भारोत्तोलन में भारत का आठवां मेडल, लवप्रीत सिंह ने उठाया रिकॉर्ड 388 कि.ग्रा वजन (Video)

commonwealth games

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में खेले जा रहे राष्ट्रमंडल खेल में भारत ने भारोत्तोलन में 8 मेडल पा लिये हैं। भारतीय भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह ने 110 कि.ग्रा वर्ग में रिकॉर्ड 388 कि.ग्रा वजन उठाकर रजत पदक प्राप्त किया। इसके अलावा उन्होंने कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाते हुए 176 कि.ग्रा स्नेच में वजन उठाया और फिर क्लीन एंड जर्क में 212 कि.ग्रा वजन उठाया।

न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयू लिटि ने क्लीन एवं जर्क में खेलों का रिकॉर्ड 223 किग्रा भार उठाते हुए कुल 389 किग्रा (166 किग्रा और 223 किग्रा) वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता।पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीतने वाले लवप्रीत ने इस बार अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए रजत पदक जीता।

इसके साथ ही उन्होंने भारोत्तोलन में भारत के लगातार तीन स्पर्धाओं के पदक नहीं जीत पाने का सिलसिला भी तोड़ा। भारतीय भारोत्तोलन दल ने खेलों में अपने अभियान का समापन एक स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य सहित कुल आठ पदक के साथ किया।

भारतीय भारोत्तोलक मार्टिना देवी मेबाम का राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्प भावनाओं से भरा रहा जब यह 18 वर्षीय खिलाड़ी मुकाबले से बाहर होने की कगार से वापसी करने में सफल रहीं लेकिन पदक से चूककर महिलाओं के 86 किग्रा से अधिक भारवर्ग में पांचवें स्थान पर रहीं।

मणिपुर की मार्टिना ने स्नैच में 105 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 140 किग्रा सहित कुल 245 किग्रा वजन उठाया। उनका कुल भार न्यूजीलैंड की तुई अलोफा पटोलो (115 किग्रा और 130 किग्रा) के बराबर रहा।हालांकि कम असफल प्रयासों के आधार पर पटोलो को चौथा स्थान मिला।

भारोत्तोलन में भारत को मिला एक और पदक, हरजिंदर कौर ने जीता सिल्वर

commonwealth games

Commonwealth Games 2026 में भारत के लिए सबसे ज्यादा गोल भारोत्तोलन से आए हैं। अगर आज भारत के 1 दर्जन गोल अंकतालिका पर गढ़े हुए हैं तो 8 भारोत्तोलन से मेडल आए हैं। ऐसे में भारत के लिए एक और बार पदक का बोझ उठाया गया और 69 किग्रा वर्ग में हरजिंदर कौर ने कुल 227 किलो उठाकर रजत पदक पाया।

SEC आर्माडिलो में खेलते हुए, 29 वर्षीय भारतीय वेटलिफ्टर ने कुल 227 किग्रा (101 किग्रा स्नैच 126 किग्रा क्लीन एंड जर्क) का भार उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार अपना दूसरा पदक हासिल किया।हरजिंदर ने बर्मिंघम 2022 में महिलाओं के 71 किग्रा कैटेगरी में कुल 212 किग्रा (93 किग्रा स्नैच 119 किग्रा क्लीन एंड जर्क) का भार उठाकर कांस्य पदक जीता था।

कनाडा की शार्लेट सिमोन्यू ने 240किग्रा (108किग्रा 132किग्रा) के राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड कुल वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि ऑस्ट्रेलिया की नया फीबे हेमन ने 218किग्रा (97किग्रा 121किग्रा) के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

हरजिंदर का स्नैच मुक़ाबला शानदार रहा, जिसमें उन्होंने 95किग्रा, 99किग्रा और 101किग्रा का वजन सफलतापूर्वक उठाया। उनकी आख़िरी लिफ़्ट कुछ समय के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनी, लेकिन फिर सिमोन्यू ने 104किग्रा और 108किग्रा की सफल लिफ़्ट के साथ उसे तोड़ दिया।

भारतीय खिलाड़ी ने क्लीन एंड जर्क में भी अपना शानदार फ़ॉर्म जारी रखा और 120किग्रा, 123किग्रा और 126किग्रा का वजन उठाकर बढ़त बना ली। उनकी आख़िरी लिफ़्ट भी कुछ समय के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनी, लेकिन सिमोन्यू ने क्लीन एंड जर्क की अपनी पहली कोशिश में 127किग्रा का वजन उठाकर जवाब दिया और आखिरकार स्वणै जीतने के सफर में इस रिकॉर्ड को और बेहतर किया।

Commonwealth Games भारोत्तोलन में सिर्फ एक दिन में भारत जीता 3 मेडल

commonwealth games

ग्लासगो में खेले जा रहे 2026 में यह साबित हो गया कि भारत भारोत्तोलन में सिर्फ मीराबाई चानू पर निर्भर नहीं है। भारत ने सोमवार को ही भारोत्तोलन में 3 मेडल जीते। भारोत्तोलन के महिला 53 किग्रा वर्ग में एशियाई चैंपियनशिप कांस्य पदक विजेता ज्ञानेश्वरी ने लगातार बनते-बिगड़ते रिकॉर्ड के बीच सोमवार को रजत पदक जीता।

छत्तीसगढ़ के भोंडिया गांव की 23 साल की ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो समेत कुल 199 किलो वजन उठाया। नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला ने राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड तोड़कर 206 किलो वजन उठाते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 93 किलो और क्लीन एंड जर्क में 113 किलो वजन उठाया।

वल्लुरी अजय बाबू ने पुरुषों के 79 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता

वल्लुरी अजय बाबू ने पुरुषों के 79 किग्रा वर्ग के फ़ाइनल में कुल 330 किग्रा (149 किग्रा स्नैच 181 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वज़न उठाकर सिल्वर मेडल जीता। उनका 149 किग्रा का स्नैच कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड था। वल्लुरी अजय बाबू ने 145 किग्रा से शुरुआत की, भारतीय अपने दूसरे प्रयास में 149 किग्रा वजन उठाने में असफल रहे, लेकिन अपने अंतिम प्रयास में उन्होंने सफलतापूर्वक उतना ही वजन उठा लिया।

अजय बाबू ने अपने पिता वल्लुरी श्रीनिवास राव के नक्शेकदम पर चलते हुए यह उपलब्धि हासिल की; उनके पिता ने भी 2010 में नई दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। अजय बाबू स्वर्ण पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गए। वह मलेशिया के एरी हिदायत मुहम्मद से एक किग्रा पीछे रहे। एरी हिदायत मुहम्मद ने 331 किग्रा (147 184) वजन उठाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता जबकि इंग्लैंड के क्रिस मरे ने 325 किग्रा (148 177) वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया।

बिंद्यारानी देवी ने जीता कांस्य पदक

भारत की बिंद्यारानी देवी ने महिलाओं के 58 किग्रा वर्ग में कुल 199 किग्रा वज़न उठाकर तीसरा स्थान हासिल किया और कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना दूसरा मेडल जीता।बर्मिंघम 2022 में सिल्वर मेडल जीतने वाली बिंद्यारानी ने स्नैच में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 112 किग्रा वज़न उठाकर ब्रॉन्ज़ मेडल पक्का किया। यह भारत का भारोत्तोलन में पांचवां पदक है।

कॉमनवेल्थ गेम्स मेडलिस्ट बिंद्यारानी देवी ने स्नैच राउंड में 87 किग्रा के बेस्ट लिफ़्ट के साथ चौथे स्थान पर थीं। उन्होंने 83किग्रा से शुरुआत की, फिर इसे बेहतर करते हुए 85किग्रा और अपने तीसरे प्रयास में 87किग्रा वज़न उठाया। उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 112 किग्रा वज़न उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया।नाइजीरिया की राफियातु फोलाशाडे लावल ने 229 किग्रा (103 126) वजन उठाकर राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता जबकि कनाडा की एन सोफी टैस्चेरो ने 215 किग्रा (94 121) वजन उठाकर रजत जीता।

मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरी बार जीता गोल्ड

meerabai chanu wins gold in common wealth games 2026

राष्ट्रमंडल खेल 2026 के चौथे दिन भारत ने ग्लास्को में एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने 48 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर न सिर्फ भारत के लिए गोल्ड मेडल का खाता खोला बल्कि एक नया इतिहास रच दिया है। इस जीत के साथ ही उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरा गोल्ड मेडल जीतकर अपनी हैट्रिक पूरी की। 

 

मीराबाई ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। उन्होंने स्नैच राउंड में 85 किग्रा वजन उठाया। यह वजन कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में अब तक किसी भी खिलाड़ी द्वारा उठाया गया सबसे ज्यादा वजन है। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने 105 किलो वजन उठाया।  

 

वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने रविवार को भारत को दिलाया पहला गोल्ड जीता तो भारोत्तोलक राजा मुथुपांडी और ऋषिकांत सिंह भी रजत पदक जीतने में सफल रहे। भारत के जादूमणि सिंह ने पाकिस्तान के मुक्केबाज सुमामा रेहमान को पुरुष 55 किग्रा के राउंड ऑफ 16 में हराया।

 

पीएम मोदी ने दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि भारतीय भारोत्तोलन में एक और गौरवशाली अध्याय!

प्रतिभाशाली मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में 48 किलोग्राम वर्ग में एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार स्वर्ण पदक जीतने और अपने नाम कुल चार पदक करने वाली मीराबाई हर भारतीय के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। उन्हें ढेरों बधाई! आगे के सभी प्रयासों के लिए ढेरों शुभकामनाएं।

मीरबाई चानू ने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था। वे ओलंपिक में भी भारत के लिए स्वर्ण पदक जीत चुकी है।

CWG 2026: कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, जीता गोल्ड मेडल

Mirabai Chanu Commonwealth Games: ग्लासगो कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स 2026 में भारत को पहला गोल्ड मेडल मिल गया है। भारतीय स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं की 48 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया। उनके इस दमदार प्रदर्शन की बदौलत भारत को गोल्ड मेडल मिला। मीराबाई चानू ने 48 किलोग्राम वर्ग में कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसी के साथ उन्होंने भारत को इस सीजन का पहला गोल्ड मेडल भी दिलाया। शुरुआती स्नैच प्रयास में असफल रहने के बाद मीराबाई ने शानदार वापसी की और लगातार दो सफल लिफ्ट लगाते हुए कॉमनवेल्थ गेम्स के नए रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए।

मीराबाई चानू ने जीत गोल्ड मेडल

क्लीन एंड जर्क में मीराबाई चानू ने पहली कोशिश में 105 किलोग्राम वजन नहीं उठा सकीं, लेकिन दूसरी कोशिश में उन्होंने सफलतापूर्वक यह वजन उठाया। इस लिफ्ट के साथ उन्होंने एक और कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया और अपना गोल्ड मेडल भी पक्का कर लिया। मीराबाई चानू ने स्नैच में 85 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 190 किलोग्राम के साथ पहला स्थान हासिल किया। उनके शानदार प्रदर्शन से भारत को 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला स्वर्ण पदक मिला। इस जीत के साथ मीराबाई ने अपने करियर में एक और कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडल जोड़ लिया। मीराबाई चानू ने लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स में सोना जीता।