18 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट… आज से इंटरव्यू शुरू, राम मंदिर के पहले CEO की तलाश तेज

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। चयन प्रक्रिया से जुड़े लोगों के अनुसार, करीब 5,200 लोगों ने इस पद के लिए आवेदन किया था, जिनमें से 18 उम्मीदवारों को अगले दौर के लिए चुना गया है। ट्रस्ट ने यह कदम अपनी प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी को मजबूत करने के लिए उठाया है। यह फैसला दान में मिले पैसे के गलत इस्तेमाल के आरोप सामने आने के बाद लिया गया। पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति से ट्रस्ट के कामकाज और आर्थिक मामलों की निगरानी को बेहतर बनाने की उम्मीद है।

18 उम्मीदवार किए गए शॉर्टलिस्ट

शॉर्टलिस्ट किए गए 18 उम्मीदवार 10 अगस्त को अयोध्या पहुंच गए। ट्रस्ट ने उनके ठहरने के लिए पहले से व्यवस्था की थी। इन उम्मीदवारों में कुछ पूर्व सरकारी अधिकारी भी शामिल हैं। इसके अलावा दक्षिण भारत के बड़े मंदिरों में वरिष्ठ प्रशासनिक पदों पर काम कर चुके लोगों को भी शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन सभी उम्मीदवारों का इंटरव्यू आज से राम मंदिर में शुरू होगा। इंटरव्यू के जरिए ट्रस्ट इस पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार का चयन करेगा।

इंटरव्यू की तैयारी

चयन समिति के एक सदस्य ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया कि समिति ने तय किए गए नियमों और योग्यता के आधार पर 5,000 से ज्यादा आवेदनों की जांच की थी। उन्होंने बताया कि आवेदन की जांच के दौरान कुछ उम्मीदवारों से ऑनलाइन बातचीत भी की गई। इसका मकसद उनकी योग्यता से जुड़ी कुछ बातों को स्पष्ट करना और उनके विचारों को समझना था। समिति के सदस्य के मुताबिक, करीब 20 दिनों तक चली चयन प्रक्रिया के बाद अंतिम इंटरव्यू के लिए करीब 18 उम्मीदवारों को चुना गया है।

चयम समिति में शामिल हैं ये लोग

चयन समिति में पूर्व जज प्रमोद कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और वैज्ञानिक व शिरडी साईं बाबा ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हवारे शामिल हैं। उम्मीदवारों के इंटरव्यू सुबह 10 बजे से शुरू होने हैं। मामले की जानकारी रखने वाले ट्रस्ट के एक अधिकारी के हवाले से ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ ने बताया कि इंटरव्यू राम मंदिर में ही होंगे। सभी उम्मीदवारों को मीडिया से बात न करने के निर्देश दिए गए हैं।

दो दिन तक चलने वाली इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन समिति ट्रस्ट को तीन उम्मीदवारों के नाम सुझाएगी। इसके बाद ट्रस्ट इनमें से किसी एक को पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करेगा। नए सीईओ की जिम्मेदारी राम मंदिर के प्रशासन की निगरानी करने के साथ-साथ मंदिर से जुड़े अलग-अलग कामों और व्यवस्थाओं को संभालना होगा। इस पद के लिए चुने जाने वाले व्यक्ति के लिए हिंदू धर्म को मानने वाला होना जरूरी है। इसके अलावा उसे हिंदू रीति-रिवाजों और परंपराओं का भी सख्ती से पालन करना होगा।

‘इधर एक नहीं मिल रही और भाई पैकेज डील लेकर घूम रहा है’, यूपी में एक ही लड़के से तीन बहनों के शादी करने पर यूजर्स ने किए अजीबोगरीब कमेंट्स

उत्तर प्रदेश के अमरोहा की तीन सगी बहनों ने एक मंदिर में एक ही व्यक्ति से शादी की। इस अनोखी शादी ने इंटरनेट पर लोगों को हैरान कर दिया है। बहनों का कहना है कि उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि वे शादी के बाद एक-दूसरे से अलग होने के बारे में सोच भी नहीं सकती थीं।

सरोज (20), सावित्री (19) और संतोष (18) नाम की इन बहनों ने 17 जुलाई को चामुंडा माता मंदिर में विकास नाम के व्यक्ति से शादी की, जो उनका वीडियो शूट किया करता था। उनकी शादी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जो तेज़ी से वायरल हो गया और लोगों ने इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी-किसी ने आलोचना की तो किसी ने हैरानी जताई।

शादी की रस्म के क्लिप में, विकास हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की रस्में निभाते हुए दिखे। साड़ी पहने और सिर पर घूंघट डाले तीनों बहनें दूल्हे के बगल में एक लाइन में बैठी थीं। विकास ने तीनों बहनों की मांग में सिंदूर भरा और उनके साथ सात फेरे लिए। खास बात यह है कि इस रस्म के दौरान पंडित के अलावा, दोनों में से किसी भी पक्ष का कोई परिवार का सदस्य या दोस्त मौजूद नहीं था।

हसनपुर के धौरिया गांव की रहने वालीं और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर, इन तीनों महिलाओं ने बताया कि वे हमेशा साथ रही हैं और अलग-अलग पुरुषों से शादी करने की बात से ही वे बहुत परेशान थीं। उनमें से सबसे बड़ी सरोज ने ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ को बताया, “जब हमें एहसास हुआ कि शादी हमें अलग कर देगी, तो हमने अपनी जान देने के बारे में भी सोचा। बाद में, हमने तय किया कि मरने के बजाय हम साथ रहेंगी और एक ही पुरुष से शादी करेंगी। हम सभी बालिग हैं और हमने यह फ़ैसला अपनी मर्ज़ी से लिया है।”

बहनों ने बताया कि विकास पिछले छह महीनों से उनके कैमरामैन के तौर पर काम कर रहा था और सोशल मीडिया के लिए बनाए जाने वाले वीडियो में अक्सर उनके पति का किरदार निभाता था। वहीं, विकास ने कहा कि बहनों के बीच के गहरे लगाव को समझने के बाद ही उसने यह प्रस्ताव स्वीकार किया।

उन्होंने कहा, “वे बार-बार मुझसे कहती थीं कि शादी के बाद वे अलग-अलग नहीं रहना चाहतीं। मैंने उनकी भावनाओं का सम्मान किया और उनसे शादी करने के लिए हामी भरी क्योंकि मैं चाहता था कि वे साथ रहें। हमने यह फ़ैसला आपसी सहमति से लिया है और उम्मीद करते हैं कि लोग हमारी पसंद का सम्मान करेंगे।”

उनकी शादी का वीडियो ऑनलाइन सामने आते ही इसने खूब सुर्खियां बटोरीं। कुछ लोगों ने इस घटना पर मजाक उड़ाया, तो कुछ ने उनकी आलोचना की। एक यूजर ने मजाक में कहा, “लड़के ऐसे होते हैं – इधर एक नहीं मिल रही, और भाई पैकेज डील लेकर घूम रहा है!”

एक अन्य व्यक्ति लिखा- “सिर्फ रील्स के लिए, इन चारों के अलावा, और कोई कहां है इसमें? एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “अरे तो करने दो ना, उनकी मर्जी है, उनके निजे जिंदगी में आपको इतना इंटरेस्ट क्यों हो रहा है?” एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “जीवनसाथी चुनने का व्यक्तिगत अधिकार और निजी पसंद को जीवित रखना चाहिए।” किसी अन्य ने लिखा की, “अगर यह सहमति से है तो क्यों नहीं, लेकिन इसके लिए एक अनुबंध की आवश्यकता होगी।” वहीं, एक व्यक्ति ने बताया, “हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के अनुसार, हिंदुओं के लिए बहुविवाह अवैध है।”