FIFA World Cup में अब फ्रांस के एम्बाप्पे के मेस्सी और पेले से ज्यादा गोल

फ्रांस की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के कप्तान और स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे ने फीफा विश्व कप में गोल की संख्या के मामले में ब्राजील के पेले और अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ दिया है।कप्तान किलियन एमबाप्पे दो शानदार गोलों की बदौलत फ्रांस ने यहां खेले गये ग्रुप मुकाबले में सेनेगल पर 3-1 की जीत के साथ विश्वकप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत की।

एम्बाप्पे ने दो गोल किए पहला 66वें मिनट में और दूसरा एक्स्ट्रा टाइम (90 6) के छठे मिनट में। इस तरह 27 वर्षीय फॉरवर्ड ने अपने विश्व कप गोल की संख्या बढ़ाकर 14 कर ली और जर्मनी के गर्ड मुलर (14) की बराबरी कर ली। पेले के नाम 12, जबकि अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी और फ्रांस के जस्ट फोंटेन के नाम 13-13 वर्ल्ड कप गोल हैं। टूर्नामेंट में केवल ब्राजील के रोनाल्डो (15) और जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज (16) ने ही उनसे ज़्यादा गोल किए हैं।

एम्बाप्पे और पेले इतिहास के ऐसे दो ही किशोर खिलाड़ी हैं जिन्होंने विश्व कप फाइनल मैचों में गोल किए हैं। एम्बाप्पे 99 मैचों में 58 गोल के साथ फ्रांस के टॉप इंटरनेशनल स्कोरर भी बन गए हैं। उन्होंने ओलिवियर गिरौड को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 137 मैचों में 57 गोल किए थे और 2024 में राष्ट्रीय टीम से संन्यास ले लिया था।

सेनेगल ने फ्रांस को चौंकाया पर एमबाप्पे से नहीं पा पाए पार

मेटलाइफ स्टेडियम में बुधवार को खेले गये मुकाबले में कप्तान किलियन एमबाप्पे ने दो गोल किए, जिसमें स्टॉपेज-टाइम में किया गया एक शानदार गोल भी शामिल था। 80,545 दर्शकों के समर्थन के बावजूद, फ्रांस को अनुशासित सेनेगल टीम से कड़ी टक्कर मिली, जिसने लंबे समय तक उन्हें बराबरी पर रखा और जवाबी हमले से खतरा पैदा किया।

सेनेगल ने पहले हाफ के बीच में पूर्व वर्ल्ड चैंपियन को लगभग चौंका ही दिया था, जब निकोलस जैक्सन ने तेज हमले के बाद 25वें मिनट में गोल की ओर दौड़ते हुए पोस्ट पर शॉट मारा। अफ्रीकी टीम खतरनाक दिखती रही, और सादियो माने ने दूर से शॉट मारकर गोलकीपर माइक मैगनन को शानदार बचाव करने पर मजबूर किया।

इसके बाद फ्रांस ने धीरे-धीरे गेंद पर अपना नियंत्रण बनाया और माइकल ओलिस, उस्मान डेम्बेले और युवा खिलाड़ी डेसिरे डौए के जरिए कई मौके बनाए, लेकिन सेनेगल के गोलकीपर एडुआर्ड मेंडी ने बार-बार उन्हें रोका, जिससे हाफ-टाइम तक स्कोर गोल राहित रहा।

हाफ-टाइम के बाद फ्रांस अधिक इरादे के साथ उतरा और कई बार गोल के करीब पहुंचा, आखिरकार 66वें मिनट में उन्होंने गतिरोध तोड़ा। ओलिस ने पेनल्टी एरिया में सटीक पास दिया और एमबाप्पे ने शांति से गोल करके फ्रांस की टीम को बढ़त दिलाई। इस गोल ने मैच का रुख पूरी तरह से फ्रांस के पक्ष में कर दिया।

मेंडी ने एमबाप्पे और ओलिस के शॉट्स को बचाकर सेनेगल को मुकाबले में बनाए रखा, लेकिन आखिरकार दबाव का असर दिखा। सब्स्टीट्यूट ब्रैडली बारकोला ने 82वें मिनट में बढ़त को दोगुना कर दिया। उन्होंने एड्रियन रैबियोट से मिले पास के बाद तेज काउंटर-अटैक को गोल में बदला।

सेनेगल ने हार नहीं मानी और स्टॉपेज-टाइम के पांचवें मिनट में उन्हें उम्मीद की किरण दिखी, जब सब्स्टीट्यूट इब्राहिम एमबाये ने सब्स्टीट्यूट इलिमन नडियाये के नेतृत्व में तेज हमले के बाद शानदार फिनिश किया।

एमबाप्पे ने 96वें मिनट में शानदार खेल दिखाया और बॉक्स के बाहर से दाएं पैर से ज़ोरदार शॉट मारकर टॉप कॉर्नर में गोल किया, जिससे फ्रांस की दो गोल की बढ़त बहाल हो गई और उन्होंने अपने दो गोल पूरे किए। इस नतीजे से फ्रांस को ग्रुप स्टेज में शानदार शुरुआत मिली है और उनकी आक्रामक क्षमता का पता चलता है, वहीं सेनेगल हार के बावजूद अपने जोश भरे खेल से हौसला बढ़ा सकता है।