पीवी सिंधु और आयुष शेट्टी जीते लेकिन यह स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी हुआ बाहर

इंदिरा गांधी स्टेडियम में बुधवार को बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के तीसरे दिन, मेज़बान खिलाड़ियों के लिए मिले-जुले नतीजे रहे। पूर्व चैंपियन पीवी सिंधु और बड़े खिलाड़ियों को हराने वाले आयुष शेट्टी ने अपने दूसरे राउंड के प्रतिद्वंद्वियों को आसानी से हरा दिया।

नौवीं वरीयता प्राप्त सिंधु ने महिला सिंगल्स के दूसरे राउंड में कनाडा की झांग वेन यू को 21-16, 21-17 से हराया, जबकि आयुष ने श्रीलंका के डुमिंडु अबेविक्रमा को 21-8, 21-10 से हराने में सिर्फ़ 26 मिनट लिए और पुरुष सिंगल्स के प्री-क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाई।

राउंड ऑफ़ 16 में, सिंधु का मुक़ाबला चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त वांग ज़ी यी से होगा, जिन्होंने दिन की शुरुआत में मलेशिया की कारुओथेवन लेतशाना को 21-16, 21-9 से हराया था। आयुष का प्री-क्वार्टर फ़ाइनल मुक़ाबला इंडोनेशिया के 11वीं वरीयता प्राप्त अल्वी फरहान से होगा। 2023 के वर्ल्ड जूनियर चैंपियन ने फ़िनलैंड के जोआकिम ओल्डोर्फ़ के ख़िलाफ़ अपना दूसरे राउंड का मैच 21-12, 21-9 से आसानी से जीत लिया।

PV Sindhu

वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो बार ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाले सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भी बिना कोर्ट पर उतरे ही राउंड ऑफ़ 16 में पहुँच गए, क्योंकि अलेक्जेंडर डन की चोट के कारण उनके स्कॉटिश प्रतिद्वंद्वियों ने उन्हें वॉकओवर दे दिया।

जहाँ सिंधु और आयुष को अपने दूसरे राउंड के मुक़ाबलों में कोई परेशानी नहीं हुई, वहीं लक्ष्य और उन्नति को निराशा हाथ लगी। 14वीं सीड वाले लक्ष्य को अमेरिका के 18 साल के गैरेट टैन ने एक घंटे 13 मिनट तक चले कड़े मुकाबले में 19-21, 21-19, 21-17 से हराया। वहीं, उन्नति कनाडा की 13वीं सीड मिशेल ली के खिलाफ दो मैच पॉइंट का फायदा नहीं उठा सकीं और अपने वर्ल्ड चैंपियनशिप डेब्यू में 11-21, 21-9, 23-21 से हार गईं।

लक्ष्य ने टैन के खिलाफ पहला गेम तो जीत लिया, लेकिन अमेरिकी खिलाड़ी ने अपने ज़बरदस्त स्मैश से घरेलू खिलाड़ी को कड़ी टक्कर दी। लक्ष्य ने दूसरे गेम में वापसी करते हुए चार गेम पॉइंट बचाए, लेकिन मैच को निर्णायक गेम (डिसाइडर) में जाने से नहीं रोक सके। तीसरे और आखिरी गेम में भी लक्ष्य 4-11 से पीछे थे, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए स्कोर 16-17 तक पहुँचाया; हालाँकि, कुछ गलतियों और आक्रामक खेल दिखा रहे टैन ने उनकी वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

इससे पहले, उन्नति उलटफेर करने के करीब पहुँच गई थीं क्योंकि उन्होंने ली के खिलाफ दो मैच पॉइंट हासिल कर लिए थे। लेकिन दोनों ही मौकों पर उनके शॉट साइड में बाहर चले गए और ली ने मौके का फायदा उठाते हुए ‘डाउन-द-लाइन’ स्मैश के साथ मैच जीत लिया।

FIH Hockey World Cup में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराया

पाकिस्तान के खिलाफ पिछले एक दशक से चले आ रहे अजेय अभियान को जारी रखते हुए भारत ने एफआईएच विश्व कप के अहम मुकाबले में बुधवार को चिर प्रतिद्वंद्वी को 5-3 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया जबकि इस हार के साथ पाकिस्तान की पहले दौर से रवानगी तय हो गई।

आठ साल बाद विश्व कप खेल रही पाकिस्तानी टीम पहले क्वार्टर में ही दो गोल गंवाने के बाद दबाव में आ गई थी । दूसरे क्वार्टर में दो गोल करके उसने वापसी की कोशिश की लेकिन पिछले दो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकी भारतीय टीम अपेक्षा के अनुरूप उस पर भारी पड़ी।

भारत के लिये कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने (पांचवां और 21वां) पेनल्टी कॉर्नर पर दो गोल किये जबकि अभिषेक (11वां और 24वां) ने दो शानदार फील्ड गोल दागे । हार्दिक सिंह ने 34 वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल किया।पाकिस्तान के लिये हन्नान शाहिद (22वां और 46वां) ने दो फील्ड गोल किये जबकि सूफियान शेख (24वां ) ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला।पूल डी से इंग्लैंड और भारत ने दूसरे दौर के लिये क्वालीफाई कर लिया । इंग्लैंड से पहले दौर में हारने वाली भारतीय टीम दूसरे दौर में कोई अंक लेकर नहीं जायेगी।

भारत और पाकिस्तान विश्व कप में 16 साल बाद आमने सामने थे और पिछली बार दिल्ली में 2010 विश्व कप में भी भारत ने पाकिस्तान को 4-1 से हराया था । वेगनेर स्टेडियम पर दोनों टीमों की टक्कर 1973 में हुई थी जब भारत ने पाकिस्तान को सेमीफाइनल में एक गोल से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

पाकिस्तान के लिये यह मैच करो या मरो का था जिसे इंग्लैंड ने 4 -1 से हराया था जबकि वेल्स के खिलाफ मैच ड्रॉ रहा था।भारत ने पहले ही मिनट से आक्रामक खेल दिखाया और शुरूआती पंद्रह मिनट में पूरा खेल पाकिस्तान के सर्कल में हुआ । भारत ने पहले क्वार्टर में चार पेनल्टी कॉर्नर बनाये जिनमें से दूसरे पर पांचवें मिनट में हरमनप्रीत ने गोल करके बढत बना ली । इससे पहले सुखजीत ने बायें फ्लैंक से गेंद सर्कल पर अभिषेक को सौंपी लेकिन पाकिस्तानी गोलकीपर अली रजा ने अच्छा बचाव किया।भारत को अगले मिनट तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस बार पाकिस्तान के गोलकीपर ने हरमनप्रीत की फ्लिक को भांपकर गोल नहीं होने दिया।

अपना पहला विश्व कप खेल रहे आदित्य लालागे जबर्दस्त ड्रिबलिंग का प्रदर्शन करते हुए गेंद लेकर डी के भीतर घुसे लेकिन शानदार मूव को फिनिशिंग टच नहीं दे सके।शानदार फॉर्म में दिख रहे अभिषेक ने भारत को बढत दिलाई। हरमनप्रीत से हवा में गेंद लेकर अभिषेक ने बेहतरीन नियंत्रण का प्रदर्शन करते हुए गोल पर निशाना साधा जबकि पाकिस्तान का पूरा डिफेंस उन्हें घेरे हुए था । गेंद पाकिस्तानी डिफेंडर की स्टिक से लगकर गोल के भीतर गई।

भारत को 13वें मिनट में चौथा पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर हरमनप्रीत चूक गए । पहले क्वार्टर में भारत ने दो गोल की बढत बना ली थी।पाकिस्तान ने मैच का पहला मूव 18वें मिनट में बनाया लेकिन भारतीय डिफेंस को भेद नहीं सके। अगले मिनट पलटवार पर भारत ने पेनल्टी कॉर्नर बनाया जिस पर वैरिएशन में कामयाबी मिली।

हरमनप्रीत ने सीधे शॉट लेने की बजाय पीछे खड़े राजिंदर को गेंद सौंपी जिनके शॉट को पाकिस्तानी गोलकीपर ने बचा लिया लेकिन गेंद लौटकर हरमनप्रीत के पास आई जिनके दमदार शॉट पर गेंद सीधे गोल के भीतर जाकर रूकी। इससे पहले दीर्घा में किसी दर्शक को गेंद लगने से कुछ सेकंड खेल रोकना पड़ा।

तीन गोल गंवाने के बाद पाकिस्तानी टीम हरकत में आई और 22वें मिनट में इसका नतीजा पहले गोल के रूप में मिला। हन्नान शाहिद को डी के भीतर गेंद मिली जिनका पहला शॉट भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने बचा लिया लेकिन रिबाउंड पर उसे रोक नहीं सके।

अभिषेक ने जबर्दस्त कौशल का प्रदर्शन करते हुए अगले ही मिनट पाकिस्तानी डिफेंस को फिर दबाव में ला दिया। जुगराज से मिले लांग पास पर डी के भीतर बेहतरीन ड्रिबल करते हुए गेंद लेकर गए अभिषेक ने निशाना साधा और गेंद पाकिस्तानी डिफेंडर की स्टिक से टकराकर भीतर गई। पाकिस्तान को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर 24वें मिनट में मिला जिस पर सूफियान ने गोल दागा।

अगले ही मिनट सुमित की गलती पर पाकिस्तान को एक और पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन इस बार सुमित ने ही बचाव करके पाकिस्तान को तीसरा गोल नहीं करने दिया। सुखजीत को ब्रेक से ठीक पहले ग्रीनकार्ड मिला जिससे भारत दो मिनट तक दस खिलाड़ियों के साथ खेला।

भारत ने आक्रामक शुरूआत की लेकिन दूसरे क्वार्टर में पाकिस्तान ने दो गोल करके वापसी की कोशिश की । ब्रेक के समय स्कोर 4 -2 था।

भारत के लिये पांचवां गोल पेनल्टी स्ट्रोक पर हार्दिक सिंह ने किया । आदित्य लालागे को पाकिस्तानी डिफेंडर ने अरशद लियाकत ने बाधा पहुंचाई जिसका खामियाजा उन्हें पेनल्टी स्ट्रोक गंवाकर भुगतना पड़ा । पाकिस्तानी टीम ने दबाव में कई गलतियां की और तीन मिनट बाद फिर पेनल्टी कॉर्नर गंवाया।

हरमनप्रीत मैदान पर नहीं थे और अमित रोहिदास की स्लैप हिट गोलकीपर ने रोक दी । भारत के पास 41वें मिनट में गोल करने का सुनहरा मौका था जब सुखजीत लंबे पास पर गेंद लेकर भीतर गए और सामने सिर्फ पाकिस्तानी गोलकीपर था लेकिन वह सही निशाना नहीं लगा सके।

 अगले मिनट पाकिस्तान को पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन सूफियान की ड्रैग फ्लिक को रोहिदास ने रोक लिया । गेंद भीतर ही थी जिसे भारतीय डिफेंस ने मुस्तैदी से बाहर निकाल दिया । आखिरी क्वार्टर की शुरूआत में ही हार्दिक ने मिडफील्ड में गेंद गंवाई और भारत के खाली पड़े डिफेंस का फायदा उठाते हुए हन्नान ने आसान गोल दागा।

भारत को 49वें मिनट में फिर मौका मिला जब अभिषेक ने गेंद छीनकर दिलप्रीत को सौंपी लेकिन वह उस पर कब्जा बरकरार नहीं रख पाये । इसके दो मिनट बाद सर्कल के भीतर सुखजीत से मिले पास पर अभिषेक निशाना नहीं साध सके।

आदित्य लालागे को 56वें मिनट में पीला कार्ड मिलने से भारत को आखिरी मिनटों में दस खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा । पाकिस्तान को आखिरी सीटी बजने से दो मिनट पहले पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन वैरिएशन नाकाम रहा। 

BWF World Championship में पहली बार हुआ गोल्डन प्वाइंट, पर मेजबान भारत के खिलाफ

Badminton tournament

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में चल रही बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में यह पहला मौका है, जब कोई गेम गोल्डन पॉइंट तक पहुंचा है। अशित सूर्या और अमृता प्रमुतेश की भारतीय जोड़ी एमरे सोनमेज़ और यास्मीन बेक्तास से 71 मिनट चले रोमांचक मुकाबले में 21-16, 29-30, 22-24 से हार गयी।पहला गेम आसानी से जीतने के बावजूद, भारतीय जोड़ी दूसरा गेम गोल्डन पॉइंट में हार गयी और निर्णायक गेम में मैच अपने नाम नहीं कर सकी।

क्या होता है गोल्डन प्वाइंट?

इस वर्ल्ड चैंपियनशिप में यह पहला मौका है, जब कोई गेम गोल्डन पॉइंट तक पहुंचा है। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी तुर्की की जोड़ी को कड़ी टक्कर दे रही थी और दोनों जोड़ियां बारी-बारी से पॉइंट जीत रही थीं। जब कोई भी जोड़ी गेम जीतने के लिए जरूरी दो पॉइंट की बढ़त नहीं बना पायी, तो गोल्डन पॉइंट का नियम लागू हुआ। गोल्डन पॉइंट तुरंत उस गेम के विजेता (30-29) का फैसला करता है, और दो पॉइंट की बढ़त वाले सामान्य नियम को दरकिनार कर देता है।

तुर्की की जोड़ी गोल्डन पॉइंट में सफल रही और दूसरा गेम जीतकर मैच में वापसी की। आखिरकार उन्होंने निर्णायक गेम 24-22 से जीता। गोल्डन पॉइंट का एक मशहूर उदाहरण है ऑल इंग्लैंड 2021 फ़ाइनल में विक्टर एक्सेलसन के ख़िलाफ़ ली जी जिया की जीत। उन्होंने पहला गेम 30-29 से जीता और फिर निर्णायक गेम 21-9 से जीतकर खिताब अपने नाम किया था।

दो टीमों के हटने के बाद रिज़र्व लिस्ट से इन नये खिलाड़ियों को आख़िरी समय में एंट्री मिली थी। जब उन्हें इस कन्फर्मेशन के बारे में पता चला, तो वे एक स्टेट चैंपियनशिप खेल रहे थे। अशित ने कहा, “हम स्टेट चैंपियनशिप खेल रहे थे और अब हम यहां हैं। यह हमारे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।”

भारतीय जोड़ी ने कहा, “यह हमारे लिए एक स्प्रिंगबोर्ड (आगे बढ़ने का ज़रिया) का काम करेगा। हमें उम्मीद है कि हम इससे और बेहतर होंगे।”अशित ने कहा, “यह हमारे लिए एक कड़ा मुक़ाबला था। हमने पहला गेम जीता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। लेकिन हम सडन डेथ पॉइंट नहीं जीत पाये।” अमृता ने कहा कि यह अनुभव भविष्य के टूर्नामेंट में उनकी मदद करेगा। उन्होंने कहा, “हम यह सीखेंगे कि जब मौका मिले तो मैच पॉइंट कैसे जीतें। आख़िर तक मैच को खींचने का कोई फ़ायदा नहीं है।”


बिना मैच जीते विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के प्री क्वार्टफाइनल में पहुंचे सात्विक और चिराग

Satvik Chirag

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने दूसरे दौर में वॉकओवर मिलने के बाद बुधवार को बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

विश्व चैंपियनशिप में पहले दो कांस्य पदक जीत चुकी पांचवीं वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी को पहले दौर में बाई मिली थी तथा दूसरे दौर में उनका मुकाबला स्कॉटलैंड के एलेक्जेंडर डन और एडम प्रिंगल से होना था।स्कॉटलैंड की जोड़ी ने हालांकि आखिरी क्षण में नाम वापस ले लिया, जिससे सात्विक और चिराग को कोर्ट में उतरे बिना ही ‘राउंड ऑफ 16’ में जगह मिल गई।

तनीशा क्रास्टो और ध्रुव कपिला की मिश्रित युगल जोड़ी ने भी मकाऊ के लियोन इओक चोंग और एनजी वेंग ची को 21-11 21-11 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।भारतीय खिलाड़ियों में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू, आयुष शेट्टी और लक्ष्य सेन को भी बुधवार को अपने मैच खेलने हैं।

कंधे की बार-बार उभरने वाली चोट ने सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी के लिए मुश्किलें बढ़ाई हैं और कई बार उनके जोड़ीदार चिराग शेट्टी के लिए भी यह स्थिति “परेशान करने वाली” रही है, लेकिन भारतीय पुरुष युगल जोड़ी घरेलू सरजमीं पर विश्व चैंपियनशिप में अपने पदक के रंग को बेहतर करने के लक्ष्य के साथ अपने आक्रामक और तेजतर्रार खेल पर कायम रहेगी।

सात्विक पिछले कुछ वर्षों से कंधे की इस समस्या से जूझ रहे हैं, जिसके कारण शानदार टूर्नामेंट के बाद भी उनके लिए लय बरकरार रखना मुश्किल रहा है। इस जोड़ी ने दो साल के अंतराल के बाद अपना पहला खिताब जीतते हुए सिंगापुर ओपन सुपर 750 अपने नाम किया था, लेकिन इसके बाद चोट फिर उभर आई और उन्हें इंडोनेशिया ओपन में मुकाबले के बीच से हटना पड़ा तथा जापान ओपन से नाम वापस लेना पड़ा।

सात्विक और चिराग पुरुष युगल वर्ग की उन शीर्ष पांच जोड़ियों में शामिल हैं, जिन पर विश्व चैंपियनशिप में खास नजर रहेगी। पुरुष युगल का मुकाबला परंपरागत रूप से बेहद खुला रहा है और पिछले छह संस्करणों में पांच देशों की छह अलग-अलग जोड़ियां खिताब जीत चुकी हैं।

विश्व नंबर एक किम वोन हो और सियो सेउंग जे ने 2025 की अपनी शानदार फॉर्म को इस सत्र की शुरुआत में भी जारी रखा था, लेकिन मई में थॉमस कप फाइनल के बाद उनकी कमजोरियां नजर आई हैं। इससे फजार अल्फियां-मुहम्मद शोहिबुल फिकरी, गोह से फी-नूर इज्जुद्दीन और भारतीय जोड़ी जैसी चुनौती पेश करने वाली जोड़ियों के लिए उम्मीदें बढ़ी हैं।


पहला सेट हारने के बाद लक्ष्य सेन ने की जोरदार वापसी, विश्व चैंपियनशिप में जीत से आगाज

स्टार भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने मंगलवार को पहला गेम गंवाने के बाद जोरदार वापसी करते हुए ऑस्ट्रिया के कॉलिन्स वैलेंटाइन फिलिमोन को तीन गेम तक चले कड़े मुकाबले में हराकर बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के पुरुष एकल के दूसरे दौर में प्रवेश किया।

लक्ष्य ने 45 मिनट तक चले मुकाबले में फिलिमोन को 16-21, 21-8, 21-4 से हराया।दूसरे दौर में लक्ष्य का सामना अमेरिका के गैरेट टैन से होगा जिन्होंने स्विट्जरलैंड के टोबियास कुएंजी को 21-4, 21-15 से हराया।लक्ष्य ने धीमी शुरुआत की और उनके कम रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वी ने पहले गेम में उन्हें लगातार दबाव में रखा। स्टार भारतीय खिलाड़ी लय हासिल करने के लिए जूझता दिखा। दोनों खिलाड़ी एक समय लगभग बराबरी पर चल रहे थे लेकिन लक्ष्य के लचर खेल और सहज गलतियों का फायदा उठाते हुए फिलिमोन ने लगातार छह अंक जुटाकर 17-12 की बढ़त बना ली।

 लक्ष्य ने कुछ अंक जुटाकर वापसी की कोशिश की लेकिन ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी ने धैर्य बरकरार रखते पहला गेम अपने नाम कर लिया।दूसरे गेम में दोनों खिलाड़ी 7-7 की बराबरी पर थे जिसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने आक्रामक खेल के दम पर 11-8 की बढ़त हासिल कर ली।

इसके बाद लक्ष्य ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए लगातार 10 अंक जुटाए और प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं देते हुए दूसरा गेम जीतकर स्कोर 1-1 कर दिया। इस दौरान फिलिमोन की लय भी टूटती नजर आई।इसके बाद लक्ष्य को रोकना मुश्किल हो गया। उन्होंने अपना आक्रामक खेल जारी रखा और फिलिमोन से लगातार सहज गलतियां कराईं। भारतीय खिलाड़ी ने 15-1 की बढ़त के साथ मैच पर पूरी तरह पकड़ बना ली और आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

इससे पहले त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की गैरवरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने महिला युगल में लॉरेन लैम और एलिसन क्विन ली की अमेरिका की 16वीं वरीय जोड़ी को सीधे गेम में हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।त्रीसा और गायत्री ने दूसरे दौर में महज 38 मिनट में विरोधी जोड़ी को 21-15, 21-12 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई।

भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाते हुए आत्मविश्वास के साथ खेल शुरू किया। त्रीसा ने अपने दमदार स्मैश से अंक जुटाए जबकि गायत्री ने शटल को खेल में बनाए रखने के साथ सटीक ड्रॉप शॉट लगाए और दोनों ने पहला गेम आसानी से अपने नाम किया।दूसरे गेम में भी भारतीय जोड़ी ने इसी अंदाज में शुरुआत की और ब्रेक तक 11-4 की बढ़त बना ली।

भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल जारी रखा और उनकी प्रतिद्वंद्वियों की कुछ सहज गलतियों का भी उन्हें फायदा मिला।कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी को दूसरे दौर में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें गैब्रिएला स्टोएवा और स्टेफनी स्टोएवा की बुल्गारिया की नौवीं वरीय जोड़ी ने 32 मिनट में सीधे गेम में 21-7, 21-14 से हराया।मिश्रित युगल में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी गड्डे तथा असित सूर्या और अमृता प्रमुथेश की जोड़ियां पहले दौर में ही बाहर हो गईं।

 रोहन और रुत्विका की जोड़ी को जोनाथन बिंग सान लाई और क्रिस्टल लाई की कनाडा की जोड़ी के खिलाफ कड़े मुकाबले में 22-20, 19-21, 17-21 से हार मिली।असित और अमृता को एमरे सोनमेज और यासेमेन बेक्टास की तुर्किये की जोड़ी के खिलाफ कड़े मुकाबले में 21-16, 29-30, 22-24 से हार का सामना करना पड़ा।

भारत की एक अन्य मिश्रित युगल जोड़ी ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो अभी प्रतियोगिता में बनी हुई है। इस 15वीं वरीय जोड़ी को पहले दौर में बाई मिली थी और वह दूसरे दौर में मकाऊ के इओक चोंग लियोंग और वेंग ची एनजी से भिड़ेगी।उभरती हुई भारतीय महिला एकल खिलाड़ी उन्नति हुड्डा ने भी दूसरे दौर में जगह बना ली। उन्होंने 40 मिनट चले मुकाबले में म्यांमार की थेट हतार थुजार को 22-20, 21-16 से हराया।उन्नति का अगले दौर में सामना कनाडा की 13वीं वरीय मिशेल ली से होगा।

भारतीय हॉकी टीम ने दक्षिण अफ्रीका को पहली बार हॉकी विश्वकप में हराया

पहले ही मैच में ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को ड्रॉ पर रोकने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम ने आक्रामक लय को कायम रखते हुए एफआईएच विश्व कप के पूल डी के दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त कर लिया। वेगनेर स्टेडियम पर खेले गए इस मैच में भारत के लिये छह अलग अलग खिलाड़ियों ने गोल किये और तीन गोल तीसरे क्वार्टर में ही हुए। टूर्नामेंट में 11 पदार्पण करने वाली खिलाड़ियों को लेकर उतरे कोच शोर्ड मारिन के चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि यह प्रदर्शन उनके लिये क्या मायने रखता है।

भारत के लिये सुनेलिटा टोप्पो (11वां), नवनीत कौर (17वां), सुशीला चानू (25वां) , दीपिका (38वां), लालरेम्सियामी (44वां) और साक्षी राणा (45वां ) ने गोल दागे। आर्थिक परेशानियों से जूझते हुए टूर्नामेंट की तैयारी के लिये सोशल मीडिया पर अपील के बाद सरकार से मदद पाकर यहां पहुंची दक्षिण अफ्रीका के लिये एकमात्र गोल 55वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर कायला डे वाल ने दागा।

 इस जीत के बाद अब पूल चरण से चीन, भारत और इंग्लैंड तीनों के रास्ते खुले हैं और बड़े अंतर से जीत के कारण गोल औसत में भारत की उम्मीदें बेहतर होंगी। भारत के दो मैचों में एक जीत और एक ड्रॉ के बाद चीन के समान चार अंक है लेकिन गोल औसत के आधार पर भारत पूल में शीर्ष पर है । इंग्लैंड के एक जीत और एक हार के बाद तीन अंक हैं जबकि दक्षिण अफ्रीका दो मैच हारकर दौड़ से बाहर है।भारत को अब 20 अगस्त को इंग्लैंड से खेलना है जिसके बाद अगले दौर में पहुंचने वाली टीम का निर्धारण होगा।

मैच का पहला मूव दक्षिण अफ्रीका ने बनाया और चौथे ही मिनट में उसे पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन भारतीय गोलकीपर बिछू देवी ने आसान बचाव किया। भारत को जवाबी हमले में सातवें मिनट में बलजीत कौर ने पेनल्टी कॉर्नर दिलाया जिस पर बाहर की ओर जाती दीपिका की फ्लिक पर दक्षिण अफ्रीका की गोलकीपर वान टोंडेर मार्लिसे ने गेंद को दाहिने ओर से बाहर निकाल दिया।

भारत के लिये पहला गोल 11वें मिनट में सुनेलिटा ने किया । साक्षी राणा ने शॉट लेने की कोशिश की लेकिन गेंद छिटक गई और गोल के सामने खड़ी सुनेलिटा ने आसानी से उसे भीतर डाल दिया।दूसरे क्वार्टर में भारत की शुरूआत आक्रामक ही रही और दूसरे मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर को नवनीत ने गोल में बदलकर बढत दुगुनी कर दी। नवनीत ने चतुराई से एंगल बदला और दाहिनी ओर नीचे की तरफ दमदार शॉट लगाकर गेंद को गोलकीपर और डिफेंडर के बीच से निकालते हुए भारत के लिये दूसरा गोल किया।

दक्षिण अफ्रीका के लिये ओंथाटाइल थाटी जुलू ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया और कई बार भारतीय डिफेंस में सेंध लगाने की कोशिश की। वह 23वें मिनट में मैदान के बीच से दाहिने विंग से अकेले गेंद लेकर दौड़ी लेकिन भारतीय डिफेंस चौकस था। इसी मिनट भारत को तीसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन नवनीत के शॉट पर गेंद दक्षिण अफ्रीका के डिफेंडर से टकराई ।भारत को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले।

 पांचवें पेनल्टी कॉर्नर पर दीपिका की फ्लिक पहले रशर से टकराई लेकिन सुशीला ने रिबाउंड पर गोल करके भारत की बढत 3-0 की कर दी।भारत को ब्रेक से चार मिनट पहले एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन दीपिका की दमदार ड्रैग फ्लिक को एक बार फिर वान डोर ने आगे बढकर बचाया और रिबाउंड शॉट पोस्ट से टकरा गया।

दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे क्वार्टर में एकमात्र अच्छा प्रयास 29वें मिनट में किया जब एनत्सोपा मोकोएना भारतीय सर्कल में घुसी तो गोलकीपर के अलावा कोई नहीं था लेकिन उनके शॉट पर गेंद हवा में उछलकर बाहर निकल गई।भारत के पास पहले हाफ के बाद तीन गोल की शानदार बढत थी।

ब्रेक के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने उसी लय को कायम रखा और 38वें मिनट में फॉरवर्ड पंक्ति के बीच बेहतरीन पासिंग से भारत को एक और गोल मिला। नवनीत ने बलजीत को तेजी से पास दिया जिसने बायीं ओर से दीपिका को क्रॉस दिया और दीपिका ने बैकहैंड पर गेंद रोककर सीधे शॉट पर गोल के भीतर डाल दिया।

 दक्षिण अफ्रीका को अगले मिनट पलटवार पर मिला पेनल्टी कॉर्नर बेकार गया। भारत ने तीसरे क्वार्टर में एक गोल और दागा और यह आज ही अर्जुन पुरस्कार पाने वाली लालरेम्सियामी के खाते में गया। नेहा से हवा में मिली गेंद को बेहतर नियंत्रण दिखाते हुए उन्होंने रोका और उसी मूव में शॉट लगाते हुए गोल कर दिया।

गोलों की बौछार के बीच अगले मिनट साक्षी राणा ने भी स्कोरर में अपना नाम दर्ज कराया। कप्तान सलीमा टेटे ने इशिका को गेंद सौंपी जिनका शॉट गोलपोस्ट से टकराया लेकिन रिबाउंड पर साक्षी ने भारत का छठा गोल किया।
दक्षिण अफ्रीका ने आखिरी मिनटों में मिले पेनल्टी कॉर्नर को तब्दील करके भारत को क्लीन शीट रखने से रोका।

17 खिलाड़ियों को मिलेगा अर्जुन पुरुस्कार पर एक को भी खेल रत्न नहीं

खेल मंत्रालय ने मंगलवार को वर्ष 2025 के लिए किसी भी खिलाड़ी को प्रतिष्ठित ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार नहीं देने का फैसला किया जबकि 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना।इन पुरस्कारों के लिए छह महीने पहले सिफारिश की गई थी जिनका खेल मंत्रालय ने मूल्यांकन किया और किसी भी खिलाड़ी को खेल रत्न पुरस्कार नहीं देने का फैसला लिया।

उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने हॉकी स्टार हार्दिक सिंह को देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार के लिए नामित किया था लेकिन आखिर में वह दौड़ से बाहर हो गए। इससे पहले, 2014 में भी खेल रत्न पुरस्कार नहीं दिया गया था।विश्वकप विजेता शतरंज खिलाड़ी दिव्या देशमुख, डेकाथलॉन और ऊंची कूद के एथलीट तेजस्विन शंकर और बैडमिंटन खिलाड़ी गायत्री गोपीचंद उन 17 खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्हें मंगलवार को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित किया गया।

अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित खिलाड़ियों में ग्रैंडमास्टर विदित गुजराती, गायत्री गोपीचंद की महिला युगल जोड़ीदार त्रीसा जॉली, ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता मुक्केबाज नरेंद्र और युवा बधिर राइफल निशानेबाज धनुष श्रीकांत भी शामिल हैं।एशियाई खेल 1962 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे फुटबॉलर आई अरुमैनायगम को आजीवन उपलब्धि के लिए अर्जुन पुरस्कार दिया गया है।

इस वर्ष चयन समिति ने अर्जुन पुरस्कार के लिए 24 नामों की सिफारिश की थी, लेकिन मंत्रालय ने केवल 17 नामों को ही मंजूरी दी।पुरस्कारों की घोषणा करने में बहुत देरी हुई। खेल मंत्रालय ने योग के खिलाड़ियों को ही सम्मानित करने के उद्देश्य से पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई।

शतरंज खिलाड़ी 19 वर्षीय देशमुख विश्व कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं। विदित गुजराती 2024 शतरंज ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे।एशियाई खेल 2023 में डेकाथलॉन में ऐतिहासिक रजत पदक और पिछले साल एशियाई चैंपियनशिप में दूसरा स्थान हासिल करने वाले तेजस्विन शंकर ने घुटने की समस्या से जूझने के बावजूद राष्ट्रमंडल खेलों में एक कांस्य पदक जीता।

वह उन खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने पुरस्कारों की घोषणा में देरी की आलोचना करते हुए इसे खिलाड़ियों के प्रति अनादरपूर्ण बताया।वर्ष 2024 में रिकॉर्ड 32 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जिनमें से 17 पैरा-स्पोर्ट्स से थे। इस बार पैरा-स्पोर्ट्स से केवल दो नाम ही अंतिम सूची में शामिल हो पाए।

पैरा विश्व चैंपियनशिप 2024 में स्वर्ण पदक जीतने वाली पैरा क्लब की थ्रोअर एकता भ्याण और पैरा विश्व कप 2024 के स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज रुद्रंश खंडेलवाल को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है। हालांकि, इस सूची में किसी भी क्रिकेटर का नाम नहीं है। मोहम्मद शमी को 2023 में अर्जुन पुरस्कार दिए जाने के बाद कोई भी क्रिकेटर इस पुरस्कार के लिए नहीं चुना गया है।

मंत्रालय ने तीन द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं के नाम घोषित किए हैं।देश का सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न में एक पदक, प्रशस्ति पत्र और 25 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाता है, जबकि अर्जुन पुरस्कार विजेता को 15 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाता है।

पिछले साल खेल रत्न पुरस्कार चार खिलाड़ियों को दिया गया था। इनमें विश्व चैंपियन शतरंज खिलाड़ी डी गुकेश, पुरुष हॉकी कप्तान हरमनप्रीत सिंह, पैरा-एथलीट प्रवीण कुमार और निशानेबाज मनु भाकर शामिल थे।ये पुरस्कार परंपरागत रूप से हर साल 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में प्रदान किए जाते हैं, जो भारत के महानतम खिलाड़ियों में से एक हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती भी है। लेकिन अब इसकी कोई तिथि निश्चित नहीं है।

इस वर्ष पुरस्कार चयनसमिति में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के उपाध्यक्ष गगन नारंग, पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी अपर्णा पोपट और पूर्व हॉकी खिलाड़ी एम एम सोमैया भी शामिल थे।

अर्जुन पुरस्कार: तेजस्विन शंकर (एथलेटिक्स), प्रियंका गोस्वामी (एथलेटिक्स), नरेंद्र (मुक्केबाजी), विदित गुजराती (शतरंज), दिव्या देशमुख (शतरंज), धनुष श्रीकांत (बधिर शूटिंग), राजकुमार पाल (हॉकी), सुरजीत (कबड्डी), रुद्रांश खंडेलवाल (पैरा-शूटिंग), एकता भ्याण (पैरा-एथलेटिक्स), अरविंद सिंह (रोइंग), अखिल श्योराण (शूटिंग), त्रीसा जॉली (बैडमिंटन), गायत्री गोपीचंद (बैडमिंटन), लालरेम्सियामी (हॉकी), मुहम्मद अजमल (एथलेटिक्स), पूजा (कबड्डी)।

अर्जुन पुरस्कार (जीवनपर्यंत): श्री आई अरुमैनायगम (फुटबॉल)

द्रोणाचार्य पुरस्कार: परवीर सिंह, छोटे लाल यादव, नेहा चव्हाण

द्रोणाचार्य पुरस्कार (जीवनपर्यंत): धर्मेंद्र यादव, वीरेंद्र कुमार।

हॉकी विश्वकप में अब पाकिस्तान पर जीत बेहद जरूरी, हारे तो होंगे बाहर

भारत ने FIH हॉकी विश्वकप में वेल्स को 3-1 से हराकर शानदार शुरुआत की लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ लचर रक्षात्मक पंक्ति के कारण मैच को 2-4 से गंवाना पड़ा। ऐसे में अब 19 तारीख को पाकिस्तान के खिलाफ मैच निर्णायक बन जाता है। इसमें भारत को हर हाल में जीत चाहिए क्योंकि ड्रॉ भी भारत को मुश्किल में डाल सकता है।

वैसे तो कल पाकिस्तान भी वेल्स के साथ 3-3 की बराबरी पर रहा। यह भारत को एक बेहतर समीकरण बनाकर दे सकता है अगर पाकिस्तान के खिलाफ मैच ड्रॉ होता है तो लेकिन 51 साल बाद विश्वकप का सपना संजोए खड़ी भारतीय टीम शुरुआत में ही इतनी चिंता में नहीं दिखना चाहती थी।

पाकिस्तान की बात करें तो कभी हॉकी विश्वकप की सबसे सफल टीम रसातल में है। पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है जिसकी तस्वीर खिलाड़ियों के प्रदर्शन से दिख जाती है।

वहीं  कागज पर भारत कहीं बेहतर टीम लगती है। टीम के पास अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का बेहतरीन संतुलन है। दोनों टीमों के बीच में तकनीक और कौशल का इतना अंतर है कि अगर कल पाकिस्तान भारत को हराने में कामयाब होता है तो इसको बहुत बड़ा उलटफेर कहा जाएगा।

आठ बार की ओलंपिक चैम्पियन भारत और चार बार की विश्व कप विजेता पाकिस्तान के बीच भले ही मैदानी प्रतिद्वंद्विता का गौरवशाली इतिहास रहा हो लेकिन एशियाई दिग्गजों के बीच पिछले लगभग सभी मुकाबले बेमेल रहने से वह रोमांच खत्म हो गया है।

मौजूदा फॉर्म को देखते हुए भारत का पलड़ा भारी लग रहा है लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ मैच सिर्फ कौशल का नहीं होता, खिलाड़ियों को जज्बात पर काबू रखकर भी खेलना होगा। भारतीय टीम ने हालांकि विश्व कप से ठीक पहले लंदन में प्रो लीग के यूरोप चरण में पाकिस्तान पर 7-1 और 4-3 से जीत दर्ज की थी। पाकिस्तानी टीम ने आखिरी बाद भारत को 2016 चैम्पियंस ट्रॉफी में हराया था।

उसके बाद से भारत और पाकिस्तान के प्रदर्शन ग्राफ में जमीन आसमान का अंतर आ गया है। भारतीय टीम लगातार दो ओलंपिक पदक जीत चुकी है जबकि विश्व कप की सबसे सफल टीम रही चार बार की चैम्पियन पाकिस्तान टूर्नामेंट में आठ साल बाद लौटी है। एफआईएच प्रो लीग में सारे मैच हारकर आखिरी स्थान पर रही थी और टूर्नामेंट से ठीक पहले कोच हरमान क्रूस के लौट जाने से तैयारियों पर भी असर पड़ा है।

भारत के हरमनप्रीत सिंह पाकिस्तान के खिलाफ हमेशा बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं वैसे ही जैसे विराट कोहली पाकिस्तानी टीम के खिलाफ हमेशा बेहतरीन बल्लेबाजी करते हैं। भारत बनाम पाकिस्तान मैच का  जो भी नतीजा हो इंग्लैंड अब पूल डी के शीर्ष पर ही रहेगी।  भारत इस ग्रुप की दूसरी टीम बनने के करीब है लेकिन जो ग्रुप उसको इस पूल के बाद मिलेगा वह काफी कठिन होने वाला है।

इँग्लैंड के खिलाफ लचर रक्षापंक्ति ने टीम के अभियान की कलई खोलकर रख दी है। ऐसे में भारत को ना सिर्फ पाकिस्तान बल्कि आने वाले मुकाबलों में भी 70 मिनट तक बेहतरीन खेल दिखाना होगा।

मैच का समय – 19 अगस्त, शाम 6.30 बजे

कहां देखें- स्टार स्पोर्ट्स सिलेक्ट या फिर जियोहॉटस्टार

नंबर 1 बैडमिंटन खिलाड़ी को हराकर आयुष शेट्टी ने किया बड़ा उलटफेर (Video Highlights)

भारत के आयुष शेट्टी ने सोमवार को बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के शुरुआती दौर के रोमांचक मुकाबले में चीन के दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी शी यू की को हराकर तहलका मचा दिया जबकि महिला वर्ग में पीवी सिंधु ने आसान जीत हासिल की।रैंकिंग में 22वें स्थान पर मौजूद 21 वर्षीय भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपने डेब्यू मैच में 30 वर्षीय चीनी टॉप सीड खिलाड़ी के खिलाफ संयम बनाए रखा और 21-14, 13-21, 21-19 से शानदार जीत हासिल की।

आयुष इस मैच से पहले शी यू की के खिलाफ 0-3 के हेड-टू-हेड रिकॉर्ड के साथ उतरे थे, लेकिन उनमें से दो मुकाबले काफी कड़े रहे थे। पिछले साल इंडोनेशिया मास्टर्स में, शी यू की ने भारतीय खिलाड़ी को 21-19, 21-19 से हराया था, जबकि इस साल की शुरुआत में मलेशिया ओपन के राउंड ऑफ़ 16 में आयुष को हराने के लिए उन्हें तीन गेम और एक घंटा 10 मिनट का समय लगा था। हालांकि, उनकी सबसे हालिया भिड़ंत एकतरफा रही थी। अप्रैल में निंगबो में बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में शी यू की ने आयुष को 21-8, 21-10 से हराया था।

नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन के खिलाफ, आयुष ने दिखाया कि अप्रैल की उस हार के बाद से उनमें काफी सुधार हुआ है। भारतीय खिलाड़ी ने मजबूत शुरुआत की और 8-3 की बढ़त बना ली। उन्होंने अपनी बढ़त को 13-6 तक पहुंचाया और फिर संयम बनाए रखते हुए पहला गेम 21-14 से जीत लिया।

दूसरे गेम में शी यू की ने वापसी की; दोनों खिलाड़ी 8-8 की बराबरी पर थे, जिसके बाद चीनी शटलर ने धीरे-धीरे गेम पर पकड़ बना ली। शी यू की 15-10 से पांच अंक आगे हो गए और फिर बढ़त को 17-13 तक पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने लगातार चार अंक जीतकर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। आखिरी गेम में स्कोर 3-3 से बराबर था, लेकिन फिर आयुष ने लगातार तीन पॉइंट जीतकर बढ़त बना ली और इंटरवल तक 11-5 से आगे हो गए। इसके बाद, शी यू की की वापसी की कोशिशों के बावजूद आयुष ने अपना संयम बनाए रखा और दुनिया के नंबर 1 बैडमिंटन खिलाड़ी के खिलाफ शानदार जीत हासिल की।

वहीं, पीवी सिंधु ने आयरलैंड की सोफिया नोबल के खिलाफ सीधे गेम में जीत के साथ अपने महिला सिंगल्स अभियान की शुरुआत की। दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट और पांच बार की वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट, नौवीं वरीयता प्राप्त भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने दुनिया की 141वें नंबर की खिलाड़ी को 29 मिनट में 21-7, 21-13 से हराया। 2019 की वर्ल्ड चैंपियन सिंधु का अगला मुकाबला राउंड ऑफ़ 32 में कनाडा की वेन यू झांग से होगा।

इस भारतीय खिलाड़ी के नाम दो ब्रॉन्ज मेडल, दो सिल्वर मेडल और एक गोल्ड मेडल (जो उन्होंने 2019 में जीता था) दर्ज हैं। इस बड़े इवेंट में सेमीफाइनल में पहुंचने पर उनका कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का हो जाएगा और वह वर्ल्ड चैंपियनशिप के इतिहास में छह मेडल जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन जाएंगी। केवल दो अन्य खिलाड़ियों ने पांच वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीते हैं — चीन के लिन डैन, जिनके नाम पांच मेन्स सिंगल्स गोल्ड हैं, और उनके देश के झाओ युनलेई, जिन्होंने तीन मिक्स्ड डबल्स और दो विमेंस डबल्स खिताब जीते हैं। सिंधु ने शुरू से ही अपनी कमज़ोर मानी जा रही प्रतिद्वंद्वी पर दबदबा बनाए रखा और 29 मिनट में आसानी से मैच जीत लिया।

इससे पहले दिन में, ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने स्पेन की पाउला लोपेज़ और लूसिया रोड्रिग्ज़ के खिलाफ 21-9, 21-13 की शानदार जीत के साथ महिला डबल्स के दूसरे राउंड में जगह बनाई। भारतीय जोड़ी को राउंड ऑफ़ 64 के अपने मैच में जीत हासिल करने में सिर्फ़ 33 मिनट लगे। कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट जोड़ी का अगला मुकाबला राउंड ऑफ़ 32 में अमेरिका की लॉरेन लैम और एलिसन क्विन ली (16वीं वरीयता प्राप्त) से होगा।

एमआर अर्जुन और हरिहरन अमसाकरुणन पुरुष डबल्स में आगे बढ़े, क्योंकि उनके आयरिश प्रतिद्वंद्वी स्कॉट गिल्डिया और पॉल रेनॉल्ड्स शुरुआती राउंड के मैच के दौरान चोट के कारण हट गए। दुनिया में 24वें नंबर की भारतीय जोड़ी ने पहला गेम 21-16 से जीता था और दूसरे गेम में 6-4 से आगे चल रही थी, तभी दुनिया के 102वें नंबर की आयरिश जोड़ी आगे नहीं खेल पाई। इस नतीजे के साथ भारतीय जोड़ी राउंड ऑफ़ 32 में पहुंच गई है, जहां उनका मुकाबला 15वीं वरीयता प्राप्त रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया की जोड़ी कांग मिन ह्युक और की डोंग जू से होगा।

पुरुष डबल्स की स्टार जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी, जो पांचवीं वरीयता प्राप्त हैं, को दूसरे दौर में सीधे प्रवेश मिला है, जहां उनका सामना स्कॉटलैंड के अलेक्जेंडर डन और एडम प्रिंगल से होगा।

विश्वकप में भारतीय हॉकी टीम को इंग्लैंड ने 2-4 से हराकर चौंकाया

भारत को FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के पूल डी मैच में इंग्लैंड के हाथों सोमवार को 2-4 से हार का सामना करना पड़ा।मैच की शुरुआत में पहले क्वार्टर में निक बांडुरक ने गोल करके इंग्लैंड को बढ़त दिलाई, लेकिन दूसरे क्वार्टर में कप्तान हरमनप्रीत सिंह और दिलप्रीत सिंह के गोल की बदौलत भारत ने जोरदार वापसी की।

हालांकि, आखिरी दो क्वार्टर में इंग्लैंड ने भारत को पीछे छोड़ दिया। तीसरे क्वार्टर में स्टुअर्ट रशमेयर और हेनरी क्रॉफ्ट ने गोल करके इंग्लैंड को बढ़त दिलाई, जबकि बांडुरक ने एक और गोल करके इंग्लैंड की जीत पक्की कर दी।

इस नतीजे का मतलब है कि अगले दौर में जगह पक्की करने के लिए भारत को पाकिस्तान के खिलाफ अपना आखिरी पूल मैच जीतना होगा। क्वालिफिकेशन पक्का करने के लिए भारत को जीतना ज़रूरी है, लेकिन अगर मैच ड्रॉ होता है तो उनके बाहर होने का खतरा रहेगा। हारने पर वे वर्ल्ड कप से पूरी तरह बाहर हो जाएंगे।19 अगस्त को होने वाले इस बड़े मुकाबले पर सबकी नज़रें टिकी हैं!

दूसरे क्वार्टर में दो गोल करने वाली भारतीय टीम ने आखिरी 30 मिनट में इंग्लैंड को डिफेंस में सेंध लगाने का मौका दे दिया । इंग्लैंड के लिये निकोलस बेंडारूक ने (14वें और 55वें मिनट ) दो गोल किये जबकि स्टुअर्ट रशमेयेर ने 39वें और हेनरी क्रोफ्ट ने 43वें मिनट में गोल दागा । भारत के लिये कप्तान हरमनप्रीत सिंह (17वां ) और दिलप्रीत सिंह (25वां ) ने गोल किये।

पूल डी में दोनों मैच जीतकर इंग्लैंड शीर्ष पर है जबकि एक जीत और एक हार के बाद भारत दूसरे स्थान पर है । वेल्स से ड्रॉ खेलने के बाद पाकिस्तान एक हार और एक ड्रॉ के साथ तीसरे और वेल्स गोल औसत के आधार पर आखिरी स्थान पर है।