कोरिया मास्टर्स जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनी अश्मिता चालिहा (Video)

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा ने रविवार को कोरिया मास्टर्स 2026 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल फाइनल में चीन की हान कियान्शी के खिलाफ एक गेम से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए खिताबी जीत दर्ज की। आज यहां 26 वर्षीय अश्मिता ने चौथी वरीयता प्राप्त चीनी खिलाड़ी हान को 14-21, 21-14, 21-14 से हराकर कोरिया मास्टर्स का खिताब जीता और इसके साथ ऐसा करने वाली पहली भारतीय बनने का गौरव हासिल किया।

यह टूर्नामेंट बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 स्तर का है। यह जीत अश्मिता चालिहा का पहला BWF World Tour खिताब भी है और खास बात यह रही कि उन्होंने अपने पहले ही फाइनल में यह उपलब्धि हासिल की। इससे पहले भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी जून में मकाऊ ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं। इसके साथ ही अश्मिता उन चुनिंदा भारतीय महिला एकल खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने बीडब्ल्यूएफ सुपर 300 या उससे ऊंचे स्तर के बैडमिंटन खिताब जीते हैं। इस सूची में ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल और पीवी सिंधु के अलावा देविका सिहाग और तन्वी शर्मा भी शामिल हैं।

खिताब जीतने के बाद अश्मिता चालिहा ने कहा, “जीत के बाद मैं बहुत अविश्वसनीय महसूस कर रही हूं। लेकिन मैं अभी इसे समझने की कोशिश कर रही हूं।”इस जीत के साथ भारत ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर पर महिला एकल में लगातार दूसरा खिताब अपने नाम किया है। पिछले सप्ताह तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन का खिताब जीतकर यह सिलसिला शुरू किया था। अश्मिता चालिहा ने क्वार्टर-फाइनल में ही बड़ा उलटफेर करते हुए जापान की शीर्ष वरीयता प्राप्त हिना अकेची को हराकर अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी थी।

फाइनल में भी उन्होंने शानदार शुरुआत की और हान कियान्शी के खिलाफ 9-5 की बढ़त बना ली। हालांकि, चीनी खिलाड़ी ने लगातार पांच अंक हासिल करते हुए मुकाबले का रुख पलट दिया और अश्मिता को पहला गेम गंवाना पड़ा। इसके बाद अश्मिता चालिहा ने अगले दोनों गेम में शानदार वापसी की। उन्होंने इंटरवल पर मिली बढ़त का बेहतरीन फायदा उठाया और 53 मिनट में फाइनल अपने नाम कर लिया।

इससे पहले उन्होंने ऑल-इंडियन सेमीफाइनल में हमवतन रक्षिता रामराज को भी हराया था। अश्मिता चालिहा अब इस साल महिला एकल में बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीतने वाली चौथी भारतीय महिला बन गई हैं। उनसे पहले जापान ओपन में पीवी सिंधु, थाईलैंड मास्टर्स में देविका सिहाग और ताइपे ओपन में तन्वी शर्मा ने खिताब जीते थे।

कोरिया मास्टर्स के एतिहासिक मुकाबले में रक्षिता को हराकर अश्मिता फाइनल में

Badminton tournament

भारत की अश्मिता चालिहा ने शनिवार को कोरिया मास्टर्स 2026 बैडमिंटन टूर्नामेंट के महिला एकल के सेमीफाइनल में हमवतन रक्षिता रामराज को हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। आज आसन यी सन-सिन जिम्नेजियम में भारतीयों के बीच हुए इस सेमीफाइनल में, महिला एकल बैडमिंटन रैंकिंग में 50वें स्थान पर मौजूद अश्मिता चालिहा ने दुनिया की 49वें नंबर की खिलाड़ी रक्षिता रामराज को 48 मिनट तक चले मुकाबले में 21-13, 16-21, 21-13 से हराया।

26 साल की अश्मिता चालिहा ने शुरुआत से ही पहले गेम पर अपना दबदबा बनाए रखा; इंटरवल तक वह 11-6 से आगे थीं और अंत में पहला गेम जीत लिया। रक्षिता रामराज ने दूसरे गेम में ज़बरदस्त वापसी की। उन्होंने 11-6 की बढ़त बनाई और अश्मिता चालिहा की वापसी की कोशिशों को नाकाम करते हुए मैच को बराबरी पर ला दिया, जिससे मुकाबला निर्णायक गेम तक पहुंच गया।

इसके बाद निर्णायक गेम में अश्मिता चालिहा ने खेल पर पकड़ बनाई और लगातार छह पॉइंट जीतकर इंटरवल तक 11-3 की बढ़त हासिल कर ली। ब्रेक के बाद भी उन्होंने अपनी बढ़त बनाए रखी और जीत पक्की करते हुए फ़ाइनल में अपनी जगह बना ली।

कोरिया मास्टर्स में अश्मिता चालिहा पहली बार बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फ़ाइनल में पहुंची। इससे पहले यह भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी जून में मकाऊ ओपन के सेमीफ़ाइनल से बाहर हो गई थीं। अब फाइनल में उनका सामना चीन की हान कियानक्सी से होगा, जो चौथी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी और 2026 जर्मन ओपन चैंपियन हैं।

कोरिया मास्टर्स फ़ाइनल में जीत के साथ ही वह इस साल एकल बीडब्ल्यूएफ ख़िताब जीतने वाली चौथी भारतीय महिला बन जाएंगी। उनसे पहले ताइपे ओपन में तन्वी शर्मा, जापान ओपन में पीवी सिंधु और थाईलैंड मास्टर्स में देविका सिहाग ने यह उपलब्धि हासिल की है।

भारत की दो बेटिंया होंगी कोरिया मास्टर्स के सेमीफाइनल में आमने सामने

कोरिया मास्टर्स 2026 बैडमिंटन टूर्नामेंट में शनिवार को महिला एकल के सेमीफाइनल मैच में भारत की अश्मिता चालिहा और उनकी हमवतन रक्षिता श्री संतोष रामराज के बीच फाइनल में जगह बनाने के लिए भिड़ंत होगी। आज  बैडमिंटन रैंकिंग में 50वें स्थान पर मौजूद अश्मिता ने दिन का सबसे बड़ा उलटफेर करते हुए जापान की टॉप सीड और दुनिया की नंबर 22 खिलाड़ी हिना अकेची को एक घंटा तीन मिनट तक चले कड़े मुकाबले में 20-22, 21-15, 21-19 से हराया।

वहीं, दुनिया की नंबर 49 खिलाड़ी रक्षिता ने एक गेम हारने के बाद वापसी करते हुए अपनी ही देश की खिलाड़ी और तीसरी सीड तन्वी शर्मा (दुनिया में 30वें नंबर पर) को 61 मिनट तक चले मुकाबले में 18-21, 21-19, 21-18 से हराया। इन नतीजों का मतलब है कि दुनिया की रैंकिंग में एक-दूसरे से सिर्फ़ एक पायदान दूर अश्मिता और रक्षिता शनिवार को सेमीफ़ाइनल में आमने-सामने होंगी, जिससे महिला एकल बैडमिंटन फ़ाइनल में भारत की मौजूदगी पक्की हो गई है।

अश्मिता पिछले साल मलेशिया सुपर 100 में अकेची के खिलाफ अपना एकमात्र पिछला मुकाबला हार गई थीं और शुरुआत में एक बार फिर हारती हुई दिख रही थीं, क्योंकि जापानी शटलर ने कड़े मुकाबले वाले पहले गेम में 22-20 से जीत हासिल की थी।

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी ने दूसरे गेम में जबरदस्त वापसी की और लगातार आठ अंक हासिल करते हुए 21-15 से जीत दर्ज की, जिससे मैच निर्णायक गेम तक पहुंच गया।तीसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर रही, लेकिन आखिर में अश्मिता ने संयम बनाए रखा। आखिरकार उन्होंने अपने तीसरे मैच पॉइंट को भुनाते हुए 21-19 से जीत हासिल की और उलटफेर कर दिया।

वहीं, रक्षिता ने तन्वी के खिलाफ अपना शानदार रिकॉर्ड बरकरार रखा और चौथी बार उनसे भिड़ते हुए चौथी बार जीत हासिल की। भारत की 2026 एशियाई खेलों की बैडमिंटन टीम की सदस्य तन्वी ने लगातार छह अंक जीतकर पहला गेम 21-18 से अपने नाम किया, लेकिन रक्षिता ने कड़े मुकाबले वाले दूसरे गेम में 21-19 से जीत हासिल कर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। निर्णायक गेम में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन आखिर में रक्षिता ने बढ़त बना ली और अपने तीसरे मैच पॉइंट को भुनाते हुए 21-18 से जीत दर्ज की। इस तरह उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मैच जीत लिया।

आयुष शेट्टी के अलावा भारतीय दल को विश्व चैंपियनशिप में मिला आसान ड्रॉ

भारत के आयुष शेट्टी इस महीने के आखिर में शुरू होने वाली 2026 BWF विश्व चैंपियनशिप के पहले ही राउंड में दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी चीन के शि यू की से भिड़ेंगे। यह बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप का दूसरा सीधा एडिशन है, जहां पिछले साल लक्ष्य सेन के चीनी खिलाड़ीसे भिड़ने के बाद एक भारतीय खिलाड़ी पहले राउंड में शि से भिड़ेगा।

14वीं वरीयता प्राप्त, 2021 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता का हालांकि, राउंड ऑफ़ 16 में सामना थाईलैंड के पूर्व विश्व चैंपियन और तीन बार के मेडलिस्ट कुनलावुत विटिडसार्न से हो सकता है।

महिला एकल में, पीवी सिंधु को दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर 1 एन से यंग के साथ एक ही हाफ में रखा गया है, लेकिन सेमीफाइनल से पहले उनका सामना उनसे नहीं होगा। सिंधु आयरलैंड की सोफिया नोबल के खिलाफ शुरुआत करेंगी, जिसके बाद उनका राउंड ऑफ़ 16 में चीन की वांग ज़ी यी के खिलाफ और क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वार्डिनी के खिलाफ मुकाबला हो सकता है, ये दो मुश्किल मुकाबले हो सकते हैं।

विमेंस सिंगल्स में दूसरी भारतीय उन्नति हुड्डा पहले राउंड में म्यांमार की थेट थुजार के खिलाफ शुरुआत करेंगी। मेंस डबल्स में, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी चोट के कारण बाहर रहने के बाद वापसी करेंगे।

 

पांचवीं वरीयता प्राप्त रंकीरेड्डी-शेट्टी को पहले राउंड में बाई मिलेगी, ठीक वैसे ही जैसे डबल्स ड्रॉ में सभी वरीय खिलाड़ियों को मिलती है। हालांकि, हरिहरन अमसकरुआनन और अर्जुन एमआर राउंड 1 में आयरलैंड के स्कॉट गिल्डिया और पॉल रेनॉल्ड्स के खिलाफ शुरुआत करेंगे।

भारत के पास महिला डबल्स में कोई वरीय जोड़ी नहीं होगी, हालांकि ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद और कविप्रिया सेल्वम-सिमरन सिंघी दोनों ही मुकाबले में होंगी, जो अपने अभियान की शुरुआत पहले राउंड में स्पेन की दो अलग-अलग जोड़ियों के खिलाफ करेंगी।मिक्स्ड डबल्स में, तनीषा क्रैस्टो और ध्रुव कपिला को पहले राउंड में बाई मिली है, जबकि रुथविका गड्डे और रोहन कपूर का मुकाबला कनाडा के जोनाथन बिंग-क्रिस्टल लाई से होगा।

3 साल हो गए नीरज को गोल्ड जीते हुए, पिछले 10 महीने रहे सबसे कठिन (Video)

नीरज चोपड़ा ने जब टोक्यो 2021 में स्वर्ण पदक जीता था तो ऐसा लग रहा था कि अब तो वह हर टूर्नामेंट में सोना ही सोना लूटेंगे। लेकिन खेल में हर दिन एक जैसा नहीं होता। यह बताने के लिए काफी है कि नीरज चोपड़ा को 3 साल हो गए हैं किसी भी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीते हुए।

नीरज चोपड़ा को पेरिस ओलंपिक में पाकिस्तान के अरशद नदीम के हाथों स्वर्ण पदक खोना पड़ा तो विश्व चैंपियनशिप में ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स के खिलाफ। राष्ट्रमंडल खेल में वह श्रीलंका के स्टार रूमेश थरंगा पथिरागे से स्वर्ण पदक खो बैठे। वह 19 जून को दोहा डायमंड लीग में 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे थे।

नीरज ने 2018 में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में 86.47 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता था, लेकिन चोट के कारण 2022 के सत्र में हिस्सा नहीं ले सके थे। पिछले साल सितंबर में विश्व चैंपियनशिप से ठीक पहले उन्हें कमर के निचले हिस्से में चोट लगी थी और राष्ट्रमंडल खेलों से पहले उन्होंने केवल एक प्रतियोगिता में भाग लिया था।

फिटनेस से जुड़ी परेशानियों से करीब एक साल तक जूझने के बाद भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने कहा कि पिछले 10 महीने उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहे और उन्होंने ऐसे दौर का सामना किया, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी।वह मुख्य रूप से जांघ की मांसपेशियों की चोट और कुछ अन्य शारीरिक परेशानियों से प्रभावित रहे थे।
नीरज ने मंगलवार को इंस्टाग्राम पर राष्ट्रमंडल खेलों के प्रदर्शन का वीडियो साझा करते हुए लिखा, ‘‘कुछ भाले लंबी दूरी तय करते हैं और कुछ पल पूरी यात्रा का भार अपने साथ लेकर आते हैं। पिछले 10 महीने ने मेरी ऐसी परीक्षा ली, जिसकी मैंने कभी उम्मीद नहीं की थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘कई चोटों से उबरना, अपने शरीर को दोबारा मजबूत बनाना, फिर से लय हासिल करना और उस समय धैर्य रखना जब मैं केवल प्रतियोगिता में उतरना चाहता था। मैं हर दिन अभ्यास कर रहा था, लेकिन यह भी नहीं पता था कि इस साल मुझे खेलने का मौका मिलेगा या नहीं।’’

पूर्व विश्व चैंपियन नीरज ने अपनी वापसी में मदद करने वाले सहयोगी दल के प्रति आभार जताते हुए कहा, ‘‘इस स्तर पर दोबारा प्रतिस्पर्धा करना अच्छा लग रहा है। यह सब कुछ अकेले संभव नहीं था। मैं उन लोगों का दिल से आभारी हूं, जिन्होंने हमेशा मेरा विश्वास बनाए रखा।’

उन्होंने अपने फिजियो ईशान मारवाहा और कोच जय चौधरी का विशेष रूप से धन्यवाद किया।नीरज ने कहा, ‘ईशान जी चोट से उबरने के दौरान हर कदम पर मेरे साथ रहे और मुझे फिर से वह करने में मदद की, जिसे मैं सबसे ज्यादा पसंद करता हूं। मेरे कोच जय चौधरी उस समय से मेरे साथ हैं, जब मैंने पहली बार भाला उठाया था।’उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा परिवार हर परिस्थिति में मेरे साथ मजबूती से खड़ा रहा। सत्र अभी जारी है और मैं धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा हूं।’’

Commonwealth Games में भारतीय सेना के खिलाड़ियों ने जीते 16 पदक (Video)

Neeraj Chopra

भारतीय सेना ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में अपने खिलाड़ियों के ‘शानदार प्रदर्शन’ की मंगलवार को तारीफ की और कहा कि यह अलग-अलग खेलों में उनके जोश और लगन का सबूत है।सेना ने बताया कि उसके खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में 16 पदक जीते और इस बात पर जोर दिया कि ये उपलब्धियां विश्व स्तरीय खिलाड़ियों को तैयार करने और देश की खेल से जुड़ी उम्मीदों को आगे बढ़ाने के लिए उसकी प्रतिबद्धता को फिर से साबित करती हैं।

सेना ने कहा, ‘‘हर काम, देश के नाम, जनरल धीरज सेठ, सीओएएस और भारतीय सेना में सभी पद के लोग राष्ट्रमंडल खेले ग्लास्गो 2026 में शानदार प्रदर्शन के लिए भारतीय सेना के खिलाड़ियों को दिल से बधाई देते हैं।’’ सेना ने बताया कि उसके खिलाड़ियों ने जूडो, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स, पैरा-एथलेटिक्स और भारोत्तोलन में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने जीत के पलों की झलक दिखाने वाली एक वीडियो क्लिप भी साझा की।

सेना ने कहा, ‘‘भारतीय सेना के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन उनके जोश और लगन का सबूत है। ये उपलब्धियां विश्व स्तरीय खिलाड़ियों को तैयार करने और मिशन ओलंपिक 2036 के जरिए देश की खेल से जुड़ी उम्मीदों को आगे बढ़ाने के लिए भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को फिर से साबित करती हैं।’’

तीन अगस्त को संपन्न राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने कुल 39 पदक जीते जिसमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य पदक शामिल हैं। भारत चौथे स्थान पर रहा। गुजरात का अहमदाबाद 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा जिससे दो दशक बाद इस प्रतियोगिता की भारत में वापसी होगी।भारत ने पिछली बार 2010 में नयी दिल्ली में इन खेलों की मेजबानी की थी।

वतन वापसी पर कॉमनवेल्थ मेडलिस्ट का हुआ देश में जोरदार स्वागत (Video)

commonwealth games

राष्ट्रमंडल खेल 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले भारतीय एथलीट्स की वतन वापसी पर भव्य स्वागत हुआ। गौरतलब है कि भारत ने इन खेलों में उम्मीद से बढ़कर प्रदर्शन किया जब कई वैश्विक खेल जिनमें भारत दर्जन भर मेडल लाता था इन खेलों से नदारद थे। इस बार हॉकी, बैडमिंटन, शूटिंग, कुश्ती नहीं शामिल हुए थे।

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे से बाहर निकलते ही खिलाड़ियों का ढोल-नगाड़ों, देशभक्ति गीतों और फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। परिजन और समर्थक खिलाड़ियों के साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए उत्साहित नजर आए।भारतीय पैरा एथलेटिक्स दल ने भी इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड सात पदक अपने नाम किए, जिसके दम पर भारत समग्र पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंचा।

खिलाड़ी मंगलवार तड़के करीब चार बजे जैसे ही हवाई अड्डे के टर्मिनल से बाहर निकले, ढोल-नगाड़ों की गूंज और देशभक्ति गीतों से पूरा माहौल उत्साह से भर उठा। परिजनों ने पदक विजेता खिलाड़ियों का फूल-मालाएं पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया, जबकि बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए मौजूद थे।

राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले जूडो खिलाड़ी हर्ष सिंह और अस्मिता डे मंगलवार तड़के हवाई अड्डे से बाहर निकलने वाले शुरुआती खिलाड़ियों में शामिल रहे। उनका भी यहां गर्मजोशी से स्वागत किया गया। हर्ष ने कहा, ‘‘ मैंने कभी नहीं सोचा था कि इस तरह का स्वागत मिलेगा। सभी से मिलकर बेहद अच्छा लग रहा है।’’ उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक अस्मिता डे ने कहा, ‘‘मुझे जीवन में पहली बार ऐसा स्वागत मिल रहा है और मेरे लिए यह अनुभव बेहद खास है।’’

खेल मंत्रालय ने दिए नकद पुरुस्कार

खेल मंत्री ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार उपलब्धियों के लिए गोल्ड मेडल जीतने वालों को 30 लाख रुपये, सिल्वर मेडल जीतने वालों को 20 लाख रुपये और ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वालों को 10 लाख रुपये का नकद इनाम दिया। इन खेलों में भारतीय वेटलिफ्टरों ने देश का अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन किया।

खिलाड़ियों को बधाई देते हुए डॉ. मांडविया ने कहा कि पूरे देश ने उनकी उपलब्धियों का जश्न मनाया। उन्होंने कहा, “संसद में भी, हर बार जब आपने मेडल जीते, तो घोषणाएं की गईं। उन पलों ने हर भारतीय को गौरवान्वित किया।”

खेल मंत्री ने कोचों, जिनमें द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता विजय शर्मा भी शामिल थे की जमकर तारीफ की और चैंपियन बनाने में उनकी अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “एक खिलाड़ी के सफर में गुरु की सबसे बड़ी भूमिका होती है। चैंपियन बनाने में कोच के योगदान से बड़ी कोई चीज नहीं है।”

19 साल की यह साइकलिस्ट बनी ‘Tour De France fame’ में हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय

उन्नीस साल की हर्षिता जाखड़ ने रविवार दोपहर स्विट्जरलैंड के एग्ल में ‘Tour De France fame’  का हिस्सा बनने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रच दिया। उन्होंने इस मुश्किल रेस के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत के दौरान अफगानिस्तान, अल्जीरिया, चिली, इथियोपिया (दो राइडर्स), नामीबिया और युगांडा के आठ प्रतिभाशाली साइक्लिस्टों के ग्रुप का नेतृत्व किया।

यह रेस 1 अगस्त को लॉज़ेन में शुरू हुई थी और 9 अगस्त को नीस में खत्म होगी। UCI Union Cyclist International: World Cycling Federation  की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, UCI द्वारा चुनी गई इस टीम को शायद अब तक की सबसे बड़ी दर्शक संख्या देखने को मिली, जब उन्होंने WCC रोड टीम के कुछ राइडर्स के साथ कोर्स के एक न्यूट्रलाइज़्ड सेक्शन (जहाँ रेस की गति नियंत्रित रहती है) पर 4.5 किलोमीटर तक साइकिल चलाई।

यूसीआई के अध्यक्ष डेविड लैपार्टिएंट स्टेज से पहले स्टार्ट पोडियम पर राइडर्स के साथ शामिल हुए और एक भारतीय को उनके बीच देखकर खुशी जताई। “हम अपने प्रतिष्ठित यूसीआई वर्ल्ड साइक्लिंग टैलेंट प्रोग्राम में भारत की बेहद प्रतिभाशाली हर्षिता जाखड़ को पाकर उत्साहित हैं। मुझे यकीन है कि उन्हें ‘Tour De France fame’ का हिस्सा बनकर अच्छा लगेगा और वह जल्द ही असल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए वापस आएंगी।”

प्रोफेशनल पेलेटन (मुख्य राइडर्स का समूह) से आगे शुरू करने वाले इन राइडर्स को अलग-अलग नेशनल फेडरेशन्स से चुना जाता है, जिनके पास अपना कोई हाई-परफॉर्मेंस पाथवे नहीं है और जिन्हें यूरोपियन कोचिंग, ट्रेनिंग सुविधाओं और रेसिंग तक पहुंच नहीं मिलती है।

हर्षिता जाखड़ ने UCI से कहा, “मैं यहां आकर, ‘Tour De France’ को देखकर और उसका हिस्सा बनकर बहुत उत्साहित हूं। मैं यूसीआई की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे महिलाओं की रेस के दूसरे चरण की शुरुआत में अन्य प्रतिभाशाली साइक्लिस्टों के साथ साइकिल चलाने का यह मौका दिया।” राजस्थान की रहने वाली हर्षिता भारतीय साइक्लिंग सर्किट में धूम मचा रही हैं; उन्होंने जूनियर्स के लिए उपलब्ध लगभग सभी मेडल जीते हैं और सीनियर्स कैटेगरी में भी लगातार जीत हासिल कर रही हैं। उनका लक्ष्य 2026 के एशियाई खेलों में टॉप 10 में जगह बनाना और 2030 के खेलों में मेडल जीतना है।

‘Target Asian Games Group’ की एथलीट होने के नाते, वह पटियाला में साई नेशनल सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में अपने पिता और कोच राकेश जाखड़ के साथ ट्रेनिंग करती हैं। राकेश जाखड़ खुद एक पूर्व साइक्लिस्ट हैं, जिन्होंने 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लिया था और वह एनआईएस पटियाला से क्वालिफाइड कोच हैं।

बृजभूषण सिंह के बरी होने पर खफा हुई विनेश, करेंगी फैसले के खिलाफ अपील

कुछ सालों पहले बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाकर प्रदर्शन की अगुआ बनी विश्व चैंपियशिप पदक विजेता पहलवान विनेश फोगाट ने आज जब भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व प्रमुख को अदालत से बाइज्जत बरी होते देखा तो उनका रोष ट्वीट के रूप में सामने आ गया।

दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को महिला पहलवानों द्वारा दायर यौन उत्पीड़न मामले में सिंह और सह आरोपी विनोद तोमर को बरी कर दिया।अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने भाजपा के पूर्व सांसद सिंह और डब्ल्यूएफआई के पूर्व सहायक सचिव तोमर को इस मामले में बरी किया।

विनेश ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘‘महिला पहलवानों ने अपने वकीलों को इस फैसले के खिलाफ अपील करने का निर्देश दिया है, और अपील जल्द से जल्द दायर की जाएगी। हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है और पहलवान अपना संघर्ष जारी रखेंगे।’’ उन्होंने सरकार पर सिंह को ‘संरक्षण’ देने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने ‘‘कई लड़कियों को धमकाकर उनके नाम वापस लेने के लिए मजबूर किया।’’

विनेश ने कहा, ‘‘हमें बहुत दुख है कि अदालत ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन हिंसा के आरोपों में बृजभूषण शरण सिंह को दोषी नहीं पाया। शुरू से ही पूरा प्रशासन, सरकार और व्यवस्था बृजभूषण को बचाने में लगी हुई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें सड़कों पर उतरकर सत्तारूढ़ पार्टी के एक शक्तिशाली नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए बहुत साहस जुटाना पड़ा। बृजभूषण ने अपने प्रभाव और राजनीतिक शक्ति का इस्तेमाल करते हुए कई लड़कियों को धमकाकर उनके नाम वापस लेने पर मजबूर किया। लेकिन कई महिला पहलवानों ने दृढ़ रवैया अपनाया और बृजभूषण के खिलाफ अदालत में लड़ाई जारी रखी।’’

अगला मेजबान होने के कारण भारत को मिला कॉमनवेल्थ ध्वज और मशाल (Video)

राष्ट्रमंडल खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले भारत देश को अब खेलों की मशाल भी मिल गई क्योंकि अगला  राष्ट्रमंडल खेल भारत के अहमदाबाद में होने वाला है। भारत की ओर से नीरज चोपड़ा ने इस मशाल और ध्वज को थामा। इससे पहले संगीत और नृत्य के ताने बाने में तैयार किये गए अद्भुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भारत की पहचान ऐसे देश के रूप में रखी जहां परंपरा और आधुनिकता साथ में बसते हैं।

किंग चार्ल्स तृतीय के प्रतिनिधि प्रिंस एडवर्ड (ड्यूक आफ एडिनबर्ग) ने खेलों के समापन की औपचारिक घोषणा की।उन्होंने कहा ,‘‘ जिस तरह से आपने प्रतिस्पर्धा की, खेलों का आयोजन किया और समर्थन किया , उसके लिये धन्यवाद। आपने आज एक बार फिर राष्ट्रमंडल की भावना और मूल्यों को जीवंत कर दिया। शुक्रिया ग्लास्गो। ’’उन्होंने कहा ,‘‘ मैं सभी देशों और प्रदेशों के खिलाड़ियों को भारत के अहमदाबाद आने का न्योता देता हूं जहां चार साल बाद 24वें राष्ट्रमंडल खेल होंगे जो इन खेलों का शताब्दी संस्करण भी है।’

बॉक्सिंग में भारत की स्वर्ण पदक विजेता महिलाओं की 57 किग्रा बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाली जैस्मिन लैंबोरिया को  समापन समारोह के लिए भारत का ध्वजवाहक चुना गया था।भारत कुल 39 पदक -13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य – के साथ मेडल स्टैंडिंग में चौथे स्थान पर काबिज है। इन गेम्स में खेलों की संख्या कम होने के बावजूद यह एक बड़ी उपलब्धि है।

मुकाबले खत्म होने के बाद ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स आधिकारिक तौर पर समापन समारोह के साथ समाप्त हो गया जो 3 अगस्त को तड़के 1:30 बजे (भारतीय समयानुसार) प्रसारित किया गया।