविराम शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में एक बार फिर दावा किया कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अहम भूमिका रही थी। उन्होंने ट्रम्प की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी पहल से समय रहते युद्धविराम संभव हो सका। हालांकि भारत लगातार यह कहता रहा है कि संघर्ष विराम दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे बातचीत से हुआ था और इसमें किसी तीसरे देश की कोई मध्यस्थता नहीं थी। कश्मीर, फिलिस्तीन और अफगानिस्तान पर भी बोले अपने भाषण में शहबाज शरीफ ने कहा कि कश्मीर पर पाकिस्तान का रुख नहीं बदलेगा और कश्मीरियों की कुर्बानी बेकार नहीं जाने दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान फिलिस्तीन के लोगों के अधिकारों का समर्थन करता रहेगा। अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार से उन्होंने अपील की कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए नहीं होने दे। साथ ही दावा किया कि पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका भी निभाई है। भारत ने पहलगाम हमले के बाद संधि पर लगाई थी रोक अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का फैसला किया था। तभी से यह मुद्दा दोनों देशों के बीच तनाव की बड़ी वजह बना हुआ है। भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस और भरोसेमंद कार्रवाई नहीं करता, तब तक संधि पर रोक जारी रहेगी। वहीं, पाकिस्तान का दावा है कि यह संधि अब भी कानूनी रूप से प्रभावी है और इसे एकतरफा निलंबित नहीं किया जा सकता। 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई सिंधु जल संधि के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों का बंटवारा किया गया था। इसी संधि को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं और हाल के महीनों में यह विवाद फिर से गहरा गया है। गंभीर जल संकट का सामना कर रहा पाकिस्तान रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान इस समय गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। खासकर सिंध और बलूचिस्तान में पानी की कमी लगातार बढ़ रही है। सिंध के सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक- पाकिस्तान की सिंचाई व्यवस्था के अहम हिस्से सुक्कुर बैराज को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। पानी का स्तर लगातार घटने से कृषि और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

राम मंदिर के पुजारियों का नया ड्रेस कोड लागू, अब बिना सिले वस्त्रों में होगी रामलला की पूजा!

राम मंदिर के पुजारियों का नया ड्रेस कोड लागू, अब बिना सिले वस्त्रों में होगी रामलला की पूजा!

Ram Mandir priest dress code: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजित रामलला की सेवा-पूजा कर रहे पुजारियों की वेशभूषा (ड्रेस कोड) में एक बार फिर बड़ा बदलाव किया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा नवगठित 'धार्मिक न्यास समिति' की सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया है। ​अब राम मंदिर के पुजारी सिलाई किए हुए वस्त्रों के बजाय बिना सिले वस्त्र (धोती और दुपट्टा/अंगवस्त्र) धारण करके ही पूजा-पाठ करेंगे।

क्यों बदला गया ड्रेस कोड?

​इससे पहले ट्रस्ट की ओर से पुजारियों के लिए पीले रंग की सिलाई वाली चौबंदी (कुर्ता/अंगरखा), सफेद धोती और पगड़ी तय की गई थी, जिस पर तीर्थ क्षेत्र का मोनोग्राम भी छपा हुआ था। हाल ही में हुई धार्मिक न्यास समिति की पहली बैठक में संतों ने इस पर आपत्ति जताई। संतों का तर्क था कि सिलाई वाले वस्त्र पहनना अयोध्या की प्राचीन वैष्णव परंपरा के प्रतिकूल है।

​संतों का सुझाव : गर्भगृह में प्रभु की सेवा के दौरान पुजारियों को पूर्णतः वैष्णव मर्यादा के अनुसार केवल बिना सिले वस्त्र ही धारण करने चाहिए। संतों के इस मार्गदर्शन को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि और अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।

​रोस्टर बदलाव के साथ नई व्यवस्था प्रभावी

​बदला हुआ ड्रेस कोड सावन शुक्ल प्रतिपदा (13 अगस्त) से पूरी तरह लागू कर दिया गया है। रामलला के पुजारियों की ड्यूटी का रोस्टर हर माह अमावस्या और पूर्णिमा को बदलता है। सावन कृष्ण अमावस्या तक जो पुजारी सुबह की पाली में थे, वे प्रतिपदा से शाम की पाली में आ गए हैं और नई वेशभूषा के साथ अपनी सेवा दे रहे हैं।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संसद में अनोखा प्रदर्शन, दान पात्र में मिले 2.15 लाख रुपए हनुमान मंदिर में चढ़ाए

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संसद में अनोखा प्रदर्शन, दान पात्र में मिले 2.15 लाख रुपए हनुमान मंदिर में चढ़ाए

opposition chadawa chori drama in parliament

संसद भवन के मकर द्वार पर विपक्ष के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने काफी दान किया। देखते ही देखते कुछ ही दिनों में दान पात्र में 2 लाख 14 हजार रुपए का चंदा हासिल हुआ। सपा सांसदों ने गुरुवार को इस रकम को कनाट पैलेस स्थित हनुमान मंदिर में जमा करा दिया। ALSO READ: नांदेड़ में पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर बादल पर कृपाण से हमला, अस्पताल में भर्ती, जानें कौन हैं सुखबीर बादल

 

राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव, मनोज झा समेत सभी विपक्षी सांसदों ने इस दान पात्र में पैसा डाला था। अब सपा सांसदों ने इस रकम को हनुमान मंदिर में जमा कराया है। उनका कहना है कि हम हनुमान मंदिर में यह दान इसलिए जमा करा रहे हैं क्योंकि वह धर्म के रक्षक माने जाते हैं।

 

चढ़ावा चोरी मामले में प्रदर्शन के दौरान जब सांसद पप्पू यादव साधु के वेश में संसद पहुंचे तो बवाल मच गया। भाजपा ने पप्पू यादव की इस हरकत की जमकर आलोचना की तो कई स्थानों पर साधु संतों ने भी उनका विरोध किया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन पर हमला भी हुआ। ALSO READ: कंगना रनौत का राहुल गांधी पर हमला- सवाल पूछते हैं, जवाब नहीं सुनते

 

मॉनसून सत्र के आखिरी दिन जब समाजवादी पार्टी के सांसद रुचि वीरा और अक्षय यादव ने दान पात्र खोला तो मकर द्वार के बाहर रोज एक घंटे के लिए रखे जाने वाले दानपात्र में 2 लाख 15 हजार 3 सौ 90 रुपए से ज्यादा का चंदा इकट्ठा हुआ।

 

सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि बीजेपी ने राम मंदिर तक में चढ़ावा चोरी कर दी और संसद में चर्चा तक नहीं करा रहे हैं। इसी के चलते हमने दान पात्र रखकर विरोध किया है।

Ram Mandir Chadhawa Chori: यूनिफॉर्म में जेब ही नहीं होगी तो कैसे करेंगे चोरी! राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती के नए नियम सामने आए

Ram Mandir Chadhawa Chori: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे की गिनती की व्यवस्था को और ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कई बड़े बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था में दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों की यूनिफॉर्म से लेकर CCTV निगरानी, सुरक्षा जांच और मंदिर परिसर से बैंक तक कैश पहुंचाने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। इन बदलावों का मकसद गिनती के दौरान सुरक्षा, निगरानी और जवाबदेही को मज़बूत करना है। राम मंदिर में कथित दान और चढ़ावा चोरी के बाद यह एक्शन लिया गया है।

अब कर्मचारियों की यूनिफॉर्म में नहीं होंगी जेबें

राम मंदिर में दान की गिनती में शामिल कर्मचारियों के लिए नई यूनिफॉर्म पहले ही लागू की जा चुकी है। खास बात यह है कि इन वर्दियों में जेब नहीं होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गिनती के दौरान कर्मचारी नकदी या कोई अन्य सामग्री अपने साथ बाहर न ले जा सकें। इसके अलावा गिनती केंद्र में कर्मचारियों की एंट्री और एग्जिट दोनों जगह सख्त तलाशी शुरू कर दी गई है। इससे दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों की आवाजाही पर निगरानी और मजबूत होगी।

45 दिन नहीं, अब 180 दिन तक सुरक्षित रहेगा CCTV फुटेज

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने CCTV रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने की अवधि भी काफी बढ़ा दी है। पहले गिनती वाले कमरे की CCTV फुटेज 45 दिनों तक रखी जाती थी। अब इसे बढ़ाकर 180 दिन कर दिया गया है। यानी किसी भी घटना या गड़बड़ी की स्थिति में करीब छह महीने तक संबंधित CCTV रिकॉर्डिंग को जांच के लिए देखा जा सकेगा।

साधारण कैमरों की जगह लगेंगे PTZ कैमरे

चढ़ावे की गिनती केंद्र की निगरानी व्यवस्था को भी अपग्रेड किया जा रहा है। वहां लगे फिक्स्ड CCTV कैमरों को PTZ (Pan-Tilt-Zoom) कैमरों से बदला जाएगा। इन कैमरों की मदद से किसी खास जगह या गतिविधि पर कैमरे को घुमाकर नजर रखी जा सकेगी। जरूरत पड़ने पर किसी व्यक्ति या गतिविधि को जूम करके देखा जा सकेगा।

दान की गिनती के लिए SBI के कर्मचारियों पर जोर

ट्रस्ट ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से यह भी विचार करने को कहा है कि दान की गिनती जैसे संवेदनशील काम के लिए कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के बजाय बैंक के अपने कर्मचारियों को लगाया जाए। ट्रस्ट ने यह सुझाव भी दिया है कि इस काम में लगाए जाने वाले कर्मचारियों को बेहतर पारिश्रमिक दिया जाए। इसके साथ ही गिनती की पूरी प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में ट्रस्ट की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।

मंदिर से बैंक तक नकदी ले जाने का तरीका भी बदलेगा

दान की रकम को मंदिर परिसर से SBI की ब्रांच तक ले जाने की प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के तहत नोटों के बंडलों को एक साथ पैक और सुरक्षित किया जाएगा। सके बाद उन्हें मंदिर परिसर के अंदर ही SBI के वाहन में लोड किया जाएगा। इसका उद्देश्य नकदी को मंदिर से बैंक तक ले जाने के दौरान किसी भी तरह की पिलफरेज यानी रकम में सेंधमारी की संभावना को कम करना है।

राम मंदिर ट्रस्ट को जल्द मिलेगा नया CEO

दान की गिनती की व्यवस्था में बदलाव के साथ ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट नए और पहले चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के चयन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रहा है। CEO के चयन के लिए बनाई गई सर्च कमेटी ने इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी कर ली है। 11 और 12 अगस्त को अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर में अंतिम दौर के इंटरव्यू हुए। सर्च कमेटी में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) वीके चतुर्वेदी और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे शामिल हैं।

5,585 आवेदन से 16 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट

CEO पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 3,877 आवेदनों में विस्तृत CV शामिल थे। जांच के बाद 1,580 उम्मीदवारों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। इनमें से करीब 111 उम्मीदवारों को ऑनलाइन बातचीत के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। आगे की प्रक्रिया के बाद 16 उम्मीदवारों को अयोध्या में आमने-सामने इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। इनमें रक्षा, प्रशासन, कॉरपोरेट, उद्योग, शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे अलग-अलग क्षेत्रों के अनुभवी पेशेवर शामिल हैं। अब सर्च कमेटी अंतिम उम्मीदवारों का मूल्यांकन करके ट्रस्ट को तीन नामों का पैनल सौंपेगी। इसके बाद नए CEO की अंतिम नियुक्ति ट्रस्ट द्वारा की जाएगी।

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क्यों जरूरी किए गए ये बदलाव?

राम मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान बड़ी मात्रा में चढ़ावा आता है। ऐसे में दान की गिनती से लेकर उसकी पैकिंग, निगरानी और बैंक तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया बेहद संवेदनशील है। ट्रस्ट के नए कदमों का उद्देश्य दान की गिनती से लेकर बैंक तक पहुंचने तक पूरी प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। यानी अब राम मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान कर्मचारियों की यूनिफॉर्म में जेब नहीं होगा। एंट्री गेट पर तलाशी ली जाएगी। साथ ही 180 दिन की CCTV रिकॉर्डिंग और PTZ कैमरों की निगरानी जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।

हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर संसद में सियासी बवाल! खड़गे ने BJP पर लगाया ‘छुआछूत’ का आरोप, नड्डा ने किया पलटवार

Haldwani Shuddhikaran Row: हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आठ अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान को लेकर गुरुवार (13 अगस्त) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान शुरू हो गया। गुरुवार को राज्यसभा में ‘शुद्धिकरण’ रस्म को लेकर राजनीतिक टकराव हुआ। खड़गे ने उच्च सदन में यह मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके दौरे के बाद उस जगह पर शुद्धिकरण की रस्म निभाई गई। उन्होंने सवाल किया कि क्या ऐसा काम लोकतंत्र के अनुकूल है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “…मैं हल्द्वानी में था, जहां मैंने रामलीला मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया। वहां लाखों लोग मौजूद थे। उस समय मैंने किसी समुदाय या धर्म का नाम नहीं लिया, मैंने केवल सरकार से जुड़े मुद्दों को दोहराया। लेकिन मेरे भाषण के बाद, बीजेपी के लोगों ने उस मंच को ‘शुद्ध’ करने के लिए वहाँ हवन किया… क्या लोकतंत्र में ऐसा होता है? आप संविधान की रक्षा कैसे कर रहे हैं? मैं विपक्ष का नेता (LoP) हूं…।”

उन्होंने इस घटना को संविधान का अपमान करार देते हुए कहा कि वह इसे एक राजनीतिक मुद्दे के तौर पर उठाना चाहते हैं। खड़गे ने कहा, “यह संविधान का अपमान है।” कांग्रेस प्रमुख ने यह भी कहा कि उन्होंने संसद में कई साल बिताए हैं। उन्होंने उस हरकत पर आपत्ति जताई जिसे उन्होंने अपने प्रति ‘छुआछूत’ का व्यवहार बताया।

उन्होंने आगे कहा, “मैं इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहता। मैं बरसों से इस सदन का सदस्य रहा हूं। मैं अनुसूचित जाति से आता हूं और दलित हूं… मैंने कभी किसी से यह नहीं कहा कि मेरी मदद करो या मेरी रक्षा करो। मुझमें लड़ने की ताकत है और मैं लड़ता भी हूं। लेकिन आप मेरे साथ छुआछूत जैसा व्यवहार करते हैं, ‘शुद्धिकरण’ करते हैं और मेरा अपमान करते हैं।”

नड्डा ने BJP का संबंध होने से इनकार किया

वहीं, खड़गे के आरोपों पर BJP के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इस घटना को बेहद दुखद बताया। लेकिन खड़गे के इस दावे को खारिज कर दिया कि इसके पीछे BJP कार्यकर्ता थे। नड्डा ने कहा कि इसमें शामिल लोग BJP के सदस्य नहीं थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी ऐसे व्यवहार का समर्थन नहीं करती है। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि इस मामले की जांच की जाएगी।

उन्होंने कहा, “खड़गे जी ने जो कहा वह वाकई दुखद है… न सिर्फ कांग्रेस पार्टी के लिए बल्कि हम सभी के लिए… बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। लेकिन हम इसकी जांच करेंगे। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि वहां जो कुछ भी हुआ, उसकी निश्चित रूप से जांच की जाएगी। लेकिन मैं यह साफ करना चाहता हूं कि बीजेपी ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। मैं इसकी निंदा करता हूं। राष्ट्रीय अध्यक्ष इस मामले को देखेंगे। यह हम सभी के लिए बहुत खेद की बात है कि आपकी भावनाएं आहत हुईं।”

नड्डा ने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि पार्टी के शामिल होने से इनकार करने और जांच का वादा करने के बाद भी खड़गे BJP को ही जिम्मेदार ठहराते रहे। नड्डा ने कहा, “मैंने पहले ही कहा है कि BJP ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। यह हम सबके लिए, पूरे देश के लिए अफसोस की बात है। हम इसकी जांच करेंगे। लेकिन अगर खड़गे साहब कहते हैं कि आप ऐसा करते हैं, तो यह सही नहीं है।”

राज्यसभा सभापति ने भी घटना की निंदा की

बहस के दौरान राज्यसभा सभापति ने दखल देते हुए कहा कि खड़गे का कथित अपमान सदन में मौजूद हर व्यक्ति का अपमान माना जाएगा। सभापति ने कहा, “अगर खड़गे जी का अपमान होता है, तो सबका अपमान होता है।” सभापति ने यह भी कहा कि राजनीतिक जुड़ाव से ऊपर उठकर इस घटना की निंदा की जानी चाहिए। साथ ही जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें सजा दी जानी चाहिए। सभापति ने आगे कहा कि इस हरकत के पीछे जो लोग हैं, उन्हें पकड़ा जाना चाहिए और सजा मिलनी चाहिए।

हल्द्वानी में क्या हुआ था?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान किया गया। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि जिस ‘श्री राम सेना’ संगठन ने यह ‘शुद्धिकरण’ किया। वह BJP से जुड़ा है। हालांकि, BJP ने इस आरोप का खंडन किया।

गोदियाल ने दावा किया कि यह अनुष्ठान इसलिए किया गया क्योंकि खरगे दलित समुदाय से आते हैं। उन्होंने BJP पर जाति के नाम पर समाज में बंटवारा करने का आरोप लगाया। इस अनुष्ठान को मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए गोदियाल ने दावा किया कि इससे कांग्रेस और BJP की विचारधारा में बुनियादी अंतर स्पष्ट होता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने दक्षिणपंथी संगठन के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की।

बीजेपी का ‘श्री राम सेना’ से किनारा

वहीं, BJP ने ‘श्री राम सेना’ से किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया और कांग्रेस पर राजनीतिक फायदे के लिए पार्टी की छवि खराब करने का आरोप लगाया। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री खजान दास ने दावा किया कि रामलीला मैदान में खड़गे की रैली के दौरान कुछ ऐसे नारे लगाए गए जिनसे सनातन समुदाय की भावनाएं आहत हुईं। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान धार्मिक महत्व की जगह है। वहां किसी दूसरे धर्म से जुड़े नारे लगाने से लोग नाराज हुए।

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स्मार्ट क्लासरूम से सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिलेगी डिजिटल शिक्षा की नई उड़ान

स्मार्ट क्लासरूम से सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिलेगी डिजिटल शिक्षा की नई उड़ान

प्रदेश के विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में अब पारंपरिक पढ़ाई के साथ डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल भी होगा। इसी क्रम में पांच सर्वोदय विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम की शुरुआत की गई है। सरकार की यह पहल ग्रामीण और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

 

गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में आयोजित कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने स्मार्ट क्लासरूम परियोजना का उद्घाटन किया। FIRST ORIGIN NextGen Edutech Pvt. Ltd. के सहयोग से सीएसआर के तहत शुरू की गई इस परियोजना के प्रथम चरण में पांच विद्यालयों में एक-एक स्मार्ट क्लासरूम तैयार किया गया है। परियोजना की कुल लागत ₹35 करोड़ बताई गई है।

 

डिजिटल शिक्षा से प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच

 

समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 103 सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। पायलट प्रोजेक्ट के तहत गाजियाबाद के निडोरी, बुलंदशहर के बदनौरा, मेरठ के हस्तिनापुर, बरेली और पीलीभीत के विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए गए हैं। इन कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड, स्मार्ट पैनल, दो एयर कंडीशनर और वुडेन फ्लोरिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे विद्यार्थियों को विषयों को दृश्य और डिजिटल माध्यम से समझने में मदद मिलेगी। कठिन विषयों को भी इंटरैक्टिव तरीके से पढ़ाने की सुविधा शिक्षकों को मिल सकेगी।

 

विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास

 

राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि स्मार्ट क्लासरूम सिर्फ पढ़ाई के तरीके में बदलाव नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास है। योगी सरकार का उद्देश्य है कि हर विद्यार्थी आधुनिक तकनीक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े तथा भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार हो। सरकार का फोकस अब केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम बनाने पर भी दिखाई दे रहा है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव, निदेशक समाज कल्याण संजीव सिंह, उपनिदेशक जे राम और फर्स्ट ओरिजिन के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुज कुमार वर्मा समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

 

 

सीएसआर के सहयोग से बढ़ेगा आधुनिक शिक्षा का दायरा

 

फर्स्ट ओरिजिन के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुज कुमार वर्मा ने बताया कि परियोजना के दूसरे चरण में चयनित अन्य विद्यालयों में भी स्मार्ट क्लासरूम और ऑनलाइन शिक्षा का विस्तार किया जाएगा। इससे प्रदेश के अधिक से अधिक सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थी डिजिटल शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। योगी सरकार की यह पहल शिक्षा में तकनीकी बदलाव के साथ सामाजिक समावेशन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध होने से उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा और बदलते रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी।

लखनऊ में नकली दवाओं के संगठित नेटवर्क पर एफएसडीए की बड़ी कार्रवाई, चार के खिलाफ एफआईआर

लखनऊ में नकली दवाओं के संगठित नेटवर्क पर एफएसडीए की बड़ी कार्रवाई, चार के खिलाफ एफआईआर

CM Yogi Adityanath

 

 

 

 

 

नकली और संदिग्ध दवाओं की सप्लाई चेन के खिलाफ योगी सरकार सख्ती से निपट रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने बुधवार को लखनऊ में एक और बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग के अनुसार, अमीनाबाद में बिना वास्तविक दवा की आपूर्ति किए फर्जी बिलिंग, क्रॉस-बिलिंग और कागजी लेनदेन के जरिए नकली एवं काउंटरफिट दवाओं को बाजार में खपाने का खेल चल रहा था। मामले में चार आरोपियों के खिलाफ थाना अमीनाबाद में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।

 

एफआईआर में अंकुर अवस्थी, प्रोपराइटर हेल्थ प्लस, मनीष बाजपेयी, संचालक एमके फार्मा, गोविंद शुक्ला, संचालक राम फार्मा और ऐजाज अहमद, संचालक पैशन्ट केयर सर्जिकल हाउस, सहारनपुर को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि इन फर्मों के बीच बिना वास्तविक दवा सप्लाई के आपस में बिलिंग की गई और कागजों पर लेनदेन दिखाकर दवाओं की खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड तैयार किया गया। 

 

बिना लाइसेंस दवाओं का कारोबार करने का आरोप

विभाग के मुताबिक अमीनाबाद स्थित हेल्थ प्लस के प्रोपराइटर अंकुर अवस्थी ने वैध औषधि लाइसेंस के बिना बड़े पैमाने पर दवाओं के भंडारण और लेनदेन का रिकॉर्ड तैयार किया। जांच में गोविंद शुक्ला की भूमिका भी सामने आई, जिन्हें विभाग ने फर्म के मुख्य कर्ताधर्ताओं में शामिल बताया है। जांच के अनुसार, हेल्थ प्लस और राम फार्मा एक ही फ्लोर पर संचालित हो रहे थे और इनके माध्यम से कथित तौर पर दवाओं के अवैध डायवर्जन और कागजी लेनदेन का नेटवर्क चलाया जा रहा था। सहारनपुर की पैशन्ट केयर सर्जिकल हाउस नामक फर्म, जो पिछले करीब दो वर्षों से बंद बताई गई है, का इस्तेमाल भी कथित तौर पर फर्जी खरीद और कागजी रोटेशन के लिए किया गया।

 

8.87 करोड़ रुपये की खरीद दिखाने का दावा

मामले में एमके फार्मा की भूमिका भी जांच के घेरे में है। विभाग के अनुसार, फर्म के संचालक मनीष बाजपेयी ने वित्तीय वर्ष 2026 में करीब 8.87 करोड़ रुपये की दवाओं की खरीद दिखाई। जांच के दौरान विभाग को कथित तौर पर ऐसे दस्तावेज मिले, जिनमें अन्य फर्मों के नाम पर Zoryl M1, Augmentin और Dexorange Syrup की खरीद दर्शाई गई थी।

विभाग का कहना है कि साक्ष्य छिपाने के लिए लैपटॉप का पुराना डेटा भी डिलीट किया गया। दवाओं के निर्माताओं और संबंधित फर्मों से सत्यापन कराया गया तो उन्होंने इन दवाओं की बिक्री से इनकार किया और संबंधित बैचों को काउंटरफिट बताया।

 

39.20 लाख Zoryl M1 का नहीं मिला हिसाब

जांच में एमके फार्मा से Zoryl M1 की करीब 39.20 लाख दवाओं का हिसाब नहीं मिलने की बात सामने आई है। विभाग का आरोप है कि इन दवाओं को अवैध तरीके से बाजार में खपाया गया, जिससे लोगों के स्वास्थ्य और जान को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। एफएसडीए के अधिकारियों के मुताबिक, पूरे मामले में फर्जी रिकॉर्ड तैयार करने, कूटरचना, नकली दवाओं के कारोबार और अवैध धन अर्जित करने की आशंका की जांच की जा रही है। इसी आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 111, 276, 277, 278, 318, 319, 336 और 338 के तहत कार्रवाई की गई है।

 

लखनऊ में पहले भी सामने आ चुके हैं कई मामले

नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग के खिलाफ चल रहे अभियान में लखनऊ में इससे पहले भी कई बड़ी कार्रवाई की जा चुकी हैं। विभाग के अनुसार, अमीनाबाद की आठ फर्मों और एक सॉफ्टवेयर डिस्ट्रीब्यूटर के खिलाफ फर्जी बिलिंग और सॉफ्टवेयर में हेरफेर के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इनमें महाराजा इंटरप्राइजेज, शिव शक्ति फार्मा, श्री अशोक फार्मास्युटिकल्स, अपोलो फार्मेसी, शिव शक्ति मेडिकल, मीत इंटरप्राइजेज, विद्या फार्म और आरएन फार्मा के साथ मार्ग सॉफ्टवेयर के डिस्ट्रीब्यूटर आबिद अली शामिल हैं।

 

जुलाई 2026 में अमीनाबाद के एक कथित अवैध गोदाम से करीब 21 लाख रुपये की नकली दवाएं बरामद की गई थीं। इसी तरह आलमबाग मेट्रो स्टेशन के पास करीब 1.60 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं जब्त की गईं। बख्शी का तालाब क्षेत्र में भी अवैध भंडारण और परिवहन के मामले में कार्रवाई की गई।

 

आगरा में भी सामने आया बड़ा नेटवर्क

एफएसडीए के अभियान के दौरान आगरा में भी नकली, री-लेबल की गई और सरकारी सप्लाई की दवाओं के अवैध कारोबार के कई मामले सामने आए हैं। विभाग के अनुसार, कम्बूटोला, मुबारक महल, शू मार्केट और नवबिया मार्केट में की गई कार्रवाई में 15 से अधिक संचालकों के खिलाफ नौ एफआईआर दर्ज कराई गईं।

जांच में कथित तौर पर फर्जी बिलों के जरिए टोरेंट फार्मा की नकली Chymoral Forte और Aciloc जैसी दवाओं की बिक्री तथा ESI और सरकारी कोटे की दवाओं की कालाबाजारी का मामला सामने आया। इसके अलावा अस्पतालों और सरकारी संस्थानों के लिए भेजी गई दवाओं के मूल लेबल हटाकर नए लेबल और मनमानी एमआरपी लगाकर खुले बाजार में बेचने का मामला भी पकड़ा गया।

 

आगरा में एक अन्य कार्रवाई में Telma-H और Jardiance जैसी दवाओं की कथित री-लेबलिंग तथा निरस्त या कागजी फर्मों के जरिए करीब 1.88 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग का खुलासा हुआ।

 

विभाग के अनुसार, आगरा में अब तक 3.63 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की अवैध, नकली तथा सरकारी/डिफेंस सप्लाई की दवाएं जब्त की जा चुकी हैं। मई 2026 में एक अवैध गोदाम से करीब 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की इंसुलिन, वैक्सीन और डिफेंस/ईएसआई

सप्लाई की दवाएं बिना आवश्यक कोल्ड-चेन के रखी मिली थीं। वहीं, करीब 50 लाख रुपये की नकली Oxalgin DP भी जब्त की गई थी।

 

दूसरे राज्यों तक फैले नेटवर्क की जांच

एफएसडीए अब नकली दवाओं के इस नेटवर्क के अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच कर रहा है। विभाग के मुताबिक लखनऊ के अमीनाबाद में एक अवैध गोदाम से बरामद नकली दवाओं के स्रोत की जांच राजस्थान तक पहुंची है। इस मामले में भूपेंद्र शर्मा और ट्रांसपोर्टर सतेन्द्र गुज्जर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है। देहरादून में कथित तौर पर विभिन्न ब्रांड की नकली दवाएं तैयार करने वाली एक अवैध निर्माण इकाई के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की गई है। मामले में राजेंद्र सिंह उर्फ अरुण टुंडा, विनय भटनागर, गौरव त्यागी और विनय चन्द्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

 

लाइसेंस निरस्तीकरण और एजेंटों पर भी होगी कार्रवाई

विभाग ने नकली और काउंटरफिट दवाओं की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए प्रदेशभर में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश डॉ. रोशन जैकब ने सभी जिलों के औषधि निरीक्षकों को अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े कारोबारियों, स्थानीय थोक फर्मों और एजेंटों पर लगातार निगरानी रखने को कहा है। उनके अनुसार, जांच में दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों के लाइसेंस निरस्त करने के साथ उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई भी की जाएगी। उद्देश्य नकली, अमानक, री-लेबल और अवैध दवाओं की सप्लाई चेन को उसके स्रोत तक पहुंचकर समाप्त करना है।