जो रूट को 4 साल बाद फिर मिली इंग्लैंड टेस्ट क्रिकेट टीम की कमान

इंग्लैंड के लिए रनों का अंबार लगाने वाले जो रूट टेस्ट टीम के कप्तान चुने गए हैं। वह 4 साल बाद इंग्लैंड की कप्तानी करेंगे। टेस्ट रनों के मामले में जो रूट सिर्फ सचिन तेंदुलकर से पीछे हैं और उन्होंने इस प्रारुप में 41 शतक लगाए हैं जो सिर्फ जैक कैलिस और सचिन तेंदुलकर से पीछे है।

इससे पहले द एथलेटिक ने पिछले शुक्रवार को यह रिपोर्ट किया था कि रूट को 2027 के एशेज तक के लिए टेस्ट कप्तान बनाया जा सकता है। ECB का कहना था कि इस संबंध में अभी कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है लेकिन इस समय वह पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट में टीम की अगुवाई करने की दौड़ में सबसे आगे हैं।

35 वर्षीय रूट 2017 से 2022 तक इंग्लैंड के पूर्णकालिक टेस्ट कप्तान थे। उन्होंने 65 टेस्ट में इंग्लैंड की अगुवाई की है और उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने 27 मैच जीते जबकि 27 में उन्हें हार मिली। लेकिन पिछले 18 टेस्ट मैचों में कप्तानी करते हुए रूट को एक ही जीत हासिल हुई है। बेन स्टोक्स की अनुपस्थिति में पिछले महीने द ओवल में उन्होंने कप्तानी की और इंग्लैंड की 253 रनों से हार के बावजूद उन्होंने कहा कि कप्तान के रूप में वापस आते हुए उन्होंने इस भूमिका का काफ़ी लुत्फ़ उठाया।

हैरी ब्रूक को तीनों प्रारूप में एशेज तक के लिए कप्तान बनाए जाने की योजना पर पूर्णविराम लगा दिया गया है। ECB यह भी विचार कर रहा था कि ब्रूक को टेस्ट कप्तान बनाते हुए किसी अन्य खिलाड़ी को सफ़ेद गेंद के किसी एक या दोनों प्रारूप में कप्तानी दी जाए। जेकब बेथेल (जो कि अभी चोटिल हैं) जैसे किसी कम अनुभव वाले खिलाड़ी को टेस्ट कप्तान बनाते हुए दांव अमूमन इंग्लैंड क्रिकेट जैसा बोर्ड नहीं खेलता। ब्रूक सफ़ेद गेंद के दोनों प्रारूप में कप्तान हैं। ब्रूक की अगुवाई में ही हाल ही में इंग्लैंड ने घर पर भारत को टी 20 में 4-0 और वनडे सीरीज़ में 2-1 से मात दी थी।

रामायणम्: पार्ट 1 का ट्रेलर रिलीज

नमित मल्होत्रा की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायणम्: पार्ट 1’ का आधिकारिक ट्रेलर गुरुवार को दुनिया भर में रिलीज़ कर दिया गया। हिंदी, कन्नड़, तेलुगु, तमिल और मलयालम सहित पांच भारतीय भाषाओं में जारी ट्रेलर में राम और रावण के बीच होने वाले महायुद्ध की भव्य झलक दिखाई गई है।

नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी यह फिल्म प्राइम फोकस स्टूडियोज़, डीएनईजी और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के सहयोग से तैयार की गई है। फिल्म दिवाली 2026 पर विश्वभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। इसके वैश्विक वितरण की जिम्मेदारी सोनी पिक्चर्स संभालेगी, जबकि उत्तर भारत में इसका वितरण धर्मा प्रोडक्शंस करेगा।

फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और पैन इंडिया स्टार यश रावण की भूमिका में नजर आएंगे। कलाकारों की टोली में अरुण गोविल, लारा दत्ता, रवि दुबे, अजिंक्य देव, कुणाल कपूर और रकुल प्रीत सिंह भी शामिल हैं।

Also Read : 63 वर्ष की हुई मंदाकिनी

फिल्म की कहानी भगवान विष्णु के राम अवतार, उनके वनवास और रावण के साथ होने वाले धर्म-अधर्म के संघर्ष पर आधारित है। निर्माताओं के अनुसार यह दो भागों में बनने वाली एक भव्य सिनेमाई प्रस्तुति है, जिसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और विरासत को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना है।

फिल्म की पटकथा श्रीधर राघवन ने लिखी है, जबकि संगीत ऑस्कर विजेता हांस ज़िमर और ए.आर. रहमान ने तैयार किया है। फिल्म में अत्याधुनिक विजुअल इफेक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक का उपयोग किया गया है।

निर्माता नमित मल्होत्रा ने कहा कि रामायण केवल एक महागाथा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर भव्यता के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।

निर्देशक नितेश तिवारी ने कहा कि रामायण विश्व की महानतम कहानियों में से एक है और इसे पूरी श्रद्धा, प्रामाणिकता तथा सम्मान के साथ पर्दे पर उतारना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी रही है।

Pic Credit : ANI

63 वर्ष की हुई मंदाकिनी

बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री मंदाकिनी आज 63 वर्ष की हो गयीं।मंदाकिनी का जन्म 30 जुलाई 1963 को मेरठ में एक एंग्लो-इंडियन परिवार में हुआ था। उनके पिता जोसफ ब्रिटिश नागरिक थे, जबकि उनकी मां मुस्लिम थीं। मंदाकिनी का बचपन का नाम यास्मीन जोसेफ था। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत वर्ष 1985 में प्रदर्शित बंगाली फिल्म ‘अंतारेर भालोबाशा’ से की थी।

वर्ष 1985 में ही मंदाकिनी ने फिल्म ‘मेरा साथी’ से बॉलीवुड में कदम रखा, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही। इसी वर्ष उनकी फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ प्रदर्शित हुई, जिसने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। राज कपूर निर्मित और निर्देशित इस फिल्म में उनके साथ राजीव कपूर मुख्य भूमिका में नजर आए थे। फिल्म की सफलता ने मंदाकिनी को हिंदी सिनेमा में एक अलग पहचान दिलाई।

Also Read : डॉलर में नरमी से रुपया 26 पैसे मजबूत

फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए मंदाकिनी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था। हालांकि, इस फिल्म के लिए राज कपूर की पहली पसंद पद्मिनी कोल्हापुरे थीं, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था।

‘राम तेरी गंगा मैली’ की सफलता के बाद मंदाकिनी ने ‘जाल’, ‘लोहा’, ‘डांस डांस’, ‘जीते हैं शान से’, ‘कमांडो’, ‘तेजाब’ और ‘जंगबाज’ जैसी कई फिल्मों में काम किया। वर्ष 1996 में प्रदर्शित फिल्म ‘जोरदार’ उनकी अंतिम फिल्म साबित हुई।

अपने फिल्मी करियर के दौरान मंदाकिनी का नाम अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ भी जोड़ा गया। उन्हें कई बार क्रिकेट मैदान पर दाऊद के साथ देखा गया था, हालांकि मंदाकिनी ने इन चर्चाओं पर कई बार सफाई दी।

वर्ष 1990 में मंदाकिनी ने बौद्ध धर्मगुरु डॉ. कगयुर टी रिंपोचे ठाकुर से विवाह कर लिया। वर्तमान समय में मंदाकिनी फिल्म इंडस्ट्री से दूर हैं और अपने निजी जीवन में व्यस्त हैं।

Pic Credit : ANI

Ramayana Trailer: नमिता मल्होत्रा की ‘रामायणम्’ के ट्रेलर ने रिलीज होते ही जीता लोगों का दिल, पार किया 50 लाख व्यूज का आंकड़ा

Ramayana Trailer: ‘रामायणम्’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है। इसे भारतीय फिल्म इतिहास के सबसे बड़े और इंतजार किए जाने वाले प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। दो भागों में बनने वाली इस भव्य फिल्म का दुनियाभर के दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इंडस्ट्री के कई बड़े कलाकारों को साथ लेकर बनाई गई इस फिल्म का ट्रेलर आज ब्रह्म मुहूर्त के शुभ समय पर रिलीज किया गया, जो इस महाकाव्य की आध्यात्मिक भावना के साथ पूरी तरह मेल खाता है।

ट्रेलर रिलीज होते ही इंटरनेट पर छा गया और कुछ ही घंटों में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। रामायणम् के ट्रेलर ने सिर्फ 6 घंटे में 50 लाख व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया। यह फिल्म को लेकर लोगों के जबरदस्त उत्साह और इंतजार को साफ दिखाता है। ट्रेलर को मिल रहे शानदार रिस्पॉन्स ने साबित कर दिया है कि इस भव्य फिल्म का इंतजार सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में हो रहा है।

रामायणम् का ट्रेलर भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म बनने की एक दमदार झलक दिखाता है। इसमें भगवान विष्णु के श्रीराम (रणबीर कपूर) के रूप में अवतार लेने और धर्म की स्थापना करने की कहानी दिखाई गई है। वहीं यश रावण के शक्तिशाली और अमर राक्षस राजा के किरदार में नजर आते हैं, जो अपने घमंड और बदले की भावना से भरा हुआ है। ट्रेलर में माता सीता (साई पल्लवी) और लक्ष्मण (रवि दुबे) को भी श्रीराम के सबसे मजबूत साथियों के रूप में दिखाया गया है। शानदार वीएफएक्स, भव्य विजुअल्स, पूरी स्टारकास्ट की दमदार परफॉर्मेंस और शानदार बैकग्राउंड म्यूजिक ट्रेलर के हर सीन को और भी खास बना देते हैं। श्रीधर राघवन द्वारा रूपांतरित इस फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी हांस जिमर और ए. आर. रहमान ने मिलकर संभाली है, जो पूर्व और पश्चिम के संगीत का एक खास संगम है।

दुनिया की सबसे महान कहानियों में से एक रामायण की कहानी को नए और भव्य अंदाज में बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी निर्देशक नितेश तिवारी ने की है। रामायणम् का मकसद इस महाकाव्य की भावनाओं और भव्यता को पहले कभी न देखे गए स्तर पर दर्शकों तक पहुंचाना है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम के किरदार में नजर आएंगे, जबकि साई पल्लवी माता सीता की भूमिका निभा रही हैं। वहीं यश रावण के दमदार किरदार में दिखाई देंगे और सनी देओल हनुमान की भूमिका में नजर आएंगे।

नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज और 8 बार अकादमी अवॉर्ड जीत चुके वीएफएक्स स्टूडियो DNEG ने यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के साथ मिलकर प्रोड्यूस किया है। रामायणम्: पार्ट 1 दिवाली 2026 पर दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म की ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन सोनी पिक्चर्स करेगी, जबकि उत्तर भारत में इसे धर्मा प्रोडक्शंस रिलीज करेगा।

डॉलर में नरमी से रुपया 26 पैसे मजबूत

Rupee

डॉलर सूचकांक में नरमी और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के भारत में निवेश बढ़ाने से गुरुवार को रुपया 26 पैसे मजबूत हुआ और कारोबार की समाप्त पर एक डॉलर 95.50 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

भारतीय मुद्रा की बढ़त का यह पांचवां दिन था। इन पांच दिनों में यह 123 पैसे मजबूत हो चुकी है। पिछले कारोबारी दिवस पर यह छह पैसे चढ़कर 95.76 रुपये प्रति डॉलर पर रही थी।

भारतीय मुद्रा आज 17 पैसे की बढ़त में 95.59 रुपये प्रति डॉलर पर खुली। दोपहर तक यह नीचे 95.75 रुपये प्रति डॉलर तक गयी थी, लेकिन उसके बाद फिर अपनी बढ़त और मजबूत करते हुए 95.50 रुपये प्रति डॉलर तक उतरकर उसी स्तर पर बंद हुई।

Also Read : छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर मामले को लेकर संसद परिसर में विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बुधवार को समाप्त दो दिन की बैठक के बाद केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में न तो वृद्धि की और न ही इसके कोई संकेत दिये। इससे निवेशकों ने भारतीय बाजार का रुख किया।

इसके अलावा, दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में करीब एक फीसदी की गिरावट देखी गयी। इससे भी रुपये को समर्थन मिला। एफपीआई ने आज भारतीय पूंजी बाजार में 57.60 करोड़ डॉलर का शुद्ध निवेश किया।

Pic Credit : ANI

आधार अपडेट कराने बैंक गया किसान, तभी गार्ड की बंदूक से चली गोली…हुआ दर्दनाक हादसा

राजधानी दिल्ली से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। हरियाणा के झज्जर जिले के एक गांव में रहने वाले 27 वर्षीय किसान मनीष कुमार की जिंदगी एक दर्दनाक हादसे में खत्म हो गई। मनीष अपना आधार कार्ड अपडेट कराने दिल्ली के एक बैंक पहुंचे थे, लेकिन कुछ ही मिनटों में वहां ऐसा हादसा हुआ जिसने सबको स्तब्ध कर दिया। बैंक में गलती से चली गोली लगने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है।

 सिक्योरिटी गार्ड के बंदूक से चली गोली

यह घटना सुबह करीब 10:30 बजे की है। पुलिस के मुताबिक, 53 वर्षीय सिक्योरिटी गार्ड विनोद कुमार अपनी 12 बोर की डबल बैरल बंदूक में कारतूस भर रहे थे। इसी दौरान गलती से बंदूक से गोली चल गई। गोली मनीष कुमार की पीठ में लगी और वह मौके पर ही जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद बैंक में अफरा-तफरी मच गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही बैंक में मौजूद कर्मचारी और ग्राहक बाहर की ओर भागे। बाद में उन्होंने मनीष कुमार को खून से लथपथ हालत में पड़ा देखा। उन्हें तुरंत इलाज के लिए राव तुला राम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बंदूक में खराबी के कारण हुआ हादसा!

पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि बैंक के सिक्योरिटी गार्ड की बंदूक से गलती से गोली चल गई है, जिससे एक व्यक्ति घायल हो गया। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक घायल को अस्पताल भेजा जा चुका था। पूछताछ में सिक्योरिटी गार्ड विनोद कुमार ने बताया कि वह उस दिन ड्यूटी पर देर से पहुंचे थे। बैंक खुल चुका था और कर्मचारी व ग्राहक अंदर मौजूद थे। इसी दौरान वह अपनी बंदूक में कारतूस भर रहे थे, तभी अचानक गोली चल गई। पुलिस का कहना है कि यह हादसा लापरवाही या बंदूक में किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ हो सकता है। पुलिस के अनुसार, विनोद कुमार हरियाणा के झज्जर जिले के एक गांव के रहने वाले हैं। वह भारतीय सेना में नौकरी कर चुके हैं और वर्ष 2018 में सेवानिवृत्त हुए थे। पिछले दो साल से वह एक निजी सुरक्षा एजेंसी के जरिए बैंक में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर रहे थे। उनके परिवार में दो बेटे हैं, जो कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं।

गिरफ्तार हुआ गार्ड

पुलिस ने जांच के दौरान घटना में इस्तेमाल की गई बंदूक को अपने कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। वहीं, मृतक मनीष कुमार के शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया है। अब पुलिस पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गोली किन परिस्थितियों में चली। जांच के तहत पुलिस ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में ले ली है। अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन किया गया था या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि बैंक खुलने के बाद बंदूक में कारतूस भरना लापरवाही थी या नहीं। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी सिक्योरिटी गार्ड के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब आगे की कार्रवाई जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद की जाएगी।

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर मामले को लेकर संसद परिसर में विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर “बल प्रयोग” को लेकर बृहस्पतिवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया तथा सरकार एवं गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की।

सपा सांसदों ने संसद के मकर द्वार के निकट प्रतीकात्मक रूप से “दान पेटी” रखकर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ नारेबाजी की।

कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने छात्रों पर कथित बल प्रयोग के विषय का उल्लेख करते हुए एक बैनर भी ले रखा था जिस पर “ऑर्डर किसने दिया” लिखा हुआ था। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, के सी वेणुगोपाल, सपा नेता धर्मेंद्र यादव और कई अन्य सांसद इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

Also Read : लोकसभा में विपक्ष का हंगामा, लगातार आठवें दिन नहीं चल सका प्रश्नकाल

उल्लेखनीय है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर कथित बल प्रयोग को लेकर सदन में शाह पर गंभीर आरोप लगाये थे जिसके बाद सत्तापक्ष ने उनसे माफी की मांग की थी।

बाद में गांधी ने संवाददाता सम्मेलन में शाह को छात्रों के साथ कथित बर्बरता के लिए जिम्मेदार ठहराया था और उन्हें बर्खास्त करने की मांग की थी। उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल सपा के सांसदों ने राम मंदिर मामले पर बुधवार को भी संसद परिसर में प्रदर्शन किया था।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगी “आस्था के साथ विश्वासघात” के दोषी हैं। उन्होंने दावा किया कि दान-पात्र से चढ़ावे की कथित चोरी, गुप्त दान में अनियमितताएं, जमीन सौदों में कथित गड़बड़ियां, सबूत मिटाने और जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं।

उनका कहना है कि यह “अक्षम्य महापाप” है और “लोकधन की लूट” का मुद्दा संसद में उठाना सभी का दायित्व है। यादव ने यह भी कहा कि मामले में जवाबदेही तय की जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

Pic Credit : ANI

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 31 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 30 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 24,300 के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा है। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 273.55 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 पर और निफ्टी 66.95 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 24,317.15 पर बंद हुआ। मार्केट ब्रेथ कमजोर रही है। आज लगभग 1620 शेयरों में बढ़त हुई, 2408 शेयरों में गिरावट आई और 188 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त M&M, आयशर मोटर्स, मारुति सुजुकी, कोल इंडिया और टेक महिंद्रा के शेयरों में दिखी। जबकि गिरावट वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, HDFC लाइफ, अल्ट्राटेक सीमेंट और जियो फाइनेंशियल शामिल रहे।

सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी ऑटो सबसे ज्यादा बढ़त वाला इंडेक्स रहा। इसमें 1.6% की तेजी आई। दूसरी ओर निफ्टी रियल्टी में सबसे ज्यादा गिरावट आई। यह आज 2% नीचे गिर कर बंद हुआ है।

ब्रॉडर इंडेक्स ने बेंचमार्क से कमजोर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि यूएस फेड का ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने का फैसला काफी हद तक उम्मीद के मुताबिक ही रहा। लेकिन महंगाई को कंट्रोल करने पर लगातार जोर दिए जाने की वजह से सख्त रुख (hawkishness) बना रहा। US बॉन्ड यील्ड में तेज बढ़ोतरी ने निकट भविष्य में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के बढ़ते दबाव का संकेत दिया, जिससे ग्लोबल निवेशक सतर्क नजर आए। वहीं, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया।

इसके चलते घरेलू इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इंडेक्स एक दायरे में बना रहा, क्योंकि निवेशक मजबूत घरेलू फंडामेंटल और ग्लोबल चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिखे। इसके बावजूद, FII के बढ़ते निवेश, मज़बूत होते रुपये और Q1FY27 के अच्छे नतीजों ने बाजार का मूड सुधारा और निवेशकों ने गिरावट में चुनिंदा क्वालिटी शेयरों में खरीदारी की।

निफ्टी व्यू

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी का रुख कायम रहा। कारोबार के अंत में निफ्टी 67 अंक ऊपर और सेंसेक्स 274 अंक चढ़कर बंद हुआ। सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो इंडेक्स में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली और यह 1.76% से ज्यादा की बढ़त लेकर बंद हुआ। वहीं, दूसरी तरफ रियल्टी इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई और यह 2% टूट कर बंद हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो सुस्त शुरुआत के बाद भी बाजार पूरे दिन 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) के ऊपर बना रहा। यह एक काफी अच्छा संकेत है। इसके अलावा, डेली चार्ट पर बुलिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर अपट्रेंड जारी रहने का पैटर्न यह संकेत देता है कि मौजूदा लेवल से और तेजी आने की अच्छी संभावना है।

ट्रेंड को फॉलो करने वाले ट्रेडर्स के लिए अब निफ्टी में 24,200 का लेवल एक अहम सपोर्ट लेवल का काम करेगा। इसके ऊपर टिके रहने पर अपट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है। ऊपर की तरफ, यह तेज़ी 24,450-24,500 तक जा सकती है। दूसरी ओर, 24,200 के नीचे जाने पर अपट्रेंड कमजेर पड़ सकता है। इस लेवल के नीचे, ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन काट सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी अभी भी एक ‘कंजेशन ज़ोन’ में फंसा हुआ है। इसके साथ ही यह इंडेक्स डेली और आवरली चार्ट पर अहम मूविंग एवरेज के बीच ट्रेड कर रहा है। बैंक निफ्टी के लिए 56,500 के लेवल पर मजबूत सपोर्ट है, जो 50-DMA के पास स्थित है, जबकि 57,500 के पास 200-DMA के एक बड़े रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की उम्मीद है। इंडेक्स में कुछ और कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता हैं। ऐसे में लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग अप्रोच अपनाना सही रहेगा। जब तक कोई साफ ब्रेकआउट नहीं होता, तब तक ट्रेडर्स सपोर्ट जोन के पास खरीदारी करने और प्रॉफिट बुक करने या रेजिस्टेंस जोन के पास शॉर्ट पोजीशन लेने की रणनीति अपना सकते हैं।

 

Trading plan : अब निफ्टी में थोड़ा रिस्क, चाहें तो इन लेवल्स पर थोड़ा प्रॉफिट बुक करें

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Ramayana Trailer: ‘रामायणम्’ ट्रेलर में शूर्पणखा बन छाईं रकुल प्रीत सिंह, फैंस बोले- इस किरदार के लिए राइट चॉइस

Ramayana Trailer: ‘रामायणम्’ का ट्रेलर सोशल मीडिया पर छा गया है, दर्शक इसके शानदार विज़ुअल्स से लेकर शानदार कास्ट तक हर चीज पर चर्चा कर रहे हैं। सबसे बड़े सरप्राइज में से एक शूर्पणखा के रूप में रकुल प्रीत सिंह का पहला लुक रहा है। जबकि इस किरदार को पारंपरिक रूप से उनकी जबरदस्त मौजूदगी के लिए याद किया जाता है, फैन्स इस बारे में बात करना बंद नहीं कर पा रहे हैं कि रकुल कितनी शानदार लग रही हैं, कई लोगों ने उन्हें स्क्रीन पर अब तक देखी गई “सबसे सुंदर शूर्पणखा” कहा है।

X और सोशल मीडिया पर, यूज़र्स कास्टिंग चॉइस की बहुत तारीफ कर रहे थे। एक फैन ने लिखा, “शूर्पणखा के लिए कास्टिंग तो एकदम ब्यूटी क्वीन लेवल की है,” जबकि दूसरे ने बस यह कहा, “रकुल सबसे सुंदर शूर्पणखा है।” कई लोगों को लगा कि एक्ट्रेस इस रोल के लिए एकदम सही हैं, और “वाकई शूर्पणखा के लिए सबसे अच्छी चॉइस रकुल हैं,” और “शूर्पणखा की कास्टिंग के लिए रकुल एकदम सही चॉइस हैं” जैसे कमेंट्स ने तेजी से ध्यान खींचा।

कई यूजर्स ट्रेलर में उनकी स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ करते नहीं थक रहे थे। “उन्होंने शूर्पणखा का रोल करने के लिए सबसे सुंदर को चुना,” “शूर्पणखा सुंदर थी लेकिन रकुल सबसे सुंदर है,” और “रकुल से आंखें नहीं हट रही हैं” जैसे कमेंट्स सोशल मीडिया टाइमलाइन पर छा गए। पौराणिक कथाओं के अनुसार, शूर्पणखा अपनी सुंदरता के लिए जानी जाती थीं, और इसीलिए रकुल प्रीत सिंह इस आइकॉनिक कैरेक्टर को जिंदा करने के लिए एकदम सही चॉइस थीं।

एक फैन ने इसे “शूर्पणखा के रूप में रकुलप्रीत = रामायण का सबसे सुंदर फ़ैसला” कहा, जबकि दूसरे ने लिखा, “हां, रकुल के अलावा किसी और को शूर्पणखा के रूप में मारधाड़ करते हुए सोच भी नहीं सकता।” इसी तरह के रिएक्शन में शामिल थे, “रकुल का शूर्पणखा के रूप में सबसे, सबसे अच्छी चॉइस,” “इस सुंदर पौराणिक सुंदरता के रूप में रकुल बहुत पसंद आ रही हैं,” और “जिसने भी रकुल को शूर्पणखा के रूप में कास्ट करने का फैसला किया, वह सीरियस सैलरी बढ़ाने का हकदार है!”

कई दर्शकों ने यह भी बताया कि ट्रेलर में उनका छोटा सा अपीयरेंस कितना यादगार लगा। “रकुल शूर्पणखा के रूप में,” दिल-आंख और तारीफ वाले इमोजी के साथ, फैन पेजों पर बार-बार आने वाला सेंटीमेंट बन गया, जबकि एक और यूज़र ने यह लिखकर चर्चा को और बढ़ा दिया, “रकुल का सूर्पणखा का रोल करना रामायण में सबसे अच्छा विज़ुअल ट्रीट है और आप मुझे इसके अलावा कुछ नहीं बता सकते।”

एक यूज़र ने पोस्ट किया, “अभी रामायण का ट्रेलर देखा और जिसने भी #RakulPreet को शूर्पणखा के रूप में कास्ट करने के बारे में सोचा, वह सीरियस सैलरी बढ़ाने का हकदार है। वह ट्रेलर में बिल्कुल असली नहीं लग रही है।” एक और ने लिखा, “रकुल से नज़रें नहीं हटा पा रहा हूँ यार, वह ट्रेलर में बहुत खूबसूरत लग रही है!! प्लीज़ रामायण का ट्रेलर देखो दोस्तों।”

फैंस ने यह भी शेयर किया, “रामायण का ट्रेलर देखा दोस्तों??? शूर्पणखा को हमेशा एक मनमोहक सुंदरता के रूप में बताया गया था और रकुल ने असाइनमेंट को पूरी तरह से समझा,” और “अभी रामायण का ट्रेलर देखा और वाह!! शूर्पणखा के रूप में रकुल??!! बिल्कुल स्टनिंग।” दूसरों ने उनकी स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफ करते हुए लिखा, “जिस पल #RakulPreetSingh दिखाई दीं, मैं सचमुच बाकी सब कुछ भूल गया,” “क्या कास्टिंग है भाई रामायण की!

ट्रेलर ने जबरदस्त उत्साह पैदा करने के साथ, शूर्पणखा का रकुल प्रीत सिंह का चित्रण सबसे चर्चित हाइलाइट्स में से एक बन गया है। अगर ऑनलाइन ज़बरदस्त रिस्पॉन्स को कोई इशारा माना जाए, तो फैंस उन्हें माइथोलॉजी के सबसे आइकॉनिक कैरेक्टर्स में से एक को फ्रेश, ग्रेसफुल और विज़ुअली शानदार तरीके से पेश करते हुए देखने के लिए बेताब हैं।

उधमसिंह शहीद दिवस पर जानें इस वीर क्रांतिकारी के बारे में 10 अनसुने तथ्य

 Picture of Udham Singh, a true son of Mother India and a brave revolutionary, on his martyrdom day

 

Udham Singh Shaheed Diwas; भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में शहीद ऊधम सिंह का नाम अदम्य साहस, देशभक्ति और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए लगभग 21 वर्षों तक धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा की और अंततः ब्रिटिश अधिकारी माइकल ओ'ड्वायर को लंदन में गोली मारकर हजारों निर्दोष भारतीयों की शहादत का प्रतिशोध लिया।

31 जुलाई को मनाया जाने वाला ऊधम सिंह शहीद दिवस हमें उनके अद्वितीय साहस, राष्ट्रप्रेम और स्वतंत्रता के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है। इस महान क्रांतिकारी के जीवन से जुड़े 10 ऐसे रोचक और कम चर्चित तथ्य, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।

 

आइए जानते हैं उधम सिंह शहीद दिवस पर जानें इस महान क्रांतिकारी के जीवन से जुड़े 10 अनसुने और प्रेरणादायक तथ्य…

 

उधम सिंह के बारे में 10 अनसुने तथ्य

 

1. बचपन में ही माता-पिता का साया उठ गया

ऊधम सिंह का जन्म 26 दिसंबर 1899 को पंजाब के सुनाम में हुआ था। बचपन में ही उनके माता-पिता का निधन हो गया, जिसके बाद वे अपने बड़े भाई के साथ अमृतसर के सेंट्रल खालसा अनाथालय में पले-बढ़े।

 

2. उनका जन्म नाम कुछ और था

बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका मूल यानी जन्म नाम शेर सिंह था। अनाथालय में दीक्षा के बाद उनका नाम बदलकर ऊधम सिंह रखा गया।

 

3. जलियांवाला बाग हत्याकांड ने बदल दी जिंदगी

13 अप्रैल 1919 को हुए जलियांवाला बाग नरसंहार ने उनके मन पर गहरा प्रभाव डाला। उन्होंने वहीं प्रतिज्ञा की कि इस अत्याचार के जिम्मेदार लोगों को दंड दिलाएंगे।

 

4. बदला लेने के लिए 21 वर्षों तक इंतजार किया

ऊधम सिंह ने जल्दबाजी नहीं की। उन्होंने लगभग 21 वर्षों तक सही अवसर का इंतजार किया और फिर 13 मार्च 1940 को लंदन के कैक्सटन हॉल में माइकल ओ'ड्वायर को गोली मार दी।

 

5. कई देशों की यात्रा की

क्रांतिकारी गतिविधियों के दौरान उन्होंने अफ्रीका, अमेरिका और यूरोप सहित कई देशों की यात्रा की। इन यात्राओं के दौरान उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े लोगों से संपर्क बनाए।

 

6. कई नामों से पहचाने गए

ब्रिटिश सरकार से बचने के लिए उन्होंने अलग-अलग नामों का उपयोग किया। सबसे प्रसिद्ध नाम 'राम मोहम्मद सिंह आजाद' था, जो भारत की धार्मिक एकता और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है।

 

7. अदालत में भी नहीं झुके

गिरफ्तारी के बाद अदालत में उन्होंने अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं जताया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्होंने अपने देशवासियों के साथ हुए अत्याचार का प्रतिशोध लिया है।

 

8. 31 जुलाई 1940 को दी गई फांसी

ब्रिटेन की पेंटनविले जेल में 31 जुलाई 1940 को उन्हें फांसी दी गई। इसी कारण हर वर्ष 31 जुलाई को उनका शहीद दिवस मनाया जाता है।

 

9. 34 साल बाद भारत लौटा उनका पार्थिव शरीर

वर्ष 1974 में महान क्रांतिकारी शहीद उधम सिंह के पार्थिव अवशेष उनकी शहादत के 30 साल बाद एयर इंडिया की विशेष उड़ान से भारत लाए गए थे, जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

 

10. आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं

ऊधम सिंह का जीवन हमें अन्याय के खिलाफ साहस, धैर्य, देशभक्ति और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा देता है। उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के स्वर्णिम अध्यायों में हमेशा अमर रहेगा। शहीद दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि देना और उनके आदर्शों को अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

 

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।