4 गोलों से स्पेन से हार नहीं पची तो साउदी अरब के शेखों ने तोड़े टेलीविजन सेट (Video)

FIFA World Cup में स्पेन से 0-4 की हार ना पचने के कारण साउदी अरब के कई लोगों ने टेलीविजन सेट तोड़ दिए। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।  इस वीडियो में साउदी का शेख टेलीविजन सेट को ईंट से तोड़ता हुआ दिख रहा है।

गौरतलब है कि युवा फॉरवर्ड लामिन यमाल और मिकेल ओयारजाबल के गोलों की बदौलत स्पेन ने फीफा विश्व कप 2026 के ग्रुप एच के मुकाबले में सऊदी अरब को 4-0 से हरा दिया।स्पेन ने रविवार रात अटलांटा के मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में शानदार आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। स्पेन के युवा फॉरवर्ड लामिन यमाल ने 10वें मिनट में गोल करके टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई।

उन्होंने एक बेहतरीन आक्रामक मूव को गोल में बदलकर ‘ला रोजा’ (स्पेन की टीम) को आगे किया। मैच में स्पेन का दबाव लगातार बना रहा और मिकेल ओयारजबल ने 21वें और 24वें मिनट में लगातार दो गोल करके पहले आधे घंटे के भीतर ही मैच का नतीजा लगभग तय कर दिया।

सऊदी अरब को स्पेन के हाई-प्रेसिंग और शानदार पासिंग कॉम्बिनेशन का सामना करने में काफी मुश्किल हुई और वे पहले हाफ का अधिकतर समय अपने ही क्षेत्र में सिमटे रहे। गोलकीपर मोहम्मद अल-ओवाइस ने कई अहम बचाव करके स्कोर को और अधिक शर्मनाक होने से बचाया, लेकिन ब्रेक के बाद वे और गोल होने से नहीं रोक सके। सऊदी अरब के लिए तीसरा गोल दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से (आत्मघाती गोल) हुआ, जब हसन अल-तंबक्ति ने बॉक्स में आए एक खतरनाक पास को रोकने की कोशिश में गेंद को अपनी ही नेट में डाल दिया।

स्पेन ने दूसरे हाफ में भी गेंद पर अपना कब्ज़ा बनाए रखा और कई मौके बनाए, हालांकि फेरान टोरेस के आखिरी समय में किए गए पांचवें गोल को वीएआर रिव्यू में ऑफसाइड पाए जाने के बाद रद्द कर दिया गया। एक घंटे का खेल होने के बाद सऊदी अरब ने कुछ इरादा दिखाया लेकिन कोई खास खतरा पैदा नहीं कर सके, क्योंकि स्पेन की मिडफील्ड तिकड़ी – पेड्री, रोड्री और दानी ओल्मो – ने आसानी से खेल की गति को नियंत्रित किया और अंतिम क्षणों में खेल पर पूरी पकड़ बनाए रखी।इस जीत के साथ स्पेन ने ग्रुप एच में शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जबकि सऊदी अरब ग्रुप चरण में एक और हार के बाद दबाव में है।

लुईस सुआरेज स्टैंड्स में बैठकर देख रहे हैं FIFA WC में उरुग्वे का शर्मनाक प्रदर्शन

लुईस सुआरेज उरुग्वे के स्टार फुटबॉलर हैं लेकिन फिलहाल वह राष्ट्रीय टीम से बाहर होकर दर्शक दीर्घा में अपनी टीम को संघर्ष करता हुआ देख रहे हैं।लगभग 15 साल तक उरुग्वे की टीम उनपर गोल दागने पर निर्भर रही।लेकिन कल वह केप वर्दे के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ छूटे मैच को दर्शक दीर्घा से देख रहा थे।

सुआरेज़ ने 2024 में अपना अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त किया और राष्ट्रीय टीम के लिए 143 मैचों में 69 गोल करके सर्वकालिक शीर्ष स्कोरर रहे। महीनों की अटकलों के बाद अंततः उन्हें कोच मार्सेलो बिएल्सा की टीम में जगह नहीं मिली।

सुआरेज़ ने अप्रैल में घोषणा की कि वह विश्व कप में उरुग्वे के लिए खेलने के लिए संन्यास से वापसी करने को तैयार हैं। इस घोषणा से यह अटकलें तेज हो गईं कि उरुग्वे का यह स्टार फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर एक आखिरी बार खेल सकता है। लेकिन मुख्य कोच ने इसके बजाय टीम के युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया।

उरुग्वे के प्रशंसकों को इस बात का अहसास था कि सुआरेज़ जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी की जगह लेना कितना मुश्किल हो सकता है।सऊदी अरब और केप वर्दे के खिलाफ ड्रॉ के बाद और स्पेन की मजबूत टीम के खिलाफ एक मैच बाकी होने के कारण दो बार के चैंपियन पर पहले दौर से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।

केप वर्डे ने उरुग्वे को 2-2 के ड्रा पर रोक कर अंक किया हासिल

केप वर्डे ने एक और चौंकाने वाला प्रदर्शन करते हुए उरुग्वे को 2-2 से ड्रॉ पर रोककर अपने पहले विश्व कप में लगातार दूसरा अंक हासिल किया। केप वर्डे दो अंकों के साथ राउंड ऑफ 32 में जाने की दौड़ में बने हुए हैं।

केविन पिना ने 34 यार्ड की शानदार फ्री-किक पर गोल कर केप वर्डे को बढ़त दिलाई, लेकिन हाफ-टाइम से पहले मैक्सी अराउजो और अगस्टिन कैनोबियो के गोलों ने उरुग्वे को 2-1 से आगे कर दिया। केप वर्डे पर हार का संकट दिखाई दे रहा था ऐसे समय उसने मुकाबले के 57वें मिनट में अपने तुरुप के इक्के हेलियो वरेला को मैदान पर उतारा। वरेला ने मैदान पर उतरने के 136वें सेकंड में ही अपना काम कर दिया।

मैच के 60वें मिनट में उन्होंने गोल दागा कर स्कोर 2-2 की बराबरी पर ला खड़ा किया। यह दो बार की विश्व चैपियन रही उरुग्वे के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। हेलियो वरेला का यह पहला अंतरराष्ट्रीय गोल था।इसके बाद दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर हुई। लेकिन वे गोल करने में विफल रही और मुकाबला 2-2 से ड्रा पर समाप्त हुआ।

ईरान ने बेल्जियम को एक गोल के लिए तरसा दिया, मैच हुआ ड्रॉ (Video)

FIFA World Cup 2026 के ग्रुप G में ईरान ने बेल्जियम को एक गोल के लिए तरसा दिया और मैच को भले ही गोलराहित ड्रा पर रोका लेकिन इसे उलटफेर मान सकते हैं क्योंकि बेल्जियम रैंकिंग में ईरान से कहीं बेहतर टीम है।मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। लेकिन बेल्जियम ने खेल में अधिकतर समय दबदबा बनाए रखा, 66वें मिनट में नाथन नगोय को रेड कार्ड दिखाए जाने के बाद टीम को 10 खिलाड़ियों के साथ एक अंक हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा।

मैच के दौरान बेल्जियम अधिक आक्रामक दिखा। वहीं ईरान के गोलकीपर ने शानदार बचाव किये।अलीरेज़ा बेइरानवंद ने शानदार बचाव करके ईरान को मैच में बनाये रखा इनमें से सबसे बेहतरीन बचाव वह था जब उन्होंने जमीन पर लेटे हुए मैक्सिम डी कुइपर के नजदीकी शॉट को रोकने के लिए हाथ बढ़ाया। उनके सामने, ईरान की रक्षा पंक्ति और मध्यक्षेत्र काफी चुस्त थे, जिससे खिलाड़ियों के बीच की जगह कम हो गई और केविन डी ब्रुइन जैसे खिलाड़ियों को खेल पर हावी होने का मौका नहीं मिला।

दूसरे हाफ में, तारेमी के दबाव के चलते नगोय ने हाफवे लाइन पर गेंद खो दी और तारेमी ने गेंद छीनकर आगे बढ़ते हुए नगोय को गिरा दिया, जिसके लिए उन्हें सीधा रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बाद ईरान ने खेल पर नियंत्रण कर लिया और कुछ मौके बनाए, लेकिन वह उन्हें भुना नहीं सका। इस ड्रा के साथ दोनों टीमें अंक बांटे गये।

नीरज चोपड़ा वापसी पर पदक चूके पर कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए किया क्वालिफाय (Video)

Neeraj Chopra

दोहा डायमंड लीग 2026 में नीरज चोपड़ा शुक्रवार को चौथे स्थान पर रहे लेकिन उन्होंने राष्ट्रमंडल खेल में जरूरी चयन का आधार पा लिया। श्रीलंका के रमेश तरंगा पथिरागे ने इस मुकाबले में जीत हासिल की।

नीरज चोपड़ा पीठ की चोट से उबरने के बाद प्रतियोगिता में लौटे। उन्होंने कतर स्पोर्ट्स क्लब में अपने सत्र की शुरुआत फाउल प्रयास के साथ की। उन्होंने दूसरे प्रयास में 82.77 मीटर, तीसरे प्रयास में 85.69 मीटर और चौथे प्रयास में 83.45 मीटर भाला फेंका। उनका पांचवां प्रयास फाउल रहा। नीरज के तीसरे प्रयास ने उन्हें चौथा स्थान दिलाया।

श्रीलंका के रमेश तरंगा पथिरागे ने चौथे प्रयास में 88.68 मीटर भाला फेंककर जीत हासिल की। ग्रेनाडा के पीटर्स एंडरसन 86.38 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे जबकि अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन 85.99 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

डायमंड लीग के दोहा लेग में नीरज चोपड़ा की यह लगातार चौथी उपस्थिति थी। दो बार के ओलंपिक पदक विजेता ने 88.67 मीटर के थ्रो के साथ दोहा डायमंड लीग का 2023 एडिशन जीता था, 2024 में 88.36 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे और पिछले साल 90.23 मीटर का नेशनल रिकॉर्ड बनाया, लेकिन जर्मनी के जूलियन वेबर के पीछे दूसरे स्थान पर रहे। इस बार वह चौथे स्थान पर रहे लेकिन राष्ट्रमंडल खेलों का क्वालिफाइंग मार्क पार कर गए।

ब्राजील को बड़ा झटका, कप्तान नेमार के बिना उतरना पड़ेगा अगले मैच में

ब्राजील फुटबॉल महासंघ (CBF) ने गुरुवार को कहा कि नेमार विश्व कप के ग्रुप सी में हैती के खिलाफ होने वाले मैच के लिए टीम के साथ फिलाडेल्फिया नहीं जा रहे और न ही वह उस मैच में खेलेंगे। सीबीएफ ने एक विज्ञप्ति में कहा, “वह अपनी रिकवरी प्रक्रिया के अंतिम चरण को बेहतर बनाने के लिए न्यू जर्सी में ही रहेंगे, और द रिज होटल और कोलंबिया पार्क प्रशिक्षण केंद्र की उत्कृष्ट सुविधाओं का लाभ उठाएंगे।”

34 वर्षीय नेमार, जो दाहिनी पिंडली की चोट के कारण एक महीने से बाहर थे, ने बुधवार को मॉरिसटाउन, न्यू जर्सी में क्लब के अभ्यास सत्र में इस विश्व कप के दौरान पहली बार अपनी ब्राजील टीम के साथियों के साथ संक्षिप्त रूप से प्रशिक्षण लिया।

वह बुधवार को राफिन्हा , ब्रूनो गुइमारेस , गैब्रियल मैगलहेस और फैबिन्हो के साथ मैदान पर उतरे और मीडिया के सदस्यों से मजाक करते हुए कहा, “क्या आपको मेरी याद आई।” अमेरिका पहुंचने के बाद मंगलवार को उन्होंने पहली बार अकेले ही मैदान के किनारे प्रशिक्षण भी लिया था।

सीबीएफ द्वारा जारी फुटेज के अनुसार, बार्सिलोना और पेरिस सेंट-जर्मेन के पूर्व फॉरवर्ड ने मंगलवार को कार्लो एंसेलोटी के कोचिंग स्टाफ के एक सदस्य के साथ अपने पहले रनिंग ड्रिल का प्रदर्शन किया और व्यायाम किया।

घरेलू टूर्नामेंट से नाम हटाकर बुरी फंसी मनिका बत्रा, एशियन गेम्स से हुई बाहर

श्रीजा अकुला और जी. साथियान जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेल 2026 में भारतीय टेबल टेनिस की 10 सदस्यीय टीम की अगुवाई करेंगे। मनिका बत्रा को रिजर्व खिलाड़ियों में शामिल है।क्योंकि मुख्य टीम में जगह बनाने के लिए वह भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (TTFI) द्वारा निर्धारित चयन मानदंड पर खरी नहीं उतर सकीं।

टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीटीआईएफआईI) ने गुरुवार को एशियाई खेलों 2026 के लिए रिजर्व खिलाड़ियों की सूची जारी की, जिसमें पूर्व कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन मनिका बत्रा का नाम शामिल था। ओलंपियन श्रीजा अकुला और साथियान ज्ञानसेकरन आइची-नागोया 2026 में भारत की 10 सदस्यीय टेबल टेनिस टीम की अगुवाई करेंगे। भारत ने पुरुष और महिला टीमों में पांच-पांच खिलाड़ियों को शामिल किया है, साथ ही दोनों कैटेगरी में दो-दो रिज़र्व खिलाड़ी भी चुने हैं। यह टीम फेडरेशन की सिलेक्शन पॉलिसी के आधार पर चुनी गई है। इस पॉलिसी में नेशनल रैंकिंग को 50 प्रतिशत, वर्ल्ड रैंकिंग को 40 प्रतिशत और सिलेक्शन कमेटी के फ़ैसले को 10 प्रतिशत महत्व दिया जाता है।

TTFI ने कहा, ‘‘चयन प्रक्रिया ने सुनिश्चित किया कि भारत के सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग वाले और सबसे निरंतर खिलाड़ियों को एशिया की सबसे बड़ी बहु-स्पर्धा प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिले। ’’

हालांकि मनिका बत्रा ने पीएम और खेल मंत्री से गुजारिश की है कि वह इस मामले को देखें क्योंकि वह इस निर्णय से काफी दुखी है और चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता चाहती है।

भारत की सबसे कामयाब टेबल टेनिस खिलाड़ियों में से एक, 31 वर्षीय मनिका बत्रा मुख्य टीम में जगह नहीं बना पाईं और उन्हें रिजर्व खिलाड़ियों में रखा गया। मुख्य टीम में उनके शामिल न होने की वजह घरेलू टूर्नामेंट में उनकी गैर-मौजूदगी थी। महिला टीम की कप्तानी श्रीजा अकुला करेंगी, जो वर्ल्ड रैंकिंग में 45वें स्थान पर हैं और भारत की सबसे ऊंची रैंकिंग वाली महिला टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं – वह मनिका से छह स्थान आगे हैं। यशस्वी घोरपड़े, दिया चितले, सुतीर्था मुखर्जी और युवा खिलाड़ी सिंड्रेला दास ने भी टीम में जगह बनाई है।

पुरुष टीम की अगुवाई अनुभवी जी. साथियान करेंगे, और उनके साथ हरमीत देसाई, मानव ठक्कर, मानुष शाह और पायस जैन भी टीम का हिस्सा होंगे। (टोक्यो ओलंपिक तक मनिका बत्रा की यह उपलबधियां रही है)-

Manika Batra

 


कनाडा से 6 गोल की हार नहीं पचा पाया कतर मैच के बाद हुई झड़प (Video)

FIFA World Cup

जोनाथन डेविड की हैट्रिक की बदौलत कनाडा ने फीफा विश्वकप 2026 के ग्रुप चरण में कतर पर 6-0 से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह कनाडा की विश्व कप में पहली जीत है। मैच का शुरुआती गोल 16वें मिनट में रिबाउंड पर साइल लारिन ने किया और अपनी टीम को बढ़त दिलाई। यह टूर्नामेंट में उनका दूसरा गोल था। कतर के गोलकीपर महमूद अबुनादा ने डेविड के वॉली शॉट को पंच करके रोक दिया, लेकिन गेंद लारिन के पास गिरी, जिसे उन्होंने गोल में डाल दिया। इसके बाद डेविड ने 29वें मिनट में दाएं पैर से शानदार वॉली मारकर बढ़त को दोगुना कर दिया, जो एक साल से अधिक समय में खेल के दौरान उनका पहला गोल था।

अहमद को 33वें मिनट में लाल कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया। रेफरी ने पहले पेनल्टी स्पॉट की ओर इशारा किया, लेकिन वीडियो रिव्यू के बाद कनाडा को बॉक्स के ठीक बाहर फ्री किक दी गई और अहमद को दिया गया पीला कार्ड लाल कार्ड में बदल दिया गया। पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम में कनाडा ने 3-0 की बढ़त बना ली, जब डेविड ने 48वें मिनट में क्रॉसबार से टकराकर आई गेंद पर गोल दाग दिया।

दूसरे हाफ की शुरुआत में जब कोने को वह खतरनाक दिखने वाली चोट लगी तो कनाडा के खिलाड़ी चिंता से उनके चारों ओर जमा हो गए, और मदीबो को बाहर निकाले जाने से पहले वह स्पष्ट रूप से परेशान दिख रहे थे। कोने के स्थान पर आए नाथन सलीबा ने 64वें मिनट में फ्री किक पर गोल करके स्कोर 4-0 कर दिया। 75वें मिनट में मोहम्मद मनाई ने अपने गोलकीपर को चकमा देते हुए शॉट को आत्मघाती गोल में बदल दिया।

डेविड ने स्टॉपेज टाइम में हैट्रिक पूरी की और इस विश्व कप में एक मैच में तीन गोल करने वाले अर्जेंटीना के लियोनेल मेस्सी के साथ शामिल हो गए।

इसी के साथ मेजबान कनाडा ने जीत के रिकॉर्ड अंतर की बराबरी भी कर ली, जो 1934 में इटली, 1950 में ब्राजील और 1978 में अर्जेंटीना की छह गोल की जीत के बराबर थी। कतर के खिलाफ कनाडा के गोलों की संख्या, इस मैच से पहले उनके पूरे विश्व कप इतिहास में किए गए गोलों की संख्या से दोगुनी थी। जीत के बाद कनाडा के कोच जेसी मार्श ने छह उंगलियां उठाते हुए कहा, “इसे कोई नहीं भूलेगा, और कोई भी कनाडाई इस दिन को नहीं भूलेगा। यह हर किसी के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण क्षण है यह समझने के लिए कि इस देश में प्रतिभा है, मानसिकता है, इच्छाशक्ति है, और ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो इस देश को खास बनाती हैं।”

कनाडाई फुटबॉल के लिए एक स्वप्निल अवसर दूसरे हाफ में मिडफील्डर इस्माइल कोने के पैर में लगी चोट के कारण धूमिल हो गया। कतर के असीम मदीबो द्वारा किए गए एक गंभीर फाउल के बाद कोने को कई मिनट तक उपचार दिया गया, जिसके बाद उन्हें स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया। कनाडा के कोच जेसी मार्श ने बाद में कोने की चोट की गंभीरता की पुष्टि करते हुए बताया कि अस्पताल ले जाने के बाद सासुओलो के खिलाड़ी की सर्जरी की जाएगी।

मादिबो को फाउल के लिए लाल कार्ड दिखाया गया, जिसके बाद कतर को पहले हाफ में होमाम अहमद को लाल कार्ड मिलने के बाद नौ खिलाड़ियों के साथ मैच समाप्त करना पड़ा ।

इस जीत के साथ कनाडा के अंक बढ़कर चार हो गए हैं और वह गोल अंतर के आधार पर स्विट्जरलैंड से आगे है । इस जीत के साथ ही कनाडा का नॉकआउट चरण में स्थान लगभग सुनिश्चित हो गया है। बुधवार को वैंकूवर में स्विट्जरलैंड के खिलाफ होने वाले अपने अंतिम ग्रुप मैच में कनाडा की टीम का दबदबा रहेगा।

इंग्लैंड मैच जीत गया, लेकिन 33 साल की इस ग्लैमरस लड़की ने लूट ली सारी लाइमलाइट

क्रोएशिया की सोशल मीडिया सेंसेशन और मॉडल Ivana Knoll एक बार फिर फुटबॉल वर्ल्ड कप में छा गई हैं। “वर्ल्ड कप की सबसे हॉट फैन” के नाम से मशहूर इवाना ने 2026 टूर्नामेंट में अपनी पहली मौजूदगी से ही सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया।

 

बुधवार को AT&T Stadium में इंग्लैंड और क्रोएशिया के मुकाबले के दौरान इवाना स्टैंड्स में नजर आईं। हमेशा की तरह उन्होंने क्रोएशिया की पहचान वाला रेड-एंड-व्हाइट चेकर्ड आउटफिट पहना था, जिसने फैंस का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लिया।

 

मैच के दौरान इवाना ने अपनी कई तस्वीरें और वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किए, जिन्हें उनके लाखों फॉलोअर्स ने जमकर पसंद किया। उनका बोल्ड और स्टाइलिश अंदाज़ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

 

2022 वर्ल्ड कप से मिली थी ग्लोबल पहचान

 

इवाना पहली बार 2022 के कतर वर्ल्ड कप में दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी थीं। उस समय उन्होंने अपने ग्लैमरस आउटफिट्स से काफी सुर्खियां बटोरी थीं। कतर के सख्त ड्रेस कोड के बावजूद उन्होंने अपने स्टाइल से इंटरनेट पर अलग पहचान बना ली थी।

 

पूर्व मिस क्रोएशिया रह चुकी इवाना का जन्म जर्मनी में हुआ था, लेकिन बाद में उनका परिवार ज़ाग्रेब शिफ्ट हो गया। 2016 में मिस क्रोएशिया पेजेंट से उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा, लेकिन असली लोकप्रियता उन्हें फुटबॉल स्टेडियम्स से मिली।

 

अब सिर्फ फुटबॉल नहीं, F1 में भी छाईं

 

फुटबॉल के अलावा इवाना अब Formula 1 इवेंट्स में भी लगातार दिखाई देती हैं। हाल ही में मियामी ग्रां प्री के दौरान वह फिर वायरल हो गई थीं, जब लाइव टीवी कवरेज के बीच उनका अचानक कैमरे में आ जाना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

 

Sky Sports के शो के दौरान Simon Lazenby, Naomi Schiff और Jenson Button कैमरे पर मौजूद थे, तभी इवाना वहां से गुजरती दिखाई दीं। कुछ सेकंड का यह मोमेंट इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया।

 

 DJ बनकर भी जीत रहीं दिल

 

इवाना अब सिर्फ मॉडल या फुटबॉल फैन नहीं रहीं। उन्होंने DJ के तौर पर भी अपनी नई पहचान बनाई है। हाल ही में उन्होंने लॉस एंजेलिस में FIFA Fan Festival में लाइव DJ परफॉर्मेंस दी, जिसे फैंस ने काफी पसंद किया।

 

सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है और आज उन्हें दुनिया की सबसे चर्चित स्पोर्ट्स फैंस में गिना जाता है।

FIFA World Cup में अब फ्रांस के एम्बाप्पे के मेस्सी और पेले से ज्यादा गोल

फ्रांस की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के कप्तान और स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे ने फीफा विश्व कप में गोल की संख्या के मामले में ब्राजील के पेले और अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ दिया है।कप्तान किलियन एमबाप्पे दो शानदार गोलों की बदौलत फ्रांस ने यहां खेले गये ग्रुप मुकाबले में सेनेगल पर 3-1 की जीत के साथ विश्वकप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत की।

एम्बाप्पे ने दो गोल किए पहला 66वें मिनट में और दूसरा एक्स्ट्रा टाइम (90 6) के छठे मिनट में। इस तरह 27 वर्षीय फॉरवर्ड ने अपने विश्व कप गोल की संख्या बढ़ाकर 14 कर ली और जर्मनी के गर्ड मुलर (14) की बराबरी कर ली। पेले के नाम 12, जबकि अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी और फ्रांस के जस्ट फोंटेन के नाम 13-13 वर्ल्ड कप गोल हैं। टूर्नामेंट में केवल ब्राजील के रोनाल्डो (15) और जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज (16) ने ही उनसे ज़्यादा गोल किए हैं।

एम्बाप्पे और पेले इतिहास के ऐसे दो ही किशोर खिलाड़ी हैं जिन्होंने विश्व कप फाइनल मैचों में गोल किए हैं। एम्बाप्पे 99 मैचों में 58 गोल के साथ फ्रांस के टॉप इंटरनेशनल स्कोरर भी बन गए हैं। उन्होंने ओलिवियर गिरौड को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 137 मैचों में 57 गोल किए थे और 2024 में राष्ट्रीय टीम से संन्यास ले लिया था।

सेनेगल ने फ्रांस को चौंकाया पर एमबाप्पे से नहीं पा पाए पार

मेटलाइफ स्टेडियम में बुधवार को खेले गये मुकाबले में कप्तान किलियन एमबाप्पे ने दो गोल किए, जिसमें स्टॉपेज-टाइम में किया गया एक शानदार गोल भी शामिल था। 80,545 दर्शकों के समर्थन के बावजूद, फ्रांस को अनुशासित सेनेगल टीम से कड़ी टक्कर मिली, जिसने लंबे समय तक उन्हें बराबरी पर रखा और जवाबी हमले से खतरा पैदा किया।

सेनेगल ने पहले हाफ के बीच में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को लगभग चौंका ही दिया था, जब निकोलस जैक्सन ने तेज हमले के बाद 25वें मिनट में गोल की ओर दौड़ते हुए पोस्ट पर शॉट मारा। अफ्रीकी टीम खतरनाक दिखती रही, और सादियो माने ने दूर से शॉट मारकर गोलकीपर माइक मैगनन को शानदार बचाव करने पर मजबूर किया।

इसके बाद फ्रांस ने धीरे-धीरे गेंद पर अपना नियंत्रण बनाया और माइकल ओलिस, उस्मान डेम्बेले और युवा खिलाड़ी डेसिरे डौए के जरिए कई मौके बनाए, लेकिन सेनेगल के गोलकीपर एडुआर्ड मेंडी ने बार-बार उन्हें रोका, जिससे हाफ-टाइम तक स्कोर गोल राहित रहा।

हाफ-टाइम के बाद फ्रांस अधिक इरादे के साथ उतरा और कई बार गोल के करीब पहुंचा, आखिरकार 66वें मिनट में उन्होंने गतिरोध तोड़ा। ओलिस ने पेनल्टी एरिया में सटीक पास दिया और एमबाप्पे ने शांति से गोल करके फ्रांस की टीम को बढ़त दिलाई। इस गोल ने मैच का रुख पूरी तरह से फ्रांस के पक्ष में कर दिया।

मेंडी ने एमबाप्पे और ओलिस के शॉट्स को बचाकर सेनेगल को मुकाबले में बनाए रखा, लेकिन आखिरकार दबाव का असर दिखा। सब्स्टीट्यूट ब्रैडली बारकोला ने 82वें मिनट में बढ़त को दोगुना कर दिया। उन्होंने एड्रियन रैबियोट से मिले पास के बाद तेज काउंटर-अटैक को गोल में बदला।

सेनेगल ने हार नहीं मानी और स्टॉपेज-टाइम के पांचवें मिनट में उन्हें उम्मीद की किरण दिखी, जब सब्स्टीट्यूट इब्राहिम एमबाये ने सब्स्टीट्यूट इलिमन नडियाये के नेतृत्व में तेज हमले के बाद शानदार फिनिश किया।

एमबाप्पे ने 96वें मिनट में शानदार खेल दिखाया और बॉक्स के बाहर से दाएं पैर से ज़ोरदार शॉट मारकर टॉप कॉर्नर में गोल किया, जिससे फ्रांस की दो गोल की बढ़त बहाल हो गई और उन्होंने अपने दो गोल पूरे किए। इस नतीजे से फ्रांस को ग्रुप स्टेज में शानदार शुरुआत मिली है और उनकी आक्रामक क्षमता का पता चलता है, वहीं सेनेगल हार के बावजूद अपने जोश भरे खेल से हौसला बढ़ा सकता है।

38 की उम्र में Messi की Hat-trick, बताया क्यों रो पड़े थे पहले गोल के बाद, Miroslav Klose के रिकॉर्ड की बराबरी

FIFA World Cup 2026 में Argentina के कप्तान Lionel Messi ने 38 की उम्र में एक ऐसा प्रदर्शन दिया जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। Algeria के खिलाफ Group J मुकाबले में Messi ने हैट्रिक (Hat-trick)  लगाकर न सिर्फ Argentina को 3-0 से जीत दिलाई, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। लेकिन इस शानदार रात के बीच एक पल ऐसा भी आया जहां Messi की आंखों में आंसू दिखाई दिए।

 क्यों रोए Lionel Messi? 

 

मैच के दौरान जब Messi ने अपना पहला गोल किया, तो वह भावुक होकर रो पड़े। शुरुआत में माना गया कि यह सिर्फ बड़े मैच का इमोशन है, लेकिन बाद में Messi ने साफ किया कि इसका फुटबॉल से कोई लेना-देना नहीं था।

 

Messi ने बताया:

“मैं कुछ मुश्किल दिनों से गुजर रहा था, यह पूरी तरह फुटबॉल से अलग निजी कारण थे।”

उन्होंने यह भी कहा कि वह इन कठिन समय में अपने teammates और team staff के सपोर्ट के लिए बेहद आभारी हैं। हालांकि उन्होंने अपनी परेशानी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी, लेकिन यह साफ था कि वह मानसिक रूप से कुछ personal struggles से गुजर रहे थे।

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Algeria के खिलाफ Messi का ऐतिहासिक प्रदर्शन

 

मैच में Lionel Messi ने एक के बाद एक तीन शानदार गोल दागे और अपने करियर का पहला World Cup hat-trick पूरा किया।

 

  • पहला गोल: 17वें मिनट में शानदार left-footed strike
  • दूसरा गोल: 60वें मिनट में rebound पर आसान finish
  • तीसरा गोल: 76वें मिनट में long-range clinical shot

 

इस प्रदर्शन के साथ Messi ने World Cup में 16 goals पूरे कर लिए और Germany के legend Miroslav Klose की बराबरी कर ली, जो अब तक सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी थे

 

इस मैच में Messi का यह भी रिकॉर्ड बना कि वह 6 अलग-अलग World Cup editions में खेलने वाले पहले खिलाड़ी बन गए।

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Argentina की जीत और Messi का नया इतिहास

 

Messi के शानदार प्रदर्शन की बदौलत Argentina ने Algeria को 3-0 से हराकर अपने World Cup title defense की मजबूत शुरुआत की।

 

इस मैच की खास बातें:

 

Messi का 200वां international match

World Cup में पहला hat-trick

Klose के all-time record की बराबरी

Match के बाद standing ovation

 

Argentina के coach Lionel Scaloni ने भी Messi की तारीफ करते हुए कहा कि वह “incredible” हैं और टीम के लिए सबसे बड़ा Difference Maker हैं।

 

Messi की विरासत और आगे का सफर

 

इस मैच ने एक बार फिर साबित कर दिया कि Lionel Messi सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं बल्कि football history का एक living legend हैं। 38 साल की उम्र में भी उनका performance दुनिया के युवा खिलाड़ियों जैसे Kylian Mbappe और Erling Haaland को टक्कर दे रहा है।

 

Argentina अब अगले मुकाबलों की तैयारी कर रही है, लेकिन इस रात को हमेशा याद रखा जाएगा एक ऐसे कप्तान की रात, जिसने दर्द, इमोशन और greatness को एक साथ मैदान पर उतार दिया।