मिस्र के साथ हुई नाइंसाफी, अर्जेंटीना के पक्ष में थे रेफरी, उठे कई सवाल

अर्जेंटीना के खिलाफ FIFA World Cup के प्री-क्वार्टर फाइनल में 3-2 की विवादित हार के बाद मिस्र में रेफरिंग को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सरकारी अधिकारियों, कोच और वैश्विक खेल हस्तियों ने मैच अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निर्णायक रेफरिंग गलतियों के कारण मिस्र क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने से वंचित रह गया।मिस्र की टीम मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबले में 79वें मिनट तक 2-0 से आगे थी, लेकिन अंतिम 11 मिनट में तीन गोल खाकर 3-2 से हार गयी।

विवाद का केंद्र 62वें मिनट में मुस्तफा ज़िको का वह गोल रहा, जिसे वीएआर समीक्षा के बाद बिल्ड-अप में मिस्र के खिलाड़ी द्वारा फाउल मानते हुए रद्द कर दिया गया। इसके अलावा, मैच के अंतिम क्षणों में मोहम्मद सलाह को पेनाल्टी बॉक्स के भीतर गिराये जाने पर भी मिस्र को पेनाल्टी नहीं दी गयी। इसी के तुरंत बाद अर्जेंटीना ने पलटवार करते हुए 92वें मिनट में विजयी गोल दाग दिया।मिस्र के खेल मंत्री गोहर नबील ने कहा कि राष्ट्रीय टीम के साथ “स्पष्ट रेफरिंग अन्याय” हुआ और मैच के नतीजे में रेफरी के फैसलों ने निर्णायक भूमिका निभायी।

मुख्य कोच होसम हसन ने दावा किया कि मैदान पर मिस्र बेहतर टीम था। उन्होंने आरोप लगाया कि मैच से पहले फ्रांसीसी रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सिएर की नियुक्ति को लेकर अर्जेंटीना की ओर से बनाये गये दबाव का असर रेफरी के फैसलों पर पड़ा। उन्होंने कहा कि मिस्र को स्पष्ट पेनाल्टी से वंचित किया गया और वैध गोल भी गलत तरीके से रद्द कर दिया गया।

इस बीच, मिस्र फुटबॉल संघ के अध्यक्ष हानी अबू रीदा ने फीफा को औपचारिक शिकायत भेजकर रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सिएर और उनकी टीम की जांच की मांग की है। संघ ने आरोप लगाया कि मैच अधिकारियों ने “गंभीर रेफरिंग गलतियां” कीं और दोहरे मानदंड अपनाए, जिसकी वजह से मिस्र टूर्नामेंट से बाहर हो गया।

मिस्र ने पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचकर अपने इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। टीम ग्रुप-जी में उपविजेता रही थी और राउंड ऑफ-32 में ऑस्ट्रेलिया को पेनाल्टी शूटआउट में हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी।

मिस्र में अचानक जीत का जश्न बदल गया मायूसी में, यह कहा फैंस ने

अर्जेंटीना बनाम मिस्र  का मैच देखने लायक था जहां  राजधानी कायरो के लोगों का जोश और उत्साह कुछ मिनट के अंदर सन्नाटे में बदल गया और वहां सुनाई दे रही थी तो सिर्फ सिसकियां।अर्जेंटीना और मिस्र के बीच खेले गए मैच के शुरू होने से पहले ही सैकड़ों लोग जमा हो गए थे। इनमें अधिकतर पुरुष थे जिन्होंने मिस्र को दो गोल की बढ़त मिलने के बाद आसमान सर पर उठा रखा था।

यह सभी प्रशंसक मस्ती में झूम रहे थे क्योंकि उनकी टीम की जीत सुनिश्चित लग रही थी जो विश्व कप में उसकी सबसे बड़ी जीत होती। लेकिन आखिरी मिनट में पासा पलट गया और अर्जेंटीना 3-2 से मैच जीतने में सफल रहा।अचानक चारों तरफ सन्नाटा पसर गया। किसी को भी इस पर विश्वास नहीं हो रहा था। कई प्रशंसक अपने आंसू नहीं रोक पाए।

यह स्थिति केवल एक शहर की नहीं बल्कि पूरे देश की थी जहां लोग जीत का जश्न मनाने के लिए तैयारी कर चुके थे।मैच के बाद शिक्षक अहमद सादानी ने कहा, ‘‘यह एक बेहद दुखद स्थिति है। इस सफर का अंत इस तरह नहीं होना चाहिए था।’’

अपने स्टार खिलाड़ी मोहम्मद सालाह के दम पर मिस्र ने शुक्रवार को राउंड ऑफ 32 में ऑस्ट्रेलिया के साथ 1-1 से ड्रॉ खेलने के बाद पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से जीत हासिल करके राउंड ऑफ 16 में जगह बनाई थी।कायरो के में  हसन शेहाता ने कहा, ‘‘कुल मिलाकर प्रदर्शन शानदार रहा। हम प्रगति कर रहे हैं। हम खेलते हैं और प्रतिस्पर्धा करते हैं।’’

यह मिस्र का चौथा विश्व कप है, जिसमें सात अफ्रीका कप ऑफ नेशंस ट्रॉफी जीतने वाला सबसे अधिक आबादी वाला अरब देश यह साबित कर चुका है कि उसे हराना आसान नहीं है।गीज़ा के कई लोग खुद को मिस्र के झंडे से लपेटे हुए या उसे लहराते हुए, ‘‘मसर, मसर, मसर!‘‘ के नारे लगाते हुए देखे गए जो मिस्र का अरबी नाम है, जबकि अन्य लोग ढोल बजा रहे थे।

जब मिस्र ने गोल किया और जब अर्जेंटीना के गोलकीपर ने मेस्सी की पेनल्टी किक बचाई, तो ज़ोरदार शोर मच गया। अर्जेंटीना के गोल करने पर पूरे परिसर में सन्नाटा छा गया।अंतिम सीटी बजने के बाद 13 वर्षीय हैथम राफत फूट-फूट कर रोने लगा। उसने कहा, ‘‘यह अन्याय है। रेफरी निष्पक्ष नहीं था।’’

राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सिसी ने टीम की ‘‘मिस्र के फुटबॉल के इतिहास में अभूतपूर्व उपलब्धि’’ की सराहना की।उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘‘राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के नायकों को धन्यवाद। हमें आप पर और आपकी उपलब्धि पर गर्व है।’’

FIFA World Cup की गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेस्सी सबसे आगे

लियोनेल मेस्सी ने मिस्र के खिलाफ मंगलवार को इस विश्व कप में अपना आठवां गोल दागा और ‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में आगे निकलने के साथ टूर्नामेंट में लगातार गोल करने का सिलसिला नौ मैचों का कर लिया।मेस्सी ने विश्व कप कैरियर का 21वां और इस विश्व कप का आठवां गोल 83वें मिनट में गोंजालो मोंटियेल की मदद से दागा और अर्जेंटीना को 2-2 से बराबरी भी दिलाई । इससे पहले 19वें मिनट में वह पेनल्टी चूक गए थे।

विश्व कप के मैचों में लगातार गोल करने का मेस्सी का सिलसिला 2022 से चला आ रहा है। वह लगातार नौ मैचों में 13 गोल कर चुके हैं।‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में वह फ्रांस के कीलियन एमबाप्पे और नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड से एक गोल आगे निकल गए हैं। इंग्लैंड के हैरी केन के छह गोल हैं। मेस्सी 2022 विश्व कप में ‘गोल्डन बूट’ की दौड़ में एमबाप्पे के बाद दूसरे स्थान पर थे । वहीं 2014 में उन्होंने चार गोल करके तीसरा स्थान हासिल किया था।

मेस्सी ने निर्णायक गोल कर अर्जेंटीना को पहुंचाया फाइनल

लियोनेल मेस्सी ने एक बार फिर अर्जेंटीना के लिये ‘संकटमोचक’ की भूमिका निभाई और मिस्र के खिलाफ 79वें मिनट तक दो गोल से पिछड़ रही मौजूदा चैम्पियन टीम को जीत के साथ विश्व कप क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया।निर्धारित समय में 11 मिनट बाकी रहने तक अर्जेंटीना दो गोल से पिछड़ रहा था और ऐसा लगने लगा था कि कल क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बाद आज मेस्सी की फुटबॉल के महासमर से विदाई की बेला आ गई है।

इसके बाद हालांकि अर्जेंटीना ने तीन गोल दागकर जीत दर्ज की और दुनिया भर में उसके करोड़ों प्रशंसकों ने भी राहत की सांस ली। इसमें से बराबरी का गोल 83वें मिनट में मेस्सी ने दागा था जिनके अब विश्व कप कैरियर में 21 गोल हो गए हैं।आखिरी सीटी बजने के बाद मेस्सी अपने आंसू नहीं रोक सके। उनहोंने 83वें मिनट में इस विश्व कप में आठवां गोल करके टीम को 2-2 से बराबरी पर पहुंचाया।अब अर्जेंटीना का सामना शनिवार को कंसास सिटी में स्विटजरलैंड या कोलंबिया से होगा।

72 साल बाद स्विट्जरलैंड ने रचा इतिहास, कोलंबिया को हराकर पहुंची क्वार्टरफाइनल में

स्विट्जरलैंड ने अतिरिक्त समय के बाद हुए रोमांचक पेनल्टी शूटआउट में कोलंबिया को 4-3 से हराया। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड 1954 के बाद पहली बार फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। बीसी प्लेस में 120 मिनट के खेल के बाद भी स्विट्जरलैंड और कोलंबिया की टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं।

इसके बाद स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल हीरो बनकर उभरे, उन्होंने क्रिस्टियन हर्नांडेज की पेनल्टी बचाई और फिर रूबेन वर्गास ने शांति से विनिंग स्पॉट-किक मारकर 4-3 से शूटआउट में टीम की जीत पक्की की। इस नतीजे के बाद अब क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड का मुकाबला अर्जेंटीना से होगा, जो कैनसस सिटी में खेला जाएगा।

भले ही अंतिम स्कोर कुछ भी रहा हो, लेकिन कोलंबिया की टीम ने अधिक आक्रामक प्रदर्शन किया और बेहतर मौके बनाए, खासकर अतिरिक्त समय के दौरान। डिफेंडर जॉन लुकुमी गोल करने के सबसे करीब पहुंचे थे, लेकिन उनका शॉट क्रॉसबार से टकरा गया। वहीं, 116वें मिनट में जॉन एरियास कैम्पाज को गोल करने का शानदार मौका मिला।

लेकिन गोलकीपर कोबेल के सामने होने के बावजूद उन्होंने शॉट बार के ऊपर मार दिया। कप्तान ग्रैनिट जाका और डिफेंडर मैनुअल अकांजी की अगुवाई में स्विट्जरलैंड ने मजबूती से बचाव किया, लेकिन उन्हें गोल करने के अच्छे मौके बनाने में संघर्ष करना पड़ा, जबकि कोलंबिया ने अधिक खतरनाक हमले किए।

आखिरकार मैच पेनल्टी शूटआउट में पहुंचा, जहां जुआन फर्नांडो क्विंटरो ने कोलंबिया की पहली किक को गोल में बदला और फिर जाका ने स्विट्जरलैंड के लिए गोल किया। कोलंबिया की उम्मीदों को तब बड़ा झटका लगा जब डेविंसन सांचेज़ की पेनल्टी क्रॉसबार से टकरा गई। इसके बाद जेकी अमदौनी और कैम्पाज ने सफल स्पॉट-किक मारकर शूटआउट को बराबरी पर ला दिया।

ऐसा लगा कि स्विट्जरलैंड मैच पर पकड़ बना लेगा, लेकिन अकांजी ने अपनी पेनल्टी बार के ऊपर मार दी, जिससे कोलंबिया को वापसी का मौका मिल गया। हालांकि, कोबेल ने दाईं ओर डाइव लगाकर हर्नांडेज़ का शॉट बचाकर निर्णायक पल बनाया। सेड्रिक इटेन ने स्विट्जरलैंड की अगली पेनल्टी को गोल में बदला और फिर लुइस डियाज़ ने शांत अंदाज़ में गोल करके कोलंबिया की उम्मीदें बनाए रखीं।

शूटआउट में स्कोर 3-3 से बराबर होने पर वर्गास आगे आए और शांति से नीचे के कोने में शॉट मारकर स्विट्जरलैंड को अंतिम आठ में पहुंचा दिया। इस जीत के साथ स्विट्ज़रलैंड ने अपने वर्ल्ड कप इतिहास में 72 साल में पहली बार क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। जहां उनका मुक़ाबला अर्जेंटीना से होगा।

2 गोल खाकर 10 मिनट में 3 गोल, अर्जेंटीना ने मिस्र के खिलाफ टाला उलटफेर

फुटबॉल के जादूगर लियोनेल मेसी की गत चैम्पियन अर्जेंटीना टीम ने मिस्र के खिलाफ दो गोल से पिछड़ने के बाद हैरतअंगेज वापसी करते हुए 13 मिनट के अंतराल में तीन गोल दागकर 3-2 से जीत हासिल करते हुए फीफा विश्व कप के क्वार्टरफाइनल में प्रवेश कर लिया। अर्जेंटीना इस तरह क्वार्टर फाइनल में जाने वाली सातवीं टीम बन गई।

मिस्र 2-0 की बढ़त के साथ सबसे बड़ा उलटफेर करता दिखाई दे रहा था लेकिन क्रिश्चियन रोमेरो ने 79 वें मिनट में अर्जेंटीना का पहला गोल दागा। इस गोल से जोश में आये अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मिस्र पर हमले बोले और खेल के जादूगर मेसी ने 83 वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया। इंजरी समय के तीसरे मिनट में एंजो फर्नांडीज ने हेडर से तीसरा और मैच विजयी गोल दाग दिया।अर्जेंटीना के प्रशंसक अंतिम सीटी बजते ही ख़ुशी से झूम उठे।

मुकाबले का पहला गोल मिस्र की तरफ से आया जब यासिर इब्राहिम ने 15वें मिनट में अपनी टीम को 1-0 से बढ़त दिलाई। 67वें मिनट में मुस्तफा जीको ने दूसरा गोल कर मिस्र को 2-0 से आगे ले जाने का काम किया। 78वें मिनट तक मिस्र 2-0 से आगे चल रहा था। वर्ल्ड कप जैसे दबाव भरे मैचों में गोल कर पाना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन अर्जेंटीना की उम्मीद तब जगी जब 79वें मिनट में क्रिश्चियन रोमेरो ने गोल दागा।

उसके 4 मिनट बाद ही लियोनेल मेसी का वर्ल्ड कप में 21वां गोल आया। हालांकि मेसी इसी मुकाबले में पेनल्टी पर गोल करने से चूक गए थे। उस वक्त माहौल ऐसा था कि पूरा मैदान सन्न रह गया था। खैर फुल-टाइम तक मुकाबला 2-2 से बराबरी पर रहा। इंजरी समय के तीसरे मिनट में एंजो फर्नांडेज ने अर्जेंटीना के लिए तीसरा और मैच का निर्णायक गोल किया।क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना का सामना कोलंबिया/स्विट्जरलैंड से होगा।

बेल्जियम ने मेजबान अमेरीका को 4-1 से रौंदकर किया विश्वकप से बाहर

फॉरवर्ड फोलारिन बालोगुन की निलंबन के बाद टीम में वापसी बावजूद अमेरिका की पुरुष राष्ट्रीय टीम एक बार फिर विश्व कप के राउंड ऑफ 16 से बाहर हो गई। बेल्जियम ने उसे 4-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। पिछले पांच विश्वकपों में यह चौथी बार है जब अमेरिका को इस चार में टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा है।

सिएटल स्टेडियम में सोमवार रात खेले गये मुकाबले में अधिकांश प्रशंसक भी उत्साहित थे। वार्मअप के लिए मैदान पर आते ही बालोगुन का जोरदार स्वागत हुआ, और पूरे स्टेडियम में गूंजते राष्ट्रगान के बाद ऐसा लगा मानो पूरा अमेरिका जोश से भर गया हो।

लेकिन पांच मैचों में पहली बार, उनकी शुरुआत धीमी रही। बेल्जियम ने किक-ऑफ से ही दबदबा बनाए रखा और लगभग तुरंत ही अपना पहला खतरनाक क्रॉस भेजा। एक मिनट के भीतर ही टिमोथी कास्टाग्ने ने दूर से जोरदार शॉट लगाकर फ्रीज़ को पूरी ताकत लगाने पर मजबूर कर दिया। मिडफील्ड में खिलाड़ी फंसे हुए से लग रहे थे।

बेल्जियम का आक्रमण जारी रहा। लगभग नौ मिनट बाद, बाएं ओर से आक्रमण करते हुए, लिएंड्रो ट्रोसार्ड ने आगे बढ़कर एक आक्रमण की शुरुआत की और गेंद पेनल्टी एरिया के ऊपरी हिस्से के पास हवा में उछली। निकोलस रास्किन ने सबसे तेज़ी से प्रतिक्रिया करते हुए डेस्ट के आगे छलांग लगाई और गेंद को गोल की ओर बखूबी मोड़ते हुए डी केटेलेरे को पास किया, जिन्होंने टिम रीम और एंटोनी रॉबिन्सन के बीच से निकलकर गेंद को गोल में डाल दिया।

कुछ क्षण पहले तक स्टेडियम में जो शोरगुल मचा हुआ था, वह अचानक शांत हो गया, सिवाय बेल्जियम के कुछ प्रशंसकों के। इस टूर्नामेंट में पहली बार अमेरिका ने पहला गोल खाया था। शुरुआत में कोई खास प्रतिक्रिया नहीं मिली। लेकिन हाइड्रेशन ब्रेक के बाद, अमेरिकी टीम ने थोड़ा आक्रामक रुख अपनाया और उन्हें तब सफलता मिली जब मलिक टिलमैन की पेनल्टी एरिया के ऊपरी हिस्से से ली गई फ्री किक बेल्जियम की डिफेंसिव दीवार से टकराकर अप्रत्याशित रूप से गोल में चली गई। टिलमैन ने जश्न मनाया – वह पिछले 60 वर्षों में विश्व कप में दो फ्री किक गोल करने वाले केवल दूसरे खिलाड़ी हैं – और अमेरिका ने स्कोर बराबर कर लिया।

दूसरे हाफ में भी कुछ खास देखने को नहीं मिला। डेस्ट की जगह जियो रेना मैदान पर आए, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली। अमेरिका ने जो भी लय हासिल करने की कोशिश की थी, वह फ्रीज़ की एक बेहद खराब गलती के कारण धराशायी हो गई।

फ्रीज़ ने अपने क्षेत्र से बाहर आकर एक थ्रू बॉल को रोकने की कोशिश की, लेकिन आगे किक मारने से पहले वह थोड़ा हिचकिचाया और गेंद सीधे वनाकेन की ओर चली गई। बेल्जियम के मिडफील्डर ने लगभग 30 गज की दूरी से शांत भाव से गेंद को गोल की ओर वापस मारा, और रीम ने अपने गोलकीपर को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन गेंद उनके पैर में उलझ गई और गेंद गोल में चली गई।

चार्ल्स डी केटेलेरे ने बेल्जियम के लिए दो गोल किए और हैंस वनाकेन ने अमेरिकी गोलकीपर मैट फ्रीज की एक बड़ी गलती का फायदा उठाते हुए तीसरा गोल किया। स्टॉपेज टाइम में एक और गोलकीपर की गलती का फायदा उठाते हुए रोमेलु लुकाकू ने बेल्जियम के लिए चौथा गोल दागा।

1 गोल से स्पेन ने किया पुर्तगाल को बाहर, अंतिम मैच में रो पड़े रोनाल्डो

FIFA World Cup के Round of 16 में स्पेन ने सोमवार रात क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल टीम को 1-0 से हरा दिया। वैकल्पिक खिलाड़ी के रूप में उतरे मिकेल मेरिनो ने 91वें मिनट में नाटकीय गोल दागकर अपनी टीम को क्वार्टरफाइनल में पहुंचाया। इसके साथ ही पुर्तगाल से स्टार स्ट्राइकर क्रिश्चियानो रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय करियर थम गया। वह मैदान पर ही फूट फूट कर रोने लग गए। रोनाल्डो ने सोमवार को ही घोषणा कर दी थी कि यह उनका अंतिम विश्वकप होगा।

मैच की शुरुआत आक्रामक रही और दोनों टीनों ने गोल करने के प्रयास किये, लेकिन वे विफल रहे। दूसरे हॉफ मे कड़ा और तनावपूर्ण मुकाबला अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिख रहा था, तभी स्पेन के दो स्थानापन्न खिलाड़ियों ने मिलकर मैच का एकमात्र गोल दाग दिया। फेरान टोरेस ने मेरिनो को पास दिया और उन्होंने पुर्तगाल के गोलकीपर डियोगो कोस्टा को छकाते हुए निचले शॉट से गोल दाग दिया।

इससे पहले, मिकेल ओयार्जाबल ने स्पेन को बढ़त दिलाने का एक शानदार मौका गंवा दिया था, जिसके बाद रोनाल्डो – जिन्होंने मैच से पहले कहा था कि यह उनका आखिरी विश्व कप होगा – के एक प्रयास को उनाई सिमोन ने शानदार तरीके से रोक दिया, और कोस्टा ने एलेक्स बाएना के शॉट को अपनी उंगलियों के सिरे से बचाकर गोल होने से रोक दिया।

हाफ टाइम से पहले साइमन ने रोनाल्डो को एक बार फिर गोल करने से रोका और नूनो मेंडेस के शॉट के डिफ्लेक्ट होने से क्रॉसबार पर गेंद लगी, जिसके बाद दूसरे हाफ में कुछ ही स्पष्ट मौके मिले और मैच का फैसला मेरिनो के शानदार फिनिश से हुआ।स्पेन अब शुक्रवार को लॉस एंजिल्स में क्वार्टरफाइनल में बेल्जियम से भिडेगा।

‘Viking Row’ क्या है यह जश्न का तरीका जिसे नॉर्वे की टीम लाई सुर्खियों में?

Erling Haaland

ब्राजील जैसे दिग्गज को हराने के बाद स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड स्टेडियम के बीचोंबीच ड्रम पीटते नजर आये और लाल जर्सी में बैठे नॉर्वे के प्रशंसकों ने अनूठे ‘Viking Row’ अंदाज में जश्न मनाया तो दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों के रोंगटे खड़े हो गए।पांच बार के चैम्पियन ब्राजील को हराकर विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंची नॉर्वे टीम के प्रशंसकों का जश्न मनाने का यह अंदाज अब दुनिया भर में लोकप्रिय हो गया है। नॉर्वे के असाधारण प्रदर्शन, हालैंड के मैच दर मैच बढते गोल और प्रशंसकों की एकजुटता का परिचायक बन गया है ‘वाइकिंग रो’।

सोशल मीडिया इसकी रील्स और फोटो से भरा हुआ है और बोस्टन से लेकर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वेयर तक और नॉर्वे की संसद से लेकर दिल्ली में इंडिया गेट तक ‘वाइकिंग रो’ की झलक देखने को मिल रही है।

क्या है वाइकिंग रो

इसकी शुरुआत में सबसे पहले नॉर्वे का एक पारंपरिक हॉर्न बजाया जाता है, जिसके बाद सभी फैंस जमीन पर एक लाइन में बैठ जाते हैं, मानो वे किसी पुरानी ‘Viking Longboat’ (समुद्री नाव) में बैठे हों। फिर एक लीडर ड्रम बजाना शुरू करता है। शुरुआत में बीट बहुत धीमी होती है, जो धीरे-धीरे तेज होती जाती है।ड्रम की बीट के साथ हजारों फैंस एक साथ अपने हाथों से नाव चलाने का एक्शन करते हैं और पूरी ताकत से ‘रो!’ चिल्लाते हैं। मैदान में जब हजारों लोग लाल रंग की नॉर्वे की जर्सी पहनकर एक साथ यह करते हैं, तो स्टेडियम जोश से भर जाता है ।

अमेरिका के ईस्ट रदरफोर्ड में ब्राजील के खिलाफ मैच से पहले मीलों दूर दिल्ली में इंडिया गेट पर भी नॉर्वे के प्रशंसक ‘ वाइकिंग रो’ करते नजर आये। इस वीडियो को भारत में नॉर्वे के दूतावास ने सोशल मीडिया पर साझा करते कैप्शन दिया ,‘‘ नॉर्वे फुटबॉल का जोश भारत में। इंडिया गेट पर वाइकिंग रो।’’

फीफा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इसकी शुरूआत दिसंबर 2025 में हुई जब ओले फ्रोयस्टाड ( अब मिस्टर रो रो के नाम से मशहूर) ने समुद्री नाव चलाने से प्रेरित यह नारा दिया।उन्होंने फीफा से कहा ,‘‘ लोगों को इस तरह साथ में नाव चलाने का एक्शन करते देखना मजेदार है। मैने सोचा भी नहीं था कि वाइकिंग रो इतना मशहूर हो जायेगा।’’नॉर्वे के प्रशंसकों के आधिकारिक समूह ने इसे बड़े पैमाने पर लोकप्रिय कर दिया।

‘वाइकिंग रो’ भले ही त्वरित प्रतिक्रिया लगे लेकिन यह काफी तैयारी के साथ किया जाता है। ‘वाइकिंग हॉर्न’ बजते ही प्रशंसक समझ जाते हैं कि अब कतार में बैठने का समय है।फीफा विश्व कप में तो टीम की हर जीत के बाद खिलाड़ी और प्रशंसकों के बीच यह सेतु की तरह हो गया। एक की बजाय दो ड्रम बजाये जाने लगे ताकि मैदान के कोने कोने में बैठे दर्शक जुड़ सकें।

रोनाल्डो ने भी किया साफ, यह होगा पुर्तगाल के लिए खेला गया अंतिम FIFA विश्वकप

Cristiano Ronaldo

ब्राजील के स्टार स्ट्राइकर नेमार के बाद अब  पुर्तगाल के स्टार फुटबॉल खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने रविवार को कहा कि यह उनका आखिरी विश्व कप होगा।सोमवार को टेक्सास के अर्लिंग्टन में होने वाले राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में पुर्तगाल के स्पेन के साथ होने वाले मुकाबले से पहले रोनाल्डो ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह उनका आखिरी विश्वकप होगा।

रोनाल्डो ने कहा, “बात यह है कि इसका जितना हो सके उतना आनंद लेना है। यह मेरा आखिरी विश्व कप होगा, लेकिन उम्मीद है कि कल का मैच मेरा आखिरी मैच नहीं होगा। वो दिन जरूर आएगा जब मैं अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लूंगा। लेकिन मैं सच कहूंगा। कल जो भी हो, क्रिस्टियानो पूरी तरह से साफ मन से फुटबॉल छोड़ेगा, शतप्रतिशत नहीं, बल्कि 1000 प्रतिशत। क्योंकि मैंने फुटबॉल को अपना सब कुछ दे दिया है। मुझे इसकी जरूरत नहीं है, मेरी जिंदगी अच्छी है, लेकिन बात जुनून की है। मैं फुटबॉल इसलिए खेलता हूं क्योंकि मुझे इससे प्यार है… आपको हर दिन का आनंद लेना चाहिए। और मैंने इस विश्व कप में तीन गोल किए हैं, मैं कुछ बुरा नहीं कर रहा हूं, है ना।”

इस टूर्नामेंट में अपने अनुभव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “यह शानदार रहा है। यह मैदान से परे है… लोगों के जुनून की वजह से वह इस विश्व कप है जिसे मैं सबसे ज्यादा याद रखूंगा। इस बार तो यह और भी ज्यादा है, पता नहीं क्यों। भावनात्मक रूप से यह सबसे अच्छा रहा है। मैंने इसका भरपूर आनंद लिया है।”

41 वर्षीय रोनाल्डो इस टूर्नामेंट के छह संस्करणों में खेल चुके हैं – 2006, 2020, 2014, 2018, 2022 और अब 2026। वह ग्रुप चरण में उज्बेकिस्तान के खिलाफ गोल करने के साथ ही छह विश्व कप में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। रोनाल्डो ने ग्रुप स्टेज में उज्बेकिस्तान के खिलाफ दो गोल किए, और फिर राउंड ऑफ 32 में क्रोएशिया के खिलाफ पेनल्टी से गोल दागा, जो विश्व कप के नॉकआउट मैच में उनका पहला गोल था।

नेमार ने नम आंखो से कहा फुटबॉल को अलविदा, जहां से शुरु हुआ करियर वहीं खत्म (Video)

ब्राजील फुटबॉल टीम के स्टार खिलाड़ी नेमार ने सोमवार को फीफा विश्वकप में नॉर्वे के खिलाफ उनकी टीम को मिली हार के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले लिया। 34 वर्षीय खिलाड़ी ने पेनल्टी के जरिए मैच के अंत में एक सांत्वना गोल दागा, लेकिन ब्राजील को एर्लिंग हालैंड के दो गोलों की बदौलत नॉर्वे से 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। नेमार की इस घोषणा के साथ ही उनके 16 साल लंबे करियर का अंत हो गया।

चोटो से जूझ रहे नेमार ने विश्वकप में दो मैच खेले। न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में मैच खत्म होने की सीटी बजते ही नेमार रोते हुए जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद उनके साथियों ने उन्हें सांत्वना दी।भावुक नेमार ने कहा, “ मैंने कोशिश की, मैंने कोशिश की। अब, यह सब खत्म हो गया है। मैंने यहीं से शुरुआत की थी; यहीं पर मेरा अंत हुआ।”

नेमार ने अगस्त 2010 में मेटलाइफ स्टेडियम में संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ एक मैत्रीपूर्ण मैच में ब्राजील के लिए पदार्पण किया और अपना पहला अंतरराष्ट्रीय गोल किया। वह 80 गोल के साथ ब्राजील के सर्वकालिक अग्रणी गोल स्कोरर के रूप में अपना अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त करेंगे, जो पेले से तीन गोल आगे है।

उनके करियर का दुखद अंत इस कारण कहा जा सकता है क्योंकि वह अपने करियर में एक भी विश्वकप के खिताबी जीत का भाग नहीं बन सके। ब्राजील ने आखिरी बार विश्वकप साल 2002 में जीता था तब नेमार एक बच्चे थे।  

नेमार चाहते तो अपने करियर को और लंबा खींच सकते थे लेकिन चोटों ने उनका पीछा कभी नहीं छोड़ा। उनके फीफा विश्वकप में चयन और कप्तानी से भी कई ब्राजील के फैंस खफा थे क्योंकि वह एक चोट से जूझ रहे थे और करीब 2.5 साल बाद उनकी राष्ट्रीय टीम में वापसी हुई थी।

34 साल के नेमार, जो 133 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 80 गोल के साथ ब्राज़ील के ऑल-टाइम लीडिंग स्कोरर हैं, ने आखिरी बार अक्टूबर 2023 में ब्राज़ील के लिए खेला था, जब उरुग्वे के खिलाफ वर्ल्ड कप क्वालीफायर में उनके एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट में चोट लग गई थी।बार्सिलोना और पेरिस सेंट-जर्मेन के पूर्व फॉरवर्ड तब से चोटों से जूझ रहे हैं, पिछले साल जनवरी में अपने बचपन के क्लब सैंटोस में लौटने के बाद सभी कॉम्पिटिशन में 38 मैचों में सिर्फ 17 गोल कर पाए हैं।