‘Viking Row’ क्या है यह जश्न का तरीका जिसे नॉर्वे की टीम लाई सुर्खियों में?

Erling Haaland

ब्राजील जैसे दिग्गज को हराने के बाद स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड स्टेडियम के बीचोंबीच ड्रम पीटते नजर आये और लाल जर्सी में बैठे नॉर्वे के प्रशंसकों ने अनूठे ‘Viking Row’ अंदाज में जश्न मनाया तो दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों के रोंगटे खड़े हो गए।पांच बार के चैम्पियन ब्राजील को हराकर विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंची नॉर्वे टीम के प्रशंसकों का जश्न मनाने का यह अंदाज अब दुनिया भर में लोकप्रिय हो गया है। नॉर्वे के असाधारण प्रदर्शन, हालैंड के मैच दर मैच बढते गोल और प्रशंसकों की एकजुटता का परिचायक बन गया है ‘वाइकिंग रो’।

सोशल मीडिया इसकी रील्स और फोटो से भरा हुआ है और बोस्टन से लेकर न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वेयर तक और नॉर्वे की संसद से लेकर दिल्ली में इंडिया गेट तक ‘वाइकिंग रो’ की झलक देखने को मिल रही है।

क्या है वाइकिंग रो

इसकी शुरुआत में सबसे पहले नॉर्वे का एक पारंपरिक हॉर्न बजाया जाता है, जिसके बाद सभी फैंस जमीन पर एक लाइन में बैठ जाते हैं, मानो वे किसी पुरानी ‘Viking Longboat’ (समुद्री नाव) में बैठे हों। फिर एक लीडर ड्रम बजाना शुरू करता है। शुरुआत में बीट बहुत धीमी होती है, जो धीरे-धीरे तेज होती जाती है।ड्रम की बीट के साथ हजारों फैंस एक साथ अपने हाथों से नाव चलाने का एक्शन करते हैं और पूरी ताकत से ‘रो!’ चिल्लाते हैं। मैदान में जब हजारों लोग लाल रंग की नॉर्वे की जर्सी पहनकर एक साथ यह करते हैं, तो स्टेडियम जोश से भर जाता है ।

अमेरिका के ईस्ट रदरफोर्ड में ब्राजील के खिलाफ मैच से पहले मीलों दूर दिल्ली में इंडिया गेट पर भी नॉर्वे के प्रशंसक ‘ वाइकिंग रो’ करते नजर आये। इस वीडियो को भारत में नॉर्वे के दूतावास ने सोशल मीडिया पर साझा करते कैप्शन दिया ,‘‘ नॉर्वे फुटबॉल का जोश भारत में। इंडिया गेट पर वाइकिंग रो।’’

फीफा की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार इसकी शुरूआत दिसंबर 2025 में हुई जब ओले फ्रोयस्टाड ( अब मिस्टर रो रो के नाम से मशहूर) ने समुद्री नाव चलाने से प्रेरित यह नारा दिया।उन्होंने फीफा से कहा ,‘‘ लोगों को इस तरह साथ में नाव चलाने का एक्शन करते देखना मजेदार है। मैने सोचा भी नहीं था कि वाइकिंग रो इतना मशहूर हो जायेगा।’’नॉर्वे के प्रशंसकों के आधिकारिक समूह ने इसे बड़े पैमाने पर लोकप्रिय कर दिया।

‘वाइकिंग रो’ भले ही त्वरित प्रतिक्रिया लगे लेकिन यह काफी तैयारी के साथ किया जाता है। ‘वाइकिंग हॉर्न’ बजते ही प्रशंसक समझ जाते हैं कि अब कतार में बैठने का समय है।फीफा विश्व कप में तो टीम की हर जीत के बाद खिलाड़ी और प्रशंसकों के बीच यह सेतु की तरह हो गया। एक की बजाय दो ड्रम बजाये जाने लगे ताकि मैदान के कोने कोने में बैठे दर्शक जुड़ सकें।