बीजेपी की नई टीम का ऐलान, युवा और अनुभवी नेतृत्व का उचित संतुलन

अटकलों का दौर खत्म हुआ। लंबे इंतजार के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नबीन की टीम का ऐलान आखिरकार हो ही गया। बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की लिस्ट से साफ है कि नीतिन नबीन की इस नयी टीम में निरंतरता के साथ साथ परिवर्तन का भी एक बड़ा संतुलन बना कर रखा गया है। इसमें 40 वर्ष से कम उम्र के 6 सदस्य, 40-49 की आयु के 15 और 50-59 साल के 21 सदस्यों को स्थान मिला है। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष को अपनी टीम के गठन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का सहयोग मिला।

संदेश साफ है कि 2029 को ध्यान में रख कर ये टीम बनायी गयी है। इसमें 13 उपाध्यक्ष, 8 महासचिव, एक संगठन महासचिव, दो सह संगठन महासचिव, 16 सचिव, और केन्द्रीय मंत्री पियुष गोयल को एक बार फिर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है। बीएल संतोष बतौर समगठन महामंत्री और साथ ही सौदान सिंह और शिव प्रकाश बतौर सह संगठन महामंत्री अपना काम करते रहेंगे। पूर्व महासचिव महासचिव तरुण चुघ को केन्द्रीय कार्यालय का प्रभारी बनाया गया है। विष्णु दत्त शर्मा को सभी सेलों और प्रकोष्ठों का प्रभारी बनाया गया है जबकि संबित पात्रा को पूर्वोत्तर का प्रभारी बनाया गया है। जानते हैं कि क्या है इस नयी टीम का क्या है संदेश–

अनुभवी औऱ युवा नेतृत्व का संतुलन

नयी टीम की सबसे महत्वपूर्ण बात है पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं प्रखर वक्ता स्मृति ईरानी की महामंत्री के रूप में वापसी। 2024 के लोकसभा चुनावो की हार के बाद स्मृति ईरानी थोड़ी हाशिए पर थीं। लेकिन बतौर स्टार प्रचारक पार्टी उनको कभी नहीं भूली थी। जेपी नड्डा के अध्यक्ष काल में संगठन से बाहर हुए संघ के प्रचारक रहे लेखक-चिंतक राम माधव की उपाध्यक्ष के रूप में वापसी हुई है। जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों में भगवा लहराने वाले राम माधव की संगठनात्मक कुशलता का लाभ भी पार्टी को मिलने वाला है। एबीवीपी कार्यकर्ता रहे विनोद तावड़े को उनके कुशल सांगठनिक क्षमता के लिए फिर से महामंत्री बनाया गया हो तो दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में भारी विजय दिलाने वाले सुनील बंसल को दुबारा महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

आदिवासी समाज के गजेंद्र पटेल को मिली महामंत्री की जिम्मेदारी दी गयी है तो उत्तर पूर्व से युवा नेता मृगांक बर्मन बने राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद और युवा नेता संगीता यादव बनी राष्ट्रीय सचिव बनायी गयीं हैं। अनुभव की बात करें तो 3 पूर्व मुख्यमंत्रियों को भाजपा की राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और कद्दावर नेता वसुंधरा राजे सिंधिया, उत्तराखंड के पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत और त्रिपुरा के पूर्व सीएम बिप्लव देब का अनुभव संगठन में खासा काम आने वाला है।

समाज के सभी वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व

नितिन नबीन ने आला नेताओं से चर्चा के बाद तमाम क्षेत्रों और समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए ये कोशिश की कि टीम में एक सामंजस्य़ बना रहे और देश भर में सही संदेश जाए। अरसे से बात चल रही थई कि उत्तर प्रदेश में अग़डे नाराज है या फिर ब्राह्मण नाराज हैं। लेकिन नयी टीम मे उत्तर प्रदेश से आने वाले हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव बना कर चुनावों से पहले अगड़ों को भी एक संदेश दे दिया है। दूसरी तरफ लिस्ट के मुताबिक लगभग 40 फीसदी से ज्यादा नयी टीम के सदस्य वंचित समाज से है। नागालैंड से राज्यसभा सांसद फांगनोन कोन्याक को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। आंध्र प्रदेश से डी पुरंदेश्वरी बनी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और तमिलनाडु के मा व्यंकटेशन बने राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है।

अल्पसंख्यक समाज से आने वाले उत्तर प्रदेश के प्रोफेसर तारीक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। उत्तर प्रदेश के कूुंवर बसित अली तो अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। सरदार मनप्रीत सिंह बादल को उपाध्यक्ष बनाया गया है। गुजरात के डाक्टर हेमांग जोशी को युवा मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। हेमांग जोशी अब कर्नाटक के तेजस्वी सूर्या की जगह लेंगे।

संगठन और प्रोफेशनल विशेषज्ञों का उचित समन्वय

संघ के प्रचारक और प्रवक्ता रहे राम माधव की टीम में वापसी संघ और संगठन के बीच सामंजस्य तो जोड़ती ही रहेगी और साथ ही उनकी संगठनात्मक क्षमता का उपयोग उन इलाकों में काम आएगा जहां पार्टी कमजोर है। बंगाल चुनावों में संगठन को मजबूत करने वाले नेता सुनील बंसल पुनः महासचिव बने हैं। जेएनयू में एबीवीपी कार्यकर्ता रहे और वर्तमान में दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ स्वदेश सिंह भाजपा की नई टीम में राष्ट्रीय सचिव, कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ मधुचंद्रा कर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, कर्नाटक के प्रोफेसर M नागराज, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए हैं।

मीडिया और सोशल मीडिया संभालने के लिए भी नयी टीम लेकिन नेतृत्व अनुभवी हाथों में

अब तक मीडिया प्रमुख का पद संभाल रहे पौड़ी से सांसद अनिल बलूनी को एक बार फिर मीडिया का राष्ट्रीय सयोजन बनाया गया है। उनके साथ हरियाणा के सिद्धार्थ यादव, दिल्ली के प्रदीप भंडारी और मध्य प्रदेश के आशीष उषा अग्रवाल को सह संयोजक बनाया गया है। इसमे पहले के उप मीडिया प्रमुख संजय मयूख को उनके पद से मुक्त कर दिया गया है। अब वे बिहार में विधायक के तौर पर अपनी राजनीति करेंगेे। सोशल नीडिया की टीम के प्रमुख के पद से अमित मालविय को मुक्त किया गया है औऱ उनकी जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को संयोजक बनाया गया है।

नजर 2029 पर है और जिम्मेदारी इस युवा टीम पर। नीतीन नबीन को इस युवा और अनुभवी टीम को फ्रंट से लीड करना होगा ताकि पहली चुनौती जो अगले साळ कई यूपी, पंजाब, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में होने वालों चुनावों में बीजेपी का भगवा फिर से लहराने लगे।

नितिन नबीन आज कर सकते हैं नई टीम का ऐलान, अनुराग ठाकुर-स्मृति ईरानी की वापसी के संकेत

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन सोमवार को अपनी नई टीम का ऐलान कर सकते हैं। ऐसे में सूत्रों ने CNN-News18 को बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी की बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन में एक बार फिर अहम भूमिका में वापसी हो सकती है।

काफी समय से इंतजार किए जा रहे इस संगठनात्मक बदलाव में अनुभवी नेताओं के साथ नई पीढ़ी के चेहरों को भी जगह मिलने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, नई टीम की औसत उम्र करीब 50 साल रह सकती है। सूत्रों ने यह भी बताया कि पार्टी की नई टीम में युवाओं और महिलाओं को ज्यादा प्रतिनिधित्व देने के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों को संतुलित रखने पर भी खास ध्यान दिया जा सकता है।

बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष का पद संभालने के बाद नबीन के पहले बड़े संगठनात्मक फेरबदल में अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी की संभावित वापसी सबसे अहम बातों में से एक होगी।

अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी की भूमिका

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से लोकसभा सांसद अनुराग ठाकुर पहले सूचना और प्रसारण तथा युवा मामले और खेल मंत्री रह चुके हैं। उन्होंने राज्य मंत्री के तौर पर वित्त और कॉर्पोरेट मामलों का विभाग भी संभाला है।

वहीं, स्मृति ईरानी बीजेपी की प्रमुख नेताओं में से एक हैं। वह केंद्र में मंत्री रह चुकी हैं और 2019 से 2024 तक अमेठी से लोकसभा सांसद भी रहीं। पार्टी संगठन में भी उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव रह चुकी हैं।

अनुराग ठाकुर और स्मृति ईरानी को नई टीम में शामिल किए जाने की चर्चा ऐसे समय हो रही है, जब बीजेपी अपने संगठन में युवा चेहरों को ज्यादा जगह देने की तैयारी कर रही है। नितिन नबीन के बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद से ही संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही थी। 45 साल की उम्र में नितिन नबीन बीजेपी के सबसे कम उम्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे। उनके अध्यक्ष बनने को पार्टी में नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने और नेतृत्व में बदलाव के संकेत के तौर पर देखा गया था।

वहीं, बीजेपी में संगठनात्मक बदलाव को सिर्फ रूटीन फेरबदल से कहीं ज्यादा अहम माना जा रहा है। पार्टी अपने राष्ट्रीय संगठन को आने वाले चुनावों, खासकर कई अहम राज्यों में 2027 के विधानसभा चुनावों के हिसाब से तैयार करना चाहती है।

बता दें कि नबीन ने अगले चुनावी दौर की तैयारियों के तहत जमीनी स्तर पर फीडबैक लेना शुरू कर दिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने उत्तर प्रदेश के करीब 20 बीजेपी सांसदों के साथ आमने-सामने की बैठकें भी कीं, जिनमें जातिगत समीकरण और कार्यकर्ताओं का मनोबल मुख्य मुद्दे बनकर उभरे।

इसके अलावा, संगठन में बदलाव की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है और माना जा रहा है कि बीजेपी जल्द ही अपनी नई टीम का ऐलान कर सकती है। पार्टी के भीतर इस फेरबदल को अगले चुनावी चक्र से पहले बड़े राजनीतिक बदलाव की शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है।

नितिन नबीन का युवाओं और महिलाओं पर फोकस

साथ ही, युवाओं और महिलाओं पर ध्यान देना इसलिए भी खास है क्योंकि नबीन BJP के राष्ट्रीय संगठन पर अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं। बीजेपी ने पहले भी संकेत दिए थे कि नबीन के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद संगठन में युवा नेतृत्व को ज्यादा जगह दी जाएगी। और शायद इसी वजह से ठाकुर और ईरानी जैसे अनुभवी नेताओं की वापसी से नई टीम को राजनीतिक अनुभव और देशभर में पहचाने जाने वाले चेहरे मिलेंगे। इससे नबीन के सामने संगठन में पुराने अनुभव और नई पीढ़ी के नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने का मौका होगा।

इसलिए बीजेपी के नए संगठन पर सभी की नजरें रहेंगी। नई टीम से पार्टी का राजनीतिक संदेश भी साफ होगा—युवा नेताओं को ज्यादा जिम्मेदारी, अलग-अलग क्षेत्रों और महिलाओं को बेहतर प्रतिनिधित्व और कुछ बड़े नेताओं की वापसी। माना जा रहा है कि ये नेता आगे पार्टी की राष्ट्रीय रणनीति में बड़ी भूमिका भी निभा सकते हैं।

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