
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में खेले जा रहे राष्ट्रमंडल खेल में भारत ने भारोत्तोलन में 8 मेडल पा लिये हैं। भारतीय भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने 110 कि.ग्रा वर्ग में रिकॉर्ड 388 कि.ग्रा वजन उठाकर रजत पदक प्राप्त किया। इसके अलावा उन्होंने कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाते हुए 176 कि.ग्रा स्नेच में वजन उठाया और फिर क्लीन एंड जर्क में 212 कि.ग्रा वजन उठाया।
Result Update: Weightlifting Men's +110KG
Lovepreet Singh powers to a Silver with a total lift of 388kg, adding India's 8th Weightlifting medal at the Commonwealth Games.
He also rewrites the Games record books with a 176kg Snatch, setting a new Commonwealth Games record.… pic.twitter.com/sJgrbtwhaF
— SAI Media (@Media_SAI) July 30, 2026
न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटि ने क्लीन एवं जर्क में खेलों का रिकॉर्ड 223 किग्रा भार उठाते हुए कुल 389 किग्रा (166 किग्रा और 223 किग्रा) वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता।पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले लवप्रीत ने इस बार अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए रजत पदक जीता।
इसके साथ ही उन्होंने भारोत्तोलन में भारत के लगातार तीन स्पर्धाओं के पदक नहीं जीत पाने का सिलसिला भी तोड़ा। भारतीय भारोत्तोलन दल ने खेलों में अपने अभियान का समापन एक स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य सहित कुल आठ पदक के साथ किया।
भारतीय भारोत्तोलक मार्टिना देवी मेबाम का राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्प भावनाओं से भरा रहा जब यह 18 वर्षीय खिलाड़ी मुकाबले से बाहर होने की कगार से वापसी करने में सफल रहीं लेकिन पदक से चूककर महिलाओं के 86 किग्रा से अधिक भारवर्ग में पांचवें स्थान पर रहीं।
Congratulations to Lovepreet Singh on clinching the Silver Medal in the Men's 110+ kg weightlifting event at the Commonwealth Games with a total lift of 388kg.#Cheer4Bharat #CWG2026 pic.twitter.com/pYffsUZdeS
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) July 30, 2026
मणिपुर की मार्टिना ने स्नैच में 105 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 140 किग्रा सहित कुल 245 किग्रा वजन उठाया। उनका कुल भार न्यूजीलैंड की तुई अलोफा पटोलो (115 किग्रा और 130 किग्रा) के बराबर रहा।हालांकि कम असफल प्रयासों के आधार पर पटोलो को चौथा स्थान मिला।


