
भारत के अनुभवी एथलीट मुरली श्रीशंकर ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में जारी राष्ट्रमंडल खेलों में 8.9 मीटर लंबी कूद मारकर रजत पदक अपने नाम कर लिया है। मुरली श्रीशंकर टॉप्स के एथलीट है और उनसे पदक जीतने की उम्मीद थी और उन्होंने निराश भी नहीं किया।यह उनके लिए एक सुखद अहसास भी है क्योंकि वह चोट के कारण पेरिस ओलंपिक का भाग नहीं बन पाए थे।
एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता श्रीशंकर ने 2023 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 8.37 मीटर के प्रयास से रजत पदक जीतते हुए पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया था।
Congratulations, Sreeshankar, on a stunning Silver Medal.
An inspiring return, capped off with a brilliant performance!!#Cheer4Bharat #CWG2026 #Glasgow2026 pic.twitter.com/Vc6STTwyoL
— SAI Media (@Media_SAI) July 29, 2026
जून 2023 में श्रीशंकर तीसरे स्थान पर रहकर डाइमंड लीग प्रतियोगिता में शीर्ष तीन में जगह बनाने वाले तीसरे भारतीय बने थे।हालांकि वह बुडापेस्ट में विश्व चैंपियनशिप के क्वालीफाइंग दौर से बाहर होने से निराश थे लेकिन हांगझोउ में एशियाई खेलों में रजत पदक जीतकर जोरदार वापसी की।
श्रीशंकर ने कहा, ‘‘जिंदगी अजीब पटकथाएं लिखती है और कभी-कभी इसे स्वीकार करने और आगे बढ़ने में साहस होता है। मैं यही करूंगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरी वापसी का सफर उसी क्षण शुरू हो गया जब मेरे घुटने में चोट लगी। यह रास्ता लंबा, कठिन होने वाला है और मेरे से बहुत कुछ छीन लेगा।’’
बॉस्केटबॉल के दिग्गज कोबे ब्रायंट को अपना आदर्श मानने वाले श्रीशंकर ने कहा, ‘‘अच्छी बात यह है कि मेरे पास देने के लिए बहुत कुछ है। मैं इससे निपट लूंगा क्योंकि मांबा मानसिकता का यही मतलब है।’’शब्द ‘माम्बा मानसिकता’ लॉस एंजिल्स लेकर्स स्टार की जीवन और प्रतिस्पर्धा के प्रति मानसिकता और सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

