चीन जीता 80 गोल्ड भारत 2, प्रशंसकों ने कहा क्यों बर्बाद किए 702 करोड़ रुपए

एशियाई खेलों में जहां चीन 80 पदक जीत चुका है और लग रहा है कि सिर्फ 2-3 खेलों में ही स्वर्ण पदक नहीं जीतेगा वहां ऐसा प्रतीत होता है कि भारत सिर्फ 2-3 खेलों में ही  स्वर्ण पदक जीतेगा। हांगजाऊ में हुए एशियाई खेलों में जहां भारत इस वक्त तक 28 गोल्ड मेडल जीत चुका था इस बार अब तक  सिर्फ 2 गोल्ड मेडल आए हैं। पहला महिला क्रिकेट में और दूसरा निशानेबाजी में ऐसे में भारत का हांगजाऊ के 107 पदक तालिका से बेहतर प्रदर्शन करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन लग रहा है।

भारत को सबसे ज्यादा नुकसान निशानेबाजी और रोइंग में हुआ जहां पिछली बार भारत ने रोइंग में 5 पदक जीते थे अभी सिर्फ एक ही है। वहीं निशानेबाजी में भी पिछली बार के मुकाबले पदक आधे ही हैं।

ऐसे में खेल प्रेमी इस बात पर नाराज हो रहे हैं कि खेल मंत्रालय ने भारतीय खिलाड़ियों पर इतना पैसा बहाया ही क्यों। गौरतलब है कि जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियाई खेलों में भारत का 503 सदस्यीय दल हिस्सा ले रहा है।

केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने जानकारी दी कि मंत्रालय ने एशियाड दल और उनके कोच तथा इक्विपमेंट के लिए 702 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।503 सदस्यों वाले इस दल में एथलीट और सपोर्ट स्टाफ़ शामिल हैं, जिनमें से 300 से ज़्यादा एथलीट पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा लेंले रहे हैं।

दूसरे गोल्ड का इंतजार खत्म किया शूटिंग टीम ने, दिलाया एक सिल्वर भी

भारतीय निशानेबाज कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए शुक्रवार को एशियाई खेलों की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हुए स्वर्ण पदक जीता।

ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय तिकड़ी ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम स्पर्धा में 1762 अंक के साथ रजत पदक जीता। चीन ने 1766 अंक के साथ स्वर्ण, जबकि कोरिया ने 1751 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

तोमर ने 589 और नीरज ने 588 अंक के साथ व्यक्तिगत 3पी स्पर्धा के फाइनल में भी जगह बनाई। दोनों क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर रहे।

रुद्रांक्ष हालांकि व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सके क्योंकि एक देश से अधिकतम दो निशानेबाज ही व्यक्तिगत फाइनल में प्रवेश कर सकते हैं। कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गाउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने रजत पदक विजेता जोड़ी से 6.6 अंक की बढ़त बनाई।

इससे पहले कमलजीत और सुरुचि ने क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया था। उन्होंने पहली सीरीज में 196 अंक, दूसरी में 195 और तीसरी में 196 अंक जुटाकर कुल 587 अंक हासिल किए, जिसमें 29 इनर-10 शामिल थे।

यह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में भारत का पदक जीतने का आखिरी मौका था। कमलजीत व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में नौवें और सुरुचि 26वें स्थान पर रही थीं और दोनों व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकी थीं। भारत पुरुष और महिला टीम स्पर्धाओं में भी पदक से चूक गया था।

फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। पहले 10 शॉट के बाद वे 202.4 अंक के साथ शीर्ष पर थीं। सुरुचि ने पहली कोशिश में 10.4 और कमलजीत ने 9.7 अंक हासिल किए, जबकि दूसरी कोशिश में सुरुचि ने 10.2 और कमलजीत ने 9.8 अंक जुटाए। इसके बाद 101.3 अंक की अगली सीरीज के साथ भी भारतीय जोड़ी ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।

एथलेटिक्स में खुला खाता, इन दो इवेंट्स में भारत ने जीते 2 Asian Games मेडल

भारत ने गरुवार को एशियाई खेलों की चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले में रजत पदक जीता जबकि सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10 हजार मीटर दौड़ के फाइनल में देश को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया। पूवम्मा राजू, विशाल थेन्नारासु, विथ्या रामराज और मनु टीएस की चौकड़ी ने तीन मिनट 14.46 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। इसके साथ ही भारत ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में जीता अपना रजत पदक बरकरार रखा।

विथ्या रामराज ने अंतिम चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। बहरीन ने तीन मिनट 12.87 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता।

महिलाओं की 10 हजार मीटर स्पर्धा में सीमा ने 32 मिनट 50.05 सेकेंड का समय निकाला।सीमा ने कड़े मुकाबले में 16 साल के अंतराल के बाद इस स्पर्धा में भारत को पदक दिलाया। एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में यह भारत का अब तक का केवल तीसरा पदक है।

Asian Games में भारत की मिश्रित स्कीट टीम ने कांस्य पदक जीतकर रचा इतिहास

TraP Shooting

अनंतजीत सिंह नरूका और परिनाज धालीवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई खेलों की स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाया। यह एशियाई खेलों की मिश्रित टीम स्कीट स्पर्धा में भारत का पहला पदक है। इस कांस्य के साथ भारतीय स्कीट टीम ने महज दो दिन में तीन पदक जीतने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।

तेज हवा के कारण मुश्किल परिस्थिति में अनंतजीत और परिनाज के लिए इस पदक की अहमियत उसके रंग से कहीं ज्यादा थी।दोनों ने क्वालीफिकेशन में 138 अंक हासिल कर चार टीमों के फाइनल में चौथे स्थान के साथ प्रवेश किया। अनंतजीत ने 75 में से 70 और परिनाज ने 68 निशाने साधे। कतर 145 अंकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि दक्षिण कोरिया 143 और चीन 140 अंकों के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर थे।

फाइनल शुरू होते ही क्वालीफिकेशन के सारे आंकड़े पीछे छूट गए। क्वालीफिकेशन में शीर्ष पर रहने वाला कतर सबसे पहले बाहर हुआ। राशेद सालेह और रीमा घनेम अपने शुरुआती 12-12 निशानों में संघर्ष करते रहे। कतर के बाहर होते ही भारत का कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो गया और पदक का रंग बदलने की संभावना भी बनी रही।

भारत ने शुरुआत अच्छी की और 24 में से 21 निशाने सही लगाए। चीन 23 के साथ आगे था, जबकि दक्षिण कोरिया के 22 निशाने सही रहे। अगले राउंड में दबाव और बढ़ गया। बीच-बीच में चल रही तेज हवाओं ने मुकाबले को और चुनौतीपूर्ण बना दिया। भारत ने इसका अच्छी तरह सामना किया। नरूका की केवल एक चूक के साथ भारत ने 24 में से 23 निशाने सही लगाए और उसका कुल स्कोर 44 हो गया।

यह कांस्य पदक के लिए पर्याप्त था, लेकिन स्वर्ण की दौड़ में बने रहने के लिए नहीं। चीन और दक्षिण कोरिया अंतिम राउंड में पहुंचे। चीन ने 52 अंकों के साथ स्वर्ण, जबकि कोरिया ने 51 अंकों के साथ रजत पदक जीता। भारत 44 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

सलमान और सतनाम का ऐतिहासिक कारनामा, पुरुष युगल स्कल्स में भारत का पहला कांस्य

satnam singh

एशियाई खेल 2026 में के पांचवें दिन गुरुवार की शुरुआत में भारत ने  सतनाम सिंह और सलमान खान ने पुरुष युगल स्कल्स में कांस्य पदक जीत कर की।सतनाम सिंह और सलमान खान ने गुरुवार को यहां पुरुषों के डबल स्कल्स में कड़े मुकाबले के बाद कांस्य पदक जीतकर भारतीय रोइंग के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया और देश को एशियाई खेलों में इस स्पर्धा का पहला पदक दिलाया।

सतनाम और सलमान की जोड़ी 1,500 मीटर तक दूसरे स्थान पर थी, लेकिन अंतिम 500 मीटर में तीसरे स्थान पर खिसक गई। उसने नागारागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर छह मिनट 13.25 सेकंड का समय निकाला। चीन के यी शूडी और यीदे नी ने छह मिनट 09.37 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक मामातकुलोव ने छह मिनट 10.49 सेकंड में रेस पूरी कर रजत पदक हासिल किया। भारतीय जोड़ी स्वर्ण पदक विजेताओं से 3.88 सेकंड पीछे रही।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांस्य पदक जीतने पर दोनों खिलाड़ियों की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘पुरुष युगल स्कल्स में सतनाम सिंह और सलमान खान का शानदार प्रदर्शन कर भारत के लिए कांस्य पदक जीता। उनका संयम और तालमेल सराहनीय रहा। उम्मीद है कि यह उपलब्धि उन्हें आने वाले वर्षों में और बड़ी ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।’’ सतनाम ने हांगझोउ एशियाई खेलों में पुरुष क्वाड्रपल स्कल्स में भी कांस्य पदक जीता था। इस पदक के साथ उनके एशियाई खेलों के पदकों की संख्या दो हो गई है।

Asian Games में रोशिबिना देवी ने इतिहास रच भारत को वूशू में दिलाया सिल्वर मेडल

Roshibina Devi

Asian Games में भारतीय एथलीट रोशिबिना देवी नाओरेम को चीन की झांग शियाओयू से 0-2 से हारने के बाद महिलाओं के सांडा 60 किग्रा वुशु स्पर्धा में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय वुशू खिलाड़ी, रोशिबिना के पास पहले से ही दो एशियाई खेलों के पदक हैं, हांगझोउ में एक रजत और जकार्ता में एक कांस्य।
 
इससे पहले बुधवार को सेमीफाइनल में उन्होंने इंडोनेशिया की कुसुमानिंगत्यास थानिया को 2-0 से हराया। इससे पहले मंगलवार को आइची प्रीफेक्चरल मार्शल आर्ट्स हॉल में खेले गए क्वार्टर फाइनल में रोशिबिना ने मकाऊ, चीन की चू मैन सिन को 5-0 से हराया था। इससे पहले सोमवार को रोशिबिना ने बांग्लादेश की मोस्ट खातून को हराकर महिलाओं की 60 किग्रा स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

चोट के बाद टीम में मिली थी जगह

वुशू फेडरेशन के अनुसार, दिव्यांशी चौधरी के चोट के कारण बाहर होने के बाद रोशिबिना देवी को भारतीय टीम में जगह मिली थी। हालांकि, दिव्यांशी ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए फाउल प्ले का आरोप लगाया था।

उन्होंने कहा था कि वह पूरी तरह फिट थीं और फेडरेशन पर रोशिबिना का पक्ष लेने का आरोप भी लगाया था। रोशिबिना शुरुआत में ट्रायल्स में चौथे स्थान पर रही थीं और टीम में जगह नहीं बना पाई थीं। बाद में दिव्यांशी ने फैसले को स्वीकार कर वापसी पर ध्यान देने की बात कही और ये विवाद शांत हो गया।

Asian Games सेमीफाइनल में चीन से हारने के बाद भी भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने जीता ब्रोंज मेडल

Satvik Chirag

लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी अपने से बेहतर रैंकिंग वाले प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके जिससे भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम को बुधवार को एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में चीन के हाथों 1-3 से हार के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।भारत ने 2023 में हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। तब भी भारतीय टीम को फाइनल में चीन के खिलाफ ही हार का सामना करना पड़ा था।

सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ही भारत की ओर से एकमात्र जीत दर्ज कर सकी।भारत के सेमीफाइनल तक के सफर के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी लक्ष्य अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सके और पहले एकल मुकाबले में दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी शी यू कि के खिलाफ 16-21, 18-21 से हार गए जिससे भारत 0-1 से पिछड़ गया। 

इसके बाद सात्विक और चिराग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पेरिस ओलंपिक के रजत पदक विजेता और मौजूदा विश्व चैंपियन लियांग वेई केंग और वांग चांग की जोड़ी को 21-11, 22-20 से हराया। पहले युगल मुकाबले में मिली इस जीत से भारत ने पांच मैच के इस मुकाबले में वापसी की और इचिनोमिया सिटी म्यूनिसिपल जिम्नेजियम में सेमीफाइनल को 1-1 से बराबर कर दिया।

भारत की उम्मीदें युवा आयुष शेट्टी पर टिकी थीं लेकिन दुनिया के 20वें नंबर के इस खिलाड़ी को दुनिया के 12वें नंबर के ली शी फेंग के खिलाफ दूसरे एकल मैच में 19-21, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा जिससे भारत 1-2 से पीछे हो गया।

इसके बाद भारत को मुकाबले में बनाए रखने की जिम्मेदारी हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन की पुरुष युगल जोड़ी पर थी जिन्हें हे जी टिंग और लियू यी की जोड़ी से भिड़ना था।दुनिया की 25वें नंबर की भारतीय जोड़ी को कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद हार का सामना करना पड़ा। चेन बोयांग के अचानक बीमार पड़ने के बाद अंतिम समय में टीम में शामिल किए गए जी टिंग और लियू ने भारतीय जोड़ी को 21-16, 17-21, 21-9 से हराकर चीन को मुकाबले में जीत दिलाई और फाइनल में जगह पक्की की।

हालांकि भारतीय पुरुष टीम के लिए यह एक सराहनीय परिणाम रहा क्योंकि उसने 40 साल में पहली बार लगातार दो एशियाई खेलों में टीम स्पर्धा का पदक जीता है। इससे पहले भारत ने 1982 और 1986 के एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था।

Asian Games में देवास के जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में कांस्य पदक जीतकर रचा इतिहास

Asian Games में देवास के जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में कांस्य पदक जीतकर रचा इतिहास

भारत के जय मीणा ने एशियाई खेलों में बुधवार को पुरुषों की एकल सॉफ्ट टेनिस स्पर्धा के सेमीफाइनल में जापान के तुकोया कुरोसाका से 2-4 से हारने के बावजूद कांस्य पदक जीतकर नया इतिहास रचा।अपने तीसरे एशियाई खेलों में खेल रहे 26 वर्षीय मीणा ने तीन गेम से पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी की, लेकिन वह लय बरकरार नहीं रख सके और 45 मिनट तक चले मुकाबले में कुरोसाका से 2-4 (3-5, 1-4, 1-4, 4-1, 6-4, 1-4) से हार गए।

मध्य प्रदेश के देवास के रहने वाले और 2022 के राष्ट्रीय खेलों के स्वर्ण पदक विजेता मीणा को शुरुआत में अपनी लय हासिल करने में संघर्ष करना पड़ा। कुरोसाका को पहले तीन गेम जीतने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का करने वाले मीणा ने शानदार वापसी की। उन्होंने चौथे गेम को आसानी से 4-1 से जीता और फिर पांचवें गेम को 6-4 से जीतकर फाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जीवंत रखा। 

कुरोसाका ने हालांकि छठे गेम में वापसी की और 4-1 से मुकाबला जीतकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस तरह से मीणा को कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा।इससे पहले दिन में मीणा ने क्वार्टरफाइनल में फिलीपींस के शेरविन नुगिट को 4-3 (0-4, 4-2, 2-4, 4-2, 5-3, 2-4, 7-5) से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।

मीणा ने 2018 और 2022 के एशियाई खेलों में भी भाग लिया था लेकिन तब वह पदक दौर तक पहुंचने में नाकाम रहे थे।इससे पहले मीणा ने ग्रुप डी में पाकिस्तान के अराइन हुसैन को 4-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।मीणा ने इससे पहले 2024 में विश्व सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप के मिश्रित युगल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। 

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जय मीणा को बधाई देते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा Asian Games 2026 में Men’s Singles Soft Tennis Event में कांस्य पदक जीतने पर जय मीणा जी को हार्दिक बधाई। आपके समर्पण, अनुशासन और निरंतर परिश्रम ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है। आपके उज्ज्वल भविष्य एवं आगामी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मंगलकामनाएं।

Asian Games का सूखा खत्म कर मीराबाई चानू ने जीता एतिहासिक सिल्वर मेडल

meerabai chanu

भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने बुधवार को महिलाओं के 49 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर एशियाई खेलों में पदक का अपना लंबा इंतजार खत्म किया।तोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई ने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम भार के साथ कुल 198 किलोग्राम वजन उठाया। यह भारत का 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी के कांस्य पदक जीतने के बाद एशियाई खेलों में भारोत्तोलन में पहला पदक है।

मीराबाई ने अभी तक ओलंपिक से लेकर विश्व चैंपियनशिप में भी पदक जीते थे लेकिन वह एशियाई खेलों में यह उपलब्धि हासिल नहीं कर पाई थी।मीराबाई ने ओलंपिक में रजत पदक, विश्व चैंपियनशिप में एक स्वर्ण सहित तीन पदक तथा राष्ट्रमंडल खेलों और राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक के अलावा एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीता है।

उत्तर कोरिया की दो बार की विश्व चैंपियन री सोंग गम ने उम्मीदों पर खरे उतरते हुए कुल 215 किलोग्राम (94 और 121 किलोग्राम) वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता और एशियाई खेलों में खिताबी हैट्रिक पूरी की।मीराबाई ने स्नैच में 83 किलोग्राम के साथ शुरुआत की और फिर अपने अगले दो प्रयासों में 85 किलोग्राम और 87 किलोग्राम वजन उठाकर प्रतियोगिता के पहले चरण में तीसरा स्थान हासिल किया।

इसके बाद उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम का भार उठाकर एशियाई खेलों में अपना पहला पदक जीता। उन्होंने इससे पहले दो बार एशियाई खेलों में भाग लिया था लेकिन पदक नहीं जीत पाई थी।

PM मोदी और मांडविया ने एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली मीराबाई चानू को दी बधाई 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों की भरोत्तोलन प्रतियोगिता के 49 किग्रा भार वर्ग में बुधवार को रजत पदक जीतने वाली स्टार एथलीट मीराबाई चानू को बधाई दी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “मीराबाई चानू के लिए एक खास रजत पदक। महिलाओं के 49 किग्रा वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में पदक जीतने पर उन्हें बधाई। उनका दृढ़ संकल्प और निरंतरता देश को प्रेरित करते रहते हैं। भारत को उन पर गर्व है। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।” प्रधानमंत्री ने इस मंच पर मीराबाई चानू की तस्वीर भी साझा की।

वहीं डॉ. मांडविया ने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर लिखा, “मीराबाई चानू के लिए ऐतिहासिक रजत पदक। एशियाई खेल 2026 में महिलाओं के 49 किग्रा वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर बधाई।यह उनका पहला एशियाई खेलों का पदक है और 28 साल बाद भारत को इन खेलों में एक और मेडल मिला है! पूरे देश को आप पर गर्व है।”

Asian Games में भारत की पुरुष और महिला स्कीट टीमों ने जीते कांस्य पदक

भारतीय पुरूष और महिला स्कीट टीमों ने बुधवार को एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीते।आज खेले गये मुकाबले में परिनाज धालीवाल, माहेश्वरी चौहान और ओलंपियन राइजा ढिल्लों ने महिलाओं की स्कीट टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। परिनाज और ढिल्लों, दोनों ने 125 में से 111 शॉट लगाए, जबकि माहेश्वरी ने 125 में से 109 का स्कोर किया और इस तरह भारतीय तिकड़ी ने टीम स्पर्धा में पोडियम पर जगह बनाई।

तीन दिन के क्वालीफिकेशन दौर के बाद भारत की रायजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान और परिनाज धालीवाल की महिला स्कीट टीम ने बुधवार को 331 के संयुक्त स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। चीन (357) को स्वर्ण और कजाखस्तान (336) को रजत पदक मिला। स्कीट स्पर्धा में प्रत्येक निशानेबाज को 125 अंकों में से अधिकतम अंक हासिल करने होते हैं। परिनाज़ और रायजा दोनों ने 125 में से 111 अंक, जबकि माहेश्वरी ने 109 अंक हासिल करके पोडियम स्थान प्राप्त किया।

रायजा और परिनाम ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बनाई। क्वालीफाइंग दौर में रायजा आठवें और परिनाज नौवे स्थान पर रही।  अनंतजीत सिंह नरूका, मैराज अहमद खान और भवतेग सिंह गिल ने 346 के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता।

अनंतजीत ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बनाई। उन्होंने 119 स्कोर किया जबकि मैराज ने 116 और भवतेग ने 111 स्कोर किया।भारत के अब निशानेबाजी में चार रजत और तीन कांस्य पदक हैं।