तिरंगे की एतिहासिक जीत, संग्राम सिंह बने एशिया के पहले चैंपियन

Sangram Singh

भारतीय खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। संग्राम सिंह ने पाकिस्तान के मोहम्मद आबिद अली को महज 1 मिनट 20 सेकेंड में 'सबमिशन' (पटखनी देकर आत्मसमर्पण करवाने) के जरिए हराकर एशियन एमएमए (MMA) चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। वे यह मुकाम हासिल करने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।कुश्ती से मिक्सड मार्शल आर्ट्स (MMA) में कदम रखने के बाद संग्राम की यह लगातार चौथी जीत है और वे अब तक अजेय हैं। पाकिस्तानी फाइटर पर यह उनकी दूसरी जीत है, जिसने कॉम्बैट स्पोर्ट्स में भारत के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक के रूप में उनकी पहचान को और मजबूत कर दिया है।

​ *स्टेडियम में गूंजा “भारत माता की जय”*

​मलेशिया के एरिना में जैसे ही संग्राम सिंह का हाथ जीत के लिए हवा में उठा, माहौल में एक अलग ही जोश भर गया। दर्शक खुशी से झूम उठे और पूरा स्टेडियम “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा। संग्राम ने इस ऐतिहासिक खिताब को 140 करोड़ देशवासियों को समर्पित करते हुए कहा कि जब भी वे रिंग या केज (रिंग का दायरा) में उतरते हैं, उनका एकमात्र मकसद विश्व स्तर पर भारत का तिरंगा शान से फहराना होता है।

​इस मुकाबले से पहले वजन घटाने (वेट-कट) के ड्रामा और प्रतिद्वंद्वी मोहम्मद आबिद अली की ओर से दिए गए भड़काऊ बयानों की वजह से मैच को लेकर काफी माहौल बना हुआ था। हालांकि, जैसे ही मुकाबला शुरू हुआ, संग्राम ने केज के अंदर पूरी तरह दबदबा बनाकर इन बातों का करारा जवाब दिया।

 *​ऐसे मिली शानदार जीत*

​संग्राम के कोच भूपेश कुमार ने बताया कि आबिद के पास खतरनाक पंच मारने की काबिलियत के साथ-साथ लंबाई और रीच (पहुंच) का भी फायदा था। फाइट की शुरुआत में ही संग्राम की आंख के पास एक पंच लगा भी, लेकिन भारतीय चैंपियन ने अपना आपा नहीं खोया। उन्होंने बेवजह के पंचिंग एक्सचेंज से खुद को बचाया और अपनी सबसे बड़ी ताकत—विश्वस्तरीय कुश्ती (ग्रैपलिंग) का इस्तेमाल किया।

​सटीक दांव: मैच शुरू होने के सिर्फ 30 सेकेंड बाद, संग्राम ने सही समय पर पैर पर अटैक किया, आबिद के टखने (Ankle) को कसकर पकड़ा और उन्हें भागने का मौका नहीं दिया।

​शानदार फिनिश: संग्राम उन्हें खींचकर केज के बीच में ले आए और तुरंत 'चोक सबमिशन' (गर्दन दबोचने वाले दांव) में बदल दिया। पाकिस्तानी फाइटर के पास हार मानने (टैप आउट करने) के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।
​कोच भूपेश कुमार ने बताया कि संग्राम ने अर्जेंटीना में हुई अपनी पिछली MMA फाइट में भी इसी तरह का लेग-अटैक दांव इस्तेमाल किया था, जिससे एक बार फिर उनकी बेहतरीन ग्रैपलिंग स्किल्स साबित हुई हैं।

​ *अजेय सफर जारी*

​अपने MMA करियर में इससे पहले संग्राम सिंह ने पाकिस्तान के अली रजा नासिर, ट्यूनीशिया के हाकिम त्राबेसी और फ्रांस के फ्लोरियन कॉडियर को हराकर अपना ऑल-विन (अजेय) रिकॉर्ड बनाए रखा है।

​जीत के बाद संग्राम सिंह ने कहा:

​”मेरी हर फाइट मेरे देश के लिए होती है। मेरा सपना हमेशा भारतीय तिरंगे को ऊंचा लहराते देखना है। पहला भारतीय एशियन MMA चैंपियन बनना एक गर्व का क्षण है, जिसे मैं हर भारतीय को समर्पित करता हूँ।”
​इस बड़ी जीत के साथ संग्राम सिंह ने न केवल अपना नाम भारत के खेल इतिहास में दर्ज करा लिया है, बल्कि भारतीय MMA को एक नए दौर में पहुंचा दिया है—यह साबित करते हुए कि भारत की कुश्ती का हुनर दुनिया के सबसे बड़े मंचों को भी फतेह कर सकता है।

विश्वकप ही नहीं गोल्डन बॉल और ग्लब्स समेत कई अवार्ड मिले स्पेन को

Rodri

स्पेन के गोलकीपर रो़ड्री ने फीफा विश्वकप 2026 में सारे मैचों में एक दीवार का काम किया। स्पेन की पूरी टीम ने ग्रुप स्टेज से लेकर फाइनल तक सिर्फ एक गोल ही खाया। यह गोल बेल्जियम के खिलाफ आया। इसका काफी कुछ श्रेय स्पेन के गोलकीपर उनाई सिमोन को जाता है।

स्पेन ने रविवार को न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर अपना दूसरा पुरुष विश्व कप खिताब जीतकर व्यक्तिगत पुरस्कारों की हैट्रिक अपने नाम की।स्पेन फुटबॉल टीम के कप्तान और मिडफील्डर रोड्रिगो हर्नाडेज कैस्केन्टे (रोड्री) ने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में गोल्डन बॉल का पुरस्कार जीता, उनाई सिमोन ने गोलकीपर के रूप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए गोल्डन ग्लव जीता, और पाउ कुबार्सी ने अपने साथी 19 वर्षीय टीम के साथी लामिन यामल को हराकर सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी का पुरस्कार अपने नाम किया।

स्पेन के गोलकीपर उनाई साइमन ने ना केवल इस विश्वकप बल्कि पिछले विश्वकप में भी कई मैचों तक स्पेन को गोल खाने से रोका था।साइमन ने दो विश्वकपों को मिलाकर प्रतिद्वंदी टीम को 519 मिनट तक गोल करने से रोका है। उन्होंने 36 साल पुराने इटनी के वाल्टर जेंगा के 517 मिनट तक गोल बचाने के रिकॉर्ड को पार किया।

पुरस्कार के बाद रोडी ने कहा, “यह टीम अविश्वसनीय है। हम दो बार विश्व चैंपियन बने हैं। यह एक कठिन उपलब्धि है, जिसे हासिल करना सबसे मुश्किल है। और हमने अर्जेंटीना जैसी टीम के खिलाफ यह खिताब जीता।”उन्होंने कहा, “मुझे गर्व है और मैं चाहता हूं कि आने वाली पीढ़ियां देखें कि यह संभव है। एक खिलाड़ी जो आसमान छूता है और फिर नीचे में गिर जाता है, वह फिर से उठने में भी सक्षम होता है। यह विपरीत परिस्थितियों पर विजय पाने का एक उदाहरण है, और आपको विश्वास रखना होगा। सच कहूं तो, यह अविश्वसनीय है।”

मैनचेस्टर सिटी के इस मिडफील्डर ने टूर्नामेंट में एक भी गोल नहीं किया, लेकिन उनके पास देने और गेंद पर नियंत्रण रखने की क्षमता स्पेन की खेल शैली का अहम हिस्सा है। वे विश्व कप, यूईएफए चैंपियंस लीग और बैलोन डी’ओर जीतने वाले सिर्फ 11वें खिलाड़ी बने।

फुटबॉल फाइनल में हुई झड़प, अर्जेंटीना के खिलाड़ी नहीं पचा पाए हार (Video)

FIFA World Cup में स्पेन ने मजबूत रक्षापंक्ति का ऐसा मकड़जाल रचा कि अर्जेंटीना के खिलाड़ी लगातार आक्रमण करने के बाद भी गोलमुख को भेद नहीं पाए। मैच के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ी हार पचा नहीं पाए और स्पेन के खिलाड़ियों से धक्का मुक्की करने लग गए। इस घटना की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है। साथ ही झड़प के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं।

मेस्सी का उनके आखिरी विश्व कप में लगातार दूसरा खिताब जीतने का सपना भी टूट गया। टोरेस स्थानापन्न खिलाड़ी के तौर पर उतरे और 106वें मिनट में यह गोल दागकर स्पेन को 1-0 से जीत दिलाई। उन्होंने बॉक्स के भीतर हवा में आई गेंद पर अपने बायें पैर से कब्जा करके शॉट लगाया और अर्जेंटीना के गोलकीपर उसे बचा नहीं सके।

निर्धारित समय तक गोलरहित बराबरी के बाद मैच अतिरिक्त समय में खिंचा था।स्कोर से भले ही लगे कि यह मैच कांटे का था लेकिन असलियत यह है कि पूरे मैच में स्पेन का दबदबा था। अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में मानो अर्जेंटीना की टीम जागी लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
 
स्पेन ने गोल पर 20 शॉट लगाये जबकि अर्जेंटीना ने पहला संजीदा प्रयास अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ में दिखाया। स्पेन ने मैच की पहली दस कार्नर किक में से नौ हासिल की। अर्जेंटीना के लिये उसके गोलकीपर एमिलियानो मार्तिनेज ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया और विश्व कप फाइनल में रिकॉर्ड 12 शॉट बचाये।

मेस्सी ने आखिरी सीटी बजने से चार मिनट पहले कॉर्नर किक ली और गेंद रिजर्व खिलाड़ी जियुलियानो सिमोन की ओर गई जिन्होंने इसे हवा में उछाला और वह क्रॉसबार के ऊपर से निकल गई। अर्जेंटीना के प्रशंसको को उम्मीद थी कि अंत के लम्हों में टीम वैसा ही प्रदर्शन करेगी जैसा टूर्नामेंट के अन्य मैचों में करती आई है। लेकिन आज नियति में वैसा नहीं लिखा था।

FIFA World Cup Final में जबरन स्टेज पर खड़े रहे डोनाल्ड ट्रंप, हूटिंग का VIDEO हुआ वायरल

FIFA World Cup 2026 का फाइनल Spain की ऐतिहासिक जीत के साथ खत्म हुआ, लेकिन मैच के बाद Trophy Ceremony में जो हुआ, उसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। Spain ने Extra Time में Argentina को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया, लेकिन विजेता टीम के जश्न के बीच US President Donald Trump की मौजूदगी सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन गई। स्टेडियम में उनके लिए हूटिंग हुई और ट्रॉफी सौंपने के बाद उनका मंच पर रुकना सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

 

New York New Jersey Stadium में खेले गए रोमांचक फाइनल में दोनों टीमें 90 मिनट तक गोल नहीं कर सकीं। मुकाबले का इकलौता गोल Ferran Torres ने Extra Time के 106वें मिनट में दागा, जिसने Spain को 1-0 की यादगार जीत दिलाई।

 

Argentina के लिए मैच और मुश्किल तब हो गया जब Enzo Fernandez को दूसरे येलो कार्ड के बाद मैदान छोड़ना पड़ा। अंतिम क्षणों में तनाव इतना बढ़ गया कि खिलाड़ियों के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली। इसके साथ ही Lionel Messi का लगातार दूसरा World Cup जीतने का सपना भी टूट गया।

Donald Trump की एंट्री पर स्टेडियम में गूंजी हूटिंग

 

फाइनल देखने पहुंचे Donald Trump ने FIFA President Gianni Infantino के साथ मिलकर खिलाड़ियों को मेडल और विजेता टीम को ट्रॉफी सौंपी। जैसे ही Trump मैदान पर पहुंचे, स्टेडियम के कई हिस्सों से तेज हूटिंग और सीटी की आवाजें सुनाई दीं।

 

हालांकि समारोह आगे बढ़ता रहा और Trump ने Spain के कप्तान Rodri को World Cup Trophy सौंपी। लेकिन इसके बाद जो हुआ, वही पूरी रात की सबसे चर्चित घटना बन गया।

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Trophy देने के बाद स्टेज पर ही खड़े रहे Trump

 

ट्रॉफी सौंपने के बाद जहां Gianni Infantino मंच से हट गए, वहीं Donald Trump विजेता खिलाड़ियों के बीच ही खड़े रहे। Spain के खिलाड़ी Trophy Lift की तैयारी कर रहे थे, लेकिन Trump कुछ देर तक वहीं मुस्कुराते हुए खिलाड़ियों से हाथ मिलाते और तालियां बजाते नजर आए।

 

बताया जाता है कि इसके बाद Gianni Infantino दोबारा उनके पास पहुंचे और उन्हें धीरे से मंच से हटने का इशारा किया। कुछ क्षण बाद Trump मंच के किनारे चले गए, जिसके बाद Rodri ने अपने साथियों के साथ World Cup Trophy उठाई और Spain का ऐतिहासिक जश्न शुरू हुआ।


सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

 

पूरी Trophy Ceremony के वीडियो कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। एक वीडियो में Trump की एंट्री के दौरान हुई हूटिंग चर्चा का विषय बनी, जबकि दूसरे वीडियो में उनके Trophy Lift के दौरान मंच पर खड़े रहने को लेकर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं।

 

कई यूजर्स ने इसे पिछले साल हुए FIFA Club World Cup से भी जोड़कर देखा, जब Chelsea की जीत के बाद भी Donald Trump खिलाड़ियों के साथ मंच पर कुछ देर तक मौजूद रहे थे। इस बार हालांकि Trophy Lift से पहले उन्हें मंच से हटते हुए देखा गया।

 

पहले भी विवादों में रह चुके हैं Donald Trump

 

World Cup 2026 के दौरान Donald Trump पहले भी सुर्खियों में आ चुके हैं। उन्होंने एक बयान में दावा किया था कि उन्होंने Gianni Infantino से बात कर USA के खिलाड़ी Folarin Balogun का Red Card हटाने की मांग की थी। इस बयान के बाद भी काफी विवाद हुआ था।

 

अब World Cup Final की Trophy Ceremony ने Donald Trump को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया। Spain की ऐतिहासिक जीत के साथ-साथ Trophy Presentation का यह पल भी लंबे समय तक फुटबॉल प्रशंसकों के बीच याद किया जाएगा। 

 

एमबाप्पे ने लगातार दूसरी बार मेस्सी से छीन लिया गोल्डन बूट

कहां लियोनेल मेसी सोच रहे थे कि अर्जेंटीना अपना खिताब बरकरार रखने वाली चौथी टीम बनेगी लेकिन खिताब सिर्फ एमबाप्पे का बरकरार रहा जिन्होंने पिछले संस्करण में गोल्डन बूट जीता था।लियोनेल मेसी के रविवार को स्पेन के खिलाफ फाइनल में गोल करने में विफल रहने के बाद किलियन एमबापे ने विश्व कप गोल्डन बूट बरकरार रखा है।

उन्होंने 2026 विश्व कप में शानदार 10 गोल और 4 असिस्ट के साथ शीर्ष स्थान हासिल कर यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है।इसी के साथ लगातार दूसरी बार गोल्डन बूट जीतने वाले एमबाप्पे  पहले फुटबॉलर बन गए हैं।

फ्रांस और रियल मैड्रिड के स्ट्राइकर एमबापे ने तीसरे स्थान के प्लेऑफ में इंग्लैंड के खिलाफ 6-4 की हार में दो गोल किए, जिससे टूर्नामेंट में उनके गोलों की कुल संख्या 10 हो गई, और वह दो विश्व कप (2022, 2026) में गोल्डन बूट जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।

एमबापे ने अर्जेंटीना के मेस्सी (आठ गोल), नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड (सात), इंग्लैंड के जूड बेलिंघम (सात) और हैरी केन (छह) और टीम के साथी उस्मान डेम्बेले (छह) से प्रतिस्पर्धा को मात दी । फ्रांस के पहले मैच में, सेनेगल के खिलाफ 3-1 की जीत में, एमबापे ने दो गोल किए और फिर इराक के खिलाफ 3-0 की जीत में भी दो गोल किए । उन्होंने नॉर्वे के खिलाफ 4-1 की जीत में कोई गोल नहीं किया, लेकिन राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में स्वीडन के खिलाफ 3-0 से जीत में दो गोल किए।

पैराग्वे के खिलाफ राउंड ऑफ 16 में पेनल्टी से किया गया उनका गोल ही एकमात्र गोल था और क्वार्टरफाइनल में मोरक्को के खिलाफ 2-0 की जीत में उन्होंने एक गोल दागा था। सेमीफाइनल में फ्रांस, स्पेन से 2-0 से हार गया, लेकिन तीसरे स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ एमबापे ने दो और गोल दागे। हाफ टाइम तक 4-0 से पीछे चल रही उनकी टीम ने ब्रेक के बाद शानदार वापसी की।चार साल पहले, अर्जेंटीना के खिलाफ फाइनल में हैट्रिक लगाकर मेसी को पछाड़ते हुए एमबापे ने गोल्डन बूट जीता था।

स्पेन ने अर्जेंटीना का सपना तोड़ा, 1-0 से जीतकर दूसरी बार बना FIFA वर्ल्ड कप चैंपियन; फेरन टोरेस ने किया विजयी गोल

spain fifa world cup winner

स्पेन ने अर्जेंटीना के 1-0  से हराकर दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। टीम ने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन के लिए एक्स्ट्रा टाइम में फेरन टोरेस ने गोल किया। स्पेन ने इससे पहले 2010 में फीफा विश्‍व कप जीता था। ALSO READ: इंगलैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर जीता FIFA World Cup का ब्रोंज मेडल

 

इस मैच में स्पेन का दबदबा नजर आया। हालांकि दोनों ही राउंड में कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। खेल के 106वें मिनट में निको विलियम्स का हेडर फेरन टोरेस तक पहुंचा और उन्होंने मार्टिनेज को छकाकर शानदार गोल किया।

 

रेफरी की अंतिम सीटी बजते ही स्पेनिश खिलाड़ी मैदान पर दौड़ पड़े। इसके बाद ट्रॉफी स्पेन के कप्तान के हाथों में पहुंची और पूरा स्टेडियम 'वीवा एस्पाना' (स्पेन जिंदाबाद) के नारों से गूंज उठा। दूसरी ओर अर्जेंटीना के खिलाड़ियों की निराशा साफ दिखाई दे रही थी। ALSO READ: लॉटरी टिकट और लियोनेल मेसी के साथ एक फोटोशूट ने कैसे बदल दी लामिन यमाल की तकदीर?

 

गोल्डन बूट एम्बाप्पे के नाम

फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा गोल फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने किए। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 10 गोल और 4 असिस्ट के साथ गोल्डन बूट अपने नाम किया। अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी 8 गोल और 4 असिस्ट के साथ दूसरे स्थान पर रहे।

 

लिएंड्रो परेडेस ने खोया आपा

अर्जेंटीना की हार के बाद मिडफील्डर लिएंड्रो परेडेस ने आपा खो दिया। उन्होंने स्पेन के दो खिलाड़ियों एरिक गार्सिया और गावी के साथ हाथापाई की। इस घटना की वजह से लिएंड्रो परेडेस को रेड कार्ड दिखाया गया। 

संग्राम सिंह ने सिर्फ 80 सेकेंड में धराशाही किया पाकिस्तानी फाइटर को

भारतीय कुश्ती आइकन और अपराजित मिश्रित मार्शल आर्ट (MMA) फाइटर संग्राम सिंह ने प्रतिष्ठित स्ट्राइक एशिया चैम्पियनशिप खिताब पर कब्जा करने के लिए पाकिस्तान के मोहम्मद आबिद अली को केवल 1 मिनट और 20 सेकंड में हराकर इतिहास रच दिया।बहुप्रतीक्षित भारत-पाकिस्तान मुकाबला अपनी उम्मीदों पर खरा उतरा – लेकिन केवल थोड़े समय के लिए – क्योंकि शुरुआती घंटी से ही संग्राम ने मुकाबले पर अपना दबदबा बना लिया।

असाधारण शक्ति, सटीकता, तकनीक और संयम का प्रदर्शन करते हुए, भारतीय स्टार ने अपने प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ दिया और पहले दौर में सनसनीखेज नॉकआउट हासिल किया, जिससे पिंजरे के अंदर उनकी श्रेष्ठता के बारे में कोई संदेह नहीं रह गया।

इस जीत के साथ, संग्राम सिंह ने अपने अजेय पेशेवर एमएमए रिकॉर्ड को बढ़ाया और अपने शानदार खेल करियर में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर जोड़ा। इस जीत ने चैम्पियनशिप कुश्ती से मिश्रित मार्शल आर्ट में उनके उल्लेखनीय परिवर्तन को उजागर किया, जिससे भारत के अग्रणी लड़ाकू खेल एथलीटों में से एक के रूप में उनकी स्थिति मजबूत हुई।

जीत के बाद, संग्राम सिंह ने यह खिताब भारत के लोगों को समर्पित किया और शांति और समावेशिता का संदेश साझा किया। संग्राम सिंह ने कहा, “मैं इस जीत को भारत के लोगों को समर्पित करता हूं। मैं इस दुनिया के हर नागरिक से प्यार करता हूं। खेल में सीमाओं, धर्मों और संस्कृतियों से परे लोगों को एकजुट करने की शक्ति है। मेरा संदेश शांति, मानवता और पारस्परिक सम्मान में से एक है।”

प्रतियोगिता से पहले, मोहम्मद आबिद अली ने मुसलमानों के प्रति अपना प्यार और समर्थन व्यक्त किया था। इसके विपरीत, संग्राम सिंह ने सार्वभौमिक भाईचारे के व्यापक संदेश पर जोर देते हुए कहा कि उनका प्यार और सम्मान दुनिया के प्रत्येक नागरिक तक है।

पाकिस्तान के अली रजा नासिर, ट्यूनीशिया के हकीम ट्रैबेल्सी और फ्रांस के फ्लोरियन कॉडियर पर जीत के बाद, यह जीत संग्राम सिंह की अंतरराष्ट्रीय एमएमए यात्रा में एक और यादगार अध्याय है।भारत-पाकिस्तान मुकाबले में भारी वैश्विक दिलचस्पी के बावजूद, अत्यधिक भारी ऑनलाइन ट्रैफ़िक के कारण इवेंट की लाइव स्ट्रीम में तकनीकी व्यवधान आया, जिससे कई प्रशंसक मुकाबला लाइव नहीं देख पाए। फिर भी, संग्राम के शानदार 80 सेकंड के नॉकआउट की खबर सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में तेजी से फैल गई, जिससे यह लड़ाकू खेलों में सबसे चर्चित क्षणों में से एक बन गया।

इस बहुप्रतीक्षित सीमा पार प्रतियोगिता में संग्राम सिंह की जोरदार जीत को भारतीय एमएमए में निर्णायक क्षणों में से एक के रूप में याद किए जाने की उम्मीद है। स्ट्राइक एशिया चैंपियन बनकर, उन्होंने एकता, शांति और खेल भावना का एक शक्तिशाली संदेश देते हुए एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारतीय तिरंगे को फहराया।

FIFA World Cup Final के कारण इन दो पूर्वोत्तर राज्यों में सोमवार को घोषित हुई स्कूल की छुट्टी

FIFA World Cup

मणिपुर और मेघालय की सरकारों ने छात्रों को फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल का लुत्फ उठाने का मौका देने के लिए सोमवार को राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी की घोषणा की है।फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में गत विजेता अर्जेंटीना का मुकाबला स्पेन से होगा।

मणिपुर के शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, ‘‘मणिपुर के राज्यपाल ने निर्देश दिए हैं कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई अथवा किसी अन्य बोर्ड से संबद्ध सभी विद्यालयों के साथ-साथ सभी सरकारी, अनुदानित और निजी महाविद्यालय, उच्च शिक्षण संस्थान तथा विश्वविद्यालय 20 जुलाई को बंद रहेंगे।’’

आदेश में यह भी कहा गया है कि 20 जुलाई 2026 को प्रातः 12:30 बजे (रात्रि 12:30 बजे) होने वाले फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल मुकाबले का राज्यभर के विद्यार्थी उत्साहपूर्वक आनंद ले सकें, इसी उद्देश्य से यह अवकाश घोषित किया गया है।

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने सोमवार को राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित करने की घोषणा की है।यह घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब पूरे राज्य में विश्व कप को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मैचों के लाइव प्रसारण के लिए शिलांग के एक पार्किंग स्थल के अलावा जोवाई और तुरा में स्थापित ‘सीएम फैन पार्क’ को फुटबॉल प्रेमियों का भरपूर समर्थन मिल रहा है।

मेघालय में फुटबॉल के इस उत्सव को वैश्विक पहचान भी मिली, जब हाल ही में फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर राज्य में फुटबॉल के प्रति लोगों के उत्साह की सराहना की।मुख्यमंत्री संगमा ने रविवार को जारी एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘मैंने सोमवार को स्कूलों और कॉलेजों सहित राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश रखने का फैसला लिया है।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेघालय में फुटबॉल केवल एक खेल नहीं, बल्कि लोगों का जुनून और जीवनशैली का हिस्सा है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए युवाओं को इस बहुप्रतीक्षित फाइनल का पूरा आनंद लेने का अवसर देने के लिए यह निर्णय लिया गया है।उन्होंने ‘सीएम फैन पार्क’ को मिली उत्साहजनक प्रतिक्रिया का भी उल्लेख किया, जहां हजारों फुटबॉल प्रेमी एक साथ विश्व कप मुकाबलों का आनंद ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने सभी प्रशंसकों को रोमांचक फाइनल मुकाबले के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

जापान ओपन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनी PV सिंधु

PV Sindhu

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने रविवार को यहां शानदार आक्रामक बैडमिंटन खेलते हुए स्थानीय प्रबल दावेदार अकाने यामागुची को सीधे गेम में हराकर पहली बार जापान ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट का खिताब जीता।

जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी 31 साल की सिंधू ने लगातार आक्रमण के साथ-साथ रणनीतिक अनुशासन और अहम पलों में संयम बनाए रखते हुए तीन बार की विश्व चैंपियन यामागुची को 21-17, 21-17 से हराया और दो साल से अधिक समय बाद अपना पहला खिताब जीता।

सिंधू ने अपना पिछला खिताब 2024 में सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय में जीता था।जापान ओपन की यह जीत 2019 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उनकी सबसे बड़ी खिताबी जीत है।

आत्मविश्वास का मिला फल, लेकिन विश्व चैंपियनशिप में पदक के लिए लय बनाए रखना होगा अहम: सिंधू 

 जापान ओपन में छह वर्षों में अपना सबसे बड़ा खिताब जीतने के बाद भावुक हुई पीवी सिंधू ने कहा कि आखिरकार अटूट आत्मविश्वास का फल मिला और अब उनका लक्ष्य अगले महीने होने वाली विश्व चैंपियनशिप में इसी लय और संयम को बनाए रखना है जिसमें वह रिकॉर्ड छठा पदक जीतने की कोशिश करेंगी।

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने रविवार को आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान जापान की स्टार और तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराकर खिताब अपने नाम किया।

करीब दो साल के खिताबी सूखे को समाप्त करने के बाद भावुक सिंधू ने कहा, ‘‘मेरी आंखों में आंसू थे क्योंकि मेरे लिए यह जीत बहुत महत्वपूर्ण थी। मैं लंबे समय से खुद पर बहुत मेहनत कर रही थी और पूरी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर रही थी। ’’सिंधू का पिछला खिताब दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल में आया था। तोक्यो में मिली यह जीत 2019 में विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीतने के बाद उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने 2022 में सिंगापुर ओपन सुपर 500 का खिताब भी जीता था।

इंगलैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर जीता FIFA World Cup का ब्रोंज मेडल

बुकायो साका की हैट्रिक की बदौलत इंग्लैंड ने फीफा विश्वकप 2026 के कांस्य पदक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।मियामी स्टेडियम में शनिवार रात खेले गये मुकाबले के शुरुआती 20 मिनट में डेकलन राइस और एजरी कॉन्सा ने इंग्लैंड को बढ़त दिलाई। इसके बाद साका ने दो गोल कर टीम का स्कोर 4-0 से कर दिया। डेकलन राइस ने तीसरे मिनट, एजरी कॉन्सा ने 18वें तथा साका ने 37वें और स्टॉपेज समय में गोल दागे।

दूसरे हाफ में फ्रांस ने तीन गोल कर वापसी की और बराबरी करने के कई आसान अवसर भी बनाए, लेकिन उन्हें भुना नहीं सका। किलियन एमबापे ने पहला गोल (44) मिनट और 66वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया। इन दो गोलों के बीच ब्रैडली बारकोला (54वें मिनट) गोल किया। इन दो गोलों की बदौलत एमबापे 2026 विश्वकप के गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे पहुंच गए। वह विश्व कप इतिहास में 22 गोल के साथ लियोनेल मेसी को पछाड़ते हुए सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गये है।

फ्रांस के लिए बराबरी करने का एक शानदार मौका माइकल ओलिस के पास था, लेकिन उनका शॉट लक्ष्य से चूक गया। और यह चूक इंग्लैंड के लिए महंगी साबित हुई क्योंकि इंग्लैंड ने दूसरी तरफ से हमला किया और पेनल्टी हासिल की, जिस पर साका ने पेनल्टी से अपनी हैट्रिक पूरी।

डायोट उपामेकानो के शानदार पास के बाद फ्रांस के चौथे गोल के साथ उस्मान डेम्बेले ने मैच के अंतिम क्षणों में इंग्लैंड को चिंता में डाल दिया । मैच के अंतिम क्षणों में जूड बेलिंगहैम ने 98वें मिनट में निर्णायक गोल करके इंग्लैंड को 1966 के बाद से विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद की। विश्व कप में इंग्लैंड का पिछले 60 साल में यह सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा। 1966 में इंग्लैंड ने विश्व कप का खिताब जीता था।