1 गोल से पिछड़ने के बाद हैरी कैन के दोहरे प्रहार से एतिहासिक वापसी कर जीता इंग्लैंड

 

FIFA World Cup 2026 में इंग्लैंड ने 1966 के बाद से कभी भी गोल खाने के बाद मैच नहीं जीता था इतिहास इंग्लैंड के विरुद्ध था लेकिन हैरी केन के इरादे कुछ और थे।कप्तान हैरी केन ने आखिरी 15 मिनट में दो गोल दाग कर इंग्लैंड को वर्ल्ड कप के Round of 16 में पहुंचा दिया, मुकाबले में एक गोल से पिछडने के बाद इंग्लैंड ने वापसी करते हुए डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो को 2-1 से हराया।

बुधवार रात खेले गये इस मुकाबले में केन ने अपने देश के लिए एक और मैच जिताने वाला प्रदर्शन किया, जब कप्तान ने 75वें मिनट में हेडर से बराबरी की और फिर मैच खत्म होने से चार मिनट पहले एक शानदार विजयी गोल किया, जब इंग्लैंड एक रोमांचक मैच में एक घंटे से पीछे था। केन का दूसरा गोल वर्ल्ड कप में उनका 13वां गोल था, जो महान पेले से एक अधिक था।

ब्रायन सिपेंगा ने मैच के सातवें मिनट में अपने पहले इंटरनेशनल गोल से डीआर कांगो को बढ़त दिलाकर इंग्लैंड को चौंका दिया था। गोल खाने के बाद इंग्लैंड ने लगातार आक्रमण किए, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। जूड बेलिंघम के दो शानदार हेडर को डीआर कॉन्गो के गोलकीपर लियोनेल म्पासी ने बेहतरीन बचाव करते हुए गोल में नहीं जाने दिया।

वहीं, मार्कस रैशफोर्ड के शॉट को आरोन वान-बिसाका ने गोललाइन से क्लियर कर दिया। पहले हाफ के आखिरी पलों में हैरी केन का वॉली शॉट भी म्पासी ने रोक दिया। दूसरी ओर, डीआर कॉन्गो के योआने विस्सा का प्रयास पोस्ट से टकरा गया और इंग्लैंड एक और गोल खाने से बच गया।

दूसरे हाफ में इंग्लैंड के मुख्य कोच थॉमस टुखेल के बदलाव असरदार साबित हुए। सब्स्टीट्यूट एंथनी गॉर्डन ने 75वें मिनट में शानदार क्रॉस दिया, जिस पर हैरी केन ने हेडर के जरिए बराबरी का गोल दाग दिया। इस गोल के बाद इंग्लैंड ने मैच पर पूरी तरह पकड़ बना ली और लगातार दबाव बनाता रहा। 86वें मिनट में हैरी केन ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई।

उन्होंने शानदार टर्न लेते हुए डिफेंडर को छकाया और नियर पोस्ट की ओर जोरदार शॉट लगाकर गेंद को जाल में पहुंचा दिया। इस गोल के साथ इंग्लैंड ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। अंतिम मिनटों में डीआर कॉन्गो ने वापसी की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड की रक्षा पंक्ति ने कोई मौका नहीं दिया और टीम ने शानदार जीत दर्ज की। राउंड ऑफ 16 में इंग्लैंड की टीम का मुकाबला अब मेक्सिको से होगा।

हालैंड के करिश्मे से फीफा विश्वकप में पहली बार नॉकआउट मैच जीता नॉर्वे

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नॉर्वे के सितारा सॉकर खिलाड़ी एर्लिंग हालैंड ने अपनी कुशलता दिखाते हुए 86वें मिनट में निर्णायक गोल किया जिससे नॉर्वे ने आइवरी कोस्ट को 2-1 से हराकर विश्वकप फुटबॉल में पहली बार नॉकआउट मैच जीता।जैसे ही नॉर्वे के पैट्रिक बर्ग गेंद लेकर पेनल्टी एरिया में पहुंचे, तीन डिफेंडर ने उन्हें घेर दिया। उन्होंने बड़ी कुशलता से इन तीनों डिफेंडर को छकाते हुए गेंद को हालैंड की तरफ बढ़ा दिया जिन्होंने उसे गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की। यह उनका मौजूदा टूर्नामेंट में तीन मैचों में पांचवां गोल है।

नॉर्वे की ओर से एंटोनियो नुसा ने 39वें मिनट में घुमावदार किक से गोल किया। आइवरी कोस्ट के लिए अमाद डियालो ने 74वें मिनट में बराबरी का गोल दागा।चौथी बार विश्व कप में भाग ले रहे नॉर्वे का अंतिम 16 में मुकाबला रविवार को ईस्ट रदरफोर्ड में पांच बार के चैंपियन ब्राजील से होगा जिसे उसने 28 साल पहले हराकर फुटबॉल जगत में तहलका मचा दिया था।

नॉर्वे 1998 के बाद पहली बार विश्व कप में खेल रहा है। तब उसकी टीम ने ग्रुप के अपने अंतिम मैच में 83वें और 89वें मिनट में गोल करके ब्राजील के खिलाफ 2-1 से जीत के दम पर नॉकआउट राउंड में जगह बनाई थी।

हालैंड ने नॉर्वे के लिए 53 मैचों में रिकॉर्ड 60वां गोल किया। उनके इस गोल के बाद आइवरी कोस्ट ने बराबरी का गोल करने के लिए अथक प्रयास किए। उसे स्टॉपेज टाइम के छठे मिनट में डियालो के फ्री किक पर लिए गए शानदार शॉट से बराबरी करने का मौका भी मिला लेकिन नॉर्वे के गोलकीपर ओरजान नाइलैंड ने बड़ी खूबसूरती से उसे बचाकर खतरा टाल दिया। यह उनके चार बचाव में से आखिरी था।

मैनचेस्टर सिटी के लिए पिछले सत्र में प्रीमियर लीग में 27 गोल करके गोल्डन बूट जीतने वाले हालैंड ने लगातार 13 प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय मैचों में गोल किए हैं। इस दौरान उन्होंने कुल 25 गोल किए हैं।


नुसा ने 39वें मिनट में विश्व कप में अपना पहला गोल किया, जब उन्होंने पेनल्टी एरिया के बाएं कोने से कुछ कदम आगे बढ़ते हुए दो डिफेंडरों का गफलत में डालकर दाहिने पैर से लगाई गई जोरदार किक से गेंद को दूर वाले पोस्ट के अंदर भेज दिया था।आइवरी कोस्ट के गोलकीपर याहिया फोफाना ने गेंद को पकड़ने के लिए डाइव लगाई, लेकिन वह उनकी पहुंच से थोड़ी दूर थी। नॉर्वे के लिए खेले गए 28 मैचों में नुसा का यह नौवां अंतरराष्ट्रीय गोल था।

डियालो ने निकोलस पेपे के साथ मिलकर गेंद आगे बढ़ाई और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। पेपे ने पिछले मैच में आइवरी कोस्ट के दोनों गोल किए थे और 55वें मिनट में नाइलैंड ने उनके शॉट को रोक दिया था।हाफ टाइम से पहले आइवरी कोस्ट को गोल करने का मौका मिला जब नुसा को स्टॉपेज टाइम में पीला कार्ड दिखाया गया। पेपे ने फ्री किक ली लेकिन उनका हेडर गोलपोस्ट के बायीं ओर से बाहर निकल गया।
 

फ्रांस ने स्वीडन पर दागे 3 गोल और एमबाप्पे ने बढ़ा दिया मेस्सी पर दबाव, जाने कैसे

स्वीडन को 3-0 से हराकर फ्रांस के काइलिन एमबाप्पे ने लियोनेल मेस्सी पर दबाव बढ़ा लिया है। स्वीडन के खिलाफ राउंड ऑफ 32 के इस मैच में एमबाप्पे के 2 गोल और ब्रैडली ब्रैकोल का एक गोल आया। एमबाप्पे ने 45वें मिनट में और 74वें मिनट में गोल किया जबकि ब्रैकोल ने 53 मिनट पर गोल दाग दिया।

यह पिछले चार मैच में तीसरा अवसर है जबकि एमबाप्पे ने मैच में दो गोल किए। मौजूदा टूर्नामेंट में अब उनके छह गोल हो गए हैं और उन्होंने अर्जेंटीना के फॉरवर्ड लियोनेल मेस्सी की बराबरी कर ली है। विश्व कप करियर में उनके कुल गोल की संख्या 18 हो गई है, जो मेस्सी के रिकॉर्ड से सिर्फ एक कम है।

एमबाप्पे अब विश्व कप के नॉकआउट राउंड में 10 गोल कर चुके हैं जो ब्राजील के दिग्गज लियोनिडास और रोनाल्डो के पिछले रिकॉर्ड से दो अधिक हैं। यह स्टार खिलाड़ी 85वें मिनट में जब सब्स्टीट्यूट किए जाने के बाद बेंच पर आया तो फ्रांस के कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने झुककर उनका अभिवादन किया।चार साल पहले विश्व कप में उपविजेता रही और इस बार टूर्नामेंट की प्रबल दावेदार फ्रांस ने अब तक टूर्नामेंट में 13 गोल किए हैं और उसके खिलाफ केवल दो गोल हुए हैं। उसकी तरफ से माइकल ओलिस ने पांच गोल में मदद की है।

स्वीडन नहीं कर पाया फ्रांस का मुकाबला

फ्रांस ने मैच में शुरू से ही दबदबा बनाए रखा और स्वीडन को किसी भी समय वापसी का खास मौका नहीं दिया। फ्रांस ने इस मैच में 25 बार गोल करने के मौके बनाए जबकि स्वीडन केवल सात बार भी ऐसा कर पाया। पहले हाफ में यह आंकड़ा 15-3 का था।लगातार तीसरी बार विश्व कप फाइनल में पहुंचने की कवायद में लगा फ्रांस चार जुलाई को फिलाडेल्फिया में पराग्वे के खिलाफ खेलेगा, जिसे जर्मनी को बाहर का रास्ता दिखाया।

एमबाप्पे ने 32वें मिनट में पोस्ट पर शॉट मारा और निराशा में दोनों हाथ ऊपर उठा लिए। इसके चार मिनट बाद ही फ्रांस पेनल्टी एरिया के ठीक अंदर से ओलिस के शानदार बाइसाइकिल किक पर बढ़त बनाने के करीब पहुंच गया, लेकिन उनका शॉट पोस्ट से टकराकर वापस आ गया।

एमबाप्पे हालांकि पहले हाफ में फ्रांस को बढ़त दिलाने में कामयाब रहे। ओलिस ने ओस्मान डेम्बेले को पास किया, जिन्होंने उसे एमबाप्पे को थमाया। एमबाप्पे ने विक्टर ग्योकेरेस को चकमा देने के लिए क्रॉसओवर स्टेप लिया और छह गज के बॉक्स के ठीक बाहर से एक तिरछा शॉट लगाया जो दूर वाले पोस्ट के अंदर चला गया।

एमबाप्पे ने अपना 61वां अंतरराष्ट्रीय गोल मनाने के लिए मैदान के बीचोंबीच दौड़ लगाई और फिर वे बेंच की ओर दौड़कर डेसचैम्प्स को गले लगाने पहुंचे, जो अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए फ्रांस जाने के बाद इस मैच के लिए वापस लौटे थे।


फ्रांस के दूसरे गोल की शुरुआत गुस्ताफ लैगरबिएलके से गेंद छीनने से हुई। ऑरेलियन टचमेनी ने ओलिस को पास दिया, जिन्होंने लैगरबिएलके को चकमा दिया और बारकोला ने बीच में गेंद को हल्का सा स्पर्श करते हुए गोल में डाल दिया।फ्रांस के तीसरे गोल की नींव रखने वाले एमबाप्पे ने बारकोला को बैकहील पास देकर दर्शकों का मनोरंजन किया। बारकोला ने उसे ओलिस की तरफ बढ़ाया जिन्होंने उसे पेनल्टी एरिया में एमबाप्पे तक पहुंचाया। उन्होंने गेंद पर नियंत्रण बनाकर दूर वाले गोलपोस्ट के अंदर गोल दाग दिया।

कनाडा ने एक गोल कर किया द.अफ्रीका को बाहर, पहुंची क्वार्टरफाइनल में

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स्टीफन यूस्टाक्वियो के दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम के दूसरे मिनट में किये गये गोल की बदौलत कनाडा ने दक्षिण अफ्रीका को 1-0 से हराकर विश्व कप में अपनी पहली नॉकआउट मैच जीत हासिल करते हुए राउंड ऑफ 16 में जगह बना ली है। सोफी स्टेडियम में चल रहा तनावपूर्ण मैच अतिरिक्त समय की ओर बढ़ता दिख रहा था, तभी यूस्टाक्वियो, जो कुछ मील दूर स्थित एलएएफसी के लिए पेशेवर रूप से खेलते हैं, ने पेनल्टी क्षेत्र के बाहर से एक शानदार वॉली शॉट लगाकर रॉनवेन विलियम्स के नेट के निचले कोने में गेंद पहुंचा दी।

सह-मेजबान कनाडा ने अंतिम मिनटों में मजबूत रक्षात्मक खेल का प्रदर्शन करते हुए बढ़त बनाए रखी और शनिवार को ह्यूस्टन में नीदरलैंड या मोरक्को का सामना करने के लिए आगे बढ़ गया।मैच खत्म होने के बाद कनाडा के मैनेजर जेसी मार्श ने अपने खिलाड़ियों में जोश भरते हुए कहा, “आप सब कनाडा के हीरो हैं। इस देश के भावी बच्चों के लिए, जो यह खेल खेलते हैं, आप सब कनाडा के हीरो हैं। आप लोगों की वजह से इस खेल का उज्ज्वल भविष्य है। आपको खुद पर और इस खेल पर गर्व होना चाहिए।”

कनाडा ने अपने तीसरे विश्व कप में भाग लेते हुए अपने पहले तीन मैच टोरंटो और वैंकूवर में अपने घरेलू मैदान पर खेले, लेकिन पिछले बुधवार को स्विट्जरलैंड से 2-1 से हारने के बाद उन्हें विश्व कप के मेजबान के रूप में घर से बाहर खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा।

दक्षिण अफ्रीका के कोच ह्यूगो ब्रूस ने कहा, “हम मैच इसलिए हार गए क्योंकि हमारी टीम में ताकत और गति की कमी थी, जब मैं इसकी तुलना अपने प्रतिद्वंदी से करता हूं। यह एक कठिन मैच था, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन अगर हम पीछे मुड़कर देखें, तो हम अपने प्रदर्शन से काफी हद तक संतुष्ट हो सकते हैं। हम निराश हैं, क्योंकि हम जीतना चाहते थे, लेकिन हमें बहुत ज्यादा निराश होने की जरूरत नहीं है। हमने जो किया वह अच्छा था, और मैं अपनी टीम से बहुत खुश और गौरवान्वित हूं।”

भारत की वॉलीबॉल टीम ने बहरीन को 3-1 से हराकर जीता एतिहासिक कांस्य पदक

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भारत की वॉलीबॉल टीम ने रविवार को बहरीन के खिलाफ 3-1 से कांस्य पदक मैच जीतकर पहली बार एवीसी पुरुष कप का कांस्य पदक जीत लिया। शनिवार को टीम इंडोनेशिया से हारकर फाइनल में प्रवेश पाने से चूक गई थी। हालांकि टीम ने रविवार को कोई गलती नहीं की। अगर यह प्रदर्शन जारी रहा तो अगले टूर्नामेंट से भारतीय वॉलीबॉल टीम ओलंपिक का टिकट बुक कर सकती है।


FIFA World Cup में पहली बार सबस्टीट्यूट खिलाड़ी बनकर गोल दागा लियोनेल मेस्सी ने

अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने रविवार को जॉर्डन के खिलाफ फीफा विश्वकप में दो दशक के बाद सब्स्टीट्यूट के तौर अपना पहला गोल किया। मेसी मैच के एक घंटे पूरे होने के बाद सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर आए और 80वें मिनट में जॉर्डन की डिफेंसिव दीवार के ऊपर से शानदार फ्री-किक मारकर गोल किया। मेसी दो दशक पहले वर्ष 2006 के क्वार्टरफाइनल (जिसमें मेजबान जर्मनी ने अर्जेंटीना को हराया था) तब पहली बार सब्स्टीट्यूट के तौर पर खेले थे।

अर्जेंटीना के कप्तान ने लगातार सातवें विश्व कप मैच में गोल करके अपना 123वां अंतरराष्ट्रीय गोल किया और फ्रांस के जस्ट फोंटेन और ब्राजील के जैरजिन्हो का रिकॉर्ड तोड़ा। यह टूर्नामेंट में उनका छठा गोल था और इसके साथ ही उनके करियर के कुल गोल की संख्या 19 हो गई, जो एक रिकॉर्ड है।

पिछले सोमवार को, 39 वर्षीय ओलंपिक चैंपियन ने ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल करके मिरोस्लाव क्लोज के 16 गोल के रिकॉर्ड को तोड़ा था। मेसी अब फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे से तीन गोल आगे हैं, जिनके नाम इस विश्वकप में चार गोल हैं। जॉर्डन के खिलाफ मैच से पहले ही डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ग्रुप जीत चुकी थी, इसलिए मेसी मैच की शुरुआत में बेंच पर बैठे थे। शुक्रवार को मियामी में राउंड ऑफ़ 32 में अर्जेंटीना का मुकाबला चौंकाने वाले प्रदर्शन करने वाली टीम केप वर्डे से होगा।

5 लाख की आबादी वाला देश केप वर्डे पहले ही FIFA World Cup में पहुंचा नॉकआउट राउंड में

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केप वर्डे ने शनिवार को अपने आखिरी ग्रुप एच मैच में सऊदी अरब को गोल-रहित ड्रॉ पर रोककर फीफा विश्वकप के नॉकआउट चरण में जगह बना ली।इस तरह से विश्व कप फुटबॉल के नॉकआउट राउंड में पहुंचने वाला सबसे छोटा देश बन गया।अफ्रीका के पश्चिमी तट पर स्थित छोटा द्वीपीय राष्ट्र केप वर्डे फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर पहली बार खेल रहा है।इस 5,00,000 से कुछ अधिक आबादी वाले देश ने कुछ असंभव बाधाओं को पार करते हुए राउंड ऑफ 32 में जगह बनाई।

NRG स्टेडियम में खेले गये मुकाबले में अफ्रीकी देश केप वर्डे के लिए ग्रुप एच में स्पेन के बाद दूसरे स्थान पर रहने के लिए एक अंक काफी था। स्पेन ने ग्रुप के दूसरे मैच में उरुग्वे को 1-0 से हराया था। सऊदी अरब, जिसे टूर्नामेंट में बने रहने के लिए जीत की जरूरत थी, तीसरे स्थान पर रहने के बाद बाहर हो गया। केप वर्डे अब राउंड ऑफ 32 में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना का सामना करेगा, जो वर्ल्ड कप में पहली बार खेल रही इस टीम के लिए एक यादगार मुकाबला होगा।

मैच के दौरान सऊदी अरब ने लंबे समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा, लेकिन वे केप वर्डे के अनुशासित रक्षापंक्ति को नहीं भेद पाए। केप वर्डे इस टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा चौंकाने वाला प्रदर्शन करने वाली टीमों में से एक बनकर उभरा है।

ब्रेक के बाद केप वर्डे अधिक आक्रामक लग रही थी। सऊदी गोलकीपर मोहम्मद अल ओवैस ने सब्स्टीट्यूट लारोस डुआर्टे के शॉट को शानदार ढंग से रोका, जबकि डिफेंडर अली अल अमरी ने वैगनर पिना के करीब से किए गए शॉट को अहम तरीके से ब्लॉक किया। पहली बार खेल रही इस टीम ने स्टॉपेज टाइम में एक शानदार जीत के साथ ग्रुप स्टेज का समापन लगभग कर ही लिया था। गिल्सन रोड्रिग्स ने तेज़ी से जवाबी हमला किया और सब्स्टीट्यूट नूनो दा कोस्टा को गेंद पास की, लेकिन गोल करने का खुला मौका मिलने के बावजूद नूनो का शॉट बाहर चला गया।

सऊदी अरब ने दूसरे हाफ में नए खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा, जिसमें कप्तान सलेम अल-दौसारी की जगह मोहम्मद अबू अल-शमत को लाना शामिल थे, इन बदलावों से उन्हें वह सफलता नहीं मिली जिसकी उन्हें सख्त जरूरत थी। पूरे मैच के दौरान केप वर्डे का डिफेंस संगठित रहा, जिससे सऊदी अरब के अटैकर्स परेशान रहे। उन्होंने आसानी से पांच मिनट का अतिरिक्त समय निकाला और मैच खत्म होने की सीटी बजते ही जश्न मनाया।

केप वर्डे ने बिना कोई मैच हारे ग्रुप स्टेज का अभियान पूरा किया; इससे पहले उन्होंने स्पेन और उरुग्वे दोनों के साथ मैच ड्रॉ खेले थे और फिर सऊदी अरब के खिलाफ़ एक और पॉइंट हासिल किया। उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें पहली ही कोशिश में राउंड ऑफ 32 में ऐतिहासिक जगह दिलाई। सऊदी अरब के लिए, इस ड्रॉ का मतलब उनके वर्ल्ड कप अभियान का अंत था, जबकि केप वर्डे अब नॉकआउट चरण में अर्जेंटीना के खिलाफ अपने फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े मैच की तैयारी कर रहा है।

World Cup 2026 का नया हीरो बना Alex Baena! एक गोल ने Spain को बनाया ग्रुप चैंपियन, Uruguay बाहर

FIFA World Cup 2026 में अगर किसी एक खिलाड़ी ने रातों-रात दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है तो वह हैं Alex Baena। 24 वर्षीय इस स्पेनिश स्टार ने Uruguay के खिलाफ ऐसा गोल दागा, जिसने सिर्फ मैच का नतीजा ही नहीं बदला, बल्कि Spain को ग्रुप H का चैंपियन भी बना दिया। Alex Baena के इस गोल की बदौलत Spain ने Uruguay को 1-0 से हराकर नॉकआउट में शानदार अंदाज में प्रवेश किया, जबकि Marcelo Bielsa की टीम का World Cup सफर यहीं खत्म हो गया। अब फुटबॉल फैंस के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इसी नए स्पेनिश हीरो की हो रही है।

 

World Cup में दूसरा मैच, पहला गोल और बन गए मैच विनर

Uruguay के खिलाफ मुकाबले का 42वां मिनट Alex Baena के करियर का सबसे यादगार पल बन गया। उन्होंने पेनल्टी बॉक्स के बाहर से जोरदार शॉट लगाया, जिसे Uruguay के अनुभवी गोलकीपर Fernando Muslera सही तरीके से पकड़ नहीं पाए। गेंद सीधे गोल में चली गई और यही मैच का इकलौता गोल साबित हुआ। मैच के बाद Alex Baena ने कहा कि यह उनके करियर के सबसे खुशी देने वाले गोलों में से एक है, क्योंकि दोनों टीमें अपने-अपने लक्ष्य के लिए पूरी ताकत से लड़ रही थीं।

 

Roquetas de Mar से World Cup के मंच तक का सफर

20 जुलाई 2001 को Roquetas de Mar (Spain) में जन्मे Alex Baena ने अपने फुटबॉल करियर की शुरुआत CD Roquetas से की थी। इसके बाद वह Villarreal की प्रसिद्ध अकादमी से जुड़े, जहां करीब आठ वर्षों तक उन्होंने खुद को निखारा। 2018 में उन्होंने क्लब के लिए सीनियर डेब्यू किया और 2020 में पहली टीम का हिस्सा बने।

 

Villarreal के लिए पांच सीजन में Alex Baena ने 148 मैच खेले, 26 गोल किए और 40 असिस्ट दिए। 2021-22 सीजन में वह Girona के लिए लोन पर भी खेले। पिछले साल उन्होंने Atletico Madrid के साथ पांच साल का अनुबंध किया। अपने पहले सीजन में उन्होंने 46 मैच खेले, दो गोल किए और तीन असिस्ट दिए।

 

Olympic फाइनल से World Cup तक लगातार चमक रहे हैं Alex Baena

Alex Baena सिर्फ क्लब फुटबॉल तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने Paris Olympics 2024 के फाइनल में भी गोल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। इसके बाद Spain के कोच Luis de la Fuente ने उन्हें राष्ट्रीय टीम में लगातार मौके दिए। 2023 में UEFA Euro क्वालीफायर के दौरान उन्हें पहली बार सीनियर टीम में बुलाया गया था। अब तक वह Spain के लिए 19 मैच खेल चुके हैं और तीन गोल कर चुके हैं।

 

 

 

 

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Spain ने दिखाया दम, Uruguay नहीं कर सका वापसी

मैच में Uruguay ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और Lamine Yamal को रोकने की पूरी कोशिश की। Federico Valverde और Darwin Nunez ने बराबरी का मौका बनाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। दूसरे हाफ में भी Uruguay ने लगातार दबाव बनाया, मगर Spain के गोलकीपर Unai Simon ने शानदार बचाव करते हुए टीम की बढ़त कायम रखी।

 

मैच के आखिर में Ferran Torres का शॉट क्रॉसबार से टकराया, जबकि इंजरी टाइम में Agustin Canobbio को Pau Cubarsi पर खतरनाक टैकल के लिए रेड कार्ड दिखाया गया। इसके साथ ही Uruguay का World Cup अभियान समाप्त हो गया।

 

Spain ग्रुप H में नंबर-1, Uruguay की विदाई

इस जीत के साथ Spain ने दो जीत और एक ड्रॉ के दम पर सात अंक हासिल किए और ग्रुप H में पहला स्थान अपने नाम किया। वहीं Cape Verde ने दूसरा नॉकआउट टिकट हासिल किया। Uruguay सिर्फ दो अंकों के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गया और World Cup में उसका सफर उम्मीद से पहले ही समाप्त हो गया।

वॉलीबॉल में ऑस्ट्रेलिया को अहमदाबद में 3-0 से हराकर भारत पहुंचा सेमीफाइनल में

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पुरुषों की AVC  वॉलीबॉल कप  2026 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को हराकर ना केवल अपने घरेलू दर्शकों को चौंकाया बल्कि सेमीफाइनल में भी जगह बना ली। हैरत की बात है कि यह जीत बिना एक सेट गंवाए आई और ऑस्ट्रेलिया को 3-0 से मैच गंवाना पड़ा।
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यह इस एवीसी वॉलीबॉल कप  2026 में भारत की पांचवी जीत है। भारत के खेल का स्तर इस टूर्नामेंट में इतना उच्च कोटी का रहा है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि भारत ने जो पांच मैच जीते हैं उनमें से सिर्फ एक सेट में गंवाया है। यह सेट भारत ने चाइनीज ताईपे के हाथों गंवाया था लेकिन मैच जीतने में सफल रहे थे।

इससे पहले भारत ने न्यूजीलैंड और कजाकिस्तान को 0-3 से हराया। उसके बाद बहरीन और अब ऑस्ट्रेलिया को भी इस ही अंतर से हराया है। भारत यह कप को अपने नाम करने से अब सिर्फ 2 कदम दूर है।

तुर्किए ने अमेरिका को घरेलू दर्शकों के सामने 3-2 से हराकर विश्वकप की पहली जीत पाई (Video)

कान आयहान ने मैच की आखिरी किक पर गोल किया और तुर्किए ने गुरूवार को अमेरिका को 3-2 से हराकर विश्व कप में अपनी एकमात्र जीत दर्ज की।ऑस्टन ट्रस्टी ने तीसरे मिनट में गोल करके अमेरिका को बढ़त दिलाई लेकिन तुर्किए ने आर्डा गुलेर (10वें मिनट) और बारिस अल्पर यिलमाज (31वें मिनट) के गोल की बदौलत स्कोर 2-1 कर दिया।

अमेरिका ने 49वें मिनट में सबेस्टियन बरहाल्टर के गोल से बराबरी हासिल की लेकिन आयहान ने अंतिम लम्हों में गोल दागकर तुर्किए की जीत सुनिश्चित कर दी।अमेरिकी टीम पहले ही पैराग्वे और ऑस्ट्रेलिया को हराकर ग्रुप डी जीतकर नॉकआउट में जगह बना चुकी थी। कोच मौरिसियो पोचेटिनो की टीम बुधवार को राउंड ऑफ 32 में बोस्निया और हर्जेगोविना से भिड़ेगी।

पोचेटिनो ने इस कम अहमियत वाले मैच के लिए नौ नए खिलाड़ियों को शुरुआती एकादश में शामिल किया लेकिन क्रिश्चियन पुलिसिक 58वें मिनट में मैदान पर उतरे। पिंडली की चोट के कारण वह अमेरिकी टीम के पहले मैच के पहले हाफ के बाद से नहीं खेले थे।तुर्किए ने शानदार खेल दिखाते हुए पहले हाफ में दो गोल की बदौलत दबदबा बनाया और अंतत: रोमांचक जीत दर्ज करने में सफल रहा।

तुर्किए अपने पहले दो मैच हारने के बाद पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुका था जबकि आंकड़ों के लिहाज से उसने दोनों मैचों में काफी हद तक दबदबा बनाए रखा था।इंजरी टाइम के आठवें मिनट में तुर्किए ने अप्रत्याशित जीत हासिल की। ​​कैन उज़ुन को बैक पोस्ट पर खाली जगह में गेंद मिली और उन्होंने उसे गोलकीपर मैट टर्नर के पास से आयहान की ओर धकेल दिया जिन्होंने स्लाइड करते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया।

खचाखच भरे सोफी स्टेडियम में दर्शकों के लिए मैच के नतीजे का कोई खास महत्व नहीं था। घरेलू मैदान पर हो रहे इस विश्व कप में अमेरिकी टीम की शानदार शुरुआत ने प्रशंसकों में जोश भर दिया था लेकिन टीम को अंतत: हार झेलनी पड़ी।