Stocks to Watch: 16 स्टॉक्स, Nifty की एक्सपायरी को Paytm, Milky Mist, Baazar Style समेत ये फोकस में

Stocks to Watch: कच्चे तेल में उबाल और अधिकतर एशियाई बाजारों में बिकवाली के दबावों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 74.50 प्वाइंट्स यानी 0.31% की गिरावट के साथ 24,300 पर है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज उठा-पटक दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 17 अगस्त को सेंसेक्स (Sensex) 281.09 प्वाइंट्स यानी 0.36% की गिरावट के साथ 77,728.16 और निफ्टी 78.35 प्वाइंट्स यानी 0.32% की फिसलन के साथ 24,287.65 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Indo-MIM

जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर इंडो-एमआईएम का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 31.6% बढ़कर ₹240.1 करोड़ और रेवेन्यू 9.4% उछलकर ₹1,218.7 करोड़ पर पहुंच गया।

One 97 Communications (Paytm)

सीएनबीसी-टीवी18 की सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट के अनुसार विजय शेखर शर्मा की पैरेंट और प्रमोटर कंपनी रेसिलिएंट एसेट मैनेजमेंट बीवी प्रति शेयर ₹1535 के फ्लोर प्राइस पर पेटीएम में 4.98% तक की हिस्सेदारी बेच सकती है।

SPR Auto Technologies

एसपीआर ऑटो टेक्नोलॉजीज ने 17 अगस्त को अपना QIP इश्यू लॉन्च किया, जिसका फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹4,438.20 तय किया गया है। सूत्रों के हवाले से CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी इसके जरिए लगभग ₹1,000 करोड़ जुटा सकती है।

Netweb Technologies India

नेटवेब टेक्नोलॉजीज इंडिया का क्यूआईपी इश्यू 17 अगस्त को प्रति शेयर ₹4,885.90 के फ्लोर प्राइस पर खुला। सूत्रों के हवाले से CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक इसके जरिए कंपनी लगभग ₹1,200 करोड़ जुटा सकती है।

Jyoti CNC Automation

ज्योति सीएनसी ऑटोमेशन को राजकोट में मौजूद अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में अगले पांच वर्षों में ₹1,020.65 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत मंज़ूरी मिल गई है। इस स्कीम के तहत कंपनी निवेश पर 25% तक के कैपेक्स इंसेंटिव के लिए एलिजिबल होगी।

Manipal Health Enterprises

मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज ने बेंगलुरु के डोड्डानेकुंडी इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित किंडर हॉस्पिटल के पूरे बिजनेस ऑपरेशन और एसेट्स को ₹130 करोड़ में खरीदने के लिए किंडोरामा हेल्थकेयर के साथ एक बिजनेस ट्रांसफर एग्रीमेंट साइन किया है।

Highway Infrastructure

हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को तमिलनाडु में ‘पालयम फी प्लाजा’ के ऑपरेशंस के लिए ₹80.17 करोड़ का LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) मिला है। यह LOA (लेटर ऑफ अवार्ड) NHAI ने जारी किया था।

Embassy Office Parks REIT

अमेरिका की प्राइवेट इन्वेस्टमेंट फर्म बेन कैपिटल ने अपनी सहयोगी कंपनी APAC Company XXIII के जरिए एम्बेसी ऑफिस पार्क्स REIT के 2.67 करोड़ यूनिट्स ₹435.05 के भाव और 2.67 करोड़ यूनिट्स ₹435.01 के भाव पर बेच दिए। इसने कुल मिलाकर 5.63% होल्डिंग ₹2,325.28 करोड़ में बेचे हैं।

Baazar Style Retail

क्युपिड के प्रमोटर आदित्य कुमार हलवासिया ने बाजार स्टाइल रिटेल के प्रमोटर्स- भगवान प्रसाद, सिद्धार्थ सुराना और श्रेयांस सुराना से 45 लाख शेयर (5.91% हिस्सेदारी) ₹162.9 करोड़ में प्रति शेयर ₹362 के भाव पर खरीदे।

LEAP India

सिंगापुर सरकार ने लीप इंडिया के 22.15 लाख शेयर (0.5% हिस्सेदारी) ₹34.39 करोड़ में प्रति शेयर ₹155.28 के भाव पर खरीद लिए।

RPP Infra Projects

दिवा प्रोजेक्ट्स ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के अतिरिक्त 8.51 लाख शेयर (1.7% हिस्सेदारी) ₹4.99 करोड़ में प्रति शेयर ₹58.67 के भाव पर खरीदे। वहीं प्रमोटर यगावी एन ए ने 8.95 लाख शेयर (1.8% हिस्सेदारी) ₹5.25 करोड़ में ₹58.68 के भाव पर बेच दी।

Ponni Sugars (Erode)

प्रमोटर शेषशायी पेपर एंड बोर्ड्स ने पोन्नी शुगर्स (इरोड) के 2.9 लाख शेयर (3.37% हिस्सेदारी) ₹10.15 करोड़ में प्रति शेयर ₹350 के भाव पर खरीदे। वहीं इन्वेस्टर अत्यंत कैपिटल इंडिया फंड I ने 3.13 लाख शेयर (3.6% हिस्सेदारी) ₹10.96 करोड़ में प्रति शेयर ₹349.85 के भाव पर बेचे। जून 2026 तक अत्यंत कैपिटल इंडिया फंड की कंपनी में 9.46% हिस्सेदारी थी।

Kesar India

मिनर्वा वेंचर्स फंड ने नागपुर की रियल एस्टेट डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन कंपनी केसर इंडिया इंडिया के 11.78 लाख शेयर (3.76% होल्डिंग) फोर्ब्स ईएमएफ से ₹149.01 करोड़ में प्रकि शेयर ₹1,265 के भाव पर खरीदे। जून 2026 तक केसर इंडिया में मिनर्वा वेंचर्स फंड की 3.51% और फोर्ब्स ईएमएफ की 4.25% हिस्सेदारी थी।

VISA Chrome

एसेट्स केयर एंड रीकंस्ट्रक्शन एंटरप्राइज ने वीजा क्रोम के 78.93 लाख शेयर ₹30 करोड़ में बेचे। वहीं महा इंवेस्टमेंट फंड पीसीसी-ओनिक्स स्ट्रैटेजी ने 78.94 लाख शेयर ₹30 करोड़ में यानी प्रति शेयर ₹38 के भाव पर खरीदे।

Milky Mist Dairy Food

आईपीओ को 59 गुना बोली मिलने के बाद मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयर आज बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे। इसके शेयर ₹140 के भाव में जारी हुए हैं।

Sham Foam

आईपीओ को 2.40 गुना बोली मिलने के बाद शैम फोम के शेयर ₹130 के भाव पर जारी हुए और अब इसकी बीएसई एसएमई पर एंट्री होगी।

इन स्टॉक्स पर भी फोकस

एक्स-डिविडेंड: ECOS (इंडिया) मोबिलिटी एंड हॉस्पिटैलिटी, एलिक्सिर कैपिटल, इंडिया जिलेटिन एंड केमिकल्स, महानगर गैस, NGL फाइन केम, रॉसेल इंडिया, रूट मोबाइल, रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL), सोधानी एकेडमी ऑफ फिनटेक इनेबलर्स, शेषासाई टेक्नोलॉजीज, सन टीवी नेटवर्क, सिर्मा SGS टेक्नोलॉजी, फोर्ब्स प्रिसिजन टूल्स एंड मशीन पार्ट्स, वसुंधरा रसायन

इनकम डिस्ट्रीब्यूशन की एक्स-डेट: सिटियस ट्रांसनेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट

कैपिटल रिडक्शन की एक्स-डेट: आशुतोष पेपर मिल्स

बाय बैक की एक्स-डेट: इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट

स्प्लिट की एक्स-डेट: किर्लोस्कर न्यूमैटिक कंपनी

F&O Ban: बंधन बैंक, एलआईसी, मणप्पुरम फाइनेंस और SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Crude Oil Price: ईरान-US में तनाव बढ़ने क्रूड में भारी उछाल, $91 के पार पहुंचा भाव

US-Iran war: मंगलवार को तेल की कीमतें बढ़ गई। मिडिल ईस्ट में चल रहे झगड़े को खत्म करने के लिए किसी समझौते की उम्मीद कम हो गई। ईरान ने ज़्यादा आक्रामक रुख दिखाया और US ने युद्धविराम को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। इन घटनाक्रमों ने एनर्जी सप्लाई में रुकावट की आशंकाओं को बढ़ा दिया।

पिछले सेशन में 30 जुलाई के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 27 सेंट या 0.3% बढ़कर $91.14 प्रति बैरल हो गए। US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 42 सेंट बढ़कर $85.04 प्रति बैरल हो गए, जबकि इससे पहले इसमें 1% से ज़्यादा की बढ़त हुई थी और यह $85.37 तक पहुंच गया था, जो 31 जुलाई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था।

 कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?

US प्रेसिडेंट द्वारा बताए गए मेमोरैंडम पर जून में साइन किए गए थे और तकनीकी रूप से, इसकी समय सीमा सोमवार को खत्म हो गई।

हालांकि, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ समेत कई अहम मुद्दों पर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच गहरी असहमति बनी हुई है। ईरान अभी इस अहम समुद्री रास्ते के मैनेजमेंट को लेकर ओमान के साथ बातचीत कर रहा है, जबकि US इस बातचीत में शामिल नहीं है। फॉक्स न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ओमान ने US के नेतृत्व वाली नाकेबंदी में दखल दिया तो वे ओमान पर बम गिरा देंगे।

US अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि वॉशिंगटन इस झगड़े को खत्म करने की कोई जल्दबाजी में नहीं है, जो अब छठे महीने में प्रवेश कर रहा है। एनर्जी सेक्रेटरी क्रिस राइट ने फॉक्स न्यूज़ को बताया कि US ईरान से निपटने के लिए लंबे समय का नज़रिया अपना रहा है, जबकि दूत जेरेड कुशनर ने कहा कि ट्रंप समझौते के लिए धैर्य रखने को तैयार हैं।

इस साल क्रूड ऑयल की कीमतें लगभग 50% बढ़ गई हैं क्योंकि लंबे समय से चल रहे युद्ध ने मिडिल ईस्ट से एनर्जी की सप्लाई में रुकावट पैदा की है। हालांकि, पर्शियन गल्फ के प्रोड्यूसर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ज़रिए तेल भेजने और इंटरनेशनल मार्केट में सप्लाई करने के ज़्यादा असरदार तरीके ढूंढते दिख रहे हैं। सऊदी अरब अब ऐसे कार्गो की पेशकश कर रहा है जो चोकपॉइंट के बाहर से आते हैं, जिससे पता चलता है कि किंगडम तेल एक्सपोर्ट करने के लिए UAE की तरह वैकल्पिक रास्ते खोजने की रणनीति अपना सकता है।

“आज ब्रेंट की कीमतें बढ़कर $89.5 प्रति बैरल हो गईं और WTI $83 के पार पहुंच गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि US-ईरान तनाव कम करने के लिए किसी समझौते की उम्मीदें कम होती जा रही हैं, साथ ही लेबनान में नई लड़ाई और होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर लगातार हमलों के कारण सप्लाई का रिस्क बना हुआ है।

US-ईरान के बीच अंतिम समझौते के लिए तय 60 दिन की समय-सीमा बिना किसी समझौते के खत्म हो गई, और ट्रेजरी सेक्रेटरी बेसेंट द्वारा ईरान पर लगाए जाने वाले अभूतपूर्व प्रतिबंधों की घोषणा – जिनकी उम्मीद इस हफ्ते थी,अभी भी बाकी है। होर्मुज की स्थिति, खत्म हो चुकी समय-सीमा और संभावित प्रतिबंधों को देखते हुए कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की AVP कायनात चेनवाला ने कहा अगर तनाव बढ़ता है या प्रतिबंधों के कारण स्थिति बिगड़ती है तो कच्चे तेल की कीमत $95 तक जा सकती है, जबकि हमलों में कमी आने पर कीमतों में बढ़ोतरी सीमित हो सकती है।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ट्रम्प ने ओमान पर बमबारी की धमकी दी:कहा- ईरान मुद्दे पर बीच में न आए; IRGC का अमेरिका से बातचीत का दावा खारिज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर ओमान को बमबारी की धमकी दी है। फॉक्स न्यूज के मुताबिक, ट्रम्प ने कहा कि अगर ओमान अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में बाधा बना, तो अमेरिका उस पर ‘बमबारी करेगा’। रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को फोन पर हुई बातचीत में ट्रम्प ने यह धमकी दी। हालांकि, ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि ओमान ने ऐसा क्या किया था जिसे वह रुकावट मान रहे हैं। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अमेरिका का ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के साथ सीक्रेट बातचीत जारी है। हालांकि, IRGC ने कुछ देर बाद ही ट्रम्प के इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि अमेरिका के साथ उसकी कोई बातचीत नहीं हो रही है। अमेरिका-ईरान की बातचीत में ओमान मध्यस्थ देश ओमान लंबे समय से खुद को इस संघर्ष में तटस्थ देश बताता रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में भी वह मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद ईरान की ओर से ओमान पर कई हमले हुए, लेकिन इसके बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत कराने में उसकी भूमिका बनी रही। ट्रम्प का बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब उन्होंने मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे ओमान को सीधे सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। होर्मुज स्ट्रेट पर टिकी है पूरी बातचीत ओमान इस समय होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के मुद्दे पर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में अहम भूमिका निभा रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही काफी हद तक रोक रखी है। दुनिया 20% कच्चा तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसलिए इस समुद्री मार्ग को दोबारा खोलना दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। ईरान बोला- जहाजों के रास्ते पर समझ बनी ट्रम्प की धमकी से कुछ घंटे पहले ईरान ने दावा किया था कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समझ बन गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने सोमवार को तेहरान में पत्रकारों से कहा कि दोनों पक्ष जहाजों के आने-जाने के रास्ते पर सहमत हो गए हैं। अब सिर्फ बाकी तकनीकी और प्रशासनिक विवरण तय किए जाने हैं, जिसके बाद संयुक्त बयान जारी किया जाएगा। IRGC ने ट्रम्प के दावे को झूठ बताया ट्रम्प के इस दावे को ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम न्यूज के हवाले से IRGC ने खारिज कर दिया। IRGC के एक प्रवक्ता ने कहा कि उसके अधिकारियों और अमेरिका के बीच किसी तरह की बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने ट्रम्प के बयान को झूठ बताते हुए कहा कि यह युद्ध में हार और निराशा से पैदा हुई उनकी कल्पना है। IRGC ईरान की सबसे प्रभावशाली सैन्य संस्थाओं में से एक है। देश की सुरक्षा, राजनीति और अर्थव्यवस्था में भी उसकी अहम भूमिका मानी जाती है। होर्मुज स्ट्रेट खोलने के बदले मुआवजा चाहता है ईरान ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस महीने की शुरुआत में कह चुके हैं कि होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका ईरान को मुआवजा देता है या नहीं। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने दोनों देशों के बीच हुए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का उल्लंघन किया है। रॉयटर्स ने पहले एक ईरानी अधिकारी के हवाले से बताया था कि ईरान चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों के माल की कीमत का 5 से 7% शुल्क लिया जाए। ट्रम्प बोले- युद्ध खत्म करने की कोई जल्दी नहीं फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि उन्हें ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की कोई जल्दी नहीं है। उन्होंने ईरान की तुलना अच्छे पोकर खिलाड़ी से करते हुए कहा कि ईरान के लोग अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन वे मर रहे हैं। ट्रम्प ने कहा कि उनकी कोई समय सीमा तय नहीं है। नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों का भी उनके फैसलों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने अमेरिका के हथियारों के भंडार को लेकर उठ रही चिंताओं को भी खारिज करते हुए कहा कि इस्तेमाल किए गए हथियार उसकी कुल सैन्य क्षमता के मुकाबले बहुत कम हैं। अमेरिका-ईरान के बीच 60 दिन का MoU आज खत्म हो रहा अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून को हुआ 60 दिन का एमओयू 17 अगस्त को खत्म हो रहा है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रखना और स्थायी समझौते तक पहुंचना था। हालांकि, दोनों देशों ने बाद में एक-दूसरे पर फिर हमले शुरू कर दिए और 8 जुलाई को ट्रम्प ने युद्धविराम खत्म होने का ऐलान कर दिया। अब MoU की अवधि पूरी होने के बीच दोनों देशों के बीच बातचीत का सबसे अहम मुद्दा फिर से होर्मुज स्ट्रेट को खोलना बना हुआ है। ट्रम्प ने फिर दोहराया- ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे MoU की अवधि खत्म होने से पहले ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता यही रहेगी कि ईरान किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार हासिल न कर सके। यानी एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, वहीं दूसरी तरफ ट्रम्प ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपना सख्त रुख भी बनाए हुए हैं।

नेपाल ने भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को दिया बड़ा सम्मान, नेपाली आर्मी, भारत संग रिश्ते को नई ताकत देने की कवायद

भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने नेपाली सेना के जनरल का मानद पद दिया। यह सम्मान काठमांडू के राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक विशेष समारोह में दिया गया। यह सम्मान भारत और नेपाल की सेनाओं के बीच लंबे समय से चली आ रही खास परंपरा का हिस्सा है। दोनों देशों की सेनाओं के प्रमुखों को एक-दूसरे की सेना में मानद पद देने की परंपरा रही है।

नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने  मानद पद दिया

जनरल धीरज सेठ सोमवार को तीन दिन की आधिकारिक यात्रा पर नेपाल पहुंचे हैं। उनकी यह यात्रा 17 से 19 अगस्त तक है। इसका मकसद भारत और नेपाल के बीच सैन्य संबंधों को और मजबूत करना है। यात्रा के दौरान उन्होंने काठमांडू स्थित नेपाली सेना के मुख्यालय में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने टुंडिखेल के आर्मी पैवेलियन में जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी।

रक्षा मंत्रालय ने जनरल धीरज सेठ की नेपाल यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वह अपने नेपाली समकक्ष के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करेंगे। इसके अलावा, वह नेपाली सेना के सैन्य संचालन महानिदेशक से दोनों देशों के रणनीतिक हित से जुड़े मामलों पर जानकारी लेंगे।

जनरल धीरज सेठ की कहानी

18 अगस्त को जनरल धीरज सेठ शिवपुरी स्थित आर्मी कमांड एंड स्टाफ कॉलेज के अधिकारियों को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह कॉलेज के प्रशिक्षकों और विदेशी अधिकारियों से भी बातचीत करेंगे। इसके अलावा, नेपाल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारत-नेपाल के द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। 19 अगस्त को अपनी यात्रा के आखिरी दिन सेना प्रमुख पोखरा जाएंगे। यहां वह पूर्व सैनिकों के एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वह वीर नारियों और वीरता पुरस्कार पाने वाले लोगों को सम्मानित करेंगे। भारत लौटने से पहले वह नेपाल में रहने वाले भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों से भी मुलाकात करेंगे।

भारत-नेपाल के बीच रिश्ते मजबूत

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से मजबूत ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। दोनों देशों के इस रिश्ते को अक्सर ‘रोटी-बेटी का रिश्ता’ कहा जाता है। जनकपुर-अयोध्या और लुंबिनी-बोधगया जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध दोनों देशों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं। भारत और नेपाल लोकतांत्रिक मूल्यों, क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को लेकर भी एक जैसी सोच रखते हैं। मंत्रालय के मुताबिक, जनरल धीरज सेठ की नेपाल यात्रा दोनों देशों की सेनाओं और जनता के बीच पुराने संबंधों को और मजबूत करने का मौका है। इससे भारत और नेपाल की सेनाओं के बीच सहयोग के नए रास्ते भी खुल सकते हैं।

जनरल धीरज सेठ को परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने अपने सैन्य करियर की शुरुआत नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला से की थी। दिसंबर 1986 में उन्हें आर्म्ड कॉर्प्स में कमीशन मिला था। ईमानदारी, कड़ी मेहनत, निस्वार्थ सेवा और सेना के प्रति समर्पण ने जनरल धीरज सेठ को एक कुशल और अनुभवी सैन्य अधिकारी बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने अपने लंबे सैन्य करियर में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं।

बीजेपी की नई टीम का ऐलान, युवा और अनुभवी नेतृत्व का उचित संतुलन

अटकलों का दौर खत्म हुआ। लंबे इंतजार के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नबीन की टीम का ऐलान आखिरकार हो ही गया। बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की लिस्ट से साफ है कि नीतिन नबीन की इस नयी टीम में निरंतरता के साथ साथ परिवर्तन का भी एक बड़ा संतुलन बना कर रखा गया है। इसमें 40 वर्ष से कम उम्र के 6 सदस्य, 40-49 की आयु के 15 और 50-59 साल के 21 सदस्यों को स्थान मिला है। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपनी टीम के गठन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का सहयोग मिला।

संदेश साफ है कि 2029 को ध्यान में रख कर ये टीम बनायी गयी है। इसमें 13 उपाध्यक्ष, 8 महासचिव, एक संगठन महासचिव, दो सह संगठन महासचिव, 16 सचिव, और केन्द्रीय मंत्री पियुष गोयल को एक बार फिर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। बीएल संतोष बतौर समगठन महामंत्री और साथ ही सौदान सिंह और शिव प्रकाश बतौर सह संगठन महामंत्री अपना काम करते रहेंगे। पूर्व महासचिव महासचिव तरुण चुघ को केन्द्रीय कार्यालय का प्रभारी बनाया गया है। विष्णु दत्त शर्मा को सभी सेलों और प्रकोष्ठों का प्रभारी बनाया गया है जबकि संबित पात्रा को पूर्वोत्तर का प्रभारी बनाया गया है। जानते हैं कि क्या है इस नयी टीम का क्या है संदेश–

अनुभवी औऱ युवा नेतृत्व का संतुलन

नयी टीम की सबसे महत्वपूर्ण बात है पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं प्रखर वक्ता स्मृति ईरानी की महामंत्री के रूप में वापसी। 2024 के लोकसभा चुनावो की हार के बाद स्मृति ईरानी थोड़ी हाशिए पर थीं। लेकिन बतौर स्टार प्रचारक पार्टी उनको कभी नहीं भूली थी। जेपी नड्डा के अध्यक्ष काल में संगठन से बाहर हुए संघ के प्रचारक रहे लेखक-चिंतक राम माधव की उपाध्यक्ष के रूप में वापसी हुई है। जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों में भगवा लहराने वाले राम माधव की संगठनात्मक कुशलता का लाभ भी पार्टी को मिलने वाला है। एबीवीपी कार्यकर्ता रहे विनोद तावड़े को उनके कुशल सांगठनिक क्षमता के लिए फिर से महामंत्री बनाया गया हो तो दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में भारी विजय दिलाने वाले सुनील बंसल को दुबारा महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

आदिवासी समाज के गजेंद्र पटेल को मिली महामंत्री की जिम्मेदारी दी गयी है तो उत्तर पूर्व से युवा नेता मृगांक बर्मन बने राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद और युवा नेता संगीता यादव बनी राष्ट्रीय सचिव बनायी गयीं हैं। अनुभव की बात करें तो 3 पूर्व मुख्यमंत्रियों को भाजपा की राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और कद्दावर नेता वसुंधरा राजे सिंधिया, उत्तराखंड के पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत और त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लव देब का अनुभव संगठन में खासा काम आने वाला है।

समाज के सभी वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व

नितिन नबीन ने आला नेताओं से चर्चा के बाद तमाम क्षेत्रों और समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए ये कोशिश की कि टीम में एक सामंजस्य़ बना रहे और देश भर में सही संदेश जाए। अरसे से बात चल रही थई कि उत्तर प्रदेश में अग़डे नाराज है या फिर ब्राह्मण नाराज हैं। लेकिन नयी टीम मे उत्तर प्रदेश से आने वाले हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव बना कर चुनावों से पहले अगड़ों को भी एक संदेश दे दिया है। दूसरी तरफ लिस्ट के मुताबिक लगभग 40 फीसदी से ज्यादा नयी टीम के सदस्य वंचित समाज से है। नागालैंड से राज्यसभा सांसद फांगनोन कोन्याक को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। आंध्र प्रदेश से डी पुरंदेश्वरी बनी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और तमिलनाडु के मा व्यंकटेशन बने राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है।

अल्पसंख्यक समाज से आने वाले उत्तर प्रदेश के प्रोफेसर तारीक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। उत्तर प्रदेश के कूुंवर बसित अली तो अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। सरदार मनप्रीत सिंह बादल को उपाध्यक्ष बनाया गया है। गुजरात के डाक्टर हेमांग जोशी को युवा मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। हेमांग जोशी अब कर्नाटक के तेजस्वी सूर्या की जगह लेंगे।

संगठन और प्रोफेशनल विशेषज्ञों का उचित समन्वय

संघ के प्रचारक और प्रवक्ता रहे राम माधव की टीम में वापसी संघ और संगठन के बीच सामंजस्य तो जोड़ती ही रहेगी और साथ ही उनकी संगठनात्मक क्षमता का उपयोग उन इलाकों में काम आएगा जहां पार्टी कमजोर है। बंगाल चुनावों में संगठन को मजबूत करने वाले नेता सुनील बंसल पुनः महासचिव बने हैं। जेएनयू में एबीवीपी कार्यकर्ता रहे और वर्तमान में दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ स्वदेश सिंह भाजपा की नई टीम में राष्ट्रीय सचिव, कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ मधुचंद्रा कर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, कर्नाटक के प्रोफेसर M नागराज, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए हैं।

मीडिया और सोशल मीडिया संभालने के लिए भी नयी टीम लेकिन नेतृत्व अनुभवी हाथों में

अब तक मीडिया प्रमुख का पद संभाल रहे पौड़ी से सांसद अनिल बलूनी को एक बार फिर मीडिया का राष्ट्रीय सयोजन बनाया गया है। उनके साथ हरियाणा के सिद्धार्थ यादव, दिल्ली के प्रदीप भंडारी और मध्य प्रदेश के आशीष उषा अग्रवाल को सह संयोजक बनाया गया है। इसमे पहले के उप मीडिया प्रमुख संजय मयूख को उनके पद से मुक्त कर दिया गया है। अब वे बिहार में विधायक के तौर पर अपनी राजनीति करेंगेे। सोशल नीडिया की टीम के प्रमुख के पद से अमित मालविय को मुक्त किया गया है औऱ उनकी जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को संयोजक बनाया गया है।

नजर 2029 पर है और जिम्मेदारी इस युवा टीम पर। नीतीन नबीन को इस युवा और अनुभवी टीम को फ्रंट से लीड करना होगा ताकि पहली चुनौती जो अगले साळ कई यूपी, पंजाब, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में होने वालों चुनावों में बीजेपी का भगवा फिर से लहराने लगे।

Ram Gopal Varma: ‘मैं मरे हुए लोगों के बारे में नहीं सोचता’, जानें श्रीदेवी की बर्थ एनिवर्सरी पर ऐसा क्यों बोले राम गोपाल वर्मा

राम गोपाल वर्मा ने धीरज यू. कुमार की लिखी श्रीदेवी की बायोग्राफी ‘द एम्प्रेस’ (The Empress) के बारे में अपनी राय दी है। इस किताब की घोषणा प्रियंका चोपड़ा ने श्रीदेवी के जन्मदिन पर की थी। ‘वैरायटी इंडिया’ से बात करते हुए वर्मा ने बताया कि उन्होंने इस किताब के लिए एक चैप्टर लिखा है। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया है कि उनका चैप्टर ‘सबसे अच्छा’ है, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा, “हो सकता है कि वे हर उस व्यक्ति से यही कहते हों जिसने इसमें योगदान दिया है।”

श्रीदेवी की बायोग्राफी और उसके नाम के बारे में बात करते हुए फिल्ममेकर ने कहा, “मुझे नहीं पता था कि इसका नाम ‘एम्प्रेस’ है। क्या इसका नाम ‘एम्प्रेस’ है? ठीक है, शायद वह वैसी ही थीं। हालांकि, मैं ‘स्क्रीन क्वीन’ नाम को ज़्यादा पसंद करता, क्योंकि वह वैसी ही थीं। बाकी सभी तो उनके बाद आए।”

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर कुछ खास किया या उनकी फिल्में देखीं, तो वर्मा ने कहा, “नहीं! मैं मरे हुए लोगों के बारे में बिल्कुल नहीं सोचता। एक बार जब वे चले जाते हैं, तो वे मेरी ज़िंदगी से बाहर हो जाते हैं। मरे हुए लोगों के बारे में सोचने के बजाय मैं अपनी ज़िंदगी पर ध्यान देना पसंद करता हूं। मैं हर्षवर्धन राणे के साथ अपनी फिल्म ‘पुलिस कंपनी’ की शूटिंग में पूरी तरह बिज़ी हूं।”

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने उनकी फिल्में देखी हैं और बताया, “उनके गुज़रे हुए कई साल हो गए हैं। आज भी, मैं यह समझ नहीं पाता कि उन्होंने स्क्रीन पर क्या किया था। जैसे, ‘मिस्टर इंडिया’ में चार्ली चैपलिन वाला सीन… ऐसी चीज़ के पीछे की कला को समझना नामुमकिन है। मैंने जितने भी एक्टर्स को डायरेक्ट किया है, उनमें वह सबसे जबरदस्त थीं।”

श्रीदेवी के बारे में बात करते हुए, उन्होंने एक्ट्रेस के साथ अपनी पहली मुलाकात को याद किया और कहा, “मैं उन्हें साइन करने के लिए चेन्नई में उनके घर गया था। मैं उनकी मां के साथ लिविंग रूम में बैठा था, जबकि श्रीदेवी फ़्लाइट पकड़ने के लिए पैकिंग कर रही थीं और बीच-बीच में कमरे में आ-जा रही थीं। जब भी वह कमरे में आती थीं, तो ऐसा लगता था जैसे ताज़ी, स्फूर्तिदायक हवा का झोंका आ गया हो। मैं चाहता हूँ कि वह फिर से धरती पर आएं। बस एक बार। ताकि दुनिया को पता चल सके कि वह सच में थीं।”

श्रीदेवी के बारे में

जानकारी के लिए बता दें कि श्रीदेवी का निधन 24 फरवरी 2018 को दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में 54 साल की उम्र में हुआ था। ‘मिस्टर इंडिया’, ‘चांदनी’ और ‘हिम्मतवाला’ जैसी फिल्मों में अपने किरदारों के लिए मशहूर इस एक्ट्रेस की मौत कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) की वजह से हुई थी।

वह दुबई में अपने रिश्तेदार और एक्टर मोहित मारवाह की शादी में शामिल होने गई थीं, तभी यह दुखद घटना हुई। उस समय की खबरों के मुताबिक, श्रीदेवी अपने होटल के कमरे में गिर पड़ी थीं। मेडिकल टीम ने उन्हें होश में लाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। बाद में अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

​यूपी के अंबेडकर नगर में IPS आशुतोष मिश्र की मां की हत्या, जेवरात लूटे, हाथ पर मिला इंजेक्शन का निशान

​यूपी के अंबेडकर नगर में IPS आशुतोष मिश्र की मां की हत्या, जेवरात लूटे, हाथ पर मिला इंजेक्शन का निशान

IPS Mishra mother Murder in UP

IPS Ashutosh Mishra Mother Murder in UP: ​उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर में बेखौफ बदमाशों ने एक दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया है। लखनऊ में तैनात आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्र की मां इंद्रा देवी की उनके ही घर में लूटपाट के दौरान बेरहमी से हत्या कर दी। बदमाशों ने वृद्धा के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, शरीर से सोने के तमाम कीमती आभूषण निकाल लिए और कमरे का दरवाजा बाहर से बंद करके फरार हो गए।

​स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में हुई थीं शामिल

अम्बेडकर नगर के मालीपुर (धवरुआ मजरे रूढ़ा गांव) स्थित गजाधरनाथ मर्यादा इंटर कॉलेज में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम था। आईपीएस आशुतोष मिश्र अपनी मां इंद्रा देवी के साथ कार्यक्रम में शामिल होने गांव आए थे। शनिवार शाम 6 से 7 बजे के बीच आईपीएस मिश्र लखनऊ लौट गए, जबकि मां इंद्रा देवी स्कूल में चल रहे अधूरे वायरिंग के काम को पूरा कराने के लिए वहीं रुक गईं। ALSO READ: योगी सरकार का भूमाफियाओं पर बड़ा एक्शन, 2 लाख एकड़ जमीन कराई कब्जामुक्त, अब बनेगा यूपी का बड़ा ‘लैंडबैंक’

 

​आईपीएस आशुतोष मिश्र ने शनिवार रात 10 बजे लखनऊ से मां से फोन पर बात की थी। लेकिन रविवार सुबह 6 बजे जब उन्होंने दोबारा कॉल किया, तो कोई जवाब नहीं मिला। सुबह करीब 9 बजे जब काम करने वाली महिला पियारी देवी पहुंची, तो मुख्य दरवाजा बाहर से बंद था। अंदर जाने पर उसने देखा कि इंद्रा देवी हाल में बेड पर पड़ी थीं और उनके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। पड़ोसी राम नायक ने मौके पर पहुंचकर मुंह से कपड़ा निकाला, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।

​शरीर पर इंजेक्शन और खरोंच के निशान

दोपहर करीब 1 बजे आईपीएस आशुतोष मिश्र गांव पहुंचे। इंद्रा देवी के शरीर से सोने की चेन, कंगन, कुंडल और अंगूठी जैसे भारी आभूषण गायब थे। जांच के दौरान उनके हाथ पर इंजेक्शन लगाने का निशान और शरीर पर खरोंच के निशान भी मिले हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या से पहले उन्हें बेहोश करने या जहर देने की कोशिश की गई थी।

​शीर्ष अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही एसपी प्राची सिंह, एएसपी डॉ. तेजवीर सिंह, सीओ अनूप सिंह और थानाध्यक्ष शशांक शुक्ल ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से मुआयना किया। ​शाम करीब 6 बजे अयोध्या जोन के डीआईजी सोमेन बर्मा ने घटनास्थल और छत का गहन निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीमों को साक्ष्य जुटाने के सख्त निर्देश दिए। आईपीएस पुत्र आशुतोष मिश्र की तहरीर पर पुलिस ने लूट और हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि बदमाशों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Iran-US War Update: ईरान ने अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़ने पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया, महिलाओं को देगा दोगुनी रकम

Iran-US War News Update: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच तेहरान ने एक बड़ा और बेहद चौंकाने वाला ऐलान किया है। ईरान ने अमेरिकी सैनिक को मारने या पकड़कर ईरानी सेना को सौंपने वाले व्यक्ति को 30 हजार अमेरिकी डॉलर (करीब 25 लाख रुपये) का इनाम देने की घोषणा की है। खास बात यह है कि अगर यह कार्रवाई किसी ईरानी महिला द्वारा की जाती है, तो उसे इनाम की रकम दोगुनी दी जाएगी।

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरानी सेना के प्रमुख अमीर हातमी ने इस इनाम की घोषणा की है। हातमी ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने इस तरह की कार्रवाई में शामिल होने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिकी सैनिक को पकड़ने या मारने की कार्रवाई कहां और कब की जानी है।

अमेरिकी सैनिक को पकड़ने पर भी मिलेगा इनाम

हातमी ने कहा कि जो भी व्यक्ति किसी आक्रमणकारी अमेरिकी सैन्यकर्मी को मारता है या पकड़कर ईरानी सेना को सौंपता है, उसे 30 हजार डॉलर या 5 अरब तोमान का इनाम दिया जाएगा। ईरान में तोमान एक अनौपचारिक करेंसी है, जिसका इस्तेमाल आम तौर पर रियाल के साथ किया जाता है। ईरानी सेना प्रमुख ने इसके साथ ही महिलाओं के लिए अलग घोषणा करते हुए कहा कि यदि कोई बहादुर ईरानी महिला ऐसी कार्रवाई करती है, तो उसे दोगुना इनाम दिया जाएगा।

अमेरिका को क्षेत्र छोड़ने की चेतावनी

इनाम की घोषणा के साथ ही हातमी ने अमेरिका को क्षेत्र से अपनी सेना हटाने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेनाओं को अब फारस की खाड़ी, ओमान की खाड़ी या स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एंट्री करने की अनुमति नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य एवं राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है। हालांकि, संघर्ष के दौरान ईरान के भीतर अमेरिकी जमीनी सैनिकों की किसी बड़ी तैनाती की जानकारी सामने नहीं आई है।

ईरान में अमेरिकी जमीनी सैनिकों की तैनाती नहीं

रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में एक बड़े बचाव अभियान के दौरान करीब 200 अमेरिकी सैन्यकर्मी और 170 से अधिक विमान शामिल हुए थे। इस अभियान का उद्देश्य हादसे का शिकार हुए F-15 के वेपन सिस्टम ऑफिसर को सुरक्षित निकालना था। इसके अलावा ईरान के अंदर अमेरिकी जमीनी सैनिकों की किसी बड़ी तैनाती की जानकारी नहीं है। ऐसे में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए इनाम की घोषणा का ऐलान खास तौर पर तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

कैसे शुरू हुआ अमेरिका-ईरान संघर्ष?

अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ, जब अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरान के खिलाफ हमले किए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच लड़ाई जारी रही। बाद में अप्रैल में संघर्ष विराम हुआ। इसके बाद जून में शांति वार्ता के लिए एक संभावित ढांचा तैयार करने की कोशिश की गई। लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी और प्रयास विफल हो गया।

इसके बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच छिटपुट सैन्य हमले जारी रहे हैं। खासकर दक्षिणी ईरान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास तनाव देखने को मिला है। हालांकि मध्यस्थों के जरिए दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष संपर्क जारी रहने की बात कही गई है, लेकिन अब तक कोई बड़ा कूटनीतिक समाधान सामने नहीं आया है।

संघर्ष में 17 अमेरिकी जवानों की मौत

US मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 17 अमेरिकी सैन्यकर्मी मारे जा चुके हैं। इनमें सबसे हालिया मौतों की जानकारी जुलाई में सामने आई थी। बड़ी बात यह है कि इन सभी अमेरिकी सैन्यकर्मियों की मौत ईरान के बाहर हुई। इनमें जॉर्डन और इराक में मारे गए अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं।

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ईरान की ओर से अमेरिकी सैनिकों को मारने या पकड़ने पर इनाम की घोषणा ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव के साथ-साथ राजनयिक स्तर पर भी गतिरोध बना हुआ है। ऐसे में इस ऐलान से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल, ईरान के इस घोषणा पर अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पलटवार का इंतजार है।

कौन है दुनिया का सबसे पुराना देश? भारत, मिस्र, चीन समेत इन देशों इतिहास है हजारों साल पुराना

दुनिया भर में 200 से ज्यादा देश मौजूद हैं। वहीं दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जिनका इतिहास हजारों साल पुराना है। ये देश हजारों सालों से पुरानी सभ्यताओं, संस्कृति और परंपराओं को आज भी बनाए हुए है। मिस्र, भारत और चीन जैसे देशों से लेकर सैन मैरिनो तक, कई देशों ने सदियों के बदलाव के बावजूद अपनी अलग पहचान बनाए रखी है। क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया के सबसे पुराने देश कौन-कौन है। आइए जानते हैं दुनिया के कुछ सबसे पुराने देशों के बारे में, जिनका इतिहास आज भी लोगों को हैरान करता है।

दुनिया का सबसे पुराना देश कौन सा है, इसका कोई एक तय जवाब नहीं है। किसी देश की उम्र उसकी प्राचीन सभ्यता, राज्य के गठन या लंबे राजनीतिक इतिहास के आधार पर तय की जा सकती है। इसलिए कई देशों को दुनिया के सबसे पुराने देशों में गिना जाता है।

मिस्र (लगभग 3100 ईसा पूर्व): मिस्र का इतिहास हजारों साल पुराना है और इसे दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में गिना जाता है। नील नदी के किनारे विकसित मिस्र की सभ्यता अपनी भव्य वास्तुकला और संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। यहां के पिरामिड और प्राचीन मंदिर आज भी इसके समृद्ध इतिहास की गवाही देते हैं। इतिहासकारों के मुताबिक, करीब 3100 ईसा पूर्व राजा नार्मर के शासन में ऊपरी और निचले मिस्र का एकीकरण हुआ था, जिसे प्राचीन मिस्र के शुरुआती राजवंशीय दौर की शुरुआत माना जाता है।

भारत (लगभग 3300 ईसा पूर्व): भारत को दुनिया के सबसे पुराने देशों में से एक माना जाता है। सिंधु घाटी सभ्यता तक जाती हैं। करीब 3300 ईसा पूर्व के आसपास विकसित हुई सिंधु घाटी सभ्यता को दुनिया की शुरुआती शहरी सभ्यताओं में गिना जाता है। इसके बाद भारत में वैदिक काल के साथ कई राजवंशों और साम्राज्यों का विकास हुआ। प्राचीन भारत ने गणित, विज्ञान, चिकित्सा, दर्शन और साहित्य जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज भी देश की कई पुरानी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराएं लोगों के जीवन का हिस्सा हैं।

चीन (लगभग 2070 ईसा पूर्व): चीन का इतिहास दुनिया के सबसे पुराने इतिहासों में शामिल है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, शिया राजवंश की शुरुआत करीब 2070 ईसा पूर्व हुई थी। अलग-अलग राजवंशों ने चीन की संस्कृति और तकनीक को आगे बढ़ाया। कागज, छपाई, बारूद और कंपास जैसे आविष्कारों के लिए भी चीन प्रसिद्ध है।

जॉर्जिया (लगभग 1500 ईसा पूर्व): जॉर्जिया का इतिहास हजारों साल पुराना है और इसका संबंध कोल्चिस व आइबेरिया जैसे प्राचीन राज्यों से माना जाता है। कई साम्राज्यों के प्रभाव के बावजूद जॉर्जिया ने अपनी संस्कृति और पहचान को बनाए रखा है।

इथियोपिया (लगभग 980 ईसा पूर्व): इथियोपिया का इतिहास अफ्रीका के सबसे पुराने और समृद्ध इतिहासों में शामिल है। यहां कई प्राचीन राज्य और संस्कृतियां विकसित हुईं। यूरोपीय देशों के औपनिवेशिक विस्तार के दौर में भी इसने अपनी स्वतंत्र पहचान बनाए रखी, हालांकि 1936 से 1941 तक इटली ने यहां कब्जा किया था।

ग्रीस (लगभग 800 ईसा पूर्व): ग्रीस का प्राचीन इतिहास दुनिया की सबसे प्रभावशाली सभ्यताओं में गिना जाता है। दर्शन, विज्ञान, कला और राजनीति में इसके योगदान का असर आज भी दिखता है। सुकरात, प्लेटो और अरस्तू जैसे दार्शनिकों ने दुनिया की सोच को प्रभावित किया।

ईरान (लगभग 550 ईसा पूर्व): ईरान का इतिहास प्राचीन फारस से जुड़ा है। करीब छठी शताब्दी ईसा पूर्व में साइरस द ग्रेट ने अकेमेनिड साम्राज्य की नींव रखी, जो पश्चिम एशिया की बड़ी शक्तियों में शामिल था।

जापान (परंपरागत रूप से 660 ईसा पूर्व): जापान के इतिहास में 660 ईसा पूर्व का समय काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार, इसी समय सम्राट जिम्मू ने जापान की गद्दी संभाली थी। लेकिन, इतिहासकार इस तारीख को प्रमाणित नहीं मानते। जापान आज भी अपनी पुरानी संस्कृति और आधुनिक तकनीक के मेल के लिए जाना जाता है।

आर्मेनिया (पारंपरिक रूप से 2492 ईसा पूर्व): आर्मेनिया का इतिहास और संस्कृति काफी पुरानी है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, आर्मेनियाई लोगों का संबंध हायक नामक पूर्वज से जोड़ा जाता है। यह क्षेत्र कई प्राचीन राज्यों का केंद्र रहा है। करीब 301 ईस्वी में आर्मेनिया ने ईसाई धर्म को राजकीय धर्म बनाया था।

सैन मैरिनो (301 ईस्वी): इटली से घिरा सैन मैरिनो दुनिया के सबसे पुराने गणराज्यों में से एक है। मान्यता है कि सेंट मैरिनस ने 301 ईस्वी में इसकी स्थापना की थी। आज भी यह अपनी पुरानी राजनीतिक पहचान बनाए हुए है।

समय के साथ दुनिया में कई बड़े साम्राज्य आए और उनका अंत भी हुआ, लेकिन कुछ देशों ने अपनी पुरानी संस्कृति और विरासत को आज तक संभालकर रखा है। भारत, मिस्र और ग्रीस इसके प्रमुख उदाहरण हैं। इन देशों का लंबा इतिहास उनकी समृद्ध सभ्यता और परंपराओं की खास पहचान को दर्शाता है

Sunny Deol: ‘मेरा जमीर नहीं मानता…’, पान-मसाला के एड ठुकराने पर बोले सनी देओल

Sunny Deol: सनी देओल ने साफ कर दिया है कि पान मसाला के विज्ञापन करना एक ऐसी कैटेगरी है जिसमें उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं है। एक्टर का कहना है कि उन्हें ऐसे ऑफर मिले हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा उन्हें ठुकरा दिया है क्योंकि इस तरह के प्रोडक्ट का प्रमोशन करना उनकी अपनी सोच और मान्यताओं के खिलाफ है।

शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर बात करते हुए, सनी ने ब्रांड एंडोर्समेंट को लेकर अपने नजरिए के बारे में बताया और यह भी बताया कि क्यों कुछ बहुत फ़ायदेमंद ऑफ़र भी उन्हें पसंद नहीं आते। सनी देओल का कहना है कि वह कभी भी पान मसाला का विज्ञापन नहीं करेंगे।

जब उनसे खास तौर पर पान मसाला के विज्ञापनों से दूर रहने के बारे में पूछा गया, तो सनी ने कहा कि भविष्य में भी उनके इस रुख में कोई बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने कहा, “मैं पान मसाला के विज्ञापन नहीं करता और न ही कभी करूंगा। मैं ऐसी कोई चीज़ नहीं करूंगा। ऑफ़र तो आते हैं, लेकिन मैं नहीं करूंगा। मैं ऐसा कुछ नहीं करना चाहता जिसमें मेरा विश्वास न हो।”

एक्टर ने आगे कहा कि वह पान मसाला को प्रमोट करने लायक चीज़ नहीं मानते, जिससे ऐसे विज्ञापनों को लेकर उनका रुख बिल्कुल साफ़ हो गया है। सनी ने कहा, “मैं इन सब चीज़ों को नहीं मानता। मुझे नहीं लगता कि इसे बढ़ावा देना कोई अच्छी बात है।” एक्टर के मुताबिक, इसी सोच ने उनके कई दूसरे प्रोफेशनल फैसलों पर भी असर डाला है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई काम हैं जिन्हें उन्होंने सिर्फ़ इसलिए करने से मना कर दिया क्योंकि उनका ज़मीर उन्हें इसकी इजाजत नहीं देता था।

उन्होंने आगे कहा, “मैं कई काम इसलिए नहीं करता क्योंकि मेरा ज़मीर उन्हें मंज़ूरी नहीं देता, और जो काम करने होते हैं, उन्हें मैं कर लेता हूं।”बातचीत इस बात पर भी हुई कि एडवरटाइज़िंग की दुनिया में सनी कम ही नज़र आते हैं। जहां उनके साथ के कई कलाकार बड़े ब्रांड कैंपेन में लगातार दिखते हैं, वहीं सनी ने माना कि उन्हें खुद नहीं पता कि एडवरटाइज़र्स ने उनसे उतनी बार संपर्क क्यों नहीं किया।

उन्होंने कहा, “अगर मैं भारत का प्रतिनिधित्व करता हूं और बाकी चीज़ों का भी प्रतिनिधित्व करता हूं, तो भी किसी तरह ऐड मेरे पास नहीं आते। वे मेरे पास क्यों नहीं आते? मुझे कोई अंदाज़ा नहीं है।”सनी ने इस स्थिति की तुलना उस दौर से की जब उन्हें फ़िल्मों के ऑफ़र नहीं मिल रहे थे। उन्होंने कहा, “जैसे पहले फ़िल्में नहीं मिल रही थीं, वैसे ही विज्ञापनों के मामले में मुझे कुछ पता नहीं है।”

उनकी यह बात ऐसे समय में आई है जब बॉलीवुड सेलेब्रिटीज़ के पान मसाला से जुड़े ब्रांड्स का प्रचार करने को लेकर फिर से चर्चा हो रही है। महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने हाल ही में शाहरुख़ ख़ान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ़ को ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन में दिखने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

फ़िल्मों की बात करें तो सनी अभी ‘बंटवारा 1947’ में नज़र आ रहे हैं। इसके अलावा, एक्टर नितेश तिवारी की ‘रामायण’ में भी काम करने वाले हैं, जिसमें वे भगवान हनुमान का किरदार निभाएंगे।