पुरुष टीम जापान को हराकर पहुंची सेमीफाइनल लेकिन महिला टीम हारी

INDvsJPN लक्ष्य सेन ने वापसी करते हुए शानदार जीत हासिल की जिसकी मदद से भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने मंगलवार को क्वार्टरफाइनल में मेजबान जापान को 3-0 से हराकर एशियाई खेलों में पदक पक्का कर दिया एशियाड से पहले लगातार कुछ टूर्नामेंट में शुरूआती दौर से बाहर होने के कारण सेन का मनोबल थोड़ा गिरा हुआ था, उन्होंने पहला गेम गंवाकर शुरुआत की और निर्णायक गेम में 14-19 से पिछड़ने के बाद हार की कगार पर थे।

लेकिन अल्मोड़ा के 25 वर्षीय खिलाड़ी ने अपनी काबिलियत के बूते लगातार सात अंक हासिल कर दुनिया के सातवें नंबर और दो बार के विश्व चैंपियनशिप रजत पदक विजेता कोडाई नाराओका को 11-21, 21-5, 21-19 से हराकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इस सत्र में दो खिताब जीतने वाली सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने पूर्व विश्व चैंपियन होकी ताकुरो और कोबायाशी युगो की जोड़ी को 21-18, 24-22 से हराकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी।

इसके बाद इस साल बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले आयुष शेट्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया के 16वें नंबर के कोकी वातानाबे को 21-10, 21-19 से हराने के साथ मुकाबला और भारत का पदक पक्का कर दिया।

वहीं विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने शानदार खेल दिखाया लेकिन एकल खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के कारण भारतीय महिला बैडमिंटन टीम  क्वार्टर फाइनल में जापान से 1-3 से हारकर एशियाई खेलों से बाहर हो गई।

 भारत की तरफ से दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने मुकाबले की शुरुआत की। उन्होंने विश्व में तीसरे नंबर की खिलाड़ी अकाने यामागुची के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन निर्णायक गेम में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और वह आखिर में 23-21, 18-21, 6-21 से हार गईं।उन्नाति हुड्डा इसके बाद 2022 की विश्व जूनियर चैंपियन और विश्व में सातवें नंबर की खिलाड़ी टोमोका मियाजाकी से 16-21, 18-21 से हार गईं, जिससे जापान 2-0 से आगे हो गया।

नयी दिल्ली में हाल ही में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा और गायत्री ने पहले युगल मैच में युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो को 21-17, 21-16 से हराकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा।लेकिन युवा शटलर तन्वी शर्मा तीसरे एकल मुकाबले में पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से 12-21, 10-21 से हार गईं और इस तरह से जापान ने 3-1 से जीत हासिल कर ली। 

Asian Games डेब्यू पर ही इस भारत की बेटी ने ओलंपिक विजेता को हराकर किया कमाल

भारतीय मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने मंगलवार को एशियाई खेलों में महिलाओं के 51 किलोग्राम वर्ग में पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता फिलीपींस की ऐरा विलेगास को 5-0 से हराकर बड़ा उलटफेर करते हुए प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।भिवानी की 26 वर्षीय मुक्केबाज ने अपनी लंबाई और अच्छी पहुंच का फायदा उठाते हुए शुरुआत से ही विलेगास को दूर रखा और उन्हें हावी नहीं होने दिया।

दोनों मुक्केबाजों ने शुरू में सतर्कता दिखाई लेकिन साक्षी जल्दी ही हावी हो गई। भारतीय मुक्केबाज ने दूसरे राउंड में तेजी दिखाई और मुक्कों की बौछार कर दी। इस दौरान विलेगास उनकी गति और फुर्ती का मुकाबला करने के लिए संघर्ष कर रही थी।

फिलिपींस की बाएं हाथ की मुक्केबाज ने इस बीच जवाबी हमले भी किए और कुछ जोरदार हुक लगाए लेकिन यह पर्याप्त नहीं थे क्योंकि सभी पांचों जजों ने साक्षी को हर राउंड में पूरे 10 अंक दिए। साक्षी ने इस तरह से 51 किलोग्राम वर्ग में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा।

वह मई में 54 किलोग्राम वर्ग से नीचे आई और उन्होंने चयन ट्रायल में दो बार की विश्व चैंपियन और पिछली बार की कांस्य पदक विजेता निकहत ज़रीन को हराया।पूर्व जूनियर और युवा विश्व चैंपियन साक्षी ने पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था।

वह मई में 54 किलोग्राम वर्ग से नीचे आई और उन्होंने चयन ट्रायल में दो बार की विश्व चैंपियन और पिछली बार की कांस्य पदक विजेता निकहत ज़रीन को हराया।पूर्व जूनियर और युवा विश्व चैंपियन साक्षी ने पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था।

Asian Games में भारत की पुरुष और महिला TT टीम ने किया पाकिस्तान को पस्त

भारत की महिला और पुरुष टेबल टेनिस टीमों ने सोमवार को अपने-अपने पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वियों पर 3-0 से समान जीत हासिल करते हुए एशियाई खेलों के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।स्काई हॉल में भारतीय महिला टीम ने ग्रुप एफ में लगातार तीसरी जीत दर्ज कर शीर्ष स्थान हासिल किया। भारत ने रविवार को अपने शुरुआती मुकाबलों में इंडोनेशिया और सिंगापुर को हराया था और इसके बाद चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ भी अपना दबदबा कायम रखा।

हांगझोउ एशियाई खेलों में महिला युगल का कांस्य पदक जीतने वाली सुतीर्था मुखर्जी ने अलीना खान को केवल 10 मिनट में 11-3, 11-3, 11-4 से हराकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई।इसके बाद 17 वर्षीय सिंड्रेला दास ने कलसूम खान को 11-6, 11-7, 11-5 से हराकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी।

आईटीटीएफ महिला एकल रैंकिंग में फिलहाल 99वें स्थान पर काबिज सिंड्रेला को घरेलू सर्किट में शानदार प्रदर्शन का इनाम एशियाई खेलों के लिए सीनियर टीम में चयन के रूप में मिला है।

श्रीजा अकुला ने फातिमा खान को महज 11 मिनट में 11-4, 11-4, 11-5 से हराकर मुकाबला भारत के नाम किया और टीम को अंतिम आठ में पहुंचाया।

बाद में भारतीय पुरुष टीम ने ईरान के खिलाफ पिछले मुकाबले में मिली हार के बाद शानदार वापसी करते हुए पाकिस्तान को 3-0 से करारी शिकस्त दी।विश्व में 97वें नंबर के खिलाड़ी हरमीत देसाई ने पहले मैच में पाकिस्तान के मोहम्मद खान पर 3-0 (11-4, 11-3, 11-5) से जीत के साथ भारत को शानदार शुरुआत दिलाई, जबकि 82वें रैंकिंग के कप्तान जी साथियान ने अब्बास खान पर 3-0 (11-1, 11-8, 11-9) से आसान जीत दर्द की।
तीसरे मैच में पायस जैन ने मोहम्मद खान को 3-0 (11-2, 11-5, 11-7) से हराकर भारतीय टीम को जीत की राह पर लौटा दिया।

Asian Games में भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने जीते शुरुआती मुकाबले

भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने सोमवार को एशियाई खेल 2026 में ग्रुप ए के मुकाबले में मेजबान जापान को 49-24 से हराकर अपने खिताब को बचाने की शुरुआत की। टोकाई सिटिजन जिम्नेजियम में खेले गये इस मैच में भारत के लिए आशु मलिक और देवांक दलाल शानदार खिलाड़ी रहे।

आशु मलिक की शुरुआती सुपर रेड ने पहले हाफ का माहौल बना दिया; भारत ने इस दौरान दबदबा बनाए रखा और ब्रेक तक 31-9 की बढ़त बना ली। जापान, जो इस हाफ में दो बार ऑल-आउट हुआ, ने अपने चार पॉइंट बोनस से हासिल किए।

भारत ने दूसरे हाफ में बड़े बदलाव किए और मैच शुरू करने वाले सात खिलाड़ियों में से पांच को बदल दिया। अनुभवी पवन सहरावत, अर्जुन देशवाल और असलम इनामदार उन खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्हें कुछ समय खेलने के लिए मैट पर उतारा गया। इस दौरान मेजबान टीम ने अधिक आक्रामक रुख अपनाया और एक समय तो भारत के केवल दो खिलाड़ी ही मैट पर बचे थे।

खेल दोबारा शुरू होने के कुछ ही देर बाद, भारत ने जापान को मैच में तीसरी बार ऑल-आउट करके 40-12 की बढ़त बना ली। हालांकि, जापान ने वापसी की और उस पॉइंट के बाद भारत से अधिक पॉइंट हासिल करके हार के अंतर को कम किया। भारत मंगलवार को इसी जगह अपने अगले ग्रुप ए मैच में दक्षिण कोरिया का सामना करेगा। आइची-नागोया 2026 एशियाई खेलों में पुरुषों का कबड्डी टूर्नामेंट 10 टीमों के बीच खेला जा रहा है, जिसमें टीमों को दो बराबर ग्रुप में बांटा गया है। भारत को ग्रुप ए में बंगलादेश, दक्षिण कोरिया, चीनी ताइपे और जापान के साथ रखा गया है।

इसके अलावा भारत की महिला टीम ने भी बांग्लादेश पर एकतरफा जीत अर्जित की।भारतीय महिला टीम ने लगभग एकतरफा अंदाज में बांग्लादेश को 42-21 से हरा दिया।

Asian Games में भारतीय निशानेबाजों का कमाल, जीते दो और सिल्वर मेडल

युवा निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों और रुद्रांक्ष पाटिल ने रोमांचक मुकाबले में दबाव के बीच संयम बनाए रखते हुए सोमवार को यहां एशियाई खेलों में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीता जबकि दोनों ने पार्थ माने के साथ मिलकर टीम स्पर्धा का रजत पदक भी अपने नाम किया।

इन तीन पदक से निशानेबाजी में भारत की पदक संख्या पांच हो गई है जिसमें चार रजत और एक कांस्य शामिल है। हालांकि एक बार फिर चीन के पेरिस ओलंपिक के दोहरे स्वर्ण पदक विजेता लिहाओ शेंग को कोई पीछे नहीं छोड़ सका। विश्व के नंबर एक निशानेबाज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता।

शेंग ने 254.2 अंक के खेलों के और एशियाई रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। सोमवार को अपना 21वां जन्मदिन मना रहे हिमांशु ने 252.4 अंक के साथ रजत जीता। रुद्रांक्ष ने 230.9 अंक हासिल किए। मजबूत शुरुआत के बाद वह स्वर्ण पदक की चुनौती पेश करते दिख रहे थे लेकिन अंततः तीसरे स्थान पर रहे।व्यक्तिगत ढिल्लों, अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे रुद्रांक्ष और 18 वर्षीय माने के टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतने के महज एक घंटे बाद आए।

चीन ने एक बार फिर मानक स्थापित किया। शेंग, झांग चांगहोंग और मा सिहान की चीन की तिकड़ी ने 1899.0 अंक जुटाकर पिछले साल काहिरा में बनाए अपने 1898.4 अंक के विश्व रिकॉर्ड में सुधार किया। दक्षिण कोरिया ने 1884.2 अंक के साथ कांस्य जीता जबकि भारत के 1890.1 अंक रहे।

व्यक्तिगत फाइनल की कहानी कुछ अलग थी। इसमें ढिल्लों और रुद्रांक्ष के बीच रजत और कांस्य पदकों के लिए कड़ा मुकाबला हुआ जबकि शेंग लगातार बढ़त मजबूत करते गए।

रुद्रांक्ष शुरुआत में चीन के स्टार को चुनौती देने वाले भारतीय निशानेबाज के तौर पर आगे नजर आए। दूसरी सीरीज के बाद 2022 विश्व चैंपियन रुद्रांक्ष के कुल 106.0 अंक थे और वह शेंग से 1.1 अंक आगे थे। हिमांशु के 104.8 अंक थे।

हालांकि एलिमिनेशन सीरीज में स्थिति बदल गई।रुद्रांक्ष ने 9.7 का निशाना लगाया जबकि ढिल्लों ने 10.6 अंक हासिल कर 24 शॉट के फाइनल के 22वें शॉट के बाद दूसरा स्थान हासिल कर लिया। पदार्पण कर रहे ढिल्लों ने अपने काफी अनुभवी साथी पर 0.1 अंक की बढ़त बना ली।

सर्वाधिक हॉकी मैच खेलने वाली पहली महिला हॉकी खिलाड़ी बनी गोलकीपर सविता

Savita Punia

गोलकीपर सविता पूनिया सोमवार को भारत की सबसे अधिक मैच खेलने वाली महिला हॉकी खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने भारत की पूर्व स्ट्राइकर वंदना कटारिया के 320 सीनियर अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। सविता पूनिया ने यह उपलब्धि जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में इंडोनेशिया के खिलाफ भारत के पूल बी मैच के दौरान हासिल की।

ओपन प्ले में शॉट रोकने की अपनी काबिलियत और पेनल्टी शूट-आउट में शानदार रिकॉर्ड के कारण हॉकी की दुनिया में ‘द वॉल ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर 36 वर्षीय सविता ने 2009 में अपना सीनियर अंतरराष्ट्रीय में पर्दापण किया था।

तब से, वह तीन ओलंपिक, दो एशियन गेम्स कैंपेन, कॉमनवेल्थ गेम्स और कई एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और एफआईएच प्रो लीग सीजन में लगातार खेलती रही हैं। मौजूदा कप्तान सलीमा टेटे के कप्तानी संभालने से पहले वह लंबे समय तक भारतीय महिला टीम की कप्तान भी रही थीं।

सविता ने फरवरी 2025 में एफआईएच प्रो लीग में नीदरलैंड के खिलाफ अपना 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। वह यह आंकड़ा पार करने वाली दूसरी भारतीय महिला और अंतरराष्ट्रीय हॉकी में पीआर श्रीजेश के बाद देश की दूसरी गोलकीपर बनीं। उन्होंने रविवार को एशियन गेम्स 2026 के पहले मैच में उज्बेकस्तान के खिलाफ भारत की 19-0 की शानदार जीत के दौरान वंदना के 320 मैचों के रिकॉर्ड की बराबरी की और सोमवार को उसे पीछे छोड़ दिया।

सविता ने कहा, “मैं सबसे पहले धन्यवाद कहना चाहती हूं – अपने परिवार, अपने कोच, अपनी टीम की साथियों और हर उस व्यक्ति का, जो तब से मेरे साथ खड़ा रहा है जब मैं एक छोटी लड़की थी और अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर बचाना सीख रही थी।

सच कहूं तो, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इस मुकाम तक पहुंचूंगी। जब मैंने शुरुआत की थी, तो मैं बस टीम में अपनी जगह बनाना चाहती थी और अपने परिवार का नाम रोशन करना चाहती थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मुझे भारतीय महिला हॉकी के इतिहास में सबसे ज़्यादा मैच खेलने वाली खिलाड़ी कहा जाएगा। यह रिकॉर्ड केवल मेरा नहीं है – यह उन सभी का है जिन्होंने मेरे साथ खेला है, और वंदना का भी, क्योंकि उन्होंने एक स्टैंडर्ड सेट किया और हम सभी को और बेहतर करने के लिए प्रेरित किया।”

उन्होंने कहा, “अब मेरी सबसे बड़ी उम्मीद यह है कि नई पीढ़ी इसे देखे और विश्वास करे कि उनके लिए भी यह मुमकिन है। मैं चाहती हूँ कि वे आगे बढ़ती रहें, मेहनत करती रहें और भारतीय हॉकी के लिए बड़े सपने देखती रहें। इस खेल ने मुझे सब कुछ दिया है, और जब तक मैं कर सकती हूँ, मैं इसके लिए अपना योगदान देती रहूंगी।

मैच बिना हारे भी सुचिका को वजन के कारण मिला कांस्य, जानें पूरा विवाद

Suchika Tariyal

भारत की सुचिका तरियाल ने सोमवार को एशियाई खेलों की महिला पारंपरिक 60 किग्रा मिश्रित मार्शल आर्ट (MMA) स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। उन्हें सेमीफाइनल के अतिरिक्त दौर में सिंगापुर की हुई हून टियो के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा।

इस कांस्य पदक के साथ एशियाई खेलों में भारत के पदकों की संख्या चार हो गई है। इनमें तीन रजत पदक निशानेबाजी में आए हैं।छत्तीस वर्षीय तरियाल ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो और 2023 एशियाई खेलों में कुराश में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

तरियाल ने क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलामा को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी और अपना पदक पक्का किया था।यह एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही मिश्रित मार्शल आर्ट स्पर्धा में भारत का पहला पदक है।

ड्रॉ के बाद वजन के नियम से सुचिका तरियाल हारीं, कांस्य से करना पड़ा संतोष

यह एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे इस खेल में भारत का पहला पदक है। हालांकि फैसले से सुचिका बेहद निराश हो गईं और अंतिम निर्णय टियो के पक्ष में आने के बाद मैट पर फूट-फूटकर रोने लगीं।इस कांस्य पदक के साथ महाद्वीपीय खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या छह हो गई है। निशानेबाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक चार रजत और एक कांस्य पदक जीता है।

करीबी मुकाबला निर्धारित समय के बाद बराबरी पर समाप्त हुआ। अंतिम कुछ सेकेंड में टियो ने हमला किया लेकिन मुकाबला खत्म होते ही सुचिका ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को नीचे गिरा दिया।पहले राउंड में टियो का पलड़ा भारी रहा लेकिन दूसरे राउंड में सुचिका ने जोरदार वापसी की।

दोनों में से कोई भी स्पष्ट बढ़त हासिल नहीं कर सका जिसके बाद मुकाबला एक मिनट के अतिरिक्त राउंड में चला गया।सुचिका को लगा कि उन्होंने जीत के लिए पर्याप्त प्रदर्शन किया है जबकि मुकाबला खत्म होने के बाद टियो ने भी जीत का जश्न मनाया।

शुरुआत में मुकाबले का फैसला टियो के पक्ष में दिया गया था लेकिन भारतीय टीम की चुनौती के बाद परिणाम ड्रॉ घोषित किया गया। इसके बाद विजेता का फैसला दोनों खिलाड़ियों के सुबह के वजन के आधार पर किया गया।

इसके बाद टियो को 2-0 से विजेता घोषित किया गया और वह फाइनल में पहुंच गईं। सुचिका इस फैसले से बेहद निराश नजर आईं।भारतीय खिलाड़ी फूट-फूटकर रोने लगीं और उन्होंने तुरंत अपनी प्रतिद्वंद्वी या रेफरी से हाथ नहीं मिलाया। उनके कोच ने उन्हें सांत्वना दी।

Asian Games: निशानेबाज इलावेनिल ने पहले दिन 2 सिल्वर मेडल जीतकर खोला भारत का खाता

Shooting Competition

इलावेनिल वलारिवान के शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन की बदौलत भारत ने रविवार को  एशियाई खेलों में अपने पदकों का खाता निशानेबाजी में दो रजत के साथ खोला जबकि ‘मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स’ में अप्रत्याशित रूप से पदक पक्का किया और लगातार दूसरी बार महिला क्रिकेट में स्वर्ण पदक जीतने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया।

 दिन के कुछ अन्य उल्लेखनीय प्रदर्शनों में पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीम की शुरुआती मुकाबले में बड़ी जीत के साथ-साथ बैडमिंटन और टेबल टेनिस की टीम स्पर्धाओं में शानदार शुरुआत शामिल रही।हालांकि 27 वर्षीय वलारिवान दिन की स्टार रहीं। अपने पिछले दो एशियाई खेलों में पदक से चूकने वाली वलारिवान ने इस बार शानदार प्रदर्शन किया।

 2025 विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता वलारिवान ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत स्पर्धा में 252.4 अंक हासिल कर रजत पदक जीता। वह स्वर्ण पदक जीतने वाली जापान की हिनाता ताइची से महज 0.6 अंक पीछे रहीं। ताइची ने 253.0 अंक के साथ एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया।

इससे पहले वलारिवान ने सोनम उत्तम मस्कर और एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहीं विदर्सा विनोद के साथ मिलकर टीम स्पर्धा में भी दूसरा स्थान हासिल किया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी उनके शानदार प्रदर्शन का जिक्र करते हुए ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एशियाई खेलों में 10 मीटर एयर राइफल महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर इलावेनिल वलारिवान को बधाई। यह दिन का उनका दूसरा पदक था, जिससे यह उपलब्धि और भी खास हो जाती है। उनके आगामी प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘कड़ी मेहनत और ‘टीमवर्क’ शानदार नतीजे देते हैं। एशियाई खेल 2026 की महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली सोनम उत्तम मस्कर, इलावेनिल वलारिवान और विदर्सा के विनोद पर गर्व है। ’’

Asian Games के उद्धाटन समारोह में मनु भाकर और पवन सेहरावत ने ध्वजवाहक बन की भारत की अगुवाई (Video)

Manu Bhakar

Asian Games जापान के आइची-नागोया स्थित पालोमा मिजुहो स्टेडियम में एशियाई खेलों के भव्य उद्घाटन समारोह में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर और कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत ने ध्वजवाहक बनकर भारतीय दल की अगुवाई की।

एशियन गेम्स के दो बार के मौजूदा चैंपियन शॉट पुटर तेजिंदरपाल सिंह तूर को शुरू में भारत का ध्वजवाहक चुना गया था, लेकिन अपनी सेरेमोनियल किट के बिना पहुंचने के कारण उनकी जगह पवन सहरावत को यह जिम्मेदारी दी गई, जिससे आखिरी समय में बदलाव करना पड़ा।

स्टार निशानेबाज मनु भाकर और कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत की अगुवाई में भारत ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच खिलाड़ियों की परेड में प्रवेश किया। गहरे नीली (नेवी ब्लू) साड़ी और बंदगले की औपचारिक जैकेट पहने मनु दर्शकों का अभिवादन करती नजर आईं। उन्होंने सहरावत के साथ 150 सदस्यीय भारतीय दल की अगुवाई की।भारतीय पुरुष खिलाड़ियों ने भी गहरे नीले रंग की बंदगले की औपचारिक जैकेट और उससे मेल खाती पतलून पहनी थी।

हालांकि भारत का एशियाई खेलों का अभियान नए खेल टेकबॉल के माध्यम से पहले ही शुरु हो गया था। भारत टेकबॉल में पदक की तलाश में है, जो आइची-नागोया 2026 में एशियन गेम्स में डेब्यू कर रहा है। क्विम्सी डिसूजा वूमेंस सिंगल्स सेमीफाइनल में इंडोनेशिया की सुमाया के खिलाफ 1-2 से हारने के बाद रविवार को कांस्य पदक के लिए खेलेंगी। डिसूजा ने मोहम्मद अनस इमरान बेग के साथ मिलकर मिश्रित युगल के कांस्य पदक मुकाबले के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।गौरतलब है कि भारत का 502 खिलाड़ियों का दल हांगजाऊ में जीते 107 पदकों का बचाव करने उतरेगा।

ऐसा रहा उद्धघाटन समारोह

‘हार्मोनिक हार्ट बीट’ थीम के साथ जापान ने अपने इतिहास में तीसरी बार एशियाई खिलाड़ियों का स्वागत किया। इससे पहले 1958 में तोक्यो और 1994 में हिरोशिमा में एशियाई खेलों का आयोजन हुआ था। उद्घाटन समारोह का मुख्य आकर्षण दिल के आकार का मुख्य मंच रहा जिसे ‘वन एशिया’ की थीम को दर्शाने के लिए तैयार किया गया था। यह पूरे महाद्वीप के खिलाड़ियों और लोगों के एक-दूसरे से दिल से जुड़ने का प्रतीक था।

30,000 दर्शकों की क्षमता वाले खचाखच भरे मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित इस शानदार समारोह में आइची की औद्योगिक तकनीक और पारंपरिक कला का अनूठा मेल देखने को मिला। पारंपरिक जापानी काबुकी मंच के साथ एक विशाल रोबोटिक भुजा को झंडा लहराते हुए दिखाया गया।

दो घंटे के उद्घाटन समारोह के बीच में जापान के सम्राट नारुहितो ने 20वें एशियाई खेलों के शुरू होने की घोषणा की। इस मौके पर महारानी मासाको, एशिया की ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री भी मौजूद रहीं।

आइची प्रांत में टोयोटा मोटर कॉरपोरेशन का मुख्यालय होने के कारण समारोह में कंपनी से जुड़ी तकनीकी उपलब्धि की झलक भी दिखाई गई। टोयोटा द्वारा तोक्यो 2020 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों के लिए विकसित कम गति वाले विशेष परिवहन वाहन ‘एपीएम’ (एक्सेसिबल पीपल मूवर) ने समारोह में प्रमुख भूमिका निभाई।

हालांकि इस बड़े बहु-खेल प्रतियोगिता की तैयारियां कई प्रशासनिक चूकों, लॉजिस्टिक समस्याओं और तंग आवास व्यवस्था से प्रभावित रहीं। इसके चलते आयोजन समिति और एशियाई ओलंपिक परिषद को लगातार सफाई देनी पड़ी।

इन अव्यवस्थाओं से जापान की छवि को भी नुकसान पहुंचा जबकि वह पहले 2002 में फीफा विश्व कप के अलावा 1964 और 2021 में ओलंपिक जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सफल मेजबानी कर चुका है।

Asian Games में 30 से 35 कमरे कम, भारतीय खिलाड़ियों को होना पड़ा परेशान

Asian Games

एशियाई खेलों में भारत के अभियान प्रमुख सहदेव यादव ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें यहां पहुंचकर ही पता चला कि आयोजकों ने 30 से 35 भारतीय खिलाड़ियों को आवास व्यवस्था की सूची से निकाल दिया है जिससे भारत को उनके लिये कमरों का इंतजाम करना पड़ा।कई भारतीय खिलाड़ियों को यहां पहुंचने पर रहने की व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा और कमरों के लिसे घंटों इंतजार भी करना पड़ा।

यादव ने यहां ध्वजारोहण समारोह से इतर कहा ,‘‘ आयोजन समिति ने हमें बताया कि भारत से अपेक्षा से अधिक खिलाड़ी आ गए हैं लेकिन ऐसा नहीं है। हमने उतने ही खिलाड़ी भेजे हैं जितने तय हुए थे। लेकिन उन्होंने कुछ नाम हटा दिया जिनके लिये हमने होटल बुक किये । 30 . 35 खिलाड़ियों को लेकर परेशानी हुई है।’’

उन्होंने कहा ,‘ हमारी टीम ने फुर्ती दिखाते हुए कमरे बुक किये।’’यादव ने कहा कि टीमों के आगमन पर व्यवस्था को लेकर कुप्रबंधन देखने को मिला है लेकिन कहा कि इस स्तर पर आयोजन में ऐसी दिक्कतें आती हैं।

उन्होंने कहा ,‘‘ कुप्रबंधन तो है लेकिन यह बड़ा आयोजन है और ऐसा होता है। हमें इससे आगे देखना है। हमें अपने खिलाड़ियों की समस्याओं का हल करना है और उन्हें रहने के लिये अच्छी जगह देनी है ताकि वे मानसिक और शारीरिक तौर पर अच्छी स्थिति में रहें और पदक जीत सकें।’’

यादव ने कहा कि सभी भारतीय खिलाड़ियों को अब कमरे मिल चुके हैं और कोई परेशानी नहीं है।उन्होंने कहा ,‘‘ कल रात हमारे दो अभियान उप प्रमुख अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत खिलाड़ियों को लेने हवाई अड्डा गए थे। हमने होटल के 18 कमरे बुक किये हैं और आज 10 और करेंगे जिसमें 30 खिलाड़ी आ सकें।’’