Asian Games में स्पोर्ट्स प्रेसेंटर की भूमिका में दिखेंगी सानिया मिर्जा

आईची नागोया-जापान में शुरु हुए एशियाड में भारत की पूर्व लॉन टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा एक स्पोर्ट्स प्रेजेंटर की भूमिका निभाएंगी। यह घोषणा सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क ने की। उनका साथ देंगी बैडमिंटन की ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल, पूर्व हॉकी डबल ओलंपिक मेडलिस्ट पी आर श्रीजेश, ओलंपिक पदक विजेता विजेंदर सिंह, पूर्व एथलेटिक्स खिलाड़ी अंजू बॉबी जॉर्ज, पूर्व टेबल टेनिस खिलाड़ी नेहा अग्रवाल शर्मा।

मिर्जा ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला टेनिस खिलाड़ी हैं। उन्होंने कुल मिलाकर तीन युगल और तीन मिश्रित युगल प्रमुख खिताब जीते हैं। ऑस्ट्रेलिया ओपन से पहले उन्होंने अपने 20 साल के टेनिस करियर से विदा लेने का ऐलान किया।

सानिया ने महेश भूपति के साथ मिलकर 2009 में ऑस्ट्रेलियाई ओपन और 2012 में फ्रेंच ओपन का मिश्रित युगल खिताब जीता था। उन्होंने 2014 में ब्राजील के ब्रूनो सोरेस के साथ मिलकर अमेरिकी ओपन का मिश्रित युगल खिताब अपने नाम किया था।

पाक क्रिकेट से हुई शादी फिर हुआ तलाक

2010 में भारतीय टेनिस सनसनी सानिया मिर्जा ने हैदराबाद में अपने बचपन के दोस्त सोहराब मिर्जा के साथ सगाई तोड़कर पाकिस्तानी क्रिकेटर शोएब मलिक से निकाह कर लिया था। शोएब का पूरा परिवार कराची में रहता है लेकिन शादी के बाद सानिया और शोएब दुबई के अपने घर में शिफ्ट हो गए थे। अब इन दोनों का एक बेटा भी है।भारत की पूर्व टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा (Sania Mirza) से अलग होने की अफवाहों के बीच पाकिस्तान क्रिकेट स्टार शोएब मलिक (Shoaib Malik) ने लोकप्रिय पाकिस्तानी अभिनेत्री सना जावेद (Sana Javed) से शादी कर ली।


Asian Games में टेकबॉल का हुआ डेब्यू, टेबल टेनिस और फुटबॉल से मिलकर बना (Video)

Asian Games

आइची-नागोया एशियाई खेलों 2026 में टेकबॉल उन छह खेलों में शामिल है जो पहली बार खेले जा रहे हैं। अन्य खेलों में मिश्रित मार्शल आर्ट्स (MMA), पैडल, सर्फिंग, बीएमएक्स फ्रीस्टाइल और वर्चुअल ताइक्वांडो शामिल हैं।टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण वाला तेज गति का खेल है। इसे फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोर्सान्यी, जॉर्जी गैट्यान और विक्टर हुसर ने 2014 में हंगरी में विकसित किया था।

पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित हुई थी।इस खेल में खिलाड़ी हाथ और बाजुओं को छोड़कर शरीर के लगभग हर हिस्से का इस्तेमाल करते हुए मानक आकार की पांच नंबर फुटबॉल को घुमावदार मेज के पार खेलते हैं। मेज के दोनों हिस्सों को पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित किया जाता है।

बाहर हुई भारतीय जोड़ी

भारत के डेकलान मार्शल गोंजाल्वेस और मोहम्मद अनस इमरान बेग गुरुवार को यहां एशियाई खेलों की पुरुष युगल टेकबॉल स्पर्धा में अपने दोनों ग्रुप मैच हारकर पदक की दौड़ से बाहर हो गए। गोंजाल्वेस-बेग की जोड़ी को ग्रुप बी में दोनों मुकाबालों में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा।

भारतीय जोड़ी को पहले वियतनाम के त्रुओंग जियांग बा और आन खोआ ले ने 12-10, 12-8 से हराया। इसके बाद दक्षिण कोरिया के जुनसुक ली और ताएबीन ली ने उन्हें 12-4, 12-7 से शिकस्त दी।

Champions Trophy के लिए भारत नहीं आना चाहता पाकिस्तान, मांग अलग वेन्यू की

पाकिस्तान ने बुधवार को एशियाई हॉकी महासंघ (AHF) से अपने एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) के मुकाबलों को मेजबान भारत से किसी तटस्थ स्थल पर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया। पाकिस्तान ने इसके लिए दोनों देशों के बीच ‘संवेदनशील द्विपक्षीय स्थिति’ का हवाला दिया है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) ने कहा कि वह पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में देश की निर्बाध और पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तटस्थ स्थल चाहता है।

पीएचएफ के अध्यक्ष मोहिउद्दीन अहमद वानी ने एक बयान में कहा कि उन्होंने पूरे टूर्नामेंट या पाकिस्तान के सभी मुकाबलों को तटस्थ स्थल पर स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है।वानी ने बयान में कहा, ‘‘यह फैसला पाकिस्तान और भारत के बीच मौजूदा संवेदनशील द्विपक्षीय स्थिति और मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए सुरक्षित, गरिमापूर्ण और अनुकूल माहौल सुनिश्चित करना है।’’

गौरतलब है कि अगले महीने हॉकी की एशियाई चैंपियन्स ट्रॉफी खेली जाने वाली है जिसमें पाकिस्तान समेत आधा दर्जन टीमें  शामिल है। भारत और पाकिस्तान का मुक़ाबला 1 नवंबर को जालंधर में होना है, और यह मैच पंजाब दिवस के दिन ही होगा।

केंद्र सरकार की  खेल नीति के अनुसार भारत पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेलेगा। भारत ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ संक्षिप्त सैन्य अभियान चलाया था।खेल मंत्रालय ने हालांकि ओलंपिक चार्टर का पालन करते हुए कहा है कि दोनों देश बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में एक दूसरे का सामना कर सकते हैं और भारत इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए पाकिस्तान के खिलाड़ियों को अपने देश में खेलने से नहीं रोकेगा।

इस टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, चीन, जापान, मलेशिया और कोरिया हिस्सा लेंगे, जबकि ओमान और बांग्लादेश को रिज़र्व टीमों के तौर पर रखा गया है।लीग चरण जालंधर में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक खेला जाएगा, इसके बाद 4 नवंबर को सेमीफ़ाइनल और 5 नवंबर को फ़ाइनल होगा।://x.com/yourhardik/status/2100242808624054613?s=20

Asian Games के लिए भारत ने 503 खिलाड़ियों पर खर्चे 702 करोड़ रुपए

जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियाई खेलों में भारत का 503 सदस्यीय दल हिस्सा लेगा। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने जानकारी दी कि मंत्रालय ने एशियाड दल और उनके कोच तथा इक्विपमेंट के लिए 702 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए आयोजित विदाई समारोह में दबाव को अच्छे प्रदर्शन में बदलने, प्रतिद्वंद्वियों को अवसर के रूप में देखने और अवसरों को उपलब्धियों में बदलने का खिलाड़ियों से आग्रह किया।

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल जापान में कई तरह के खेलों में हिस्सा लेगा। 503 सदस्यों वाले इस दल में एथलीट और सपोर्ट स्टाफ़ शामिल हैं, जिनमें से 300 से ज़्यादा एथलीट पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेंगे, जो भारतीय खेलों की बढ़ती गहराई और बेंच स्ट्रेंथ को दिखाता है।

उन्होंने कहा, “503 सदस्यों वाला हमारा दल एशियाई खेलों के लिए जा रहा है, और मुझे विश्वास है कि हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे। हमारे 503 खिलाड़ियों में से 300 से अधिक खिलाड़ी पहली बार हिस्सा ले रहे हैं, इसलिए बहुत सारी नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं।” ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के प्रदर्शन की सराहना करते हुए केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा, “हमने ओपन ट्रायल के ज़रिए पारदर्शी और योग्यता-आधारित चयन सुनिश्चित किया है, जिसमें स्वतंत्र ऑब्ज़र्वर और कैमरे से निगरानी की व्यवस्था है। पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 13 गोल्ड मेडल जीते थे; इस बार हमारा प्रदर्शन 35 प्रतिशत से ज़्यादा बेहतर हुआ है। मैं हमारे सभी एथलीटों और सपोर्ट स्टाफ़ को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ देता हूँ।”

उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य 2036 है – जब हम ओलंपिक्स की मेज़बानी करेंगे, तब तक हमें ग्लोबल स्टेज पर मज़बूती से स्थापित होना होगा। यह 10 साल का प्लान है, जिसमें स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए 36,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की राशि आवंटित की गई है।”

Asian Games एयरपोर्ट पर भूखे प्यासे फंसे रहे एथलीट्स, शटल सर्विस में गड़बड़ी

Asian Games

बुधवार को आइची-नागोया एशियाई खेलों से पहले, ट्रांसपोर्ट में भारी देरी के कारण कई देशों और क्षेत्रों के एथलीट और अधिकारी चुबू सेंट्रेयर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित वेन्यू, आइची स्काई एक्सपो में फंस गए।कई देशों के दल अपने आधिकारिक ठहरने की जगह तक जाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे, क्योंकि ऑन-साइट सिस्टम में बड़ी संख्या में एथलीटों की जानकारी नहीं मिल पाई, जिससे वे पहले से तय शटल बसों में नहीं चढ़ सके। इस समस्या के लिए कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया।

चीनी दल के सदस्यों का एक समूह, जिसमें कई राष्ट्रीय टीमें शामिल थीं, स्थानीय समयानुसार दोपहर लगभग 12:15 बजे एयरपोर्ट पहुंचा। सिस्टम में उनकी कुछ जानकारी नहीं मिल सकी, जिससे समूह शटल बसों में नहीं चढ़ सका।

इस अव्यवस्था से कई देशों और क्षेत्रों के दल प्रभावित हुए। भारत की रोइंग टीम के एक कोच ने बताया कि उनकी टीम सुबह 10 बजे पहुंची थी, लेकिन ट्रांसपोर्ट के लिए चार घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा; उनसे पहले पहुंची टीमों को भी ऐसी ही देरी का सामना करना पड़ा। एक दल सदस्य के अनुसार, चीन की जिम्नास्टिक टीम के 21 सदस्यों में से केवल दो ही ऑन-साइट सिस्टम में मिल सके, जिससे पूरी टीम फंस गई।

थके-हारे एथलीट एयरपोर्ट टर्मिनल के ठीक बाहर आइची स्काई एक्सपो में घंटों इंतजार करते रहे। कई चीनी एथलीटों ने इस खाली समय का इस्तेमाल ट्रेनिंग के लिए किया और वार्म-अप के लिए योग मैट बिछाए। चीनी दल के एक अधिकारी ने कहा, “किसी ने हमें रवानगी का सही समय नहीं बताया। यहां तक कि स्टाफ और वॉलंटियर्स के पास भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।”

दोपहर भर इंतजार का सिलसिला चलता रहा। कजाकिस्तान की शूटिंग टीम ने बिना किसी आधिकारिक स्पष्टीकरण के दो घंटे से अधिक समय तक इंतजार किया। एक वॉलंटियर ने कहा कि यह अव्यवस्था विभागों के बीच खराब तालमेल के कारण लग रही थी। वॉलंटियर ने कहा, “कामकाज के कई हिस्से आपस में जुड़े नहीं हैं। टीमें चाहें तो प्राइवेट ट्रांसपोर्ट का इंतजाम कर सकती हैं, लेकिन उन्हें इसका खर्च खुद उठाना होगा।”

आधिकारिक बसों के लिए कोई स्पष्ट समय-सीमा न होने के कारण, चीन की बैडमिंटन टीम ने एयरपोर्ट की पब्लिक बसों से जाने की कोशिश की, लेकिन सभी के लिए पर्याप्त टिकट नहीं मिल सके। कुछ एथलीट अलग-अलग चले गए, जबकि बाकी वहीं रुके रहे। बाकी बचे बैडमिंटन खिलाड़ियों की मदद नागोया में चीनी कॉन्सुलेट जनरल के स्टाफ़ ने की, जिन्होंने स्थानीय प्रवासी चीनी संपर्कों के ज़रिए चार्टर्ड गाड़ियों का इंतज़ाम किया। आख़िरकार पूरी टीम शाम 4:30 बजे आइची स्काई एक्सपो से रवाना हुई।

दूसरी चीनी टीमों को भी काफ़ी देर तक इंतज़ार करना पड़ा। टेबल टेनिस, वुशु और रोइंग टीमों के कुछ सदस्य शाम 5 बजे के आस-पास सरकारी बसों में सवार हुए, जबकि जिम्नास्टिक्स टीम शाम 6 बजे तक वहाँ से नहीं निकल पाई – यानी पहुँचने के लगभग छह घंटे बाद।

कुछ डेलिगेशन के लिए यह परेशानी और भी लंबी चली। स्थानीय समय के अनुसार शाम 7 बजे के आस-पास, श्रीलंकाई डेलिगेशन के एक अधिकारी ने बताया कि घर से निकलने के बाद से टीम का कुल सफ़र और इंतज़ार का समय 24 घंटे तक पहुँच गया था।

पूरे दिन हालात बहुत साधारण रहे। वेन्यू पर सिर्फ़ पीने का पानी उपलब्ध था, खाने-पीने की कोई चीज़ नहीं थी। एक थके हुए एथलीट ने कहा, “मुक़ाबलों के मुक़ाबले मैदान के बाहर की ये परेशानियाँ झेलना ज़्यादा मुश्किल है।”गेम्स से पहले लॉजिस्टिक्स में आई इस गड़बड़ी ने मेज़बान की इवेंट को सुचारू रूप से चलाने की क्षमता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

टेबल टेनिस में मनिका नहीं यह भारतीय खिलाड़ी करेगी महिला टीम की अगुवाई

श्रीजा अकुला और जी. साथियान जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेल 2026 में भारतीय टेबल टेनिस की 10 सदस्यीय टीम की अगुवाई करेंगे। मनिका बत्रा को रिजर्व खिलाड़ियों में शामिल है।

टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTIFI) ने एशियाई खेलों 2026 के लिए रिजर्व खिलाड़ियों की सूची जारी की, जिसमें पूर्व कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन मनिका बत्रा का नाम शामिल था। ओलंपियन श्रीजा अकुला और साथियान ज्ञानसेकरन आइची-नागोया 2026 में भारत की 10 सदस्यीय टेबल टेनिस टीम की अगुवाई करेंगे।

भारत ने पुरुष और महिला टीमों में पांच-पांच खिलाड़ियों को शामिल किया है, साथ ही दोनों कैटेगरी में दो-दो रिज़र्व खिलाड़ी भी चुने हैं। यह टीम फेडरेशन की सिलेक्शन पॉलिसी के आधार पर चुनी गई है। इस पॉलिसी में नेशनल रैंकिंग को 50 प्रतिशत, वर्ल्ड रैंकिंग को 40 प्रतिशत और सिलेक्शन कमेटी के फ़ैसले को 10 प्रतिशत महत्व दिया जाता है।

भारत की सबसे कामयाब टेबल टेनिस खिलाड़ियों में से एक, 31 वर्षीय मनिका बत्रा मुख्य टीम में जगह नहीं बना पाईं और उन्हें रिजर्व खिलाड़ियों में रखा गया। मुख्य टीम में उनके शामिल न होने की वजह घरेलू टूर्नामेंट में उनकी गैर-मौजूदगी थी।

महिला टीम की कप्तानी श्रीजा अकुला करेंगी, जो वर्ल्ड रैंकिंग में 45वें स्थान पर हैं और भारत की सबसे ऊंची रैंकिंग वाली महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं – वह मनिका से छह स्थान आगे हैं। यशस्वी घोरपड़े, दिया चितले, सुतीर्था मुखर्जी और युवा खिलाड़ी सिंड्रेला दास ने भी टीम में जगह बनाई है।पुरुष टीम की अगुवाई अनुभवी जी. साथियान करेंगे, और उनके साथ हरमीत देसाई, मानव ठक्कर, मानुष शाह और पायस जैन भी टीम का हिस्सा होंगे।

24 साल में पहली बार टॉप 10 रैंकिंग में ना जोकोविच, नडार और फेडरर

US ओपन के पहले राउंड में चौंकाने वाली हार के बाद नोवाक जोकोविच दो दशक से ज़्यादा समय में पहली बार ATP Top 10 से बाहर हो गए हैं।न्यूयॉर्क में मारियानो नावोन से शुरुआती राउंड में हारने के बाद जारी लेटेस्ट रैंकिंग में जोकोविच पांचवें से 12वें स्थान पर खिसक गए। इस घटनाक्रम के साथ ही अक्टूबर 2002 के बाद यह पहली बार है जब खेल के ‘Big 3’ – जोकोविच, राफेल नडाल और रोजर फेडरर – में से कोई भी ATP Top 10 में शामिल नहीं है।

20 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन फेडरर 2022 में रिटायर हो गए, जबकि 22 ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले नडाल ने 2024 में अपने करियर को अलविदा कह दिया। 39 साल के जोकोविच इस तिकड़ी के एकमात्र एक्टिव खिलाड़ी हैं और अभी भी रिकॉर्ड 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब की तलाश में हैं, जिससे वे मार्गरेट कोर्ट के 24 मेजर खिताबों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे।

हालांकि, उनकी हालिया कोशिश निराशाजनक रही क्योंकि नावोन के खिलाफ मैच के दौरान उन्हें शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा और कोर्ट पर उल्टी भी की। न्यूयॉर्क में हार के बाद जोकोविच ने कहा, “मुझे अतीत की सभी उपलब्धियों पर बहुत गर्व है, लेकिन अब जो है, सो है।”

फेडरर पहली बार अक्टूबर 2002 में ATP Top 10 में शामिल हुए और 2016 के आखिर तक वहां बने रहे। स्विट्जरलैंड के इस महान खिलाड़ी ने 237 हफ़्ते तक वर्ल्ड नंबर 1 का स्थान संभाला।

नडाल अप्रैल 2005 में टॉप 10 में आए, जब 18 साल की उम्र में उन्होंने क्ले कोर्ट पर अपनी छाप छोड़ी थी। उन्होंने टॉप 10 में लगातार रिकॉर्ड 912 हफ़्ते बिताए और 2023 में इससे बाहर हुए। जोकोविच 2007 में टॉप 10 में शामिल हुए और तब से रिकॉर्ड 428 हफ़्ते तक वर्ल्ड नंबर 1 रहे।

नावोन से मिली हार यूएस ओपन के शुरुआती राउंड में जोकोविच की पहली हार थी और 2006 के ऑस्ट्रेलियन ओपन के बाद किसी ग्रैंड स्लैम में पहले राउंड से बाहर होने का यह उनका पहला मौका था। हार के बाद जोकोविच ने कहा, “मुझे लगता है कि यह साफ़ था कि कोर्ट पर मुझे बहुत बुरा महसूस हो रहा था। दुर्भाग्य से, इस साल लगभग हर मैच में मुझे इस समस्या का सामना करना पड़ा है। उल्टी होना एक गंभीर समस्या है। इसके बाद मेरा पूरा शरीर जवाब देने लगता है, और मुख्य रूप से ऐंठन और दर्द होने लगता है।”

पंजाब दिवस के दिन जालंधर में भिडेंगी भारत-पाकिस्तान की हॉकी टीमें

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पाकिस्तानी हॉकी टीम की मेजबानी की तैयारी पर बयान देकर एक नया भूराजनैतिक विवाद खड़ा कर दिया है। गौरतलब है कि अगले महीने हॉकी की एशियाई चैंपियन्स ट्रॉफी खेली जाने वाली है जिसमें पाकिस्तान समेत आधा दर्जन टीमें  शामिल है। भारत और पाकिस्तान का मुक़ाबला 1 नवंबर को जालंधर में होना है, और यह मैच पंजाब दिवस के दिन ही होगा।

पाकिस्तान की भागीदारी और इसके लिए आवश्यक मंजूरी मिल जाने के बारे में पूछे जाने पर मान ने कहा, ‘‘बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में कोई समस्या नहीं है। हो सकता है कि द्विपक्षीय श्रृंखलाएं (भारत और पाकिस्तान के बीच) न हो सकें।’मान ने कहा कि एसीटी के लीग चरण के मैच जालंधर में, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मोहाली स्टेडियम में खेले जाएंगे।

केंद्र सरकार की  खेल नीति के अनुसार भारत पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेलेगा। भारत ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ संक्षिप्त सैन्य अभियान चलाया था।खेल मंत्रालय ने हालांकि ओलंपिक चार्टर का पालन करते हुए कहा है कि दोनों देश बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में एक दूसरे का सामना कर सकते हैं और भारत इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए पाकिस्तान के खिलाड़ियों को अपने देश में खेलने से नहीं रोकेगा।

हालांकि भारत में अगले महीने होने वाली हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान की भागीदारी अभी पक्की नहीं हुई है; नेशनल फ़ेडरेशन टीम की यात्रा के लिए सरकार की मंज़ूरी का इंतज़ार कर रहा है।पाकिस्तान हॉकी फ़ेडरेशन के प्रमुख मोहियुद्दीन अहमद वानी ने कहा कि फ़ेडरेशन टूर्नामेंट में टीम की भागीदारी पर सरकार के फ़ैसले का पालन करेगा। यह टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब में आयोजित होगा।

पाकिस्तान के अख़बार ‘डॉन’ के अनुसार, वानी ने कहा, “पाकिस्तान टीम का दौरा सरकार की मंज़ूरी पर निर्भर करेगा। सरकार जो भी करने को कहेगी, हम वही करेंगे।”

वानी, जो इंटर-प्रोविंशियल कोऑर्डिनेशन मिनिस्ट्री के फ़ेडरल सेक्रेटरी भी हैं, ने छह देशों के इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच ये बातें कहीं। इस इवेंट में भारत, पाकिस्तान, चीन, जापान, मलेशिया और कोरिया हिस्सा लेंगे, जबकि ओमान और बांग्लादेश को रिज़र्व टीमों के तौर पर रखा गया है।लीग चरण जालंधर में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक खेला जाएगा, इसके बाद 4 नवंबर को सेमीफ़ाइनल और 5 नवंबर को फ़ाइनल होगा।

धीरज बने विश्वकप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज (Video)

शीर्ष रैंकिंग वाले भारतीय रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मादेवर ने रविवार को जापान के नाकानिशी जुन्या को रोमांचक शूट-ऑफ में हराकर विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज बनकर इतिहास रच दिया।विश्व रैंकिंग में 10वें स्थान पर काबिज 25 साल के धीरज ने 2023 और 2024 सत्र की निराशा को पीछे छोड़ते हुए इस बार शानदार प्रदर्शन किया।

उन्होंने रोमांचक खिताबी मुकाबले में विश्व नंबर 20 नाकानिशी को 6-5 (28-28, 28-29, 29-28, 28-30, 28-27) से हराया। पांच सेट के मुकाबले के बाद स्कोर 5-5 से बराबर था, जिसके बाद शूट-ऑफ में धीरज ने 10-9 से जीत दर्ज की।

इस जीत के साथ धीरज विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज बन गए। उन्होंने प्रतिष्ठित खिताब जीतने के लिए भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी का 16 साल का इंतजार भी खत्म किया। जयंत तालुकदार पिछले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज थे, जिन्होंने 2010 में एडिनबर्ग में कांस्य पदक जीता था।

धीरज के अलावा डोला बनर्जी विश्व कप फाइनल में स्वर्ण पदक जीतने वाली अन्य भारतीय हैं। उन्होंने 2007 में दुबई में महिला व्यक्तिगत वर्ग का खिताब जीता था।विश्व कप फाइनल में भारत की ओर से सर्वाधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड दीपिका कुमारी के नाम है। उन्होंने आठ बार की भागीदारी में पांच रजत और एक कांस्य पदक जीता है।

चक दे इंडिया, जूनियर पुरुष और महिला टीम बनी एशिया की सरताज

भारतीय जूनियर पुरुष और महिला टीम एशियाई हॉकी की सरताज बन गई जब रविवार को दोनों टीमों ने अपने अपने खिताबी मुकाबले में दक्षिण कोरिया और चीन को मात दे दी।भारतीय पुरुष टीम ने जहां इस खिताब को छठवीं बार अपने नाम किया तो वहीं महिला टीम के लिए यह खिताब तीसरी बार उनकी झोली में गिरा है।

भारत ने रविवार को फाइनल में कोरिया पर 4-1 से जीत से अपना पुरुष जूनियर एशिया कप खिताब बरकरार रखते हुए विश्व कप में जगह पक्की की।भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने रविवार को रोमांचक फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर एएचएफ जूनियर एशिया कप का खिताब बरकरार रखा और जूनियर महिला हॉकी विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई किया।

खिताबी मुकाबले को जीतने के बाद हॉकी इंडिया ने सभी खिलाड़ियों के लिए 3 लाख रुपए इनामी राशी की घोषणा की और उनके सपोर्ट स्टाफ के लिए भी इनामी राशि की घोषणा की। पुरुष टीम के मुकाबले की बात करें तो मैच काफी एकतरफा रहा। भारत की ओर से अजीत यादव ने 9वें, अनमोल एक्का ने 13वें प्रभदीप सिंह ने 21वें और आशु मौर्या ने 50वें मिनट में गोल किया। दक्षिण कोरिया के लिए ली मिनयोक ने 54वें मिनट में गोल किया।

महिला टीम बिना एक मैच हारे जीती एशिया कप

भारतीय महिला टीम ने बिना एक मैच हारे एशिया कप पर कब्जा जमाया। टूर्नामेंट के पहले मैच में टीम ने दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराया था। इसके बाद जापान और मलेशिया को क्रमश 7-0 और 11-1 से शिकस्त दी थी। लेकिन सबसे सुर्खियां बटोरने वाली जीत पाकिस्तान के खिलाफ आई जब टीम ने 19 गोलों से मैच जीता। हालांकि टीम ने चीन के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेला। हालांकि फाइनल में एक गोल से टीम ने मेजबान चीन के खिलाफ गोल दागकर खिताब अपने नाम कर लिया।

PM मोदी और शाह ने दी टीम को बधाई

पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘भारतीय हॉकी के लिए गर्व का क्षण। शानदार और अजेय अभियान के साथ एशिया कप का खिताब बरकरार रखने वाली हमारी जूनियर महिला हॉकी टीम को बधाई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पूरी टीम को मेरी शुभकामनाएं।’’मोदी ने एक अन्य पोस्ट में टीम को बधाई देते हुए कहा, ‘‘बधाई। यह वास्तव में एक शानदार उपलब्धि है।’

शाह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारतीय हॉकी के ताज में एक और नगीना जुड़ गया! एशिया कप जीतने और पूरे देश को गर्व एवं खुशी का अवसर देने के लिए हमारी जूनियर महिला हॉकी टीम को हार्दिक बधाई।’’शाह ने अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘एशिया कप जीतने वाली हमारी जूनियर पुरुष हॉकी टीम के लिए जोरदार तालियां। खेल में अपने जोश और शानदार प्रदर्शन के साथ आपने एक बार फिर भारतीय खेल भावना की असली क्षमता का प्रदर्शन किया है और दूसरों के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की है।’’